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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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शहर में 25 और गांव में 45 दिन, LPG बुकिंग के पुराने नियम बरकरार

LPG Cylinder Booking Rules: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और समाचारों में गैस सिलेंडर की बुकिंग को लेकर कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं. हिंदुस्तान प्रशासन के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बुधवार को साफ कर दिया है कि LPG सिलेंडर रिफिल की बुकिंग की टाइमलाइन में कोई बदलाव नहीं किया गया है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर एक्स्ट्रा बुकिंग न करें.  क्या बुकिंग के दिन बदल गए हैं? नहीं, यह सिर्फ एक अफवाह है. प्रशासन ने साफ किया है कि बुकिंग के पुराने नियम ही लागू रहेंगे: शहर में रहने वालों के लिए: दो बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर.  गांव में रहने वालों के लिए: दो बुकिंग के बीच 45 दिन का अंतर.  चाहे आपके पास उज्ज्वला (PMUY) कनेक्शन हो या नॉर्मल, नियम सबके लिए यही है. यहां देखें इस समाचार से जुड़ी पीआईबी की ऑफिसियल एक्स पोस्ट:  🚫 दावा:न्यूज़ चैनल @News18Bihar के क्लिप में दावा किया जा रहा है कि LPG गैस बुकिंग के नियम बदल दिए गए हैं और अब 25 दिन की जगह 35 दिन बाद ही बुकिंग कराई जा सकेगी। ❌ यह दावा फर्जी है। ✅ प्रशासन द्वारा LPG रिफिल बुकिंग के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, समय-सीमा पहले की… pic.twitter.com/3GLZniX231 — PIB Fact Check (@PIBFactCheck) March 25, 2026 क्या देश में गैस की कमी होने वाली है? बिल्कुल नहीं, मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) का पूरा स्टॉक मौजूद है. रिफाइनरियां पूरी ताकत से काम कर रही हैं. लोग डर कर फालतू में एक्स्ट्रा सिलेंडर बुक न करें, सबको अपनी बारी पर गैस मिलती रहेगी.  गड़बड़ी करने वालों पर क्या एक्शन हुआ? अफवाह फैलाकर कालाबाजारी करने वालों पर प्रशासन सख्त है: देशभर में 3,400 से ज्यादा छापेमारी की गई.  नियम तोड़ने पर 155 लोग गिरफ्तार हुए और कई गैस एजेंसियों के लाइसेंस पर तलवार लटक रही है.  लगभग 1,000 अवैध सिलेंडर जब्त किए गए हैं.  पाइप वाली गैस (PNG) के लिए क्या आदेश है? प्रशासन चाहती है कि जहां पाइपलाइन बिछी है, वहां लोग जल्दी कनेक्शन लें. अब स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल और कम्युनिटी किचन जैसी जगहों पर आवेदन के सिर्फ 5 दिन के अंदर पाइप वाली गैस का कनेक्शन देना अनिवार्य कर दिया गया है.  ये भी पढ़ें: अगर आपके इलाके में आ गई है पाइपलाइन, तो 3 महीने में बंद हो सकता है आपका LPG सिलेंडर The post शहर में 25 और गांव में 45 दिन, LPG बुकिंग के पुराने नियम बरकरार appeared first on Naya Vichar.

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Sora को क्यों बंद कर रही OpenAI? पैसे से जुड़ा है मामला

ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI ने अपने AI वीडियो प्लेटफॉर्म Sora को लॉन्च के एक साल से भी कम समय में बंद करने का फैसला किया है. कंपनी अब अपने किसी भी प्रोडक्ट या ChatGPT में वीडियो जेनरेशन का सपोर्ट नहीं देगी. कंपनी Sora ऐप और API दोनों को पूरी तरह से बंद करने वाली है. इसकी जानकारी कंपनी ने Sora के ऑफिशियल X अकाउंट पर पोस्ट के जरिए दी है. पोस्ट में कंपनी ने बताया है, कि जल्द ही ऐप और API बंद करने की टाइमलाइन शेयर की जाएगी. साथ ही यूजर्स के डेटा और कंटेंट को कैसे सेव किया जाएगा, इसकी जानकारी भी दी जाएगी. OpenAI ने यूजर्स को कहा अलविदा OpenAI ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है, “हम Sora ऐप को अलविदा कह रहे हैं. जिन्होंने इसके साथ काम किया, उनका धन्यवाद. हमें पता है कि यह समाचार निराशाजनक है.” हम जल्द ही और अधिक जानकारी शेयर करेंगे, जिसमें ऐप और API के लिए टाइमलाइन और यूजर्स के डेटा और कंटेंट को सेव करने के डिटेल्स शामिल होंगे. We’re saying goodbye to the Sora app. To everyone who created with Sora, shared it, and built community around it: thank you. What you made with Sora mattered, and we know this news is disappointing. We’ll share more soon, including timelines for the app and API and details on… — Sora (@soraofficialapp) March 24, 2026 Disney डील खत्म, अब OpenAI का फोकस बदला Sora के बंद होने के साथ ही OpenAI और Disney के बीच हुई बड़ी डील भी खत्म हो गई है. इस डील के तहत Disney के कई पॉपुलर कैरेक्टर्स को AI वीडियो में इस्तेमाल करने के लिए परमिशन दी जानी थी. Disney ने इस फैसले पर फीडबैक देते हुए कहा, कि AI तेजी से डेवलप हो रहा है और वह OpenAI के इस डिसीजन का सम्मान करता है. कंपनी ने यह भी कहा कि वह फ्यूचर में भी नई तकनीकों के साथ काम करती रहेगी, लेकिन साथ ही कंटेंट क्रिएटर्स के अधिकारों और कॉपीराइट का ध्यान रखेगी. क्या है बंद करने की वजह? Sora को 2024 की शुरुआत में लॉन्च किया गया था और यह टेक्स्ट से हाई-क्वालिटी वीडियो बनाने वाला टूल था. सितंबर 2025 में इसका पब्लिक लॉन्च हुआ और यह तेजी से वायरल हो गया. हालांकि, ज्यादा यूजेज के कारण कंपनी के GPU (ग्राफिक्स प्रोसेसर) पर भारी दबाव पड़ा, जिसके बाद OpenAI को इसके इस्तेमाल पर लिमिट लगानी पड़ी. साथ ही Sora को चलाने में बहुत ज्यादा कंप्यूटिंग पावर और खर्च लग रहा था. ऐसे में OpenAI अब इन रिसोर्सेज को कोडिंग, डेटा एनालिसिस और बिजनेस AI टूल्स में लगाने की प्लानिंग कर रही है. कंपनी को इस समय Anthropic जैसे कॉम्पिटीटर्स से भी कड़ी टक्कर मिल रही है, जो एंटरप्राइज मार्केट में तेजी से आगे बढ़ रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, OpenAI को इस साल करीब $14 बिलियन तक का नुकसान हो सकता है, इसलिए कंपनी अब इन्वेस्टर्स को आकर्षित करने और IPO की तैयारी में जुटी है. Sora ऐप क्या करता था? Sora एक एडवांस AI वीडियो जेनरेशन ऐप था, जो यूजर्स को टेक्स्ट के आधार पर वीडियो बनाने की सुविधा देता था. इसमें कुछ फीचर्स दिए गए थे. जैसे- टेक्स्ट से वीडियो बनाना: यूजर सिर्फ लिखकर AI से पूरा वीडियो तैयार कर सकते थे. वीडियो एडिटिंग: पहले से मौजूद क्लिप्स को AI की मदद से बदलना या बेहतर बनाना. पर्सनलाइज्ड फीड: TikTok की तरह एक फीड, जहां AI वीडियो देखे और एक्सप्लोर किए जा सकते थे. Cameos फीचर: इसमें यूजर अपनी या किसी और की वीडियो/वॉइस कैप्चर करके खुद को AI सीन में शामिल कर सकते थे. सबसे खास बात यह थी कि यूजर अपने Cameos को कभी भी मैनेज या डिलीट कर सकते थे, जिससे उन्हें अपने कंटेंट पर पूरा कंट्रोल मिलता था. यह भी पढ़ें: ChatGPT के आने पर क्या था सुंदर पिचाई का पहला रिएक्शन? साढ़े तीन साल बाद सामने आयी यह बात The post Sora को क्यों बंद कर रही OpenAI? पैसे से जुड़ा है मामला appeared first on Naya Vichar.

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CM नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा पहुंची बक्सर, बोले- 2005 से पहले डर का माहौल था, अब बिहार पूरी तरह बदल गया

Samriddhi Yatra: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के जरिए राज्य के विकास का नया अध्याय लिख रहे हैं. 23 मार्च से शुरू हुई इस यात्रा के पांचवें चरण में मुख्यमंत्री आज बक्सर और भोजपुर (आरा) के दौरे पर हैं. 23 मार्च से शुरू हुई इस यात्रा के पांचवें चरण में मुख्यमंत्री आज बक्सर और भोजपुर (आरा) के दौरे पर हैं. बक्सर के किला मैदान में आयोजित भव्य जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जिले को कुल 592 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात दी. बक्सर में ‘विकास का मेगा पैकेज’ समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने बक्सर को बड़ी सौगात दी. यहां 106 करोड़ रुपये की लागत से 41 योजनाओं का उद्घाटन किया गया, जबकि 486 करोड़ रुपये की 23 नई योजनाओं का शिलान्यास हुआ. कुल मिलाकर जिले को 592 करोड़ रुपये की परियोजनाएं मिलीं. किला मैदान में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याएं सुनीं और योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी प्रशासन का लक्ष्य केवल आधारभूत संरचना का निर्माण नहीं, बल्कि हर गरीब के चेहरे पर मुस्कान लाना है. डर के माहौल से आजादी का दावा बक्सर की जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर 2005 से पहले के बिहार की याद दिलाई. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने सत्ता संभाली थी, तब राज्य में डर का माहौल था और लोग शाम के बाद बाहर निकलने से कतराते थे. सीएम ने गर्व से कहा कि आज बिहार में कानून का राज है और लोग बिना किसी डर के दिन हो या रात, कहीं भी आ-जा सकते हैं. उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द पर जोर देते हुए कहा कि उनकी प्रशासन ने हिंदू-मुस्लिम विवादों को खत्म कर समाज में शांति स्थापित की है. बिहार अब निवेश के लिए तैयार समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल सड़कों और पुलों की बात नहीं की, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का बड़ा रोडमैप भी पेश किया. उन्होंने गरीब परिवारों को सहायता राशि देने और राज्य में नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई. सीएम ने कहा कि बिहार अब निवेश के लिए तैयार है और औद्योगिक विकास से युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिलेगा. 23 मार्च से शुरू हुई यह यात्रा चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है, जो बिहार के समावेशी विकास के संकल्प को दोहराती है. जनता ने NDA को दिया बड़ा जनादेश सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि 2020 के विधानसभा चुनाव में NDA को बक्सर में एक भी सीट नहीं मिली थी, लेकिन इस बार हालात पूरी तरह बदल गए हैं. उन्होंने कहा कि यह बदलाव जनता के विश्वास और संगठन की मजबूती को दर्शाता है. सम्राट चौधरी ने कहा कि बक्सर की जनता ने NDA पर भरोसा जताया है और यह विश्वास आगे भी कायम रखा जाएगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन विकास के कामों को तेजी से आगे बढ़ाएगी और क्षेत्र की उम्मीदों पर खरा उतरेगी. Also Read: JDU सांसद गिरधारी यादव के खिलाफ उतरे अपने ही पार्टी के नेता, कर दी अयोग्य ठहराने की मांग The post CM नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा पहुंची बक्सर, बोले- 2005 से पहले डर का माहौल था, अब बिहार पूरी तरह बदल गया appeared first on Naya Vichar.

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घर पर बनाएं बनारसी स्टाइल कद्दू की सब्जी, स्वाद जो दिल जीत ले

Banarasi Kaddu Ki Sabzi: बनारसी कद्दू की सब्ज़ी उत्तर हिंदुस्तान की एक पारंपरिक और बेहद स्वादिष्ट डिश है, जिसे खासतौर पर बनारस की रसोई में बड़े चाव से बनाया जाता है. इस सब्ज़ी की खासियत इसका अनोखा स्वाद है, जिसमें मीठा, खट्टा और हल्का मसालेदार फ्लेवर एक साथ मिलता है. हाल ही में मशहूर शेफ Ranveer Brar ने इस रेसिपी को अपने अंदाज़ में साझा किया है, जिससे इसे घर पर बनाना और भी आसान हो गया है. यह सब्ज़ी पूड़ी या कचौरी के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है और खास मौकों पर खाने का मज़ा दोगुना कर देती है. कद्दू की सब्जी बनाने के लिए सामग्री  500 ग्राम कद्दू (छोटे टुकड़ों में कटा हुआ) 2 बड़े चम्मच सरसों का तेल 1/2 छोटी चम्मच मेथी दाना 1/2 छोटी चम्मच जीरा 1/4 छोटी चम्मच हींग 2 सूखी लाल मिर्च 1 छोटी चम्मच हल्दी पाउडर 1 छोटी चम्मच लाल मिर्च पाउडर 1 छोटी चम्मच धनिया पाउडर स्वाद अनुसार नमक 1-2 चम्मच गुड़ 1 चम्मच इमली का पानी या अमचूर पाउडर हरा धनिया (सजाने के लिए) कद्दू की सब्जी बनाने का आसान तरीका  सबसे पहले कढ़ाही में सरसों का तेल गरम करें. जब तेल अच्छी तरह गरम हो जाए, तब उसमें मेथी दाना, जीरा, हींग और सूखी लाल मिर्च डालकर तड़का लगाएं. अब इसमें कटे हुए कद्दू डालें और हल्का सा भून लें. इसके बाद हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक डालकर अच्छे से मिलाएं. थोड़ी देर ढककर पकाएं ताकि कद्दू नरम हो जाए. जब कद्दू लगभग पक जाए, तब इसमें गुड़ डालें और हल्का सा पानी डालकर मिलाएं. अंत में इमली का पानी या अमचूर डालें ताकि इसमें खट्टापन आए. सब्ज़ी को तब तक पकाएं जब तक यह थोड़ी गाढ़ी और मसालेदार न हो जाए. तैयार सब्ज़ी को हरे धनिए से सजाएं और गरमा-गरम पूड़ी या कचौरी के साथ परोसें. यह भी पढ़ें:  Moong Dal Chips: अब चाय के साथ मिलेगा कुरकुरे स्वाद का मजा, बनाएं मूंग दाल चिप्स यह भी पढ़ें: शेफ कुणाल कपूर से जानें कच्चे केले के चिप्स बनाने का तरीका The post घर पर बनाएं बनारसी स्टाइल कद्दू की सब्जी, स्वाद जो दिल जीत ले appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में नेताओं पर नकेल, राज्य के बाहर ईलाज कराना है, तो लेना होगा सीएम से परमिशन

मुख्य बातें पहले नहीं थी अनुमति की जरुरत स्वास्थ्य बिल को लेकर विवाद ये सुविधाएं शामिल प्रशासनी अस्पताल में मुफ्त ईलाज Bengal News : कोलकाता. पश्चिम बंगाल प्रशासन ने मंत्रियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए चिकित्सा सुविधाओं को लेकर नये सख्त नियम लागू किये हैं. अब राज्य के बाहर किसी भी अस्पताल में इलाज कराने से पहले मुख्यमंत्री से पूर्व-अनुमति लेना अनिवार्य होगा. राज्य सचिवालय नवान्न की ओर से गृह विभाग द्वारा जारी इस निर्देश को ‘द कोलकाता गजट’ में प्रकाशित किया गया है. अधिसूचना के अनुसार, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और उपमंत्री इस नियम के दायरे में आयेंगे. पहले नहीं थी अनुमति की जरुरत प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, इस फैसले का उद्देश्य चिकित्सा खर्च पर नियंत्रण रखना और प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है. पहले राज्य के बाहर प्रशासनी खर्च पर इलाज कराने के लिए ऐसी पूर्व-अनुमति की आवश्यकता नहीं थी. अतीत में चिकित्सा खर्चों को लेकर विवाद भी सामने आ चुके हैं. वाम मोर्चा शासनकाल में तत्कालीन मंत्री मानव मुखर्जी द्वारा महंगे चश्मे की प्रतिपूर्ति को लेकर विवाद हुआ था. वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल में मंत्री सावित्री मित्रा के मेडिकल बिल को लेकर भी सवाल उठे थे. स्वास्थ्य बिल को लेकर विवाद नवान्न के एक अधिकारी ने बताया कि हाल के वर्षों में कुछ मंत्रियों द्वारा बिना किसी गंभीर बीमारी के अन्य राज्यों में नियमित स्वास्थ्य जांच कराकर भारी-भरकम बिल जमा करने के मामले सामने आये थे. इन्हीं घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है. अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मंत्रियों के परिवार के कुछ सदस्य भी इस सुविधा के पात्र होंगे. इनमें अविवाहित बेटियां, आश्रित माता-पिता और 18 वर्ष तक के आश्रित भाई-बहन शामिल हैं. ये सुविधाएं शामिल नयी व्यवस्था के तहत चिकित्सा सेवाओं के दायरे का विस्तार किया गया है. अब प्रशासनी और प्रशासनी सहायता प्राप्त अस्पतालों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स एक्ट, 2017 के तहत पंजीकृत निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को भी इसमें शामिल किया गया है. मेडिकल सेवाओं में परामर्श, पैथोलॉजिकल और रेडियोलॉजिकल जांच, दवाएं, टीकाकरण, सर्जरी और दंत चिकित्सा जैसी सुविधाएं शामिल हैं. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें प्रशासनी अस्पताल में मुफ्त ईलाज अधिसूचना में कहा गया है कि पहले के नियम के तहत ही प्रशासनी अस्पतालों में इलाज पूरी तरह मुफ्त होगा, जबकि निजी या पंजीकृत संस्थानों में इलाज की स्थिति में राज्य प्रशासन खर्च वहन करेगी या प्रतिपूर्ति देगी. इसके अलावा, डॉक्टर के निजी चैंबर या मंत्री के आवास पर चिकित्सा सेवाओं, अस्पताल के उच्च श्रेणी के वार्ड में रहने और विशेष नर्सिंग सेवाओं का खर्च भी इस योजना के तहत कवर किया गया है. Also Read: बंगाल में सप्लीमेंट्री सूची देख लोग हैरान, बशीरहाट के इस बूथ पर सभी विचाराधीन वोटर के नाम कटे The post बंगाल में नेताओं पर नकेल, राज्य के बाहर ईलाज कराना है, तो लेना होगा सीएम से परमिशन appeared first on Naya Vichar.

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इजरायल ने ईरान के कैस्पियन सागर पोर्ट पर किया हमला, रूस को होने वाली ड्रोन सप्लाई टूटी

Israel Attack Iran Caspian Sea Port: यह हमला पिछले हफ्ते हुआ और कैस्पियन सागर में इजरायल का यह पहला बड़ा एक्शन माना जा रहा है. कैस्पियन सागर दुनिया की सबसे बड़ी झील है जो रूस और ईरान के बंदरगाहों को जोड़ती है. इनके बीच की दूरी करीब 600 मील (लगभग 965 किलोमीटर) है. यह रास्ता युद्ध के समय में हथियारों के साथ-साथ गेहूं और तेल भेजने का भी बड़ा जरिया बन गया है. बंदर अंजलि पोर्ट पर भारी तबाही इजरायली सेना ने बताया कि इस हमले में बंदर अंजलि पोर्ट पर मौजूद कई चीजों को निशाना बनाया गया है. इसमें जंगी जहाज, पोर्ट का ढांचा, कमांड सेंटर और जहाजों को ठीक करने वाला शिपयार्ड शामिल है. रिपोर्ट और ‘स्टोरीफुल’ द्वारा चेक की गई तस्वीरों में पोर्ट पर ईरान के नेवल हेडक्वार्टर और तबाह हुए जहाजों को देखा जा सकता है. हालांकि, पोर्ट को कुल कितना नुकसान हुआ है, यह अभी पूरी तरह साफ नहीं है. इजरायल की नौसेना के पूर्व कमांडर एलीएजर मारुम ने कहा कि इस हमले का सबसे बड़ा मकसद रूस की स्मगलिंग को रोकना और ईरान को यह दिखाना है कि कैस्पियन सागर में उनका डिफेंस सिस्टम काम नहीं कर रहा. ड्रोन और गोला-बारूद का बड़ा रास्ता रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद से रूस के लिए कैस्पियन सागर का यह रास्ता बहुत जरूरी हो गया है. 2023 के आंकड़ों के मुताबिक, इस रास्ते से ईरान ने रूस को 3 लाख से ज्यादा आर्टिलरी शेल्स और लगभग 10 लाख राउंड गोला-बारूद भेजा है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि पकड़ में आने से बचने के लिए जहाज अक्सर अपना ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर देते हैं. सीएसआईएस की एनालिस्ट मारिया स्नेगोवाया ने बताया कि पिछले साल बंदर अंजलि से होने वाली सप्लाई काफी बढ़ गई है. वहीं, एक्सपर्ट निकोल ग्रेजेवस्की ने बताया कि यह पोर्ट ईरानी ड्रोन के लिए एक मुख्य हब बन चुका है. खाने-पीने और बिजली की सप्लाई पर असर इस हमले का असर ईरान की आम जरूरतों पर भी पड़ सकता है क्योंकि इसी रास्ते से गेहूं जैसा जरूरी सामान भी आता है. इसी दौरान इजरायल ने ईरान के ‘साउथ पार्स’ नेचुरल गैस फील्ड पर भी हमला किया था. यह गैस फील्ड बिजली बनाने और खाद उत्पादन के लिए बहुत जरूरी है. पूर्व अमेरिकी अधिकारी एरिक रुडेनशियोल्ड का कहना है कि ड्रोन और अनाज की सप्लाई रुकने से ईरान की हालत पर बुरा असर पड़ सकता है. उधर, रूस के विदेश मंत्रालय ने इस हमले का विरोध करते हुए कहा है कि बंदर अंजलि सिविलियन व्यापार के लिए एक जरूरी जगह है. ये भी पढ़ें: क्या सऊदी अरब के इशारे पर ईरान से जंग लड़ रहे ट्रंप? क्राउन प्रिंस की प्लानिंग ने चौंकाया इजरायल और रूस के बीच का समीकरण इजरायल के लिए रूस को सीधे तौर पर चुनौती देना थोड़ा मुश्किल है क्योंकि सीरिया जैसे इलाकों में दोनों के अपने हित जुड़े हैं. ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने इस हमले की जानकारी देते समय रूस का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया ताकि तनाव ज्यादा न बढ़े. एक्सपर्ट्स का मानना है कि रूस और ईरान इस नुकसान के बाद अपना रास्ता या पोर्ट बदल सकते हैं, जिससे सप्लाई कुछ समय के लिए रुक सकती है लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं होगी. 23 मार्च को रूस और ईरान के बीच इस मुद्दे पर लंबी बातचीत भी हुई है. बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर मंडराता खतरा रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास हो रहे हमलों पर गहरी चिंता जताई है. रूस का कहना है कि अगर न्यूक्लियर प्लांट को नुकसान पहुंचा तो यह पूरे इलाके के लिए पर्यावरण की बड़ी तबाही होगी. रूस ने इस पर अपील की है कि मामला बातचीत से सुलझाया जाए. फिलहाल पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद बहुत कम नजर आ रही है. इस बीच, अमेरिका ने ईरान को 15 पॉइंट्स वाला शांति प्लान तैयार किया है. ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिया था कि वह न्यूक्लियर और एनर्जी ठिकानों पर पर हमले रोक सकते हैं, और उन्होंने पांच दिनों के विराम की घोषणा भी की थी. ये भी पढ़ें: ईरान के विदेश मंत्री की दो टूक: जब तक दुश्मन को पछतावा नहीं होगा, तब तक जारी रहेगी जंग The post इजरायल ने ईरान के कैस्पियन सागर पोर्ट पर किया हमला, रूस को होने वाली ड्रोन सप्लाई टूटी appeared first on Naya Vichar.

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iPhone भी मिस करता है Samsung फोन की ये 5 खूबियां

स्मार्टफोन की दुनिया में Apple और Samsung दोनों ही दिग्गज हैं. iPhone अपनी सादगी और स्थिरता के लिए जाना जाता है, जबकि Samsung यूजर्स को ज्यादा लचीलापन और कंट्रोल देता है. यही वजह है कि कुछ फीचर्स ऐसे हैं जो आज भी iPhone में नहीं मिलते, लेकिन Samsung फोन इन्हें लंबे समय से ऑफर कर रहे हैं. 1. वन-हैंडेड मोड बड़े डिस्प्ले वाले फोन को एक हाथ से इस्तेमाल करना मुश्किल होता है. iPhone का Reachability फीचर स्क्रीन को नीचे खींचता है, लेकिन टाइपिंग या पूरी इंटरैक्शन संभव नहीं होती. Samsung का One-Handed Mode पूरी स्क्रीन को छोटे फ्लोटिंग विंडो में बदल देता है, जिसमें कीबोर्ड भी सिकुड़ जाता है. इससे आप आसानी से एक हाथ से मैसेज टाइप कर सकते हैं. 2. असली मल्टीटास्किंग iPhone पर आप एक बार में सिर्फ एक ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं. Samsung Galaxy डिवाइस पर आप Split-Screen Multitasking कर सकते हैं. यानी वीडियो देखते हुए नोट्स लिखना, या दो वेबसाइट्स पर प्रोडक्ट्स की तुलना करना एक साथ संभव है. यह फीचर काम और मनोरंजन दोनों के लिए बेहद उपयोगी है. 3. रिवर्स वायरलेस चार्जिंग Samsung फोन को आप वायरलेस चार्जिंग पैड की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं. बस अपने ईयरबड्स या किसी अन्य वायरलेस चार्जिंग सपोर्टेड डिवाइस को फोन के पीछे रखिए और चार्जिंग शुरू हो जाएगी. मजेदार बात यह है कि Samsung फोन से आप Apple AirPods भी चार्ज कर सकते हैं, जबकि iPhone ऐसा नहीं कर पाता. 4. डुअल अकाउंट सपोर्ट आजकल ज्यादातर लोग WhatsApp या Messenger जैसे ऐप्स पर दो अकाउंट इस्तेमाल करना चाहते हैं- एक पर्सनल और एक वर्क के लिए. iPhone पर यह संभव नहीं है. Samsung का Dual Messenger फीचर आपको एक ही ऐप के दो वर्जन इंस्टॉल करने देता है, जिससे दोनों अकाउंट्स अलग-अलग चल सकते हैं. 5. इंटरैक्टिव लाइव वॉलपेपर iPhone पर वॉलपेपर खूबसूरत, लेकिन स्थिर होते हैं. Samsung फोन पर आप इंटरैक्टिव लाइव वॉलपेपर लगा सकते हैं, जो स्क्रीन को टच करने पर रिएक्ट करते हैं. इससे होम स्क्रीन ज्यादा डायनैमिक और पर्सनलाइज्ड लगती है. छोटे लेकिन खास फीचर्स Apple और Samsung, दोनों की अपनी-अपनी फिलॉसफी है. Apple सादगी और स्थिरता पर ध्यान देता है, जबकि Samsung यूजर्स को ज्यादा फीचर्स और फ्लेक्सिबिलिटी देता है. अगर आप चाहते हैं कि आपका फोन ज्यादा काम करे और रोजमर्रा की जिंदगी में ज्यादा मददगार बने, तो Samsung इन छोटे लेकिन अहम फीचर्स के साथ iPhone से आगे निकल जाता है. यह भी पढ़ें: Galaxy Forever: आधी कीमत में Galaxy S26 Ultra और Plus, लेकिन यहां ट्विस्ट है यह भी पढ़ें: iPhone 18 Pro सीरीज कैसा होगा? लीक्स ने बताया- डिजाइन पुराना, लेकिन अपग्रेड्स बड़े The post iPhone भी मिस करता है Samsung फोन की ये 5 खूबियां appeared first on Naya Vichar.

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बिहार बोर्ड 12वीं स्क्रूटिनी के लिए आवेदन शुरू, इस दिन तक भरें फॉर्म

BSEB 12th Scrutiny 2026 Application: बिहार स्कूल एग्जाम बोर्ड (BSEB) ने इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 की कॉपियों की स्क्रूटिनी को लेकर महत्वपूर्ण सूचना जारी की है. जिन छात्रों को अपने किसी विषय के नंबर से असंतोष है, वे अब अपनी आंसर शीट को फिर से चेक करा सकते हैं. इसमें ऑनलाइन आवेदन करना होगा. BSEB की तरफ से जारी नोटिस के अनुसार, इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 का रिजल्ट 23 मार्च 2026 को जारी किया गया था. रिजल्ट जारी होने के बाद कई छात्र अपने नंबरों को लेकर असंतुष्ट हो सकते हैं. ऐसे छात्रों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने स्क्रूटिनी की सुविधा उपलब्ध कराई है. BSEB 12th Scrutiny 2026 के लिए कब तक करें अप्लाई? बिहार बोर्ड की ओर से जारी नोटिस के अनुसार इंटर स्क्रूटिनी के लिए 25 मार्च 2026 से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है. छात्र 2 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा. आवदेन करने के लिए नीचे दिए स्टेप्स को फॉलो करें. BSEB की नोटिस इन्टरमीडिएट वार्षिक परीक्षा, 2026 की उत्तरपुस्तिकाओं के स्क्रूटिनी कराने के संबंध में आवश्यक सूचना।#Bihar#BSEB#BiharBoard pic.twitter.com/Vn3jCCd8s5 — Bihar School Examination Board (@officialbseb) March 25, 2026 BSEB 12th Scrutiny 2026 के लिए ऐसे करें अप्लाई सबसे पहले बिहार बोर्ड की स्क्रूटिनी वेबसाइट- intermediate.biharboardscrutiny.com पर जाएं. वहां Apply for Scrutiny (Intermediate Annual Examination 2026) लिंक पर क्लिक करें. इसके बाद रोल कोड, रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें. नया पासवर्ड बनाकर रजिस्ट्रेशन पूरा करें. लॉगिन करने के बाद आवेदन फॉर्म खुलेगा. जिस विषय की स्क्रूटिनी करानी है उसे चुनें. अंत में ऑनलाइन फीस जमा कर आवेदन सबमिट कर दें. सब्जेक्ट वाइज देनी होगी फीस स्क्रूटिनी के लिए छात्रों को प्रति विषय 120 रुपये फीस देनी होगी. अगर किसी छात्र को एक से अधिक विषयों में नंबर को लेकर संदेह है तो वह सभी विषयों के लिए अलग-अलग आवेदन कर सकता है. फीस का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा. स्क्रूटिनी के दौरान छात्र की कॉपी को दोबारा जांचा जाता है. इसमें मुख्य रूप से यह देखा जाता है कि कहीं किसी सवाल के अंक जोड़ने में गलती तो नहीं हुई है या कोई उत्तर जांचने से छूट तो नहीं गया है. बिहार बोर्ड के अनुसार स्क्रूटिनी के बाद छात्रों के नंबर बढ़ भी सकते हैं, घट भी सकते हैं या पहले जैसे ही रह सकते हैं यह भी पढ़ें: बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट जल्द, इन वेबसाइट्स पर मिलेगी मार्कशीट The post बिहार बोर्ड 12वीं स्क्रूटिनी के लिए आवेदन शुरू, इस दिन तक भरें फॉर्म appeared first on Naya Vichar.

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हेलमेट साफ करने के लिए फॉलो करें क्रिएटर शशांक के क्लीनिंग टिप्स 

Helmet Cleaning Tips: जब भी हम बाहर बाइक या स्कूटी से जाते हैं तो हेलमेट हमारी सेफ्टी के लिए बहुत काम आता है. हेलमेट के लगातार इस्तेमाल की वजह से इसमें धूल, गंदगी और पसीने की बदबू आने लगती हैं. जिससे बालों का झड़ना या गंदा होने जैसी समस्या होने लगती है. इस आर्टिकल से आप हेलमेट को साफ करने का तरीका जान सकते हैं, जिसे अपनाकर आप हेलमेट को सही तरीके से साफ कर सकते हैं.  हेलमेट की सफाई कैसे करें? सबसे पहले हेलमेट के अंदर की फोम पैडिंग को पूरी तरह निकाल लें. ये पैड सबसे ज्यादा पसीना और गंदगी सोखते हैं. इन्हें बेबी शैम्पू की मदद से पानी में 3–4 घंटे के लिए भिगो दें. भिगोने के बाद इन्हें अच्छी तरह धो लें और पूरी तरह सूखने दें.  ध्यान रखें आप पूरा हेलमेट पानी में बिल्कुल न डुबोएं. इसकी हार्ड शेल और अंदर की परतों में पानी फंस सकता है, जिससे ठीक से न सूखने पर फंगस और बदबू हो सकती है.  अब हेलमेट के वाइजर (visor) को निकालकर गुनगुने पानी में हल्के गीले माइक्रोफाइबर कपड़े से साफ करें. इससे धूल, उंगलियों के निशान और दाग बिना खरोंच के हट जाते हैं. फिर इसे सूखे साफ माइक्रोफाइबर कपड़े से पोंछ लें.  हेलमेट के बाहरी हिस्से और बाकी भागों को हल्के गीले माइक्रोफाइबर कपड़े से साफ करें. इसके बाद सूखे कपड़े से सब कुछ अच्छी तरह पोंछ लें.  अगर हेलमेट के बाहर में एक्स्ट्रा पार्ट्स हैं तो उसे स्क्रू से खोलकर साफ करें. जब हेलमेट के सभी हिस्से पूरी तरह सूख जाए, तब हेलमेट को वापस जोड़ लें.  View this post on Instagram A post shared by Shashank Alshi (@alshihacks) यह भी पढ़ें- Plastic Water Bottle Cleaning Tips: बोतल चमकेगा एकदम नया जैसा, करें इन आसान टिप्स को फॉलो  यह भी पढ़ें- बर्तन धोते समय कर रहे हैं ये लापरवाही, तो हो जाएं सावधान! स्वास्थ्य के लिए बन सकती है जानलेवा Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post हेलमेट साफ करने के लिए फॉलो करें क्रिएटर शशांक के क्लीनिंग टिप्स  appeared first on Naya Vichar.

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रामनवमी से पहले पलामू पुलिस सख्त, पूरी कमिश्नरी के 3059 लोगों को भेजा गया नोटिस

पलामू से शिवेंद्र कुमार की रिपोर्ट Palamu Ram Navami Security: रामनवमी के पावन पर्व को लेकर पलामू पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है. जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की हुड़दंगई या अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है. इसी कड़ी में पूरी पलामू कमिश्नरी में 3059 लोगों को नोटिस जारी किया गया है. यह कदम शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है. बीएनएसएस की धारा 126 के तहत कार्रवाई पलामू प्रमंडल के आईजी शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि यह नोटिस बीएनएसएस की धारा 126 के तहत जारी किए गए हैं, जिसे पहले धारा 107 के नाम से जाना जाता था. इस कार्रवाई के तहत लातेहार में 621, गढ़वा में 968 और पलामू जिले में 1470 लोगों को नोटिस दिया गया है. उन्होंने बताया कि पलामू जिले के भीतर भी सदर अनुमंडल से 1059, हुसैनाबाद से 249 और छतरपुर से 162 लोगों को नोटिस तामिल कराया गया है. प्रशासन का मानना है कि इससे संभावित उपद्रवियों पर नियंत्रण रखा जा सकेगा. शांति समिति की बैठक और सुरक्षा तैयारियां रामनवमी को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए तीनों जिलों में शांति समिति की बैठकों का आयोजन किया गया है. लातेहार के 12, पलामू के 25 और गढ़वा के 22 थानों में बैठकें पूरी हो चुकी हैं. डीआईजी और तीनों जिलों के एसपी के साथ भी उच्चस्तरीय बैठक की गई है. संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. हर जगह मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की गई है. अतिरिक्त बलों की तैनाती और छुट्टियां रद्द मुख्यालय से अतिरिक्त बल भी भेजे गए हैं. पलामू को 250, गढ़वा को 200 और लातेहार को 200 होमगार्ड जवान दिए गए हैं. इसके अलावा आईआरबी और इको बल को भी तैनात किया गया है. रामनवमी के मद्देनजर सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. केवल विशेष परिस्थिति में ही संबंधित एसपी की अनुमति से छुट्टी मिल सकेगी. अधिकारियों को अधिक से अधिक समय फील्ड में रहने के निर्देश दिए गए हैं. कंट्रोल रूम और निगरानी व्यवस्था मजबूत तीनों जिलों में जिला कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं. प्रत्येक थाना से हर दो घंटे में खैरियत रिपोर्ट ली जाएगी. यह रिपोर्ट सीधे जिले के अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी, जिससे हर स्थिति पर नजर रखी जा सके. इसके साथ ही मॉक ड्रिल भी लगातार की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार रहे. डीजे और जुलूस को लेकर सख्त निर्देश रामनवमी जुलूस के दौरान डीजे बजाने को लेकर भी प्रशासन ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं. किसी भी प्रकार के भड़काऊ या अश्लील गाने बजाने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. आपात स्थिति से निपटने की तैयारी तीनों जिलों के दमकल विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है. सभी दमकल वाहनों को पानी से भरकर तैयार रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके. इसके अलावा, एंटी राइट वाहन, रबर बुलेट और टियर गैस जैसे उपकरण पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए गए हैं. अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज रामनवमी से पहले अवैध शराब के खिलाफ भी व्यापक अभियान चलाया जा रहा है. सिर्फ पलामू जिले में ही 6525 किलोग्राम अवैध जावा महुआ को नष्ट किया गया है. साथ ही 309 लीटर शराब भी बरामद की गई है. इसे भी पढ़ें: झारखंड में इन 30 गांवों में डिजिटल इंडिया फेल, पेड़-पहाड़ पर चढ़कर मोबाइल चलाते हैं लोग शांतिपूर्ण आयोजन पर प्रशासन का फोकस प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि रामनवमी का त्योहार पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो. इसके लिए पुलिस और प्रशासन हर स्तर पर तैयारी में जुटे हुए हैं. सुरक्षा, निगरानी और सख्ती के जरिए किसी भी अप्रिय घटना को रोकने की पूरी कोशिश की जा रही है. इसे भी पढ़ें: रामनवमी जुलूस के दौरान धनबाद में नहीं होगी बिजली गुल, जेबीवीएनएल का स्पेशल प्लान तैयार The post रामनवमी से पहले पलामू पुलिस सख्त, पूरी कमिश्नरी के 3059 लोगों को भेजा गया नोटिस appeared first on Naya Vichar.

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