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Author name: Vinod Jha

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धोने के बाद तौलिया हो जाता है खुरदरा? इन आसान तरीकों से रखें उसे हमेशा सॉफ्ट

How to keep towels soft: ‘काम की बात’ सीरीज में आज बात करेंगे ऐसी चीज की, जिसका इस्तेमाल हम रोज नहाने के बाद करते हैं वह है तौलिया. नहाने के बाद साफ, सूखा और मुलायम तौलिया इस्तेमाल करने का एहसास ही अलग होता है. लेकिन कई बार तौलिया बार-बार धोने के बाद पहले जैसा सॉफ्ट नहीं रहता. धोने के बाद यह इतना सख्त हो जाता है कि शरीर पर इस्तेमाल करते समय भी खुरदुरा महसूस होता है. आज की ‘काम की बात’ में जानेंगे कि धोने के बाद सख्त हो चुके तौलिये को दोबारा मुलायम कैसे बनाया जा सकता है. साथ ही तौलिया धोते समय किन छोटी-छोटी गलतियों से बचना चाहिए. ज्यादा डिटर्जेंट डालने से बचें (How to keep towels soft) कई लोगों को लगता है कि ज्यादा डिटर्जेंट डालने से तौलिया ज्यादा साफ होगा. लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है. कपड़े में जरूरत से ज्यादा डिटर्जेंट रह जाने पर उसके रेशों पर परत जम सकती है. इससे तौलिया खुरदुरा महसूस हो सकता है. इसलिए तौलिया धोते समय डिटर्जेंट की मात्रा कपड़े और वॉशिंग मशीन के हिसाब से ही रखें. बहुत ज्यादा डिटर्जेंट इस्तेमाल करने से बचें. मशीन को जरूरत से ज्यादा न भरें अगर वॉशिंग मशीन में जरूरत से ज्यादा कपड़े भर दिए जाएं तो तौलिया अच्छी तरह साफ और रिंस नहीं हो पाता. इससे डिटर्जेंट के अवशेष रेशों में रह सकते हैं. तौलिये को धोते समय मशीन में पर्याप्त जगह रखें, ताकि पानी और डिटर्जेंट कपड़े के रेशों तक अच्छी तरह पहुंच सकें और बाद में आसानी से निकल भी जाएं. सिरके से कर सकते हैं रिंस अगर तौलिया लगातार सख्त हो रहा है, तो कभी-कभी आखिरी रिंस में थोड़ी मात्रा में सफेद सिरका इस्तेमाल किया जा सकता है. यह कपड़े में जमा डिटर्जेंट के अवशेष को हटाने में मदद कर सकता है. सिरके को सीधे डिटर्जेंट के साथ मिलाकर न डालें. इसे रिंस साइकिल में अलग से इस्तेमाल करना बेहतर है. हालांकि, अपने वॉशिंग मशीन के निर्देशों को भी जरूर देखें. तौलिया बहुत तेज धूप में न सुखाएं तौलिये को धूप में सुखाने से वह जल्दी सूख जाता है, लेकिन बहुत तेज धूप और लंबे समय तक सीधी गर्मी में रखने से कपड़े के रेशे सख्त महसूस हो सकते हैं. धोने के बाद तौलिये को अच्छी तरह झटक लें और ऐसी जगह सुखाएं जहां हवा का अच्छा आना-जाना हो. इससे तौलिया सूखने के बाद ज्यादा खुरदुरा महसूस नहीं होगा. PC: AI Generated फैब्रिक सॉफ्टनर का इस्तेमाल सोच-समझकर करें तौलिया मुलायम करने के लिए कुछ लोग हर बार फैब्रिक सॉफ्टनर डालते हैं. लेकिन तौलिये में इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल उसकी पानी सोखने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है. इसलिए अगर आप फैब्रिक सॉफ्टनर इस्तेमाल करते हैं, तो उसे बहुत ज्यादा मात्रा में न डालें और प्रोडक्ट के लेबल पर दिए निर्देशों का पालन करें. धोने के बाद तौलिये को तुरंत सुखाएं गीले तौलिये को लंबे समय तक वॉशिंग मशीन में पड़ा न रहने दें. इससे उसमें बदबू आने के साथ-साथ कपड़ा भी भारी और बासी महसूस हो सकता है. धुलाई पूरी होने के बाद तौलिया तुरंत निकालें, उसे अच्छी तरह झटकें और हवा वाली जगह पर फैलाकर सुखाएं. छोटी-छोटी बातों से तौलिया रहेगा सॉफ्ट तौलिये को मुलायम रखने के लिए सबसे जरूरी है कि उसे सही मात्रा में डिटर्जेंट से धोया जाए. मशीन को जरूरत से ज्यादा न भरा जाए और धुलाई के बाद तुरंत सुखाया जाए. समय-समय पर रिंसिंग पर भी ध्यान दें, ताकि कपड़े में साबुन की परत जमा न हो. इन आसान बातों का ध्यान रखेंगे तो आपका तौलिया लंबे समय तक साफ, आरामदायक और इस्तेमाल करने में बेहतर बना रह सकता है.    यह भी पढ़ें: गमले में लगे पौधे की मिट्टी बार-बार सूख जाती है? अपनाएं ये आसान तरीका The post धोने के बाद तौलिया हो जाता है खुरदरा? इन आसान तरीकों से रखें उसे हमेशा सॉफ्ट appeared first on Naya Vichar.

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AI से क्यों बढ़ रही खतरे की चिंता? अगर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेकाबू हुआ तो क्या इंसान उसे रोक पाएगा?

AI के ‘Godfather’ कहे जाने वाले Geoffrey Hinton ने अपनी एक चर्चित lecture की शुरुआत ही ऐसी बात से की थी, जो सुनने वाले को असहज कर दे. उनका कहना था कि अगर आप यह सब सुनने के बाद भी रात को चैन से सोते हैं, तो शायद आपने मेरी बात को समझा नहीं है. यह टिप्पणी मूल रूप से उनकी 2025 की Royal Institution lecture में कही गई थी, जिसे 2026 में फिर से खूब चर्चा मिली. लेकिन Hinton सिर्फ डराने वाली बात नहीं कर रहे थे. उनकी चिंता के पीछे एक सीधा सवाल है- अगर किसी दिन AI की बुद्धिमत्ता इंसानों से बहुत आगे निकल गई, तो उसे अपने नियंत्रण में कौन रखेगा? ‘इंसान और मुर्गी’ का उदाहरण देकर समझाया सबसे बड़ा डर Hinton ने इस खतरे को समझाने के लिए एक बेहद साधारण तुलना की. अगर इंसानों से कहीं ज्यादा बुद्धिमान कोई जीव हमें खत्म करना चाहे, तो हमारे पास उसे रोकने के कितने रास्ते होंगे? उनके मुताबिक यह वैसा ही अंतर हो सकता है जैसा इंसान और मुर्गी के बीच है. मुर्गी यह नहीं समझ सकती कि इंसान उसके साथ क्या करने वाला है. यही वजह है कि Hinton के लिए सवाल सिर्फ यह नहीं है कि AI इंसानों को नुकसान पहुंचा सकता है या नहीं. असली सवाल है कि अगर AI हमसे ज्यादा बुद्धिमान हो गया, तो हम उसे इंसानों को नुकसान न पहुंचाने के लिए कैसे तैयार करेंगे? यहीं कहानी और डरावनी हो जाती है. Hinton ने 2026 में कहा कि ज्यादातर विशेषज्ञ मानते हैं कि इंसानों से ज्यादा बुद्धिमान AI अगले एक दशक में आ सकता है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल कोई नहीं जानता कि ऐसी AI को नियंत्रण में रखा जा सकेगा या नहीं. उन्होंने इस समस्या का समाधान मिलने तक ऐसी तकनीक विकसित करने की रफ्तार को लेकर सावधानी बरतने की बात कही. ये भी पढ़ें: AI का मिसयूज कर मिसाइल सॉफ्टवेयर बनाने की कोशिश? टेस्ट फेल हुआ तो Claude से पूछी गड़बड़ी की वजह, Anthropic रिपोर्ट में खुलासा AI को रोकने की बात नहीं, उसे ‘इंसानों की परवाह’ करना सिखाने की चिंता Hinton की चिंता का एक और हिस्सा ज्यादा दिलचस्प है. उनका कहना है कि हम AI को लगातार ज्यादा बुद्धिमान बनाने पर काम कर रहे हैं, लेकिन उतना काम इस बात पर नहीं हो रहा कि वह इंसानों की परवाह करने वाला सिस्टम कैसे बने. उन्होंने हाल की बातचीत में कहा कि हमें ऐसी AI चाहिए जो अपने फायदे से ज्यादा इंसानों के हित को महत्व दे. यानी डर यह नहीं कि AI अचानक फिल्म के किसी रोबोट की तरह बंदूक उठाकर हमारे पीछे दौड़ पड़ेगा. डर इससे कहीं ज्यादा जटिल है. सोचिए क्या होगा अगर वह अपने लक्ष्य खुद तय करने लगे और हम उसके रास्ते में आ जाएं? यही वजह है कि AI Safety आज सिर्फ टेक्नोलॉजी का मुद्दा नहीं रह गया है. दुनिया के कई AI विशेषज्ञ विकास की रफ्तार के साथ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की बात कर रहे हैं. ये भी पढ़ें: Artificial Sun: धरती पर सूरज बनाने की कोशिश में हिंदुस्तान? 82.6 GHz की मशीन करेगी प्लाज्मा को गर्म बेंगलुरु के प्रोफेसर ने डर की दिशा ही बदल दी IISc Bengaluru के Assistant Professor और AI researcher Prathosh AP ने AI को लेकर सवाल को थोड़ा अलग तरीके से रखा है. उनका कहना है कि समस्या सिर्फ यह नहीं है कि मशीनें हमसे ज्यादा बुद्धिमान हो जाएंगी. असली संकट शायद यह है कि हमने इंसान की कीमत को ही उसकी बुद्धिमत्ता से जोड़ रखा है. उन्होंने कहा कि वह जब छात्रों से भरे lecture hall को देखते हैं तो खुद से सवाल पूछते हैं- ये छात्र यहां क्यों बैठे हैं? क्योंकि मशीन अब reasoning कर सकती है, code लिख सकती है और जानकारी को इंसानों की तुलना में बेहद तेजी से जोड़ सकती है. ऐसे में अगर मशीन ज्ञान और तर्क का काम करने लगेगी, तो इंसान की खासियत आखिर बचेगी क्या? Prathosh के मुताबिक जवाब शायद वहीं है जिसे हम आज सबसे कम महत्व देते हैं- care, love, empathy और community. मशीन जानकारी दे सकती है. लेकिन इंसान दूसरे इंसान के पास सिर्फ जानकारी लेने नहीं जाता. वह भरोसा करने, जुड़ने और साथ महसूस करने भी जाता है. इसी वजह से उनके मुताबिक AI का दौर सिर्फ टेक्नोलॉजी का संकट नहीं, बल्कि मानव पहचान का संकट भी है. ये भी पढ़ें: 40 साल पीछे ले जा रहा है AI? 1980 में कैसे दिखते Gen-Z, वायरल ट्रेंड पूरी पीढ़ी को nostalgia में पहुंचा दिया क्या सच में AI इंसानों को खत्म कर देगा? इसका जवाब आज किसी के पास निश्चित रूप से नहीं है. Hinton खुद मानते हैं कि AI से मानवता के अस्तित्व को होने वाले खतरे की सटीक संभावना बताना मुश्किल है. उन्होंने 10 फीसदी जैसे अनुमान को भी निश्चित वैज्ञानिक आंकड़ा नहीं माना, बल्कि विशेषज्ञों के अनुमान को मूलतः उनके gut feeling पर आधारित बताया. इसलिए कहानी का अंत यह नहीं है कि AI इंसानों को खत्म करने वाला है. असल कहानी इससे ज्यादा दिलचस्प है. हमने एक ऐसी मशीन बनाई है जो हर साल पहले से ज्यादा तेज, ज्यादा सक्षम और ज्यादा स्वायत्त होती जा रही है. अब उसके सामने खड़ा सबसे बड़ा सवाल शायद यह नहीं कि AI इंसान जैसा बनेगा या नहीं. सवाल यह है- जब AI इंसान से ज्यादा समझदार हो जाएगा, तब इंसान अपनी सबसे बड़ी ताकत किसे मानेगा? शायद यही वह सवाल है कि यदि AI आने वाले भविष्य में हमें नुकसान पहुंचाने लगे, तो क्या हम इंसान उसे रोक पाएंगे. जिसकी वजह से AI की दुनिया को समझने के बाद रात की नींद थोड़ी देर के लिए उड़ सकती है. The post AI से क्यों बढ़ रही खतरे की चिंता? अगर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेकाबू हुआ तो क्या इंसान उसे रोक पाएगा? appeared first on Naya Vichar.

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NIT रायपुर के 738 स्टूडेंट्स को मिला प्लेसमेंट, 60 लाख का पैकेज

NIT रायपुर में बार 738 स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट मिला और उन्हें कुल 821 ऑफर्स मिले. मतलब कई स्टूडेंट्स को एक से ज्यादा जगह से ऑफर आया. कुल 217 कंपनियां कैंपस में आईं और ओवरऑल प्लेसमेंट रेट 70% रहा, जो चार साल में सबसे ज्यादा है. पैकेज की बात करें तो सबसे ऊंचा पैकेज 60.3 लाख रुपये सालाना रहा जबकि अंडरग्रेजुएट स्टूडेंट्स का औसत पैकेज 12.5 लाख रुपये सालाना रहा. यह दिखाता है कि सिर्फ कुछ चुनिंदा स्टूडेंट्स ही नहीं बल्कि ज्यादातर लोगों को अच्छी सैलरी मिली है. NIT Raipur प्लेसमेंट साल ओवरऑल प्लेसमेंट रेट रिक्रूटिंग कंपनियां 2022-23 67% 125 2023-24 63% 127 2024-25 67% 135 2025-26 70% 217 UG और PG में कौन आगे रहा? अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में 636 स्टूडेंट्स प्लेस हुए और प्लेसमेंट रेट 74% रहा, वहीं पोस्टग्रेजुएट में 102 स्टूडेंट्स को नौकरी मिली और यहां रेट 47% था. MCA स्टूडेंट्स का प्रदर्शन खास तौर पर अच्छा रहा जहां 90 में से 72 यानी 80% स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट मिला. ये भी पढ़ें: MNNIT के 816 स्टूडेंट्स को मिली जॉब, 96 लाख का हाईएस्ट प्लेसमेंट किस ब्रांच ने मारी बाजी? सिविल इंजीनियरिंग ब्रांच सबसे आगे रही जहां 98% स्टूडेंट्स को नौकरी मिली. इसके बाद इलेक्ट्रिकल का नंबर आता है जिसका आंकड़ा 90% रहा. केमिकल और मैकेनिकल भी पीछे नहीं रहे और दोनों ने 85% से ऊपर का स्कोर हासिल किया. किस सेक्टर से कितनी कंपनियां आईं? IT और सॉफ्टवेयर सेक्टर से सबसे ज्यादा 78 कंपनियां आईं. उसके बाद कोर इंजीनियरिंग सेक्टर से 74 कंपनियां पहुंचीं. एनालिटिक्स और डेटा साइंस सेक्टर से भी 38 कंपनियों ने हिस्सा लिया, जो बताता है कि नई टेक्नोलॉजी वाली इंडस्ट्रीज की दिलचस्पी भी बढ़ रही है. इसके अलावा एजुकेशन सेक्टर से 11 और रिसर्च एंड AI-ML सेक्टर से 5 कंपनियां शामिल हुईं. ये भी पढ़ें: KIIT की झोली में 4621 जॉब ऑफर्स, Microsoft में मिला 51 लाख का प्लेसमेंट The post NIT रायपुर के 738 स्टूडेंट्स को मिला प्लेसमेंट, 60 लाख का पैकेज appeared first on Naya Vichar.

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रूपी सोरेन की तबीयत में फिर उतार-चढ़ाव, CM हेमंत और कल्पना सोरेन पहुंचे हिल व्यू अस्पताल

रांची. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन की तबीयत में मंगलवार को फिर उतार-चढ़ाव देखने को मिला. सोमवार को उनके स्वास्थ्य में सुधार की बात सामने आयी थी, लेकिन मंगलवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गयी. इसके बाद अस्पताल में डॉक्टरों की टीम अलर्ट हो गयी और उनके इलाज में लगे चिकित्सकों के अलावा शहर के अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों से भी परामर्श लिया गया. सूत्रों के अनुसार, रूपी सोरेन को ब्रेन और किडनी से जुड़ी परेशानी की शिकायत होने की बात सामने आयी है. संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर उनकी लगातार निगरानी कर रहे हैं. हालांकि, उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अस्पताल की ओर से आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है. रूपी सोरेन की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी विधायक कल्पना सोरेन मंगलवार को अस्पताल पहुंचे. दोनों ने इलाज कर रहे डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उपचार को लेकर परामर्श किया. बताया गया कि मुख्यमंत्री और कल्पना सोरेन देर शाम तक अस्पताल में मौजूद रहे. हैदराबाद शिफ्ट करने की चर्चा, फिलहाल रांची में ही इलाज मंगलवार शाम रूपी सोरेन को बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद शिफ्ट किए जाने की चर्चा सामने आयी थी. हालांकि, बाद में डॉक्टरों की राय के बाद उन्हें फिलहाल हैदराबाद नहीं ले जाने का निर्णय लिया गया. वर्तमान में उनका इलाज बरियातू स्थित हिल व्यू हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में ही चल रहा है. गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को रूपी सोरेन की तबीयत अचानक बिगड़ गयी थी. घर पर डॉक्टरों ने उनकी स्वास्थ्य जांच की थी. सांस लेने में परेशानी होने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए हिल व्यू हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. तब से डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है. The post रूपी सोरेन की तबीयत में फिर उतार-चढ़ाव, CM हेमंत और कल्पना सोरेन पहुंचे हिल व्यू अस्पताल appeared first on Naya Vichar.

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UNGA में ट्रंप का दावा: भारत-पाकिस्तान कॉन्फ्लिक्ट सहित 8 युद्ध खत्म कराए, ईरान को दी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में अपने संबोधन के दौरान हिंदुस्तान-पाकिस्तान समेत 8 युद्धों को खत्म कराने का दावा किया. ट्रंप ने कहा कि इन विवादों को सुलझाने में रिश्तों, व्यापार, टैरिफ और टैरिफ की धमकी जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने कहा कि कई देशों के नेताओं ने उन्हें धन्यवाद पत्र भी भेजे. ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के हवाले से यह भी दावा किया कि उन्हें बताया गया कि ट्रंप के प्रयासों से 3 करोड़ लोगों की जान बची. ईरान पर ट्रंप की सबसे कड़ी चेतावनी United Nations General Assembly (UNGA) ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद सख्त रुख दिखाया. उन्होंने कहा कि वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे. उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या ईरान के साथ ऐसा समझौता किया जाए, जिससे वह दोबारा एक मजबूत देश बन सके या फिर उसके खिलाफ और कड़ा सैन्य कदम उठाया जाए. ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना ही उनकी प्राथमिकता है. उन्होंने ईरान को आतंकवाद का प्रमुख प्रायोजक बताते हुए उसके शासन पर गंभीर आरोप लगाए. ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव का भी जिक्र किया, जिसमें ईरान के वाणिज्यिक शिपिंग पर हमलों की निंदा की गई थी. उनके भाषण के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल के वॉकआउट की भी रिपोर्ट सामने आई. ये भी पढ़े: अमेरिका के बड़े चैनलों ने रोक दी ट्रंप की कवरेज, जानें व्हाइट हाउस में 21 सिंतबर को क्या हुआ? ‘मैंने शांति की, सिर्फ बात नहीं की’ ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि दूसरे लोगों ने शांति की बात की, जबकि उन्होंने शांति स्थापित की. उन्होंने अमेरिका को दुनिया की सबसे शक्तिशाली वित्तीय स्थिति, सेना और तकनीकी ताकत वाला देश बताया. ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके प्रशासन ने अमेरिका को पिछले प्रशासन के ‘अंधकार युग’ से निकालकर ‘गोल्डन एज’ में पहुंचाया है. ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का भी जिक्र किया और कहा कि अमेरिकी नौसेना ने वहां से बड़ी मात्रा में तेल की आवाजाही को एस्कॉर्ट किया है. ईरान युद्ध और होर्मुज संकट पहले से ही वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं. The post UNGA में ट्रंप का दावा: हिंदुस्तान-पाकिस्तान कॉन्फ्लिक्ट सहित 8 युद्ध खत्म कराए, ईरान को दी चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

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JSSC-CGL और JPSC में 500 करोड़ के घोटाले का दावा, राज्यसभा चुनाव पर भी योगेंद्र साव ने उठाए सवाल

रांची से अभिषेक आनंद की रिपोर्ट JSSC-CGL Scam: झारखंड के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव ने मंगलवार को JSSC-CGL और JPSC भर्ती प्रक्रिया के साथ-साथ राज्यसभा चुनाव को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि JSSC-CGL में 500 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है और इस मामले में CBI जांच ही एकमात्र विकल्प है. साथ ही उन्होंने राज्यसभा चुनाव में गठबंधन की हार पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भूमिका पर भी आरोप लगाए. हालांकि, ये सभी आरोप योगेंद्र साव के हैं और उन्होंने बातचीत के दौरान इनके समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया. मंत्री की मौत को भी बताया जांच का विषय बातचीत के दौरान योगेंद्र साव ने हाल ही में एक मंत्री के निधन का जिक्र करते हुए कहा कि वह भी जांच का विषय होना चाहिए. उन्होंने इस संबंध में कोई ठोस साक्ष्य सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत नहीं किया, लेकिन कहा कि CBI जांच होने पर कई बातें सामने आ सकती हैं. JSSC-CGL में 500 करोड़ के घोटाला योगेंद्र साव ने कहा कि JSSC-CGL और JPSC भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्र लंबे समय से परेशान हैं. उन्होंने कहा कि मामला न्यायिक प्रक्रिया में पहुंच चुका है और सर्वोच्च न्यायालय तक चला गया है. उन्होंने दावा किया कि JSSC-CGL में 500 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है और उनके पास इसके “पक्के सबूत” हैं. साव ने कहा कि कई लोग उन्हें फोन कर दस्तावेज और जानकारियां उपलब्ध करा रहे हैं, जिन्हें वह उचित मंच पर प्रस्तुत करेंगे. CBI जांच की मांग दोहराई पूर्व मंत्री ने कहा कि भर्ती घोटाले की निष्पक्ष जांच मौजूदा एजेंसियों से संभव नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की जांच कर रहे अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल हैं. इसी वजह से उन्होंने JSSC-CGL मामले में CBI जांच की मांग दोहराते हुए कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए. JPSC भर्ती प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल योगेंद्र साव ने JPSC भर्ती प्रक्रिया का भी जिक्र करते हुए कहा कि भर्ती से जुड़े विवादों के कारण छात्र सड़क पर उतरने को मजबूर हुए. उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे जरूरी है. उनका कहना था कि भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवालों का स्पष्ट और निष्पक्ष जवाब मिलना चाहिए. CBI जांच की मांग दोहराई योगेंद्र साव ने CGL मामले में CBI जांच की मांग दोहराते हुए कहा कि मौजूदा जांच एजेंसी से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती. उन्होंने CID के तत्कालीन अधिकारियों पर भी आरोप लगाए और कहा कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच जरूरी है. उन्होंने कहा कि वह मीडिया के माध्यम से भी CBI जांच की मांग कर रहे हैं. MDO और आउटसोर्सिंग कंपनियों पर साधा निशाना योगेंद्र साव ने कोयला परियोजनाओं का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि चट्टी बरियातू, केरेदारी और पकरी बरवाडीह जैसे क्षेत्रों में कारपोरेट लूट मची हुई है. उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन के नाम पर बनी प्रशासन में MDO और आउटसोर्सिंग कंपनियां भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक व्यवस्था आम लोगों की बजाय कंपनियों के प्रभाव में काम कर रही है, जिससे ग्रामीणों में भय और असंतोष का माहौल बना हुआ है. राज्यसभा चुनाव की हार पर सवाल योगेंद्र साव ने राज्यसभा चुनाव को लेकर भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि जब गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या में विधायक थे, तब चुनाव हार जाना कई सवाल खड़े करता है. उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री 58 विधायकों के नेता थे, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि वोट कहां गया. उन्होंने परिमल नाथवानी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उनके मुख्यमंत्री आवास आने-जाने और उसके बाद हुई नेतृत्वक गतिविधियों की भी जांच होनी चाहिए. 58 विधायकों के बावजूद हार: योगेंद्र साव कांग्रेस नेता योगेंद्र साव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के खिलाफ नहीं गए हैं और राहुल गांधी के सच्चे सिपाही हैं. साव ने दावा किया कि असम और पश्चिम बंगाल चुनाव में कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई. उन्होंने राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री 58 विधायकों के नेता थे, तब चुनाव हार जाना सवाल खड़े करता है. उन्होंने कहा, “किसने वोट दिया और किसने नहीं दिया, यह उनके नियंत्रण में था.” यह सभी आरोप योगेंद्र साव के हैं, जिन पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस बयान में शामिल नहीं है. कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने का आरोप साव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री लगातार कांग्रेस को नेतृत्वक नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने असम और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश हुई. उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस में हैं और राहुल गांधी के सच्चे सिपाही हैं. उनके अनुसार यदि कोई कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, तो वह उसका विरोध करेंगे. खुद की सुरक्षा को लेकर जताई आशंका योगेंद्र साव ने कहा कि हजारीबाग कांग्रेस जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया का वह सम्मान करते हैं, लेकिन उनके ऊपर “चोर” और “ब्लैकमेलर” जैसे आरोप लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि यदि उनके नेता के बारे में कोई गलत बात करेगा तो वह उसका विरोध करेंगे. साथ ही उन्होंने यह आशंका भी जताई कि उनके खिलाफ साजिश रची जा सकती है और उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है. The post JSSC-CGL और JPSC में 500 करोड़ के घोटाले का दावा, राज्यसभा चुनाव पर भी योगेंद्र साव ने उठाए सवाल appeared first on Naya Vichar.

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नई Mahindra Thar OG लॉन्च, कीमत 10.32 लाख रुपये से शुरू, 3-डोर SUV में हुए ये बदलाव

Mahindra Thar OG Launched: महिंद्रा की लोकप्रिय 3-डोर SUV Thar OG लॉन्च हो गई है. कंपनी ने लॉन्च से पहले इसके कई टीजर जारी किए थे. और अब फाइनली गाड़ी को लॉन्च कर दिया है. नई Thar Facelift में Thar Roxx से प्रेरित डिजाइन एलिमेंट्स, नए लाइटिंग एलिमेंट्स और कुछ नए फीचर्स आए हैं. आइए जानते हैं नई Thar में क्या-क्या बदल गया है और इसकी कीमत कितनी है. Thar Facelift का लुक हुआ ज्यादा दमदार नई Thar Facelift के डिजाइन में सबसे बड़ा बदलाव इसके फ्रंट प्रोफाइल में देखने को मिला है. गाड़ी को नई ग्रिल, अपडेटेड LED हेडलैंप और C-Shape DRLs मिले हैं. अलॉय व्हील्स के डिजाइन में भी बदलाव किया गया है. इसके अलावा नई Thar Facelift में Thar Roxx से प्रेरित कुछ डिजाइन एलिमेंट्स भी देखने को मिलते हैं. फ्रंट और रियर बंपर में भी बदलाव किया गया है. रियर प्रोफाइल में भी C-Shape लाइटिंग एलिमेंट्स मिले हैं. गाड़ी को आकर्षक बनाने के लिए नए कलर ऑप्शन भी जोड़े गए हैं. ये भी पढ़ें: 4 करोड़ की कुल संपत्ति, फिर 13 करोड़ की Rolls-Royce में कैसे नजर आईं विधायक मैथिली ठाकुर? जानें पूरा सच केबिन में क्या-क्या बदला? नई Thar Facelift का बेसिक डैशबोर्ड लेआउट मौजूदा मॉडल जैसा ही है. हालांकि, कंपनी ने इसे ज्यादा प्रीमियम बनाने के लिए कुछ छोटे बदलाव किए है. नई Thar टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, फिजिकल शॉर्टकट बटन, सर्कुलर AC वेंट्स और मैनुअल क्लाइमेट कंट्रोल देखने को मिलते हैं. इसके कुछ वेरिएंट में लेदरेट सीट अपहोल्स्ट्री भी मिलती है. स्टीयरिंग व्हील पर Mahindra का Twin Peaks लोगो भी ग्लॉस ब्लैक फिनिश में देखने को मिलता है. नई Thar Facelift को मिले ये नए फीचर्स 2025 के अपडेट में Thar को पहले ही कई नए फीचर्स मिले थे. इनमें 26.03 cm HD इंफोटेनमेंट स्क्रीन, रियर AC वेंट्स, रियर वॉशर-वाइपर और रियर व्यू कैमरा शामिल हैं. अब नए फेसलिफ्ट के साथ Mahindra ने कुछ और आधुनिक फीचर्स जोड़े हैं. नए फीचर्स: 360-डिग्री कैमरा डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स वायरलेस फोन चार्जर ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल नए इंटीरियर ट्रिम और अपहोल्स्ट्री इंजन में नहीं किए गए बड़े बदलाव नई Mahindra Thar Facelift में मौजूदा इंजन लाइनअप ही जारी रखा गया है. इसमें 2.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल, 1.5-लीटर डीजल और 2.2-लीटर डीजल इंजन मिला है. मौजूदा स्पेसिफिकेशन के अनुसार: इंजन पावर टॉर्क 1.5L डीजल 119hp 300Nm 2.2L डीजल 132hp 300Nm 2.0L टर्बो-पेट्रोल 152hp 300Nm (MT) / 320Nm (AT) 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स और चुनिंदा इंजन के साथ 6-स्पीड ऑटोमैटिक जारी रखा गया है. 1.5-लीटर डीजल RWD कॉन्फिगरेशन में और 2.2-लीटर डीजल 4WD सेटअप के साथ मिलता है, जबकि 2.0-लीटर पेट्रोल में RWD और 4WD दोनों विकल्प उपलब्ध हैं. कितनी है Thar Facelift की कीमत नई Thar Facelift की आधिकारिक कीमत सामने आ गई है. पुरानी Thar की कीमत Mahindra की वेबसाइट पर ₹10.32 लाख से शुरू होती है. फेसलिफ्ट में डिजाइन और फीचर्स बढ़ाए गए हैं. इसीलिए इसकी कीमत मौजूदा मॉडल से ज्यादा रखी गई है. नई Thar Facelift की कीमत ₹11 लाख से ₹18.50 लाख (एक्स-शोरूम) रखी गई है. 2026 Mahindra Thar: 6 एयरबैग और 4-व्हील डिस्क ब्रेक सेफ्टी के मामले में भी महिंद्रा ने 2026 थार में कई अहम बदलाव किए हैं. अब थार OG रेंज में 6 एयरबैग और चारों पहियों पर डिस्क ब्रेक स्टैंडर्ड तौर पर दिए गए हैं. एसयूवी में ESP के साथ रोलओवर मिटिगेशन, ट्रैक्शन कंट्रोल, हिल-होल्ड कंट्रोल और व्हीकल डायनेमिक्स कंट्रोल जैसे सेफ्टी फीचर्स भी मिलते हैं. इंटीरियर की बात करें तो यहां बदलाव ज्यादा बड़े नहीं हैं, लेकिन इन्हें उपयोगी बनाया गया है. केबिन में ट्रफल ब्राउन लेदरेट सीटिंग दी गई है. इसके अलावा दूसरी रो में इंटीग्रेटेड कपहोल्डर्स के साथ आर्मरेस्ट भी दिया गया है. महिंद्रा का कहना है कि नए थार में पिछले मॉडल की तुलना में NVH यानी नॉइज, वाइब्रेशन और हार्शनेस का स्तर भी कम किया गया है. हालांकि थार का आइकॉनिक डिजाइन और 3-डोर लेआउट पहले की तरह बरकरार है, लेकिन इसके प्लेटफॉर्म, सस्पेंशन, स्टीयरिंग, इंजन, सेफ्टी फीचर्स, ऑफ-रोड इलेक्ट्रॉनिक्स और एक्सटीरियर डिजाइन में बदलाव किए गए हैं. इस वजह से 2026 थार OG में सिर्फ डिजाइन अपडेट नहीं, बल्कि कई स्तरों पर बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं. किन SUVs से होगा मुकाबला? नई Mahindra Thar Facelift का मुकाबला मुख्य रूप से Maruti Suzuki Jimny और Force Gurkha 3-Door जैसी SUVs से जारी रहेगा. ये भी पढ़ें: देश में सबसे ज्यादा बिक रहा ये इलेक्ट्रिक स्कूटर्स, अगस्त में धड़ाधड़ बिक गईं 52 हजार यूनिट्स The post नई Mahindra Thar OG लॉन्च, कीमत 10.32 लाख रुपये से शुरू, 3-डोर SUV में हुए ये बदलाव appeared first on Naya Vichar.

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Video : 320 की रफ्तार में भी नहीं लगेगा झटका? मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन में पहली बार लगी ये खास तकनीक

Video : हिंदुस्तानीय रेलवे में पहली बार मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट में ऐसे खास टर्नआउट लगाए जा रहे हैं, जिनमें मूवेबल क्रॉसिंग यानी स्विंग-नोज तकनीक का इस्तेमाल होगा. ये टर्नआउट 320 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली ट्रेनों के लिए बनाए गए हैं. इसकी खासियत यह है कि ट्रैक पर पहियों के गुजरने के दौरान कोई गैप नहीं रहता. इससे ट्रेन के पहियों को बेहतर सहारा मिलता है और झटके, कंपन, शोर और ट्रैक की टूट-फूट कम होती है. हर हाई-स्पीड टर्नआउट में दो पॉइंट मशीनें लगी हैं. ये स्विच और मूवेबल क्रॉसिंग को नियंत्रित करती हैं. सुरक्षित संचालन के लिए कई स्तरों पर इसकी जांच भी की जाती है. मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट का एक वीडियो न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है. हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट की लंबाई 508 किलोमीटर पीआईबी ने 25 मार्च 2026 को बताया कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट की लंबाई 508 किलोमीटर है. यह गुजरात, महाराष्ट्र और दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरेगा. इस रूट पर मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती समेत 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं. प्रशासन के अनुसार प्रोजेक्ट के लिए जरूरी 1,389.5 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण पूरा हो चुका है. सभी जरूरी प्रशासनी मंजूरियां भी मिल गई हैं. प्रोजेक्ट से जुड़ी 1,651 बिजली, पानी और दूसरी सेवाओं की लाइनों को भी दूसरी जगह शिफ्ट किया जा चुका है. महाराष्ट्र में जमीन मिलने में देरी के कारण 2021 तक काम प्रभावित रहा. 2022 से वहां जमीन अधिग्रहण में तेजी आई. ये भी पढ़ें: बिहार में दौड़ेगी बुलेट ट्रेन! बक्सर से किशनगंज तक बनेगा हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, पटना से सिलीगुड़ी का सफर 2 घंटे में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की खास जानकारी जानने के लिए यहां क्लिक करें प्रोजेक्ट में समुद्र के नीचे बनने वाली है करीब 21 किलोमीटर लंबी सुरंग मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में समुद्र के नीचे बनने वाली करीब 21 किलोमीटर लंबी सुरंग का काम शुरू हो चुका है. इसमें महाराष्ट्र के घनसोली से शिलफाटा के बीच 4.8 किलोमीटर सुरंग बनकर तैयार हो गई है. महाराष्ट्र के रेलवे बजट में 20 गुना बढ़ोतरी किसी रेलवे प्रोजेक्ट को मंजूरी देने से पहले उसकी विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाती है. इसके बाद राज्य प्रशासन समेत अलग-अलग विभागों से राय ली जाती है. प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के लिए नीति आयोग और वित्त मंत्रालय जैसी संस्थाओं की भी मंजूरी जरूरी होती है. इसलिए किसी प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने की तय समयसीमा पहले से बताना मुश्किल होता है. महाराष्ट्र में रेलवे के बुनियादी ढांचे और सुरक्षा से जुड़े कामों के लिए बजट में बड़ी बढ़ोतरी हुई है. 2009-14 के दौरान जहां हर साल औसतन 1,171 करोड़ रुपये मिलते थे, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर 23,778 करोड़ रुपये हो गया. यानी करीब 20 गुना बढ़ोतरी हुई है. The post Video : 320 की रफ्तार में भी नहीं लगेगा झटका? मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन में पहली बार लगी ये खास तकनीक appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

भजन-कीर्तन व कथा के साथ अष्टयाम महायज्ञ का समापन 

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन। मुसरीघरारी नगर पंचायत के वार्ड संख्या-9 स्थित उदा पट्टी गांव के पछियारी टोल स्थित चैती दुर्गा स्थान एवं ब्रह्मस्थान परिसर में सोमवार से शुरू हुआ 24 घंटे का अष्टयाम महायज्ञ मंगलवार को भजन-कीर्तन एवं कथा के साथ संपन्न हुआ। समापन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान ‘जयति शिवा, शिव जानकी, राम-राधेश्याम, जय जय हनुमान’ के जयकारे और मंत्र जाप से वातावरण भक्तिमय बना रहा। कथा वाचक आचार्य सत्यनारायण मिश्र ने कहा कि भादो एकादशी के दिन अष्टयाम महायज्ञ का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। भगवान विष्णु सृष्टि के पालनकर्ता माने जाते हैं। उनकी आराधना से श्रद्धालुओं को सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति की कामना की जाती है। एकादशी व्रत और भगवान विष्णु के स्मरण को सनातन परंपरा में पुण्यकारी माना गया है। महायज्ञ में आसपास के विभिन्न गांवों से श्रद्धालु अपनी-अपनी मंडलियों के साथ शामिल हुए। 24 घंटे तक अखंड मंत्र जाप, संकीर्तन और भक्ति गीतों का आयोजन चलता रहा। मंगलवार को विधिवत पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और कथा के बाद महायज्ञ का समापन किया गया। आयोजन में पंडित अनिरुद्ध मिश्र, महंत बाबा राधाकांत झा, तंमु झा, नागेंद्र झा समेत ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मौके पर निरंजन चौधरी, दीपल चौधरी, मजू चौधरी, प्रभु चौधरी, सुरेंद्र झा, विनोद चौधरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

समस्तीपुर

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती मनी

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड अंतर्गत चिह्नित मध्य विद्यालय गंगापुर में मंगलवार को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने दिनकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक अखिलेश ठाकुर ने कहा कि दिनकर हिंदी साहित्य के महान कवि होने के साथ-साथ राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और सामाजिक चेतना के प्रखर स्वर थे। उनकी रचनाओं में देशभक्ति, वीरता, मानवता और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का संदेश मिलता है। उन्होंने कहा कि दिनकर की कविताएं आज भी युवाओं को राष्ट्र और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित करती हैं। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को दिनकर की प्रमुख रचनाओं और उनके साहित्यिक योगदान से अवगत कराया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने दिनकर की कविताओं का पाठ भी किया। मौके पर वरीय शिक्षक त्रिभुवन शर्मा, राज कुमार, रिंकू कुमारी, सृष्टि सिंह सहित सभी छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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