IDBI Bank Deal: केंद्र प्रशासन की कैबिनेट ने बुधवार को IDBI बैंक के रणनीतिक पुनर्गठन को मंजूरी दे दी. इस सौदे में कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स खरीदार होगी. कंपनी को हिंदुस्तानीय मूल के कनाडाई अरबपति प्रेम वत्स का समर्थन प्राप्त है. इस डील के पूरा होने के बाद बैंक के स्वामित्व और प्रबंधन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. इसका मतलब है कि IDBI बैंक के संचालन और मालिकाना हक में बड़े बदलाव होंगे, न कि केवल इसे बेचना.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया को केवल विनिवेश के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह बैंक का रणनीतिक पुनर्गठन है. उन्होंने कहा कि प्रशासन IDBI बैंक में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखेगी. यानी सौदे के बाद भी बैंक में केंद्र प्रशासन की निवेशक के रूप में मौजूदगी बनी रहेगी.
LIC और केंद्र प्रशासन की हिस्सेदारी में आएगी बड़ी गिरावट
इस सौदे से पहले IDBI बैंक में हिंदुस्तानीय जीवन बीमा निगम (LIC) की 49.24% हिस्सेदारी थी, जबकि केंद्र प्रशासन के पास 45.48% हिस्सेदारी थी. दोनों की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 94.71% बताई गई है. प्रस्तावित बिक्री के बाद LIC की हिस्सेदारी घटकर लगभग 19% और केंद्र प्रशासन की हिस्सेदारी करीब 15% रह जाएगी.
जनवरी 2019 में बदली थी IDBI बैंक की पहचान
IDBI बैंक लंबे समय तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के रूप में काम करता रहा. हालांकि, लगातार खराब वित्तीय स्थिति के कारण जनवरी 2019 में LIC इसके प्रमोटर के रूप में सामने आई और बैंक की स्थिति में बदलाव हुआ. अब Fairfax के साथ प्रस्तावित सौदे को बैंक के स्वामित्व और संचालन में एक और महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है.
हिंदुस्तान के वित्तीय क्षेत्र में बड़ा विदेशी निवेश, मार्च 2027 तक पूरी हो सकती है डील
₹52,878 करोड़ का यह सौदा हिंदुस्तान के वित्तीय क्षेत्र में बड़े विदेशी निवेश का उदाहरण बनने जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, IDBI बैंक की 60.72% हिस्सेदारी की बिक्री को मार्च 2027 तक पूरा करने की उम्मीद है. हालांकि, सौदे के अंतिम क्रियान्वयन की समयसीमा संबंधित प्रक्रियाओं और आवश्यक औपचारिकताओं पर निर्भर करेगी.
फेयरफैक्स को 3 साल तक बनाए रखना होगा IDBI बैंक का नाम
सौदे से जुड़ा शेयर खरीद समझौता डील पूरी होने के बाद तीन साल तक प्रभावी रहेगा. इस अवधि के दौरान Fairfax को बैंक का नाम IDBI बैंक ही बनाए रखना होगा. यानी नए प्रमोटर के आने के बावजूद कम से कम समझौते में निर्धारित अवधि तक बैंक की मौजूदा पहचान बरकरार रहेगी.
IDBI बैंक डील से ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
फिलहाल इस सौदे की घोषणा का मतलब यह नहीं है कि ग्राहकों के बैंक खाते, जमा राशि, कार्ड या बैंकिंग सेवाओं में तत्काल कोई बदलाव हो जाएगा. ग्राहकों पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालने के लिए बैंक की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक जानकारी और डील पूरी होने के बाद के फैसलों पर नजर रखनी होगी.
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