Hot News

क्या आपके बच्चे की उम्र 10 से 13 साल के बीच है? भूलकर भी न कहें ये 5 बातें, वरना आपसे दूर होने लगेगा बच्चा

Parenting Tips: जब शिशु की उम्र 10 से 13 साल के बीच होती है, तो यह उनकी जिंदगी का एक ऐसा दौर होता है जिसमे वे न तो बहुत छोटे रह जाते हैं और न ही पूरी तरह से बड़े होते हैं. इस समय शिशु के शरीर, सोच और इमोशंस में बहुत सारे बदलाव आने लगते हैं. यह उम्र ऐसी होती है जिसमे वे खुद को समझने की कोशिश कर रहे होते हैं और कई बार तो छोटी छोटी बातों पर भी हद से ज्यादा इमोशनल हो जाते हैं.

अगर आपके घर पर भी ऐसे शिशु हैं जिनकी उम्र 10 से 13 साल के बीच है, तो आपको उनका खास ख्याल रखना शुरू कर देना चाहिए. कई बार ऐसा भी हो सकता है कि आप अपने शिशु की भलाई के लिए या फिर अनजाने में ही कुछ ऐसी बातें कह देते हैं, जो सीधे जाकर उनके दिल पर चोट करती हैं. ऐसे में बच्चा ऊपर से तो शांत दिखता है, लेकिन अंदर ही अंदर हर समय परेशान और उदास रहने लगता है. आज के इस आर्टिकल में हम आपको ऐसी 5 बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको कभी भी इस उम्र में अपने शिशु से नहीं कहनी चाहिए. चलिए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं.

things you must not say to your kids

दूसरों से कंपेयर करना

अगर आपके शिशु की उम्र 10 से 13 साल के बीच है, तो आपको कभी भी उसकी तुलना दूसरों से नहीं करनी चाहिए. कई बार माता पिता अपने शिशु से कह देते हैं “देखो उस लड़के के कितने अच्छे मार्क्स आए हैं” या फिर “तुम्हारा दोस्त कितना समझदार है, तुम कब उससे कुछ सीखोगे?”. इस तरह की बातें आपके शिशु के कॉन्फिडेंस को पूरी तरह से खत्म कर देती हैं. जब आप अपने शिशु की तुलना किसी और से करते हैं, तो उसे ऐसा लगने लगता है कि वह कभी आपकी नजरों में परफेक्ट नहीं बन पाएगा. आपके ऐसा कहने की वजह से आपके शिशु के मन में अपने ही दोस्तों या फिर भाई बहनों के लिए जलन और खुद के लिए निराशा भर जाती है.

ये भी पढ़ें: मां की ये 5 आदतें तय करती हैं बेटी का भविष्य, इन्हीं से बनती है उसकी सोच और पर्सनालिटी

उनकी प्रॉब्लम को छोटा समझना या इग्नोर करना

कई बार जब बच्चा स्कूल या फिर दोस्तों से जुड़ी कोई प्रॉब्लम लेकर पैरेंट्स के पास आता है, तो उसे अक्सर यह सुनने को मिलता है कि “अरे, यह तो कोई बड़ी बात नहीं है” या फिर “तुम बिना किसी बात के ओवररियेक्ट कर रहे हो”. हो सकता है कि आपके लिए यह बहुत ही छोटी बात हो, लेकिन एक 10 से 13 साल के शिशु के लिए यह दुनिया की सबसे बड़ी प्रॉब्लम हो सकती है. जब आप अपने शिशु की बातों को सीरियसली नहीं लेते हैं, तो वह अकेला महसूस करने लगता है और आपसे अपने दिल की बातों को शेयर करना भी बंद कर देता है.

दोस्तों या सबके सामने डांटना या मजाक उड़ाना

इस उम्र में बच्चों के अंदर सेल्फ रिस्पेक्ट की भावना आने लगती है. अगर आप सबके सामने, खासकर उनके दोस्तों या रिश्तेदारों के सामने उनकी गलती बताते हैं, डांटते हैं या मजाक उड़ाते हैं, तो उन्हें बहुत ज्यादा शर्मिंदगी महसूस होती है. यह शर्मिंदगी आगे चलकर गुस्से या चिड़चिड़ेपन में बदल जाती है और बच्चा पैरेंट्स से दूरी बनाने लगता है.

ये भी पढ़ें: सिर्फ पढ़ाई नहीं, 5 से 10 साल की उम्र में बच्चों को जरूर सिखाएं ये आदतें, जो बनाएंगी उन्हें जिंदगी में सफल और जिम्मेदार

हर बात पर ओवर कंट्रोल करना और भरोसा न करना

एक पैरेंट होने के नाते अपने शिशु का ख्याल रखना बहुत ही अच्छी बात है, लेकिन हर छोटी-छोटी चीज पर रोक-टोक करना जैसे कि, “वहां क्यों जा रहे हो?”, “उससे बात मत करो”, या “तुमसे यह काम ठीक से नहीं हो पाएगा” कहना शिशु को अंदर से परेशान कर देता है. जब पैरेंट्स हर बात पर शक करते हैं या कम भरोसा दिखाते हैं, तो बच्चों को लगता है कि वे किसी काम के नहीं हैं. इस उम्र में बच्चों को थोड़ा स्पेस देना और छोटी-छोटी जिम्मेदारियां देना बहुत जरूरी होता है.

हर समय सिर्फ पढ़ाई और मार्क्स का प्रेशर बनाना

आज के समय में बच्चों पर पढ़ाई करने का और अच्छे मार्क्स लाने का प्रेशर वैसे ही बहुत ज्यादा होता है. ऐसे में अगर आप घर पर भी उसे हर समय सिर्फ “पढ़ाई कर लो” या “मार्क्स कम लाओगे तो क्या होगा?” जैसी बातें कहेंगे, तो आपका बच्चा मेंटली थक जाएगा. बच्चों की तारीफ सिर्फ उनके रिजल्ट से मत कीजिए, बल्कि उन्होंने कितनी मेहनत की है इसकी भी कद्र कीजिए. जब पैरेंट्स सिर्फ मार्क्स पर फोकस करते हैं, तो शिशु को लगने लगता है कि उनका प्यार सिर्फ अच्छे रिजल्ट्स से जुड़ा है.

ये भी पढ़ें: क्या आपका बच्चा नए लोगों के सामने चुप हो जाता है? उसकी झिझक दूर करने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके

The post क्या आपके शिशु की उम्र 10 से 13 साल के बीच है? भूलकर भी न कहें ये 5 बातें, वरना आपसे दूर होने लगेगा बच्चा appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top