नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर– जिलाधिकारी, समस्तीपुर के विशेष निर्देश पर आज जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु एक व्यापक ‘पुनः जांच’ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के 102 स्वास्थ्य केंद्रों (PHC/APHC) का औचक निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और प्रशासनिक अनुशासन को सुनिश्चित किया जा सके।
प्रमुख अधिकारियों को सौंपी गई कमान:
जिला प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों को महत्वपूर्ण केंद्रों की जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें प्रमुख नाम निम्नलिखित हैं: श्री आशुतोष आनन्द (परियोजना पदाधिकारी-सह-निदेशक, लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन): इनके द्वारा स्वा० उपकेन्द्र भागिरथपुर एवं परतापुर की जांच की जा रही है।
जिला कल्याण पदाधिकारी: इन्हें सरायरंजन एवं उजियारपुर के स्वास्थ्य केंद्रों की जिम्मेदारी दी गई है।पुष्पिता झा एवं श्री संदीप झा (वरीय उप समाहर्ता): ये अधिकारी क्रमशः बासुदेवपुर, भागिरथपुर और आयुर्वेदिक औषधालय, समस्तीपुर की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO): विभिन्न प्रखंडों के BDO जैसे श्री सुप्रभात कुमार (कल्याणपुर), श्री अजमल प्रवेज (वारिसनगर) और श्री विजय कुमार चन्द्रा (खानपुर) अपने-अपने क्षेत्रों के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की गहन जांच कर रहे हैं।
अंचल अधिकारी (CO) एवं राजस्व अधिकारी: श्रीमती पल्लवी (पूसा), सुश्री आरती कुमारी (ताजपुर) और श्रीमती प्रीति कुमारी मिश्रा (दलसिंहसराय) जैसे अधिकारी भी आवंटित केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता और कर्मियों की उपस्थिति की जांच कर रहे हैं।
जाँच के मुख्य बिंदु: जिलाधिकारी ने सभी जाँच अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित रिपोर्ट आज अपराह्न 02:00 बजे तक समर्पित करें:
उपस्थिति: चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की समय पर उपस्थिति।
दवा भंडार: आवश्यक दवाओं का स्टॉक और जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता।
बुनियादी ढांचा: पेयजल, बिजली, साफ-सफाई और मरीजों के बैठने की व्यवस्था।
उपकरण: चिकित्सा उपकरणों की कार्यशीलता और रख-रखाव।
प्रशासनिक संकल्प: जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि विभागीय निर्देशों के आलोक में यह दूसरी बार की जा रही जांच (Follow-up Inspection) है। इसका मुख्य उद्देश्य यह देखना है कि 23 अप्रैल की जांच के बाद कमियों में कितना सुधार हुआ है। लापरवाही बरतने वाले कर्मियों या अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।