DU JNU Admission 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में एडमिशन अब CUET स्कोर के आधार पर होता है. इससे देशभर के स्टूडेंट्स को बराबर मौका मिलता है. आइए जानते हैं इस यहां एडमिशन के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है.
JNU में कटऑफ जारी
जेएनयू ने इस साल अगस्त महीने में अपनी पहली कटऑफ लिस्ट जारी कर दी है. यूजी कोर्सेज के लिए फर्स्ट मेरिट लिस्ट के साथ ही प्री-एनरोलमेंट रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है.
जिन स्टूडेंट्स ने CUET में अच्छा स्कोर किया है, वे जेएनयू की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपना नाम मेरिट लिस्ट में चेक कर सकते हैं. फॉरेन लैंग्वेज कोर्सेज जैसे अरबी, फ्रेंच, कोरियन और स्पैनिश में हर साल कटऑफ को लेकर स्टूडेंट्स में खासा उत्साह रहता है.
फिजिकल वेरिफिकेशन की तारीखें अहम
सिर्फ मेरिट लिस्ट में नाम आना ही काफी नहीं है, एडमिशन पक्का करने के लिए फिजिकल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन भी जरूरी है. यूजी और सर्टिफिकेट प्रोग्राम के स्टूडेंट्स के लिए वेरिफिकेशन प्रक्रिया अगस्त के तीसरे हफ्ते में तय की गई है. स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे अपने सभी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स और फोटोकॉपी पहले से तैयार रखें ताकि आखिरी वक्त में कोई परेशानी न हो.
ये भी पढ़ें: जंतर-मंतर से दूर रहें… JNU स्टूडेंट्स के लिए एडवाइजरी जारी
DU में भी काउंसलिंग जारी
दिल्ली यूनिवर्सिटी में भी CUET स्कोर के आधार पर ही एडमिशन प्रक्रिया चल रही है. कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) के जरिए स्टूडेंट्स अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स के लिए च्वॉइस भर सकते हैं. हर राउंड के बाद सीट एलॉटमेंट रिजल्ट जारी होता है, जिसके बाद स्टूडेंट्स को तय समय में फीस जमा करनी होती है, वरना सीट रद्द हो सकती है.
DU CSAS Round 2 Counselling Details Check Here
किन बातों का रखें ध्यान?
एडमिशन के दौरान स्टूडेंट्स को सबसे ज्यादा गलती डॉक्यूमेंट को लेकर होती है. मार्कशीट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, कैटेगरी सर्टिफिकेट और आधार कार्ड जैसे दस्तावेज समय पर तैयार रखना जरूरी है. फीस जमा करने की डेडलाइन मिस करना सबसे बड़ी गलती मानी जाती है, इससे सीट हाथ से निकल सकती है.
काउंसलिंग में देरी न करें
बहुत से स्टूडेंट्स कटऑफ कम होने के इंतजार में काउंसलिंग की डेट मिस कर देते हैं. एक्सपर्ट्स की सलाह है कि जो भी सीट मिल रही है उसे पहले लॉक कर लें, बाद में अपग्रेडेशन का ऑप्शन हमेशा खुला रहता है. इससे स्टूडेंट्स को एक बैकअप सीट मिल जाती है और साल बर्बाद होने का डर नहीं रहता.
आगे क्या करें?
जिन स्टूडेंट्स का नाम पहली कटऑफ लिस्ट में नहीं है, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है. दोनों यूनिवर्सिटी कई राउंड की काउंसलिंग कराती हैं और सीटें खाली रहने पर कटऑफ अगले राउंड में और नीचे जाती है. स्टूडेंट्स को नियमित रूप से ऑफिशियल वेबसाइट चेक करते रहना चाहिए ताकि कोई अपडेट मिस न हो.
ये भी पढ़ें: BIHAR STET को लेकर आई खुशसमाचारी, इस दिन से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन
The post DU और JNU एडमिशन 2026 लेटेस्ट कटऑफ अपडेट, इन बातों का रखें ध्यान appeared first on Naya Vichar.

