नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर– उच्च माध्यमिक विद्यालय, बखरी बुजुर्ग के सभा कक्ष में शनिवार को एक दिवसीय शैक्षणिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता संकुल संचालिका आरती कुमारी ने की। इसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ग के नामित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लेकर प्रारंभिक शिक्षा को अधिक प्रभावी और रोचक बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक अभिषेक कुमार झा ने कहा कि प्रारंभिक कक्षाओं के बच्चों की शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को ऐसी शिक्षण पद्धति से पढ़ाएं, जिससे उनमें पढ़ाई के प्रति स्वाभाविक रुचि विकसित हो। उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स-स्पोर्ट्स में सीखने की विधि बच्चों की जिज्ञासा को बढ़ाती है और कठिन विषयों को भी सरल बना देती है। यदि शिक्षक बच्चों की मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं को समझकर उन्हें पढ़ाएं, तो शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव है।

कार्यशाला में शिक्षक पंकज कुमार ने गतिविधि आधारित शिक्षण, स्पोर्ट्स-आधारित सीखने की तकनीक तथा कक्षा संचालन के प्रभावी तरीकों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नई शिक्षण पद्धति के माध्यम से बच्चों को केवल किताबों तक सीमित न रखकर व्यावहारिक गतिविधियों, समूह कार्य और रचनात्मक स्पोर्ट्सों के जरिए सीखने का अवसर दिया जाना चाहिए। इससे बच्चों की सहभागिता बढ़ती है और सीखने की प्रक्रिया अधिक आनंददायक बनती है।
कार्यशाला के दौरान शिक्षकों ने भी अपने अनुभव साझा किए तथा प्रारंभिक कक्षाओं में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम का उद्देश्य नामित शिक्षकों को नवीन शिक्षण तकनीकों से अवगत कराना तथा विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना था।
इस अवसर पर महेश झा, बेबी कुमारी, विकास प्रभाकर, विभा देवी, श्वेता प्रियंका कुमारी, श्वेता कुमारी, प्रिया सिंह, रिंकी गुप्ता, नितिन, चंदना, मनोरमा कुमारी, बलवंत सिंह, गायत्री देवी, अंशु कुमारी, मुकेश पासवान, राधेश्याम हिंदुस्तानी, अब्दुल मालिक, आयशा बानो, गीता देवी सहित सभी नामित शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। कार्यशाला के अंत में शिक्षकों ने विद्यालयों में बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के लिए नई शिक्षण विधियों को अपनाने का संकल्प लिया।