नकली स्मार्टफोन और उनके एक्सेसरीज आज के समय में एक बड़ी समस्या बन चुके हैं. ये सिर्फ आपकी जेब पर ही असर नहीं डालते, बल्कि आपकी हेल्थ और सेफ्टी के लिए भी खतरा बन सकते हैं. खासकर नकली बैटरी और चार्जर आसानी से ओवरहीट होकर गंभीर हादसे का कारण बन सकते हैं. ANI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में दिल्ली पुलिस ने करोल बाग इलाके में नकली मोबाइल प्रोडक्ट्स का बड़ा रैकेट पकड़ा है. वहीं मोती नगर में Oppo, OnePlus और Realme जैसे ब्रांड्स के नकली डिवाइस बनाने वाली एक फैक्ट्री का भी भंडाफोड़ हुआ है.
सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि कई बार लोग अनजाने में ही नकली गैजेट खरीद लेते हैं, क्योंकि ये असली से सस्ते दामों पर मार्केट में मिल जाते हैं. इसी वजह से जरूरी है कि आप अलर्ट रहें और जानें कि असली और नकली प्रोडक्ट की पहचान कैसे की जाए. आइए आपको इसके बारे में बताते हैं.
#WATCH | Delhi | In a major crackdown and search-cum-seizure operation, a huge quantity of counterfeit products of OPPO, OnePlus and Realme brands was recovered. Two godowns located in Regharpura, Karol Bagh, where these fake products were being packaged and branded, were sealed.… pic.twitter.com/P5FYwtPrwj
— ANI (@ANI) May 10, 2026
IMEI नंबर कंफर्म करें
अपने मोबाइल की असलियत चेक करने का सबसे आसान तरीका है IMEI नंबर को वेरिफाई करना. हर ओरिजिनल फोन का एक यूनिक IMEI नंबर होता है. इसे देखने के लिए बस अपने मोबाइल में *#06# डायल करें, और स्क्रीन पर IMEI नंबर आ जाएगा. अब इस नंबर को अपने फोन के बॉक्स पर लिखे हुए IMEI और बिल इनवॉइस में दिए गए नंबर से मिलाएं. अगर तीनों जगह IMEI नंबर मैच करते हैं, तो आपका फोन पूरी तरह ओरिजिनल है.
इसके अलावा, आप इस IMEI नंबर को प्रशासन के CEIR पोर्टल पर भी आसानी से वेरिफाई कर सकते हैं. अगर यह नंबर वहां नहीं मिलता या फिर मैच नहीं करता है, तो समझ लीजिए कि डिवाइस नकली (फर्जी) भी हो सकता है.
पैकेजिंग को ध्यान से चेक करें
नकली प्रोडक्ट्स की पहचान अक्सर उनकी पैकेजिंग से ही हो जाती है. अगर बॉक्स ठीक से बना नहीं है, रंग फीके लग रहे हैं, लोगो धुंधला है या कहीं स्पेलिंग की गलतियां दिख रही हैं, तो अलर्ट हो जाइए. ऐसे संकेत बताते हैं कि प्रोडक्ट फेक हो सकता है. वहीं असली स्मार्टफोन की पैकेजिंग हमेशा साफ-सुथरी और प्रोफेशनल होती है. बॉक्स पर सीरियल नंबर सही तरीके से दिया होता है, सीलिंग अच्छी होती है और सभी जरूरी सर्टिफिकेशन मार्क्स भी मौजूद रहते हैं.
भरोसेमंद सेलर से ही फोन खरीदें
जब भी आप नया स्मार्टफोन खरीदें, हमेशा किसी भरोसेमंद और ऑथराइज्ड डीलर या वेरिफाइड ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से ही खरीदारी करें. खरीदते समय GST बिल, वारंटी कार्ड और ओरिजिनल इनवॉइस जरूर चेक करें. अगर कोई फोन मार्केट से काफी सस्ते दाम में मिल रहा है, तो थोड़ा सावधान हो जाइए.
सॉफ्टवेयर और बिल्ड क्वालिटी चेक करें
जब आप कोई फोन खरीदते हैं, खासकर अगर वह थोड़ा सस्ता या ऑफर में मिल रहा हो, तो उसके सॉफ्टवेयर और बिल्ड क्वालिटी को जरूर अच्छे से चेक करना चाहिए. कई नकली या कॉपी फोन में आपको शुरुआत में सब ठीक लग सकता है, लेकिन असली परेशानी बाद में सामने आती है. जैसे कैमरा क्वालिटी बहुत खराब होना, फोन का स्लो या लैग करना, और ज्यादा इस्तेमाल करने पर जल्दी गर्म हो जाना.
इसलिए फोन लेने के बाद एक बार सेटिंग्स में जाकर मॉडल नंबर, Android वर्जन और सिक्योरिटी पैच डिटेल्स जरूर चेक करें. ये जानकारी आपको साफ बता देती है कि फोन असली है या नहीं. असली ब्रांड के फोन को समय-समय पर ऑफिशियल अपडेट्स मिलते रहते हैं, जबकि नकली या फर्जी डिवाइस में ये अपडेट या तो आते ही नहीं या फिर बहुत देर से आते हैं.
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