Bihar Government: बिहार के किशनगंज जिले में एक स्त्री अंचल अधिकारी पर गंभीर गड़बड़ी का मामला सामने आया. ठाकुरगंज अंचल की तत्कालीन सीओ सुचिता कुमारी पर आरोप था कि उन्होंने दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में नियमों को नजरअंदाज कर एक खास व्यक्ति को फायदा पहुंचाया.
जून 2025 में ही हुई थी निलंबित
इस मामले में शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और जांच की जिम्मेदारी जिला पदाधिकारी (DM) किशनगंज को दी गई. 29 अप्रैल 2025 को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में सुचिता कुमारी को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया. इसके आधार पर 19 जून 2025 को उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.
फिर मामले में हुई समीक्षा बैठक
जांच में यह भी सामने आया कि आपत्तियां और पर्याप्त सबूत होने के बावजूद जमीन का दाखिल-खारिज गलत तरीके से किया गया. इसे नियमों का उल्लंघन और कर्तव्य में लापरवाही माना गया. निलंबन के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की.
आरोप पत्र के आधार पर पूरे मामले की समीक्षा की गई. जांच पूरी होने के बाद विभाग ने आरोपों को सही माना और अब सजा देने का फैसला लिया. जानकारी के मुताबिक, जाली केवाला के आधार पर जमीन हड़पने के मामले में गलगलिया थाना में प्राथमिकी दर्ज है, जिसकी जांच पुलिस स्तर पर जारी है.
अब दो साल के वेतन वृद्धि पर लगी रोक
ऐसे में विभाग ने फिर से कार्रवाई करते हुए सुचिता कुमारी की दो साल के वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी है. लेकिन यह सजा ‘संचयी प्रभाव के बिना’ है. इसका असर उनके सर्विस रिकॉर्ड और भविष्य की प्रमोशन पर पड़ सकता है. इस कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है. इससे साफ संदेश दिया गया है कि जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की गड़बड़ी या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. साथ ही अधिकारियों को पारदर्शिता और नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई है.
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