Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कल का राशिफल 07 मार्च 2026: जानें किन राशियों को मिलेगा लाभ और किन्हें उठाना पड़ेगा नुकसान

Kal Ka Rashifal 07 March 2026: कल 07 मार्च 2026 दिन शनिवार है. पंचांग के अनुसार, चैत्र कृष्ण पक्ष चतुर्थी शाम 06 बजकर 28 मिनट के उपरांत पंचमी तिथि हो जाएगी. सूर्योदय कालीन नक्षत्र चित्रा उपरांत स्वाति रहेगा. ग्रहों की स्थिति सूर्य के साथ मंगल, बुध, राहु कुम्भ राशि में मौजूद हैं. चंद्रमा तुला राशि में है. देव गुरु बृहस्पति मिथुन राशि में हैं. शुक्र और शनि मीन राशि में है. वहीं केतु सिंह राशि में स्थित है. अब यहां जानते हैं, ज्योतिषाचार्य एवं आध्यात्मिक गुरु डॉ. श्रीपति त्रिपाठी से कि कल इन ग्रहों का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा. मेष राशि: कल आपकी ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता स्पष्ट दिखाई देगी, क्योंकि आपकी राशि के सप्तम भाव में स्थित चंद्रमा और लाभ भाव में मंगल ग्रह मौजूद है. कल लंबित कार्यों में प्रगति होगी और वरिष्ठों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल सकती है. नई योजना पर विचार लाभकारी रहेगा. धन की स्थिति संतुलित रहेगी. निवेश सोच-समझकर करें. परिवार में सौहार्द और सहयोग बना रहेगा. जीवनसाथी का समर्थन मनोबल बढ़ाएगा. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा. शुभ अंक: 9शुभ रंग: लाल वृषभ राशि: कल आपकी कार्य क्षेत्र में स्थिरता के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा, क्योंकि आपकी राशि के छठे भाव में स्थित चंद्रमा और एकादश भाव में मौजूद शनि-शुक्र शत्रुओं को प्रबल कर सकते हैं. सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा और पुराने विवाद समाप्त हो सकते हैं. धन की स्थिति संतुलित रहेगी. उधार लेन-देन से बचें. परिवार में मधुरता बनी रहेगी और किसी शुभ समाचार की संभावना है. जीवनसाथी से भावनात्मक निकटता बढ़ेगी. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा. शुभ अंक: 6शुभ रंग: सफेद मिथुन राशि: कल का दिन आपके लिए बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि आपकी राशि के पंचम भाव में स्थित चंद्रमा और लग्न में मौजूद गुरु आपकी बुद्धि और निर्णय क्षमता को बढ़ाएंगे. नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है. धन की स्थिति सामान्य से बेहतर रहेगी. निवेश में जल्दबाजी न करें. अतिरिक्त आय के संकेत मिल सकते हैं. परिवार में प्रसन्नता का वातावरण रहेगा और संबंधों में मधुरता बढ़ेगी. भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. शुभ अंक: 5शुभ रंग: हरा कर्क राशि: कल आपको सचेत रहने की जरूरत है, क्योंकि आपकी राशि के चतुर्थ भाव में स्थित चंद्रमा और अष्टम भाव में मौजूद राहु-मंगल सुख-शांति में खलल डाल सकते हैं. नई योजना पर गंभीरता से विचार करें. धन की स्थिति मजबूत होगी और रुका हुआ धन प्राप्त होगा. खर्च नियंत्रित रखें. परिवार में सामंजस्य बना रहेगा और बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा. विद्यार्थी लक्ष्य पर केंद्रित रहें, सफलता के संकेत हैं. शुभ अंक: 2शुभ रंग: क्रीम सिंह राशि: कार्य क्षेत्र में नेतृत्व का अवसर प्राप्त होगा। आपकी निर्णायक क्षमता से कार्यस्थल पर प्रभाव बढ़ेगा। नई परियोजना आरंभ करने के संकेत हैं। धन की स्थिति अनुकूल रहेगी और आय में वृद्धि संभव है। निवेश से लाभ मिल सकता है। परिवार में उत्साह और प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। संतान से सुखद समाचार मिल सकता है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, पर अत्यधिक परिश्रम से बचें। विद्यार्थी आत्मविश्वास के साथ परीक्षा की तैयारी करें। शुभ अंक: 1शुभ रंग: सुनहरा कन्या राशि: कल का दिन आपके लिए बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि आपकी राशि के तृतीय भाव में स्थित चंद्रमा और लग्न में मौजूद केतु आपके आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर ले जाएंगे. इसलिए कार्य क्षेत्र में सावधानीपूर्वक निर्णय लें. दस्तावेजों की जांच अवश्य करें. सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा. धन की स्थिति संतुलित रहेगी. बचत योजनाओं पर ध्यान दें. परिवार में शांति बनी रहेगी और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा. स्वास्थ्य में हल्की थकान संभव है. नियमित दिनचर्या अपनाएं. शुभ अंक: 7शुभ रंग: हरा तुला राशि: कल का दिन आपके लिए बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि आपकी राशि में ही चंद्रमा का संचरण हो रहा है और भाग्य स्थान में गुरु मौजूद हैं. कल संतुलित व्यवहार से कार्यस्थल पर सम्मान बढ़ेगा. लंबित कार्य पूर्ण होने के संकेत हैं. धन की स्थिति अनुकूल रहेगी और आर्थिक योजनाएं सफल हो सकती हैं. परिवार में सौहार्द बना रहेगा और परिजनों से सहयोग मिलेगा. सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर मिलेगा. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा. योग या ध्यान लाभ देगा. शुभ अंक: 8शुभ रंग: नीला वृश्चिक राशि: कल भारी नुकसान हो सकता है, क्योंकि आपकी राशि के द्वादश भाव में स्थित चंद्रमा और चतुर्थ भाव में मौजूद सूर्य-मंगल खर्चों को अनियंत्रित कर सकते हैं. महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की संभावना है. धन की स्थिति स्थिर रहेगी. परिवार में सहयोग मिलेगा और संबंध मजबूत होंगे. किसी पुराने मित्र से मुलाकात संभव है. स्वास्थ्य में थकान महसूस हो सकती है. विद्यार्थी एकाग्रता बढ़ाएं और समय का सही उपयोग करें. शुभ अंक: 4शुभ रंग: लाल धनु राशि: कल का दिन आपके लिए बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि आपकी राशि के लाभ भाव में स्थित चंद्रमा और तृतीय भाव में मौजूद शुक्र-बुध आपकी आय में वृद्धि करेंगे. नई योजना पर कार्य आरंभ करना शुभ रहेगा. धन की स्थिति में सुधार होगा और अतिरिक्त आय का मार्ग खुल सकता है. परिवार में प्रसन्नता और सहयोग बना रहेगा. यात्रा का योग बन सकता है. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. पर नियमित व्यायाम करें. विद्यार्थी उच्च शिक्षा संबंधी प्रयासों में सफलता पा सकते हैं. शुभ अंक: 3शुभ रंग: पीला मकर राशि: कल का दिन आपके लिए प्रगति लेकर आएगा, क्योंकि आपकी राशि के दशम भाव में स्थित चंद्रमा और द्वितीय भाव में मौजूद राहु-मंगल करियर में बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं. धैर्य और अनुशासन से कार्य पूर्ण होंगे. धन की स्थिति स्थिर रहेगी. दीर्घकालीन निवेश लाभकारी होगा. परिवार में सामंजस्य रहेगा और बुजुर्गों का मार्गदर्शन मिलेगा. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा. विद्यार्थी निरंतर अभ्यास से सफलता प्राप्त करेंगे. जल्दबाजी में निर्णय न लें. संयम और मेहनत से आज का दिन स्थिर प्रगति का संकेत देता है. शुभ अंक: 9शुभ रंग: भूरा कुंभ राशि: कल का दिन आपके लिए बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि आपकी राशि में सूर्य, मंगल, बुध और राहु का अद्भुत योग बना हुआ है और चंद्रमा भाग्य स्थान में हैं. धन की स्थिति बेहतर रहेगी, पर खर्च नियंत्रित रखें. मित्रों से आर्थिक सहयोग मिल सकता है. परिवार में खुशहाली रहेगी और संबंध मजबूत होंगे. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. विद्यार्थी शोध या नवाचार में रुचि लें. सलाह है कि अनुशासन और समयबद्धता अपनाएं. सकारात्मक

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पटना में शराब की तलाश में पहुंची पुलिस, पशु के खटाल से निकलीं राइफलें, 4 तस्कर गिरफ्तार

Bihar News: बिहार की राजधानी पटना में शराब तस्करी के साथ हथियारों का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. दीघा थाना पुलिस ने छापेमारी के दौरान एक खटाल से शराब के साथ दो अवैध राइफलें बरामद की हैं. इस मामले में चार धंधेबाजों को गिरफ्तार किया गया है. शराब बिक्री की सूचना पर पुलिस की छापेमारी पटना के दीघा थाना क्षेत्र में पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि लक्ष्मीनिया गली में अवैध शराब का कारोबार चल रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम बनाई गई और खटाल में छापेमारी की गई. छापे के दौरान पुलिस को वहां से शराब के साथ दो अवैध राइफलें भी मिलीं. यह देखकर पुलिसकर्मी भी चौंक गए. कार्रवाई के दौरान चार लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया. चार धंधेबाज गिरफ्तार पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें अंकुश उर्फ रौशन, गुड्डू, श्रवण और मनोज कुमार शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी मूल रूप से नटका दियारा के रहने वाले हैं. फिलहाल वे दीघा थाना क्षेत्र के लक्ष्मीनिया गली में रह रहे थे. पुलिस को शक है कि ये लोग लंबे समय से शराब तस्करी के धंधे में शामिल थे. खटाल की आड़ में चल रहा था अवैध कारोबार दीघा थानाध्यक्ष संजीव कुमार के अनुसार आरोपी खटाल की आड़ में शराब का धंधा चला रहे थे. मुख्य सरगना अंकुश उर्फ रौशन बताया जा रहा है. पुलिस के मुताबिक शराब के कारोबार में किसी तरह की बाधा न आए, इसलिए आरोपियों ने लोगों को डराने-धमकाने के लिए हथियार भी रखे थे. दोनों राइफलें बोरे में छिपाकर रखी गई थीं. छापे में शराब और हथियार बरामद छापेमारी के दौरान पुलिस ने 19 बोतल अंग्रेजी शराब और करीब एक लीटर देसी शराब बरामद की. इसके अलावा दो अवैध राइफल भी जब्त की गईं. पुलिस ने बरामद शराब और हथियारों को जब्त कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. पुलिस उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है. इलाके में फैली सनसनी खटाल से हथियार मिलने की समाचार फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई. आसपास रहने वाले लोगों को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि यहां शराब और हथियार का स्पोर्ट्स चल रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय-समय पर सख्त कार्रवाई होती तो इस तरह का धंधा पनप नहीं पाता. बिहार में 2016 से लागू है शराबबंदी बिहार में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है. राज्य में शराब का उत्पादन, भंडारण, खरीद-बिक्री और सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित है. इसके बावजूद शराब तस्कर अलग-अलग तरीकों से धंधा करने की कोशिश करते रहते हैं. पुलिस ने अब तक लाखों लीटर शराब जब्त की है और बड़ी संख्या में तस्करों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं. Also Read: पटना को मिलेगा दूसरा ‘ताज’, बांकीपुर बस स्टैंड की जमीन पर बनेगा 500 कमरों का लग्जरी फाइव स्टार होटल The post पटना में शराब की तलाश में पहुंची पुलिस, पशु के खटाल से निकलीं राइफलें, 4 तस्कर गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

20 साल बाद धरने पर बैठी ममता बनर्जी, भाजपा-चुनाव आयोग की साजिश बेनकाब करने की खाई कसम

मुख्य बातें जीवित वोटरों को मृत बताने का आरोप SIR के मुद्दे पर मुखर रही है ममता बनर्जी चुनाव आयोग की कड़ी आलोचना इन जिलों में सबसे अधिक मामले Mamata Banerjee: कोलकाता. तृणमूल नेता ममता बनर्जी ने बंगाल में हुए एसआईआर (SIR) में वोटरों के नाम हटाने के लिए भाजपा-चुनाव आयोग की कड़ी आलोचना की है. 20 साल बाद धरने पर बैठी तृणमूल नेता ममता बनर्जी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर बंगाली मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की साजिश रचने का आरोप लगाया और उन्हें बेनकाब करने की कसम खाई. टीएमसी सुप्रीमो ने विरोध प्रदर्शन की शुरुआत में कहा- मैं बंगाली मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की भाजपा-चुनाव आयोग की साजिश को बेनकाब करूंगी. ममता ने भाषण के दौरान कहा कि बंगाल एसआईआर में मृत घोषित किए गए 22 लोग, जो जीवित हैं, उन्हें मंच पर पेश करूंगी. जीवित वोटरों को मृत बताने का आरोप मुख्यमंत्री दोपहर करीब 2 बजे मंच पर चहुंची. विरोध प्रदर्शन में ममता बनर्जी के साथ पार्टी मंत्रियों, विधायकों और अन्य नेतृत्व एस्प्लेनेड स्थित धरना स्थल पर मौजूद दिखे. ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि संशोधित मतदाता सूची में कई मतदाताओं को मृत घोषित कर दिया गया है. बनर्जी ने कहा-मैं उन मतदाताओं को, जिन्हें चुनाव आयोग ने मृत घोषित कर दिया है, इस विरोध स्थल पर प्रस्तुत करूंगी. इसकी घोषणा टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पहले ही कर दी थी. उन्होंने चुनाव आयोग पर नेतृत्वक रूप से प्रेरित अभ्यास करने का आरोप लगाया था, जिससे लाखों योग्य मतदाता मताधिकार से वंचित हो सकते हैं. SIR के मुद्दे पर मुखर रही है ममता बनर्जी एसआईआर (SIR)के मुद्दे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी यह धरना दे रही है. तृणमूल सुप्रीमो शुरुआत से ही एसआईआर (SIR)के मुद्दे पर मुखर रही हैं. इस बार अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद ममता बनर्जी एक बार फिर मुखर हो गई हैं. ममता बनर्जी के धरना स्थल पर हजारों समर्थकों की भीड़ देखी गयी. भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा-बनर्जी को धरने पर बैठने का अभ्यास शुरू कर देना चाहिए, क्योंकि 2026 में भाजपा के सत्ता में आने के तुरंत बाद वह विपक्ष की नेता बन जाएंगी. चुनाव आयोग की कड़ी आलोचना तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग की कड़ी आलोचना की है, जिसमें मुस्लिम बहुल मालदा और मुर्शिदाबाद की बहुसंख्यक आबादी को “विचाराधीन ” रखने की बात कही गई थी. उन्होंने कहा-अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है और अकेले मालदा के उन निर्वाचन क्षेत्रों में 42% नाम हैं जिन पर “विचाराधीन” लागू है. मुर्शिदाबाद और उत्तर 24 परगना में भी बड़ी संख्या में मतदाता “विचाराधीन” हैं. बंगाल की अन्य समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें इन जिलों में सबसे अधिक मामले मुख्यमंत्री का धरना ऐसे समय में हो रहा है, जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद न्यायिक अधिकारियों द्वारा कुल 61 लाख मामलों में से 6.5 लाख मामलों का निपटारा किया जा चुका है. इस बीच, ओडिशा और झारखंड के लगभग 200 न्यायिक अधिकारी आठ जिलों – उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हुगली, हावड़ा, बीरभूम, पूर्वी और पश्चिमी बर्दवान और नादिया – में न्याय निर्णय की जांच करेंगे. विचाराधीन वोटरों के आंकड़ों में मुर्शिदाबाद जिले में सबसे अधिक मामले हैं, जहां 11 लाख से अधिक मामले हैं, मालदा में 8 लाख से अधिक, उत्तर 24 परगना में लगभग 6 लाख और दक्षिण 24 परगना में 5 लाख 22 हजार मामले हैं. Also Read: बंगाल में SIR ने फंसाया पेंच, 7 मई तक नहीं बनी नयी प्रशासन तो लगेगा राष्ट्रपति शासन The post 20 साल बाद धरने पर बैठी ममता बनर्जी, भाजपा-चुनाव आयोग की साजिश बेनकाब करने की खाई कसम appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

इलेक्ट्रिक स्कूटर को लंबे समय तक रखना है नए जैसा? तो गांठ बांध लें ये बातें

शहरों में छोटी दूरी तय करने के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटर परफेक्ट चॉइस होते हैं. ये न सिर्फ शांत होते हैं, बल्कि चलाने में आसान और पेट्रोल वाले दोपहिया के मुकाबले काफी सस्ते भी पड़ते हैं. लेकिन किसी भी गाड़ी की तरह इलेक्ट्रिक स्कूटर को भी लंबे समय तक भरोसेमंद बनाए रखने के लिए सही देखभाल जरूरी होती है. अच्छी बात यह है कि अगर कुछ आसान टिप्स और छोटे-छोटे जुगाड़ अपनाए जाएं, तो स्कूटर की उम्र उसकी नॉर्मल लाइफ से भी काफी ज्यादा बढ़ाई जा सकती है. आइए जानते हैं इसके बारे में. ’20-80 रूल’ फॉलो करें इलेक्ट्रिक स्कूटर का सबसे महंगा हिस्सा उसमें लगी बैटरी होती है. आजकल ज्यादातर स्कूटर में लिथियम-आयन बैटरी दी जाती है, और इसे किस तरह चार्ज किया जाता है, इसका सीधा असर बैटरी की उम्र पर पड़ता है. अगर आप चाहते हैं कि बैटरी लंबे समय तक अच्छी चले, तो एक्सपर्ट अक्सर ’20-80 रूल’ फॉलो करने की सलाह देते हैं. इसका मतलब बहुत आसान है. कोशिश करें कि रोजमर्रा के इस्तेमाल में बैटरी 20% से नीचे न जाए और 80% से ज्यादा चार्ज न करें. ओरिजिनल चार्जर का ही इस्तेमाल करें  बैटरी को सेफ रखने के लिए एक और जरूरी बात याद रखें कि हमेशा उसी ओरिजिनल चार्जर का इस्तेमाल करें जो कंपनी के साथ मिलता है. दरअसल, हर चार्जर को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वह फोन को सही वोल्टेज और करंट दे सके. अगर आप किसी दूसरे या सस्ते चार्जर का इस्तेमाल करते हैं, तो बैटरी के ज्यादा गर्म होने या खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. मैकेनिकल पार्ट्स चेक करें बैटरी की देखभाल जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी स्कूटर के मैकेनिकल पार्ट्स पर भी ध्यान देना है. सबसे पहले बात करते हैं टायर की. टायर का प्रेशर हर 10 से 15 दिन में एक बार जरूर चेक करते रहें. अगर टायर में हवा कम होगी तो सड़क पर रेजिस्टेंस बढ़ जाता है. इसका सीधा असर राइडिंग रेंज पर पड़ता है और मोटर पर भी बेवजह ज्यादा दबाव पड़ने लगता है. सड़क की वाइब्रेशन की वजह से समय के साथ स्कूटर के छोटे-छोटे पार्ट्स ढीले भी हो सकते हैं. इसलिए महीने में एक बार स्क्रू, नट और हैंडलबार के बोल्ट चेक कर लेना अच्छा रहता है. यह छोटी-सी जांच आगे चलकर बड़े खर्च से बचा सकती है. एक और काम का टिप यह है कि स्कूटर के फोल्डिंग मैकेनिज्म और सस्पेंशन जैसे मूविंग पार्ट्स पर कभी-कभी सिलिकॉन बेस्ड लुब्रिकेंट लगा दें. इससे ये पार्ट्स स्मूद तरीके से काम करते रहते हैं. राइडिंग हैबिट्स पर ध्यान दें इलेक्ट्रिक स्कूटर कितने समय तक अच्छा चलेगा, यह सिर्फ उसकी क्वालिटी पर नहीं बल्कि इस बात पर भी डिपेंड करता है कि आप उसे कैसे चलाते हैं. अगर आप स्मूद एक्सेलेरेशन देते हैं और धीरे-धीरे ब्रेक लगाते हैं, तो मोटर और बैटरी पर कम दबाव पड़ता है. ज्यादातर इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में Eco या पावर-सेविंग मोड भी मिलता है. डेली कम्यूट के लिए यह मोड काफी बेहतर रहता है, क्योंकि इससे बिजली की खपत कम होती है और सिस्टम पर भी ज्यादा दबाव नहीं पड़ता. यह भी पढ़ें: कार बैटरी खराब होने से पहले देती है ये चेतावनी, इन संकेतों को न करें नजरअंदाज The post इलेक्ट्रिक स्कूटर को लंबे समय तक रखना है नए जैसा? तो गांठ बांध लें ये बातें appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

बिहार दिवस 2026 के भव्य आयोजन हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तैयारियों की समीक्षा बैठक संपन्न

नया विचार न्यूज समस्तीपुर | समाहरणालय सभागार, समस्तीपुर में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आगामी ‘बिहार दिवस 2026’ के सफल एवं भव्य आयोजन की तैयारियों को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के प्रारंभ में गत वर्ष की कार्यवाहियों (Proceedings) का सूक्ष्मता से अवलोकन किया गया, जिसके आधार पर आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। बैठक के मुख्य निर्णय एवं निर्देश: प्रभात फेरी का आयोजन: जिलाधिकारी द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि बिहार दिवस के अवसर पर गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी सुबह 07:00 बजे भव्य प्रभात फेरी निकाली जाए। इसमें स्कूली बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक रूट चार्ट एवं अन्य तैयारियां समय पूर्व पूर्ण करने का आदेश दिया गया। स्पोर्ट्स एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम:  जिला स्पोर्ट्स पदाधिकारी को जिले में विभिन्न स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं के आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी को पेंटिंग (चित्रकला) एवं अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं के आयोजन हेतु निर्देशित किया गया, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिल सके। प्रखंड स्तरीय गतिविधियाँ: जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बिहार दिवस के कार्यक्रम केवल जिला मुख्यालय तक सीमित न रहें। सभी प्रखंडों में स्पोर्ट्स, चित्रकला एवं अन्य जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। नीली रोशनी (Illumination): उत्सव के उल्लास को प्रदर्शित करने हेतु सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने कार्यालय भवनों को नीली रोशनी (Blue Lights) से सुसज्जित करने का निर्देश दिया गया है। बैठक में श्री सूर्य प्रताप सिंह, उप विकास आयुक्त (DDC), समस्तीपुर,श्री ब्रजेश कुमार, अपर समाहर्ता (ADM), समस्तीपुर,श्री राजेश सिंह, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन),श्री दिलीप कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), समस्तीपुर उपस्थित रहे. बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया ताकि बिहार दिवस 2026 के अवसर पर जिले की गौरवशाली परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का भव्य प्रदर्शन हो सके।

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

50% आरक्षण से लेकर शराबबंदी तक: सीएम नीतीश के 10 क्रांतिकारी फैसले, जिसने बदली बिहार की सूरत

Nitish Kumar: बिहार की नेतृत्व में विकास और सामाजिक बदलाव की चर्चा जब भी होती है, तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कई फैसलों का जिक्र जरूर होता है. खासकर स्त्रीओं के सशक्तीकरण और समाज के कमजोर तबकों को आगे बढ़ाने के लिए उनकी प्रशासन ने कई अहम योजनाएं लागू कीं. पंचायतों में स्त्रीओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने से लेकर शराबबंदी और रोजगार योजनाओं तक, इन फैसलों ने बिहार के सामाजिक ढांचे में बड़ा बदलाव लाने का दावा किया जाता है. पंचायतों में 50% आरक्षण से बढ़ी स्त्रीओं की भागीदारी नीतीश कुमार प्रशासन ने देश में पहली बार बिहार में स्त्रीओं को त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था और नगर निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक फैसला लिया. इस निर्णय के बाद गांव से लेकर शहर तक स्थानीय नेतृत्व में स्त्रीओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी. आज स्थिति यह है कि बिहार में स्थानीय निकायों में स्त्रीओं की भागीदारी 55 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है. बिहार के इस मॉडल को बाद में आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, त्रिपुरा और उत्तराखंड जैसे कई राज्यों ने भी अपनाया. पुलिस और प्रशासनी नौकरियों में भी बढ़ा स्त्रीओं का प्रतिनिधित्व स्त्रीओं को सुरक्षा व्यवस्था में भी बराबर अवसर देने के लिए वर्ष 2013 में बिहार पुलिस में 35 प्रतिशत स्त्री आरक्षण लागू किया गया. इसका असर यह हुआ कि आज राज्य के कुल पुलिस बल में लगभग 30 प्रतिशत स्त्रीएं हैं और स्त्री पुलिसकर्मियों की संख्या 31 हजार से अधिक हो चुकी है. इसके अलावा 2016 से सभी प्रशासनी सेवाओं में भी स्त्रीओं के लिए 35 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया. इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में भी लड़कियों के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है. ‘जीविका दीदी’ बनीं ग्रामीण वित्तीय स्थिति की ताकत ग्रामीण स्त्रीओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए वर्ष 2006 में ‘जीविका’ परियोजना की शुरुआत की गई. इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों के जरिए स्त्रीओं को रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा गया. आज राज्य में 1 करोड़ 40 लाख से अधिक स्त्रीएं ‘जीविका दीदी’ के रूप में काम कर रही हैं और 11 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं. इस मॉडल की सफलता को देखते हुए केंद्र प्रशासन ने भी देशभर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन लागू किया. मुख्यमंत्री स्त्री रोजगार योजना से आर्थिक मदद स्त्रीओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 2025 में मुख्यमंत्री स्त्री रोजगार योजना शुरू की गई. इसके तहत अब तक करीब 1.81 करोड़ स्त्रीओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये की राशि भेजी जा चुकी है. इसके अलावा जो स्त्रीएं अपना रोजगार बढ़ाना चाहती हैं, उन्हें दो-दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने की भी व्यवस्था की गई है. कन्या उत्थान योजना से बदली लड़कियों की स्थिति स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए नीतीश प्रशासन ने कन्या उत्थान योजना शुरू की. इस योजना का असर यह हुआ कि राज्य में जन्म पंजीकरण की दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार जन्म पंजीकरण में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वहीं जननी बाल सुरक्षा योजना के कारण अस्पतालों में प्रसव कराने वाली स्त्रीओं की संख्या भी तेजी से बढ़ी. जहां 2006-07 में केवल 4 प्रतिशत स्त्रीएं ही अस्पताल में प्रसव के लिए जाती थीं, वहीं अब यह आंकड़ा 50 प्रतिशत से अधिक हो चुका है. शराबबंदी को बताया गया सामाजिक सुधार का कदम अप्रैल 2016 में बिहार प्रशासन ने राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू करने का फैसला लिया. इसके बाद 2 अक्टूबर 2016 को नया मद्य निषेध कानून लागू किया गया. प्रशासन का दावा है कि शराबबंदी से घरेलू हिंसा में 35 से 40 प्रतिशत तक कमी आई और परिवारों में आर्थिक बचत बढ़ी है. खासकर ग्रामीण इलाकों में स्त्रीओं ने इस फैसले का खुलकर समर्थन किया. कानून व्यवस्था सुधार से बदली बिहार की छवि 2005 के बाद बिहार में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्पीडी ट्रायल और सख्त पुलिसिंग की नीति अपनाई गई. इसके चलते कई कुख्यात अपराधियों को जेल भेजा गया. प्रशासन का दावा है कि इन कदमों से राज्य की छवि में बड़ा बदलाव आया और लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा बढ़ा. बाल विवाह और दहेज के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान साल 2017 में बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान चलाया गया. इस अभियान में करीब ढाई करोड़ लोगों ने इन सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने की शपथ ली. स्त्री हेल्पलाइन की स्थापना भी इसी दिशा में एक अहम कदम माना जाता है. राज्य के सभी 38 जिलों में स्थापित हेल्पलाइन घरेलू हिंसा और यौन उत्पीड़न से पीड़ित स्त्रीओं को कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता देती है. शिक्षा और कौशल विकास पर भी जोर स्त्रीओं की साक्षरता बढ़ाने के लिए 2009-10 में अक्षर अंचल योजना शुरू की गई, जिसके जरिए 67 लाख से अधिक स्त्रीओं को साक्षर बनाया गया. बाद में महादलित, अल्पसंख्यक और अति पिछड़ा वर्ग को भी इस अभियान से जोड़ा गया. इसके अलावा ‘हुनर’ और ‘औजार’ कार्यक्रमों के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण और टूल किट उपलब्ध कराई गई, ताकि वे स्वरोजगार शुरू कर सकें. 20 साल में कई योजनाएं की गईं लागू पिछले दो दशकों में बिहार में स्त्रीओं के सशक्तीकरण, सामाजिक सुधार और कमजोर वर्गों के उत्थान को लेकर कई योजनाएं लागू की गईं. पंचायतों में आरक्षण से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक, इन पहलों ने राज्य के सामाजिक ढांचे को प्रभावित किया है. प्रशासन का दावा है कि इन योजनाओं ने बिहार की स्त्रीओं को न सिर्फ अधिकार दिए, बल्कि उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से भी मजबूत बनाया. Also Read: पटना को मिलेगा दूसरा ‘ताज’, बांकीपुर बस स्टैंड की जमीन पर बनेगा 500 कमरों का लग्जरी फाइव स्टार होटल The post 50% आरक्षण से लेकर शराबबंदी तक: सीएम नीतीश के 10 क्रांतिकारी फैसले, जिसने बदली बिहार की सूरत appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

दुनिया की ‘तेल वाली नस’ पर संकट, होर्मुज का रास्ता बंद, क्या महंगा होगा पेट्रोल-डीजल ?

Hormuz Strait Impact on India: अगर हम कहें कि दुनिया के पहिए जिस तेल से चलते हैं, उसका 20% हिस्सा एक संकरे समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है, तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वह रास्ता कितना जरूरी है. इसी रास्ते का नाम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज. ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, यहां सन्नाटा पसरा है. जॉइंट मैरिटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर (JMIC) की 6 मार्च की रिपोर्ट डराने वाली है. पिछले 24 घंटों में इस रास्ते से जहां दर्जनों विशाल तेल टैंकर गुजरते थे, वहां से एक भी तेल टैंकर नहीं निकला. सिर्फ दो जहाज ही वहां से गुजर पाए. जॉइंट मैरिटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर की रिपोर्ट दुनिया में तेल की सप्लाइ का बेहद अहम रूट क्यों डरे हुए हैं जहाज चलाने वाले ? मिसाइल और ड्रोन हमलों के डर से शिपिंग कंपनियों ने अपने जहाज रोक दिए हैं. समंदर के इस हिस्से में ‘क्रिटिकल’ सिक्योरिटी अलर्ट जारी है. इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने इस पूरे इलाके को युद्ध के मैदान में बदल दिया है, जिससे अरबों डॉलर का कारोबार दांव पर लगा है. कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग मौजूदा हालात को देखते हुए बाजार में डर और अनिश्चितता का माहौल साफ महसूस किया जा रहा है. मिडिल ईस्ट के तनाव का असर सीधे कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है, जहाँ ब्रेंट क्रूड फिलहाल 84 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुका है. बाजार के जानकारों और एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ जैसा महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता इसी तरह बंद रहता है, तो सप्लाई चेन टूटने की वजह से तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल का आंकड़ा भी पार कर सकती हैं. कच्चे तेल में होने वाली इस भारी बढ़ोतरी का सीधा और कड़वा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि इसके कारण पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में तगड़ा इजाफा होना लगभग तय है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की चेतावनी: ‘न्यू नॉर्मल’ खतरनाक हिंदुस्तान के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि “यह इलाका दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) के लिए बेहद जरूरी है. सप्लाई में रुकावट का सीधा असर वैश्विक व्यापार पर पड़ता है. जिस तरह से समुद्र, हवा और अब अंतरिक्ष तक युद्ध की अनिश्चितताएं बढ़ रही हैं, वह ‘न्यू नॉर्मल’ बनता जा रहा है, जो दुनिया के लिए बहुत खतरनाक है.” हिंदुस्तान पर क्या होगा असर ? हिंदुस्तान अपनी जरूरत का अधिकांश तेल और गैस इसी रास्ते से मंगाता है. अगर होर्मुज का रास्ता लंबे समय तक बंद रहता है, तो माल ढुलाई (Shipping cost) महंगी हो जाएगी. चीजों के दाम बढ़ सकते हैं. सप्लाई में देरी हो सकती है. फिलहाल प्रशासन और तेल कंपनियां बैकअप प्लान पर काम कर रही हैं, लेकिन ग्लोबल मार्केट की यह उथल-पुथल आने वाले दिनों में बड़ी चुनौती बन सकती है. Also Read: नवंबर में बनी प्लानिंग, 6 महीने बाद खामेनेई को मारना है; तो फरवरी में क्यों हुआ अटैक? इजरायली रक्षामंत्री का खुलासा The post दुनिया की ‘तेल वाली नस’ पर संकट, होर्मुज का रास्ता बंद, क्या महंगा होगा पेट्रोल-डीजल ? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

यूपीएससी CSE फाइनल परीक्षा का रिजल्ट जारी, यहां देखें पहले 10 टॉपर के नाम

UPSC CSE Final Result 2025 Out: यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है. इस बार कुल 958 कैंडिडेट्स हुए सेलेक्ट. राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री ने AIR रैंक-1 के साथ किया टॉप. ऐसे कैंडिडेट्स जो इस परीक्षा में शामिल हुए थे, वे ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं. UPSC की ऑफिशियल वेबसाइट का पता है, upsc.gov.in देखें UPSC के पहले 10 टॉपर के नाम अनुज अग्निहोत्री राजेश्वरी सुवे एम आकांक्षा धुल राघव झुनझुनवाला ईशान भटनागर जिन्निया ऑरोरा ए आर राजाह मोहाईदीन पक्षाल सेक्रेट्री आस्था जैन उज्ज्वल प्रियंक CSE_2025_FR_Eng_06032026Download कैसे चेक करें रिजल्ट? ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं. होमपेज पर रिजल्ट पर क्लिक करें. UPSC CSE 2025 Final Result लिंक चेक करें. पीडीएफ फाइल खुलने पर अपना नाम खोजें. फिर इसे सेव कर लें. समाचार अपडेट हो रही है… यह भी पढ़ें- रिटेन में Topper शक्ति दुबे से आगे आदित्य श्रीवास्तव, IPS से बने IAS The post यूपीएससी CSE फाइनल परीक्षा का रिजल्ट जारी, यहां देखें पहले 10 टॉपर के नाम appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बंगाल में SIR ने फंसाया पेंच, 7 मई तक नहीं बनी नयी सरकार तो लगेगा राष्ट्रपति शासन

मुख्य बातें भाजपा नेता करते रहे हैं मांग दस्तावेजों के सत्यापन में लगेगा वक्त कार्यवाहक प्रशासन की उम्मीद कम Bengal News: कोलकाता: बंगाल में SIR का काम जिस गति से हो रहा है, उससे लगता है कि चुनाव की तारीख घोषित होने में अभी और वक्त लगेगा. हाईकोर्ट की निगरानी में हो रहे इस काम को पूरा होने में अभी और वक्त लगाने की बात कही जा रही है. बिना यह काम पूरा किये बंगाल में चुनाव मुश्किल है. ऐसे में समय पर नयी प्रशासन का गठन हो पायेगा या नहीं, इसको लेकर संशय बरकरार है. पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है. यानी सब कुछ दो महीने के भीतर करना होगा. ऐसे में राज्यपाल के इस्तीफे की समाचार से राष्ट्रपति शासन की अटकलें और तेज हो गई हैं. भाजपा नेता करते रहे हैं मांग सीवी आनंद बोस ने गुरुवार रात अचानक इस्तीफा दे दिया. सूत्रों के अनुसार, उन्हें अचानक दिल्ली बुलाया गया, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पोस्ट से पता चला है कि आरएन रवि नए राज्यपाल होंगे. तब से अटकलें तेज हो गई हैं. ठीक एक साल पहले, जब मुर्शिदाबाद में भीषण अशांति थी, तब विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने राष्ट्रपति शासन के तहत बंगाल में चुनाव कराने की मांग की थी. उनका दावा था कि अकेले चुनाव आयोग के लिए बंगाल में चुनाव कराना संभव नहीं होगा. राष्ट्रपति शासन लागू होने पर ही सभी लोग मतदान कर सकेंगे. अब, एसआईआर की स्थिति को देखते हुए, यह अटकलें और भी बढ़ गई हैं. दस्तावेजों के सत्यापन में लगेगा वक्त अंतिम सूची जारी होने के बावजूद, 60 लाख नामों के सत्यापन की प्रक्रिया अभी भी लंबित है. इनमें से केवल 6,15,000 मतदाताओं की जानकारी का ही सत्यापन हो पाया है. अनुमान के अनुसार, अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति के बाद भी शेष 54 लाख दस्तावेजों पर विचार करने में लंबा समय लगेगा. अब सवाल यह उठता है कि दस्तावेजों के सत्यापन के बाद मतदान कराने में कितना समय लगेगा. यह नया संकट एसआईआर प्रक्रिया के साथ ही उत्पन्न हुआ है. इस प्रशासन का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है. ऐसी आशंका है कि इस स्थिति में संवैधानिक संकट उत्पन्न हो सकता है. उस स्थिति में राष्ट्रपति शासन लागू करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा. बंगाल की समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें कार्यवाहक प्रशासन की उम्मीद कम राज्यपाल को बदलने की अटकलें और तेज हो गई हैं, क्योंकि इस स्थिति में ऐसे राज्यपाल की आवश्यकता है, जिनके पास प्रशासनिक कौशल, संवैधानिक अनुभव और नेतृत्वक अनुभव हो. सीवी आनंद बोस शायद इन योग्यताओं में पीछे रह गए हैं. तृणमूल नेता जयप्रकाश मजूमदार कहते हैं- ऐसा स्वाभाविक रूप से नहीं होना चाहिए. यह स्थिति आयोग की वजह से उत्पन्न हुई है. आयोग को एक तटस्थ निकाय कहा जाता है. नियमों के अनुसार, कार्यवाहक प्रशासन कम से कम 6 महीने तक सत्ता में रह सकती है. तृणमूल नेता का तर्क नियम के आधार पर जो रहे, लेकिन वास्तविकता यही है कि अगर 7 मई तक नयी प्रशासन का गठन नहीं होता है तो बंगाल में राष्ट्रपति शासन तय है. Also Read: तृणमूल उम्मीदवार राजीव कुमार ने राज्यसभा के लिए भरा पर्चा, पूर्व नौकरशाह का रहा है नेतृत्व से गहरा रिश्ता The post बंगाल में SIR ने फंसाया पेंच, 7 मई तक नहीं बनी नयी प्रशासन तो लगेगा राष्ट्रपति शासन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रोजे में दिनभर नहीं लगेगी प्यास और न होगी कमजोरी, सहरी में भूलकर भी न खाएं ये 3 चीजें

Ramadan Health Tips: रमजान के पाक महीने में रोजा रखना इबादत का काम है, लेकिन चिलचिलाती धूप और लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने से शरीर में कमजोरी और पानी की कमी हो सकती है. अक्सर सहरी में गलत चीजों का चुनाव हमें दिनभर परेशान करता है. अगर आप चाहते हैं कि आपको पूरे दिन प्यास न सताए और आप एनर्जेटिक महसूस करें, तो अपनी सहरी की थाली पर ध्यान देना बहुत जरूरी है. आज हम आपको उन 3 चीजों के बारे में बताएंगे जिन्हें सहरी में खाने से प्यास ज्यादा लगती है. इन आसान टिप्स को अपनाकर आप अपने रोजे को सेहतमंद और आसान बना सकते हैं. नमक और चटपटा खाना सहरी के समय बहुत ज्यादा नमक वाली चीजें या चटपटा खाना बिल्कुल न खाएं. नमक शरीर के अंदर मौजूद पानी को जल्दी सोख लेता है. इसकी वजह से आपको दिनभर बार-बार गला सूखने और प्यास लगने की समस्या हो सकती है. सहरी में हमेशा हल्का और कम मसाले वाला सादा खाना ही खाएं. चाय और कॉफी का सेवन बहुत से लोगों को सहरी के बाद चाय या कॉफी पीने की आदत होती है. चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन शरीर से पानी को बाहर निकालने का काम करता है. इससे आपके शरीर में डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है. प्यास से बचने के लिए चाय की जगह ताजे फलों का जूस या नारियल पानी पीना बेहतर है. ज्यादा चीनी और मीठा खाना सहरी में बहुत ज्यादा मिठाई या चीनी वाली चीजें खाने से शरीर में एनर्जी लेवल अचानक बढ़ जाता है. लेकिन कुछ ही घंटों बाद यह लेवल तेजी से गिरता है जिससे आपको बहुत कमजोरी महसूस होने लगती है. मीठा खाने से भूख भी जल्दी लगती है इसलिए इसकी जगह खजूर खाना सबसे अच्छा है. रोजे में प्यास और कमजोरी से बचने के उपाय सहरी में दही जरूर खाएं: दही पेट को ठंडा रखता है और इसमें मौजूद अच्छे बैक्टीरिया पाचन में मदद करते हैं. सहरी में एक कटोरी दही खाने से दिनभर प्यास कम लगती है. पानी धीरे-धीरे पिएं: इफ्तार से लेकर सहरी के बीच एक साथ बहुत सारा पानी पीने की गलती न करें. थोड़े-थोड़े समय के अंतराल पर पानी पीते रहें ताकि शरीर में नमी बनी रहे. फाइबर वाली चीजें शामिल करें: अपने खाने में दलिया, ओट्स या साबुत अनाज जैसी चीजें शामिल करें. ये चीजें धीरे-धीरे पचती हैं और आपको लंबे समय तक भूख का अहसास नहीं होने देतीं. ये भी पढ़ें: Best Iftar Recipes 2026: तला-भुना खाकर हो गए हैं परेशान? इफ्तार में बनाएं ये 5 झटपट और टेस्टी प्रोटीन से भरपूर डिशेज ये भी पढ़ें: Energy Foods for Sehri: सहरी में शामिल करें ये 2 सुपरफूड्स, 14 घंटे के रोजे में भी शरीर में बनी रहेगी घोड़े जैसी ताकत ये भी पढ़ें: Hydration Tips for Ramadan: इफ्तार से सहरी तक पानी पीने का सही तरीका जान लें, शरीर में कभी नहीं होगी डिहाइड्रेशन की समस्या ये भी पढ़ें: Ramadan 2026: इफ्तार और सेहरी के लिए 5 हेल्दी डाइट टिप्स, दिनभर रहेंगे फ्रेश Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post रोजे में दिनभर नहीं लगेगी प्यास और न होगी कमजोरी, सहरी में भूलकर भी न खाएं ये 3 चीजें appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

Recent news

No Posts Found!

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top