Abhijeet Dipke Hunger Strike : सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस के जबरन प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने अनशन पर बैठने का ऐलान कर दिया है. दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “मैं अभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर रहा हूं.” उनके इस फैसले के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन एक नए चरण में पहुंच गया है. वांगचुक पिछले 21 दिनों से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे थे. अब दीपके के अनशन शुरू करने से आंदोलन को नया नेतृत्व मिल गया है और प्रदर्शनकारी इसे आगे बढ़ाने की बात कह रहे हैं.
दीपके ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, पुलिस ने दी सफाई
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर कार्रवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की और उन्हें हिरासत में भी लिया. उनका कहना है कि पुलिस ने आंदोलन को कमजोर करने के लिए बल प्रयोग किया. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है. पुलिस का कहना है कि सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार खराब हो रही थी और डॉक्टरों की सलाह के साथ-साथ दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए उन्हें अस्पताल ले जाया गया. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि वांगचुक को जरूरी चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराने के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है और यह कार्रवाई केवल स्वास्थ्य कारणों से की गई.
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जंतर-मंतर पर जारी है आंदोलन, प्रदर्शन खत्म करने की अपील
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद भी जंतर-मंतर पर आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. कॉजपा और अन्य संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता प्रदर्शन स्थल पर डटे हुए हैं. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक जंतर-मंतर खाली करने और आंदोलन समाप्त करने की अपील की है. वहीं प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा. इस बीच ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कार्यकर्ता नेहा, आमीन और मनीष ने भी अपनी भूख हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है. आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि वे शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन से जवाब चाहते हैं.
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क्या है पूरा मामला?
सोनम वांगचुक 28 जून से कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठे थे. आंदोलन का मुख्य मुद्दा नीट परीक्षा हुए पेपर लीक और इससे जुड़े विवादों को लेकर कार्रवाई की मांग है. प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं. 21 दिनों के अनशन के बाद वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया. अब अभिजीत दीपके के अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने से यह आंदोलन एक नए मोड़ पर पहुंच गया है और आने वाले दिनों में इसके और तेज होने की संभावना जताई जा रही है.
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