Fake Trainee IPS : औरंगाबाद में खुद को प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी बताकर पुलिस को झांसे में लेने और पुलिसकर्मियों को साथ लेकर कथित छापेमारी व वाहनों की जांच करने के मामले में खुलासा हुआ है. नगर थाना पुलिस ने इस मामले में फर्जी आईपीएस के चालक पिंटू कुमार और उसके सहयोगी कुंदन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि, खुद को प्रशिक्षु आईपीएस बताने वाला मुख्य आरोपी विकास कुमार पुलिस के हाथ नहीं लग सका और फरार है. पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सफेद रंग की स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया है. उसके पास से मोबाइल, फर्जी दस्तावेज व आईकार्ड भी बरामद किए गए हैं.
व्हाट्सऐप कॉल कर बताया खुद को प्रशिक्षु आईपीएस
नगर थाना में पदस्थापित प्रशासनिक अधिकारी के आवेदन के आलोक में नवीनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. प्राथमिकी के मुताबिक 10 सितंबर की रात करीब 11:44 बजे नगर थाना के प्रशासनी मोबाइल के व्हाट्सऐप पर मोबाइल नंबर 7320842329 से कॉल आया.
कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को पलामू का प्रशिक्षु आईपीएस बताया और कहा कि औरंगाबाद के रमेश चौक के समीप गबन के एक गंभीर मामले में छापेमारी करनी है. उसने गश्ती अधिकारी का मोबाइल नंबर मांगा.
व्हाट्सऐप डीपी पर पुलिस वर्दी में तस्वीर लगी होने के कारण उसकी बातों पर विश्वास कर लिया गया. इसके बाद रात्रि गश्ती अधिकारी का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया गया तथा उन्हें पूरे मामले से अवगत कराते हुए सतर्क रहने को कहा गया.
हवलदार के साथ दोनों युवक को बीच सड़क पर उतारा
जब गश्ती टीम लौटी तो लारा शोरूम के पास हवलदार शिव कुमार सिंह सहित दो लड़के खड़े पाए गए. उन लोगों ने बताया कि आरोपी नहीं होने के कारण उन्हें उतार दिया गया. हवलदार के साथ जो दो लड़के थे, उनमें एक की पहचान पलामू जिले के हरिहरगंज थाना क्षेत्र के खड़गपुर निवासी सुनील कुमार रवि और आलोक कुमार के रूप में हुई. उन लोगों ने पुलिस को बताया कि स्कॉर्पियो उन्हें उतारकर डाल्टेनगंज की ओर गई है.
जांच के नाम पर खीरा लदे पिकअप चालक से मांगे पैसे
पुलिस ने मामले में पकड़े गए पिकअप चालक लक्ष्मी प्रसाद से पूछताछ की. उसने बताया कि स्कॉर्पियो में बैठे व्यक्ति ने खुद को एसपी बताया और कहा कि पिकअप पर चोरी का माल लदा है. इसके बाद उससे पैसे की मांग की गई. चालक ने कहा कि माल अभी बिका नहीं है और उसके पास पैसे नहीं हैं. बाद में उसे रास्ते में उतार दिया गया. पिकअप में कच्चा माल खीरा लदा होने के कारण जांच के बाद उसे चालक को सुपुर्द कर दिया गया, ताकि माल खराब न हो.
अंबा चेकपोस्ट पर पकड़ी गई स्कॉर्पियो, चालक गिरफ्तार
दो युवकों ने स्कॉर्पियो का नंबर बताया, जिसके बाद अंबा थाना पुलिस को वाहन रोकने के लिए सूचना दी गई. अंबा चेकपोस्ट पर स्कॉर्पियो को रोक लिया गया. गाड़ी में केवल चालक मौजूद था. चालक की पहचान झारखंड के पलामू जिले के डाल्टेनगंज निवासी 40 वर्षीय पिंटू कुमार के रूप में हुई.
पूछताछ में पिंटू ने बताया कि डाल्टेनगंज के कुंदन कुमार ने उसे एक फर्जी एसपी को बिहार के औरंगाबाद ले जाने की बात कही थी और अच्छी कमाई होने का लालच दिया था. उसने बताया कि खुद को आईपीएस बताने वाले व्यक्ति का असली नाम विकास कुमार है.
फर्जी आईपीएस का असली नाम विकास कुमार
पुलिस जांच में सामने आया कि विकास कुमार, गयाजी जिले के टेकारी थाना क्षेत्र के अर्कढिबरिया गांव का रहने वाला है. पिंटू ने बताया कि विकास के साथ उसके कथित बॉडीगार्ड के रूप में औरंगाबाद जिले के सिमरा थाना क्षेत्र के पड़रिया गांव निवासी संजय यादव भी था. दोनों को पड़रिया गांव में छोड़ने के बाद चालक डाल्टेनगंज लौट रहा था, तभी अंबा चेकपोस्ट पर पकड़ा गया.
बिहार के कई जिलों में जाने की बात बताई
इधर पुलिस टीम पिंटू को लेकर डाल्टेनगंज पहुंची और उसके सहयोग से कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया. कुंदन ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह फर्जी आईपीएस विकास कुमार को पहले भी पुलिस के छद्म रूप में रोहतास और भभुआ ले जा चुका है, जहां कथित तौर पर अच्छी कमाई हुई थी.
होटल से मिला सीसीटीवी फुटेज और फर्जीवाड़े के सुराग
पुलिस ने डाल्टेनगंज के एक होटल से विकास कुमार का सीसीटीवी फुटेज और उसके द्वारा जमा किया गया आईडी दस्तावेज प्राप्त किया. पुलिस के अनुसार, आईडी के सत्यापन में विकास कुमार की पहचान की पुष्टि हुई. जांच में यह भी जानकारी मिली कि वह पूर्व में फर्जीवाड़े के एक मामले में जहानाबाद जेल जा चुका है.
पुलिस ने स्कॉर्पियो, मोबाइल और फर्जी आईकार्ड समेत अन्य दस्तावेज जब्त कर लिए हैं. स्कॉर्पियो के स्वामी के रूप में पटना के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र निवासी संजय कुमार मिश्रा का नाम सामने आया है.
पूरे मामले पर थानाध्यक्ष का बयान पढ़िए
नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि फर्जी आईपीएस की करतूत मामले की प्राथमिकी दारोगा प्रशांत कुमार के बयान पर दर्ज की गई है. इसमें पलामू जिले के पलामू थाना अंतर्गत बिजली ऑफिस के समीप बारा टोला निवासी स्व रामलखन राम के 40 वर्षीय पुत्र पिंटू कुमार, गयाजी जिले के टेकारी थाना क्षेत्र के अर्कढिबरिया गांव निवासी फर्जी आईपीएस विकास कुमार, औरंगाबाद जिले के सिमरा थाना क्षेत्र के पड़रिया गांव निवासी बाबूलाल यादव के पुत्र संजय यादव, पलामू जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के रामगढ़ मार्केट निवासी विजय प्रसाद जायसवाल के 37 वर्षीय पुत्र कुंदन कुमार, पटना जिले के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के जाकरियापुर निवासी संजय कुमार मिश्रा को आरोपी बनाया गया है. मुख्य आरोपी विकास कुमार की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.
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