Delhi Case: सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका सोमवार को खारिज कर दी. सुप्रीम कोर्ट के दोनों न्यायाधीश जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया ने कहा कि उमर और शरजील के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है. दोनों पर साल 2020 में हुए दिल्ली दंगों की साजिश रचने और लोगों को भड़काने का आरोप है. जमानत अर्जी खारिज होने के बाद उमर खालिद ने कहा- अब जेल ही मेरी जिंदगी है, जमानत पाने वाले अन्य लोगों के लिए खुश हूं. दिल्ली दंगा मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम से जुड़ा घटनाक्रम इस प्रकार है.
उमर-शरजील पर दिल्ली दंगों का मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में 53 लोगों की मौत हो गई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे. नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) के खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क उठी थी. शरजील को सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान दिए गए भाषणों के लिए पहले 28 जनवरी 2020 को गिरफ्तार किया गया था. बाद में अगस्त 2020 में उसे बड़ी साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. वहीं उमर खालिद को 13 सितंबर 2020 को बड़ी साजिश रचने के मामले में गिरफ्तार किया गया. 2020 में मामले में कई अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया. उमर, शरजील और अन्य पर दिल्ली दंगों का मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप है. उनके खिलाफ यूएपीए और हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (IPC) के विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था.
2020 से लेकर 2025 तक का पूरा घटनाक्रम
- 28 जनवरी 2020: नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) विरोधी प्रदर्शनों के दौरान दिए गए भाषणों के लिए शरजील इमाम को गिरफ्तार किया गया.
- 23 फरवरी 2020: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगे भड़के जिनमें 53 लोग मारे गए और 700 से अधिक लोग घायल हो गए.
- अगस्त 2020: बड़ी साजिश रचने के मामले में शरजील इमाम को गिरफ्तार किया गया.
- सितंबर 2020: बड़ी साजिश रचने के मामले में खालिद को गिरफ्तार किया गया. अन्य आरोपियों को भी इसी साल गिरफ्तार किया गया.
- 16 सितंबर 2020: 15 आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और हिंदुस्तानीय दंड संहिता (IPC) के संबंधित प्रावधानों के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया.
- 22 नवंबर 2020: पहला पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया.
- 24 फरवरी 2021: दूसरा पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया.
- दो मार्च 2022: तीसरा पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया.
- सात जून 2023: अंतिम आरोपपत्र दाखिल किया गया.
- 2022: अधीनस्थ अदालत ने आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं.
- 2022-24: कई आरोपी जमानत खारिज करने के अधीनस्थ अदालतों के आदेशों के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे.
- 9 जुलाई 2025: हाई कोर्ट ने आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया.
- 2 सितंबर 2025: दिल्ली हाई कोर्ट ने खालिद, इमाम और अन्य सह-आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं.
- 10 दिसंबर 2025: सुनवाई पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा.
- 16-29 दिसंबर: दिल्ली की अदालत ने उमर खालिद को उसकी बहन की शादी में शामिल होने के लिए 15 दिन की अंतरिम जमानत दी.
- 5 जनवरी 2026: सुप्रीम कोर्ट ने खालिद और इमाम को जमानत देने से इनकार किया. गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर और अन्य को जमानत दे दी. (इनपुट भाषा)
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