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Author name: Vinod Jha

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‘शॉक एब्जॉर्बर’ हैं निशांत कुमार! क्‍या झटका संभालने JDU में लाए गए? आनंद मोहन ने उठाए सवाल

Bihar Nishant Kumar Shock Absorber Politics : बिहार के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद के बयान ने बिहार एनडीए की पॉलिटिक्‍स में खलबली मचा दी है. उन्‍होंने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को जेडीयू और बीजेपी का शॉक एब्‍जॉर्बर बताया है. उन्‍होंने पटना एयरपोर्ट पर दिए बयान में कई तरह के सवाल उठाए हैं. जहां एक तरफ उन्‍होंने निशांत कुमार को Shock Absorber बताया है वहीं, दूसरी ओर उन्‍होंने NDA के फैसले पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. बिहार की जनता के साथ ठगी? आनंद मोहन ने कल पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि Bihar की मौजूदा नेतृत्व से बिहार में एनडीए को नुकसान होने वाला है. उन्‍होंने यह भी कहा कि यह नुकसान JDU से ज्‍यादा BJP को होने वाला है. उनका यह बयान बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को राज्‍यसभा भेजे जाने के फैसले के विरोध में था. उन्‍होंने कहा कि नीतीश कुमार को केंद्र की नेतृत्व में भेजने का फैसला लेना बिहार की जनता को ठगने जैसा है. पटना: CM नीतीश के राज्यसभा जाने और निशांत कुमार की नेतृत्व में एंट्री पर पूर्व सांसद आनंद मोहन का बयान. बोले- जेडीयू के लिए “शॉक एब्जॉर्बर” हैं निशांत. आनंद मोहन ने निशांत की तारीफ करते हुए कहा कि वो अच्छा कर रहे हैं, लोगों से मिल रहे हैं. उनका व्यवहार संतुलित है, जिससे एनडीए… pic.twitter.com/H8ZN1oRhFE — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 28, 2026 ‘शॉक एब्‍जॉर्बर’ हैं निशांत? पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्‍होंने Nitish Kumar के बेट Nishant Kumar की नेतृत्व में इंट्री को शॉक एब्‍जॉर्बर बताया है. उनका यह मानना है कि नीतीश कुमार के राज्‍यसभा जाने का फैसला बिहार की जनता के लिए झटके जैसा है. इस झटके को झेलने के लिए नीतीश कुमार के बेटे निशांत की एंट्री कराई गई है. निशांत की तारीफ आनंद मोहन ने निशांत कुमार की तारीफ की है. उन्‍होंने कहा, जिस तरह से बिहार की नेतृत्व में लाए गए हैं, वो जेडीयू के लिए शॉक एब्‍जॉर्बर का काम कर रहे हैं. Anand Mohan ने कहा कि ‘वो अच्‍छा कर रहे हैं, निशांत लोगों से मिल रहे हैं. उनका व्‍यवहार संतुलित है, जिससे एनडीए को कुछ हद तक सफलता मिलेगी.’ उन्‍होंने कहा, यदि निशांत कुमार बिहार के मुख्‍यमंत्री बनाए जाते हैं तो ये अच्‍छी बात है. ये जनता के आक्रोश को कम करने का काम करेगा. पटना: बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन के बयान से बिहार की नेतृत्व में हलचल तेज. CM नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर उठाए सवाल. बोले- नीतीश कुमार को केंद्र भेजना जनता के साथ ठगी. इससे BJP को ज्यादा नुकसान होगा.#Patna #BiharPolitics #AnandMohan #PrabhatKhabar… pic.twitter.com/AejFJw2fbE — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 28, 2026 Also Read : कूटनीतिक जीत या सियासी गलती? आनंद मोहन ने उठाए सवाल, BJP को तात्‍कालिक फायदा, लेकिन NDA को नुकसान! The post ‘शॉक एब्जॉर्बर’ हैं निशांत कुमार! क्‍या झटका संभालने JDU में लाए गए? आनंद मोहन ने उठाए सवाल appeared first on Naya Vichar.

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हनुमान जयंती पर घर में लगाएं ये 4 तस्वीरें, जीवन में आएंगी सुख-समृद्धि – डॉ. जय मदान के वास्तु टिप्स

Vastu Tip for Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती का पर्व भगवान हनुमान की कृपा पाने का सबसे शुभ दिन माना जाता है. प्रसिद्ध वास्तु विशेषज्ञ डॉ. जय मदान के अनुसार, हनुमान जी की कुछ विशेष तस्वीरें घर या ऑफिस में लगाने से जीवन में सफलता, सुरक्षा, आत्मविश्वास और समृद्धि आती है. हनुमान जी को मंगल मूर्ति कहा जाता है और वे अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता माने जाते हैं. सही दिशा और सही स्वरूप की तस्वीर लगाने से वास्तु दोष भी कम होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. हनुमान जयंती पर इन तस्वीरों को लगाने से खुलते हैं सफलता के रास्ते (Vastu Tip for Hanuman Jayanti) वास्तु टिप्स हनुमान जयंती 1. अशोक वाटिका में सीता माता के सामने हनुमान जी की तस्वीर वास्तु विशेषज्ञ डॉ. जय मदान के अनुसार यह तस्वीर अनिमा और लघिमा सिद्धि का प्रतीक मानी जाती है.इस तस्वीर को घर के स्टडी रूम या ऑफिस में लगाएं. इससे मन शांत रहता है, चिंता कम होती है और लक्ष्य प्राप्त करने में मदद मिलती है. 2. लंका की ओर उड़ान भरते हुए विशाल रूप वाले हनुमान जी की तस्वीर यह स्वरूप शक्ति, सुरक्षा और स्थिरता का प्रतीक है. इस तस्वीर को घर के मुख्य द्वार के पास लगाना शुभ माना जाता है. इससे नकारात्मक ऊर्जा और शत्रुओं से सुरक्षा मिलती है. 3. संजीवनी बूटी लेकर उड़ते हनुमान यह तस्वीर प्राप्ति सिद्धि और पराक्रम का प्रतीक मानी जाती है.वास्तु टिप: इस तस्वीर को घर के पूर्व दिशा में लगाएं. इससे करियर, बिजनेस और जीवन में सफलता मिलने के योग बनते हैं. 4. हनुमान जी के हृदय में राम-सीता यह तस्वीर भक्ति, अनुशासन, विनम्रता और नेतृत्व का प्रतीक है. इस तस्वीर को पूजा घर में लगाना सबसे शुभ माना जाता है. इससे घर में सुख-शांति और सम्मान बढ़ता है.डॉ. जय मदान के अनुसार, हनुमान जयंती पर इन 4 तस्वीरों को सही दिशा में लगाने से जीवन में सकारात्मक बदलाव, सफलता, सुरक्षा और समृद्धि आती है और भगवान हनुमान की कृपा हमेशा बनी रहती है. यह भी पढ़ें: वास्तु एक्सपर्ट के अनुसार साधारण सा दिखने वाला यह पौधा घर में लाता है बरकत यह भी पढ़ें: मुख्य द्वार पर स्वस्तिक का चिन्ह क्यों जरूरी है? जानें वास्तु एक्सपर्ट की राय The post हनुमान जयंती पर घर में लगाएं ये 4 तस्वीरें, जीवन में आएंगी सुख-समृद्धि – डॉ. जय मदान के वास्तु टिप्स appeared first on Naya Vichar.

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IPL 2026: SRH के खिलाफ मैच में काली पट्टी बांधकर खेलेगी RCB, जानें क्या है वजह

Highlights वार्म-अप में 11 नंबर की जर्सी और काली पट्टी स्टेडियम में हमेशा खाली रहेंगी 11 कुर्सियां सुरक्षा कारणों से स्टेडियम पर लगा था बैन नए सुरक्षा इंतजामों के बाद मिली मैच की इजाजत RCB wear Black Armbands: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की टीम शनिवार को सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ अपना पहला आईपीएल मैच स्पोर्ट्सेगी. यह मुकाबला बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा. इस मैच के दौरान आरसीबी के खिलाड़ी अपने उन 11 फैंस को खास श्रद्धांजलि देंगे, जिनकी पिछले साल स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ में दुखद मौत हो गई थी. टीम मैनेजमेंट ने साफ किया है कि इस दर्दनाक घटना में जान गंवाने वाले फैंस के सम्मान में खिलाड़ी कई अहम कदम उठाएंगे. वार्म-अप में 11 नंबर की जर्सी और काली पट्टी आरसीबी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया है कि 4 जून को हुई उस घटना के शिकार हुए सभी 11 लोगों को टीम अपने परिवार का अहम हिस्सा मानती है. उनके सम्मान के तौर पर, सभी खिलाड़ी मैच से पहले होने वाले वार्म-अप के दौरान 11 नंबर छपी हुई प्रैक्टिस जर्सी पहनकर मैदान पर आएंगे. इसके बाद जब मुख्य मैच शुरू होगा, तब टीम के सभी सदस्य अपनी बांह पर काली पट्टी बांधकर स्पोर्ट्सेंगे. यह उन सच्चे फैंस को याद करने का टीम का एक अलग तरीका है. स्टेडियम में हमेशा खाली रहेंगी 11 कुर्सियां इस श्रद्धांजलि को हमेशा के लिए यादगार बनाए रखने के मकसद से एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में 11 कुर्सियों को हमेशा खाली रखने का बड़ा फैसला किया गया है. आने वाले समय में इन कुर्सियों पर कोई भी दर्शक नहीं बैठेगा. यह उन फैंस के लिए एक स्थायी श्रद्धांजलि होगी जिनका सपोर्ट आरसीबी टीम के लिए बहुत खास था. गौरतलब है कि पिछले साल जब आरसीबी ने अपना ऐतिहासिक आईपीएल खिताब जीता था, तब जीत के जश्न के दौरान स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ बेकाबू हो गई थी. इसी भगदड़ में 11 लोगों की जान चली गई थी और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. सुरक्षा कारणों से स्टेडियम पर लगा था बैन इस हादसे के बाद राज्य प्रशासन और प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए जून 2025 से एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में किसी भी तरह के क्रिकेट मैच के आयोजन पर रोक लगा दी थी. दर्शकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यहां होने वाले कई अहम और बड़े टूर्नामेंट आनन-फानन में दूसरी जगह शिफ्ट कर दिए गए थे. इनमें आईसीसी स्त्री वनडे वर्ल्ड कप और केएससीए महाराजा ट्रॉफी लीग जैसे बड़े नाम शामिल थे. सुरक्षा चिंताओं के कारण ही इस साल होने वाले टी20 वर्ल्ड कप का एक भी मुकाबला इस ऐतिहासिक स्टेडियम को नहीं दिया गया था. नए सुरक्षा इंतजामों के बाद मिली मैच की इजाजत स्टेडियम में दोबारा क्रिकेट की बहाली के लिए काफी काम किया गया है. कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के उपाध्यक्ष सुजीत सोमसुंदर की देखरेख में पहले चरण के तहत सुरक्षा और बुनियादी ढांचे में कई जरूरी सुधार किए गए. दर्शकों की सुविधा के लिए गेट चौड़े किए गए, बाहर निकलने के रास्ते बड़े बनाए गए और मेडिकल इमरजेंसी के लिए खास इंतजाम किए गए.  महेश्वर राव की अध्यक्षता वाली एक प्रशासनी एक्सपर्ट कमेटी ने स्टेडियम का दौरा किया और इन सभी सुरक्षा उपायों को अपनी मंजूरी दी. इस कमेटी की सिफारिश के बाद फरवरी में कर्नाटक कैबिनेट ने मैचों को हरी झंडी दिखाई थी. इसके बाद मार्च में गृह मंत्री जी परमेश्वर ने यहां आईपीएल 2026 के लीग मैचों के साथ-साथ प्लेऑफ और फाइनल मुकाबले कराने की भी इजाजत दे दी है. अब स्टेडियम में एक साथ 33,000 दर्शक बैठकर सुरक्षित माहौल में मैच का आनंद ले सकेंगे. ये भी पढ़ें- बांगलादेश प्रशासन का U टर्न, IPL 2026 के प्रसारण को दी हरी झंडी Video: गद्दे पर गिरकर भी बाबर आजम के हाथ से छिटकी गेंद, सोशल मीडिया पर उड़ा मजाक IPL 2026: CSK को लगा झटका, धोनी हुए चोटिल, इतने दिन नहीं दिखेंगे मैदान पर The post IPL 2026: SRH के खिलाफ मैच में काली पट्टी बांधकर स्पोर्ट्सेगी RCB, जानें क्या है वजह appeared first on Naya Vichar.

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पटना में निरहुआ ने खेसारी को दिया करारा जवाब, पवन सिंह पर बोले- उन्हें BJP देगी बड़ी जिम्मेदारी

Nirahua On Khesari: भोजपुरी अभिनेता और बीजेपी नेता दिनेश लाल यादव शुक्रवार को पटना पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी. इस दौरान उन्होंने खेसारी लाल यादव के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी. पवन सिंह को लेकर भी उन्होंने बहुत बड़ी बात कही. खेसारी के बयान पर क्या बोले निरहुआ दरअसल, खेसारी लाल यादव ने हाल ही में कहा था कि वह नेतृत्व छोड़ रहे हैं क्योंकि यह ईमानदार लोगों के लिए नहीं है. इस पर निरहुआ ने पलटवार करते हुए कहा कि नेतृत्व ईमानदार लोगों के लिए है, नॉनसेंस लोगों के लिए नहीं. हालांकि, बाद में उन्होंने नरम रुख अपनाते हुए कहा कि उनके बीच कोई विवाद नहीं है और सभी कलाकार एक परिवार की तरह हैं. निरहुआ ने विवाद पर दी सफाई निरहुआ ने कहा कि भोजपुरी इंडस्ट्री के सभी कलाकार एक-दूसरे के भाई जैसे हैं और उनका मकसद समाज को आगे बढ़ाना है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि व्यक्तिगत मतभेदों को ज्यादा तूल नहीं देना चाहिए. पवन सिंह के राज्यसभा जाने पर दिया संकेत पवन सिंह को लेकर भी निरहुआ ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि समय आने पर पवन सिंह निश्चित रूप से राज्यसभा जाएंगे. बीजेपी में कब किसे कौन-सी जिम्मेदारी मिलेगी, यह तय नहीं होता, लेकिन उन्हें जरूर मौका मिलेगा. चुनाव प्रचार में निभाएंगे बड़ी भूमिका निरहुआ ने बताया कि उन्हें पार्टी की ओर से प्रचार की बड़ी जिम्मेदारी मिली है. चाहे बिहार, पश्चिम बंगाल या उत्तर प्रदेश के चुनाव हों, वह सक्रिय रूप से प्रचार करते रहेंगे और पार्टी के लिए काम करेंगे. पत्नी को लेकर दिए बयान पर दी सफाई हाल ही में एक इंटरव्यू में पत्नी को लेकर दिए गए बयान पर भी उन्होंने सफाई दी. उन्होंने कहा कि उनकी बात को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया. असल में वह नई और पुरानी पीढ़ी के सोच के अंतर को समझा रहे थे, लेकिन उसे गलत तरीके से दिखाया गया. नीतीश और निशांत पर भी रखी राय नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा पर निरहुआ ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और कहा कि उन्होंने बिहार को मजबूत किया है. वहीं निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा. Also Read: बिहार के स्कूलों में बड़ा बदलाव: अब 8वीं से 12वीं तक के छात्रों को पढ़ाया जाएगा AI, शुरू होगा नया डिजिटल प्रोग्राम The post पटना में निरहुआ ने खेसारी को दिया करारा जवाब, पवन सिंह पर बोले- उन्हें BJP देगी बड़ी जिम्मेदारी appeared first on Naya Vichar.

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UK07 राइडर के घर गूंजी किलकारी, पत्नी रितिका ने रामनवमी पर बच्चे को दिया जन्म

Anurag Dobhal Baby: सोशल मीडिया स्टार अनुराग डोभाल इन दिनों अपनी सेहत को लेकर चर्चा में हैं, लेकिन इसी बीच उनकी पर्सनल लाइफ से जुड़ी एक बड़ी समाचार सामने आई है. दरअसल, जहां एक तरफ अनुराग अस्पताल से डिस्चार्ज होकर फिलहाल दोस्त के फार्महाउस पर आराम कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके घर खुशियों ने दस्तक दे दी है. अनुराग की पत्नी रितिका चौहान ने राम नवमी के शुभ मौके पर अपने पहले शिशु के जन्म की खुशसमाचारी शेयर की है. उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बताया कि 27 मार्च 2026 को उनके घर नन्हा मेहमान आया है. हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि बेटा हुआ है या बेटी, लेकिन फैंस लगातार कपल को बधाई दे रहे हैं. रितिका चौहान की इंस्टा स्टोरी का स्क्रीनशॉट रितिका ने अनुराग पर उठाए थे कई सवाल रितिका ने अपनी स्टोरी में शिशु के पैर की तस्वीर भी शेयर की, जिससे यह समाचार और भी खास बन गई. बता दें कि अनुराग और रितिका की शादी 30 अप्रैल 2025 को हुई थी, और शादी के एक साल पूरा होने से पहले ही दोनों माता-पिता बन गए हैं. हालांकि, खुशियों के इस माहौल के बीच दोनों के रिश्तों को लेकर चर्चाएं भी जारी हैं. हाल ही में रितिका ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर कई सवाल उठाए थे, जिसमें उन्होंने इशारों-इशारों में अनुराग पर भी निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि चुप रहना यह नहीं दिखाता कि उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है. अनुराग को किया अनफॉलो वहीं, अनुराग की हेल्थ को लेकर भी अपडेट सामने आई थी कि उनका एक्सीडेंट काफी गंभीर था और फिलहाल उनके एक पैर में सुन्नपन की समस्या है. उन्होंने खुद बताया था कि उन्हें नहीं पता कि वह भविष्य में सामान्य रूप से चल पाएंगे या नहीं. सोशल मीडिया पर दोनों के रिश्ते को लेकर भी बदलाव साफ नजर आ रहा है. रितिका ने अपने नए इंस्टाग्राम अकाउंट से अनुराग को फॉलो करना बंद कर दिया है और उनके साथ की तस्वीरें भी हटा दी हैं. ऐसे में जहां एक तरफ घर में खुशियां आई हैं, वहीं दूसरी तरफ रिश्तों को लेकर सवाल भी खड़े हो रहे हैं. यह भी पढे़ं: धुरंधर 2 ने शाह रूख खान की फिल्म को चटाई धूल, साउथ में भी रणवीर का जलवा The post UK07 राइडर के घर गूंजी किलकारी, पत्नी रितिका ने रामनवमी पर शिशु को दिया जन्म appeared first on Naya Vichar.

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घुसपैठिये तय नहीं करेंगे बंगाल का भविष्य, ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ अमित शाह की 40 पेज की चार्जशीट

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का बिगुल फूंकते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कोलकाता के होटल नोवोटेल में ममता बनर्जी प्रशासन के खिलाफ ‘पीपुल्स चार्जशीट’ (जनता का आरोप पत्र) जारी किया. 40 पन्नों के इस दस्तावेज में अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन को ‘भय, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण’ का काल बताया. केंद्रीय गृह मंत्री ने दोटूक कहा कि यह चुनाव सिर्फ सत्ता बदलने के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और घुसपैठ मुक्त बंगाल बनाने के लिए है. असम में रुकी घुसपैठ, अब बंगाल की बारी – शाह अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर ममता प्रशासन को घेरते हुए कहा कि असम में भाजपा प्रशासन आने के बाद घुसपैठ लगभग खत्म हो गयी है, लेकिन अब पश्चिम बंगाल घुसपैठ का मुख्य केंद्र बन गया है. घुसपैठियों को अमित शाह की सीधी चेतावनी केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि क्या घुसपैठिये बंगाल का भविष्य तय करेंगे? भाजपा प्रशासन आने पर एक-एक अवैध घुसपैठिये की पहचान कर उन्हें देश से बाहर निकाला जायेगा. Bengal Election 2026: बॉर्डर फेंसिंग का किया वादा अमित शाह ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल प्रशासन जमीन नहीं दे रही है, जिसकी वजह से बांग्लादेश से सटी 600 किलोमीटर की सीमा असुरक्षित है. शाह ने वादा किया कि 6 मई को भाजपा प्रशासन बनने के 45 दिनों के भीतर इस पर काम शुरू हो जायेगा. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें विक्टिम कार्ड नहीं चलेगा, जनता समझ चुकी है सच्चाई – शाह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि वह चुनाव आते ही ‘विक्टिम कार्ड’ स्पोर्ट्सने लगती हैं. कभी चोट, कभी बीमारी तो कभी चुनाव आयोग पर आरोप. संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करना बंगाल की संस्कृति नहीं है. उन्होंने कहा कि एसआईआर (SIR) मामले में सुप्रीम कोर्ट को न्यायिक अधिकारी नियुक्त करना पड़ा, जो राज्य के लिए शर्मनाक है. जो प्रशासन 15 साल पहले ‘मां, माटी, मानुष’ का नारा देकर आयी थी, उसने जनता के साथ विश्वासघात किया है. बंगाल की जनता अब भयमुक्त भविष्य चाहती है. मैं लोगों से अपील करता हूं कि डर का त्याग करें, अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करें और इस भ्रष्ट प्रशासन का अंत करें. अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री सिलीगुड़ी कॉरिडोर और वित्तीय स्थिति पर खतरा गृह मंत्री ने चेतावनी दी कि घुसपैठ के कारण सिलीगुड़ी कॉरिडोर (Chicken’s Neck) की सुरक्षा खतरे में है. इसी रास्ते से जाली नोटों की तस्करी हो रही है. इससे देश की वित्तीय स्थिति को नुकसान पहुंच रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यकों के लिए बड़ा बजट है, लेकिन पिछड़ा वर्ग (OBC) की उपेक्षा की जा रही है और उनकी सूची में भारी अनियमितताएं हैं. अमित शाह के ‘अभियोगनामा’ की 10 बड़ी बातें भ्रष्टाचार का अड्डा : ‘सोनार बांग्ला’ का वादा करने वाली टीएमसी ने बंगाल को भ्रष्टाचार का केंद्र बना दिया है. राशन, शिक्षक भर्ती, कोयला और अम्फान राहत में हजारों करोड़ रुपए के घोटाले हुए. जेल में नेता : टीएमसी के 20 से अधिक सांसद, विधायक और पदाधिकारी भ्रष्टाचार के मामले में जेल जा चुके हैं. कानून-व्यवस्था : संदेशखाली, आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, पार्क स्ट्रीट और कामदुनी जैसी घटनाएं स्त्री सुरक्षा की बदहाली का प्रमाण हैं. नेतृत्वक हत्याएं : पिछले वर्षों में भाजपा के 300 से अधिक कार्यकर्ताओं की हत्या की गयी. यहां तक कि भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर भी हमले हुए. सिंडिकेट और कट-मनी : आम आदमी का जीवन सिंडिकेट राज और कट-मनी संस्कृति ने दूभर कर दिया है. उद्योगों का पलायन : बंगाल से उद्योगों का पलायन हो रहा है. बेरोजगारी बढ़ रही है. 15 साल में विकास पूरी तरह ठप हो गया. तुष्टीकरण की नेतृत्व : वोट बैंक के लिए घुसपैठियों को संरक्षण दिया जा रहा है, जो सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा के लिए खतरा है. संस्कृति का अपमान : कवि गुरु रवींद्रनाथ टैगोर की बंगाल की संस्कृति और विरासत को विकृत किया जा रहा है. कम्युनिस्टों से भी बदतर शासन : आज लोग कह रहे हैं कि टीएमसी के 15 साल से तो कम्युनिस्टों का दौर ही बेहतर था. 2026 में पूर्ण बहुमत : वर्ष 2016 में 3 सीटें, 2021 में 77 सीटें और अब 2026 में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ प्रशासन बनायेगी. इसे भी पढ़ें अमित शाह कोलकाता में खोलेंगे ममता बनर्जी प्रशासन की ‘चार्जशीट’, ये है भाजपा का मेगा चुनावी मास्टरप्लान मुर्शिदाबाद में रामनवमी पर हिंसा के बीच रिपोर्ट कार्ड बनाम चार्जशीट, तृणमूल-भाजपा आमने-सामने TMC का BJP को चैलेंज- अभिषेक बनर्जी को डरा नहीं पाये, अब शुभेंदु-हिमंता की जांच कराओ बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी ने किया धर्मयुद्ध का शंखनाद, ‍BJP को कहा ‘कौरव’, TMC को ‘पांडव’ The post घुसपैठिये तय नहीं करेंगे बंगाल का भविष्य, ममता बनर्जी प्रशासन के खिलाफ अमित शाह की 40 पेज की चार्जशीट appeared first on Naya Vichar.

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कोलकर्मियों को 30 लाख तक मिल सकेगा होम लोन एडवांस, लेकिन सेवा शर्त के साथ

Coal India Home Loan: कोल इंडिया में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण समाचार है. वह यह कि कोल इंडिया लिमिटेड अपने कर्मचारियों को घर बनाने के लिए कम से कम 30 लाख रुपये तक का होम लोन देगी. लेकिन, कंपनी ने इसके लिए कुछ शर्त भी रखी है. शर्त यह है कि कोल इंडिया में कम से कम पांच साल तक सेवा देने के बाद ही कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सकेगा. कोल इंडिया ने नियमों में किया संशोधन कोल इंडिया लिमिटेड ने अपने कर्मियों के लिए हाउस बिल्डिंग एडवांस (एचबीए) के नियमों में अहम संशोधन किया है. नए नियमों के तहत कर्मियों को घर बनाने या खरीदने के लिए अब 30 लाख रुपये तक की अग्रिम राशि मिल सकेगी. कंपनी के उन नियमित कर्मचारियों को यह लाभ मिलेगा, जिन्होंने कम से कम पांच वर्ष की सेवा (प्रोबेशन अवधि को छोड़कर) पूरी कर ली है. यदि पति और पत्नी दोनों कंपनी में कार्यरत हैं, तो यह एडवांस केवल किसी एक को ही देय होगा. कर्मी को उसके 75 महीनों के वेतन (बेसिक डीए आदि) या 30 लाख रुपये, जो भी कम हो, उतनी राशि दी जाएगी. जिस घर का निर्माण या खरीद की जा रही है, उसका क्षेत्रफल कम से कम 22 वर्ग मीटर होना अनिवार्य है. 55 साल के बाद नहीं मिलेगा होम लोन कोल इंडिया ने तय किया है कि ऐसे कर्मचारी, जिनकी सेवानिवृत्ति में 60 महीने ( पांच वर्ष ) से कम का समय बचा है, वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे. अर्थात उम्र सीमा 55 साल से अधिक नहीं होना चाहिए. दूसरे प्रशासनी या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) से कोल इंडिया में आनेवाले कर्मियों की पिछली लगातार सेवा को भी इस पांच साल की अवधि में गिना जाएगा. इसे भी पढ़ें: Stone Pelting: रामनवमी की रात खूंटी के मुरहू में पत्थरबाजी, इलाके में तनाव किन कामों के लिए मिलेगा पैसा यह एडवांस नए घर के निर्माण, प्लॉट खरीदने, तैयार घर खरीदने या मौजूदा घर के विस्तार के लिए लिया जा सकता है. घर के विस्तार के लिए अधिकतम छह लाख रुपये तक की सीमा तय की गई है. बशर्ते, कर्मी की कम से कम तीन वर्ष की सेवा शेष हो. नियमों के अनुसार, कोई भी कर्मी अपने पूरे सेवाकाल में केवल एक बार ही इस एडवांस का लाभ उठा सकता है. साथ ही, यह लोन अपने किसी ऐसे रिश्तेदार से जमीन या घर खरीदने के लिए नहीं दिया जायेगा, जो उन पर आश्रित हों. इसे भी पढ़ें: यात्रीगण कृपया ध्यान दें, रांची-लोहरदगा-टोरी लाइन पर आज से चलने लगी है ट्रेन The post कोलकर्मियों को 30 लाख तक मिल सकेगा होम लोन एडवांस, लेकिन सेवा शर्त के साथ appeared first on Naya Vichar.

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Apple का दावा: इस फीचर के ऑन होते ही iPhone को कोई हैक नहीं कर पाया, जानें इसके बारे में

टीम कुक की कंपनी Apple का सबसे मजबूत सिक्योरिटी फीचर लॉकडाउन मोड (Lockdown Mode) अब तक पूरी तरह सेफ बना हुआ है. यह हम नहीं बल्कि कंपनी खुद कह रही है. कंपनी का दावा है कि 2022 में लॉन्च होने के बाद से आज तक इस फीचर को कोई भी हैक नहीं कर पाया है. TechCrunch की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Apple ने बताया कि उन्हें अब तक ऐसा एक भी मामला नहीं मिला है, जहां Lockdown Mode ऑन होने के बावजूद किसी iPhone या दूसरे Apple डिवाइस को हैक किया गया हो. यहां तक कि हाई-टेक, गवर्नमेंट लेवल स्पाइवेयर भी इसमें सेंध नहीं लगा पाया है. Apple की स्पोक्सपर्सन सारा ओ’रूर्क (Sarah O’Rourke) ने भी साफ कहा है कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि Lockdown Mode वाले Apple डिवाइस पर mercenary spyware का कोई भी हमला सफल हुआ हो. Apple का Lockdown Mode आखिर काम कैसे करता है? 2022 में लॉन्च किया गया ये फीचर खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है जो टार्गेटेड साइबर अटैक्स के ज्यादा खतरे में रहते हैं. जैसे एक्टिविस्ट, पत्रकार, या प्रशासनी अधिकारी. यानी ये कोई आम सिक्योरिटी फीचर नहीं है, बल्कि एक तरह का एक्स्ट्रा स्ट्रांग शील्ड है. जब आप Lockdown Mode ऑन करते हैं, तो आपका iPhone खुद को थोड़ा लिमिट में कर लेता है. मतलब ये कि फोन के कई ऐसे फीचर्स सीमित हो जाते हैं, जिनका इस्तेमाल हैकर्स घुसने के लिए कर सकते हैं. उदाहरण के लिए, कुछ तरह के मैसेज अटैचमेंट ब्लॉक हो जाते हैं और कोई भी अनजान व्यक्ति आपको इन्वाइट या कनेक्शन रिक्वेस्ट नहीं भेज सकता. इतना ही नहीं, Safari जैसे ब्राउजर में भी कुछ वेब टेक्नोलॉजीज को बंद कर दिया जाता है अगर किसी पर डाउट लगता है. iPhone में Lockdown Mode कैसे ऑन करें? खास बात ये है कि आप इसे अलग-अलग डिवाइस जैसे iPhone, iPad और Mac पर ऑन कर सकते हैं. जैसे ही आप अपने iPhone में इसे एक्टिव करते हैं, ये अपने आप आपके पेयर्ड Apple Watch पर भी चालू हो जाता है. सबसे पहले अपने iPhone में Settings ऐप खोलें फिर Privacy & Security ऑप्शन पर टैप करें नीचे स्क्रॉल करें और Lockdown Mode ढूंढें अब Turn On Lockdown Mode पर क्लिक करें आखिर में Turn On & Restart चुनें और अपना पासकोड डालकर इसे एक्टिव कर दें यह भी पढ़ें: क्या एंड्रॉयड केबल से iPhone चार्ज करने पर फोन खराब हो जाएगा? The post Apple का दावा: इस फीचर के ऑन होते ही iPhone को कोई हैक नहीं कर पाया, जानें इसके बारे में appeared first on Naya Vichar.

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Video: बाबर गद्दे पर भी नहीं पकड़ पाए कैच, सोशल मीडिया पर उड़ा मजाक

Highlights बाबर आजम गद्दे पर भी नहीं पकड़ पाए कैच  सोशल मीडिया पर उड़ रहा बाबर का मजाक  बाबर की फिटनेस पर फिर से उठने लगे सवाल  स्टेडियम में बिना दर्शकों के स्पोर्ट्सा जा रहा PSL  Babar Azam Drops Catch: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के 11वे सीजन की शुरुआत 26 मार्च से हो चुकी है. लेकिन इस बार क्रिकेट से ज्यादा पेशावर जाल्मी के कप्तान बाबर आजम की चर्चा हो रही है. सोशल मीडिया पर बाबर का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है जिसमे वह एक विज्ञापन की शूटिंग के दौरान कैच टपकाते हुए नजर आ रहे है. इस फ्लॉप कैच के बाद इंटरनेट पर उनकी काफी फजीहत हो रही है. बाबर आजम गद्दे पर भी नहीं पकड़ पाए कैच  वायरल वीडियो में बाबर आजम एक विज्ञापन शूट कर रहे है. इस शूट की मांग थी कि उन्हें दाई तरफ डाइव लगाकर एक हाथ से कैच पकड़ना है. उन्हें चोट ना लगे इसके लिए नीचे फोम के गद्दे बिछाए गए थे. बाबर ने डाइव लगाई और गद्दे पर सुरक्षित गिरे, लेकिन इसी दौरान गेंद उनके हाथ से छिटक गई. गद्दे पर गिरने के बाद भी वह इस आसान से कैच को नहीं लपक पाए. सोशल मीडिया पर उड़ रहा बाबर का मजाक  यह वीडियो सामने आते ही फैंस ने बाबर को ट्रोल करना शुरू कर दिया. एक यूजर ने मजे लेते हुए लिखा कि गद्दे वाली कंपनी को पहले से ही पता था कि बाबर कैच छोड़ देंगे, इसलिए वहां बेड लगा दिया गया था. एक हिंदुस्तानीय यूजर ने तंज कसा कि जब गद्दे पर कैच नहीं पकड़ा जा रहा, तो सोचिए बिना गद्दे के क्या होता, शायद वह एक साल तक स्पोर्ट्स ही नहीं पाते. Babar Azam be like King Kohli banne chala tha, cartoon ban ke reh gaya.🤡 Even he dropped a catch during an ad shoot — another humiliation for Babar Azam.😭 pic.twitter.com/PwmE39nVEn — Sonu (@Cricket_live247) March 28, 2026 बाबर की फिटनेस पर फिर से उठने लगे सवाल  इस कैच के छूटने के बाद बाबर आजम की फिटनेस को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे है. इससे पहले जब उन्हें बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए नहीं चुना गया था, तब पीसीबी ने बताया था कि वह पूरी तरह से फिट नहीं है. टी20 वर्ल्ड कप 2026 के समय भी उनकी फिटनेस में दिक्कत देखी गई थी. इसके अलावा टी20 क्रिकेट में उनके खराब स्ट्राइक रेट की भी काफी आलोचना होती रही है. स्टेडियम में बिना दर्शकों के स्पोर्ट्सा जा रहा PSL  बाबर की टीम पेशावर जाल्मी अपना पहला मैच 28 मार्च को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में रावलपिंडी के खिलाफ स्पोर्ट्सेगी. इस बार पीएसएल के मैच बिना दर्शको के खाली स्टेडियम में स्पोर्ट्से जा रहे है. बाबर ने कहा कि दर्शको के बिना स्पोर्ट्सना मुश्किल होगा, लेकिन वह टीवी पर देख रहे फैंस के लिए अच्छा क्रिकेट स्पोर्ट्सने की कोशिश करेंगे. उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि पिछले सीजन के मुकाबले इस बार उनके पास एक मजबूत गेंदबाजी लाइनअप है. ये भी पढ़ें- IPL 2026: CSK को लगा झटका, धोनी हुए चोटिल, इतने दिन नहीं दिखेंगे मैदान पर IPL 2026: क्या ओपनिंग मैच में बारिश बनेगी विलेन? जानेंं RCB vs SRH का रिकॉर्ड The post Video: बाबर गद्दे पर भी नहीं पकड़ पाए कैच, सोशल मीडिया पर उड़ा मजाक appeared first on Naya Vichar.

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बैंक ऑफ अमेरिका का फैसला: जेफरी एपस्टीन मामले में पीड़ितों को देगा ₹600 करोड़, जानें क्या था पूरा विवाद

Bank of America: अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े बैंक, ‘बैंक ऑफ अमेरिका’ ने उन स्त्रीओं के साथ समझौता किया है जिन्होंने बैंक पर गंभीर आरोप लगाए थे. स्त्रीओं का दावा था कि बैंक ने जेफरी एपस्टीन द्वारा किए गए यौन शोषण और मानव तस्करी (Sex Trafficking) के अपराधों को जानते हुए भी नजरअंदाज किया और उससे मुनाफा कमाया. 7.25 करोड़ डॉलर का समझौता शुक्रवार को आए अदालती दस्तावेजों के अनुसार, बैंक ऑफ अमेरिका इस दीवानी मुकदमे को खत्म करने के लिए 7.25 करोड़ डॉलर देने को तैयार हो गया है. बैंक के प्रवक्ता ने कहा कि हालांकि बैंक अब भी अपनी इस बात पर कायम है कि उसने किसी अपराध में मदद नहीं की, लेकिन पीड़ितों को न्याय दिलाने और इस मामले को पीछे छोड़ने के लिए यह समझौता किया गया है. क्या थे आरोप ? ‘जेन डो’ (Jane Doe) नाम की एक स्त्री द्वारा दायर इस क्लास-एक्शन मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि बैंक ऑफ अमेरिका ने एपस्टीन से जुड़ी संदिग्ध वित्तीय लेनदेन (Transactions) को जानबूझकर नजरअंदाज किया. शिकायत के मुताबिक, बैंक के पास एपस्टीन के अपराधों के बारे में काफी जानकारी थी, लेकिन उसने पीड़ितों की सुरक्षा के बजाय अपने मुनाफे को ऊपर रखा. इन संदिग्ध लेनदेनों में अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के अरबपति सह-संस्थापक लियोन ब्लैक द्वारा एपस्टीन को किए गए भुगतान भी शामिल थे. पीड़ितों के लिए जरूरी राहत पीड़ितों के वकीलों का कहना है कि यह समझौता उनके क्लाइंट के लिए सबसे अच्छा विकल्प है, क्योंकि कई स्त्रीएं सालों पहले हुए इस शोषण का दर्द झेल रही हैं और उन्हें अभी तुरंत वित्तीय मदद की जरूरत है. इस समझौते की राशि का लगभग 30% (करीब $2.18 करोड़) कानूनी फीस के रूप में जा सकता है. अब इस समझौते पर अंतिम मुहर लगाने के लिए गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई होगी. अन्य बैंक भी दे चुके हैं हर्जाना बैंक ऑफ अमेरिका इकलौता बैंक नहीं है जो इस मामले में फंसा है. 2023 में इसी तरह के आरोपों के बाद जेपी मॉर्गन चेस (JPMorgan Chase) ने $290 मिलियन और ड्यूश बैंक (Deutsche Bank) ने $75 मिलियन का हर्जाना देने पर सहमति जताई थी. जेफरी एपस्टीन की 2019 में जेल में मौत हो गई थी, जब वह यौन तस्करी के आरोपों में मुकदमे का सामना कर रहा था. Also Read: इतिहास में पहली बार, अमेरिकी डॉलर पर होंगे राष्ट्रपति ट्रंप के साइन, जून से बदल जाएंगे नोट The post बैंक ऑफ अमेरिका का फैसला: जेफरी एपस्टीन मामले में पीड़ितों को देगा ₹600 करोड़, जानें क्या था पूरा विवाद appeared first on Naya Vichar.

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