Flydubai Flight Incident : फ्लाईदुबई फ्लाइट की घटना दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हुई है. प्लेन जब तेजी से नीचे गिरने लगा तो साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए एक प्लंबर (यात्री) ने प्लेन गिरने से बचाया. जिससे 174 लोगों की जान बच पाई. आइए जानते हैं कि घटना के वक्त कॉकपिट में क्या-क्या हुआ था और एक प्लंबर ने कैसे उड़ा लिया विमान?
पेशे से प्लंबर का काम कर रहे हायून ने विमान उड़ाने की कोई ट्रेनिंग नहीं ली थी. हायून जब अपने देश इजरायल लौटे तो उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से हुई. उसी मुलाकात में नेतन्याहू के पूछने पर सामने आया कि हायून ने विमान कैसे कंट्रोल किया और यह सीख उन्होंने कहां से ली.
हायून ने पीएम नेतन्याहू को क्या बताया?
“मैं एक टीवी शो Air Crash Investigation देखता हूं. इसी शो को देखकर मैंने सीखा कि विमान को कैसे कंट्रोल किया जाता है.”
एयर क्रैश इंवेस्टिगेशन, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Mayday के नाम से भी जाना जाता है, इसमें विमान हादसों और उनकी जांच पर आधारित डॉक्यूमेंट्रीज दिखाई जाती हैं. इसमें विमान दुर्घटनाओं को दोबारा दिकाया जाता है और समझाया जाता है कि घटनाक्रम क्या था. हायून ने बताया कि यहां से उन्होंने सीखा कि इमरजेंसी के वक्त विमान को कैसे कंट्रोल किया जाता है.
कॉकपिट के अंदर क्या हुआ?
इसके पायलट स्मित मच्छार, जो कि हिंदुस्तानीय हैं, इन्हें एक इजरायली नागरिक ने घटना के दौरान जो कहा था उसकी चर्चा हो रही है. इंडिया टुडे को दिए इंडरव्यू में उस वक्त प्लेन में एक इजरायली यात्री भी सवार था. यानिव हायून पेशे से प्लंबर हैं, लेकिन जो साहस उन्होंने 30 सितंबर को फ्लाईदुबई प्लेन में दिखाया, उसके कारण सब ओर से तारीफें मिल रही हैं. कैप्टन स्मित मच्छार जब उनके को-पायलट द्वारा चाकू मारे जाने के बाद घायल हो गए थे, उस वक्त उनकी हिम्मत बढ़ाते हुए हायून ने कहा था कि
“आप आज मरने वाले नहीं हैं.”
“वह असल मायने में एक हीरो हैं.” हायून बताते हैं कि फ्लाइट में जब अफरा-तफरी मची हुई थी, पायलट खून से लथपथ थे, तब उन्होंने कैप्टन को हिम्मत बंधाई थी.
हायून के साथ फ्लाइट में उनकी बेटी नोआ भी सवार थी. इसके अलावा बुधवार को इस चाकूबाजी की घटना के दौरान कुल 174 लोगों की जान पर बन आई थी. इंटरव्यू में अपने पिता हायून की हिब्रू भाषा में बताई बातों का अंग्रेजी अनुवाद कर रही थी.
हायून ने बताया पूरा घटनाक्रम
हायून बताते हैं कि वे जब कॉकपिट के दरवाजे तक गए तो दरवाजा अंदर से बंद था. जिसे एक क्रू मेंबर की सहायता से उन्होंने किसी तरह धक्का देकर खोला.
दरवाजा खुलते ही उन्होंने देखा ही कैप्टन मच्छार जख्मी हालत में फ्लोर पर गिरे हुए थे. उन्होंने बताया कि उस समय प्लेन की कमान को-पायलट के हाथ में थी, जिसने कैप्टन मच्छार पर हमला किया था. हायून के अनुसार ऐसा लग रहा था कि वह (ओमानी पायलट) प्लेन की सिस्टम के साथ कुछ छेड़छाड़ कर रहा था. हायून और उनके साथ कॉकपिट में घुसे क्रू मेंबर ने उसे जबरन गरदन पकड़कर पिछे खींचा और उसके विरोध का किसी प्रकार सामना किया.
यात्री कर रहे थे को-पायलट को काबू करने की कोशिश
हायून ने बताया कि हमला करने वाले को-पायलट कॉकपिट से बाहर आकर बाकी यात्रियों को डराने की कोशिश कर रहा था. जिसे काबू करने का प्रयास किया जा रहा था. उन्होंने बताया कि जब प्लेन किसी पायलट के कंट्रोल में नहीं थी, तो उसे कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे थे. बाहर लोग डरे-घबराए हुए थे, विमान तेजी से नीचे जा रहा था. ऐसा लग रहा था मानों अब कुछ नहीं बचेगा. ऐसे में फ्लाइट दुर्घटनाग्रस्त नहीं हुई इसमें बहुत बड़ी भूमिका हायून की थी. वह जैसे-तैसे तब तक प्लेन को संभालने का यत्न करते रहे, जब तक दो रिजर्व पायलट्स ने आकर नियंत्रण अपने हाथ में नहीं ले लिया.
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