पश्चिम बंगाल प्रशासन ने विधानसभा चुनाव 2026 से पहले विधानसभा में पेश अंतरिम बजट में राज्य प्रशासन के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 4 प्रतिशत बढ़ाने का ऐलान किया है. वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने गुरुवार को अपने बजट भाषण में यह घोषणा की. इसके साथ ही वित्त मंत्री ने कहा कि आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के भत्ते में भी 1,000 रुपए की बढ़ोतरी की जायेगी.
महंगाई भत्ता कानूनी रूप से लागू करने योग्य अधिकार
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल प्रशासन को वर्ष 2008 से 2019 के बीच के लिए अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ते का भुगतान करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने कहा कि महंगाई भत्ता कानूनी रूप से लागू करने योग्य अधिकार है.
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6 मार्च तक 25 प्रतिशत बकाये का भुगतान करने का निर्देश
जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने पश्चिम बंगाल प्रशासन को 6 मार्च तक अपने कर्मचारियों को बकाया महंगाई भत्ते (डीए) का 25 प्रतिशत भुगतान करने का निर्देश दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महंगाई भत्ता राज्य में अपने कर्मचारियों को बढ़ती कीमतों के प्रतिकूल प्रभावों से बचाता है. महंगाई भत्ता कोई अतिरिक्त लाभ नहीं है. न्यूनतम जीवन स्तर बनाये रखने का एक साधन है.
महंगाई भत्ता पश्चिम बंगाल राज्य के प्रतिवादी-कर्मचारियों के पक्ष में प्राप्त एक कानूनी रूप से लागू करने योग्य अधिकार है. अपीलकर्ता-राज्य के कर्मचारी इस निर्णय के अनुसार वर्ष 2008-2019 की अवधि के लिए बकाया राशि के हकदार होंगे.
सुप्रीम कोर्ट
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