नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : जनसंख्या की दृष्टि से हिंदी भाषा विश्व की तीसरी सबसे बड़ी भाषा है। इसीलिए इसको संविधान के द्वारा अविलंब राष्ट्रभाषा का दर्जा मिलना चाहिए। उक्त बातें केएसआर कॉलेज सरायरंजन में सोमवार को आयोजित हिंदी दिवस समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं नेकहीं। हिंदी विभाग के तत्वावधान में आयोजित समारोह को संबोधित एवं अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. विपिन कुमार झा ने हिन्दी के वैश्विक महत्व को देखते हुए प्रशासन के द्वारा हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा अवश्य मिलना चाहिए। समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. अवधेश कुमार झा ने कहा कि आजादी के पचहत्तर वर्षों बाद भी देश की आत्मा संविधान,देश का हृदय न्यायपालिका और देश का शरीर संसद की भाषा आज तक अंग्रेजी होने से देश आज भी गुलामी की दासता से मुक्त नहीं हो सका है। विशिष्ट अतिथि डॉ .गगनदेव चौधरी ने हिंदी को सर्वाधिक मधुर और वैज्ञानिक भाषा बतलाया। हिन्दी विभाग के प्रो. शेखर प्रसाद चौधरी ने संविधान के विभिन्न अनुच्छेदों का हवाला देते हुए बताया कि संविधान में हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने की अनुशंसा की गई है, लेकिन पूरी तरह से राष्ट्रभाषा का दर्जा नहीं दिये जाने से आज तक सभी प्रशासनों ने क्षेत्रीय विरोध के बहाने हिन्दी को राष्ट्रभाषा नहीं बनने दिया गया। प्रो. हरे कृष्ण चौधरी के संचालन में हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ.उषा कुमारी,प्रो. मनोज कुमार झा, प्रो. पवन कुमार चौधरी, डॉ.सुवंश कुमार चौधरी, डॉ.भरत राय, डॉ. देवेन्द्र झा, आदि ने संबोधित किया। मौके पर अधिकांश महाविद्यालय कर्मी मौजूद थे।
