रांची से विवेक चंद्र की रिपोर्ट
GST News: वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के तहत केंद्र प्रशासन द्वारा राज्यों को किए जाने वाले आईजीएसटी (इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विस टैक्स) सेटलमेंट के बाद झारखंड को मई 2026 में 797 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं. केंद्रीय कर राजस्व के बंटवारे से संबंधित जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्यों को मिलने वाले राजस्व हिस्से में पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे राज्यों की वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
राज्यों को मिला 88,188 करोड़ रुपये का एसजीएसटी हिस्सा
जारी आंकड़ों के मुताबिक मई 2026 में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आईजीएसटी सेटलमेंट के बाद कुल 88,188 करोड़ रुपये का एसजीएसटी (स्टेट गुड्स एंड सर्विस टैक्स) हिस्सा मिला. यह राशि मई 2025 में प्राप्त 82,874 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग छह प्रतिशत अधिक है. विशेषज्ञों का मानना है कि जीएसटी संग्रह में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा लाभ राज्यों को मिल रहा है, जिससे उनकी राजस्व प्राप्ति में स्थिरता आ रही है.
सेटलमेंट से पहले झारखंड को मिले थे 722 करोड़ रुपये
आंकड़ों के अनुसार झारखंड को मई 2026 में आईजीएसटी सेटलमेंट से पहले एसजीएसटी मद में 722 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे. आईजीएसटी हिस्से के समायोजन के बाद राज्य के हिस्से में आने वाली राशि बढ़कर 797 करोड़ रुपये हो गई. इस प्रकार आईजीएसटी सेटलमेंट के माध्यम से राज्य को अतिरिक्त संसाधन प्राप्त हुए हैं, जो विभिन्न योजनाओं के संचालन में सहायक साबित होंगे.
विकास योजनाओं को मिलेगी गति
विशेषज्ञों के अनुसार राज्य प्रशासन के लिए यह अतिरिक्त राजस्व काफी महत्वपूर्ण है. इस राशि का उपयोग विकास योजनाओं, आधारभूत संरचना परियोजनाओं तथा सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के संचालन में किया जा सकता है. सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में इस राजस्व का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है. राज्य प्रशासन के लिए यह संसाधन विकास कार्यों को गति देने में मददगार माना जा रहा है.
झारखंड की वित्तीय स्थिति को मिलेगा सहारा
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि जीएसटी व्यवस्था के तहत राज्यों को नियमित रूप से मिलने वाला कर राजस्व उनकी वित्तीय स्थिति को स्थिर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. खनिज संपदा आधारित वित्तीय स्थिति वाले झारखंड जैसे राज्य के लिए कर राजस्व का यह स्रोत विशेष महत्व रखता है. विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित राजस्व प्रवाह से राज्य प्रशासन को दीर्घकालिक विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में सुविधा मिलती है और वित्तीय प्रबंधन को मजबूती मिलती है.
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जीएसटी संग्रह में वृद्धि का राज्यों को लाभ
मई 2026 के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि देश में जीएसटी संग्रह में हो रही बढ़ोतरी का लाभ राज्यों तक पहुंच रहा है. इससे न केवल राज्यों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए भी अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध हो रहे हैं.
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