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अगर आपके इलाके में आ गई है पाइपलाइन, तो 3 महीने में बंद हो सकता है आपका LPG सिलेंडर

Gas Pipeline Connection Mandatory: मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की भारी किल्लत को देखते हुए केंद्र प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है. प्रशासन ने ‘नेचुरल गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026’ लागू कर दिया है, जिसके तहत अब रसोई गैस के नियमों में क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं. इस नए कानून का सीधा असर आपके घर के बजट और रसोई के इंतजाम पर पड़ने वाला है. आइए, इन नए नियमों को विस्तार से समझते हैं.

सोसायटियों की मनमानी खत्म

अक्सर देखा जाता था कि हाउसिंग सोसायटियों या रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के आपसी विवाद या विरोध की वजह से इलाकों में पाइपलाइन बिछाने का काम महीनों लटका रहता था. अब नए नियमों के तहत किसी भी सोसाइटी को पाइपलाइन कंपनी की अर्जी मिलने के महज 3 दिन के भीतर मंजूरी देनी होगी. अगर कोई सोसाइटी इसमें देरी करती है या मना करती है, तो प्रशासन सख्त कदम उठाते हुए वहां रहने वाले सभी घरों की LPG सिलेंडर सप्लाई पर रोक लगा सकती है.

छोटे इलाकों को 10 दिन में मंजूरी मिलेगी

पाइपलाइन के विस्तार में प्रशासनी दफ्तरों की लालफीताशाही अब रोड़ा नहीं बनेगी. नए नियमों के अनुसार, प्रशासनी विभागों के लिए छोटे नेटवर्क की फाइलों को 10 दिन और बड़ी लाइनों के प्रोजेक्ट्स को 60 दिन के भीतर क्लियर करना अनिवार्य कर दिया गया है. अगर तय समय सीमा के भीतर विभाग कोई जवाब नहीं देता, तो उसे ‘डीम्ड क्लियरेंस’ यानी ऑटोमैटिक मंजूरी मान लिया जाएगा और कंपनी अपना काम शुरू कर सकेगी. इससे गैस ग्रिड बिछाने के काम में तेजी आएगी.

जमीन और मुआवजे का झंझट खत्म

अक्सर पाइपलाइन बिछाते समय निजी जमीन के मालिकों के साथ मुआवजे को लेकर सालों तक अदालती चक्कर चलते थे, जिससे सप्लाई बाधित होती थी. अब प्रशासन ने सर्किल रेट के आधार पर मुआवजे का एक फिक्स फॉर्मूला तय कर दिया है. अगर जमीन का मालिक इस पर राजी नहीं होता, तो जिला कलेक्टर (DM) को सीधा हस्तक्षेप करने का अधिकार दिया गया है. कलेक्टर की दखल के बाद काम को आगे बढ़ाया जाएगा ताकि आम जनता को होने वाली गैस सप्लाई में कोई देरी न हो.

क्या यह आपकी सुरक्षा और बचत के लिए है ?

प्रशासन ने इन सख्त नियमों को ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ (Essential Commodities Act) के तहत जारी किया है. इसका मुख्य उद्देश्य युद्ध जैसे आपातकालीन हालातों में भी देश के हर घर तक बिना किसी रुकावट के रसोई गैस पहुंचाना है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि उपभोक्ताओं को अब सिलेंडर बुकिंग या उसके अचानक खत्म होने की चिंता नहीं रहेगी. हालांकि, इसका एक पहलू यह भी है कि जो लोग पाइपलाइन के बजाय अपनी मर्जी से सिलेंडर इस्तेमाल करना चाहते थे, उनके पास अब विकल्प सीमित हो जाएंगे.

PNG सप्लाई के 4 नए कड़े नियम

  • दोहरे कनेक्शन पर पाबंदी: अब एक ही घर या पते पर PNG (पाइप वाली गैस) और LPG (सिलेंडर) दोनों कनेक्शन एक साथ रखना पूरी तरह से गैर-कानूनी घोषित कर दिया गया है.
  • रिफिलिंग और बुकिंग बंद: जिन उपभोक्ताओं के घर में PNG कनेक्शन एक्टिव है, वे अब अपने पुराने LPG सिलेंडर की रिफिलिंग या नई बुकिंग नहीं करा पाएंगे. गैस कंपनियों के सॉफ्टवेयर में ऐसे उपभोक्ताओं का डेटा ब्लॉक कर दिया जाएगा.
  • सिलेंडर सरेंडर करना अनिवार्य: यदि आपके पास दोनों सुविधाएं मौजूद हैं, तो आपको अपना घरेलू LPG सिलेंडर और रेगुलेटर तुरंत संबंधित गैस एजेंसी या विभाग को सरेंडर (वापस) करना होगा.
  • नए कनेक्शन पर रोक: जिन घरों में एक बार पाइपलाइन (PNG) लग गई है, वहां के निवासी अब भविष्य में किसी भी नई घरेलू LPG सिलेंडर सुविधा के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे.

Also Read: अब 25 दिन में नहीं मिलेगा एलपीजी सिलेंडर, डबल गैस बुकिंग के लिए 35 दिनों तक करना होगा इंतजार

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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