Hot News

झारखंड के जंगलों में 11817 बिल्लियों का बसेरा, कैमरों से कराया गया सर्वे

जमशेदपुर से ब्रजेश सिंह की रिपोर्ट

Wild Cats Survey: झारखंड के वनों में 11817 जंगली बिल्लियों ने अपना आशियाना बना रखा है. यहां के जंगल इनकी चहलकदमी से गुलजार हैं. इनमें दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी की 121 बिल्लियां भी शामिल हैं. झारखंड की जंगली बिल्लियों में नर 3117 और मादा की संख्या 8700 है. इसका खुलासा झारखंड के जंगलों के करीब 20881 वर्ग किमी एरिया का सर्वे करने के बाद हुआ. देश में पहली बार जंगली बिल्लियों की गणना की गयी है, जिससे पता चला है कि देश में जंगली बिल्लियों की संख्या लगभग तीन लाख है.

सर्वे में तीन संस्थान शामिल

यह सर्वे वन्य जीव संस्थान, देहरादून (डब्ल्यूडब्ल्यूआई), इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी (आईएनएसए) और नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेस, बेंगलुरु (एनसीबीएस) ने अमेरिका के वायोमिंग स्थित हॉब स्कूल ऑफ एनवायरनमेंट एंड नेचुरल रिसोर्स के साथ मिलकर किया है. इस सर्वे के लिए 26,838 कैमरे लगाये गये थे. पूरे देश में करीब 3.48 करोड़ तस्वीरें ली गयी थीं, जिनकी समीक्षा की गयीं. सर्वे में पाया गया कि सबसे ज्यादा जंगली बिल्लियां मध्य प्रदेश और राजस्थान में हैं. झारखंड जंगली बिल्लियों के मामले में देश में छठे स्थान पर है.

किसानों की मददगार होती हैं जंगली बिल्लियां

जंगली बिल्लियां वेटलैंड, घास के मैदान और जंगल से लेकर मानव आबादी के आसपास मिलती हैं. यह किसानों की मददगार भी होती हैं, क्योंकि यह खेती में चूहे को नियंत्रित करती है. अगर यह नहीं हो, तो इको सिस्टम पर असर पड़ सकता है. जंगली बिल्लियां चूहे, खरगोश और पक्षियों का शिकार करती हैं. इन बिल्लियों के समक्ष कई चुनौतियां हैं. इसकी वजह मानवीय हस्तक्षेप है. जंगलों में लगातार वाहनों के जाने और सड़कें बनने से भी इनकी संख्या कम हो रही है. इसके अलावा मानव आबादी के पास होने के कारण घरेलू बिल्लियों के साथ उनके हाइब्रिड बनने लगे हैं.

इसे भी पढ़ें: 21 फरवरी को झारखंड आ रहीं जया प्रदा, मेदिनीनगर में करेंगी रोड शो

इन्हें कानूनी सुरक्षा प्राप्त है

हिंदुस्तान में जंगली बिल्लियां वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के शेड्यूल-2 के तहत प्रोटेक्टेड हैं. इसका मतलब है कि इनका शिकार करना, इन्हें पकड़ना या नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध है. शेर के खानदान का यह वन्यजीव हल्के लाल और भूरे रंग का होता है. स्थानीय तौर पर वनबिलाव भी कहा जाता है.

इसे भी पढ़ें: रांची में किसी ने तेज आवाज में बाजा बजाई, तो सीधे होगी सख्त कार्रवाई

The post झारखंड के जंगलों में 11817 बिल्लियों का बसेरा, कैमरों से कराया गया सर्वे appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top