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Author name: Vinod Jha

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लियोनेल मेसी के पिता जॉर्ज मेसी का 68 साल की उम्र में निधन, लंबे समय से चल रहा था इलाज

Jorge Messi : अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर और कप्तान लियोनेल मेसी के पिता जॉर्ज मेसी का 68 साल की उम्र में निधन हो गया. अर्जेंटीना की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जॉर्ज मेसी का लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का इलाज चल रहा था और उन्होंने रोसारियो के एक मेडिकल क्लिनिक में अंतिम सांस ली. परिवार ने भी उनके निधन की पुष्टि की है. लंबे समय से थे बिमार जॉर्ज मेसी पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. परिवार के मुताबिक, वह अपने आखिरी महीनों में रोसारियो स्थित मेडिकल सेंटर और अपने घर के बीच आते-जाते रहे. इस दौरान उनकी पत्नी सेलिया कुकिटिनी और उनके शिशु रोड्रिगो, माटियास, मारिया सोल और लियोनेल उनके साथ रहे. विश्व कप के दौरान सेहत में आई गिरावट फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दौरान जॉर्ज मेसी की तबीयत को लेकर समाचारें सामने आई थीं. 18 जून को अल्जीरिया के खिलाफ अर्जेंटीना के शुरुआती मुकाबले के बाद उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई गई थी. उस समय मेसी परिवार ने उनके निधन की समाचारों को खारिज करते हुए बताया था कि जॉर्ज का इलाज चल रहा है और उनकी हालत में सुधार हो रहा है. Also Read: श्रीलंका दौरे पर टीम इंडिया की मुश्किलें बढ़ीं, साई सुदर्शन हुए टेस्ट सीरीज से बाहर स्टील फैक्ट्री में सुपरवाइजर का किया काम जॉर्ज मेसी सिर्फ लियोनेल के पिता ही नहीं, बल्कि उनके फुटबॉल करियर के शुरुआती दौर के सबसे अहम लोगों में से एक थे. लियोनेल के करियर के आगे बढ़ने के बाद जॉर्ज उनके एजेंट और रणनीतिक सलाहकार की भूमिका भी निभाते रहे. इससे पहले वह एक स्टील फैक्ट्री में सुपरवाइजर के तौर पर काम करते थे. पिता ने संवारा लियोनेल का करियर लियोनेल मेसी के बचपन में भी जॉर्ज ने उनके करियर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. मेसी जब 13 साल के थे, तब जॉर्ज ने उन्हें स्पेन ले जाने और बार्सिलोना की यूथ अकादमी में दाखिला दिलाने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई थी. उस समय मेसी ग्रोथ हार्मोन डेफिशिएंसी से जूझ रहे थे और उनके इलाज का खर्च भी बार्सिलोना ने उठाया था. नियमित उपचार और हार्मोन इंजेक्शन की मदद से मेसी का शारीरिक विकास बेहतर हुआ और बाद में उनकी लंबाई करीब 1.70 मीटर हुई. Also Read: हैमस्ट्रिंग चोट के कारण द हंड्रेड लीग से बाहर हुईं जेमिमा रोड्रिग्स, एशिया कप से पहले बढ़ी टीम इंडिया की टेंशन ‘हर मैच के बाद पिता से परफॉर्मेंस के बारे में पूछता था’ लियोनेल मेसी अपने पिता के साथ बेहद करीबी रिश्ता साझा करते थे. उन्होंने पहले अपने करियर के बारे में बात करते हुए बताया था कि बचपन से ही उन्हें अपने पिता की मंजूरी और राय की जरूरत रहती थी. मेसी ने कहा था, ‘मैं बचपन से ही अपने पिता की मंजूरी चाहता था. हर मैच के बाद मैं उनसे पूछता था कि मैंने कैसा स्पोर्ट्सा.’ विश्व कप के बाद भी मेसी ने अपने पिता के साथ समय बिताया था. इसके बाद वह अपने क्लब इंटर मियामी से जुड़ गए थे और करीब एक सप्ताह पहले ही मैदान पर वापसी की थी. Newell’s Old Boys ने दी श्रद्धांजलि मेसी के बचपन के क्लब न्यूवेल्स ओल्ड बॉयज ने भी जॉर्ज मेसी के निधन पर श्रद्धांजलि दी. क्लब ने कहा कि लियोनेल के करियर के हर कदम पर उनके पिता का लगातार साथ और पर्दे के पीछे से किया गया मार्गदर्शन बेहद महत्वपूर्ण रहा. जॉर्ज मेसी अपने बेटे के करियर के उतार-चढ़ाव में लंबे समय तक उनके साथ खड़े रहे. लियोनेल मेसी के दुनिया के महानतम फुटबॉलरों में शामिल होने के सफर में उनके पिता की भूमिका को हमेशा याद किया जाएगा. Also Read: वॉर्म-अप मैच में ही बांग्लादेश की टीम 54 रन पर हुई ढेर, कैंपबेल थॉम्पसन ने चटकाए 8 विकेट The post लियोनेल मेसी के पिता जॉर्ज मेसी का 68 साल की उम्र में निधन, लंबे समय से चल रहा था इलाज appeared first on Naya Vichar.

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अमित शाह के बाद शुभेंदु अधिकारी से मिले 2 TMC सांसद, मुसलमानों को निशाना बनाने का लगाया आरोप

Bengal Loudspeaker Controversy: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के 2 सांसदों अबू ताहेर खान और खलीलुर रहमान ने शनिवार को राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) से मुलाकात की. बैठक के दौरान सांसदों ने मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) ट्रिब्यूनल में लंबित मामलों में हो रही देरी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. ‘लाउडस्पीकर हटाना दुर्भाग्यपूर्ण’ मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद मुर्शिदाबाद के टीएमसी (TMC) सांसद अबू ताहेर खान ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि राज्य में मुस्लिम समुदाय को जान-बूझकर निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा- मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. बंगाल में मुसलमानों को टार्गेट किया जा रहा है. कृपया इसे रोकें, हमें शांतिपूर्वक इबादत करने की अनुमति मिलनी चाहिए. हम कोर्ट के आदेश के खिलाफ नहीं : ताहेर अबू ताहेर खान ने आगे कहा कि वे अदालत के आदेशों के पालन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जिस तरह से मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाये जा रहे हैं, वह गलत है. उन्होंने राज्य पुलिस पर इस मामले में ‘जरूरत से ज्यादा उत्साह’ दिखाने का आरोप लगाया. उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पर तुरंत रोक लगाने की अपील की. ये भी पढ़ें: एनडीए की बैठक से दूरी बनाने वाले टीएमसी के 3 सांसद अमित शाह से मिले, जानें क्या हैं इसके मायने ‘SIR ट्रिब्यूनल में देरी से आम नागरिक परेशान’ दोनों सांसदों ने मुर्शिदाबाद जिले में SIR ट्रिब्यूनल के समक्ष लंबित मामलों का मुद्दा भी उठाया. अबू ताहेर खान ने कहा कि मतदाता सूची से जिन वैध नागरिकों के नाम हटा दिये गये हैं, उन्हें ट्रिब्यूनल के फैसलों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है. वैध मतदाताओं के नाम सूची से कटने और ट्रिब्यूनल में देरी होने के कारण लोगों को पासपोर्ट सत्यापन, जमीन की रजिस्ट्री और प्रशासनी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. हमने राज्य प्रशासन से अनुरोध किया है कि इन सुनवाइयों में तेजी लायी जाये और 31 दिसंबर तक सभी मामलों का निपटारा किया जाये. -अबू ताहेर खान, सांसद, तृणमूल कांग्रेस ये भी पढ़ें: NCPI का भाजपा में विलय करेंगे तृणमूल के बागी 20 सांसद? जानें शमिक भट्टाचार्य ने क्या कहा अमित शाह से मुलाकात के 2 दिन बाद शुभेंदु संग बैठक अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और पूर्व क्रिकेटर व बहरामपुर सांसद यूसुफ पठान की नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात के ठीक 2 दिन बाद सीएम शुभेंदु अधिकारी से यह मुलाकात हुई है. दिल्ली में हुई उस बैठक में भी इन नेताओं ने पश्चिम बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाये जाने का मुद्दा उठाया था. The post अमित शाह के बाद शुभेंदु अधिकारी से मिले 2 TMC सांसद, मुसलमानों को निशाना बनाने का लगाया आरोप appeared first on Naya Vichar.

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रील के चक्कर में भविष्य न गंवा देना! प्रयागराज में राहुल गांधी बोले- सोशल मीडिया के नशे में युवाओं को उलझाया जा रहा

UP Politics: उत्तर प्रदेश में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शनिवार को प्रयागराज पहुंचे. यहां उन्होंने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों से संवाद किया. अपने संबोधन में राहुल गांधी ने शिक्षा, बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं, युवाओं की क्षमता और डेटा की ताकत जैसे मुद्दों को उठाया. उन्होंने केंद्र प्रशासन की नीतियों पर भी निशाना साधा. ‘दर्द, डेटा और दौलत’ से शुरू की बात राहुल गांधी ने अपने संबोधन की शुरुआत तीन शब्दों—दर्द, डेटा और दौलत—से की. उन्होंने कहा कि युवाओं के दर्द को समझना जरूरी है. उनके मुताबिक आज युवाओं के पास क्षमता और ऊर्जा है, लेकिन व्यवस्था उनके सामने बाधा बन रही है. उन्होंने युवाओं के डेटा को भी देश की बड़ी पूंजी बताया. राहुल गांधी ने कहा कि 21वीं सदी में किसी देश की ताकत सिर्फ संसाधनों से नहीं, बल्कि उसके युवाओं और डेटा से भी तय होती है. आप हिंदुस्तान की शक्ति और शान हैं छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने युवाओं को हिंदुस्तान की शक्ति और शान बताया. उन्होंने कहा कि वह सिर्फ कार्यक्रम में मौजूद भीड़ की बात नहीं कर रहे, बल्कि देश के हर युवा और नागरिक की क्षमता की बात कर रहे हैं. उन्होंने युवाओं की इंटेलिजेंस, इमेजिनेशन और कैपेसिटी का जिक्र करते हुए कहा कि यदि व्यवस्था उनकी क्षमता को रोकती नहीं है, तो यही युवा देश का भविष्य तय करेंगे. सिस्टम ने युवाओं को चक्रव्यूह में फंसा रखा है राहुल गांधी ने मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं के पास क्षमता होने के बावजूद सिस्टम ने उन्हें एक तरह के चक्रव्यूह में फंसा रखा है. उन्होंने दावा किया कि रोजगार के मोर्चे पर स्थिति गंभीर है. अपने भाषण में उन्होंने कहा कि एक हजार युवाओं में केवल 12 युवाओं को प्राइवेट नौकरी मिल पाती है. सर्टिफिकेट रोजगार नहीं दे सकता कार्यक्रम में राहुल गांधी ने शिक्षा और रोजगार के बीच बढ़ते अंतर को भी मुद्दा बनाया. उनका कहना था कि केवल डिग्री या सर्टिफिकेट हासिल कर लेना पर्याप्त नहीं है, यदि उसके बाद रोजगार का रास्ता नहीं खुलता. युवाओं की इसी परेशानी को सामने रखते हुए उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और रोजगार के अवसरों को लेकर प्रशासन से सवाल किए. कार्यक्रम की मुख्य थीम भी युवाओं के भविष्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़े सवालों पर केंद्रित रही. रील्स को बताया 21वीं सदी का नशा राहुल गांधी ने सोशल मीडिया रील्स को लेकर भी युवाओं को आगाह किया. उन्होंने इंस्टाग्राम और फेसबुक रील्स को ‘21वीं सदी का नशा’ बताया. उन्होंने कहा कि पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बावजूद रोजगार नहीं मिलने की स्थिति युवाओं को दूसरे तरह के काम करने के लिए मजबूर कर रही है. छात्र ने सुनाई संघर्ष की कहानी, पेपर लीक पर भी उठे सवाल कार्यक्रम के दौरान एक युवा ने अपनी पढ़ाई और रोजगार से जुड़ी मुश्किलों को राहुल गांधी के सामने रखा. उसने बताया कि परीक्षा की तैयारी के खर्च के लिए उसे ब्लिंकिट में काम करना पड़ा. उसने सेना की परीक्षा भी दी, लेकिन एक अंक से रह गया. छात्र ने पेपर लीक की समस्या का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पैसे और प्रभाव वाले लोगों के कारण मेहनत करने वाले युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है. राहुल गांधी ने इस मुद्दे को युवाओं के सामने मौजूद बड़ी चुनौतियों से जोड़ते हुए व्यवस्था पर सवाल उठाए. डेटा को बताया देश की पूंजी राहुल गांधी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के दौर में डेटा की भूमिका पर भी बात की. उन्होंने कहा कि बिना डेटा के AI की ताकत अधूरी है. उनके मुताबिक हिंदुस्तान के पास बड़ी युवा आबादी के साथ विशाल डेटा भी मौजूद है और इसे देश की संपत्ति के रूप में देखा जाना चाहिए. प्रयागराज में कार्यक्रम को लेकर पहले भी रहा विवाद राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर प्रयागराज में आयोजन से पहले अनुमति और स्थल को लेकर विवाद भी सामने आया था. बाद में कार्यक्रम को मंजूरी मिली और आठ अगस्त को केपी ग्राउंड में आयोजन हुआ. कांग्रेस ने इसे युवाओं से सीधे संवाद का बड़ा कार्यक्रम बताया था. युवाओं के मुद्दों के बहाने यूपी में कांग्रेस का बड़ा दांव प्रयागराज में आयोजित यह कार्यक्रम नेतृत्वक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है. कांग्रेस पहले से ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के जरिए युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के मुद्दों को केंद्र में रख रही है. कार्यक्रम से पहले कांग्रेस की ओर से बड़ी संख्या में युवाओं के रजिस्ट्रेशन का दावा भी किया गया था. राहुल गांधी ने प्रयागराज की धरती से युवाओं की शिक्षा, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था और डेटा जैसे मुद्दों को उठाकर साफ संदेश देने की कोशिश की कि आने वाली नेतृत्व में युवा और उनका भविष्य बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है. यह भी पढ़ें: UP का वो धाम, जहां शिव के तीसरे नेत्र से भस्म हुए थे कामदेव: आज भी जिंदा है जला हुआ आम का पेड़ The post रील के चक्कर में भविष्य न गंवा देना! प्रयागराज में राहुल गांधी बोले- सोशल मीडिया के नशे में युवाओं को उलझाया जा रहा appeared first on Naya Vichar.

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पडिक्कल के शतक के बाद गुरनूर बरार ने खेली तुफानी पारी, स्टंप्स तक श्रीलंका से सिर्फ 6 रन पीछे भारत

Ind vs Sl Warm Up Match: श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले हिंदुस्तानीय टीम के लिए तीन दिवसीय अभ्यास मैच का दूसरा दिन शानदार रहा. शुरुआत में झटके लगने के बाद देवदत्त पडिक्कल ने मोर्चा संभाला और शानदार शतक जड़कर हिंदुस्तान की पारी को मजबूती दी. इसके बाद गुरनूर बरार ने आखिरी ओवर में लगातार चार छक्के लगाकर दिन का अंत धमाकेदार अंदाज में किया. दिन का स्पोर्ट्स खत्म होने तक हिंदुस्तान ने 90 ओवर में 6 विकेट पर 357 रन बना लिए हैं और श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के पहली पारी के 363/8 के स्कोर से वह सिर्फ 6 रन पीछे है. नंबर-3 पर पडिक्कल ने ठोका दमदार शतक हिंदुस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही. सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए. इसके बाद नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने आए देवदत्त पडिक्कल ने शानदार संयम दिखाया. उन्होंने पहले पारी को संभाला और फिर तेजी से रन बनाते हुए अपना शतक पूरा किया. पडिक्कल ने 121 गेंदों में अपना शतक पूरा किया. शतक लगाने के बाद उन्हें रिटायर्ड हर्ट किया गया, लेकिन बाद में वह दोबारा बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे. दिन का स्पोर्ट्स खत्म होने तक उन्होंने 164 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 142 रन बना लिए थे. उनकी पारी में 18 चौके शामिल रहे. पंत और जुरैल नहीं छोड़ सके बड़ी छाप पडिक्कल के अलावा केएल राहुल ने 40 रन की पारी स्पोर्ट्सी. हालांकि ऋषभ पंत सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए. ध्रुव जुरैल भी 9 गेंदों में केवल 1 रन बना सके. इसके बाद रवींद्र जडेजा ने जिम्मेदारी संभाली और अर्धशतक जड़ते हुए 63 रन बनाए. मानव सुथार ने भी 41 रन का योगदान दिया. सारांश जैन रिटायर्ड हर्ट हुए. हिंदुस्तान की पारी को निचले क्रम में गुरनूर बरार ने विस्फोटक अंदाज में आगे बढ़ाया. Also Read: हैमस्ट्रिंग चोट के कारण द हंड्रेड लीग से बाहर हुईं जेमिमा रोड्रिग्स, एशिया कप से पहले बढ़ी टीम इंडिया की टेंशन आखिरी ओवर में गुरनूर बरार ने जड़े 4 छक्के दिन के 90वें ओवर में गुरनूर बरार ने श्रीलंका के गेंदबाज दिलुम सुदीरा की गेंदों पर जमकर प्रहार किया. उन्होंने ओवर में लगातार चार छक्के जड़कर हिंदुस्तानीय ड्रेसिंग रूम में जोश भर दिया. बरार ने अपनी 18 गेंदों की नाबाद पारी में चार छक्कों के अलावा दो चौके भी लगाए और 36 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं. उनकी इस छोटी लेकिन तूफानी पारी ने हिंदुस्तान को श्रीलंका के स्कोर के बेहद करीब पहुंचा दिया. अब हिंदुस्तान पहली पारी में श्रीलंका से महज 6 रन पीछे है. श्रीलंका ने 363/8 पर घोषित की पारी इससे पहले श्रीलंका क्रिकेट इलेवन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 363 रन बनाए और 8 विकेट पर पारी घोषित कर दी. निशान मधुशंका ने 66, रविंदु रसांथा ने 71 और कप्तान सोनल दिनुशा ने 52 रन बनाए. हिंदुस्तान की ओर से कुलदीप यादव, मानव सुथार और रवींद्र जडेजा ने दो-दो विकेट लिए, जबकि गुरनूर बरार को एक सफलता मिली. एक बल्लेबाज रन आउट हुआ. Also Read: नीरज चोपड़ा के बाद आशीष ने जैवलिन थ्रो में बढ़ाया हिंदुस्तान का मान, U20 वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीता सिल्वर मेडल The post पडिक्कल के शतक के बाद गुरनूर बरार ने स्पोर्ट्सी तुफानी पारी, स्टंप्स तक श्रीलंका से सिर्फ 6 रन पीछे हिंदुस्तान appeared first on Naya Vichar.

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JPSC-JSSC Protest: झारखंड के छात्र आंदोलन में CJP ने मारी एंट्री, रांची पहुंची अभिजीत दीपके की टीम

JPSC-JSSC Protest: झारखंड की राजधानी स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन में CJP (सिटीजन फॉर जस्टिस एंड पीस) ने एंट्री मार दी है. अभिजीत दीपके का एक प्रतिनिधिमंडल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित धरनास्थल पहुंचा. प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात कर उनकी मांगों और आंदोलन की स्थिति की जानकारी ली. CJP नेताओं ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनका संगठन आंदोलनरत छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा. प्रतिनिधिमंडल में मुकेश और अक्षय शिंदे शामिल रांची आई प्रतिनिधिमंडल में CJP के नेशनल कोऑर्डिनेटर मुकेश और नेशनल कोऑर्डिनेटर अक्षय शिंदे समेत संगठन से जुड़े अन्य लोग शामिल रहे. प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने पर आंदोलनरत छात्रों ने उनका स्वागत किया. CJP नेताओं ने छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगों और अब तक आंदोलन के दौरान हुई गतिविधियों की जानकारी ली. संगठन की ओर से कहा गया कि छात्रों की मांगों को लेकर आंदोलन के साथ खड़ा रहना जरूरी है. मांगें पूरी होने तक साथ रहने का भरोसा CJP के नेशनल कोऑर्डिनेटर मुकेश ने छात्रों को संबोधित करते हुए आंदोलन में उनके साथ बने रहने की बात कही. उन्होंने कहा कि संगठन छात्रों के मुद्दे पर उनके साथ खड़ा रहेगा. उन्होंने आंदोलन के समर्थन को लेकर प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर संगठन अपना सहयोग जारी रखेगा. CJP के नेशनल कोऑर्डिनेटर अक्षय शिंदे ने कहा कि संगठन के कुछ सहयोगी पहले जंतर-मंतर पर सक्रिय रूप से काम कर रहे थे. अब वे भी रांची पहुंचकर छात्रों के आंदोलन में योगदान दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि CJP के ये सदस्य आंदोलन को समर्थन देने के साथ छात्रों के मुद्दे को समझने और उनके साथ खड़े होने का काम कर रहे हैं. जंतर-मंतर पर सक्रिय रहे साथी भी रांची पहुंचे अक्षय शिंदे ने बताया कि CJP के कुछ सहयोगी पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर चलने वाले आंदोलनों में सक्रिय रूप से काम कर चुके हैं. अब वही साथी रांची में चल रहे JPSC-JSSC छात्र आंदोलन में भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन आंदोलन समाप्त होने और छात्रों की मांगें पूरी होने तक धरनास्थल से हटने वाला नहीं है. CJP की ओर से छात्रों को यह भरोसा दिया गया कि उनके आंदोलन में संगठन का समर्थन जारी रहेगा. छात्रों की मांगों पर बनी है नजर JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर झारखंड में छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों का विरोध लगातार जारी है. छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. CJP प्रतिनिधिमंडल के धरनास्थल पहुंचने से आंदोलन को एक और बाहरी समर्थन मिला है. संगठन ने कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर उनकी आवाज को मजबूती देने का प्रयास जारी रहेगा. प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलनरत छात्रों के साथ एकजुटता जताते हुए कहा कि जब तक छात्रों की मांगों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक उनका समर्थन जारी रहेगा. The post JPSC-JSSC Protest: झारखंड के छात्र आंदोलन में CJP ने मारी एंट्री, रांची पहुंची अभिजीत दीपके की टीम appeared first on Naya Vichar.

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‘जो कुर्सी कल जानी है, वह आज ही चली जाए…’ CM योगी के इस बयान के बाद UP में मची सियासी हलचल

UP Politics: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें सीएम योगी कहते सुनाई दे रहे हैं, “जो कुर्सी कल जानी है, वह आज चली जाए, मुझे इसकी चिंता नहीं है.” उन्होंने कहा कि प्रशासन को विकास के लिए विजन और समय दोनों चाहिए. सीएम ने दावा किया कि 2017 से पहले मुख्यमंत्री नोएडा और धार्मिक स्थलों पर जाने से डरते थे, क्योंकि उन्हें कुर्सी जाने का डर रहता था. उन्होंने कहा कि जब वह मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने इन धारणाओं को तोड़ने का काम किया. ‘जनता ने हमेशा के लिए विदा किया’ सीएम योगी ने कहा कि जब उन्हें नोएडा जाने को लेकर कुर्सी खिसकने की बात बताई गई तो उन्होंने कहा कि अगर कुर्सी जानी है तो आज ही चली जाए, लेकिन वह जनता के लिए काम करने आए हैं. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले के नेता जनता के बीच जाने से डरते थे. योगी ने दावा किया कि जनता ने ऐसे नेताओं को हमेशा के लिए सत्ता से विदा कर दिया है. सपा पर दंगा कराने का आरोप सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग खुद को नहीं संभाल सकते, वे प्रदेश और 25 करोड़ जनता को क्या संभालेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रशासन में दंगे होते थे और दंगाइयों के सामने प्रशासन घुटने टेकती थी. संभल की घटना का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि एक व्यक्ति ने दंगा कराने का प्रयास किया, जिसके खिलाफ अब प्रशासन सख्त कार्रवाई कर रही है. सीएम योगी के इस बयान की चर्चा तेज सीएम योगी आदित्यनाथ के “जो कुर्सी कल जानी है, वह आज चली जाए” वाले बयान के बाद यूपी की सियासत गरमा गई है. मुख्यमंत्री के इस बयान को लेकर नेतृत्वक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. विपक्षी दलों की ओर से इस पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है, वहीं बीजेपी समर्थक इसे योगी आदित्यनाथ के बेबाक तेवर और जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से जोड़कर देख रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी सीएम योगी के इस बयान की खूब चर्चा हो रही है. यह भी पढ़ें: ‘आओ बच्चू, मैं तुम्हें दंगा कराना सिखा देता हूं-कैसे दंगा होता है…’ सीएम योगी का बयान सोशल मीडिया पर वायरल The post ‘जो कुर्सी कल जानी है, वह आज ही चली जाए…’ CM योगी के इस बयान के बाद UP में मची सियासी हलचल appeared first on Naya Vichar.

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Ramayana Release Date: रणबीर कपूर की ‘रामायण’ की इंडिया रिलीज डेट बदली, अब इस दिन थिएटर्स में आएगी फिल्म

Ramayana Release Date: रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश की ‘रामायण’ को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट है. फिल्म की कहानी से लेकर स्टार कास्ट तक, हर अपडेट चर्चा में रहता है. अब फिल्म की रिलीज को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है. प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने बताया है कि फिल्म हिंदुस्तान और विदेशों में एक ही दिन रिलीज नहीं होगी. इंटरनेशनल ऑडियंस इसे 6 नवंबर को देख पाएगी, जबकि हिंदुस्तान में फिल्म दिवाली के मौके पर आएगी. हिंदुस्तान और विदेश में अलग-अलग दिन रिलीज होगी ‘रामायण’ अब तक ‘रामायण’ की रिलीज डेट 6 नवंबर बताई जा रही थी. लेकिन नमित मल्होत्रा ने साफ किया है कि यह तारीख विदेशों के लिए है. हिंदुस्तान में मेकर्स दिवाली पर फिल्म रिलीज करने की तैयारी कर रहे हैं. फिलहाल हिंदुस्तान में फिल्म की रिलीज 8 नवंबर 2026 को टारगेट की जा रही है. यानी अगर शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं होता है, तो हिंदुस्तानीय दर्शक विदेशों के मुकाबले दो दिन बाद फिल्म देख सकेंगे. शुक्रवार की वजह से विदेश में पहले रिलीज होगी फिल्म अब सवाल आता है कि आखिर दोनों जगह रिलीज की तारीख अलग क्यों रखी गई है? नमित मल्होत्रा ने इसकी वजह भी बताई है. उनके मुताबिक, इंटरनेशनल मार्केट में फिल्मों की रिलीज शुक्रवार के हिसाब से तय करना ज्यादा सही रहता है. 6 नवंबर 2026 शुक्रवार है, इसलिए विदेशों में इसी दिन फिल्म को रिलीज किया जाएगा. वहीं, हिंदुस्तान में दिवाली का बड़ा त्योहार है. ऐसे मौके पर सिनेमाघरों में फिल्मों को अच्छा दर्शक वर्ग मिलता है. इसी वजह से मेकर्स हिंदुस्तान में दिवाली रिलीज को प्राथमिकता दे रहे हैं. कैसी होगी ‘रामायण’ की कहानी? View on Instagram नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बन रही यह फिल्म रामायण की कहानी पर आधारित है. इसमें रणबीर कपूर भगवान राम और साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी. यश फिल्म में रावण की भूमिका निभा रहे हैं. कहानी राम और सीता के जीवन के साथ आगे बढ़ती है. दोनों के विवाह के बाद राम को 14 साल का वनवास मिलता है. सीता और लक्ष्मण भी उनके साथ वन जाने का फैसला करते हैं. वनवास के दौरान कहानी में बड़ा मोड़ आता है, जब रावण सीता का हरण कर लेता है. इसके बाद राम उन्हें वापस लाने के लिए संघर्ष शुरू करते हैं. दो हिस्सों में आएगी फिल्म ‘रामायण’ की कहानी को दो फिल्मों में दिखाया जाएगा. पहला पार्ट इस साल रिलीज होगा, जबकि दूसरे पार्ट के लिए दर्शकों को 2027 तक इंतजार करना पड़ेगा. पहला पार्ट दिवाली 2026 के मौके पर आएगा. वहीं, दूसरा पार्ट दिवाली 2027 में रिलीज किया जाएगा. यानी राम और रावण की पूरी कहानी बड़े पर्दे पर दो हिस्सों में देखने को मिलेगी. ये भी पढ़ें: खाने के पड़े थे लाले, स्टूडियो में गुजारी रातें… फिर बदली किस्मत और बन गया स्टार The post Ramayana Release Date: रणबीर कपूर की ‘रामायण’ की इंडिया रिलीज डेट बदली, अब इस दिन थिएटर्स में आएगी फिल्म appeared first on Naya Vichar.

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क्या होता है Document Verification? एक क्लिक में समझें पूरी डिटेल

Document Verification: आज के समय में आप कोई भी काम करने जाइए, तो सबसे पहले आपसे कई डॉक्यूमेंट्स मांगा जाता है. चाहे आप नौकरी के लिए अप्लाई करें या कहीं एडमीशन ले रहे हों, वहां आपका डाॅक्यूमेंट वेरिफिकेशन जरूर हाेगा. यह एक बहुत इंपॉर्टेंट प्रोसेस बन गया है. इस प्रक्रिया में एप्लिकेंट द्वारा जमा किए गए सभी डाॅक्यूमेंट्स की जांच होती है. डाॅक्यूमेंट में कोई भी गलती आपके करियर पर असर डाल सकता है. इसलिए यह आपके लिए बेहद जरूरी है, कि इससे जुड़ी सभी चीजों के बारे में आप जानें. Document Verification क्या है? डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन वह प्रोसेस है, जिसमें किसी व्यक्ति द्वारा जमा किए गए डाॅक्यूमेंट्स की जांच की जाती है. ताकि यह इंस्योर किया जा सके कि वे असली, सही और ऑफिशियल रिकॉर्ड के अनुसार हैं. इस प्रोसेस के दौरान डाॅक्यूमेंट पर दर्ज नाम, बर्थ डेट, फोटो, सिग्नेचर, मार्क्स और अन्य जानकारी को ध्यान से देखा जाता है. यह एक काफी इंपॉर्टेंट प्रोसेस माना जाता है. Document Verification Mistakes: यह गलती करने से बचें गलत या धुंधली फोटोकॉपी जमा करना. ओरिजनल डॉक्यूमेंट साथ न ले जाना. अलग-अलग डॉक्यूमेंट्स में नाम या बर्थ डेट अलग होना. गलत आकार या अस्पष्ट स्कैन काॅपी अपलोड करना. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सेंटर पर देरी से पहूंचना. ये भी पढ़ें: गोरखपुर यूनिवर्सिटी में सीट अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 11 अगस्त से DV राउंड Online Process: जानिए कैसे होता है ऑनलाइन प्रोसेस? आज के डिजिटल दौर में कई जगहों पर डिजिटल वेरिफिकेशन प्रोसेस किया जाता है. इसमें कैंडिडेट अपने डॉक्यूमेंट्स ऑनलाइन अपलोड करते है और संबंधित संस्था उन्हें ऑफिशियल रिकॉर्ड, QR Code, DigiLocker, डिजिटल डेटाबेस या अन्य ऑथेंटिक सोर्स से वेरिफाई करती है. ऑनलाइन वेरिफिकेशन से समय की बचत होती है और पहले की तुलना में अधिक तेज और सुरक्षित हो जाती है. Note: डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन को लेकर इस आर्टिकल में बेसिक डिटेल्स है. ऐसे आप अपनी एडमीशन और जॉब वैकेंसी के अनुसार डॉक्यूमेंट ले जा सकते हैं. ये भी पढ़ें: एयरपोर्ट अथॉरिटी में 300+ पदों पर निकली वैकेंसी, 1 लाख से ज्यादा होगी सैलरी The post क्या होता है Document Verification? एक क्लिक में समझें पूरी डिटेल appeared first on Naya Vichar.

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वीडियो कॉल पर पति का अफेयर देख कटिहार की महिला ने तोड़ा फोन, ससुराल वालों ने खंभे से बांधकर जिंदा जलाया

Malda Horror: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के मानिकचक थाना अंतर्गत नूरपुर ग्राम पंचायत के नादारटोला इलाके से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आयी है. वीडियो कॉल पर पति को किसी दूसरी युवती के साथ अंतरंग बातचीत करते देख पत्नी ने कड़ा विरोध जताया और गुस्से में आकर पति का मोबाइल फोन तोड़ दिया, तो पति और उसके परिजनों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं. आरोप है कि मोबाइल टूटने से आग बबूला होकर पति और उसके परिवार के सदस्यों ने मिलकर स्त्री के हाथ-पैर घर के बांस के खंभे से बांध दिये. केरोसिन छिड़ककर उसे जिंदा जला दिया. इलाज के दौरान मालदा मेडिकल कॉलेज में तोड़ा दम इस खौफनाक वारदात को कुछ दिन पहले अंजाम दिया गया था. जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही 20 वर्षीया गृहवधू ने आखिरकार शनिवार को मालदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के बर्न यूनिट में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. स्त्री की मौत के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है. एक साल पहले शादी, 3 माह से था अवैध संबंध पुलिस का कहना है कि मृतका की पहचान चुन्नी खातून (20) के रूप में हुई है. वह मूल रूप से बिहार के कटिहार जिले के बैरिया इलाके की रहने वाली थी. करीब एक साल पहले उसकी शादी मानिकचक के रहने वाले छोटे व्यवसायी सामीउल शेख से हुई थी. शादी के शुरुआती कुछ महीने ठीक चले, लेकिन पिछले 3 महीनों से सामीउल का इलाके की ही एक अन्य युवती से अवैध संबंध शुरू हो गया. पति के फोन पर आने वाले वीडियो कॉल के कारण अक्सर दोनों में विवाद होता रहता था. ये भी पढ़ें: बंगाल के मालदा में विस्फोट, आवाज़ इतनी कि पड़ोसी घर की छत हिल गई, 7 लोग झुलसे पति, सास, ननद और देवर पर प्राथमिकी, सभी आरोपी फरार स्त्री की मौत के बाद मायके वालों की शिकायत पर मानिकचक थाने की पुलिस ने मृतका के पति सामीउल शेख, देवर आनेस शेख, ननद चमेली बीबी और सास दिलनूर बीबी के खिलाफ हत्या और दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कर लिया है. घटना के बाद से ही सभी 4 नामजद आरोपी घर छोड़कर फरार हैं. पुलिस की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं. ये भी पढ़ें: बंगाल: मालदा के एक फ्लैट में मिला पैसों का ढेर, गिनने के लिए लगानी पड़ी मशीन The post वीडियो कॉल पर पति का अफेयर देख कटिहार की स्त्री ने तोड़ा फोन, ससुराल वालों ने खंभे से बांधकर जिंदा जलाया appeared first on Naya Vichar.

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नरक से भी बदतर शिकागो का फ्यूनरल होम: मिलीं 56 सड़ी लाशें,कीड़ों और बदबू से मचा हड़कंप

अमेरिका के शिकागो स्थित ‘साउथ शिकागो चैपल’ फ्यूनरल होम से एक खौफनाक मामला सामने आया है. जांच अधिकारियों ने बृहस्पतिवार (6 अगस्त ) को छापेमारी के दौरान वहां से लगभग 56 लोगों के शव बरामद किए हैं, जो बेहद दयनीय और अमानवीय स्थिति में पाए गए. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, फ्यूनरल होम के आसपास पिछले कई महीनों से एक बेहद तेज और असहनीय बदबू फैल रही थी. लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जब कुक काउंटी मेडिकल एग्जामिनर कार्यालय, पुलिस और फॉरेंसिक पैथोलॉजिस्ट्स की संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए. इलिनोइस राज्य के वित्तीय और व्यावसायिक विनियमन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, फ्यूनरल होम में शवों को बिना किसी प्रशीतन (कोल्ड स्टोरेज/रेफ्रिजरेशन) के खुले में छोड़ दिया गया था. इस गंभीर लापरवाही के कारण वहां शव तेजी से सड़ने लगे और पूरे परिसर में चूहों व कीड़ों (मग्गोट्स) का भयंकर संक्रमण फैल गया. अधिकारियों ने स्थिति को अत्यंत भयानक और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा करार दिया है. इस घोर लापरवाही को देखते हुए राज्य प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए फ्यूनरल होम की डायरेक्टर का लाइसेंस निलंबित कर दिया है. मालिकों का विवादित इतिहास: पहले भी हो चुका है लाइसेंस रद्द बिजनेस रिकॉर्ड्स से खुलासा हुआ है कि जोहाना मॉर्गन ने साल 2022 में ‘साउथ शिकागो चैपल इंक’ की शुरुआत की थी. वह और उनके पति क्लार्क मॉर्गन पहले भी इस तरह की गंभीर अनियमितताओं में शामिल रहे हैं. इससे पहले वे शिकागो हाइट्स में एक क्रेमेटोरी (शवदाह गृह) चलाते थे, जिसका लाइसेंस पिछले साल इसी तरह शवों को अनुचित तरीके से रखने और परिजनों को सैकड़ों लोगों की अस्थियां न सौंपने के कारण रद्द कर दिया गया था. इसके अलावा, क्लार्क मॉर्गन का फ्यूनरल डायरेक्टर लाइसेंस भी साल 2024 में ही रद्द किया जा चुका था. आपराधिक जांच शुरू, परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया जारी मेडिकल एग्जामिनर की टीम फिलहाल बरामद शवों की स्थिति का मूल्यांकन करने के साथ-साथ उनके मृत्यु प्रमाण पत्रों और दस्तावेजों के जरिए पहचान स्थापित करने में जुटी हुई ह.। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही शवों के परिजनों को सूचित किया जाएगा. दूसरी ओर, शिकागो पुलिस की डिटेक्टिव टीम ने इस पूरे मामले में आपराधिक जांच शुरू कर दी है. अपने परिजनों के अंतिम संस्कार में हुई इस घिनौनी और अपमानजनक लापरवाही की समाचार मिलते ही पीड़ित परिवारों में भारी आक्रोश और शोक का माहौल है. ये भी पढ़ें: इजराइली मीडिया का दावा: ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की हालत नाजुक, अस्पताल में हुए भर्ती The post नरक से भी बदतर शिकागो का फ्यूनरल होम: मिलीं 56 सड़ी लाशें,कीड़ों और बदबू से मचा हड़कंप appeared first on Naya Vichar.

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