Hot News

भारत-यूएइ के मजबूत रिश्ते

India UAE Relations: अपनी विदेश यात्रा के पहले पड़ाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ जो समझौते किये, वे दोनों देशों के बीच मजबूत होते रिश्तों के बारे में ही बताते हैं. इनसे दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को नयी गति मिलने की उम्मीद है. दोनों नेताओं ने बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया के हालात पर भी चर्चा की और प्रधानमंत्री मोदी ने यूएइ पर हमले की निंदा की.

दोनों देशों के बीच स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व को लेकर अहम समझौता हुआ है. इसके तहत यूएइ के फुजैरा में कच्चे तेल के संभावित भंडारण को हिंदुस्तानीय रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व का हिस्सा बनाने की योजना है. दोनों देशों ने हिंदुस्तान में एलएनजी और एलपीजी भंडारण सुविधाओं में संभावित सहयोग के लिए भी एक समझौते पर हस्ताक्षर किये. गुजरात के वाडिनार में जहाजों की मरम्मत के लिए भी दोनों देशों के बीच समझौता हुआ है.

रणनीतिक रक्षा साझेदारी के ढांचे पर भी हिंदुस्तान और यूएइ ने समझौता किया. इस साल जनवरी में जब यूएइ के राष्ट्रपति नयी दिल्ली की राजकीय यात्रा पर आये थे, तब रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए एक ढांचागत समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर किये गये थे. प्रधानमंत्री मोदी की अबू धाबी यात्रा में इस ढांचे पर सहमति बनी.

यूएइ ने हिंदुस्तान में पांच अरब डॉलर के निवेश का ऐलान किया है. यूएइ की संस्थाओं द्वारा की गयी इस घोषणा के तहत एमिरेट्स न्यू डेवलपमेंट बैंक द्वारा हिंदुस्तान के आरबीएल बैंक में तीन अरब डॉलर का निवेश, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी द्वारा नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इन्वेस्टमेंट फंड ऑफ इंडिया के साथ हिंदुस्तान में प्राथमिकता वाले बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में एक अरब डॉलर का निवेश और इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी द्वारा हिंदुस्तान की सम्मान कैपिटल में एक अरब डॉलर के निवेश का फैसला शामिल है.

जाहिर है, प्रधानमंत्री मोदी की यूएइ यात्रा हिंदुस्तान के लिए बड़े लाभ लेकर आयी है. यूएइ हिंदुस्तान का महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच पहले से ही मजबूत आर्थिक संबंध हैं. प्रधानमंत्री की इस यात्रा से निवेश, ऊर्जा क्षेत्र और रक्षा सहयोग में और वृद्धि होने की संभावना है. जहां तक रणनीतिक रक्षा साझेदारी समझौता का सवाल है, तो यह क्षेत्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जबकि पेट्रोलियम भंडार संबंधी समझौता हिंदुस्तान की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सहायक सिद्ध होगा.

The post हिंदुस्तान-यूएइ के मजबूत रिश्ते appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top