India Continue Russian Oil Import: पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, रूस पर अमेरिकी छूट के संदर्भ में मैं यह साफ कर देना चाहती हूं कि हम पहले भी रूस से तेल खरीदते रहे हैं, छूट से पहले भी, छूट के दौरान भी और आगे भी खरीदते रहेंगे. उन्होंने जोर देकर कहा कि कच्चे तेल की खरीद को लेकर हिंदुस्तान के फैसले मुख्य रूप से व्यावसायिक दृष्टिकोण और बाजार में पर्याप्त आपूर्ति की उपलब्धता पर आधारित होते हैं. छूट लागू रहने या न रहने से तेल की उपलब्धता पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
16 मई को समाप्त हुई अमेरिकी छूट
रूसी समुद्री मार्ग से कच्चे तेल की बिक्री और वितरण की अनुमति देने वाली अमेरिकी प्रतिबंधों की अस्थायी छूट 16 मई को समाप्त हो गई है. यह दूसरी बार है जब अमेरिका ने इस राहत अवधि को आगे बढ़ाने पर स्थिति स्पष्ट किए बिना इसे समाप्त होने दिया. अमेरिकी वित्त विभाग ने यह सामान्य लाइसेंस पहली बार मार्च के मध्य में जारी किया था और अप्रैल में इसका विस्तार किया था, ताकि ईरान-इजराइल तनाव के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर दबाव को कम किया जा सके.
#WATCH | Delhi: Sujata Sharma, Joint Secretary (Marketing & Oil Refinery), Ministry of Petroleum & Natural Gas, says, “Regarding American waiver on Russia, I would like to emphasise that we have been purchasing from Russia before waiver also, during waiver, and now also. It is… pic.twitter.com/aFlZwNPJZn
— ANI (@ANI) May 18, 2026
हिंदुस्तान दुनिया की तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक
दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक और उपभोक्ता होने के नाते, हिंदुस्तान ने घरेलू रिफाइनरियों को वैश्विक ऊर्जा लागत में बढ़ोतरी से बचाने के लिए रूस से किफायती दामों पर तेल की खरीद बढ़ाई है. हालांकि, फरवरी 2022 में यूक्रेन संकट के बाद अमेरिका और यूरोपीय देशों ने रूस पर व्यापक प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन रूसी तेल पर कोई प्रत्यक्ष (डायरेक्ट) प्रतिबंध नहीं लगाया गया था.
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