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October 14, 2026

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वैशाली नाव हादसा: 13 की मौत, एक ही परिवार की 7 बच्चियां, PM मोदी और CM सम्राट ने किया मुआवजे का ऐलान

Vaishali Raghopur Boat Accident : वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र की रामपुर श्यामचंद पंचायत में मंगलवार की देर शाम करीब 7:30 बजे गंगा की छोटी धारा में नाव पलटने से 13 बच्चों की डूबकर मौत हो गयी. मृतकों में 10 बच्चियां शामिल हैं. नाव पर 20 से 25 लोग सवार थे, जो भगतान टोला स्थित माता महारानी स्थान के पास आयोजित श्राद्ध भोज में शामिल होने जा रहे थे. बताया जाता है कि छह लोगों की क्षमता वाली नाव पर अधिक लोगों के सवार होने के कारण वह अनियंत्रित होकर पलट गयी. हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गयी. ग्रामीणों ने मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में बचाव कार्य शुरू किया और डूबे बच्चों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये देने का एलान किया है. छह लोगों की क्षमता वाली नाव पर सवार थे 20 से 25 लोग जानकारी के अनुसार, रामपुर श्यामचंद पंचायत के भगतान टोला स्थित माता महारानी स्थान के पास सिंघेश्वर राय के यहां श्राद्ध भोज का आयोजन था. गांव के करीब 20 से 25 लोग, जिनमें अधिकांश शिशु और युवा शामिल थे, नाव पर सवार होकर गंगा की छोटी धारा के दूसरी ओर भोज खाने जा रहे थे. घटनास्थल से दूसरी ओर की दूरी करीब 150 मीटर बतायी गयी है. नाव बीच धारा में पहुंची, तभी ओवरलोड होने के कारण अनियंत्रित होकर पलट गयी. नाव पर सवार सभी लोग पानी में डूबने लगे. हादसे की समाचार मिलते ही आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गये और बचाव कार्य शुरू कर दिया. अंधेरे में मोबाइल-टॉर्च की रोशनी से चला रेस्क्यू घटनास्थल पर काफी अंधेरा होने के कारण बचाव कार्य में परेशानी हुई. ग्रामीण मोबाइल और टॉर्च की रोशनी के सहारे पानी में उतरे और डूबे बच्चों को बाहर निकालने लगे. पानी से निकाले गये बच्चों को युवकों ने कंधे पर और खटिया पर लादकर सड़क तक पहुंचाया. इसके बाद सभी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राघोपुर फतेहपुर ले जाया गया. अस्पताल पहुंचने पर अफरा-तफरी मच गयी. डॉक्टरों ने जांच के बाद 13 बच्चों को मृत घोषित कर दिया. हादसे की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची. हादसे के पीछे तीन बड़ी लापरवाही की बात आयी सामने क्षमता से कई गुना अधिक लोग सवार थे. हादसे का सबसे बड़ा कारण नाव पर ओवरलोडिंग बताया जा रहा है. छह लोगों की क्षमता वाली नाव पर 20 से 25 लोग सवार थे. अधिक वजन के कारण नाव का संतुलन बिगड़ने की आशंका जतायी गयी है. रात में नाव का परिचालन. रिपोर्ट के अनुसार, रात में गंगा में नाव परिचालन पर रोक होने के बावजूद लोग नाव से दूसरी ओर जा रहे थे. नाव पर सवार अधिकांश लोग शिशु और युवा थे. अचानक नाव पलटने से उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला. जर्जर नाव का इस्तेमाल. ग्रामीणों के अनुसार, हादसे में शामिल नाव जर्जर थी. बताया गया कि बाढ़ के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए अंचल कार्यालय की ओर से नाव उपलब्ध करायी गयी थी. हालांकि, नाव की स्थिति और हादसे के कारणों की आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है. डीएम ने की 13 मौतों की पुष्टि, सात लोग NMCH रेफर वैशाली की डीएम वर्षा सिंह ने हादसे में 13 लोगों की मौत की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि सात लोगों को बेहतर इलाज के लिए पटना स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) भेजा गया है. घटनास्थल पर एसडीआरएफ की टीम पहुंचकर सर्च अभियान चला रही थी. हादसे के बाद प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेज किया गया. तीन सगी बहनों समेत 13 बच्चों की गयी जान हादसे में जान गंवाने वाले सभी शिशु रामपुर श्यामचंद गांव के निवासी थे. मृतकों की सूची में तीन सगी बहनें भी शामिल हैं. सुनीता कुमारी (13 वर्ष), पिता राज किशोर राय. अमृता कुमारी (16 वर्ष), पिता राज किशोर राय. अंकिता कुमारी (6 वर्ष), पिता राज किशोर राय. मीरा कुमारी (12 वर्ष), पिता रामनरेश राय. निशु कुमारी, पिता सत्येंद्र राय. अनिशा कुमारी (18 वर्ष), पिता सुरेंद्र राय. आर्यन कुमार, पिता गांधी राय. मोहन कुमार (14 वर्ष), पिता अखिलेश राय. पिंकी कुमारी (13 वर्ष), पिता डोगन राय. नमन कुमार (10 वर्ष), पिता मुकेश राय. सिकी कुमारी (16 वर्ष), पिता सुरेश राय. भोनू कुमारी (12 वर्ष), पिता रामप्रवेश राय. सोनम कुमारी, पिता नरेश राय. सीएम सम्राट चौधरी ने चार-चार लाख रुपये की सहायता का किया एलान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नाव हादसे में बच्चों की मौत को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताया. उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी दी कि राज्य प्रशासन की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजन को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी. उन्होंने प्रशासन को राहत-बचाव कार्य तेजी से पूरा करने और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया. पीएम मोदी ने भी दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैशाली में नाव पलटने की घटना पर दुख जताया. उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये दिये जायेंगे. वहीं, घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता दी जायेगी. Also Read : वैशाली नाव हादसा: भोज खाने जा रहे ग्रामीणों की नाव पलटी, राघोपुर में 13 की मौत; तीन गंभीर मरीज PMCH रेफर The post वैशाली नाव हादसा: 13 की मौत, एक ही परिवार की 7 बच्चियां, PM मोदी और CM सम्राट ने किया मुआवजे का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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धनबाद: हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस से भिड़ा शंकर डे, ASI की पिस्टल छीनकर की फायरिंग; जवाबी कार्रवाई में घायल

धनबाद से नीरज अंबष्ट और रत्नेश कुमार की रिपोर्ट केंदुआ/धनबाद. राम प्रताप प्रसाद हत्याकांड के आरोपी शंकर डे उर्फ पिंकू डे को मंगलवार देर शाम मैथन से गिरफ्तार किया गया. गोंदूडीह पुलिस की पूछताछ में उसने पैसे के बंटवारे के विवाद में राम प्रताप की हत्या करने की बात बतायी. इसके बाद पुलिस उसे हथियार बरामद करने के लिए टुंडी प्रखंड के मनियाडीह ले गयी. मंगलवार देर रात करीब 10.30 बजे वहां हथियार बरामदगी के दौरान आरोपी ने एक एएसआइ की पिस्टल छीन ली और पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उसके दाहिने पैर में गोली लगी. घायल शंकर डे को धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन कर गोली निकाल दी गयी. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने राम प्रताप प्रसाद की हत्या के अलावा बस्ताकोला निवासी आटा मिलकर्मी उमेश यादव से छह हजार रुपये की लूट और उसकी हत्या की घटना में भी शामिल रहने की बात बतायी है. पुलिस अब आरोपी के बयान के आधार पर दोनों मामलों और हथियार बरामदगी से जुड़े तथ्यों का सत्यापन कर रही है. तीन माह से लापता था राम प्रताप जानकारी के अनुसार, गोंदूडीह ओपी क्षेत्र के नौ नंबर खरीकाबाद निवासी मीना देवी ने करीब तीन माह पहले अपने पति राम प्रताप प्रसाद के लापता होने की लिखित शिकायत पुलिस से की थी. बताया जाता है कि राम प्रताप अपनी पत्नी से वर्द्धमान स्थित मामा के घर जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे. ये भी पढ़ें: कुछ घंटे पहले ही दुरुस्त हुआ था SNMMCH का ऑक्सीजन प्लांट, रात होते ही फिर क्यों बैठा सिस्टम? मामले की जांच के दौरान पुलिस को सुभाष पल्ली, दुर्गापुर निवासी शंकर डे के बारे में जानकारी मिली. इसके बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए सूचना तंत्र सक्रिय किया गया. मंगलवार देर शाम गुप्त सूचना के आधार पर मैथन पुलिस ने शंकर डे को गिरफ्तार किया और गोंदूडीह पुलिस को सौंप दिया. पूछताछ के दौरान राम प्रताप की हत्या से जुड़ी जानकारी सामने आने का पुलिस ने दावा किया. पैसे के बंटवारे के विवाद में हत्या की बात बतायी पुलिस के अनुसार, पूछताछ में शंकर डे ने बताया कि वह राम प्रताप प्रसाद के साथ मिलकर बस्ताकोला निवासी आटा मिलकर्मी उमेश यादव से छह हजार रुपये की लूट में शामिल था. आरोपी ने उमेश यादव की हत्या की घटना में भी शामिल रहने की बात बतायी. पुलिस का दावा है कि बाद में लूट के पैसों के बंटवारे को लेकर राम प्रताप और शंकर डे के बीच विवाद हो गया. इसी विवाद के बाद राम प्रताप की गोली मारकर हत्या करने और शव को मनियाडीह इलाके में फेंकने की बात आरोपी ने बतायी. आरोपी ने मनियाडीह इलाके में हथियार छिपाने की जानकारी भी पुलिस को दी थी. इसी सूचना के आधार पर पुलिस उसे लेकर हथियार बरामद करने पहुंची थी. पुलिस के अनुसार, इसी दौरान उसने एएसआइ की पिस्टल छीनकर फायरिंग की. जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी. इस कार्रवाई में मनियाडीह थाना प्रभारी अकबर खान, गोंदूडीह ओपी प्रभारी लव कुमार चौधरी और उनकी टीम शामिल थी. ये भी पढ़ें: दामोदर नदी में स्नान के दौरान हादसा: गहरे पानी में जाने से 37 वर्षीय जितेंद्र राय की मौत, गांव में मातम दो कांडों में भूमिका की जांच, पुराने हत्याकांड में भी आया था नाम शंकर डे की गोंदूडीह ओपी में दर्ज कांड संख्या 74/26 और 56/26 में भूमिका की जांच की जा रही है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, उसका नाम बिहारी लाल चौधरी हत्याकांड में भी सामने आया था. इसके अलावा उसके कृष्णाकांत सिंह गैंग से जुड़े होने की बात भी सामने आयी है. पुलिस इन पहलुओं की जांच कर रही है. The post धनबाद: हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस से भिड़ा शंकर डे, ASI की पिस्टल छीनकर की फायरिंग; जवाबी कार्रवाई में घायल appeared first on Naya Vichar.

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लालू फैमिली इनसाइड स्टोरी: रोहिणी बनेंगी RJD की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष? राबड़ी के प्रस्ताव पर तेजस्वी की सहमति का इंतजार

Lalu Family Inside Story सिंगापुर से मायके लौटने के बाद लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य परिवारोहिणी को क्या RJD में मिलने जा रही बड़ी जिम्मेदारी? राबड़ी के प्रस्ताव के बाद अब तेजस्वी की सहमति का इंतजार और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पुराने नेताओं व कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कोशिश में जुटी हैं.इस बीच, रोहिणी की नेतृत्वक वापसी को लेकर उनकी मां और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की ओर से पार्टी में नयी जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव रखे जाने की चर्चा है. इसको लेकर लालू परिवार के भीतर सहमति बनाने का भी प्रयास किया जा रहा है. रोहिणी के मामा साधु यादव भी दावा कर चुके हैं कि वह छपरा से लोकसभा चुनाव लड़ेंगी. इसके बाद रोहिणी के जल्द ही सक्रिय नेतृत्व में लौटने को लेकर कयास लगाया जाने लगा है. बिहार से जुड़ी अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें.. रोहिणी की एंट्री की तैयारी? सूत्रों के मुताबिक, राबड़ी देवी ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद छोड़कर अपनी जगह रोहिणी आचार्य को यह जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव परिवार के भीतर रखा है. इस संबंध में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव और परिवार के अन्य सदस्यों के बीच चर्चा होने की बात सामने आ रही है. हालांकि, इस प्रस्ताव पर तेजस्वी यादव के रुख पर सबकी नजर है. उनकी सहमति के बाद ही इस संबंध में कोई औपचारिक फैसला सामने आ सकता है. पुराने नेताओं से बढ़ा संपर्क रोहिणी आचार्य 2024 के लोकसभा चुनाव में सारण सीट से राजद की उम्मीदवार थीं. हालांकि, उन्हें इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. नवंबर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद परिवार में मतभेद की समाचारों के बीच उन्होंने सक्रिय नेतृत्व से दूरी बना ली थी. अब सिंगापुर से लौटने के बाद उनकी नेतृत्वक गतिविधियां फिर चर्चा में हैं. रोहिणी के अपने मामा और लालू प्रसाद के शासनकाल में प्रभावशाली नेतृत्वक चेहरा रहे साधु यादव से मुलाकात को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है. इसके साथ ही लालू प्रसाद के दौर के पुराने और निष्ठावान नेताओं व कार्यकर्ताओं से संपर्क बढ़ाने की उनकी कोशिशों की चर्चा है. इन गतिविधियों के बीच राजद के भीतर रोहिणी की भावी भूमिका और नेतृत्वक कद को लेकर अटकलें तेज हो गयी हैं. राजद में नयी जिम्मेदारी को लेकर अलग-अलग चर्चाएं राबड़ी देवी की ओर से रोहिणी को पार्टी में जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव रखे जाने की चर्चा के बीच राजद के भीतर संभावित नेतृत्वक समीकरणों को लेकर भी तरह-तरह की बातें हो रही हैं. पार्टी से जुड़े कुछ लोगों के बीच यह आशंका जतायी जा रही है कि इससे संगठन में अलग-अलग धड़े उभर सकते हैं. हालांकि, इस तरह की किसी गुटबाजी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. वहीं, पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि रोहिणी को संगठन में अहम भूमिका मिलने से लालू प्रसाद के पुराने समर्थकों को फिर से सक्रिय करने में मदद मिल सकती है. दूसरी ओर, कुछ लोगों के बीच इस संभावित बदलाव को लालू परिवार और राजद के सामने मौजूद कानूनी तथा सांगठनिक चुनौतियों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है. प्रचार की कमान और जनता से जुड़ाव पर नजर रोहिणी आचार्य की संभावित नेतृत्वक वापसी के साथ उनकी भूमिका को लेकर भी चर्चा हो रही है. कहा जा रहा है कि यदि उन्हें पार्टी में कोई अहम जिम्मेदारी मिलती है, तो वह चुनाव प्रचार और पुराने कार्यकर्ताओं को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं. केंद्र प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शनों में उनकी भागीदारी और सार्वजनिक मुद्दों पर उनकी सक्रियता पहले भी चर्चा में रही है. पिता लालू प्रसाद यादव को किडनी दान करने के बाद रोहिणी की पहचान परिवार के प्रति समर्पण के उदाहरण के रूप में भी बनी. राजद के भीतर कुछ लोगों का मानना है कि इस छवि से उन्हें जनता के बीच संवाद स्थापित करने में मदद मिल सकती है. Also Read टीएन शेषन से जब भिड़ गए थे लालू यादव, बिहार में ऐसे पलट दिया था चुनाव का नैरेटिव The post लालू फैमिली इनसाइड स्टोरी: रोहिणी बनेंगी RJD की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष? राबड़ी के प्रस्ताव पर तेजस्वी की सहमति का इंतजार appeared first on Naya Vichar.

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न हीरो की गुंडागर्दी, न प्यार में हैप्पी एंडिंग… जोया अख्तर की फिल्मों में क्यों नहीं चलते बॉलीवुड के फॉर्मूले?

Zoya Akhtar Birthday: बड़े-बड़े घर, महंगी गाड़ियां, विदेशों में छुट्टियां और चमकती जिंदगी. पहली नजर में जोया अख्तर की फिल्में किसी सपने जैसी लगती हैं. लेकिन इस चमक के पीछे ऐसे रिश्ते हैं, जिनमें प्यार से ज्यादा उलझन है, ऐसे परिवार हैं जहां पैसा तो है, पर सुकून नहीं और ऐसे किरदार हैं जो सब कुछ हासिल करने के बाद भी खुद से जूझ रहे हैं. जोया की फिल्मों में हीरो हर लड़ाई जीतकर लड़की को नहीं पा लेता. कई बार वह खुद को ही समझ नहीं पाता. आखिर क्या है उनके सिनेमा की वह खासियत, जो उसे बॉलीवुड की आम कहानियों से अलग बनाती है? लक बाय चांस: पहली फिल्म में ही खोल दी बॉलीवुड की पोल साल 2009 में आई ‘लक बाय चांस’ को सिर्फ एक स्ट्रगलिंग एक्टर की कहानी समझना भूल होगी. यह उस फिल्म इंडस्ट्री की कहानी भी है, जहां टैलेंट के साथ किस्मत, पहचान और सही लोगों तक पहुंच होना भी मायने रखता है. फरहान अख्तर के विक्रम जय सिंह को हीरो बनना है. कोंकणा सेन शर्मा की सोना मिश्रा भी अभिनेत्री बनने का सपना देखती है. दोनों संघर्ष करते हैं, लेकिन दोनों की राह एक जैसी नहीं रहती. विक्रम को मौका मिलता है, उसका करियर आगे बढ़ता है और सफलता के साथ रिश्ते की जमीन भी बदलने लगती है. जिंदगी ना मिलेगी दोबारा किसी को अपने डर का सामना करना है, तो कोई अपने रिश्तों को लेकर उलझा हुआ है. कोई भविष्य की चिंता में जी रहा है, तो कोई अपनी भावनाओं को दूसरों से छिपाता है. फिल्म की खास बात यह है कि जोया अख्तर ने दोस्ती को सिर्फ हंसी-मजाक तक सीमित नहीं रखा. उन्होंने दिखाया कि कभी-कभी हमारे दोस्त ही हमें हमारी गलतियां समझाते हैं और जिंदगी को खुलकर जीना सिखाते हैं. फिल्म देखने के बाद सिर्फ स्पेन की खूबसूरत जगहें याद नहीं रहतीं, बल्कि यह सवाल भी मन में आता है कि क्या हम सच में अपनी जिंदगी अपनी मर्जी से जी रहे हैं या सिर्फ दूसरों की उम्मीदें पूरी करने में लगे हैं? ‘दिल धड़कने दो’ में दिखी अमीर परिवार की परेशानियां जोया अख्तर की फिल्मों में बड़े घर, महंगी गाड़ियां और शानदार पार्टियां खूब दिखाई देती हैं. लेकिन उनकी कहानी सिर्फ अमीरी दिखाने तक सीमित नहीं रहती. साल 2015 में आई फिल्म ‘दिल धड़कने दो’ इसका अच्छा उदाहरण है. फिल्म एक ऐसे परिवार की कहानी है, जिसके पास पैसा और समाज में इज्जत तो है, लेकिन परिवार के सदस्यों के बीच कई तरह की परेशानियां भी हैं. गली बॉय वह अपनी जिंदगी में जो कुछ देखता है, जो महसूस करता है और जिन परेशानियों से गुजरता है, उन्हें अपने गानों में उतारता है. इस फिल्म की खास बात यह है कि यहां हीरो का सपना सिर्फ बड़ा स्टार बनना नहीं है. वह अपनी पहचान बनाना चाहता है और दुनिया को बताना चाहता है कि उसके पास भी कहने के लिए बहुत कुछ है. जोया अख्तर ने इस कहानी के जरिए दिखाया कि इंसान की परिस्थितियां चाहे जैसी हों, उसके सपने और अपनी बात कहने की चाह उसे आगे बढ़ने की हिम्मत दे सकती है. उनकी फिल्मों में रिश्ते हमेशा परफेक्ट क्यों नहीं होते? जोया अख्तर की फिल्मों में रिश्ते बहुत अहम होते हैं. लेकिन वह रिश्तों को हमेशा खूबसूरत और आसान बनाकर नहीं दिखातीं. उनकी फिल्मों में माता-पिता अपने बच्चों से प्यार तो करते हैं, लेकिन कई बार उन पर अपनी पसंद थोपते भी हैं. दोस्त एक-दूसरे के करीब होते हैं, लेकिन अपनी परेशानियां छिपाते हैं. पति-पत्नी साथ रहते हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि दोनों एक-दूसरे की भावनाओं को समझते हों. फिल्म ‘दिल धड़कने दो’ हो या सीरीज ‘मेड इन हेवन’, जोया अख्तर ने कई बार ऐसे रिश्तों को दिखाया है, जिनमें बाहर से सब कुछ अच्छा नजर आता है, लेकिन अंदर कई परेशानियां होती हैं. जोया अख्तर जोया अख्तर की फिल्में इन सवालों के सीधे जवाब नहीं देतीं. वह किरदारों की जिंदगी के जरिए इन सवालों को सामने रखती हैं और दर्शकों को खुद सोचने का मौका देती हैं. शायद यही जोया अख्तर के सिनेमा की सबसे खास बात है. उनकी फिल्मों में हीरो का मतलब सिर्फ लड़ाई जीतना नहीं है, प्यार का मतलब हमेशा मिलन नहीं है और सफलता का मतलब जिंदगी की हर परेशानी खत्म हो जाना भी नहीं है. वह ऐसी कहानियां दिखाती हैं, जिनमें किरदारों की कमजोरियां, उनके सपने और उनकी गलतियां भी उतनी ही जरूरी हैं, जितनी उनकी जीत. ये भी पढ़ें: अमिताभ बच्चन ने रिटायरमेंट पर तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘आज भी कुछ अधूरे हैं सपने’ ये भी पढ़ें: 31 साल बाद एक्टर ने सुनाया वो दर्द, जिसे बचाने के लिए आखिरी दम तक लड़े शेखर सुमन The post न हीरो की गुंडागर्दी, न प्यार में हैप्पी एंडिंग… जोया अख्तर की फिल्मों में क्यों नहीं चलते बॉलीवुड के फॉर्मूले? appeared first on Naya Vichar.

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‘आतंकवादी, तुम यहां क्यों आए?’ न्यूयॉर्क में बांग्लादेशी प्रवासियों के गुस्से का सामना कर रहे मुहम्मद यूनुस

बांग्लादेश की अंतरिम प्रशासन के पूर्व मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस को सोमवार (12 अक्टूबर ) को न्यूयॉर्क के जॉन एफ कैनेडी (JFK) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा. बांग्लादेशी प्रवासियों के एक समूह ने उन पर लोकतंत्र को कमजोर करने और उनके कार्यकाल में हुई मौतों के लिए जिम्मेदार होने के आरोप लगाए. प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर उन्हें ‘आतंकवादी’ कहा और वापस लौटने के नारे लगाए. व्हीलचेयर पर बाहर निकलते समय हुई नारेबाजी ढाका के अखबार डेली सन की रिपोर्ट के मुताबिक, दोहा से कतर एयरवेज की उड़ान से पहुंचे यूनुस का टर्मिनल-8 पर कुछ लोगों ने विरोध किया. सोशल मीडिया पर सामने आये वीडियो में लोग व्हीलचेयर पर बाहर ले जाए जा रहे यूनुस पर आरोप लगाते और नारेबाजी करते दिखाई देते हैं. इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें वहां से सुरक्षित बाहर निकाला. रिपोर्ट के अनुसार, टकराव के दौरान यूनुस और उनके साथ मौजूद लामिया मोर्शेद कुछ समय के लिए एयरपोर्ट के अंदर भी लौटे. प्रदर्शनकारियों ने लगाए गिरफ्तारी और मौतों के आरोप प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश में करीब दो लाख लोगों की गिरफ्तारी और हजारों पुलिसकर्मियों की मौत का आरोप लगाते हुए यूनुस को जिम्मेदार ठहराया. हालांकि, प्रदर्शनकारियों के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. घटना में शामिल लोगों की पहचान और विवाद की अन्य परिस्थितियों की भी तत्काल पुष्टि नहीं हुई. शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद संभाली थी कमान अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने पर मुहम्मद यूनुस ने अंतरिम प्रशासन का नेतृत्व संभाला था. उनके कार्यकाल में हिंसा, कानून-व्यवस्था और नेतृत्वक समर्थकों पर कथित हमलों को लेकर प्रशासन की आलोचना हुई. अवामी लीग और अन्य आलोचकों ने अंतरिम प्रशासन पर हिंसा रोकने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रहने के आरोप लगाए. अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और मानवाधिकारों पर भी उठे सवाल यूनुस के कार्यकाल के दौरान हिंदू समुदाय और धार्मिक स्थलों पर हमलों, मनमानी गिरफ्तारियों तथा हिरासत में मौतों को लेकर भी चिंताएं जतायी गयीं. जनवरी 2026 में उनकी प्रशासन के एक अध्यादेश को लेकर भी विवाद हुआ, जिसमें जुलाई-अगस्त 2024 के आंदोलन में शामिल लोगों की कुछ गतिविधियों से संबंधित नियमित आपराधिक जांच पर सीमाएं लगायी गयी थीं. संबंधित मामलों में जवाबदेही और मानवाधिकारों को लेकर सवाल उठते रहे. हिंदुस्तान-बांग्लादेश संबंधों में भी बढ़ा तनाव यूनुस के कार्यकाल में हिंदुस्तान और बांग्लादेश के रिश्तों में भी खिंचाव देखने को मिला. मार्च 2025 में चीन यात्रा के दौरान हिंदुस्तान के पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर उनकी टिप्पणियों पर हिंदुस्तान में आलोचना हुई. इसके अलावा, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद सामने आये. चुनाव के बाद सत्ता हस्तांतरण से पहले दिया इस्तीफा मुहम्मद यूनुस ने निर्वाचित प्रशासन को सत्ता सौंपने की प्रक्रिया से पहले 16 फरवरी 2026 को अंतरिम प्रशासन के प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया था. अपने विदाई संबोधन में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता यूनुस ने लोकतांत्रिक परंपराओं, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों को बनाए रखने की अपील की थी. न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर हुआ विरोध उनके कार्यकाल को लेकर जारी असंतोष का संकेत माना जा रहा है. ये भी पढ़ें: पाकिस्तान को ऐसे हैंडल करेंगे आप? ना करें जनाब, ऐसा ना करें! The post ‘आतंकवादी, तुम यहां क्यों आए?’ न्यूयॉर्क में बांग्लादेशी प्रवासियों के गुस्से का सामना कर रहे मुहम्मद यूनुस appeared first on Naya Vichar.

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क्रिकेटर नहीं होते तो क्या करते गौतम गंभीर? 2 बार भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले दिग्गज को आज भी इस बात का अफसोस

Gautam Gambhir 45th Birthday: हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर 14 अक्टूबर को अपना 45वां जन्मदिन मना रहे है. गंभीर का नाम उन खिलाड़ियों में शामिल है, जिन्होंने देश को दो बार विश्व चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई. साल 2007 के टी20 वर्ल्ड कप और 2011 के वनडे वर्ल्ड कप में गंभीर ने अपने बल्ले से ऐसा प्रदर्शन किया, जिसे हिंदुस्तानीय क्रिकेट फैंस कभी नहीं भूल सकते. हालांकि, क्रिकेट की दुनिया में कदम रखने से पहले गंभीर का सपना कुछ और ही था. सेना में जाना चाहते थे गौतम गंभीर गौतम गंभीर ने एक बार खुद खुलासा किया था कि क्रिकेट उनका पहला प्यार नहीं था, बल्कि वह हिंदुस्तानीय सेना में अपना करियर बनाना चाहते थे. उन्होंने बताया था कि अगर 12वीं कक्षा में रहते हुए उन्होंने रणजी ट्रॉफी क्रिकेट नहीं स्पोर्ट्सा होता, तो वह निश्चित रूप से नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में दाखिला लेकर सेना में जाने की कोशिश करते. सेना में शामिल नहीं हो पाना उनकी जिंदगी का एकमात्र अफसोस है. हालांकि, क्रिकेट में आने के बाद भी उन्होंने देश की सेवा करने की अपनी इच्छा को जिंदा रखा. — गौतम गंभीर, हिंदुस्तानीय मेन्स टीम के कोच और पूर्व क्रिकेटर ये भी पढ़ें: 2027 वर्ल्ड कप में रोहित-कोहली स्पोर्ट्सेंगे या नहीं? BCCI अध्यक्ष ने बताया चयन का फॉर्मूला शहीदों के बच्चों की मदद के लिए शुरू की फाउंडेशन गंभीर ने सेना में शामिल नहीं हो पाने के बावजूद शहीदों के परिवारों के लिए कुछ करने का रास्ता चुना. उन्होंने एक फाउंडेशन शुरू किया, जो शहीद जवानों के बच्चों की शिक्षा और देखभाल में मदद करता है. एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया था कि उस समय उनकी फाउंडेशन 50 बच्चों की मदद कर रही थी और इस संख्या को बढ़ाकर 100 करने की योजना थी. गंभीर का शुरुआती करियर  गौतम गंभीर ने 2003 में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा था. शुरुआत में उन्हें टीम में स्थायी जगह पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी, लेकिन जल्द ही उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा. वीरेंद्र सहवाग के साथ उनकी जोड़ी हिंदुस्तान की सबसे खतरनाक ओपनिंग जोड़ियों में गिनी जाती है. गंभीर ने 58 टेस्ट मैचों में 4,154 रन बनाए, जिसमें 9 शतक और 22 फिफ्टी शामिल हैं. उनका बेस्ट स्कोर 206 रन रहा. 2008-09 का दौर गंभीर के करियर का सुनहरा समय रहा, जब उन्होंने सिर्फ 13 टेस्ट में 1,861 रन बनाए और ICC टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर 2009 चुने गए. ये भी पढ़ें: ICC Rankings: वनडे में स्मृति मंधाना नंबर 1, टी20 के टॉप-10 में हिंदुस्तान के 3 बल्लेबाज; देखें लिस्ट 2011 वर्ल्ड कप हीरो  गंभीर ने 147 वनडे मैचों में 5,238 रन बनाए, जिसमें 11 शतक और 34 फिफ्टी शामिल हैं. उनका सबसे यादगार प्रदर्शन रहा 2011 वर्ल्ड कप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ 97 रन की पारी, जिसने हिंदुस्तान को 28 साल बाद विश्व कप जिताया. उनकी मिट्टी से सनी जर्सी आज भी उस जज़्बे की निशानी है, जब उन्होंने देश के लिए हर हाल में जीतने की ठान ली थी. टी20 के पहले स्टार  गंभीर ने हिंदुस्तान के लिए 37 टी20 इंटरनेशनल स्पोर्ट्से और 932 रन बनाए. 2007 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ उनकी 75 रन की पारी हिंदुस्तान की जीत की नींव साबित हुई. पूरे टूर्नामेंट में वह हिंदुस्तान के टॉप स्कोरर रहे, 227 रन के साथ. वो दौर था जब टी20 नया था, और गंभीर ने साबित किया कि वह किसी भी फॉर्मेट में मैच विजेता हैं. उनकी कप्तानी में आए 2 आईपीएल खिताब खिलाड़ी के तौर पर संन्यास लेने के बाद गंभीर ने कोच और मेंटर के रूप में भी अपनी पहचान बनाई. उनकी कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स ने 2012 और 2014 में आईपीएल खिताब जीते. साल 2024 में केकेआर के मेंटर के रूप में भी वह टीम की खिताबी सफलता का हिस्सा रहे. जुलाई 2024 में उन्हें हिंदुस्तानीय पुरुष क्रिकेट टीम का हेड कोच नियुक्त किया गया. ये भी पढ़ें: IPL 2027 में फिर कप्तानी करते दिख सकते हैं रोहित शर्मा, मुंबई इंडियंस में बड़े बदलाव की चर्चा तेज The post क्रिकेटर नहीं होते तो क्या करते गौतम गंभीर? 2 बार हिंदुस्तान को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले दिग्गज को आज भी इस बात का अफसोस appeared first on Naya Vichar.

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Old Monk पर क्यों मचा बवाल? FSSAI के एक्शन से कंपनी को 500 करोड़ का नुकसान!

एफएसएसएआई (FSSAI) ने ओल्ड मोंक (Old Monk) के नाम, फ्लेवर और बोतल पर लिखी कुछ बातों पर सवाल उठाए हैं. कंपनी का दावा है कि इस विवाद की वजह से उसे 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है. ऐसे में सवाल है कि आखिर सालों से बिक रही Old Monk पर अचानक आपत्ति क्यों? बोतल पर गलत जानकारी दी गयी है या फिर रम बनाने के तरीके की वजह से मामला फंसा है? आइए, आपको बताते हैं कि Old Monk और FSSAI के बीच पूरा विवाद क्या है? इस विवाद का कंपनी की बिक्री पर क्या असर पड़ सकता है? क्या है Old Monk? Old Monk हिंदुस्तान में रम का मशहूर ब्रांड है. इसकी शुरुआत साल 1954 में हुई थी. इसे मोहन मीकिन कंपनी बनाती है. गहरे रंग की बोतल, अलग स्वाद और वनीला जैसी खुशबू के लिए पहचानी जाने वाली Old Monk ने दशकों से बाजार में अपनी जगह बना रखी है. यह रम हिंदुस्तान में बनी शराब (Indian Made Foreign Liquor यानी IMFL) की श्रेणी में आती है. हालांकि, इन दिनों यह अपने स्वाद या लोकप्रियता की वजह से नहीं, FSSAI की आपत्ति और इसकी लेबलिंग से जुड़े विवादों के कारण चर्चा में है. Old Monk का इतिहास इसलिए बोतल पर यह साफ लिखा होना जरूरी है कि शराब किस तरह की है और उसमें क्या मिलाया गया है. इससे ग्राहक बोतल खरीदते समय सही जानकारी के आधार पर फैसला ले सकते हैं और किसी तरह की गलतफहमी से बच सकते हैं. बोतल पर लिखी जानकारी क्यों है जरूरी? शराब की बोतल पर लिखी जानकारी इसलिए जरूरी होती है, ताकि ग्राहक जान सकें कि वे क्या खरीद रहे हैं. बोतल पर उसकी एक्सपाइरी डेट, स्वाद और बनाने के तरीके से जुड़ी जानकारी दी जाती है. अगर ये दावे सही नहीं हैं या जानकारी साफ नहीं लिखी गई है, तो ग्राहक गलतफहमी का शिकार हो सकते हैं. इसलिए लेबल पर सही जानकारी देना जरूरी है, ताकि ग्राहक सोच-समझकर फैसला ले सकें. कंपनी ने अपने बचाव में क्या कहा? Old Monk बनाने वाली कंपनी ने बिक्री पर लगी रोक के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. कंपनी का दावा है कि इस रोक के चलते उसे 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है. वहीं, FSSAI ने शराब की कुछ किस्मों की लेबलिंग पर सवाल उठाए हैं. नियामक चाहता है कि इनकी बोतलों पर ‘Rum’ की जगह ‘Rum-like’ यानी ‘रम जैसा’ लिखा जाए, ताकि ग्राहकों को उत्पाद के बारे में सही जानकारी मिल सके. अब इस मामले में अदालत के फैसले पर सबकी नजर है. यह भी पढ़ें: सुबह चाय-बिस्किट छोड़ खाएं मुट्ठीभर भुनी मूंगफली, मिलेंगे ये फायदे The post Old Monk पर क्यों मचा बवाल? FSSAI के एक्शन से कंपनी को 500 करोड़ का नुकसान! appeared first on Naya Vichar.

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14 अक्टूबर सुबह की टॉप 20 खबरें : ममता बनर्जी पर चाकू से हमले की कोशिश, सौरव दास-आशुतोष रांका पर FIR; गुजरात निकाय चुनाव में BJP की धमाकेदार जीत

1. कोलकाता में चाकू लेकर आयी स्त्री ने ममता बनर्जी पर की हमले की कोशिश! तृणमूल ने पूर्व सीएम की सुरक्षा पर उठाये सवाल पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कालीघाट में चाकू के साथ आयी एक स्त्री ने हमला करने का प्रयास किया. घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस ने प्रशासन पर हमला तेज कर दिया है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 2. राहुल गांधी ने INDIA ब्लॉक के नेताओं से कहा, 24 घंटे रहो तैयार; जंतर-मंतर पर होगी आर-पार की लड़ाई राहुल गांधी ने INDIA ब्लॉक के नेताओं से 24 घंटे तैयार रहने को कहा है. विपक्ष ने जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थल से हटाने के फैसले का विरोध किया है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 3. केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन ने दिया इस्तीफा, राज्यसभा सदस्यता भी छोड़ी; पीएम मोदी को पत्र लिख बताया आगे का प्लान केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट 4. गुजरात निकाय चुनाव में BJP की जीत से अमित शाह खुश, राहुल गांधी से पूछा- क्या ये भी SIR का नतीजा है? केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात निकाय चुनावों में बीजेपी की जीत के बाद कांग्रेस और राहुल गांधी को निशाने पर लिया. जानें उन्होंने क्या कहा. 5. CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका पर FIR, जंतर-मंतर का गेट फांदकर घुसे थे अंदर जंतर-मंतर में CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की है. अनधिकृत प्रवेश पर हुई कार्रवाई में नेताओं को मंगलवार की सुबह हिरासत में लिया गया था. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 6. वैशाली में पलटी नाव, 8 लोगों की मौत, 20 युवक-शिशु सवार होकर जा रहे थे भोज खाने वैशाली जिले में बड़ा नाव हादसा. भोज जा रहे 20 युवक-शिशु पानी में डूबे, 8 की मौत. SDRF की टीम मौके पर. बचाव कार्य जारी. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 7. VIDEO: राहुल गांधी ने डीके शिवकुमार को कॉलर पकड़कर पीछे खींचा? वायरल वीडियो पर कर्नाटक CM ने तोड़ी चुप्पी दिल्ली में विपक्ष के मार्च के दौरान डीके शिवकुमार को धक्का दिए जाने का वीडियो वायरल होने पर विवाद बढ़ा गया है. कर्नाटक CM ने आरोप को खारिज कर दिया. जानिए क्या है पूरा मामला?पूरी समाचार यहां पढ़ें. 8. आतंकवाद के खिलाफ एक साथ आए BIMSTEC देश, हिंदुस्तान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह समझौता BIMSTEC देशों के गृह मंत्रियों की बैठक में आतंकवाद, ड्रग्स तस्करी, साइबर क्राइम और मानव तस्करी पर एक साथ कार्रवाई पर सहमति बनी. इस बैठक में पांच अहम समझौते और एक्शन प्लान को भी मंजूरी मिली. समझिए हिंदुस्तान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह समझौता. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 9. नया विचार की रिपोर्ट का असर: रिम्स के कैंसर भवन में बढ़ेगी सुरक्षा, दवा दलालों की दखलंदाजी रोकने की तैयारी नया विचार में समाचार छपने के बाद रिम्स प्रबंधन हरकत में आया है. कैंसर भवन में दवा दलालों की मनमानी रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने की तैयारी की जा रही है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 10. 13 साल बाद कर्मचारी को मिलेगा प्रमोशन का वित्तीय लाभ, झारखंड HC ने प्रशासन को दिया आदेश झारखंड HC का प्रोन्नति में देरी पर बड़ा फैसला. प्रशासनी गलती से कर्मचारी को वित्तीय लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता. मनोज कुमार सिंह को मिलेगा पूरा वित्तीय लाभ. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 11. बेगूसराय में स्त्री डॉक्टर पर एसिड अटैक, हॉस्पिटल से घर जाने के दौरान वारदात, युवक गिरफ्तार बेगूसराय में स्त्री MBBS डॉक्टर पर एसिड फेंकने का मामला सामने आया है. 12 अक्टूबर की रात बाइपास हरख रोड पर हुई घटना में पुलिस ने पीड़िता के बयान पर समस्तीपुर निवासी 30 वर्षीय गौतम झा को गिरफ्तार किया है. एसपी मनीष ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच के निर्देश दिए हैं. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 12. UP Success Story: BSc पास दो सहेलियों ने नौकरी छोड़ शुरू की फ्लोर मिल, 16 लाख लोन लेकर खड़ा किया ‘श्री कान्हा भोग’ का कारोबार बीएससी के बाद नौकरी का रास्ता छोड़कर लखीमपुर खीरी की दो सहेलियों ने फ्लोर मिल खोली. 16 लाख के लोन से आत्मनिर्भरता और रोजगार की मिसाल पेश की. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 13. CBSE 2027 Board Exam Schedule: 10वीं-12वीं की डेटशीट इस हफ्ते? पिछले साल कब जारी हुआ था शेड्यूल CBSE Board Exam Date Sheet 2027: CBSE 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2027 की डेटशीट का छात्रों को इंतजार है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इस हफ्ते टाइम टेबल जारी होने की संभावना जताई गई है, लेकिन बोर्ड ने अभी इसकी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है. जानें पिछले साल कब जारी हुआ था शेड्यूल और डेटशीट कहां चेक कर सकेंगे. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 14. दिवाली तक UPI पेमेंट पर नहीं लगेगा नया चार्ज, NPCI ने टाला फैसला UPI Payment: UPI पेमेंट पर नया चार्ज लगने का इंतजार अब थोड़ा और बढ़ गया है. दिवाली से पहले NPCI ने दुकानदारों को राहत देते हुए चुनिंदा डिजिटल भुगतान पर MDR शुल्क लगाने का फैसला टाल दिया है. अब यह नियम त्योहार के बाद लागू होगा. सबसे बड़ा सवाल है कि 2,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर किसे चार्ज देना पड़ेगा? पढ़ें पूरी रिपोर्ट 15. 2027 वर्ल्ड कप में रोहित-कोहली स्पोर्ट्सेंगे या नहीं? BCCI अध्यक्ष ने साफ किया चयन का फॉर्मूला 2027 वनडे विश्व कप के लिए रोहित और कोहली की जगह पर चर्चा. BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने कहा कि प्रदर्शन और फिटनेस ही चयन का मुख्य पैमाना होगा, उम्र नहीं. पढ़ें उन्होंने और क्या कहा. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 16. Delhi Protest: फेक न्यूज फैलाने वालों पर दिल्ली पुलिस का एक्शन, 500 पोस्ट हटाए गए; 4 से ज्यादा FIR; पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल भी रडार पर दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष के प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया पर कथित तौर पर अफवाह और भ्रामक समाचारें फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है. ANI के अनुसार, अब तक करीब 500 सोशल मीडिया पोस्ट हटाए जा चुके हैं. इसके अलावा, सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ चार से अधिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 17. पंजाब में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की

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लेबनान के पेजर धमाकों से फ्रांस के फ्रिज हैक तक, भारत की साइबर सुरक्षा कितनी तैयार है?

सोचिए, आप सुबह उठते हैं और समाचार मिलती है कि फ्रांस के कई सुपरमार्केट में फ्रिज काम नहीं कर रहे हैं. दूध और खाने-पीने की दूसरी चीजें खराब हो रही हैं. कुछ जगहों पर आग लगने की समाचार भी आ रही है. सबसे हैरानी की बात ये है कि इसके पीछे साइबर हमले की आशंका जताई जा रही है. अब आप सोचेंगे कि कोई फ्रिज पर साइबर अटैक करके क्या करेगा? आमतौर पर हम साइबर अटैक के बारे में सुनते हैं, तो लगता है कि किसी का सोशल मीडिया अकाउंट हैक हुआ होगा, बैंक से पैसे चोरी हुए होंगे या फिर किसी कंपनी का डेटा चोरी हुआ होगा. लेकिन आज के दौर में कंप्यूटर और इंटरनेट का इस्तेमाल सिर्फ मोबाइल और लैपटॉप तक ही सीमित नहीं रह गया है. इसका इस्तेमाल बड़ी-बड़ी कंपनियों के अलावा पावर प्लांट, अस्पताल, रेलवे, कारखाने और बड़े वेयरहाउस को चलने के लिए भी किया जाता है.ऐसे में अगर इन सिस्टम पर ही हमला हो जाए, तो नुकसान सिर्फ डेटा का ही नहीं, बल्कि आम लोगों की जिंदगी पर भी होगा. इसे समझने के लिए पहले चलते हैं लेबनान, जहां सितंबर 2024 में पेजर धमाकों ने पूरी दुनिया को चौंका दिया था. पहला पार्ट: जब लेबनान में अचानक फटने लगे पेजर 17 सितंबर 2024 को लेबनान में हजारों पेजर अचानक फटने लगे. अगले दिन वॉकी-टॉकी में भी धमाके हुए. पहले दिन करीब 3,000 लोग घायल हुए और कम से कम 12 लोगों की मौत हुई. अगले दिन भी कई लोगों की जान गई और सैकड़ों लोग घायल हुए. जांच में सामने आया कि पेजर के अंदर विस्फोटक छिपाकर उनसे पहले ही छेड़छाड़ की गई थी. इस हमले के पीछे इजरायल का हाथ होने की समाचारें आईं, लेकिन उसने खुले तौर पर इसकी जिम्मेदारी नहीं ली. इस घटना से पता चला कि खतरा सिर्फ मोबाइल या कंप्यूटर हैक होने से नहीं, बल्कि डिवाइस के साथ पहले ही छेड़छाड़ किए जाने से भी हो सकता है. इसलिए यह देखना भी जरूरी है कि कोई डिवाइस कहां बना और इस्तेमाल करने वाले तक कैसे पहुंचा. अब आप सोच रहे होंगे कि पेजर और फ्रिज का आपस में क्या संबंध है? दोनों घटनाओं का तरीका अलग था. लेकिन दोनों हमें बताते हैं कि तकनीक से जुड़ा खतरा सिर्फ स्क्रीन पर दिखाई देने वाली चीजों तक सीमित नहीं है. कभी खतरा डिवाइस के अंदर छेड़छाड़ से पैदा हो सकता है, तो कभी उस सिस्टम से जो किसी मशीन को चला रहा है. और इसी बात को समझने के लिए फ्रांस की समाचार समझते हैं. ये भी पढ़ें: The post लेबनान के पेजर धमाकों से फ्रांस के फ्रिज हैक तक, हिंदुस्तान की साइबर सुरक्षा कितनी तैयार है? appeared first on Naya Vichar.

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आइआइटी के शोधकर्ताओं का बड़ा कमाल: दृश्य प्रकाश से तैयार होगी जीवनरक्षक दवाएं, देश को मिला नया पेटेंट

धनबाद. आइआइटी आइएसएम धनबाद के शोधकर्ताओं ने उपयोगी रासायनिक यौगिक तैयार करने की एक नयी विधि विकसित की है. हिंदुस्तान प्रशासन के पेटेंट कार्यालय ने इस तकनीक को पेटेंट प्रदान किया है. इस विधि में दृश्य प्रकाश की मदद से रासायनिक प्रतिक्रिया कराकर बीटा-अमीनो एल्डिहाइड जैसे यौगिक तैयार किये जा सकते हैं. भविष्य में यह तकनीक दवा अनुसंधान और अन्य उपयोगी रासायनिक पदार्थों के विकास में सहायक हो सकती है. ये भी पढ़ें: धनबाद के युवाओं के लिए बड़ा मौका: सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज में तकनीकी विचारों को मिलेगा पंख पेटेंट का नंबर 603073 है. इसके लिए 18 जून 2025 को आवेदन किया गया था, जबकि 18 सितंबर 2026 को पेटेंट प्रदान किया गया. इस तकनीक को आइआइटी आइएसएम के रसायन विज्ञान एवं रासायनिक जीवविज्ञान विभाग के डॉ. सौमित्र मैती और प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप के शोधार्थी पार्थ प्रतिम मंडल ने विकसित किया है. दृश्य प्रकाश से रासायनिक प्रतिक्रिया कराने की विधि शोध का उद्देश्य ऐसे रासायनिक यौगिक तैयार करने की विधि विकसित करना है, जिनका इस्तेमाल आगे दूसरे उपयोगी पदार्थों के निर्माण में किया जा सके. शोधकर्ताओं ने एक विशेष रासायनिक पदार्थ विकसित किया है, जिसकी मदद से एल्कीन नामक यौगिकों पर दृश्य प्रकाश के जरिये प्रतिक्रिया करायी जाती है. इस प्रक्रिया से बीटा-अमीनो एल्डिहाइड जैसे यौगिक तैयार करने में मदद मिलती है. प्रो. सौमित्र मेटी यह पेटेंट आइआइटी आइएसएम में रासायनिक विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे शोध को रेखांकित करता है. नयी विधि से भविष्य में उपयोगी रासायनिक यौगिकों के निर्माण के लिए शोध के नए रास्ते खुल सकते हैं. The post आइआइटी के शोधकर्ताओं का बड़ा कमाल: दृश्य प्रकाश से तैयार होगी जीवनरक्षक दवाएं, देश को मिला नया पेटेंट appeared first on Naya Vichar.

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