Sawan Somwar: सावन माह का तीसरा सोमवार 17 अगस्त 2026 को रखा जाएगा. इस बार यह सोमवार तंत्र और ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है. मान्यता है कि इस दिन एक साथ 9 बड़े शुभ योगों का निर्माण हो रहा है. भगवान शिव की उपासना के लिए समर्पित इस दिन सिंह संक्रांति, नाग पंचमी और कई शुभ योगों का संयोग बन रहा है. ऐसे में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होने की मान्यता है.
सावन के तीसरे सोमवार 9 दुर्लभ योगों का महासंगम
ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार, 17 अगस्त को बनने वाले इन योगों के कारण पूजा-पाठ का महत्व और बढ़ जाता है.
- सिंह संक्रांति और सूर्य का गोचर: सुबह 8:03 बजे सूर्य देव कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे. इसे सिंह संक्रांति कहा जाता है.
- हंसराज और बुधादित्य योग: कर्क राशि में देवगुरु बृहस्पति की स्थिति से हंसराज योग और सूर्य-बुध की युति से बुधादित्य योग का प्रभाव रहेगा.
- त्रिग्रही योग: सूर्य, बुध और गुरु की युति से बनने वाला त्रिग्रही योग सुबह 8:03 बजे तक प्रभावी रहेगा.
- रवि और शुभ योग: सुबह 5:51 बजे से 8:04 बजे तक रवि योग रहेगा. वहीं, पूरे दिन शुभ योग का प्रभाव रहेगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन योगों में पूजा-पाठ करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है.
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- हंसराज योग के प्रभाव को देखते हुए इस दिन भगवान शिव को पीले फूल, शमी पत्र और भस्म अर्पित करना भी शुभ माना जाता है. इसके बाद धूप और दीप जलाएं.
- महादेव को फल और मिठाई का भोग लगाएं. फिर शिव चालीसा और सावन सोमवार की व्रत कथा का पाठ करें. अंत में दीपक जलाकर भगवान शिव की आरती करें और अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना करें.
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