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Author name: Vinod Jha

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E20 नीति पर राहुल गांधी का तंज, बोले- ‘पूरी दाल ही काली है’, माइलेज पर क्या बोली सरकार?

Rahul Gandhi on E20: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र प्रशासन की E20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) नीति पर हमला तेज कर दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक वीडियो में कहा कि इस मामले में “दाल में कुछ काला नहीं, पूरी दाल ही काली है.” राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि E20 नीति आम लोगों की गाड़ियों को नुकसान पहुंचाएगी और उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगी. ‘E20 लोगों की गाड़ियां खराब कर रहा’ राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष हर मुद्दे को एक साथ नहीं उठा सकता, इसलिए प्राथमिकताएं तय करनी पड़ती हैं. उन्होंने कहा कि देश में भ्रष्टाचार और जनहित से जुड़े इतने मुद्दे हैं कि उन्हें क्रमवार उठाना पड़ता है. उन्होंने संकेत दिया कि E20 नीति अब विपक्ष के प्रमुख मुद्दों में शामिल होगी. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि E20 ईंधन लोगों की कारों और दोपहिया वाहनों को नुकसान पहुंचा रहा है. उनके मुताबिक यह नीति लोगों की जेब पर सीधा असर डाल रही है और आम नागरिकों से “सीधी चोरी” के समान है. प्रशासन ने दावों को किया खारिज राहुल गांधी के आरोपों के बीच केंद्र प्रशासन और ऑटोमोबाइल उद्योग से जुड़े संगठनों ने कहा है कि E20 पेट्रोल से बड़े पैमाने पर इंजन खराब होने या असामान्य जंग लगने का कोई प्रमाण नहीं मिला है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, 3 करोड़ से अधिक कारें और 20 करोड़ से ज्यादा दोपहिया वाहन मिश्रित ईंधन का इस्तेमाल कर रहे हैं और किसी व्यापक तकनीकी खराबी की पुष्टि नहीं हुई है. माइलेज पर क्या बोली प्रशासन? प्रशासन ने माना कि कुछ पुराने या E20 के अनुरूप तैयार नहीं किए गए इंजनों में 3 से 5 प्रतिशत तक माइलेज कम हो सकता है. हालांकि मंत्रालय का कहना है कि आधुनिक वाहनों में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल सुरक्षित है और इससे वाहन बीमा भी प्रभावित नहीं होता. प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल E20 से आगे एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने की कोई योजना नहीं है और भविष्य में ऐसा कोई फैसला तकनीकी अध्ययन के बाद ही लिया जाएगा. Also read : होर्मुज संकट में भी नहीं थमी ईंधन आपूर्ति, हरदीप पुरी बोले- हिंदुस्तान अब सिर्फ तेल पर निर्भर नहीं The post E20 नीति पर राहुल गांधी का तंज, बोले- ‘पूरी दाल ही काली है’, माइलेज पर क्या बोली प्रशासन? appeared first on Naya Vichar.

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400 करोड़ क्लब में ‘Spider-Man: Brand New Day’ की एंट्री, ‘Border 2’ को पछाड़ बनी 2026 की दूसरी सबसे कमाऊ फिल्म

Spider-Man: Brand New Day Box Office: टॉम हॉलैंड और जेंडाया की ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ हिंदुस्तान में बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है. रिलीज के सिर्फ एक हफ्ते में फिल्म ने 400 करोड़ रुपये ग्रॉस का आंकड़ा पार कर लिया है. इसी के साथ इसने ‘बॉर्डर 2’ को पीछे छोड़ते हुए 2026 की हिंदुस्तान की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. Spider-Man: Brand New Day Box Office Record: अब सिर्फ ‘धुरंधर: द रिवेंज’ है आगे Sacnilk के मुताबिक, ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ ने हिंदुस्तान में अब तक 400.21 करोड़ रुपये ग्रॉस की कमाई कर ली है. वहीं, ‘बॉर्डर 2’ का लाइफटाइम हिंदुस्तान ग्रॉस कलेक्शन 392.94 करोड़ रुपये रहा था. यानी स्पाइडर-मैन ने अब बॉर्डर 2 को पीछे छोड़ दिया है. हालांकि, साल 2026 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म अब भी ‘धुरंधर: द रिवेंज’ बनी हुई है. इस फिल्म ने हिंदुस्तान में 1,375.39 करोड़ रुपये ग्रॉस का कारोबार किया है. Spider-Man: Brand New Day Collection Day 8: आठवें दिन भी कमाई रही शानदार Sacnilk के अनुसार, फिल्म ने 8वें दिन करीब 14.20 करोड़ रुपये नेट की कमाई की. हालांकि, वीकडेज की वजह से कमाई में थोड़ी गिरावट देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर मजबूती से टिकी हुई है. फिल्म की ओपनिंग वीकेंड कमाई इतनी शानदार रही कि अब भी यह हिंदुस्तान में साल की सबसे बड़ी हॉलीवुड फिल्मों में शामिल है. Spider-Man: Brand New Day Worldwide Collection: दुनियाभर में भी कर रही है धमाकेदार कमाई हिंदुस्तान ही नहीं, दुनियाभर में भी ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ का जलवा देखने को मिल रहा है. फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 1.188 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. इससे पहले फिल्म ‘टॉय स्टोरी 5’ को पीछे छोड़कर साल 2026 की दुनिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म भी बन चुकी है. इतना ही नहीं, यह दुनियाभर में 1 बिलियन डॉलर का आंकड़ा सबसे तेजी से पार करने वाली फिल्मों में भी शामिल हो गई है. Spider-Man: Brand New Day Cast: फिल्म में कौन-कौन हैं स्टार्स? ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ का निर्देशन डेस्टिन डैनियल क्रेटन ने किया है. फिल्म में टॉम हॉलैंड एक बार फिर पीटर पार्कर के किरदार में नजर आए हैं. उनके साथ जेंडाया, जैकब बैटलन, जॉन बर्नथल, मार्क रफालो, माइकल मैंडो, क्रोंडन और सैडी सिंक भी अहम भूमिकाओं में हैं. ये भी पढ़ें: मेरे बाद कोई और बनेगा स्पाइडर-मैन… टॉम हॉलैंड ने मार्वल के रिप्लेसमेंट प्लान पर किया बड़ा खुलासा The post 400 करोड़ क्लब में ‘Spider-Man: Brand New Day’ की एंट्री, ‘Border 2’ को पछाड़ बनी 2026 की दूसरी सबसे कमाऊ फिल्म appeared first on Naya Vichar.

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4 साल की रेप पीड़िता को नहीं मिला इलाज, चली गई जान… सुप्रीम कोर्ट ने दोनों अस्पतालों पर ठोका 12 लाख का जुर्माना

सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद की 4 साल की रेप पीड़िता की मौत के मामले में सख्त फैसला सुनाया है. अदालत ने गाजियाबाद के दो निजी अस्पतालों को बच्ची के पिता को कुल 12 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कोर्ट ने कहा कि बच्ची को समय पर इमरजेंसी इलाज नहीं मिलने के कारण उसकी जान चली गई. अदालत ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि कानून में मौजूद सुरक्षा और जमीनी स्तर पर उसके पालन के बीच बड़ी खाई दिखाई देती है. इलाज में देरी बनी मौत की वजह चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने SIT की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि गंभीर चोट लगने के बाद भी बच्ची करीब 5 घंटे तक जीवित थी. इसके बावजूद उसे समय पर जरूरी इलाज नहीं मिला. कोर्ट ने सेंट जोसेफ (मरियम) हॉस्पिटल को 10 लाख रुपये और खजान सिंह मानवी हेल्थ केयर को 2 लाख रुपये 4 सप्ताह के भीतर बच्ची के पिता को देने का आदेश दिया है. यह मामला बच्ची के पिता की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था. दिहाड़ी मजदूर पिता ने 16 मार्च 2026 में हुई इस घटना की कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की थी. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई और निजी अस्पतालों द्वारा इलाज से इनकार किए जाने पर गंभीर चिंता जताई थी. इसी के बाद अदालत ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था. अस्पतालों और एजेंसियों के लिए बनेगी गाइडलाइन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के लिए चेतावनी है. अदालत ने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए अस्पतालों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के लिए व्यापक गाइडलाइंस तैयार की जाएंगी. इनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि गंभीर अपराधों के पीड़ितों को बिना किसी देरी के तत्काल चिकित्सा सहायता मिले. The post 4 साल की रेप पीड़िता को नहीं मिला इलाज, चली गई जान… सुप्रीम कोर्ट ने दोनों अस्पतालों पर ठोका 12 लाख का जुर्माना appeared first on Naya Vichar.

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महुआ मोईत्रा से सुप्रीम कोर्ट ने कहा- स्वतंत्रता सेनानियों ने तो गोलियां खायीं थीं, आपको अंडे से डर क्यों?

धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोपों में घिरीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोईत्रा को सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया. पुलिस स्टेशन में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट मांगने और वर्चुअली (ऑनलाइन) पेशी की अनुमति मांगने वाली महुआ मोईत्रा की याचिका पर देश की सबसे बड़ी अदालत ने विचार करने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने महुआ के वकील की उन दलीलों को भी खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने ऊपर अंडे और पत्थर फेंके जाने का हवाला देकर व्यक्तिगत पेशी से सुरक्षा की गुहार लगायी थी. 14 अगस्त को सांसद को थाने में होना होगा हाजिर सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद ममता बनर्जी की फायरब्रांड सांसद मोईत्रा के वकील को अंततः अपनी याचिका वापस लेनी पड़ी. इसके चलते अब कृष्णनगर की सांसद को 14 अगस्त को नदिया जिले के होगलाबेरिया थाने में खुद उपस्थित होना ही पड़ेगा. सुप्रीम कोर्ट ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का किया जिक्र सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ के समक्ष महुआ मोईत्रा के वकील गोपाल शंकरनारायणन ने दलील दी कि उनकी मुवक्किल को जांच में सहयोग करने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन वे यह प्रक्रिया वर्चुअल माध्यम से पूरी करना चाहती हैं. जब पीठ ने पूछा कि केवल सांसद होने के नाते वर्चुअल पेशी क्यों चाहिए, तो वकील ने हाल ही में महुआ पर हुए पथराव और अंडे फेंके जाने की घटनाओं का जिक्र किया. ये भी पढ़ें: ममता बनर्जी की फायरब्रांड सांसद महुआ मोईत्रा को डरा रहे ‘अंडे’, कलकत्ता हाईकोर्ट से लगायी ये गुहार महुआ के वकील बोले- फिर बन सकता है अराजक माहौल वकील ने आशंका जतायी कि थाने जाने पर फिर से अराजकता का माहौल बन सकता है. इस पर न्यायमूर्ति दत्ता ने स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग की मिसाल देते हुए मौखिक टिप्पणी की कि जब आप नेतृत्व में उतरे हैं, तो फिर अंडे फेंके जाने से क्यों डर रहे हैं? हमारे देश के स्वतंत्रता सेनानियों ने तो सीने पर गोलियां खायीं थीं. पीठ ने माना कि एक जनप्रतिनिधि को अंडे फेंके जाने जैसी घटनाओं से भयभीत नहीं होना चाहिए. ये भी पढ़ें: अंडे-बैंगन से हमले के बाद महुआ पहुंचीं हाइकोर्ट, सुरक्षा कवच की लगायी गुहार कोलकाता हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती पूरा मामला नदिया जिले के होगलाबेरिया थाने में दर्ज उस प्राथमिकी से जुड़ा है, जिसमें महुआ मोईत्रा पर बुर्का पहनने को लेकर दिये गये बयानों के कारण धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगा है. इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने महुआ को राहत देते हुए अक्टूबर तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी. हालांकि, हाईकोर्ट ने शर्त रखी थी कि सांसद को जांच में पूर्ण सहयोग करना होगा. 14 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से थाने में हाजिर होना पड़ेगा. इसी व्यक्तिगत पेशी के आदेश को मोईत्रा ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. ये भी पढ़ें: महुआ मोईत्रा का दावा- नदिया जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुझ पर अंडे फेंके अंडे फेंकने की नेतृत्व और नेतृत्वक प्रतिक्रियाएं 1 जुलाई को नदिया में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान महुआ मोईत्रा को स्थानीय लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा था. महुआ मोईत्रा पर भी अंडे, सड़े बैंगन और पत्थर फेंके गये थे. पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से टीएमसी नेताओं पर अंडे फेंके जाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. शमिक भट्टाचार्य (भाजपा) : हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने सार्वजनिक रूप से इस तरह के हमलों का विरोध करते हुए कहा कि यह बंगाल की संस्कृति नहीं है. भाजपा कार्यकर्ता इसमें शामिल नहीं हैं. यह जनता का रोष है. कुणाल घोष (टीएमसी) : टीएमसी नेता कुणाल घोष ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि अदालत ऐसा कहेगी, तो सांसद सुरक्षा की गुहार लगाने कहां जायेंगी? विकास रंजन भट्टाचार्य (कानूनविद) : कानूनविद विकास रंजन भट्टाचार्य और पूर्व न्यायाधीश अशोक गांगुली का मानना है कि अदालत ने यह टिप्पणी अनौपचारिक रूप से की होगी, जिसे लिखित आदेश में शामिल नहीं किया जाता. The post महुआ मोईत्रा से सुप्रीम कोर्ट ने कहा- स्वतंत्रता सेनानियों ने तो गोलियां खायीं थीं, आपको अंडे से डर क्यों? appeared first on Naya Vichar.

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JPSC Student Protest: वार्ता के लिए स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचे छात्र, सरकार के साथ बातचीत शुरू

रांची से नवीन शर्मा, राजलक्ष्मी, अभिषेक आनंद और अरविंद की रिपोर्ट JPSC Student Protest: JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच औपचारिक वार्ता शुरू हो गई. बैठक में छात्रों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और प्रशासन के प्रतिनिधि आमने-सामने बैठकर विभिन्न मांगों पर चर्चा कर रहे हैं. छात्र प्रतिनिधि प्रशासन को अपने मांग पत्र के प्रत्येक बिंदु से अवगत करा रहे हैं और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, कथित अनियमितताओं की जांच तथा परीक्षा सुधार सहित अन्य मांगों पर कार्रवाई की अपेक्षा जता रहे हैं. वार्ता के नतीजे पर आंदोलन की आगामी रणनीति निर्भर करेगी. लंबी चल सकती है प्रशासन-छात्रों की बातचीत JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार शाम प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच स्टेट गेस्ट हाउस में वार्ता जारी है. शाम 7:23 बजे प्रशासन की ओर से चार मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचा, जबकि 7:45 बजे छात्र प्रतिनिधिमंडल वहां पहुंचा. फिलहाल दोनों पक्षों के बीच मांगों पर बातचीत चल रही है. स्टेट गेस्ट हाउस के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और दोनों प्रतिनिधिमंडलों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं है. वार्ता लंबी चलने की संभावना जताई जा रही है. आंदोलन के 14वें दिन हो रही प्रशासन के साथ बातचीत JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर जारी छात्र आंदोलन के 14वें दिन प्रशासन ने समाधान की दिशा में गंभीर पहल की है. शुक्रवार को एसडीएम की मौजूदगी में तीन वाहनों से छात्र प्रतिनिधियों को स्टेट गेस्ट हाउस लाया गया, जहां प्रशासन के साथ वार्ता होनी है. स्टेट गेस्ट हाउस में प्रशासन की ओर से चार मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल भी पहुंच गया है. प्रशासन छात्रों की मांगों पर चर्चा कर आंदोलन का समाधान निकालने का प्रयास करेगी. छात्रों से बातचीत के बाद प्रशासन आगे की रणनीति तय करेगी. शाम सात बजे रखा गया बातचीत का समय जेपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच शुक्रवार शाम 7 बजे स्टेट गेस्ट हाउस में प्रशासन और आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच अहम वार्ता होगी. बैठक को लेकर छात्रों ने प्रशासन से बातचीत करने वाले अपने नए 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेट्स) की अंतिम सूची जारी कर दी है. छात्रों ने जारी की प्रतिनिधिमंडल सदस्यों की सूची छात्रों की ओर से जारी सूची के अनुसार रवीन्द्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार प्रशासन के साथ वार्ता में शामिल होंगे. अभ्यर्थियों का कहना है कि सभी की सहमति से प्रतिनिधिमंडल का गठन किया गया है, ताकि आंदोलन से जुड़ी मांगों को मजबूती के साथ प्रशासन के सामने रखा जा सके. बैठक के बाद तय होगी आगे की दिशा वहीं प्रशासन की ओर से वार्ता में मंत्री दीपिका पांडे सिंह, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, मंत्री चमरा लिंडा, मंत्री संजय यादव तथा अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह शामिल होंगे. प्रशासन और अभ्यर्थियों के बीच जेपीएससी से जुड़े विभिन्न मुद्दों और छात्रों की मांगों पर चर्चा होगी. यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पिछले कई दिनों से जेपीएससी अभ्यर्थी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाना चाहते हैं और वार्ता के जरिए समाधान की उम्मीद कर रहे हैं. प्रशासन की ओर से वार्ता में शामिल प्रतिनिधि मंत्री दीपिका पांडे सिंह मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू मंत्री चमरा लिंडा मंत्री संजय यादव अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह छात्रों की ओर से अंतिम 10 डेलिगेट्स रवीन्द्र पासवान पीयूष कुमार राजेश प्रसाद नीतू कुजूर अंकित राज कार्तिक सोरेन शालू कुमारी रवींद्र कुमार रवि आनंद कुमार अंकित कुमार The post JPSC Student Protest: वार्ता के लिए स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचे छात्र, प्रशासन के साथ बातचीत शुरू appeared first on Naya Vichar.

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राखी के लिए चाहिए परफेक्ट मेहंदी? ये लेटेस्ट डिजाइन जरूर करें ट्राई

Raksha Bandhan Mehndi Designs: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्यार और रिश्ते का खास पर्व होता है. इस दिन स्त्रीएं और लड़कियां नए कपड़े पहनने के साथ-साथ हाथों में मेहंदी लगाना भी पसंद करती हैं. अगर आप भी रक्षाबंधन पर अपने हाथों को खूबसूरत और ट्रेंडी लुक देना चाहती हैं, तो इन मेहंदी डिजाइनों को जरूर ट्राई कर सकती हैं. ये डिजाइन सिंपल होने के साथ-साथ देखने में बेहद आकर्षक भी लगते हैं. फ्लोरल मेहंदी डिजाइन ब्रेसलेट डिजाइन मेहंदी, फोटो- सोशल मीडिया अगर आप ऑफिस या कॉलेज जाने वाली हैं और ज्यादा भरी हुई मेहंदी पसंद नहीं करतीं, तो ब्रेसलेट डिजाइन आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है. इसमें हाथों पर ऐसा पैटर्न बनाया जाता है जो किसी खूबसूरत ब्रेसलेट की तरह नजर आता है. यह डिजाइन रक्षाबंधन के मौके पर आपके हाथों को यूनिक और स्टाइलिश लुक देगा. अरेबिक मेहंदी डिजाइन Minimal Mehndi Design अगर आप रक्षाबंधन पर कुछ सिंपल लेकिन स्टाइलिश मेहंदी लगाना चाहती हैं, तो मिनिमल मेहंदी डिजाइन आपके लिए एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है. इसमें ज्यादा भरी हुई डिजाइन की जगह छोटे-छोटे फूल, बेल, पत्तियां और खूबसूरत पैटर्न बनाए जाते हैं. यह डिजाइन कम समय में तैयार हो जाती है और हाथों को एलिगेंट व मॉडर्न लुक देती है. कॉलेज जाने वाली लड़कियों और सिंपल लुक पसंद करने वाली स्त्रीओं के लिए यह डिजाइन काफी पसंद की जाती है. यह भी पढ़ें: चांदी की बिछिया में चाहिए नया डिजाइन? देखें लेटेस्ट और खूबसूरत कलेक्शन The post राखी के लिए चाहिए परफेक्ट मेहंदी? ये लेटेस्ट डिजाइन जरूर करें ट्राई appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड विधानसभा में 8,399.31 करोड़ का पहला अनुपूरक बजट पेश, ग्रामीण विकास को सबसे ज्यादा राशि

रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन राज्य प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश किया. प्रशासन ने कुल 8,399.31 करोड़ रुपये की अनुपूरक अनुदान मांग सदन के पटल पर रखी. इसमें 7,256.25 करोड़ रुपये राजस्व व्यय और 1,143.06 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए प्रस्तावित किए गए हैं. अनुपूरक बजट में ग्रामीण विकास, शिक्षा, ग्रामीण कार्य, पेयजल, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया गया है. ग्रामीण विकास विभाग को 4,258.67 करोड़ रुपये आवंटित प्रशासन की ओर से पेश अनुपूरक बजट में सबसे बड़ा आवंटन ग्रामीण विकास विभाग को दिया गया है. विभाग के लिए 4,258.67 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है. इसके बाद प्राथमिक एवं वयस्क शिक्षा प्रभाग को 946.31 करोड़ रुपये, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को 912.45 करोड़ रुपये तथा ग्रामीण कार्य विभाग को 885.83 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. ये भी पढ़ें… झारखंड विधानसभा: JPSC को लेकर सदन के अंदर वेल में BJP विधायकों का हंगामा स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना पर जोर स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना से जुड़े विभागों को भी अतिरिक्त राशि दी गई है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के लिए 271.61 करोड़ रुपये, पंचायती राज विभाग के लिए 244.80 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 218.17 करोड़ रुपये, खान एवं भूतत्व विभाग के लिए 173.65 करोड़ रुपये तथा गृह, जेल एवं आपदा प्रबंधन विभाग के लिए 490.69 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग को 66.53 करोड़ रुपये, वित्त विभाग को 56.96 करोड़ रुपये, पर्यटन विभाग को 36.76 करोड़ रुपये, कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग को 33.21 करोड़ रुपये, विधि विभाग को 29.54 करोड़ रुपये, भवन निर्माण विभाग को 21.75 करोड़ रुपये, नगर विकास एवं आवास विभाग को 20.21 करोड़ रुपये तथा जल संसाधन विभाग को 18.06 करोड़ रुपये दिए गए हैं. ये भी पढ़ें… रामगढ़ के चुटूपालू घाटी में अब हादसों पर लगेगा ब्रेक; पहाड़ काटकर बनेगी नई फोरलेन सड़क पूंजीगत व्यय पर विशेष जोर अनुपूरक बजट में पूंजीगत व्यय को भी प्राथमिकता दी गई है. ग्रामीण कार्य विभाग को पूरे 885.83 करोड़ रुपये पूंजीगत मद में दिए गए हैं. इसके अलावा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के लिए 69.94 करोड़ रुपये, अनुसूचित जनजाति, एससी एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के लिए 33.39 करोड़ रुपये, पर्यटन विभाग के लिए 34.87 करोड़ रुपये, शहरी विकास विभाग के लिए 11.15 करोड़ रुपये तथा स्वास्थ्य विभाग के लिए 10 करोड़ रुपये पूंजीगत मद में प्रस्तावित किए गए हैं. इससे सड़क, पेयजल, भवन और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है. अनुपूरक बजट की अनुदान मांगों पर चर्चा के बाद प्रशासन विनियोग विधेयक भी सदन में पेश करेगी. विधेयक के पारित होने के बाद संबंधित विभागों को अतिरिक्त राशि खर्च करने की वैधानिक अनुमति मिल जाएगी. वित्तीय वर्ष 2026-27 : प्रथम अनुपूरक बजट (विभागवार आवंटन) क्रम विभाग राशि (करोड़ रुपये में) 1 ग्रामीण विकास विभाग 4,258.67 2 प्राथमिक एवं वयस्क शिक्षा प्रभाग 946.31 3 अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग 912.45 4 ग्रामीण कार्य विभाग 885.83 5 गृह, जेल एवं आपदा प्रबंधन विभाग (आपदा प्रबंधन) 490.69 6 पेयजल एवं स्वच्छता विभाग 271.61 7 पंचायती राज विभाग 244.80 8 स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग 218.17 9 खान एवं भूतत्व विभाग 173.65 10 ब्याज भुगतान 152.00 11 कैबिनेट सचिवालय (निर्वाचन) 86.78 12 सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग 66.53 13 वित्त विभाग 56.96 14 पर्यटन विभाग (पर्यटन प्रभाग) 36.76 15 कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग 33.21 16 ऋण की अदायगी 31.08 17 विधि विभाग 29.54 18 मंत्रिमंडल सचिवालय (नागर विमानन) 27.07 19 माध्यमिक शिक्षा प्रभाग 25.06 20 वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग 23.55 21 भवन निर्माण विभाग 21.75 22 नगर विकास एवं आवास विभाग 20.21 23 झारखंड उच्च न्यायालय 19.20 24 जल संसाधन विभाग 18.06 25 सूचना एवं जनसंपर्क विभाग 16.96 26 राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग (राजस्व) 16.29 27 स्त्री, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग 14.79 28 ऊर्जा विभाग 14.36 29 स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग (पूंजीगत) 10.00 30 वाणिज्यकर विभाग 8.85 31 डेयरी प्रभाग 7.06 32 कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग (डेयरी) 7.06 33 श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग 2.00 34 राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग (निबंधन) 2.00 35 विधानसभा सचिवालय 1.45 36 उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग 0.91 37 खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग 0.33 38 योजना एवं विकास विभाग 0.20 39 संसदीय कार्य विभाग 0.20 40 विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (मुख्यालय) 0.15 41 कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग (पशुपालन) 0.05 42 राज्यपाल सचिवालय 0.05 43 कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग (सहकारिता) 0.04 44 राजभाषा प्रभाग 0.01 The post झारखंड विधानसभा में 8,399.31 करोड़ का पहला अनुपूरक बजट पेश, ग्रामीण विकास को सबसे ज्यादा राशि appeared first on Naya Vichar.

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RSS चीफ भागवत के बयान पर CPI(M) का हमला: बालगोपाल बोले-BJP की जमीन खिसक रही है, इसलिए बदले सुर

RSS प्रमुख मोहन भागवत के ‘जेन जी’ (नई पीढ़ी) व ‘जेन अल्फा’ के साथ संवाद को लेकर केरल के वित्त मंत्री और CPI(M) नेता के एन बालगोपाल ने BJP और RSS पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि अब BJP और RSS युवाओं की बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्हें महसूस हो गया है कि जनता के बीच उनकी पकड़ कमजोर पड़ रही है. उन्होंने कहा कि यह बदलाव नेतृत्वक मजबूरी का परिणाम है, न कि युवाओं के प्रति वास्तविक चिंता. युवाओं की मांगों को पहले किया गया नजरअंदाज CPI(M) नेता बालगोपाल ने आरोप लगाया कि लंबे समय से युवा रोजगार, शिक्षा और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन मोदी प्रशासन ने इन मांगों को गंभीरता से नहीं लिया. उन्होंने कहा कि जब इन मुद्दों पर चर्चा का समय था, तब प्रशासन समाधान के बजाय चुप्पी साधे रही. अब जब युवाओं का असंतोष बढ़ रहा है, तब प्रशासन और RSS दोनों अपने रुख में बदलाव दिखा रहे हैं.  RSS प्रमुख मोहन भागवत ने साफ कहा कि यदि Gen Z किसी आंदोलन में हिस्सा लेती है तो उसे देशविरोधी नहीं कहा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह हमारी अपनी अगली पीढ़ी है और उनके साथ अपनापन व सम्मान का रिश्ता होना चाहिए. संवाद तभी सफल होगा जब दोनों पक्ष एक-दूसरे की बात समझने और सुनने के लिए तैयार हों. उन्होंने कहा कि उनके अनुसार आज की Gen Z और Gen Alpha मौजूदा पीढ़ी से अधिक ईमानदार है. इस पीढ़ी में राष्ट्र के प्रति निष्ठा, देशभक्ति और सेवा की भावना मजबूत होनी चाहिए. पुरानी घटनाओं से जोड़ा मौजूदा विवाद CPI(M) नेता बालगोपाल ने कहा कि पिछले दस वर्षों में बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और युवाओं के विभिन्न आंदोलनों ने केंद्र प्रशासन को लगातार घेरा है. कई राज्यों में छात्रों और युवाओं ने प्रदर्शन किए, लेकिन विपक्ष का आरोप रहा कि उनकी मांगों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया. अब RSS प्रमुख का युवाओं से संवाद उसी बढ़ते दबाव का परिणाम माना जा रहा है. नीति बदले बिना नहीं बनेगी बात CPI(M) नेता बालगोपाल ने कहा कि केवल बयान देने या संवाद करने से स्थिति नहीं बदलेगी. यदि प्रशासन वास्तव में युवाओं का भरोसा जीतना चाहती है तो उसे रोजगार, शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर ठोस नीतिगत फैसले लेने होंगे. उन्होंने दावा किया कि देशभर में युवाओं के आंदोलनों को व्यापक समर्थन मिल रहा है और प्रशासन को नेतृत्वक संदेशों के बजाय वास्तविक बदलाव पर ध्यान देना चाहिए. The post RSS चीफ भागवत के बयान पर CPI(M) का हमला: बालगोपाल बोले-BJP की जमीन खिसक रही है, इसलिए बदले सुर appeared first on Naya Vichar.

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थलपति विजय और पत्नी संगीता का नहीं होगा तलाक, फैमिली कोर्ट से वापस ली याचिका

Thalapathy Vijay Divorce Case: साउथ सुपरस्टार से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने थलपति विजय और उनकी पत्नी संगीता सोर्नालिंगम के तलाक मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. संगीता ने फैमिली कोर्ट में दाखिल अपनी तलाक की याचिका वापस ले ली है. इसके बाद कोर्ट ने इस मामले को बंद कर दिया. यानी फिलहाल विजय और संगीता का तलाक नहीं होगा. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में शामिल हुईं संगीता PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को संगीता सोर्नालिंगम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फैमिली कोर्ट की सुनवाई में शामिल हुईं. इस दौरान उन्होंने कोर्ट को अपनी याचिका वापस लेने की वजह बताई. इसके बाद जज ने उनकी अर्जी स्वीकार कर ली और सुनवाई यहीं खत्म हो गई. संगीता ने क्यों मांगा था तलाक? यह मामला फरवरी 2026 में शुरू हुआ था, जब संगीता सोर्नालिंगम ने चेंगलपट्टू फैमिली कोर्ट में थलपति विजय से तलाक की याचिका दायर की थी. अपनी अर्जी में उन्होंने कहा था कि दोनों के बीच मतभेद इतने बढ़ गए हैं कि अब साथ रहना संभव नहीं है. इसके साथ ही उन्होंने परमानेंट एलिमनी (गुजारा भत्ता) की मांग की थी और चेन्नई के नीलांकरई स्थित अपने वैवाहिक घर में रहने की अनुमति भी मांगी थी. इसके बाद यह मामला कई महीनों तक कोर्ट में चलता रहा और सुनवाई भी कई बार टलती रही. 15 जून 2026 को हुई सुनवाई में संगीता ने कोर्ट को बताया था कि वह अपनी याचिका वापस लेना चाहती हैं. वहीं, एक दूसरी सुनवाई में न विजय कोर्ट पहुंचे और न ही संगीता. दोनों की ओर से उनके वकील मौजूद रहे और कोर्ट को बताया कि वे सुनवाई में शामिल नहीं हो सके. 30 साल पुराना है विजय और संगीता का रिश्ता विजय और संगीता की शादी को करीब तीन दशक हो चुके हैं. दोनों ने 25 अगस्त 1999 को चेन्नई में पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाज से शादी की थी. शादी के बाद दोनों दो बच्चों के माता-पिता बने. उनके बेटे का जन्म साल 2000 में हुआ, जबकि 2005 में उनकी बेटी का जन्म हुआ. ये भी पढ़ें: चीटिंग के शक पर एक्ट्रेस ने अपने ही पति के पीछे लगाया प्राइवेट डिटेक्टिव, फिर जांच में खुलते गए कई राज The post थलपति विजय और पत्नी संगीता का नहीं होगा तलाक, फैमिली कोर्ट से वापस ली याचिका appeared first on Naya Vichar.

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71वें विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार–2026 का आयोजन, समस्तीपुर मंडल का शानदार प्रदर्शन

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर। पूर्व मध्य रेल के 71वें विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार (VRSP)-2026 के अंतर्गत घोषित विभिन्न दक्षता शील्डों में समस्तीपुर मंडल ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए कुल 13 शील्ड प्राप्त कर मंडल की उत्कृष्ट कार्य संस्कृति, प्रशासनिक दक्षता तथा टीम भावना का परिचय दिया है। इनमें से कई शील्ड समस्तीपुर मंडल को एकल विजेता के रूप में प्राप्त हुई हैं, जबकि कुछ शील्ड अन्य मंडलों/इकाइयों के साथ संयुक्त रूप से प्राप्त हुई हैं। सभी शिल्ड को मंडल रेल प्रबंधक श्री ज्योति प्रकाश मिश्रा द्वारा संबंधित विभाग के शाखा अधिकारी के साथ प्राप्त किया गया। • समस्तीपुर मंडल को एकल रूप से प्राप्त शील्ड • बेस्ट स्क्रैप डिस्पोजल शील्ड – सामग्री प्रबंधन एवं स्क्रैप निस्तारण में उत्कृष्ट प्रदर्शन। • राजभाषा अंतर मंडलीय दक्षता शील्ड – राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रोत्साहन के लिए। • बेस्ट टीआरडी (TRD) शील्ड – विद्युत कर्षण वितरण प्रणाली के उत्कृष्ट अनुरक्षण एवं संचालन हेतु। • बेस्ट गति शक्ति यूनिट शील्ड – पीएम गति शक्ति परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं समन्वय के लिए। • संयुक्त रूप से प्राप्त शील्ड • सिग्नल एफिशिएंसी शील्ड • लेवल क्रॉसिंग एवं आरओबी/आरयूबी सेफ्टी वर्क्स शील्ड • इंजीनियरिंग एफिशिएंसी शील्ड • मेडिकल एफिशिएंसी शील्ड • रेल मदद (सार्वजनिक शिकायत निवारण) शील्ड समस्तीपुर मंडल की इकाइयों की उपलब्धियां समस्तीपुर मंडल के अंतर्गत आने वाली इकाइयों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार में अपनी पहचान बनाई है। इसके अंतर्गत • क्लीनलीनेस शील्ड – (मध्यम श्रेणी स्टेशन) नरकटियागंज स्टेशन को तथा • बेस्ट रनिंग रूम शील्ड (संयुक्त विजेता)- जयनगर स्टेशन के रनिंग रुम को प्रदान की गई, जो स्टेशन साफ सफाई तथा रनिंग स्टाफ को उपलब्ध कराई जा रही उत्कृष्ट सुविधाओं एवं रख-रखाव का प्रमाण है। इन उपलब्धियों से स्पष्ट है कि समस्तीपुर मंडल ने राजभाषा, इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं दूरसंचार, विद्युत, चिकित्सा, सामग्री प्रबंधन, सार्वजनिक शिकायत निवारण, स्वच्छता, रनिंग स्टाफ सुविधाओं तथा गति शक्ति परियोजनाओं सहित अनेक क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। मंडल रेल प्रबंधक श्री ज्योति प्रकाश मिश्रा ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता पूरे मंडल के सामूहिक समर्पण, टीमवर्क एवं उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी समस्तीपुर मंडल इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूर्व मध्य रेल एवं हिंदुस्तानीय रेल की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।

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