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Author name: Vinod Jha

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Pitru Paksha: इन 5 कामों के बिना अधूरा रह जाता है पितृ पक्ष में श्राद्ध, जानें ‘पंचबलि’ की विधि और महत्व

Pitru Paksha 2026 Panchabali: पंचांग की गणना के अनुसार, इस साल पितृ पक्ष का आरंभ 26 सितंबर, शनिवार से हो रहा है. इस दिन भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि पड़ रही है. भाद्रपद पूर्णिमा के दिन ऋषि तर्पण किया जाता है. साथ ही, इस दिन परिवार के उन सदस्यों के निमित्त श्राद्ध (तर्पण और पिंडदान) किया जाता है, जिनकी मृत्यु पूर्णिमा तिथि में हुई. गरुड़ पुराण के अनुसार, पूर्वजों की कृपा पाने के लिए पितृ पक्ष अत्यंत शुभ अवसर है. इस दौरान श्राद्ध (तर्पण और पिंडदान) कर्म के अलावा कुछ उपाय करने से पूर्वजों की विशेष कृपा प्राप्त होती है. ऐसे में आइए, जानते हैं कि पितृ पक्ष में किन 5 कार्यों को करने से पूर्वज प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद देंगे. पितृ पक्ष में पंचबलि कर्म का महत्व पंचबलि का मतलब भोजन को पांच हिस्सों में बांटना है. धर्मशास्त्र के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान पांच हिस्सों में गाय, देवता, चींटी, कौआ और कुत्ते के लिए भोजन का बराबर-बराबर अंश निकाला जाता है. इसे श्राद्ध कर्म का मुख्य हिस्सा माना गया है. शास्त्रों में इसे पंचबलि कर्म का नाम दिया गया है. कर्मकांड के जानकार द्वारिकानाथ झा ने बताया कि पितृ पक्ष में इसके बिना पूर्वजों का श्राद्ध अधूरा माना जाता है. ये भी पढ़ें: Pitru Paksha 2026: 26 सितंबर से शुरू हो रहा पितृ पक्ष, नोट करें पूर्णिमा से सर्वपितृ अमावस्या की सही तिथियां पितृ पक्ष में पंचबलि कर्म की विधि गौ बलि- पंचबलि कर्म में सबसे पहले गौ (गाय) माता के लिए भोजन निकाला जाता है. इसे घर की पश्चिम दिशा में पलाश के पत्ते पर रखकर गाय को श्रद्धापूर्वक भोजन कराया जाता है. साथ ही, गौ-माता को प्रणाम किया जाता है. श्वान बलि- इस कर्म में श्वान यानी भैरव देव (कुत्ता) के लिए भोजन का एक हिस्सा निकाला जाता है. भैरव देवता को घर के बाहर भोजन दिया जाता है. मान्यता है कि इस कर्म से संकटों से मुक्ति मिलती है. काक बलि- इस कर्म के तहत कौए के लिए भोजन का एक अंश निकाला जाता है. साथ ही, घर की छत पर किसी पत्तल में भोजन रख दिया जाता है. मान्यता है कि जब कौआ भोजन कर लेता है, तो पितृ देव खुश होते हैं. देव बलि- इस बलि कर्म के तहत देवताओं के लिए पहले भोजन का एक अंश निकाला जाता है. इसके बाद उसे घर के बाहर रख दिया जाता है. पितृ पक्ष में देव बलि कर्म से कुलदेवी या कुल देवता का आशीर्वाद प्राप्त होता है. पिपीलिका इत्यादि बलि- इस बलि में पिपीलिका (चींटी) और कीड़े-मकोड़े इत्यादि के लिए भोजन का एक हिस्सा निकाला जाता है. इस बलि को घर के बाहर पीपल के वृक्ष के नीचे या जहां चींटियों का स्थान हो, वहां रख दिया जाता है. पंचबलि के 5 अंग जीव का नाम भोजन रखने का स्थान दिशा गाय घर के बाहर पश्चिम कुत्ता घर के बाहर दक्षिण या पश्चिम कौआ घर की छत पर दक्षिण दिशा देवता घर के बाहर पूरब, उत्तर या पूर्व-उत्तर (ईशान कोण) चींटी या कीड़े-मकोड़े घर के बाहर पूरब या उत्तर ये भी पढ़ें: Pitru Paksha 2026: कब है पूर्णिमा श्राद्ध? जानें कुतुप-रौहिण मुहूर्त और तर्पण की विधि The post Pitru Paksha: इन 5 कामों के बिना अधूरा रह जाता है पितृ पक्ष में श्राद्ध, जानें ‘पंचबलि’ की विधि और महत्व appeared first on Naya Vichar.

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बिहार AEDO पेपर लीक का मुख्य आरोपी सतीश यादव गिरफ्तार, 10 परीक्षा केंद्रों पर ऐसे बिछाया था सॉल्वर गैंग का जाल

Bihar AEDO Paper Leak: बिहार में AEDO परीक्षा धांधली मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है. EOU ने मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल सतीश कुमार यादव को गिरफ्तार किया है. उसकी गिरफ्तारी गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में शिवपुरी पार्क के पास से हुई. EOU के मुताबिक, सतीश कुमार यादव बक्सर का रहने वाला है. परीक्षा में धांधली के बाद से वह फरार चल रहा था. उसकी तलाश लगातार की जा रही थी. करीब 10 परीक्षा केंद्रों पर बनाया अपना नेटवर्क जांच में सतीश कुमार यादव की भूमिका को लेकर कई अहम बातें सामने आई हैं. EOU के अनुसार, उसने पटना के करीब 10 परीक्षा केंद्रों पर बायोमैट्रिक का काम लिया था. इसके लिए उसने मेसर्स साई एजुकेयर प्राइवेट लिमिटेड के वेंडरों के साथ एकरारनामा किया था. इसके बाद उसने अपने लोगों को ही बायोमैट्रिक सुपरवाइजर और ऑपरेटर के तौर पर तैनात कर दिया. परीक्षा केंद्रों से प्रश्नपत्र हासिल करने का आरोप EOU के अनुसार, सतीश यादव के नेटवर्क ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात कर्मियों के जरिए प्रश्नपत्र हासिल किए. इसके बाद सॉल्वर की मदद से उनके उत्तर तैयार किए गए. बताया गया है कि तैयार उत्तर कुंजी पहले से तय अभ्यर्थियों तक पहुंचाई गई. इस तरह परीक्षा में धांधली का नेटवर्क चलाया गया. RKR Solutions सेंटर से तैयार होती थी Answer Key जांच में पटना के एक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र का नाम भी सामने आया है. EOU के अनुसार, 70 फीट रोड, बेउर स्थित RKR Solutions Pvt. Ltd. के ऑनलाइन परीक्षा केंद्र में प्रश्नों को सॉल्व कराया जाता था. यहां सॉल्वर की मदद से Answer Key तैयार किए जाने का आरोप है. EOU के मुताबिक, यह सेंटर सतीश यादव के सहयोगी सरफराज आलम और रमेश कुमार संयुक्त रूप से संचालित करते थे. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें पहले नेपाल और फिर असम भाग गया था EOU की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, मामले में नाम सामने आने के बाद सतीश कुमार यादव पहले नेपाल भाग गया था. इसके बाद वह असम चला गया. जांच एजेंसी उसकी लगातार तलाश कर रही थी. आखिरकार गोपनीय सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. EOU प्रेस रिलीज यूपी सिपाही भर्ती लीक केस में भी हो चुका है गिरफ्तार EOU के अनुसार, सतीश कुमार यादव का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है. वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश के इटावा में सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले में भी उसकी गिरफ्तारी हुई थी. इस मामले में वह लंबे समय तक जेल में रहा था. गिरफ्तारी से मिले अहम सुराग EOU ने बताया कि सतीश यादव की गिरफ्तारी से सॉल्वर गैंग के दूसरे सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं. इन साक्ष्यों का सत्यापन किया जा रहा है. जांच एजेंसी अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है. दूसरे मामलों में भी होगी रिमांड पर कार्रवाई फिलहाल सतीश कुमार यादव की गिरफ्तारी मुंगेर मुफस्सिल थाना कांड संख्या 177/26 में की गई है. EOU के मुताबिक, AEDO परीक्षा से जुड़े दूसरे मामलों में भी उसे रिमांड पर लिया जाएगा. AEDO परीक्षा में धांधली से जुड़े कुल चार मामलों की EOU जांच कर रही है. सभी मामले अभी जांच के अधीन हैं. Also Read: तेजस्वी यादव बोले- बिहार और बंगाल में फिर से हो चुनाव, चीफ इलेक्शन कमिश्नर और चुनाव आयोग पर लगाए कई आरोप The post बिहार AEDO पेपर लीक का मुख्य आरोपी सतीश यादव गिरफ्तार, 10 परीक्षा केंद्रों पर ऐसे बिछाया था सॉल्वर गैंग का जाल appeared first on Naya Vichar.

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AK-47, इंसास रायफल और गोलियां…जमीरा पहाड़ से बरामद हथियारों का नक्सल कनेक्शन

चाकुलिया : पश्चिम बंगाल के मिदनापुर क्षेत्र से पकड़ी गयी दो लाख की इनामी स्त्री नक्सली मालती मुर्मू को लेकर कोलकाता एसटीएफ और झारखंड एवं छत्तीसगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम चाकुलिया पहुंची. मालती की निशानदेही पर चाकुलिया की बर्डीकानपुर-कालापाथर पंचायत अंतर्गत जोभी गांव के समीप जमीरा पहाड़ से एक एके-47, एक इंसास राइफल, 210 गोलियां और कई मैगजीन बरामद की गयीं. पुलिस के अनुसार बरामदगी के बाद इसे नक्सल विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है. मालती को लेकर जोभी पहुंची थी पुलिस टीम मालती मुर्मू को लेकर पुलिस और कोबरा जवानों की टीम जोभी गांव पहुंची थी. वहां से टीम पैदल जमीरा पहाड़ की ओर गयी. पहाड़ी इलाके में मालती की निशानदेही पर हथियारों की तलाश की गयी. इसके बाद पुलिस को हथियार और कारतूस बरामद हुए. बताया गया कि बरामद एके-47 के साथ 125 गोलियां, जबकि इंसास राइफल के साथ 85 गोलियां मिली हैं. इसके अलावा कई मैगजीन भी बरामद की गयी हैं. पति मंगल के साथ नक्सली संगठन में सक्रिय थी मालती मालती मुर्मू माओवादी एरिया कमेटी की सदस्य रही है. झारखंड पुलिस ने उस पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. बताया जाता है कि उसका पति मंगल महतो उर्फ समीर भी नक्सली संगठन में सक्रिय रहा है. मंगल एके-47 और मालती इंसास राइफल लेकर चलती थी. पुलिस के अनुसार, दोनों पहले पोलित ब्यूरो सदस्य और लालगढ़ आंदोलन के अगुवा कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी के बॉडीगार्ड रहे थे. वर्ष 2011 में मुठभेड़ में किशनजी के मारे जाने के बाद दोनों बंगाल स्टेट कमेटी के सचिव असीम मंडल के बॉडीगार्ड बन गये थे. असीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद खुली कड़ी बताया गया कि असीम मंडल के जंगल से बाहर निकलने के बाद मंगल और मालती जमीरा पहाड़ इलाके में हथियार छिपाकर संगठन से बाहर निकल गये थे. इसके बाद दोनों पश्चिम बंगाल में अपने एक संबंधी के यहां छिपकर रह रहे थे. संगठन में रहते हुए दोनों ने कॉमरेड मैरिज की थी. असीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ की पूछताछ में मंगल और मालती के ठिकानों के संबंध में जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है. इसके बाद पुलिस ने दोनों की तलाश तेज की. हालांकि, चर्चा यह भी है कि मंगल और मालती ने आत्मसमर्पण किया है. इस संबंध में पुलिस की ओर से आधिकारिक तौर पर स्थिति स्पष्ट किया जाना बाकी है. The post AK-47, इंसास रायफल और गोलियां…जमीरा पहाड़ से बरामद हथियारों का नक्सल कनेक्शन appeared first on Naya Vichar.

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Kumar Kushagra: ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ जब संकट में थी टीम इंडिया, तब झारखंड के कुशाग्र ने खेली शतकीय पारी, जानें यहां तक का सफर

India A vs Australia A Jharkhand Player Performance: इंडिया ए की टीम जब ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ मुश्किल में फंसी थी, तब झारखंड के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र ने मोर्चा संभाला. पुड्डुचेरी में स्पोर्ट्से जा रहे मुकाबले में कुशाग्र ने शानदार शतक लगाकर न सिर्फ टीम को संकट से बाहर निकाला, बल्कि एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींच लिया. मुश्किल वक्त में संभाली पारी ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ मुकाबले में इंडिया ए की शुरुआत अच्छी नहीं रही. टीम ने महज 97 रन के स्कोर पर अपने पांच विकेट गंवा दिए थे. अमन मोखाडे, कप्तान देवदत्त पडिक्कल, शेक रशीद और यश राठौड़ जल्दी पवेलियन लौट गए, जबकि साई सुदर्शन ने 57 रन की उपयोगी पारी स्पोर्ट्सी. ऐसे समय में छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए कुमार कुशाग्र ने पारी को संभालने की जिम्मेदारी उठाई. उन्होंने धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते हुए 240 गेंदों पर 113 रन बनाए. उनकी पारी में 12 चौके शामिल रहे. कुशाग्र को तनुष कोटियान का भी अच्छा साथ मिला. दोनों ने छठे विकेट के लिए 138 रन की साझेदारी की. यह जोड़ी 266 गेंदों तक क्रीज पर डटी रही. कोटियान ने 138 गेंदों पर 69 रन बनाए. इस साझेदारी की बदौलत इंडिया ए की टीम 300 रन के पार पहुंची और अंत में 334 रन का स्कोर खड़ा किया. ये भी पढ़ें: Richest Cricket Board: आखिर कौन है दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड? देखें टॉप-10 की पूरी लिस्ट लगातार बल्ले से दे रहे हैं जवाब कुमार कुशाग्र के लिए यह शतक इसलिए भी खास है क्योंकि वह पिछले कुछ समय से लगातार रन बना रहे हैं. हाल ही में दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में भी उनके बल्ले से शानदार प्रदर्शन देखने को मिला था. उन्होंने मुकाबले की पहली पारी में 101 और दूसरी पारी में 46 रन बनाए थे. इससे पहले सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के फाइनल में कुशाग्र ने 81 रन की पारी स्पोर्ट्सकर झारखंड को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. अब इंडिया ए के लिए ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ शतक लगाकर उन्होंने एक बार फिर अपनी दावेदारी मजबूत की है. तीनों फॉर्मेट में अच्छा रिकॉर्ड कुशाग्र की बल्लेबाजी की खासियत उनकी तकनीक और लंबे समय तक क्रीज पर टिककर स्पोर्ट्सने की क्षमता है. यही वजह है कि वह फर्स्ट क्लास, लिस्ट-ए और टी20 तीनों फॉर्मेट में अपनी पहचान बना चुके हैं. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने अब तक 37 मैचों की 58 पारियों में करीब 42 की औसत से 2,450 रन बनाए हैं. इस दौरान उनके नाम 7 शतक और 6 अर्धशतक हैं. लिस्ट-ए क्रिकेट में कुशाग्र ने 34 पारियों में 52.69 की औसत से 1,370 रन बनाए हैं. उनके नाम 2 शतक और 10 अर्धशतक हैं. टी20 क्रिकेट में भी उन्होंने 694 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 145 से ज्यादा का है. फॉर्मेट मैच पारी नाबाद रन सर्वोच्च औसत गेंद स्ट्राइक रेट 100 50 चौके छक्के कैच स्टंपिंग फर्स्ट क्लास (FC) 36 57 1 2337 266 41.73 3860 60.54 6 6 260 39 62 15 लिस्ट ए (List A) 39 34 8 1370 143* 52.69 1436 95.40 2 10 101 51 37 3 टी20 (T20s) 33 31 6 694 86* 27.76 478 145.18 0 5 49 37 25 3 ये भी पढ़ें: India vs Japan T20I: आखिर कौन है ये 17 साल का गेंदबाज, जिसने पहले ओवर में अभिषेक को Duck पर तो दूसरे में श्रेयस को बनाया अपना शिकार बोकारो में हुआ जन्म, पिता ने तैयार की क्रिकेट की नींव कुमार कुशाग्र (फोटो- सोशल मीडिया) कुमार कुशाग्र का जन्म 23 अक्टूबर 2004 को झारखंड के बोकारो में हुआ था. क्रिकेट के प्रति उनका जुनून बचपन से ही था. उनके पिता शशिकांत जमशेदपुर में GST विभाग में कमिश्नर हैं. कुशाग्र के क्रिकेट सफर में उनके पिता की भूमिका काफी अहम रही. क्रिकइंफो की एक पुरानी रिपोर्ट के मुताबिक, शशिकांत ने घर पर ही उनके लिए क्रिकेट की पिच तैयार करवाई थी. उन्होंने बॉब वूलमर की किताब ‘द आर्ट एंड साइंस ऑफ क्रिकेट’ पढ़कर नोट्स तैयार किए और स्थानीय कोच दीपक डे की मदद से बेटे को क्रिकेट की बारीकियां सिखाईं. शशिकांत ने बताया था कि घर में बनाई गई पिच पर दीपक डे और उनके साथी कुशाग्र को घंटों गेंदबाजी किया करते थे. यही शुरुआती अभ्यास आगे चलकर उनकी क्रिकेट यात्रा की मजबूत नींव बना. अंडर-19 से शुरू हुआ सफर कुशाग्र ने 2019-20 की वीनू मांकड़ ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 मैचों में 500 से ज्यादा रन बनाए थे. इस प्रदर्शन ने उन्हें अंडर-19 क्रिकेट में पहचान दिलाई और आगे हिंदुस्तान के अंडर-19 सेटअप तक पहुंचने का रास्ता बनाया. इसके बाद 2021 में उन्होंने झारखंड के लिए लिस्ट-ए क्रिकेट में डेब्यू किया. 2022 में रणजी ट्रॉफी के जरिए उनका फर्स्ट क्लास करियर शुरू हुआ. ये भी पढ़ें: Kumar Kushagra Celebration: दलीप ट्रॉफी फाइनल में कुशाग्र का शतक, खास अंदाज में मनाया सेंचुरी का जश्न; VIDEO वायरल The post Kumar Kushagra: ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ जब संकट में थी टीम इंडिया, तब झारखंड के कुशाग्र ने स्पोर्ट्सी शतकीय पारी, जानें यहां तक का सफर appeared first on Naya Vichar.

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Prabhat Khabar Exclusive: ‘इलाज नहीं मिला तो भाई मर जाएगा…’, ‘FIR’ फेम ईश्वर ठाकुर ICU में भर्ती, किडनी फेल होने के बाद बहन की रुला देने वाली गुहार

FIR Actor Ishwar Thakur Hospitalised ICU: मेरा भाई आईसीयू में है.. अगर दवाई और ईलाज की मदद नहीं मिली, तो वो मर जाएगा. मैंने उसके इलाज में अपना सब कुछ गंवा दिया है. अब मेरे पास बस गुहार करने के अलावा कुछ नहीं है. नया विचार ने जब एफआईआर के गोलू यानी ईश्वर ठाकुर से उनके सेहत की जानकारी लेने के लिए कॉल किया, तो सामने से कॉल उनकी बहन जयश्री ने उठाया. भाई की जानकारी देते हुए जयश्री रो पड़ीं. जयश्री ने बताया, अचानक से तबीयत बिगड़ने के कारण आईसीयू में बुधवार को एडमिट कराया है. किडनी ने काम करना किया बंद, ICU में भर्ती एक्ट्रेस  की बहन ने उनकी तबीयत के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से वह गंभीर इंफेक्शन से जूझ रहे हैं. संक्रमण बढ़ने के बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई. स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि उनकी किडनी ने काम करना बंद कर दिया और शरीर में क्रिएटिनिन का स्तर काफी बढ़ गया. बहन के मुताबिक, अभिनेता को सुबह से आईसीयू में भर्ती कराया गया है. डॉक्टर उनकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और इलाज चल रहा है. परिवार इस वक्त बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा है और हर गुजरते दिन के साथ इलाज का खर्च बढ़ता जा रहा है. एक दिन में 40 हजार रुपये का खर्च इलाज का खर्च परिवार के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गया है. बहन ने बताया कि सिर्फ एक दिन में दवाइयों और मेडिकल टेस्ट पर करीब 35 हजार रुपये से ज्यादा खर्च हो चुके हैं. वहीं, आईसीयू में भर्ती रहने का खर्च भी लगभग 15 हजार रुपये प्रतिदिन है. बहन ने अपने गहने और बची हुई राशि भी इस खर्च में लगा दिए. ईश्वर ठाकुर, फोटो- इंस्टाग्राम उनकी आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि परिवार को घर का सामान तक बेचना पड़ा है. बहन के मुताबिक, घर में जो कुछ भी था, वह इलाज के खर्च में चला गया. अब उनके पास कुछ नहीं बचा है और भाई का इलाज जारी रखने के लिए उन्हें कर्ज लेना पड़ रहा है. परिवार पहले ही झेल चुका है बड़ा सदमा एक्टर की बीमारी के बीच उनका परिवार पहले से ही एक बड़े दुख से गुजर रहा है. बहन ने बताया कि उनके छोटे भाई का लंबे समय तक मानसिक बीमारी का इलाज चला था. करीब 30 साल तक इलाज चलने के बाद उनका निधन हो गया. अब 26 सितंबर को उनकी पहली बरसी है. वहीं, परिवार की बुजुर्ग मां भी दिल की मरीज हैं. कुछ दिन पहले ही एक्टर ने किसी तरह 5 हजार रुपये जुटाकर मां की दवाइयों का इंतजाम किया था. लेकिन अब खुद आईसीयू में भर्ती होने के बाद परिवार के सामने मां की दवाइयों का खर्च उठाना भी मुश्किल हो गया है. ये भी पढ़ें: बप्पा के दरबार में दिखा ‘संजू बाबा’ का रोमांटिक अंदाज, पत्नी मान्यता के माथे पर लगाया तिलक, वीडियो वायरल सोनू सूद समेत इन लोगों ने पहले की थी मदद मुश्किल समय में टीवी इंडस्ट्री के कुछ लोग पहले भी एक्टर और उनके परिवार की मदद कर चुके हैं. बहन के मुताबिक, साल 2020 में जब उनकी स्थिति खराब हुई थी, तब अभिनेता सोनू सूद ने उनकी आर्थिक मदद की थी. इसके अलावा ‘FIR’ और ‘भाभी जी घर पर हैं’ के डायरेक्टर ने भी मदद का हाथ बढ़ाया था. हाल ही में उनकी मदद को एक्ट्रेस नूपुर अलंकार भी आई. एक्ट्रेस कविता कौशिक और शोज से जुड़े कई दूसरे कलाकारों ने भी उस वक्त परिवार को सपोर्ट किया था. अब एक बार फिर परिवार को इंडस्ट्री और लोगों से आर्थिक मदद की उम्मीद है. अब तक मिली सिर्फ 6,500 रुपये की मदद बहन ने बताया कि मौजूदा समय में उन्हें मदद की बेहद जरूरत है. आज सुबह से अब तक परिवार को करीब 6,500 रुपये की ही आर्थिक मदद मिल पाई है। नुपुर अलंकार और संतोष कुमार जैसे लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है. टीवी पर अपने अभिनय से दर्शकों का मनोरंजन करने वाले इस एक्टर की असल जिंदगी इस समय बेहद मुश्किल दौर से गुजर रही है. परिवार के पास इलाज जारी रखने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं और वह लोगों से मदद की उम्मीद कर रहा है. ऐसे में फिलहाल उनकी जिंदगी बचाने के लिए इलाज के साथ-साथ आर्थिक मदद भी परिवार की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है. ये भी पढ़ें: जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं FIR फेम और भाभी जी घर पर हैं के ये एक्टर, अस्पताल का बिल भरने के भी नहीं बचे पैसे The post Naya Vichar Exclusive: ‘इलाज नहीं मिला तो भाई मर जाएगा…’, ‘FIR’ फेम ईश्वर ठाकुर ICU में भर्ती, किडनी फेल होने के बाद बहन की रुला देने वाली गुहार appeared first on Naya Vichar.

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सिंगल चार्ज में 670km रेंज का दावा, सिर्फ 2.6 सेकंड में 100kmph की स्पीड… इस नई इलेक्ट्रिक कार की एंट्री से मची हलचल

CEER, सऊदी अरब की नेशनल ऑटोमोटिव कंपनी ने सोमवार को Exobot सेडान और SUV के साथ ऑटोमोबाइल बाजार में कदम रखा है. यह ब्रांड Saudi Vision 2030 के तहत इंडस्ट्री में बदलाव और नए सेक्टर को बढ़ावा देने के लक्ष्य के साथ पैसेंजर इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में आया है. इन कारों को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल साऊद ने पेश किया. इन दोनों कारों का प्रोडक्शन CEER के मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स में होगा, जिसे मिडिल ईस्ट की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल प्रोडक्शन फैसिलिटी बताया गया है. Exobot सेडान और SUV ब्रांड की फ्लैगशिप इलेक्ट्रिक कारें हैं. CEER अगले पांच साल में पांच और मॉडल पेश करने की योजना बना रही है. इनमें मिड-साइज और कॉम्पैक्ट कारें शामिल होंगी, जिनमें अलग-अलग पावरट्रेन ऑप्शन दिए जाएंगे. CEER Exobot सेडान और SUV का एक्सटीरियर डिजाइन Exobot सेडान की लंबाई 5.26 मीटर, चौड़ाई 2.1 मीटर और ऊंचाई 1.43 मीटर है, जबकि SUV की लंबाई 5.02 मीटर, चौड़ाई 2.1 मीटर और ऊंचाई 1.69 मीटर है. दोनों कारों में चौड़ा स्टांस और वेज शेप प्रोफाइल दिया गया है. आगे की तरफ पतली हॉरिजॉन्टल लाइट सिग्नेचर दी गई है. इन कारों के डिजाइन की एक खास बात बड़ी विंडस्क्रीन है. CEER का दावा है कि यह किसी प्राइवेट पैसेंजर व्हीकल में अब तक इस्तेमाल की गई सबसे बड़ी विंडस्क्रीन है. इसमें लैमिनेटेड ग्लास के साथ रिफ्लेक्टिव कोटिंग दी गई है, जिसका मकसद केबिन में आने वाली धूप की गर्मी को कम करना है. CEER का यह भी दावा है कि ज्यादा गर्मी की स्थिति में केबिन का तापमान 65 डिग्री सेल्सियस से घटकर 10 मिनट के अंदर 32 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है. दोनों कारों में ट्रायएंगुलर डिजाइन वाले हल्के फोर्ज्ड एल्युमिनियम व्हील दिए गए हैं. एक और खास फीचर करीब तीन मीटर लंबे विंग डोर हैं, जो 60cm के आर्क में खुलते हैं. इससे आगे और पीछे बैठे यात्रियों के लिए ज्यादा चौड़ा ओपनिंग मिलता है. इन कारों का First Edition भी उपलब्ध है, जिसमें रेड ब्रेक कैलिपर्स दिए गए हैं. इसके अलावा Harrat Grey और White Musk नाम के दो एक्सटीरियर पेंट ऑप्शन मिलते हैं. ये भी पढ़ें: Hyundai Bayon की ₹11,000 के टोकन अमाउंट पर बुकिंग शुरू, क्या बुक करना सही या इंतजार करने में भलाई? CEER Exobot सेडान और SUV का इंटीरियर और फीचर्स डैशबोर्ड के ज्यादातर हिस्से पर 48-इंच का पिलर-टू-पिलर कर्व्ड 8K डिस्प्ले दिया गया है. इसके अलावा 10.4-इंच का टचस्क्रीन और 8-इंच का रियर डिस्प्ले भी मिलता है. Exobot मॉडल में steer-by-wire टेक्नोलॉजी और रियर-व्हील स्टीयरिंग दी गई है. सेंटर कंसोल में फिजिकल और डिजिटल कंट्रोल का इस्तेमाल किया गया है. गियर सिलेक्शन, क्लाइमेट कंट्रोल और वॉल्यूम जैसे जरूरी फंक्शन अभी भी अलग फिजिकल कंट्रोल के जरिए ऑपरेट किए जाते हैं. First Edition में ब्लैक और रेड Nappa लेदर सीटें दी गई हैं. हेडरेस्ट पर ‘First Edition’ का लोगो उभरे हुए डिजाइन में दिया गया है. इसमें खास फ्लोर मैट और एक अलग First Edition प्लाक भी मिलता है. ये भी पढ़ें: Honda Elevate से Audi Q3 तक… अक्टूबर 2026 में लॉन्च होंगी ये नई कारें, जानें इनमें क्या होगा खास CEER Exobot सेडान और SUV की रेंज और बैटरी स्पेसिफिकेशन Exobot सेडान की NEDC साइकिल के हिसाब से रेंज 670km होने का दावा किया गया है. यह 10-80 प्रतिशत तक चार्ज होने में 30 मिनट लेती है और 0-100kph की रफ्तार 2.6 सेकंड में पकड़ सकती है. सेडान 850hp की पावर और 1,000Nm का टॉर्क जनरेट करती है. वहीं Exobot SUV की NEDC रेंज 560km होने का दावा है और इसे भी 10-80 प्रतिशत तक चार्ज होने में 30 मिनट लगते हैं. SUV 0-100kph की रफ्तार 2.9 सेकंड में पकड़ सकती है और सेडान की तरह इसमें भी 850hp की पावर और 1,000Nm का टॉर्क मिलता है. अपने सबसे ज्यादा स्पेसिफिकेशन वाले वर्जन में Exobot मॉडल 1,111hp की पावर और 1,500Nm का टॉर्क जनरेट करते हैं. सेडान 0-100kph की रफ्तार 2.1 सेकंड में पकड़ सकती है और इसकी टॉप स्पीड 250kph है. वहीं SUV 0-100kph की रफ्तार 2.4 सेकंड में पकड़ती है और इसकी टॉप स्पीड 210kph है. दोनों आंकड़े कंपनी के दावे पर आधारित हैं. BMW और Hyundai जैसी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप  2022 में शुरुआत के बाद से CEER ने BMW, Hyundai और Rimac जैसी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप की है. कंपनी का लक्ष्य 2034 तक अपनी कारों में 45 प्रतिशत लोकल कंटेंट हासिल करना है. इसके साथ ही कंपनी सऊदी अरब और इस पूरे क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखकर कारों की डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग और टेस्टिंग करना चाहती है. ब्रांड ने अभी तक यह जानकारी नहीं दी है कि Exobot सेडान और SUV को हिंदुस्तान में लॉन्च किया जाएगा या नहीं. इनकी हिंदुस्तान में कीमत को लेकर भी अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है. The post सिंगल चार्ज में 670km रेंज का दावा, सिर्फ 2.6 सेकंड में 100kmph की स्पीड… इस नई इलेक्ट्रिक कार की एंट्री से मची हलचल appeared first on Naya Vichar.

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मोबाइल से ₹100 रोज कैसे कमाएं? जानिए ऑनलाइन एक्स्ट्रा इनकम के सुरक्षित और आसान तरीके

बढ़ते डिजिटल दौर में अपने खाली समय का सही इस्तेमाल करके हर दिन ₹100 से ₹300 तक की एक्स्ट्रा इनकम करना अब बिल्कुल मुमकिन हो गया है. खासकर कॉलेज स्टूडेंट्स, हाउसवाइव्स और पार्ट-टाइम जॉब की तलाश कर रहे लोगों के लिए इंटरनेट पर कई ऐसे जरिये मौजूद हैं, जहां बिना एक भी रुपया लगाए (Zero Investment) सिर्फ स्मार्टफोन की मदद से काम शुरू किया जा सकता है. आइए जानते हैं उन भरोसेमंद तरीकों और माइक्रो-वर्क्स के बारे में, जो आपको रोजाना घर बैठे पॉकेट मनी दिलाने में मददगार साबित हो सकते हैं. माइक्रो-टास्क और ऑनलाइन सर्वे से तुरंत शुरुआत बिना किसी विशेष तकनीकी ज्ञान या स्किल के कमाई शुरू करने का सबसे आसान जरिया माइक्रो-टास्क (Micro-tasks) और ऑनलाइन सर्वे हैं. कई प्रामाणिक प्लेटफॉर्म्स जैसे Google Opinion Rewards, Toloka और Clickworker यूज़र्स को छोटे-छोटे सर्वे पूरा करने, इमेज लेबलिंग, ऑडियो ट्रांसक्रिप्शन और डेटा चेकिंग जैसे साधारण काम देते हैं. इनमें से प्रत्येक कार्य को पूरा करने में मुश्किल से 2 से 10 मिनट का समय लगता है. रोज 15 से 30 मिनट देकर आप आसानी से ₹20 से ₹100 तक का वॉलेट कैश या UPI पेआउट हासिल कर सकते हैं. कंटेंट राइटिंग, डेटा एंट्री और फ्रीलांसिंग अगर आपके पास टाइपिंग, भाषा पर अच्छी पकड़ या कोई बेसिक स्किल है, तो आप फ्रीलांसिंग को अपनी दैनिक कमाई का जरिया बना सकते हैं. Fiverr, Upwork और स्थानीय ब्लॉग्स के लिए छोटे-छोटे आर्टिकल्स, सोशल मीडिया कैप्शन्स या डेटा टाइपिंग का काम करके ₹100 से ₹500 प्रतिदिन तक कमाया जा सकता है. शुरुआती दौर में 300-500 शब्दों का एक छोटा लेख लिखकर भी आसानी से ₹100 या उससे अधिक का भुगतान मिल जाता है. एफिलिएट मार्केटिंग और रिसेलिंग से जीरो-इन्वेस्टमेंट बिजनेस सोशल मीडिया के दौर में बिना कोई प्रोडक्ट खरीदे या स्टॉक रखे रिसेलिंग और एफिलिएट मार्केटिंग करना बेहद लोकप्रिय हो गया है. Meesho जैसे रिसेलिंग ऐप्स के जरिए आप अपने रिश्तेदारों या WhatsApp/Telegram ग्रुप्स में प्रोडक्ट्स के लिंक शेयर कर सकते हैं और अपना मनचाहा मार्जिन कमा सकते हैं. वहीं Amazon या Flipkart के एफिलिएट प्रोग्राम से जुड़कर आपके द्वारा शेयर किए गए खरीदारी लिंक से होने वाली हर सेल पर कमीशन मिलता है. दिन में केवल एक या दो सफल ऑर्डर्स से ही आपकी ₹100 से ज्यादा की कमाई पक्की हो जाती है. ऑनलाइन फ्रॉड और फर्जी ऐप्स से सावधान रहना बेहद जरूरी इंटरनेट पर जहां काम के अवसर हैं, वहीं साइबर ठगों और फर्जी ऐप्स का खतरा भी बना रहता है. किसी भी प्लेटफॉर्म पर काम शुरू करने से पहले इन बातों का खास ध्यान रखें: रजिस्ट्रेशन फीस से बचें: जो भी ऐप या वेबसाइट काम देने के नाम पर “सिक्योरिटी मनी” या “रजिस्ट्रेशन चार्ज” मांगे, उससे तुरंत दूरी बना लें. निजी डेटा शेयर न करें: अनजान प्लेटफॉर्म्स पर अपने बैंक पासवर्ड, आधार या पैन कार्ड जैसे संवेदनशील दस्तावेज कभी दर्ज न करें. समीक्षाएं (Reviews) जांचें: ऐप डाउनलोड करने से पहले गूगल प्ले स्टोर पर यूजर रेटिंग्स और पेमेंट प्रूफ की प्रामाणिकता अवश्य जांच लें. FAQs: घर बैठे रोज ₹100 कमाने से जुड़े मुख्य सवाल 1. क्या मोबाइल से रोजाना ₹100 कमाना सच में संभव है? हां, गूगल ओपिनियन रिवॉर्ड्स, माइक्रो-टास्क ऐप्स, रिसेलिंग और कंटेंट राइटिंग जैसे प्रामाणिक तरीकों पर नियमित रूप से 1-2 घंटे काम करके ₹100 से ₹300 तक कमाना बिल्कुल संभव है. 2. ऑनलाइन काम शुरू करने के लिए क्या पैसे लगाना (इन्वेस्टमेंट) जरूरी है? बिल्कुल नहीं. ज्यादातर वास्तविक प्लेटफॉर्म्स (जैसे Freelance, Survey Apps, Affiliate Programs) पूरी तरह से फ्री होते हैं और इनके लिए किसी इन्वेस्टमेंट की आवश्यकता नहीं होती. 3. स्टूडेंट्स और हाउसवाइव्स के लिए सबसे सुरक्षित और आसान तरीका कौन सा है? स्टूडेंट्स के लिए ऑनलाइन ट्यूशन, कंटेंट राइटिंग और माइक्रो-टास्क सबसे उपयुक्त हैं. वहीं हाउसवाइव्स के लिए मीशो (Meesho) रिसेलिंग और एफिलिएट मार्केटिंग बेहद सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प माने जाते हैं. ये भी पढ़ें: पुराने फोन को बेचने या एक्सचेंज करने से पहले जरूर करें ये काम, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान The post मोबाइल से ₹100 रोज कैसे कमाएं? जानिए ऑनलाइन एक्स्ट्रा इनकम के सुरक्षित और आसान तरीके appeared first on Naya Vichar.

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‘महिला की सलवार उतारना और छाती दबाना रेप की कोशिश नहीं’,पटना HC के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को रेप के एक मामले में पटना उच्च न्यायालय के विवादित फैसले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए इस मामले में अदालत की रजिस्ट्री को नोटिस जारी किया और कहा कि फैसले में आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं. पटना हाईकोर्ट ने नौ जुलाई को दुष्कर्म के आरोपी एक व्यक्ति को बरी करते हुए कहा था कि किसी स्त्री की सलवार उतारने की कोशिश करना और उसकी छाती को दबाने से यह स्पष्ट रूप से स्थापित नहीं होता कि यह दुष्कर्म का प्रयास था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा-फैसले में आपत्तिजनक टिप्पणियां हिंदुस्तान के चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा कि फैसले में कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियां हैं.पटना उच्च न्यायालय ने एक फोटोग्राफी स्टूडियो के भीतर ग्राहक का यौन उत्पीड़न करने के प्रयास के आरोपी व्यक्ति की दोषसिद्धि को रद्द करते हुए कहा था कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में विफल रहा.अदालत ने कहा था कि अगर अभियोजन पक्ष के मामले को पूरी तरह स्वीकार भी कर लिया जाए, तो भी अधिक से अधिक हिंदुस्तानीय दंड संहिता की धारा 354 के तहत किसी स्त्री की लज्जा भंग करने के इरादे से हमला करने या आपराधिक बल का इस्तेमाल करने का अपराध बनता है. ये भी पढ़ें: CEC-EC की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, 5 जजों की बेंच को भेजा मामला The post ‘स्त्री की सलवार उतारना और छाती दबाना रेप की कोशिश नहीं’,पटना HC के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान appeared first on Naya Vichar.

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Cyclone Alert: बुधवार रात आंध्र-ओडिशा तट से टकराएगा डीप डिप्रेशन, कलिंगपट्टनम के पास लैंडफॉल, भारी बारिश का अलर्ट

Cyclone Alert: बंगाल की खाडी में बना शक्तिशाली मौसम सिस्टम आज उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट की ओर बढ रहा है. स्काईमेट वेदर की रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त टाइफून चेतावनी केंद्र (JTWC) ने इसे चक्रवाती तूफान की श्रेणी में रखा है. हालांकि हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने अभी इसे डीप डिप्रेशन ही बताया है. IMD के मुताबिक यह सिस्टम 23 सितंबर की रात विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच तट पार कर सकता है. इसके असर से आंध्र प्रदेश और ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा है. बंगाल की खाड़ी में बना हुआ है डीप डिप्रेशन IMD के मुताबिक डीप डिप्रेशन पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाडी में बना हुआ है. इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढने और 23 सितंबर की रात उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट को पार करने की संभावना है. IMD ने लैंडफॉल का क्षेत्र विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच, कलिंगपट्टनम के आसपास बताया है. सिस्टम के डीप डिप्रेशन के रूप में ही तट पार करने की संभावना जताई गई है. आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश का खतरा “स्काईमेट वेदर के मुताबिक इस मौसमी सिस्टम के असर से 23 से 27 सितंबर के बीच आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. लैंडफॉल के समय उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा में तेज हवा के साथ बहुत भारी बारिश की संभावना है. बिहार, झारखंड और UP तक दिख सकता है असर स्काईमेट वेदर के मुताबिक तट पार करने के बाद सिस्टम कमजोर होगा, लेकिन इसके असर से बारिश का दायरा मध्य और पूर्वी हिंदुस्तान तक पहुंच सकता है. छत्तीसगढ, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी भारी से बहुत भारी बारिश के आसार हैं. 28 से 30 सितंबर के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है. मलकानगिरी में हाई अलर्ट, 220 JCB तैनात ओडिशा के मलकानगिरी जिले में प्रशासन ने भारी बारिश और संभावित बाढ को देखते हुए तैयारी तेज कर दी है. मलकानगिरी के कलेक्टर प्रथमेश अरविंद राजेशिरके के मुताबिक खैरपुट और मथिली ब्लाक में पहले ही भारी बारिश दर्ज की जा चुकी है और बुधवार शाम से बारिश और तेज होने की आशंका है. स्कूल बंद, ODRAF की टीमें तैयार मलकानगिरी में स्कूल और आंगनवाडी केंद्र बंद रखे गए हैं. जरूरत के समय लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए राहत केंद्रों को तैयार किया गया है. सूखा राशन और पका हुआ खाना उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की गई है. जमीनी स्तर पर बचाव अभियान के लिए ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) की टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है. मथिली, गोविंदपल्ली और कालीमेला जैसे इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है. प्रशासन का लक्ष्य किसी भी तरह की जनहानि को रोकना है. चक्रवात बना तो नाम होगा अर्नब हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है कि अगर यह सिस्टम आधिकारिक रूप से चक्रवाती तूफान की श्रेणी में पहुंचता है तो इसका नाम अर्नब (Arnab) होगा. यह नाम बांग्लादेश की ओर से दिया गया है और उत्तर हिंद महासागर के लिए तय चक्रवात नामों की सूची में शामिल है. Also Read: Cyclone Arnab: 12 किमी/घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा डीप डिप्रेशन, चक्रवात अर्नब का खतरा; ओडिशा में स्कूल बंद The post Cyclone Alert: बुधवार रात आंध्र-ओडिशा तट से टकराएगा डीप डिप्रेशन, कलिंगपट्टनम के पास लैंडफॉल, भारी बारिश का अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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नंदीग्राम उपचुनाव 2026: ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न पर रोक की मांग, कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंची ISF

ISF vs ECI Envelope Symbol Row: पश्चिम बंगाल के आगामी उप-चुनावों से ठीक पहले चुनाव चिह्न (Election Symbol) पर नया कानूनी और नेतृत्वक संग्राम छिड़ गया है. इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) ने कलकत्ता हाईकोर्ट से अपील की है कि हिंदुस्तानीय निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट को आवंटित लिफाफा (Envelope) चुनाव चिह्न आवंटित पर तत्काल रोक लगायी जाये. नौशाद सिद्दीकी के नेतृत्व वाली आईएसएफ (ISF) का तर्क है कि जिस चुनाव चिह्न से उसने वर्ष 2024 का लोकसभा चुनाव और अप्रैल 2026 का पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ा, उसे अचानक किसी अन्य अपंजीकृत दल को कैसे दिया जा सकता है? 2 दलों को एक सिंबल नहीं दिया जा सकता : ISF बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में ISF के वकील विकास भट्टाचार्य ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किये. उन्होंने कहा कि ISF एक गैर-पंजीकृत नेतृत्वक दल है, लेकिन राज्य में एक मान्यता प्राप्त नेतृत्वक ताकत के रूप में ‘लिफाफा’ चिह्न के साथ चुनाव लड़ता आ रहा है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक गुटबाजी का फैसला करते हुए विपक्ष के नेता रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाली डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस (DTMC) को ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया. ISF ने मांग की है कि कलकत्ता हाईकोर्ट अब निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) को निर्देश दे कि ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगायी जाये और 6 अक्टूबर के उपचुनाव (West Bengal By Elections Date 6 October 2026) में इसे दोनों में से किसी भी दल को न दिया जाये. ये भी पढ़ें: नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कानूनी ड्रामा : कांग्रेस ने BJP प्रत्याशी की उम्र पर उठाये सवाल, मिलन प्रधान के लिए मांगी जमानत अपंजीकृत दलों का सिंबल पर स्थायी अधिकार नहीं : आयोग निर्वाचन आयोग (ECI) की वकील अनामिका पांडे ने आईएसएफ के दावों को खारिज करते हुए कहा कि आईएसएफ एक गैर-पंजीकृत नेतृत्वक दल है. भाजपा या कांग्रेस जैसे राष्ट्रीय व मान्यता प्राप्त पंजीकृत दलों के विपरीत, अपंजीकृत दलों के पास किसी एक चुनाव चिह्न को स्थायी रूप से सुरक्षित (Reserve) रखने का कानूनी अधिकार नहीं होता. ISF को केवल पिछले 2 चुनावों के लिए ही यह सिंबल आवंटित किया गया था. नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव से पहले बढ़ा विवाद विवाद इसलिए बेहद संवेदनशील हो गया है, क्योंकि पश्चिम बंगाल की 2 महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों – नंदीग्राम और रेजीनगर में 6 अक्टूबर 2026 को उपचुनाव होना है. दोनों सीटों पर चुनाव प्रचार 4 अक्टूबर को समाप्त हो जायेगा. आईएसएफ ने नंदीग्राम सीट पर अपना उम्मीदवार उतारा है, जहां से बागी टीएमसी गुट भी चुनावी मैदान में है. ये भी पढ़ें: कांग्रेस का दावा- नंदीग्राम सीट छोड़ने के लिए तैयार थीं ममता बनर्जी, तृणमूल ने किया इनकार ‘जोड़ा फूल’ पर पहले ही लग चुकी है रोक चुनाव आयोग ने 17 सितंबर 2026 को ही टीएमसी के दोनों धड़ों (ममता बनर्जी गुट और रीतब्रत बनर्जी गुट) को इन उपचुनावों में पार्टी के नाम और मूल चिह्न ‘जोड़ा फूल’ का इस्तेमाल न करने का आदेश दिया था. कलकत्ता हाईकोर्ट ने आयोग के वकील के अनुरोध पर मामले की सुनवाई 24 सितंबर (बृहस्पतिवार) तक के लिए स्थगित कर दी. ये भी पढ़ें: हल्दिया में बोले शुभेंदु अधिकारी- नंदीग्राम उपचुनाव में रिकॉर्ड अंतर से जीतेगी भाजपा The post नंदीग्राम उपचुनाव 2026: ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न पर रोक की मांग, कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंची ISF appeared first on Naya Vichar.

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