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Disha Salian केस में CBI जांच का आदेश: वकील Nilesh Ojha का दावा – ‘हमारे पास डिजिटल सबूत, अब बच नहीं पाएंगे आरोपी’

Disha Salian Death Case: दिवंगत  एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की  सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला करीब छह साल बाद एक बार फिर सुर्खियों में है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिशा की मौत की जांच सेंट्रल जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का आदेश दिया है. कोर्ट ने CBI को इस मामले में FIR दर्ज करने और दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज करने का भी निर्देश दिया है. कोर्ट के इस फैसले के बाद सतीश सालियान ने उम्मीद जताई है कि अब उनकी बेटी की मौत से जुड़े सवालों के जवाब सामने आ सकेंगे.

क्या कहा दिशा सालियान के वकील ने?

कोर्ट से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बातचीत में दिशा सालियान के वकील नीलेश ओझा ने मामले को लेकर कई बातें कहीं. उन्होंने दावा किया कि FIR में आदित्य ठाकरे, डीनो मोरिया, सूरज पंचोली, आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड, रिया चक्रवर्ती, परमवीर सिंह, उद्धव ठाकरे, सचिन वाजे और रोहन राय समेत कई लोगों के नाम आरोपी के तौर पर शामिल हैं.

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नीलेश ओझा ने कहा कि FIR दर्ज होने के बाद अब मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू होगी. उनके मुताबिक, कोर्ट ने निर्देश दिया है कि सतीश सालियान का बयान दर्ज करने के बाद FIR के आधार पर जांच की जाए. जांच के दौरान जिन लोगों के खिलाफ सबूत मिलेंगे, उन्हें आरोपी बनाया जाएगा और जिनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिलेंगे, उनके खिलाफ आगे कार्रवाई नहीं होगी.

‘फांसी की सजा तक पहुंचाने के लिए जितने सबूत चाहिए, उतने हमारे पास हैं’- नीलेश ओझा

मीडिया ने जब पूछा कि मामले में जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, वे बड़े चेहरे हैं और घटना को करीब छह साल हो चुके हैं। ऐसे में क्या उनके पास पर्याप्त सबूत हैं? इस पर नीलेश ओझा ने दावा किया कि उनके पास पर्याप्त सबूत मौजूद हैं. नीलेश ओझा ने दावा किया कि जिन लोगों पर शक है, उनके खिलाफ एक सूची तैयार की गई है. उन्होंने कहा कि मामले को आगे बढ़ाने के लिए उनके पास पर्याप्त सबूत हैं. वकील के मुताबिक, उनके पास डिजिटल सबूत भी हैं, जिन्हें कथित तौर पर आरोपी पक्ष के लिए नकारना आसान नहीं होगा.

क्या सभी नाम FIR में शामिल होंगे?

मीडिया ने वकील से पूछा कि जब याचिका दायर की गई थी, तब आदित्य ठाकरे समेत करीब 20 लोगों के खिलाफ रेप और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की गई थी. ऐसे में क्या इन सभी लोगों के नाम FIR में रहेंगे?

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इस पर नीलेश ओझा ने कहा कि इन्हीं नामों के आधार पर FIR की मांग की गई है. उन्होंने कहा कि कई बार प्रथम दृष्टया (Prima Facie) मामला दिखाई देता है, लेकिन FIR में सभी नाम दर्ज नहीं होते. हालांकि, उनका दावा है कि इस मामले में वह एफिडेविट में दिए गए नामों के साथ कोर्ट पहुंचे हैं.

कब शुरू होगी जांच?

जांच की प्रक्रिया कब शुरू होगी, इस सवाल पर वकील ने कहा कि पहले कोर्ट का आदेश अपलोड होगा. इसके बाद आदेश को पढ़कर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी. उन्होंने बताया कि इसके बाद सतीश सालियान को लेकर उनकी टीम CBI के पास जाएगी.

कोर्ट ने किन सबूतों पर सवाल उठाए?

मीडिया ने वकील से पूछा कि कोर्ट ने किन प्रमुख सबूतों को गंभीरता से देखा है. इस पर नीलेश ओझा ने कुछ बिंदुओं का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस के रिकॉर्ड में दिशा की बॉडी पर कपड़े नहीं होने की बात दर्ज थी. उनके मुताबिक, दिशा 14वीं मंजिल से गिरी थीं, लेकिन उनके चेहरे पर चोटों को लेकर सवाल उठे. वकील ने कहा कि सामने के दांत टूटे हुए थे, जबकि होंठ बंद थे और नाक पर कोई गंभीर चोट नहीं थी. उनके मुताबिक, इन्हीं बातों को लेकर कोर्ट ने मामले को संदिग्ध माना.

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वकील ने आगे दावा किया कि दिशा की मौत 8 जून को हुई थी और उनके अनुसार यह हत्या का मामला था. उन्होंने सचिन वाजे की एंट्री के बाद मामले की कहानी बदलने का भी आरोप लगाया. उनका दावा है कि आदित्य ठाकरे को बचाने के लिए नई कहानी तैयार की गई. नीलेश ओझा ने यह भी आरोप लगाया कि मामले से जुड़े कुछ दस्तावेजों में झूठी जानकारी दी गई थी, जिसे जज ने पहचान लिया। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

क्या है दिशा सालियान केस 

मुंबई के मलाड इलाके में 8 जून 2020 को दिशा सालियन की एक रिहायशी इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी. उस समय मुंबई पुलिस ने उनकी मौत के मामले में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की थी. मौत से कुछ समय पहले दिशा सालियन ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के मैनेजर के तौर पर काम किया था. दिशा की मौत के छह दिन बाद, 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हो गई. उनके निधन की अलग से जांच की गई, जिसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच भी शामिल थी.

दिशा सालियान डेथ केस (Photo AI)

बाद में CBI ने मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की. रिपोर्ट में कहा गया कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत आत्महत्या थी. हालांकि, इस क्लोजर रिपोर्ट पर संबंधित अदालत को अभी फैसला लेना बाकी है.

यह भी पढ़ें: दिशा केस में आदित्य ठाकरे का दर्द छलका- 6 साल से बदनाम कर रहे… पिता बोले- बेटी-सुशांत की मौत का है 100% कनेक्शन

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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