UP Startup Fund : उत्तर प्रदेश में नवाचार (इनोवेशन), स्वरोजगार और उद्यमिता को नई गति देने के लिए योगी प्रशासन द्वारा गठित ₹1000 करोड़ का यूपी स्टार्टअप फंड स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए मजबूत सहारा बनकर उभरा है. इस फंड के माध्यम से अब तक ₹325 करोड़ की राशि स्टार्टअप्स को सीधे सहायता के रूप में स्वीकृत की जा चुकी है, जिससे प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को उल्लेखनीय मजबूती मिली है.
प्रदेश में वर्तमान में 19 हजार से अधिक स्टार्टअप्स को डीपीआईआईटी से मान्यता प्राप्त है, जिनमें 9600 से अधिक स्त्री नेतृत्व वाले स्टार्टअप शामिल हैं. यह आंकड़ा प्रदेश में स्त्री उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है.
“स्टार्ट इन यूपी” से हजारों युवाओं को मिला संबल
राज्य प्रशासन की “स्टार्ट इन यूपी” योजना प्रदेश के युवाओं के लिए उद्यमिता का मजबूत मंच बनकर सामने आई है। योजना के तहत अब तक 3000 से अधिक स्टार्टअप्स को मान्यता दी जा चुकी है, जिनमें 900 से अधिक स्त्री संचालित स्टार्टअप शामिल हैं. इसके साथ ही 2100 से अधिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेशन सहायता प्रदान की गई है. प्रदेश में 76 मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटर सक्रिय हैं, जो तकनीकी मार्गदर्शन, मेंटरशिप और व्यवसायिक सहयोग उपलब्ध करा रहे हैं.
सीड कैपिटल और मार्केटिंग से मिली उड़ान
शुरुआती चरण में पूंजी की जरूरत को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सीड कैपिटल और मार्केटिंग सहायता प्रदान की है. इसके अंतर्गत 376 स्टार्टअप्स को ₹26.43 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति दी गई है, जिससे वे अपने उत्पादों और सेवाओं को बाजार तक पहुंचा सकें.
प्रोटोटाइप विकास और इनक्यूबेटर को सहायता
नई तकनीक और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए 74 स्टार्टअप्स को प्रोटोटाइप विकास हेतु ₹3.55 करोड़ की मदद दी गई है. वहीं, इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को सशक्त बनाने के लिए इनक्यूबेटर्स को ₹14.80 करोड़ की सहायता उपलब्ध कराई गई है.
भरण-पोषण भत्ता और इंसेंटिव से कम हुआ शुरुआती जोखिम
स्टार्टअप के शुरुआती दौर की आर्थिक चुनौतियों को कम करने के लिए प्रशासन की भरण-पोषण भत्ता योजना के तहत 115 आवेदन स्वीकृत कर ₹2.46 करोड़ की राशि मंजूर की गई है, जिसमें से ₹97 लाख का भुगतान किया जा चुका है. इसके अतिरिक्त 566 इंसेंटिव आवेदन स्वीकृत कर ₹32 करोड़ की सहायता प्रदान की गई है.
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से तकनीकी नवाचार को बल
प्रदेश में अनुसंधान और अत्याधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए 7 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं. इन केंद्रों पर अब तक ₹27.18 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं. यूपी स्टार्टअप फंड के माध्यम से 48 यूपी आधारित स्टार्टअप्स को सीधे फंडिंग भी प्रदान की गई है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं. यह पहल उत्तर प्रदेश को स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और प्रदेश के युवाओं को नवाचार के जरिए आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान कर रही है.
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