अमेरिका की सेना ने सोमवार (25 मई) को ईरान के दक्षिणी हिस्से में “सेल्फ-डिफेंस स्ट्राइक” की. इसमें मिसाइल लॉन्च साइट्स और होर्मुज के पास ईरानी नावों को निशाना बनाया गया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने फॉक्स न्यूज को बताया कि अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए स्ट्राइक की. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई ईरानी सेना से मिल रहे खतरे के जवाब में की गई है और इसका मकसद अपने जवानों को सुरक्षित रखना है.
हॉकिन्स ने कहा कि हमले में उन मिसाइल लॉन्च साइट्स और ईरानी नावों को निशाना बनाया गया, जिन पर होर्मुज में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश का आरोप है. उन्होंने आगे कहा कि सीजफायर जारी रहने के बावजूद अमेरिकी सेंट्रल कमांड अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए सतर्क है. साथ ही, अमेरिका इस दौरान संयम बरत रहा है और हालात को ज्यादा बिगड़ने से रोकने की कोशिश कर रहा है.
अमेरिकी लड़ाकू विमानों को निशाना बनाने की कोशिश
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) की दो नावें होर्मुज में बारूदी सुरंगें बिछाते हुए पकड़ी गईं, जिसके बाद अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई की. वहीं, अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास में एक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (SAM) साइट पर भी हमला किया, क्योंकि उस पर अमेरिकी लड़ाकू विमानों को निशाना बनाने का आरोप था.
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ईरानी नाव और मिसाइल साइट दोनों पूरी तरह तबाह
अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि “डिफेंसिव स्ट्राइक” में ईरानी नावों और मिसाइल साइट दोनों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया. वहीं, फॉक्स न्यूज से बात करने वाले दो अन्य सूत्रों ने कहा कि इस कार्रवाई का मतलब ईरान के साथ सीजफायर खत्म होना नहीं है, क्योंकि हमला सीमित दायरे में किया गया था. ईरानी मीडिया के मुताबिक बंदर अब्बास में विस्फोट हुए, जबकि दक्षिणी तट के सिरिक और जास्क इलाकों के पास भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया.
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