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Author name: Vinod Jha

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Vrindavan : यमुना नदी में नाव पलटी, 6 श्रद्धालुओं की मौत

Vrindavan : उत्तर प्रदेश के वृंदावन में बड़ा हादसा हो गया. यहां श्रद्धालुओं से भरी एक नाव यमुना नदी में पलट गई. इस दुर्घटना में 6 लोगों की मौत की पुष्टि जिला प्रशासन ने की है, जबकि 14 से अधिक लोगों को बचा लिया गया. हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए तुरंत रेस्क्यू अभियान तेज करने के निर्देश दिए. प्रशासन और राहत टीमें मौके पर लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं. Six dead, several missing after tourist boat capsizes in Yamuna in Mathura: DM Chandra Prakash Singh. pic.twitter.com/6VKAHqgU59 — Press Trust of India (@PTI_News) April 10, 2026 जानकारी के अनुसार, पंजाब से आए श्रद्धालु यमुना नदी में घूमने के लिए मोटर बोट पर सवार थे, लेकिन अचानक बोट असंतुलित होकर पलट गई. इसमें सभी लोग नदी में गिर गए. जनपद मथुरा में नाव पलटने से हुई दुर्घटना में जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव व राहत कार्य संचालित करने और घायलों का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं। प्रभु श्री राम… — Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 10, 2026 दिल को झकझोर देने वाली है ये घटना : सीएम योगी सीएम योगी ने एक्स पर लिखा कि जनपद मथुरा में नाव पलटने से हुई मौतें बेहद दुखद और दिल को झकझोर देने वाली हैं. उन्होंने कहा कि इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं. उन्होंने अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य तेज करने और घायलों का बेहतर इलाज कराने के निर्देश दिए. साथ ही उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की. The post Vrindavan : यमुना नदी में नाव पलटी, 6 श्रद्धालुओं की मौत appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में 90 लाख लोगों को मिलेगा वोटिंग का हक? वोटर लिस्ट फ्रीज मामले पर सुप्रीम कोर्ट में 13 को महा-सुनवाई

Supreme Court Bengal Voter List Hearing: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान (23 अप्रैल) से ठीक पहले एक बड़ी कानूनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट पहुंच गयी है. निर्वाचन आयोग (ECI) के द्वारा मतदाता सूची (Voter List) को ‘फ्रीज’ करने के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर अब देश की सर्वोच्च अदालत 13 अप्रैल को सुनवाई करेगी. इस सुनवाई का सीधा असर उन लाखों लोगों पर पड़ेगा, जिनके नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान वोटर लिस्ट से हटा दिये गये थे. क्या है वोटर लिस्ट फ्रीज होने का मतलब? निर्वाचन आयोग ने 9 अप्रैल को उन विधानसभा सीटों के लिए मतदाता सूची को अंतिम रूप (Freeze) दे दिया है, जहां पहले चरण में मतदान होना है. इसका तकनीकी अर्थ यह है कि अब इस सूची में कोई नया नाम नहीं जोड़ा जा सकता. जिन लोगों के नाम हटाये गये हैं और जिनकी अपीलें अभी लंबित हैं, वे मौजूदा चुनाव में अपने मताधिकार से वंचित रह सकते हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें सुप्रीम कोर्ट में तीखी बहस- वोट देने का अधिकार स्थायी शुक्रवार को प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ के सामने वकील ने दलील दी कि जब हजारों अपीलें अभी अदालतों और न्यायाधिकरणों में लंबित हैं, तो आयोग सूची को फ्रीज कैसे कर सकता है? न्यायमूर्ति बागची की टिप्पणी : सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बागची ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि चुनाव के संदर्भ में एक कट-ऑफ तारीख होती है, लेकिन इसके पीछे भविष्य के चुनावों में वोट देने का संवैधानिक अधिकार है, जो कहीं अधिक महत्वपूर्ण और स्थायी है.चुनाव आयोग का तर्क : आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डीएस नायडू ने कहा कि 9 अप्रैल की तारीख निकल चुकी है और अब किसी नये व्यक्ति को शामिल करना संभव नहीं है. हालांकि, CJI ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को स्थायी रूप से वंचित नहीं किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें : बंगाल में 91 लाख वोटर ‘गायब’, 120 सीटों का बिगड़ा गणित! SIR ने उड़ायी टीएमसी और भाजपा की नींद इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव से पहले दिल्ली में हाई वोल्टेज ड्रामा, CEC ने चले जाने को कहा या TMC नेता चिल्लाए? 60 लाख दावों का निपटारा, 19 ट्रिब्यूनल्स पर नजर कोर्ट ने पहले ही बताया था कि पश्चिम बंगाल में जारी SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटाये गये लोगों के लगभग 60 लाख दावों और आपत्तियों का निपटारा किया जा चुका है. सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को एक तीन सदस्यीय विशेष पैनल गठित करने का निर्देश दिया है, जो 19 न्यायाधिकरणों (Tribunals) के लिए एक समान प्रक्रिया तय करेगा, ताकि अपीलों का फैसला निष्पक्ष तरीके से हो सके. इसे भी पढ़ें : अमित शाह ने जारी किया बीजेपी का संकल्प पत्र, बंगाल के सीएम पर किया बड़ा ऐलान, कहा- 6 महीने में लागू करेंगे UCC ममता बनर्जी ने किया है बड़ा दावा ममता बनर्जी पहले ही दावा कर चुकी हैं कि बंगाल में 90 लाख नाम काटे गये हैं, जिनमें से 60 लाख हिंदू और 30 लाख मुसलमान हैं. अब 13 अप्रैल की सुनवाई यह तय करेगी कि इन लोगों को 23 और 29 अप्रैल को होने वाले चुनाव में वोट डालने का मौका मिलेगा या नहीं. इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव 2026: मतुआ वोट बैंक में सेंध लगा पायेगी भाजपा? SIR ने बढ़ायी बेचैनी बंगाल चुनाव 2026: 63 लाख वोटर गायब और ‘अस्मिता’ की जंग, ममता बनर्जी बचा पायेंगी अपना किला? वोटर लिस्ट पर सुप्रीम कोर्ट का आधी रात वाला अल्टीमेटम, आज ही होगा 60 लाख दावों पर फैसला SIR पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- बंगाल से ज्यादा नाम कटने वाले राज्यों में नहीं हुआ मुकदमा The post बंगाल में 90 लाख लोगों को मिलेगा वोटिंग का हक? वोटर लिस्ट फ्रीज मामले पर सुप्रीम कोर्ट में 13 को महा-सुनवाई appeared first on Naya Vichar.

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धोनी को अपनी प्रेरणा मानते हैं मुकुल चौधरी,लखनऊ सुपर जायंट्स को दिलाई अंतिम गेंद पर जीत

Mukul Choudhary IPL : कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ लखनऊ सुपर जायंट्‌स को रोमांचक जीत दिलाने वाले मुकुल चौधरी कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी को अपना आदर्श मानते हैं. मुकुल ने इस मैच में महज 27 गेंदों में 54 रन बनाए और अंतिम ओवर में उन्होंने 12 रन बटोरे. मुकुल की पारी में 7 छक्के और 2 चौके शामिल हैं. धोनी के फिनिशिंग अंदाज के हैं कायल अपनी 54 रन की पारी में मुकुल ने सात छक्के लगाए, जिनमें एक हेलीकॉप्टर शॉट भी शामिल था. इस शाॅट ने सबको धोनी की याद दिला दी. मुकुल ने बताया कि वह बचपन से इस शॉट की प्रैक्टिस करते आ रहे हैं और धोनी के फिनिशिंग अंदाज से काफी प्रभावित रहे हैं. उन्होंने अपनी इस शानदार पारी को धोनी और अपने पिता को समर्पित किया. मुकुल ने कहा कि मैं बस अपने शॉट्स स्पोर्ट्सने पर फोकस करता हूं. अगर बॉल मेरे एरिया में आती है, तो मैं उसे हिट करता हूं, बाकी, जो भी होगा मैं उसपर ज्यादा सोचता हूं. पंत ने भरोसा जताया, जिससे आत्मविश्वास बढ़ा मुकुल चौधरी अपने करियर का तीसरा आईपीएल मैच स्पोर्ट्स रहे थे, लेकिन उन्होंने दबाव भरे हालात में जिस संयम और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया, वह काबिले तारीफ रहा. मैच के बाद मीडिया से बात करते हुए मुकुल ने कहा कि कप्तान ऋषभ पंत और कोच जस्टिन लैंगर ने उन पर जो भरोसा जताया, उससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा. पंत ने उन्हें सलाह दी कि ज्यादा मत सोचो, अपने प्रोसेस पर भरोसा रखो और गेंद को देखकर स्पोर्ट्सो. इस सलाह ने मुकुल को दबाव से बाहर निकलने में मदद की. ये भी पढ़ें : लखनऊ की जीत का जश्न आवेश खान ने बिना हेलमेट के मनाया, तो दर्शकों को याद आया 2023 का विवाद The post धोनी को अपनी प्रेरणा मानते हैं मुकुल चौधरी,लखनऊ सुपर जायंट्स को दिलाई अंतिम गेंद पर जीत appeared first on Naya Vichar.

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ईरान का पाकिस्तान जाने से इनकार; कहा- अमेरिका से बातचीत की खबरें झूठी हैं

Iran Denies Pakistan Visit: ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में होने वाली कथित गुप्त बातचीत को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. ईरान की प्रशासनी मीडिया ने उन अंतरराष्ट्रीय समाचारों को पूरी तरह गलत बताया है, जिनमें कहा जा रहा था कि ईरानी अधिकारी बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंचे हैं. ईरान की न्यूज एजेंसी ‘तसनीम’ और प्रशासनी ब्रॉडकास्टर ‘प्रेस टीवी’ ने शुक्रवार को साफ किया कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालीबाफ ईरान में ही हैं. उन्होंने देश छोड़कर पाकिस्तान जाने की समाचारों को झूठा बताया है. ईरान की ‘फार्स न्यूज एजेंसी’ ने भी ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया. ईरान का कहना है कि जब तक लेबनान में इजरायली हमले नहीं रुकते और अमेरिका युद्धविराम का वादा पूरा नहीं करता, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी. पाकिस्तान में हाई अलर्ट और तैयारी ईरान के इनकार के बावजूद पाकिस्तान इस बैठक की तैयारी में जुटा है. पाकिस्तान के डिप्टी पीएम इशाक डार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि इस्लामाबाद आने वाले डेलिगेट्स और पत्रकारों के लिए वीजा नियमों में ढील दी गई है. ‘डॉन’ अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी इस्लामाबाद को रेड-अलर्ट पर रखा गया है और सुरक्षा के लिए 10,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि ये बातचीत कब शुरू होगी. #WATCH | Pakistan: Islamabad declared a two-day public holiday ahead of expected U.S.–Iran talks, as authorities implemented strict security measures to decrease human activity in the city. Police set up checkpoints across the city on Thursday (April 9), especially around the Red… pic.twitter.com/LN599saPBr — ANI (@ANI) April 10, 2026 इजरायल और पाकिस्तान के बीच जुबानी जंग इस बीच, इजरायल ने पाकिस्तान के मध्यस्थ (मीडिएटर) बनने की कोशिशों पर नाराजगी जताई है. अमेरिका में इजरायली दूत येचिएल लेइटर ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयानों की आलोचना की. इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी सख्त लहजे में कहा कि पाकिस्तान एक तरफ शांति की बात कर रहा है और दूसरी तरफ इजरायल के खत्म होने की दुआ कर रहा है. विवाद की वजह बना ख्वाजा आसिफ का पोस्ट पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक्स पर एक विवादित पोस्ट किया था. उन्होंने इजरायल को ‘मानवता के लिए अभिशाप’ बताया और आरोप लगाया कि जब इस्लामाबाद में शांति की बात हो रही है, तब इजरायल लेबनान में नरसंहार कर रहा है. उन्होंने इजरायल को ‘कैंसर’ जैसा राज्य भी कहा. ये भी पढ़ें: शांति वार्ता के लिए जेडी वेंस पाकिस्तान रवाना, 11 अप्रैल को हो सकती है ईरान के साथ बातचीत ‼️🇵🇰 UNREAL:Israel slams Pakistan after Defense Minister Khawaja Asif calls Israel “evil and a curse for humanity,” “cancerous,” and says he hopes those who created it “burn in hell.” PM Benjamin Netanyahu’s office: “call for Israel’s annihilation is outrageous.” FM Gideon… pic.twitter.com/iAQZfBpd4H — Mossad Commentary (@MOSSADil) April 9, 2026 इस बयान के बाद शांति वार्ताओं पर संकट गहरा गया है. इससे पहले पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने दावा किया था कि लेबनान भी शांति समझौते का हिस्सा है, जिसे डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू ने खारिज कर दिया था. ये भी पढ़ें: पाकिस्तानी रक्षामंत्री के ‘कैंसर’ वाले बयान से भड़का इजराइल, पीएम नेतन्याहू ने दिया जवाब The post ईरान का पाकिस्तान जाने से इनकार; कहा- अमेरिका से बातचीत की समाचारें झूठी हैं appeared first on Naya Vichar.

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क्या गुवाहाटी में बारिश बनेगी विलेन? राजस्थान-बेंगलुरु मैच से पहले जानें पिच और मौसम की रिपोर्ट

Highlights गुवाहाटी में कैसा रहेगा मौसम? बरसापारा की पिच रिपोर्ट मैच में टॉस की भूमिका  किन प्लेयर्स का दिखेगा जलवा RR vs RCB: आईपीएल 2026 का 16वां मैच 10 अप्रैल को राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा. दोनों टीमें इस सीजन में अब तक अजेय हैं. राजस्थान ने 3 मैच स्पोर्ट्सकर तीनों जीते हैं और अंक तालिका में पहले स्थान पर है. बेंगलुरु ने भी अपने दोनों मैच जीते हैं और तीसरे नंबर पर है. आज किसी एक टीम का विजयी रथ रुकना तय है. राजस्थान ने अपने पिछले मैच में मुंबई इंडियंस को 27 रन से हराकर जीत दर्ज की थी. वहीं बेंगलुरु की टीम भी शानदार फॉर्म में है और चेन्नई के खिलाफ 250 रन बनाकर आ रही है. RR vs RCB: गुवाहाटी में कैसा रहेगा मौसम? गुवाहाटी में शुक्रवार को दिन का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा. मैच शाम को है, इसलिए उस समय तापमान 25 से 26 डिग्री तक गिर सकता है. रात में मौसम काफी ठंडा होगा और तापमान 17 डिग्री तक जा सकता है. मौसम विभाग के अनुसार हल्की बारिश की 10 से 15 प्रतिशत संभावना है. इससे मैच में कोई खास बाधा नहीं आएगी और पूरा स्पोर्ट्स बिना रुके देखने को मिलेगा. सबसे प्रमुख चुनौती उमस होगी, जो 70 से 85 प्रतिशत के बीच रह सकती है. इतनी ज्यादा उमस से प्लेयर्स को काफी पसीना आएगा और उन्हें थकान से बचना होगा. RR vs RCB: बरसापारा की पिच रिपोर्ट गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए बहुत अच्छी मानी जाती है. यह पिच एकदम सपाट और सख्त है, जिससे गेंद बल्ले पर काफी अच्छी तरह आती है. तेज गेंदबाजों को नई गेंद से शुरुआत में कुछ मदद मिल सकती है. इसके बाद बल्लेबाजों को रन बनाने में कोई परेशानी नहीं होगी. दूसरी पारी में मैदान पर ओस गिरने की पूरी संभावना है. ओस के कारण स्पिन गेंदबाजों को गेंद ग्रिप करने में बहुत दिक्कत होगी. RR vs RCB: मैच में टॉस की भूमिका  इस मैदान पर टॉस काफी अहम साबित होगा. ओस के असर को देखते हुए जो भी कप्तान टॉस जीतेगा, वह पहले गेंदबाजी करना पसंद करेगा. बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम को ओस का सीधा फायदा मिलेगा. बरसापारा स्टेडियम में पहली पारी का औसत स्कोर 167 रन है. दोनों टीमों के पास काफी आक्रामक बल्लेबाज हैं, इसलिए आज एक विशाल स्कोर देखने को मिल सकता है. पिच पर उछाल समान रहता है, जो आक्रामक शॉट स्पोर्ट्सने में मदद करता है. RR vs RCB: किन प्लेयर्स का दिखेगा जलवा इस मैच में दोनों टीमों के पास बेहतरीन बल्लेबाज हैं. राजस्थान की तरफ से यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी तेज शुरुआत दे सकते हैं. तेज गेंदबाज नांद्रे बर्गर और संदीप शर्मा का मिश्रण टीम की गेंदबाजी को मजबूत बनाता है. वहीं बेंगलुरु के पास विराट कोहली, फिल साल्ट, देवदत्त पडिक्कल और टिम डेविड जैसे आक्रामक बल्लेबाज हैं, जो किसी भी लक्ष्य को छोटा साबित कर सकते हैं. दोनों अजेय टीमों के बीच आज एक शानदार क्रिकेट मैच होने की उम्मीद है. ये भी पढ़ें- लखनऊ की जीत का जश्न आवेश खान ने बिना हेलमेट के मनाया, तो दर्शकों को याद आया 2023 का विवाद KKR vs LSG: मुकुल चौधरी के तूफान में उड़ा केकेआर, नहीं नसीब हुई पहली जीत The post क्या गुवाहाटी में बारिश बनेगी विलेन? राजस्थान-बेंगलुरु मैच से पहले जानें पिच और मौसम की रिपोर्ट appeared first on Naya Vichar.

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असम बोर्ड 10वीं का रिजल्ट जारी, resultsassam.nic.in पर करें चेक

Assam HSLC Result 2026: असम स्टेट स्कूल एजुकेशन बोर्ड की तरफ से 10वीं का रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट asseb.in, sebaonline.org और resultsassam.nic.in पर जारी किया गया है. छात्र अपने रोल नंबर और डेट ऑफ बर्थ की मदद से मार्कशीट चेक कर सकते हैं. बता दें कि इस साल कुल 4.38 लाख छात्रों ने 10वीं के बोर्ड एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था. Assam HSLC Result 2026: ऐसे करें चेक सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट Assam State School Education Board की साइट asseb.in, sebaonline.org या resultsassam.nic.in पर जाएं. होमपेज पर “HSLC Result 2026” या “Class 10 Result” के लिंक पर क्लिक करें. अब आपके सामने रिजल्ट चेक करने का पेज खुल जाएगा. यहां अपना रोल नंबर और डेट ऑफ बर्थ दर्ज करें. सबमिट बटन पर क्लिक करें. आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा. रिजल्ट डाउनलोड करें और भविष्य के लिए उसका प्रिंटआउट भी ले लें. Assam HSLC Result 2026 Direct Link Check Here असम बोर्ड की तरफ से कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 10 फरवरी से 27 फरवरी 2026 के बीच आयोजित की थीं. इस साल करीब 4.38 लाख छात्र इस परीक्षा में शामिल हुए थे. सभी का रिजल्ट एक साथ जारी किया गया है. Assam Board Result Link एक्टिव हो गया मिलेगा कंपार्टमेंट का मौका SEBA के नियम के मुताबिक वही छात्र कंपार्टमेंट परीक्षा दे सकते हैं जो ज्यादा से ज्यादा 3 विषयों में फेल हुए हों और कुल मिलाकर कम से कम 170 नंबर लाए हों. यह परीक्षा सिर्फ थ्योरी पेपर के लिए होती है. पिछले साल कंपार्टमेंट एग्जाम 23 मई से 29 मई के बीच हुए थे और उनका रिजल्ट 16 जून को जारी किया गया था. यह भी पढ़ें: CBSE बोर्ड 10वीं का रिजल्ट जल्द, इन वेबसाइट्स पर कर सकेंगे चेक The post असम बोर्ड 10वीं का रिजल्ट जारी, resultsassam.nic.in पर करें चेक appeared first on Naya Vichar.

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सीएम नीतीश के राज्यसभा सांसद बनने पर मांझी बोले- शपथ लेने की बधाई नहीं दूंगा

CM Nitish Kumar: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शपथ ग्रहण के बाद राज्यसभा सांसद बन गए हैं. सीएम नीतीश अब केंद्र की नेतृत्व करेंगे. राज्यसभा का सदस्य बनने के बाद सीएम नीतीश को लगातार बधाइयां मिल रही हैं. इस बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स के जरिए पोस्ट शेयर कर लिखा, बिहार विल मिस यू नीतीश जी. मांझी ने एक्स पोस्ट में क्या लिखा? अपने एक्स पोस्ट में जीतन राम मांझी ने लिखा, आज मैं नीतीश जी को राज्यसभा के सदस्य के तौर पर शपथ लेने की बधाई नहीं दूंगा. बस इतना कहूंगा, ‘बिहार विल मिस यू नीतीश जी. ये मैं ही नहीं पूरे बिहार की जनता कह रही है.’ इस तरह से जीतन राम मांझी ने एक अलग ही अंदाज में सीएम नीतीश कुमार के लिए अनोखी बात कही. आज मैं नीतीश जी को राज्यसभा के सदस्य के तौर पर शपथ लेने की बधाई नहीं दूँगा।बस इतना कहूँगा।“बिहार विल मिस यू नीतीश जी।”ये मैं ही नहीं पूरे बिहार की जनता कह रही है।@NitishKumar @VPIndia — Jitan Ram Manjhi (@jitanrmanjhi) April 10, 2026 इमोशनल हुए जीतन राम मांझी इससे पहले जीतन राम मांझी कई बार सीएम नीतीश को राज्यसभा जाने पर बधाई दे चुके हैं. इस बीच आज इमोशनल होते हुए उन्होंने सीएम नीतीश कुमार के लिए एक्स के जरिए अपनी बात रखी. जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज ही पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात कर सकते हैं. पीएम मोदी ने भी दी बधाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सीएम नीतीश कुमार के एक्स पर पोस्ट शेयर कर बधाई दी. पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, ‘नीतीश कुमार जी देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं. सुशासन को लेकर उनकी प्रतिबद्धता की हर तरफ सराहना हुई है. उन्होंने बिहार के विकास में अमिट योगदान दिया है. उन्हें एक बार फिर संसद में देखना बहुत सुखद होगा.’ आगे उन्होंने यह भी कहा, ‘सांसद और केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उन्होंने कई वर्षों तक अपनी सेवाएं दी हैं. मुझे पूरा विश्वास है कि उनके लंबे नेतृत्वक अनुभव से संसद की गरिमा और बढ़ेगी. राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने पर उन्हें हार्दिक बधाई और आगे के कार्यकाल के लिए ढेरों शुभकामनाएं.’ Also Read: बिहार विधानसभा को RDX से उड़ाने की मिली धमकी, बम स्क्वायड की टीम जांच के लिए पहुंची The post सीएम नीतीश के राज्यसभा सांसद बनने पर मांझी बोले- शपथ लेने की बधाई नहीं दूंगा appeared first on Naya Vichar.

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रांची के सदर अस्पताल में नवजातों में हृदय रोग की जांच शुरू, 11 अप्रैल तक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर

रांची से विपिन सिंह की रिपोर्ट Ranchi Sadar Hospital: झारखंड की राजधानी रांची स्थित सदर अस्पताल में शुक्रवार को जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) से पीड़ित बच्चों के लिए एक विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया. कांगेनिटल हार्ट डिजीज बीमारी की पहचान और जांच के लिए आयोजित यह शिविर 10 और 11 अप्रैल तक चलेगा. इसका उद्देश्य हिंदुस्तान में हर साल दो लाख से ज्यादा जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) से ग्रसित बच्चों की शीघ्र पहचान और उनका निःशुल्क इलाज करना है. इस शिविर में जांच (स्क्रीनिंग), परामर्श और चिह्नित बच्चों के हृदय ऑपरेशन (सर्जरी) की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क है. गिफ्ट ऑफ लाइफ के तहत लगाया गया शिविर झारखंड प्रशासन के शिविर स्वास्थ्य विभाग के “गिफ्ट ऑफ लाइफ” कार्यक्रम के तहत आयोजित किया जा रहा है. इसमें शिशुरोग विशेषज्ञ चिकित्सकों को “केयरिंग फॉर चिल्ड्रन विद हार्ट डिजीज : एसेंशियल फैक्ट्स” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित किया जा रहा है. इस विशेष शिविर के पहले दिन राज्य के विभिन्न जिलों से हृदय में जन्मजात छेद वाले चिह्नित बच्चों को इस शिविर में अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बच्चों की जांच की गई. इस दौरान अभिभावकों को आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराया गया. इस पहल का उद्देश्य जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान एवं बेहतर उपचार सुनिश्चित करना है. नन्हें मासूमों का हृदय रोग परीक्षण इस विशेष शिविर में विशेषज्ञों द्वारा इको एवं अन्य जांच के माध्यम से बच्चों के हृदय रोग का परीक्षण किया जाएगा एवं जांच के बाद जिन बच्चों में सर्जरी की आवश्यकता पाई गई उनका निशुल्क ऑपरेशन (सर्जरी ) अमृता हॉस्पिटल, कोच्ची में कराया जायेगा. सर्जरी के बाद फॉलोअप भी किया जाएगा. 500 बच्चों के इलाज का लक्ष्य इस शिविर में लगभग 500 बच्चों के स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है. यह पूरी प्रक्रिया निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है. बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी आने जाने ठहरने आदि की निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. महत्वपूर्ण जानकारी जन्म के बाद उभरने लगती है परेशानी: कुछ दोष बहुत मामूली होते हैं जो अपने आप ठीक हो सकते हैं, जबकि कुछ गंभीर होते हैं जिनके लिए तुरंत सर्जरी की आवश्यकता होती है. लक्षण: सांस लेने में तकलीफ, दूध पीते समय हांफना, त्वचा का नीला पड़ना, बहुत पसीना आना और वजन न बढ़ना इसके मुख्य लक्षण हैं. निदान और उपचार : इसका पता गर्भावस्था के दौरान अल्ट्रासाउंड या जन्म के बाद इकोकार्डियोग्राफी (इको) से लगाया जा सकता है. इसका मुख्य उपचार दवाएं, कैथीटेराइजेशन या ओपन-हार्ट सर्जरी है. बच्चों में किन लक्षणों के बाद डॉक्टर को दिखाएं त्वचा, होंठ या नाखूनों का नीला या पीला पड़ना (साइनोसिस) कम वजन, ग्रोथ में कमी, दूध पीते-पीते हांफना या सांसें तेज होना – थक जाना वजन न बढ़ना या शारीरिक विकास रुकना, तेज धड़कन या सांस लेने में तकलीफ नवजात में क्यों होती है बीमारी कांगेनिटल हार्ट डिजीज (सीएचडी), जिसे जन्मजात हृदय रोग भी कहते हैं, जन्म के समय हृदय की संरचना (स्ट्रक्चर) में खराबी या दोष को कहते हैं. यह समस्या तब पैदा होती है, जब गर्भावस्था के दौरान शिशु का दिल सामान्य रूप से विकसित नहीं हो पाता है. यह बच्चों में जन्मजात दोषों का सबसे आम प्रकार है, जो लगभग 100 में से 1 या 2 शिशुओं को प्रभावित करता है. हिंदुस्तान में हर साल करीब 2,00000 लाख शिशु इस बीमारी की परेशानियों से गुजरते हैं. क्या कहते हैं अभियान निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि झारखंड के सुदूरवर्ती इलाकों के लोगों में जागरूकता नहीं रहने के चलते रोग का सही समय पर चिन्हित नहीं हो पाता है. निःशुल्क ऑपरेशन के लिए मां अमृता हॉस्पिटल के साथ नॉन फाइनेंशियल एमओयू किया गया है. सत्य साईं अस्पताल भी अलग से उपचार कर रहा है. झारखंड में यह दूसरा कैंप है. रोटरी सहित अन्य एनजीओ मरीजों परिजनों को आने-जाने के खर्च में मदद कर रहे हैं, यह उनकी ओर से बड़ा सहयोग है. इसे भी पढ़ें: बॉलीवुड की सोना महापात्र के लाइव कॉन्सर्ट में झूमेंगे सरायकेला के लोग, 11 अप्रैल से छऊ महोत्सव क्या कहते हैं चिकित्सक मां अमृता हॉस्पिटल के पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी के प्रोफेसर और हेड डॉ कृष्ण कुमार ने कहा कि 1000 में आठ शिशु इस तरह की बीमारियों के साथ पैदा लेते हैं, जिनका समय पर उपचार जरूरी है. अत्यधिक गंभीर (हार्ट नीलापन) के मामलों में एक साल के अंदर आमतौर सर्जरी करा लेनी चाहिए. कॉरपोरेट अस्पताल में इनका ऑपरेशन खर्च 3 से 5 लाख तक या उससे ज्यादा भी आ सकता है. पोस्ट सर्जरी 90% नॉर्मल लाइफ जी पाते हैं. इसे भी पढ़ें: कॉपी प्रिंटिंग के छोटे व्यवसाय ने बदल दी हजारीबाग की कंचन की जिंदगी, समाज के लिए बनीं प्रेरणा The post रांची के सदर अस्पताल में नवजातों में हृदय रोग की जांच शुरू, 11 अप्रैल तक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर appeared first on Naya Vichar.

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घर से भारी नकदी बरामदगी के एक साल बाद जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा

Yashwant Varma Resigns : यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित प्रशासनी आवास पर कथित तौर पर बेहिसाब नकदी मिलने के विवाद के करीब एक साल बाद यह फैसला उनकी ओर से लिया गया. 9 अप्रैल को राष्ट्रपति को भेजे इस्तीफे में जस्टिस यशवंत वर्मा ने लिखा कि वह कारणों का बोझ राष्ट्रपति पर नहीं डालना चाहते. उन्होंने कहा कि बेहद दुख के साथ वह तुरंत प्रभाव से इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज पद से इस्तीफा दे रहे हैं और इस पद पर सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात रही है. पिछले साल 14 मार्च 2025 को नई दिल्ली में जस्टिस वर्मा के प्रशासनी आवास पर जले हुए नोटों के बंडल मिले थे. इसके बाद उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट वापस भेज दिया गया था. वर्मा को काफी पहले दे देना चाहिए था इस्तीफा : बार एसोसिएशन इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के इस्तीफे पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने शुक्रवार (10 अप्रैल) को कहा कि उन्हें काफी पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था. उन्होंने कहा कि यशवंत वर्मा को इस्तीफा ही देना था तो काफी पहले दे देते… यह हम सभी के लिए बेहतर रहता. इससे झूठमूठ का विवाद पैदा होता रहा. इससे सभी की, हाई कोर्ट, पूरी न्यायपालिका और स्वयं उनकी भी छवि धूमिल हुई. यह भी पढ़ें : Justice Yashwant Varma Case : कैश कांड में फंसे जस्टिस यशवंत वर्मा को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका राकेश पांडेय ने कहा कि अगर वह लड़ रहे थे तो उन्हें लड़ते रहना चाहिए था, और अगर इस्तीफा देना था तो इसे शुरू में ही दिया जा सकता था. उन्होंने अब जाकर इस्तीफा दिया है तो भी यह स्वागत योग्य कदम है… उन्होंने समझदारी का काम किया. यह भी पढ़ें : Justice Yashwant Varma: कौन हैं दिल्ली हाईकोर्ट के जज यशवंत वर्मा? जिनके बंगले में मिला कैश भंडार  The post घर से भारी नकदी बरामदगी के एक साल बाद जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा appeared first on Naya Vichar.

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क्या ज्यादा एंटीना वाला WiFi राउटर फास्ट इंटरनेट देता है? घर में लगवाने से पहले जानें सच्चाई

जब हम नया WiFi राउटर लेने जाते हैं, तो सबसे पहले हमारी नजर उसके एंटीना पर ही जाती है. हम ऐसा सोच लेते हैं कि जितने ज्यादा एंटीना होंगे, उतनी ही ज्यादा स्पीड मिलेगी. लेकिन असल कहानी थोड़ी अलग है. कई बार स्लो इंटरनेट की परेशानी में लोग तुरंत ज्यादा एंटीना वाला राउटर खरीद लेते हैं, ये मानकर कि इससे स्पीड बढ़ जाएगी. हकीकत ये है कि सिर्फ एंटीना बढ़ाने से इंटरनेट तेज हो जाएगा, ये जरूरी नहीं है. तो फिर असली फर्क कहां पड़ता है? आइए समझते हैं. एंटीना का स्पीड से कोई लेना-देना नहीं आजकल ऐसे राउटर भी आते हैं जिनमें 8 तक एंटीना होते हैं. लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं कि आपको ज्यादा इंटरनेट स्पीड मिलेगी. असल में इन एंटीना का काम Wi-Fi सिग्नल को भेजना-रिसीव करना और उसकी कवरेज को बेहतर बनाना होता है. यानी ये आपके घर के हर कोने तक मजबूत और स्टेबल कनेक्शन पहुंचाने में मदद करते हैं. आपकी स्पीड पूरी तरह आपके इंटरनेट प्लान और सर्विस प्रोवाइडर पर डिपेंड करती है. मान लीजिए आपने 100 Mbps का प्लान लिया है, तो चाहे राउटर में 2 एंटीना हों या 8, स्पीड वही रहने वाली है. कब काम आते हैं ज्यादा एंटीना वाले राउटर? अगर आपके घर या ऑफिस में एक साथ कई लोग Wi-Fi इस्तेमाल करते हैं, तो ज्यादा एंटीना वाला राउटर काफी काम का साबित होता है. इसकी खास बात MIMO (Multiple-Input Multiple-Output) टेक्नोलॉजी है, जो एक ही समय पर कई डिवाइस के साथ स्मूद कनेक्शन बनाए रखती है. यानी ज्यादा डिवाइस जुड़ने पर भी इंटरनेट इतना आसानी से स्लो नहीं होता. हालांकि, स्पीड आखिरकार आपके इंटरनेट प्लान पर ही डिपेंड करती है. आपके WiFi राउटर को कितने एंटीना की जरूरत है? अगर आप अपने घर के लिए WiFi राउटर लेने की सोच रहे हैं, तो सबसे पहले अपनी जरूरत समझ लें. अगर आपका घर छोटा है और कम डिवाइस इस्तेमाल होते हैं, तो सिंपल सा 2-3 एंटेना वाला राउटर भी आराम से काम कर जाएगा. लेकिन अगर घर बड़ा है या कई कमरे हैं, तो आप ज्यादा एंटीना वाले राउटर या मेश राउटर (Mesh Router) यूज कर सकते हैं. क्या होते हैं मेश राउटर (Mesh Router)? मेश राउटर में एंटेना बाहर से दिखते नहीं हैं, लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं कि उनका सिग्नल कमजोर होता है. सच तो ये है कि हर वायरलेस राउटर में एंटेना होते हैं, चाहे वो बाहर दिखें या अंदर छिपे हों. मेश राउटर कई बार ट्रेडिशनल राउटर से भी बेहतर साबित होते हैं, क्योंकि ये अलग तरीके से सिग्नल फैलाते हैं.  मेश राउटर काफी मददगार होते हैं. ये मेन राउटर और सैटेलाइट यूनिट्स के जरिए पूरे घर में सिग्नल फैलाते हैं और डेड जोन (जहां सिग्नल नहीं आता) को खत्म करने में मदद करते हैं. इससे हर जगह बेहतर कनेक्टिविटी मिलती है. यह भी पढ़ें: WiFi राउटर के पीछे छुपा USB पोर्ट है बड़े काम का, कर सकते हैं ये सारे काम The post क्या ज्यादा एंटीना वाला WiFi राउटर फास्ट इंटरनेट देता है? घर में लगवाने से पहले जानें सच्चाई appeared first on Naya Vichar.

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