फीफा विश्व कप 2026 अब अपने सबसे रोमांचक चरण में प्रवेश कर चुका है. 48 टीमों से शुरू हुए इस महाकुंभ में अब सिर्फ आठ टीमें बची हैं. क्वार्टर फाइनल में फ्रांस, मोरक्को, स्पेन, बेल्जियम, नॉर्वे, इंग्लैंड, अर्जेंटीना और स्विट्जरलैंड ने जगह बनाई है. इनमें से छह टीमें यूरोप की हैं, जो एक बार फिर विश्व फुटबॉल में महाद्वीप के दबदबे को दर्शाता है. हालांकि खिताब की दौड़ में सबसे ज्यादा चर्चा गत चैंपियन अर्जेंटीना, फ्रांस, इंग्लैंड और स्पेन की हो रही है. वहीं मोरक्को, बेल्जियम, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड को उलटफेर करने वाली टीमों के रूप में देखा जा रहा है.
गोल्डन बूट की रेस में भी सुपरस्टार्स का कब्जा
क्वार्टर फाइनल में पहुंची टीमों के पास दुनिया के सबसे बड़े सितारे मौजूद हैं. अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी 8 गोल के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे हैं. फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे और नॉर्वे के एर्लिंग हॉलैंड 7-7 गोल कर चुके हैं, जबकि इंग्लैंड के हैरी केन के नाम 6 गोल हैं. अब तक क्वार्टर फाइनल में पहुंची आठ टीमों ने कुल 89 गोल किए हैं, जिनमें से 42 गोल जर्सी नंबर 9 और 10 पहनने वाले खिलाड़ियों ने दागे हैं.
फ्रांस बनाम मोरक्को: एम्बाप्पे के सामने मोरक्को की दीवार
फ्रांस ने अब तक 14 गोल किए हैं और उसका आक्रमण पूरे टूर्नामेंट में सबसे खतरनाक रहा है. किलियन एम्बाप्पे, उस्मान डेम्बेले और माइकल ओलीसे की तिकड़ी किसी भी रक्षा पंक्ति को तोड़ सकती है. दूसरी ओर मोरक्को ने 10 गोल किए हैं और उसकी सबसे बड़ी ताकत उसका अनुशासित डिफेंस है. इस्माइल साइबारी और यूसेफ एन-नेसिरी शानदार फॉर्म में हैं. यदि मुकाबला खुला स्पोर्ट्सा गया तो फ्रांस को फायदा होगा, लेकिन रक्षात्मक लड़ाई में मोरक्को फिर से चौंका सकता है.
स्पेन बनाम बेल्जियम: कब्जे की फुटबॉल बनाम काउंटर अटैक
स्पेन ने अपने पारंपरिक पजेशन-आधारित स्पोर्ट्स से सभी को प्रभावित किया है. मिकेल ओयारजाबाल, लमीन यामाल और दानी ओल्मो टीम के प्रमुख हथियार हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि गोलकीपर उनाई सिमोन अभी तक टूर्नामेंट में क्लीन शीट बरकरार रखे हुए हैं. बेल्जियम ने अमेरिका को 4-1 से हराकर अपनी ताकत दिखाई. रोमेलु लुकाकु, जेरेमी डोकू और केविन डी ब्रूने जैसे अनुभवी खिलाड़ी किसी भी मैच का रुख बदल सकते हैं.
नॉर्वे बनाम इंग्लैंड: हॉलैंड और केन की गोल्डन बूट जंग
क्वार्टर फाइनल का सबसे रोमांचक मुकाबला नॉर्वे और इंग्लैंड के बीच माना जा रहा है. एर्लिंग हॉलैंड 7 गोल और हैरी केन 6 गोल के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में शामिल हैं. नॉर्वे ने अब तक 12 गोल किए हैं, जबकि इंग्लैंड का संतुलित मिडफील्ड और गहराई उसे मजबूत बनाती है. यह मुकाबला सिर्फ दो टीमों के बीच नहीं, बल्कि दुनिया के दो सबसे खतरनाक स्ट्राइकरों के बीच भी होगा.
अर्जेंटीना बनाम स्विट्जरलैंड: मेसी की चमक पर टिकी निगाहें
टूर्नामेंट में अब तक अर्जेंटीना ने 14 गोल किए हैं और वह सबसे खतरनाक टीमों में शामिल है. लियोनेल मेसी 8 गोल के साथ शानदार फॉर्म में हैं. उनके अलावा जूलियन अल्वारेज और एंजो फर्नांडीज भी लगातार प्रभाव छोड़ रहे हैं. स्विट्जरलैंड की ताकत उसकी सामूहिक रणनीति और अनुशासन है. टीम ने कोलंबिया को पेनाल्टी शूटआउट में हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई. लेकिन कागज पर अर्जेंटीना का पलड़ा भारी दिखाई देता है.
खिताब के सबसे बड़े दावेदार कौन?
मौजूदा फॉर्म, अनुभव और स्टार खिलाड़ियों को देखते हुए अर्जेंटीना और फ्रांस खिताब के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. इंग्लैंड और स्पेन भी चुनौती पेश करने की स्थिति में हैं. वहीं मोरक्को, नॉर्वे, बेल्जियम और स्विट्जरलैंड को कम आंकना किसी भी टीम के लिए भारी पड़ सकता है.
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