Kolkata Political Violence 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले कोलकाता की सड़कों पर नेतृत्वक हिंसा शुरू हो गयी है. मंगलवार को पूर्वी कोलकाता के धापा इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता पुलिस के सामने ही आपस में भिड़ गये. विवाद लाउडस्पीकर पर गाना बजाने को लेकर शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प और हाथापाई में तब्दील हो गया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बलों और स्थानीय पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी.
सुरक्षा बलों ने भाजपा प्रत्याशी प्रियंका को सुरक्षित निकाला
घटना कोलकाता नगर निगम के वार्ड 58 में घटी, जब इंटाली विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी प्रियंका टिबड़ेवाल जनसंपर्क अभियान चला रही थीं. चश्मदीदों के मुताबिक, लाउडस्पीकर पर चुनावी गाने बजाने को लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हुई थी. भाजपा नेता प्रियंका ने आरोप लगाया कि तृणमूल समर्थकों ने उनके एक कार्यकर्ता की बेरहमी से पिटाई की. उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. झड़प में कुछ स्त्री पुलिसकर्मियों के भी चोटिल होने की समाचार है.
प्रियंका टिपड़ेवाल ने आयोग पर साधा निशाना
प्रियंका टिबड़ेवाल ने चुनाव आयोग के प्रति भी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि अगर इलेक्शन कमीशन चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम है, तो लोग कैसे विश्वास करेंगे कि वह मतदान के दिन वे सुरक्षित रहेंगे. उन्होंने कहा कि इस माहौल में तो फ्री एंड फेयर इलेक्शन संभव नहीं है.
बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
2 थाना प्रभारियों को निलंबित करने की मांग
भाजपा प्रत्याशी ने टेंगरा और प्रगति मैदान थाना के प्रभारियों (OCs) को तत्काल निलंबित करने की मांग की है. उनका आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत से भाजपा कार्यकर्ताओं को डराया जा रहा है.
इसे भी पढ़ें : यह वोट नहीं, मेरे हिंदुस्तानीय होने का सबूत है, मुर्शिदाबाद के 6 मजदूरों की कहानी जिन्हें ‘बांग्लादेशी’ बताकर सरहद पार भेज दिया
TMC का पलटवार, ध्रुवीकरण की कोशिश कर रही भाजपा
तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी संदीपन साहा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया. साहा ने कहा कि भाजपा जान-बूझकर अशांति पैदा कर रही है, ताकि मतदाताओं का ध्रुवीकरण किया जा सके. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चूंकि प्रशासन अभी चुनाव आयोग के अधीन है, इसलिए भाजपा को पुलिस पर आरोप लगाने की बजाय सीधे आयोग से शिकायत करनी चाहिए.
बड़ानगर में भी हंगामा, थाने का घेराव
कोलकाता के उत्तरी इलाके बड़ानगर में भी स्थिति तनावपूर्ण बनी रही. यहां भाजपा प्रत्याशी सजल घोष के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बड़ानगर थाने का घेराव किया. घोष ने दावा किया कि सभा से लौट रहे उनके 4 समर्थकों पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हमला किया.
इसे भी पढ़ें : Video: भाजपा प्रत्याशी के पिता के सामने नोटों की गड्डियां, वायरल वीडियो से नेतृत्व में उबाल, अजित महतो बोले- TMC की गंदी चाल
टीएमसी ने बताया भाजपा का अंदरूनी कलह
बड़ानगर से टीएमसी प्रत्याशी सायंतिका बंद्योपाध्याय ने इसे भाजपा की आपसी गुटबाजी का नतीजा बताया है. उन्होंने कहा कि अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए भाजपा इस तरह के नाटक कर रही है.
अब तक नहीं हुई किसी की गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, दोनों ही मामलों में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. कोलकाता में 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले इन हिंसक घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था और स्वतंत्र मतदान पर बड़े सवाल खड़े कर दिये हैं.
इसे भी पढ़ें
बंगाल में 2926 उम्मीदवारों में महामुकाबला, अब EVM पर दिखेंगी प्रत्याशियों की रंगीन तस्वीरें
गोरखालैंड से शासन तक : दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र का नये नेतृत्वक दौर में प्रवेश
बंगाल चुनाव 2026: तमलूक-कांथी के मैदान में ‘अधिकारी फैक्टर’, भाजपा-तृणमूल आमने-सामने
मालदा में NIA का बड़ा एक्शन : कांग्रेस के 2 नेता गिरफ्तार, मोथाबाड़ी प्रत्याशी से रातभर हुई पूछताछ
The post बंगाल चुनाव 2026 से पहले रणक्षेत्र बना धापा, भाजपा-टीएमसी कार्यकर्ताओं में झड़प appeared first on Naya Vichar.

