Hot News

पुत्रदा एकादशी के दिन गलती से भी न करें ये 5 काम, नोट कर लें खास नियम

सावन पुत्रदा एकादशी संतान की कामना रखने वालों के लिए अत्यंत खास मानी गई है. मान्यतानुसार, जिन दंपतियों को पुत्र प्राप्ति की कामना होती है, उनके लिए यह व्रत बेहद लाभकारी है. सनातन परंपरा के मुताबिक, इस व्रत को विधि-विधान से रखने पर संतान की प्राप्ति होती है.

साल में 2 बार बनता है पुत्रदा एकादशी का संयोग

हिंदू पंचांग के अनुसार, साल में 2 बार पुत्रदा एकादशी व्रत का संयोग बनता है. पौष मास की एकादशी को ‘पौष पुत्रदा एकादशी’ के नाम से जाना जाता है. पहली पुत्रदा एकादशी पौष महीने में और दूसरी सावन शुक्ल पक्ष में पड़ती है. पंचांग के अनुसार, इस साल सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत 23 अगस्त को रखा जाएगा. जबकि व्रत का पारण 24 अगस्त को किया जाएगा.

पुत्रदा एकादशी के दिन न करें ये 5 काम

  • धर्म-शास्त्रों की मान्यता के अनुसार, पुत्रदा एकादशी के दिन व्रती स्त्रीओं को किसी भी प्रकार के अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से व्रत का पूर फल प्राप्त नहीं होता.
  • व्रतियों को पुत्रता एकादशी के दिन घर के किसी भी बड़े-बुजुर्ग का अपमान नहीं करना चाहिए.
  • एकादशी व्रत के दिन चावल का सेवन निषेध माना गया है. ऐसे में इस दिन व्रत रखने वालों को चावल का सेवन करने से बचना चाहिए.
  • सावन पुत्रदा एकादशी व्रत के दिन नॉनवेज या तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए. तामसिक चीजों में लहसुन-प्याज और मांस-मदिरा इत्यादि चीजों को शामिल किया गया है. मान्यतानुसार, ऐसा करने से मानसिक शांति भंग होती है. साथ ही व्रत का शुभ फल प्राप्त नहीं होता.
  • संतान की कामना से पुत्रदा एकादशी का व्रत रखने वाली स्त्रीओं को इस दिन सोने से परहेज करना चाहिए. इसके अलावा किसी के लिए भी अपशब्द का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए.

पुत्रदा एकादशी व्रत के खास नियम

पुत्रदा एकादशी का व्रत रखने वाली स्त्रीओं को दशमी के दिन से ही व्रत के नियम का पालन करना जरूरी होता है. मान्यतानुसार, व्रती दशमी के लहसुन-प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए.

श्रावण पुत्रता एकादशी का व्रत बिना पानी पीये, जल पीकर, फल खाकर या सेंधा नमक का सेवन करके किया जा सकता है. इसके साथ ही इस दिन झूठ बोलने, क्रोध करने और दूसरों की निंदा करने से बचना चाहिए.

सावन पुत्रदा एकादशी के दिन व्रतियों भगवान विष्णु की पूजा में पीले फूल, पीले फल और तुलसी का विशेष रूप से इस्तेमाल करना चाहिए.

एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में किया जाता है. इस दिन सूर्योदय के बाद श्रद्धापूर्वक ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए. साथ ही उन्हें दक्षिणा देकर व्रत का पारण करना चाहिए.

पंचांग के अनुसार, पुत्रदा एकादशी व्रत का पारण सुबह 5 बजकर 24 मिनट के बाद करना अच्छ रहेगा.

ये भी पढ़ें: बाबा मंदिर के इन कर्मियों को स्वतंत्रता दिवस पर मिला सम्मान, जानिए किस योगदान ने दिलाई खास पहचान

The post पुत्रदा एकादशी के दिन गलती से भी न करें ये 5 काम, नोट कर लें खास नियम appeared first on Naya Vichar.

Spread the love

विनोद झा
संपादक नया विचार

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top