नया विचार न्यूज़ सरायरंजन। राज्यभर में चल रहे आंदोलन के तहत सरायरंजन प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सुनील कुमार ने शनिवार को अपनी छह सूत्री मांगों के समर्थन में काली पट्टी बांधकर कार्यालय में कार्य किया। आंदोलन के छठे दिन भी उन्होंने नियमित प्रशासनी कार्यों का निष्पादन करते हुए प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों को दोहराया।
बीडीओ सुनील कुमार ने बताया कि हाल के दिनों में बिहार में ड्यूटी के दौरान कई प्रखंड विकास पदाधिकारियों पर हमले हुए हैं, जिनमें कुछ अधिकारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका इलाज चल रहा है। इन घटनाओं ने प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी के विरोध में राज्यभर के बीडीओ काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासन उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक विरोध और प्रतिरोध का यह कार्यक्रम जारी रहेगा। उनका कहना था कि प्रखंड स्तर पर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और विभिन्न प्रशासनी कार्यक्रमों के दौरान अधिकारियों को कई बार असामाजिक तत्वों के विरोध और हमलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
बीडीओ ने बताया कि उनकी छह सूत्री मांगों में प्रत्येक प्रखंड कार्यालय में बॉडी प्रोटेक्टर, आर्म्स गार्ड सहित सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना, प्रत्येक बीडीओ के साथ कम-से-कम दो प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की प्रतिनियुक्ति करना, ड्यूटी के दौरान घायल होने पर प्रशासनी स्तर पर उच्च स्तरीय अस्पताल में निशुल्क एवं समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है।
इसके अलावा ड्यूटी के दौरान घायल होने अथवा मृत्यु की स्थिति में विशेष क्षतिपूर्ति, बीमा सुरक्षा एवं आश्रित परिवार के लिए स्पष्ट सहायता नीति लागू करने की भी मांग की गई है। वहीं संवेदनशील एवं जोखिम वाले प्रशासनी कार्यक्रमों से पहले पर्याप्त पुलिस बल, सुरक्षा प्रबंधन तथा बेहतर संचार व्यवस्था सुनिश्चित करने और कानून-व्यवस्था का सही आकलन नहीं होने की स्थिति में संबंधित जिला प्रशासन एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी आंदोलन का प्रमुख हिस्सा है।
बीडीओ सुनील कुमार ने कहा कि यह आंदोलन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द सकारात्मक पहल करते हुए मांगों पर निर्णय लेने की अपील की, ताकि अधिकारी पूरी निष्ठा और सुरक्षा के साथ जनहित में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।