फुटबॉल में जर्सी नंबर सिर्फ खिलाड़ियों की पहचान नहीं होते, बल्कि कई बार वे इतिहास और महानता की कहानी भी बयां करते हैं. फीफा विश्व कप के 96 वर्षों के इतिहास पर नजर डालें तो जर्सी नंबर 9 और 10 सबसे ज्यादा सफल और चर्चित नंबर रहे हैं. विश्व कप 2026 में भी इन दोनों नंबरों का दबदबा साफ दिखाई दे रहा है.
अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी और फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे जर्सी नंबर 10 पहनते हैं, जबकि इंग्लैंड के हैरी केन और नॉर्वे के एरलिंग हालैंड जर्सी नंबर 9 के साथ मैदान में उतरते हैं. ये चारों खिलाड़ी अपनी टीमों को क्वार्टर फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं और गोल्डन बूट की रेस में भी शामिल हैं.
पेले ने नंबर 10 को दिलाई पहचान
फुटबॉल में जर्सी नंबर 10 को विशेष दर्जा दिलाने का श्रेय ब्राजील के महान खिलाड़ी पेले को जाता है. 1958 विश्व कप में पेले ने इस नंबर को दुनिया भर में लोकप्रिय बनाया. इसके बाद अर्जेंटीना के डिएगो माराडोना ने 1986 विश्व कप में अपनी टीम को खिताब दिलाकर इस नंबर को महानता का प्रतीक बना दिया. माराडोना के बाद जिदान, ब्राजील के रिवाल्डो, रोनाल्डिन्हो के बाद अब मेसी तथा एम्बाप्पे जैसे सितारे इस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं. आज भी नंबर 10 को टीम के सबसे रचनात्मक और प्रभावशाली खिलाड़ी का नंबर माना जाता है.
नंबर 9 को माना जाता है गोल मशीनों का नंबर
विश्व कप के इतिहास में जर्सी नंबर 9 गोल करने वाले खिलाड़ियों की पहचान रहा है. कई गोल्डन बूट विजेताओं ने इसी नंबर के साथ इतिहास रचा है. 1982 विश्व कप में इटली के पाओलो रोसी ने छह गोल कर गोल्डन बूट जीता था. 1986 में इंग्लैंड के गैरी लाइनकर, 1998 में क्रोएशिया के डावर शुकर, 2002 में ब्राजील के रोनाल्डो और 2018 में इंग्लैंड के हैरी केन ने भी नंबर 9 पहनकर गोल्डन बूट अपने नाम किया.
गोल्डन बूट की रेस में भी इन नंबरों का दबदबा
विश्व कप 2026 में अब तक गोल्डन बूट की दौड़ में भी जर्सी नंबर 9 और 10 वाले खिलाड़ी आगे हैं. मेसी 8 गोल के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि एम्बाप्पे और हॉलैंड 7-7 गोल कर चुके हैं. हैरी केन के नाम 6 गोल हैं और फ्रांस के ओस्मान डेम्बेले 5 गोल के साथ सूची में शामिल हैं. क्वार्टर फाइनल में पहुंची आठ टीमों ने अब तक कुल 89 गोल किए हैं. इनमें से 42 गोल जर्सी नंबर 9 और 10 पहनने वाले खिलाड़ियों के नाम हैं. यह आंकड़ा इन दोनों नंबरों के प्रभाव को साफ तौर पर दिखाता है.
कैसे तय होता है खिलाड़ियों का जर्सी नंबर?
विश्व कप में जर्सी नंबर का आवंटन फीफा के नियमों के तहत टीम प्रबंधन करता है. खिलाड़ियों की पसंद को भी महत्व दिया जाता है, लेकिन अंतिम फैसला कोच और टीम मैनेजमेंट का होता है. टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को 1 से 26 तक नंबर दिए जा सकते हैं. आमतौर पर नंबर 1 गोलकीपर के लिए आरक्षित रहता है. वहीं कई खिलाड़ी अपने करियर से जुड़े पसंदीदा नंबर चुनते हैं, जो समय के साथ उनकी पहचान बन जाते हैं.
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