दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में बुधवार को जो हुआ, उसने विमान में सवार लोगों को कुछ देर के लिए मौत के बेहद करीब पहुंचा दिया था.
सऊदी अरब के नेशनल ट्रांसपोर्ट सेंटर की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लाइट में करीब 174 यात्री मौजूद थे. फ्लाइट में उस समय अफरा-तफरी मच गई,जब को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया और कॉकपिट से मारपीट की आवाजें आने लगी.
को-पायलट के हमले से कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए और विमान तेजी से नीचे आने लगा. रिपोर्टों के मुताबिक, विमान कुछ ही समय में करीब 14 हजार फीट नीचे आ गया.
चाकू के हमले में कैप्टन मच्छार बुरी तरह घायल हो गए थे. उनके सिर और हाथ पर हमले किए गए थे, जिससे काफी खून बह रहा था. खून से लथपथ कैप्टन स्मित मच्छार कॉकपिट में थे. लेकिन खतरा सिर्फ उनकी जान पर नहीं था.
विमान में मौजूद हर शख्स की जिंदगी दांव पर थी. इसलिए गंभीर चोटों के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की और वे कामयाब हो गए. यही वह पल था, जिसने विमान में मौजूद दूसरे लोगों को अंदर पहुंचने का रास्ता दिया.
चीखें सुनकर यात्री कॉकपिट की ओर दौड़े
कॉकपिट से चीखने और मारपीट की आवाजें आने के बाद आगे बैठे यात्रियों को कुछ गड़बड़ होने का अंदाजा हुआ. जैसे ही कॉकपिट का दरवाजा खुला, कुछ यात्री अंदर पहुंचे. वहां उन्होंने घायल कैप्टन को खून से लथपथ देखा, जो फर्श पर था. जबकि हमलावर पायलट विमान के कंट्रोल के पास था.
इसके बाद यात्रियों और क्रू ने मिलकर हमलावर को काबू किया. किसी के हाथ में हथियार नहीं था, न ही आसमान में कोई सुरक्षा बल उनकी मदद के लिए मौजूद था. उस वक्त यात्रियों ने ही आगे बढ़कर एक-दूसरे की मदद की और हमलावर को कॉकपिट से बाहर निकाला.
डेंटिस्ट ने घायल कैप्टन की मदद की
The Guardian के मुताबिक कॉकपिट में अफरा-तफरी के बीच विमान में मौजूद डेंटिस्ट डॉ. शोटा मुसायेव भी मदद के लिए दौड़कर पहुंचे. उन्होंने बताया कि मच्छआर के सिर और हाथों पर गहरे कट थे, काफी खून बह रहा था और उनका ब्लड प्रेशर तेजी से गिर रहा था.
मुसायेव ने मौके पर ही प्राथमिक चिकित्सा देते हुए खून रोकने और कैप्टन की हालत स्थिर करने की कोशिश की. उन्होंने यह भी बताया कि कुछ देर बाद कैप्टन बेहोश हो गए थे और उस वक्त उन्हें डर था कि अगर कुछ और मिनट निकल जाते तो उनकी जान जा सकती थी.
प्लबंर ने विमान संभालने में की अहम मदद
इस पूरी घटना में विमान में सवार यात्री यानिव हायून की भूमिका भी सामने आई है, जो पेशे से प्लंबर हैं. ABC की रिपोर्ट के अनुसार हमले के बाद जब कॉकपिट का दरवाजा खुला, तो हायून दूसरे यात्रियों के साथ अंदर पहुंचे और हमलावर को काबू करने में मदद की.
उन्होंने बताया कि उस वक्त विमान तेजी से नीचे जा रहा था और उन्होंने कंट्रोल स्टिक को पीछे खींचकर विमान को संभालने की कोशिश की. बाद में ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान की कमान संभाली. हायून के मुताबिक, उन्होंने विमान उड़ाने की जानकारी किसी औपचारिक प्रशिक्षण से नहीं, बल्कि टीवी पर ‘एयर क्रैश इन्वेस्टिगेशन’ कार्यक्रम देखकर सीखी थी.
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विमान की कमान संभालने के लिए आगे आए 2 दुश्मन देश के पायलट
मुश्किल अभी खत्म नहीं हुई थी. कैप्टन घायल थे और विमान को सुरक्षित जमीन तक पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती थी. Ukr Media News के मुताबिक इसी दौरान विमान में यात्री के तौर पर मौजूद (ऑफ-ड्यूटी यात्रा कर रहे फ्लाईदुबई के अन्य अतिरिक्त/रिजर्व पायलटों) दो पायलटों ने आगे आकर कमान संभाली.
रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने विमान को स्थिर करने में मदद की और आखिरकार फ्लाइट को सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया. इस्राइल हयोम’ की रिपोर्ट के अनुसार जिन दो पायलटों ने संकट के समय फ्लाइट की कमना संभाली उसमें एक रूस और दूसरा यूक्रेन का नागरिक है.
खास बात यह है कि ये दोनों देश युद्ध के मैदान में एक दूसरे से टकरा रहे हैं, लेकिन विमान में लोगों को बचाने के लिए एक साथ काम किया. हालांकि दोनों पायलटों की राष्ट्रीयता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी.
हिंदुस्तानीय कैप्टन की बहादुरी को दुनिया ने किया सलाम
कैप्टन स्मित मच्छार हिंदुस्तानीय हैं और इस घटना के बाद उनकी बहादुरी की दुनियाभर में तारीफ हो रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें “हीरो” बताते हुए कहा कि हिंदुस्तान को कैप्टन मच्छार पर गर्व है. वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनकी बहादुरी की सराहना की है. फिलहाल गंभीर रूप से घायल कैप्टन मच्छार का सऊदी अरब के ताबूक शहर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है और हिंदुस्तानीय दूतावास के मुताबिक उनकी हालत स्थिर है. मोदी ने उनके परिवार से बात कर हरसंभव मदद का भरोसा भी दिया है.
वहीं, उन पर हमला करने वाला सह-पायलट ओमान का नागरिक बताया गया है, जिसे घटना के बाद गिरफ्तार कर लिया गया.
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