BPSC 70th Exam 2026: बिहार में इस साल लंबे इंतजार के बाद 70वीं कंबाइंड परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी हुआ. इसमें 2000 से ज्याजा कैंडिडेट्स स्टेट सिविल सर्विस के लिए सेलेक्ट हो गए. लेकिन इस परीक्षा में नोटिफिकेशन जारी होने से लेकर फाइनल रिजल्ट तक कई उतार चढ़ाव देखने को मिले हैं. करियर की बात सीरीज में आइए BPSC 70वीं परीक्षा की पूरी कहानी को सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं.
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा पिछले डेढ़ साल में राज्य की सबसे चर्चित और सबसे विवादित परीक्षाओं में गिनी जाने लगी है. एक तरफ यह लाखों अभ्यर्थियों के करियर का सवाल था, तो दूसरी तरफ
श्रद्धा पांडेय UP PCS क्रैक करने के बाद BPSC में टॉपर
बीपीएससी 70वीं परीक्षा में रैंक 1 लाने वाली श्रद्धा पांडेय यूपी के प्रतापगढ़ जिले की रहने वाली हैं. श्रद्धा की स्कूलिंग से लेकर कॉलेज तक की पढ़ाई होम टाउन में ही हुई है. इसके बाद वो सिविल सर्विस की तैयारी में लग गईं.
BIPARD में ट्रेनिंग शुरू
मसूरी में जैसे IAS अफसरों को LBSNAA में ट्रेनिंग मिलती है, ठीक वैसे ही बिहार के अफसरों की ट्रेनिंग गया के BIPARD में होती है. बिपार्ड की डिटेल्स नीचे टेबल में देख सकते हैं-
| बिंदु | जानकारी |
| पूरा नाम | Bihar Institute of Public Administration & Rural Development (BIPARD) |
| स्थान | कुशदिहरा, पहाड़पुर, गया, बिहार |
| स्थापना का कारण | झारखंड अलग राज्य बनने के बाद बिहार को अपने अधिकारियों की ट्रेनिंग के लिए अलग संस्थान की आवश्यकता पड़ी. |
| तुलना | मसूरी के LBSNAA की तर्ज पर विकसित होने के कारण इसे “बिहार का LBSNAA” कहा जाता है. |
| कैंपस सुविधाएं | हाईटेक क्लासरूम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, खुला मैदान, हॉस्टल, मेस और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं. |
| किन्हें ट्रेनिंग मिलती है | BPSC से चयनित अधिकारी, SSC से चयनित ASO, सैनिटेशन अधिकारी, प्लानिंग असिस्टेंट, ब्लॉक एग्रीकल्चर ऑफिसर, हॉर्टिकल्चर ऑफिसर समेत कई प्रशासनी अधिकारी. |
| ट्रेनिंग का पहला चरण | फाउंडेशन ट्रेनिंग, जिसमें प्रशासनिक नियम, फाइल वर्क, प्रशासनी प्रक्रियाएं और कानून-व्यवस्था की जानकारी दी जाती है. |
| अतिरिक्त एक्टिविटी | ट्रेकिंग, एडवेंचर कैंप, माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट विजिट और टीम बिल्डिंग गतिविधियां. |
| अन्य फोकस क्षेत्र | पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम, यूनिसेफ के साथ वर्कशॉप, पंचायती राज प्रतिनिधियों और स्थानीय निकायों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम. |
RDO पद पर सेलेक्टेड सृष्टि साह की जर्नी
फाइनल सेलेक्शन रद्द करने की मांग
रिजल्ट आने के बाद भी विवाद पूरी तरह शांत नहीं हुआ. अगस्त 2026 में कुछ अभ्यर्थियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि सफल उम्मीदवारों में हिंदी माध्यम के छात्रों की हिस्सेदारी सिर्फ 10 से 15 प्रतिशत के आसपास ही है, जबकि बिहार में ज्यादातर अभ्यर्थी हिंदी माध्यम से ही तैयारी करते हैं.
अभ्यर्थियों ने RTI से जुटाई जानकारी के आधार पर कॉपियों के मूल्यांकन में गड़बड़ी का आरोप लगाया और संदिग्ध उत्तर पुस्तिकाओं के दोबारा मूल्यांकन की मांग की. CPI-ML के विधायक संदीप सौरभ ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए आयोग से स्पष्टीकरण मांगा. आयोग की तरफ से अब तक कोई ठोस जवाब सामने नहीं आया है, और यह देखना बाकी है कि प्रशासन व आयोग इस पर क्या रुख अपनाते हैं.
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