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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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Hyundai Grand i10 को बना दिया ‘चलता-फिरता फ्लैट’, वायरल हुआ वीडियो

सोशल मीडिया पर गुजरात से एक Hyundai Grand i10 का मॉडिफाइड वर्जन वायरल हो रहा है. इस छोटी हैचबैक को इस तरह बदला गया है कि अब यह किसी मिनी वैन या छोटे फ्लैट जैसी दिखती है. सबसे बड़ा बदलाव इसकी छत में किया गया है, जिसे काफी ऊंचा कर दिया गया है. मॉडिफाइड डिजाइन ऊंची छत के कारण कार अब बॉक्सी और लंबी दिखती है. अंदर बैठने वालों के लिए यह बदलाव सबसे ज्यादा फायदेमंद है क्योंकि इससे केबिन ज्यादा खुला और आरामदायक हो गया है. पीछे बैठे यात्रियों को खास तौर पर ज्यादा स्पेस मिलता है. Gujarat’s modified i10 looks like a mini luxury van 😳 would you actually drive this? pic.twitter.com/SCR4zMfD1I — Krishnan Gaur (@Mercedes5494) April 10, 2026 सुरक्षा और कानूनी पहलू ऐसे मॉडिफिकेशन हालांकि मजेदार जरूर लग सकते हैं, लेकिन यह सुरक्षा पर असर डाल सकते हैं. कार की संरचना बदलने से क्रैश सेफ्टी और बैलेंस प्रभावित होता है. हिंदुस्तान में ऐसे बदलाव Motor Vehicles Act के तहत आते हैं और इन्हें कानूनी मंजूरी की जरूरत होती है. अगर मॉडिफिकेशन अप्रूव्ड नहीं है तो बीमा क्लेम भी मुश्किल हो सकता है. ड्राइविंग पर असर ऊंची छत से कार की सेंटर ऑफ ग्रैविटी बदल जाती है. इससे हाई स्पीड पर बैलेंस और स्टेबिलिटी प्रभावित हो सकती है. यानी दिखने में मजेदार लेकिन चलाने में चुनौतीपूर्ण. कार का बेस मॉडल यह मॉडिफिकेशन पुराने Grand i10 पर आधारित है. इसमें 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन (83 bhp) और 1.1-लीटर डीजल इंजन (190 Nm) का विकल्प था. दोनों में 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स मिलता था, जबकि पेट्रोल में 4-स्पीड ऑटोमैटिक भी था. यह भी पढ़ें: Viral Video: 20 फीट गड्ढे में गिरी टाटा सिएरा SUV, सभी यात्री सुरक्षित यह भी पढ़ें: Viral Video: इस देश में बिना ड्राइवर के सड़कों पर दौड़ रही टैक्सी, खुद मुड़ती है और खुद रुकती है, देखें वीडियो The post Hyundai Grand i10 को बना दिया ‘चलता-फिरता फ्लैट’, वायरल हुआ वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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हाथी के हमले में भाजपा नेता की जान गई, सतर्क करते-करते खुद बने शिकार

गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट Gumla News: झारखंड के गुमला जिला अंतर्गत घाघरा थाना के बुरहु ग्राम निवासी 32 वर्षीय अनूप कुमार पांडे को हाथी ने कुचलकर मार डाला. घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं परिवार और गांव में मातम पसरा हुआ है.  काम पर जाते वक्त हाथी से हुआ सामना जानकारी के अनुसार अनूप बुरहु गांव में स्थित पावर ग्रिड पीएसएस ऑपरेटर का काम करता था. शुक्रवार की सुबह वह काम पर जा रहा था. इसी दौरान बुरहु पतरा के पास लोगों की भीड़ देखा तो अनूप भी वहां चला गया जाने के बाद पता चला कि जंगली हाथी पतरा में है.  लोगों को किया सतर्क, खुद बने शिकार अनूप ने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से पूरे इलाके को जानकारी दिया कि पतरा में जंगली हाथी आया है, कोई भी इधर ना आए. अगर आते भी तो पूरी सतर्कता के साथ आए. जिसके बाद अनूप के साथ में और दो लोग पतरा के अंदर थोड़ी दूर घुसे. इतने में हाथी दौड़ाने लगा. अनूप के साथ में गए दो युवक दूसरे रास्ते से भाग कर अपनी जान बचाया वहीं, अनूप हाथी के चपेट में आ गया.  नहीं लौटने पर किया फोन  काफी देर के बाद भी जब अनूप पतरा से बाहर नहीं आया तब उसके मोबाइल पर लोगों ने फोन किया तो उसने फोन भी नहीं उठाया. लोगों को अंदेशा होने लगा कि अनूप के साथ कुछ अनहोनी हो गई है. जिसके बाद हिम्मत करके कुछ लोग पतरा के अंदर घुसे तो देखा कि अनूप खून से लतपत मृत पड़ा है. जिसके बाद उसे उठाकर पतरा से बाहर निकाला गया और घटना की जानकारी घाघरा थाना फॉरेस्ट विभाग सहित कई जगहों पर दी गई. घटना की सूचना मिलते ही सैकड़ो की संख्या में लोग घटनास्थल पहुंच गए.  प्रशासन और वन विभाग मौके पर पहुंचा थानेदार मोहन कुमार सिंह, रेंजर बिरसा लोहरा, फॉरेस्टर समी आफताब, प्रधान वनरक्षी सुनील राम और पीटर बाडा़ सहित कई लोग घटनास्थल पहुंचे. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए गुमला भेज दिया है. रेंजर बिरसा लोहरा ने कहा घटना काफी दुखदाई है. मृतक के परिवार को तत्काल सहयोग के तौर पर 25 हजार दिया जा रहा है बाकी मुआवजा की राशि कागजी प्रक्रिया के बाद दिया जाएगा. मुआवजा के लिए भी परिजनों का पूरा सहयोग वन विभाग की टीम करेगी.  भाजपा से जुड़े थे अनूप पांडे अनूप पूर्व हिंदुस्तानीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के महामंत्री रह चुके हैं. वर्तमान में बीते 6 अप्रैल को घाघरा मंडल से नए पदाधिकारी की सूची अनुशंसा कर जिला भेजी गई, जिसमें अनूप कुमार पांडे को मंडल महामंत्री के तौर पर अनुशंसा कर भेजा गया. वह भाजपा के लिए पूरी ईमानदारी और सक्रिय रूप से पूरे इलाके में काम करते थे. परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ पूरे परिवार के लिए सिर्फ अनूप ही सहारा था. बूढ़े माता-पिता के साथ-साथ एक छोटा भाई दो बहन है. जिसमें से एक बहन की शादी उसने किया था. सभी का रो रो कर बुरा हाल है. गांव के लोगों के आंखों में आंसू है. सभी का कहना है कि हर सामाजिक काम से लेकर हर चीज में अनूप पूरे गांव का मदद करता था.  भाजपा कार्यकर्ताओं ने जताया शोक घटना की सूचना मिलते ही भाजपा कार्यकर्ता बिपिन बिहारी सिंह, रमेश गुप्ता, श्यामकिशोर पाठक, किशोर जायसवाल, अमित ठाकुर सहित अन्य लोग घटनास्थल पहुंचे. अनूप के शव को देखते ही आंखों में आंसू आने लगे. कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह भाजपा ही नहीं पूरे इलाके के लिए अपूरणीय क्षति है. इसकी भरपाई हम सभी मिलकर भी नहीं कर सकते हैं. यह भी पढ़ें: सरायकेला में मनरेगा कर्मियों का हड़ताल जारी, 9-10 अप्रैल को  ग्रामीण विकास मंत्री आवास घेराव का ऐलान यह भी पढ़ें: झारखंड में 2034 पदों पर हाईस्कूल शिक्षकों की नियुक्ति नहीं, 6 महीने पहले हाईकोर्ट ने दिया था आदेश The post हाथी के हमले में भाजपा नेता की जान गई, सतर्क करते-करते खुद बने शिकार appeared first on Naya Vichar.

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भाजपा का बंगाल के लिए ‘संकल्प पत्र’ जारी, महिलाओं के खाते में देंगे 3,000 रुपये प्रति माह

मुख्य बातें स्त्रीओं और बेरोजगारों के लिए 3 हजार टका कृषि और उद्योग तक को प्राथमिकता छह माह में लागू करेंगे यूसीसी BJP Manifesto: कोलकाता : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा का ‘संकल्प पत्र’ जारी किया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- यह संकल्प पत्र बंगाल के हर तबके को निराशा से बाहर निकालने का एक मार्ग है. यह कई प्रकार की आशंकाओं से घिरे किसानों को बाहर निकलने का एक नया मार्ग दिखाएगा. प्रधानमंत्री मोदी के विकसित हिंदुस्तान की जो कल्पना है, उस रोड मैप को भी यह संकल्प पत्र बंगाल की जनता के सामने रखेगा. जनता भयभीत और निराश है. जनता मन से परिवर्तन चाहती है. आज हम बंगाल की विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल के रूप में काम कर रहे हैं. स्त्रीओं और बेरोजगारों के लिए 3 हजार टका भाजपा नेताओं और मंत्रियों के मुख से कई बार यह बात सुनी गई थी कि भाजपा के सत्ता में आने पर स्त्रीओं को तीन हजार रुपये दिए जाएंगे. इस प्रस्ताव को भाजपा के घोषणापत्र में शामिल किया गया है. अमित शाह ने कहा कि भाजपा प्रशासन बनने पर स्त्रीओं को प्रति माह तीन हजार रुपये दिए जाएंगे. भाजपा ने बेरोजगार युवाओं को तीन हजार रुपये देने का वादा किया है. बंगाल की स्त्रीओं को सशक्त बनाने के लिए प्रति माह तीन हजार टका दिए जाएंगे. इसके साथ ही अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ लोगों के लिए नए रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर सृजित किए जाएंगे. युवाओं को रोजगार मिलने तक हर महीने 3,000 टका दिए जाएंगे. स्त्रीओं की सुरक्षा के लिए एक विशेष स्त्री पुलिस बटालियन का गठन किया जाएगा, जिसका नाम दुर्गा सुरक्षा दस्ता होगा. राज्य में सभी प्रशासनी नौकरियों में 33 प्रतिशत सीटें स्त्रीओं के लिए आरक्षित होंगी. कृषि और उद्योग तक को प्राथमिकता भाजपा के प्रस्ताव में स्त्रीओं, युवाओं से लेकर कृषि और उद्योग तक को प्राथमिकता दी गई है. प्रशासनी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) सुनिश्चित किया जाएगा. सातवां वेतन आयोग लागू किया जाएगा. रिक्त पदों को 45 दिनों के भीतर भरा जाएगा. काटमानी सांस्कृतिक सिंडिकेट राज का खात्मा किया जाएगा. अमित शाह ने कहा कि तृणमूल प्रशासन के शासनकाल में पिछले 15 वर्षों में हुए भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को उजागर करने के लिए एक विशेष श्वेत पत्र प्रकाशित किया जाएगा. इसके साथ ही भाजपा ने धान, आलू और आम की खेती के लिए प्रशासन द्वारा विशेष सहायता प्रदान करने और किसानों को फसलों के उचित मूल्य सुनिश्चित किए जाने का वादा किया है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें छह माह में लागू करेंगे यूसीसी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- बंगाल की संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए हम एक वंदे मातरम संग्रहालय की कल्पना लेकर आए हैं. इसके माध्यम से पूरे विश्व में बंगाल के कल्चर को प्रसिद्धि मिलेगी. हम घुसपैठ पर निर्णायक प्रहार करेंगे. हमने तय किया है कि 45 दिनों में ही हिंदुस्तान प्रशासन के गृह मंत्रालय को जितनी भूमि उपलब्ध करानी है, वह बंगाल प्रशासन द्वारा कराई जाएगी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- भाजपा-शासित कई राज्यों ने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर दी है. 6 महीने के भीतर, हम बंगाल में भी UCC लागू करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि पूरे राज्य में सभी नागरिकों पर कानूनों का एक ही, समान सेट लागू हो. हम न केवल घुसपैठियों के लिए बंगाल की सीमाओं को सील करेंगे, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेंगे कि बंगाल के रास्ते हिंदुस्तान से एक भी गाय की तस्करी न हो. Also Read: बंगाल में पहचान की लड़ाई, भाजपा के ‘घुसपैठिये’ से ममता की ‘बंगाली अस्मिता’ का मुकाबला The post भाजपा का बंगाल के लिए ‘संकल्प पत्र’ जारी, स्त्रीओं के खाते में देंगे 3,000 रुपये प्रति माह appeared first on Naya Vichar.

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शांति वार्ता के लिए जेडी वेंस पाकिस्तान रवाना, 11 अप्रैल को हो सकती है ईरान के साथ बातचीत

Iran US Ceasefire: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ईरान के साथ वार्ता का नेतृत्व करने के लिए पाकिस्तान रवाना हो गए हैं. वॉशिंगटन से मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने करीबी सहयोगी वेंस को इस संवेदनशील मिशन की जिम्मेदारी सौंपी है. वार्ता का मकसद ईरान के साथ चल रहे तनाव का समाधान निकालना है. वार्ता की पहल ऐसे समय में हो रही है जब अस्थायी युद्धविराम कमजोर पड़ता दिख रहा है और ईरान के साथ अमेरिका और इजराइल के बीच मतभेद बने हुए हैं. इन मतभेदों को सुलझाना आसान नहीं माना जा रहा. ईरान-अमेरिकी वार्ता में कौन होंगे शामिल? ईरान अमेरिका की बातचीत में दोनों देशों के प्रतिनिधि शामिल होने वाले हैं. व्हाइट हाउस के मुताबिक वार्ता शनिवार (11 अप्रैल) को होगी. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में उपराष्ट्रपति जेडी वैंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर शामिल हो सकते हैं. जेडी वेंस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे. हालांकि White House ने बातचीत के स्वरूप को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं दी है. यह भी नहीं बताया गया है कि बातचीत सीधे होगी या अप्रत्यक्ष. वहीं, ईरान की ओर से अभी तक अपने प्रतिनिधिमंडल की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. क्या बातचीत में बनेगी बात? ईरान और अमेरिका में बातचीत शुरु होने तो जा रही है. लेकिन इसके नतीजे को लेकर संशय बरकरार है. इस्लामाबाद में होने वाली यह वार्ता 10 सूत्रीय प्रस्ताव के आधार पर होगी, जो अमेरिका की पहले पेश की गई 15 सूत्रीय योजना से काफी अलग है. वहीं, सीजफायर के बाद इजराइल द्वारा लेबनान पर किए गए हमलों ने क्षेत्र में तनाव और बढ़ा दिया है, जिससे बातचीत का माहौल और जटिल हो गया है. इसके अलावा राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियां भी बातचीत का मूड बिगाड़ सकती है. वहीं जब ईरान ने अपनी दस सूत्री मांगों की सूची साझा करना शुरू किया तो उसमें ऐसी मांगें भी शामिल थीं जिनसे अमेरिका कभी सहमत नहीं हो सकता था. जैसे ईरान का होर्मुज पर नियंत्रण की बात स्वीकार करना, युद्ध क्षति के लिए मुआवजा देना और सभी प्रतिबंधों को हटाना. अमेरिका किन मुद्दों पर कर सकता है बात सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम ने अपना 15 सूत्रीय प्रस्ताव भी तैयार किया है. इस योजना का पूरा खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन कहा जाता है कि इसमें ईरान को परमाणु हथियार न रखने की प्रतिबद्धता, अपने संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) को सौंपना और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना शामिल है. ऐसे में सवाल है कि इस बातचीत में कोई बीच का रास्ता निकलेगा या यह वार्ता विफल हो जाएगी. The post शांति वार्ता के लिए जेडी वेंस पाकिस्तान रवाना, 11 अप्रैल को हो सकती है ईरान के साथ बातचीत appeared first on Naya Vichar.

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11 महीने में 20 से ज्यादा AI Tools, बेस्ट है IIT कानपुर का सर्टिफिकेट प्रोग्राम

Best AI Course: आईआईटी कानपुर की ओर से लॉन्च डेटा एनालिटिक्स एंड जेनरेटिक एआई प्रोग्राम उन स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स के लिए मौका है जो कम समय में नई स्किल सीखकर अपने करियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं. इस कोर्स (Best AI Course) के जरिए आप AI की प्रैक्टिकल समझ हासिल कर सकते हैं और खुद को भविष्य के लिए तैयार कर सकते हैं. खास बात यह है कि IIT Kanpur की ओर से लॉन्च इस कोर्स को नॉन टेक्निकल बैकग्राउंड वालों के लिए तैयार किया गया है. इस कोर्स में क्या-क्या होगा और कैसे एडमिशन ले सकते हैं इसकी डिटेल्स नीचे देख सकते हैं. Best AI Course: क्या है IIT Kanpur का एआई कोर्स? आईआईटी कानपुर की ओर से ऑफर AI कोर्स E&ICT Academy की मदद से कराया जाएगा. इस प्रोग्राम के तहत स्टूडेंट्स को IIT कानपुर के एक्सपर्ट फैकल्टी से लाइव मास्टरक्लास का मौका मिलेगा. इस कोर्स का पूरा नाम प्रोफेशनल सर्टिफिकेट कोर्स इन डेटा एनालिटिक्स एंड जेनरेटिक एआई है. इस प्रोग्राम (Best AI Course) में एडमिशन की आखिरी तारीख 13 अप्रैल 2026 है, इसकी अवधि 11 महीने की है और यह पूरी तरह से लाइव, ऑनलाइन और इंटरएक्टिव फॉर्मेट में कराया जाएगा. IIT Kanpur AI कोर्स में क्या-क्या? AI सर्टिफिकेट कोर्स में Excel, SQL, Python, R, Power BI, Tableau और ChatGPT जैसे 20 से ज्यादा टूल्स सिखाए जाएंगे. Microsoft Learn Portal पर ‘Microsoft Azure Data Fundamentals’ के लिए बैज और ट्रॉफी भी हासिल करने का मौका मिलेगा. स्टूडेंट्स को 215 से ज्यादा एक्सरसाइज और 12 से अधिक प्रोजेक्ट्स के जरिए प्रैक्टिकल लर्निंग का मौका मिलेगा. यह कोर्स पूरी तरह से लाइव, ऑनलाइन और इंटरएक्टिव फॉर्मेट में कराया जाएगा. IIT Kanpur Best AI Course Details Check Here इन 20 AI Tools को सीखने का मौका ये टॉपिक्स होंगे कवर डेटा एथिक्स का परिचय (Introduction to Data Ethics) लीगल और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क (Legal and Regulatory Frameworks) डेटा प्राइवेसी और कंसेंट (Data Privacy and Consent) डेटा हैंडलिंग और सिक्योरिटी (Data Handling and Security) ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी (Transparency and Accountability) डेटा विजुअलाइजेशन और कम्युनिकेशन (Data Visualization and Communication) डेटा एनालिसिस में बायस और फेयरनेस (Bias and Fairness in Data Analysis) एथिकल डिसीजन मेकिंग (Ethical Decision-Making) मशीन लर्निंग और AI में एथिक्स (Ethics in Machine Learning and AI) सोशल और एथिकल इम्पैक्ट्स (Social and Ethical Impacts) कॉर्पोरेट ट्रेनिंग का मौका आईआईटी कानपुर की ओर से ऑफर इस सर्टिफिकेट कोर्स को करने के लिए 1.35 लाख फीस देने होंगे. इस कोर्स के दौरान प्रोफेशनल्स को कॉर्पोरेट ट्रेनिंग करने का मौका भी मिलेगा. इसमें लर्नर्स को 24×7 असिस्टेंस और सपोर्ट भी दिया जाता है. यह भी पढ़ें: AI का क्रेज या CSE की सेफ्टी? जानें कौन सा कोर्स दिलाएगा बेहतर करियर The post 11 महीने में 20 से ज्यादा AI Tools, बेस्ट है IIT कानपुर का सर्टिफिकेट प्रोग्राम appeared first on Naya Vichar.

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घर पर बनाएं पौष्टिक सहजन दाल, हर बाइट में हेल्थ और स्वाद दोनों का तड़का

Moringa Dal Recipe: मोरिंगा की दाल एक पौष्टिक और स्वादिष्ट हिंदुस्तानीय व्यंजन है, जो खासतौर पर घरों में आसानी से बनाई जाती है. सहजन की फली में विटामिन, कैल्शियम और आयरन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की इम्युनिटी को मजबूत करने में मदद करते हैं. दाल के साथ इसका मेल न केवल स्वाद बढ़ाता है, बल्कि इसे और भी हेल्दी बना देता है. हल्के मसालों और आसान विधि से तैयार होने वाली यह दाल रोजमर्रा के खाने के लिए बेहतरीन विकल्प है. इसे चावल या रोटी के साथ परोसा जाता है और यह हर उम्र के लोगों को पसंद आती है. दाल बनाने के लिए सामान  1 कप अरहर (तूर) दाल 1–2 सहजन (मोरिंगा) की फली (कटे हुए टुकड़े) 1 टमाटर (कटा हुआ) 1 छोटा प्याज (कटा हुआ) 2–3 लहसुन की कलियां 1 छोटा टुकड़ा अदरक 1/2 छोटी चम्मच हल्दी पाउडर 1 छोटी चम्मच लाल मिर्च पाउडर नमक स्वादानुसार 2 कप पानी 1–2 चम्मच तेल या घी तड़के के लिए: 1/2 छोटी चम्मच जीरा 1–2 सूखी लाल मिर्च 1 चुटकी हींग 7–8 करी पत्ते दाल बनाने का सही तरीका  दाल उबालें दाल को अच्छे से धो लें. प्रेशर कुकर में दाल, सहजन के टुकड़े, हल्दी, नमक और पानी डालकर 3–4 सीटी आने तक पकाएं. मसाला तैयार करें एक कढ़ाही में तेल या घी गरम करें. उसमें जीरा, हींग, करी पत्ते और सूखी लाल मिर्च डालें. फिर प्याज डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें. टमाटर और मसाले डालें अब अदरक-लहसुन और टमाटर डालें. लाल मिर्च पाउडर डालकर तब तक पकाएं जब तक मसाला अच्छे से पक न जाए. दाल मिलाएं अब उबली हुई दाल को इस मसाले में डालें और अच्छे से मिलाएं. जरूरत हो तो थोड़ा पानी डालकर 5–7 मिनट धीमी आंच पर पकाएं. तैयार है आपकी दाल  ऊपर से हरा धनिया डालकर गरम-गरम सर्व करें. यह भी पढ़ें: नाश्ते में बनाएं शेफ कुणाल कपूर का स्पेशल मूंग दाल उत्तपम, सुबह की भागदौड़ के लिए बेस्ट रेसिपी यह भी पढ़ें: चना दाल का यह हलवा बन जाएगा आपका फेवरेट, जानें मिनटों में बनने वाली आसान रेसिपी The post घर पर बनाएं पौष्टिक सहजन दाल, हर बाइट में हेल्थ और स्वाद दोनों का तड़का appeared first on Naya Vichar.

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राज्यसभा सांसद बने सीएम नीतीश कुमार, आज ही मोदी-शाह से हो सकती है मुलाकात

CM Nitish Kumar: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद बन गए हैं. आज उन्होंने राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण किया. शपथ ग्रहण के दौरान बीजेपी और जेडीयू के कई बड़े नेता मौजूद रहे. जानकारी के मुताबिक, अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज ही पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात भी कर सकते हैं. चारों सदन का सदस्य बनने का रिकॉर्ड लोकसभा, विधानसभा, विधान परिषद के बाद अब सीएम नीतीश कुमार राज्यसभा में अपनी भूमिका निभायेंगे. इसी के साथ नीतीश कुमार ने चारों सदन का सदस्य बनने का रिकॉर्ड बना दिया है. पहली बार सीएम नीतीश राज्यसभा पहुंचे हैं. राज्यसभा का सदस्य बनने के बाद अब जल्द ही नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. ऐसे में बिहार के अगले सीएम को लेकर चर्चा तेज है. दिल्ली पहुंचने पर सीएम नीतीश ने क्या कहा था? शपथ ग्रहण के सिलसिले में सीएम नीतीश गुरुवार को ही दिल्ली पहुंच गए थे. इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा था, हमने तय कर लिया है, जिसके बारे में आप सभी को पहले ही बता दिया है. पिछले 20 साल से बिहार में काम कर रहे हैं. अब दिल्ली में ही रहकर काम करेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा था कि वहां का सबकुछ छोड़कर अब यहीं रहेंगे. इतना ही नहीं, जब उनसे बिहार के मुख्यमंत्री पद और वहां की जिम्मेदारियों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वे तीन-चार दिन के बाद वापस जायेंगे और सब कुछ व्यवस्थित कर देंगे. नये लोग देखेंगे. इस तरह से बिहार के नए सीएम को लेकर एनडीए क्या फैसला लेती है, इसका इंतजार किया जा रहा है. BJP की बैठक में सीएम पर चर्चा आज ही दिल्ली में बीजेपी की कोर कमेटी की बैठक होगी. इस हाई लेवल बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और अन्य कोर ग्रुप के सदस्य मौजूद रहेंगे. जानकारी के मुताबिक, बैठक का मुख्य एजेंडा बिहार में नई प्रशासन के गठन और संभावित सीएम के नाम पर चर्चा करना बताया जा रहा है. Also Read: ‘नीतीश जी का मिशन अधूरा, निशांत कुमार ही करेंगे पूरा’, JDU ऑफिस के बाहर लगा पोस्टर The post राज्यसभा सांसद बने सीएम नीतीश कुमार, आज ही मोदी-शाह से हो सकती है मुलाकात appeared first on Naya Vichar.

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Kia Sonet से Scorpio-N तक: हैचबैक से SUV में अपग्रेड करने वालों के लिए टॉप 5 ऑप्शंस

अगर आप हैचबैक से SUV में अपग्रेड करने की सोच रहे हैं, तो हिंदुस्तानीय बाजार में कई बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं. यहां हम पांच SUVs का जिक्र कर रहे हैं जो अलग-अलग बजट और जरूरतों के हिसाब से परफेक्ट साबित हो सकती हैं. Kia Sonet Kia Sonet उन लोगों के लिए सही विकल्प है जो हैचबैक से ज्यादा बड़ा बदलाव नहीं चाहते. ₹7.30 लाख से शुरू होने वाली इस कॉम्पैक्ट SUV में सनरूफ, वेंटिलेटेड सीट्स, 10.25-इंच इंफोटेनमेंट, डिजिटल क्लस्टर और 360° कैमरा जैसे फीचर्स मिलते हैं. Renault Duster अगर आप ज्यादा रग्ड और प्रीमियम SUV चाहते हैं तो Renault Duster ₹10.49 लाख से शुरू होती है. इसमें पैनोरमिक सनरूफ, डुअल-स्क्रीन डैशबोर्ड, वायरलेस चार्जिंग, PM 2.5 AQI फिल्टर और डुअल-जोन AC जैसे फीचर्स दिये गए हैं. Skoda Kushaq स्पोर्टी ड्राइविंग पसंद करने वालों के लिए Skoda Kushaq ₹10.69 लाख से शुरू होती है. इसमें टर्बो-पेट्रोल इंजन, सिंगल-पेन और पैनोरमिक सनरूफ, वायरलेस चार्जिंग, कूल्ड ग्लवबॉक्स और नया 10.25-इंच इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है. Honda Elevate Honda Elevate ₹11.69 लाख से शुरू होती है और यह ज्यादा स्पेस और आराम चाहने वालों के लिए है. इसमें Honda City वाला भरोसेमंद इंजन, बड़ा बूट स्पेस, 10.25-इंच इंफोटेनमेंट, Honda Sensing ADAS पैकेज और रियर AC वेंट्स दिये गए हैं. Mahindra Scorpio-N अगर आप फुल-साइज SUV चाहते हैं तो Mahindra Scorpio-N ₹13.49 लाख से शुरू होती है. इसमें 4×4 वेरिएंट्स, टर्बो-पेट्रोल और डीजल इंजन, सनरूफ, डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल और 12-स्पीकर Sony ऑडियो सिस्टम जैसे फीचर्स मिलते हैं. यह भी पढ़ें: Fortuner से Brezza तक, हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा रीसेल वैल्यू देने वाली 5 SUVs The post Kia Sonet से Scorpio-N तक: हैचबैक से SUV में अपग्रेड करने वालों के लिए टॉप 5 ऑप्शंस appeared first on Naya Vichar.

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भारत-चीन संबंध में सुधार रणनीतिक है

India-China relations : हिंदुस्तान-चीन संबंधों में हाल के महीनों में जो नरमी दिख रही है, वह दोनों देशों के बीच पारस्परिक विश्वास में किसी बुनियादी बदलाव का परिणाम कम और तेजी से विखंडित होती वैश्विक व्यवस्था के दबावों का नतीजा अधिक है. पिछले एक दशक तक दोनों को प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखा जाता रहा, जिनके बीच सीमा विवाद, क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा और अलग-अलग रणनीतिक झुकाव जैसे गहरे मतभेद मौजूद थे. वर्ष 2020 के गलवान घाटी संघर्ष के बाद यह धारणा और मजबूत ही हुई कि दोनों देशों के रिश्ते लंबे समय तक तनावपूर्ण बने रहेंगे. पर 2025 के बाद के घटनाक्रम बताते हैं कि दोनों पक्ष अपने-अपने रुख का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं. यह बदलाव इसलिए नहीं है कि उनके मूल विवाद सुलझ गये हैं, बल्कि इसलिए है, क्योंकि वैश्विक परिस्थितियां, खासकर डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों ने सहयोग के लिए एक सीमित, लेकिन महत्वपूर्ण अवसर पैदा कर दिया है. जिस अमेरिका को हिंदुस्तान लंबे समय तक भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता रहा, ट्रंप के नेतृत्व में वह अधिक लेन-देन आधारित और अनिश्चित रुख अपनाता नजर आ रहा है. हिंदुस्तान और चीन पर लगाये गये टैरिफ, खासकर हिंदुस्तानीय निर्यात पर कड़े शुल्क यह दिखाते हैं कि वैश्विक आर्थिक संबंध कितने अस्थिर हैं. चीन के प्रति अमेरिकी नीति में भी उतार-चढ़ाव दिखता है, जहां एक ओर दबाव बनाया जाता है, दूसरी ओर कुछ मामलों में समझौते की गुंजाइश भी रखी जाती है. इस असमान व्यवहार ने हिंदुस्तान को सोचने पर मजबूर किया है कि अमेरिका पर निर्भर रहना रणनीतिक रूप से जोखिम भरा हो सकता है. इसी परिदृश्य में चीन ने भी तेजी से कूटनीतिक अवसर को भुनाने की कोशिश की है. चीनी नेताओं के बयान इस पर जोर देते हैं कि हिंदुस्तान और चीन के साझा हित उनके मतभेदों से कहीं अधिक हैं. चीन यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि हिंदुस्तान को अमेरिकी नेतृत्व वाले इंडो-पैसिफिक ढांचे, खासकर क्वाड जैसे मंचों के साथ अपने जुड़ाव को संतुलित रखते हुए बीजिंग के साथ सहयोग के रास्ते खुले रखने चाहिए. कुछ ठोस कदम भी इस दिशा में उठाये गये हैं. हिंदुस्तान द्वारा सीमित रूप से चीनी निवेश के लिए नियमों में ढील देना संकेत है कि नयी दिल्ली आर्थिक वास्तविकताओं को समझते हुए एक व्यावहारिक दृष्टिकोण अपना रही है. इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और पूंजीगत वस्तुओं में चीन की भूमिका की अनदेखी करना हिंदुस्तान के लिए संभव नहीं है, खासकर तब, जब वह अपने विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करना चाहता है. इसी तरह, दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों का फिर से शुरू होना, पर्यटक वीजा की बहाली और कैलाश मानसरोवर यात्रा का पुनरारंभ दर्शाता है कि दोनों पक्ष संबंधों को सामान्य बनाने के लिए माहौल तैयार कर रहे हैं. दोनों देश हाल के भू-नेतृत्वक झटकों से उत्पन्न समान चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. होर्मुज के आसपास बढ़ते तनाव और ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता ने दोनों की बाहरी निर्भरता उजागर की है. चीन के लिए खाड़ी क्षेत्र से तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करना लंबे समय से रणनीतिक प्राथमिकता रही है, जबकि हिंदुस्तान के लिए महंगा तेल महंगाई, मुद्रा दबाव और आर्थिक अस्थिरता का कारण बनता है. ऐसे में, जब वैश्विक आपूर्ति शृंखलाएं बाधित होती हैं या भुगतान संबंधी समस्याएं सामने आती हैं, तब हिंदुस्तान को अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. इन साझा चिंताओं ने दोनों देशों को सीमित सहयोग की ओर प्रेरित किया है. हिंदुस्तान और चीन समझते हैं कि विखंडित वैश्विक व्यवस्था उनके आर्थिक हितों के लिए खतरा है. इसीलिए सीमित स्तर पर सहयोग करना उनके लिए व्यावहारिक बनता जा रहा है. चीन के लिए हिंदुस्तान के साथ संतुलित संबंध बनाये रखना इस बात की गारंटी देता है कि एशिया में उसके खिलाफ एकजुट मोर्चा न बने, जबकि हिंदुस्तान के लिए यह अमेरिका के साथ अपने संबंधों में संतुलन बनाये रखने का एक साधन है. हालांकि, इस नरमी को स्थायी सुधार के रूप में देखना गलत होगा. दोनों देशों के बीच अविश्वास के मूल कारण अब भी मौजूद हैं. सीमा विवाद अब भी अनसुलझा है और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव की आशंका बनी रहती है. ऐसे ही पाकिस्तान के साथ चीन की घनिष्ठता, जिसमें सैन्य और परमाणु सहयोग शामिल है, हिंदुस्तान के लिए चिंता का विषय है. जल संसाधनों, बुनियादी ढांचे और क्षेत्रीय प्रभाव से जुड़े मुद्दे भी आपसी अविश्वास बढ़ाते हैं. बहुपक्षीय मंचों पर भी चीन का रवैया कई बार हिंदुस्तान के हितों के अनुरूप नहीं होता. दोनों देशों के बीच शक्ति का असंतुलन भी एक महत्वपूर्ण कारक है. चीन की आर्थिक और तकनीकी क्षमता हिंदुस्तान से अधिक है, जिससे उसे वैश्विक मंचों पर अधिक प्रभाव मिलता है. यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व में चीन और हिंदुस्तान के साथ व्यवहार करने का तरीका अलग-अलग होता है. यह स्थिति हिंदुस्तान के लिए एक चुनौती है, क्योंकि उसे अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाये रखते हुए अपने हितों की रक्षा करनी होती है. नयी दिल्ली ने अब तक इस स्थिति का संतुलित तरीके से सामना किया है. उसने अमेरिका और अन्य साझेदार देशों के साथ अपने संबंधों को कमजोर नहीं किया है, लेकिन साथ ही, चीन के साथ संवाद और सहयोग के रास्ते भी खुले रखे हैं. यह हिंदुस्तान की पारंपरिक रणनीतिक स्वायत्तता की नीति के अनुरूप है, जिसमें किसी एक शक्ति पर अत्यधिक निर्भरता से बचते हुए बहुआयामी संबंध बनाये जाते हैं. लेकिन इस नीति को सफल बनाने के लिए हिंदुस्तान को अपनी घरेलू क्षमताओं को भी मजबूत करना होगा, चाहे वह विनिर्माण हो, प्रौद्योगिकी हो या फिर ऊर्जा सुरक्षा. इन दिनों हिंदुस्तान-चीन संबंधों में जो सुधार दिख रहा है, वह अंतत: एक रणनीतिक समायोजन है, न कि स्थायी समाधान. दोनों देश बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुसार अपने-अपने विकल्प तलाश रहे हैं. सहयोग और प्रतिस्पर्धा का यह मिश्रण भविष्य में भी बना रहेगा, जो इस पर निर्भर करेगा कि दोनों देश अपने मतभेदों को कितनी समझदारी से संभालते हैं और किस हद तक अपने साझा हितों को प्राथमिकता देते हैं. अभी यह कहना उचित होगा कि हिंदुस्तान और चीन पारंपरिक अर्थों में साझेदार नहीं बन रहे, बल्कि अनिश्चित और बदलती विश्व व्यवस्था में अपने हितों को सुरक्षित करने के लिए व्यावहारिक कदम उठा रहे हैं. यह एक सावधानीपूर्ण और सीमित सहयोग है, जो परिस्थितियों के

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हरिवंश फिर बने राज्यसभा के सदस्य, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया मनोनीत

Harivansh: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के निवर्तमान उपसभापति हरिवंश को उच्च सदन का सदस्य मनोनीत किया है. हरिवंश का उच्च सदन के सदस्य के रूप में कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त हो गया था. उन्हें राज्यसभा का सदस्य उस रिक्ति को भरने के लिए मनोनीत किया गया है, जो हिंदुस्तान के पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के सेवानिवृत्त होने के बाद उत्पन्न हुई थी. प्रशासन की एक आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया- हिंदुस्तान के संविधान के अनुच्छेद 80 के खंड (1) के उपखंड (अ) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा उसी अनुच्छेद के खंड (3) के अनुसार राष्ट्रपति मनोनीत सदस्यों में से एक सदस्य के सेवानिवृत्त होने से उत्पन्न रिक्ति को भरने के लिए हरिवंश को राज्यसभा का सदस्य नामित करके प्रसन्न हैं. हरिवंश बिहार का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा के सदस्य के रूप में अपने दो कार्यकाल पूरे कर चुके हैं. उन्होंने उच्च सदन के उपसभापति के पद पर भी अपनी सेवाएं दी हैं. इसे भी पढ़ें: नीतीश कुमार: दो दशकों में बदली बिहार की तस्वीर, अब दिल्ली की नई पारी की तैयारीबंगाल में मुस्लिम वोटरों से अधिक कटे गये हिंदू वोटरों के नाम, SIR पर तृणमूल कांग्रेस का नया खुलासा The post हरिवंश फिर बने राज्यसभा के सदस्य, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया मनोनीत appeared first on Naya Vichar.

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