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Author name: Vinod Jha

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₹12 लाख की रेंज में आने वाली CNG SUV: Tata Nexon से लेकर Maruti Brezza तक, कम खर्च में मिलेगा SUV का मजा

अगर आप नई SUV खरीदने की योजना बना रहे हैं, लेकिन पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं, तो CNG SUV आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकती है. फैक्ट्री-फिटेड CNG किट वाली SUV अब पहले से ज्यादा लोकप्रिय हो रही हैं क्योंकि इनमें कम रनिंग कॉस्ट के साथ SUV जैसी ऊंची ड्राइविंग पोजिशन, बेहतर स्पेस और आराम भी मिलता है. अच्छी बात यह है कि हिंदुस्तानीय बाजार में ₹12 लाख (एक्स-शोरूम) के आसपास की कीमत में कई शानदार CNG SUV उपलब्ध हैं, जो माइलेज और फीचर्स का बेहतरीन संतुलन देती हैं. बजट खरीदारों के लिए क्यों बढ़ रही है CNG SUV की मांग? पिछले कुछ वर्षों में CNG वाहनों की मांग लगातार बढ़ी है. इसकी सबसे बड़ी वजह कम ईंधन खर्च और फैक्ट्री-फिटेड CNG सिस्टम की भरोसेमंद तकनीक है. जो लोग रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं या कम खर्च में SUV चलाना चाहते हैं, उनके लिए CNG मॉडल एक व्यावहारिक विकल्प बनकर सामने आए हैं. कई कंपनियां अब अपने लोकप्रिय SUV मॉडल्स में भी CNG विकल्प देने लगी हैं. ₹12 लाख की रेंज में मिलने वाली लोकप्रिय CNG SUV अगर सबसे किफायती विकल्प की बात करें तो Tata Punch CNG की शुरुआती कीमत करीब ₹7.10 लाख (एक्स-शोरूम) है. इसमें 1.2-लीटर पेट्रोल-CNG इंजन मिलता है, जो लगभग 26.99 किमी/किलोग्राम का दावा किया गया माइलेज देता है. इसके बाद Hyundai Exter CNG आती है, जिसकी शुरुआती कीमत करीब ₹8.06 लाख है. यह 1.2-लीटर इंजन के साथ आती है और कंपनी इसके लिए 27.1 किमी/किलोग्राम तक का दावा करती है. अगर थोड़ा ज्यादा माइलेज चाहते हैं तो Maruti Fronx CNG और Toyota Taisor CNG भी अच्छे विकल्प हैं. दोनों में 1.2-लीटर इंजन मिलता है और दावा किया गया माइलेज 28.5 किमी/किलोग्राम तक है. इनकी शुरुआती कीमत क्रमशः लगभग ₹7.79 लाख और ₹8.45 लाख (एक्स-शोरूम) है. टर्बो इंजन और ज्यादा पावर चाहने वालों के लिए भी विकल्प अगर आप बेहतर परफॉर्मेंस चाहते हैं तो Tata Nexon CNG पर नजर डाल सकते हैं. यह 1.2-लीटर टर्बो-पेट्रोल CNG इंजन के साथ आती है, जो लगभग 100hp की पावर और 170Nm टॉर्क देता है. कंपनी इसके लिए 24 किमी/किलोग्राम तक का दावा किया गया माइलेज बताती है. इसकी शुरुआती कीमत करीब ₹8.30 लाख (एक्स-शोरूम) है. वहीं Maruti Suzuki Brezza CNG भी इस सेगमेंट की लोकप्रिय SUV है. इसकी शुरुआती कीमत करीब ₹9.33 लाख है और इसमें 1.5-लीटर इंजन के साथ 25.51 किमी/किलोग्राम तक का दावा किया गया माइलेज मिलता है. Maruti Victoris CNG भी बनी नया विकल्प अगर आपका बजट ₹12 लाख के करीब है, तो Maruti Suzuki Victoris CNG भी एक नया विकल्प है. इसकी शुरुआती कीमत करीब ₹11.50 लाख (एक्स-शोरूम) रखी गई है. इसमें 1.5-लीटर पेट्रोल-CNG इंजन दिया गया है और कंपनी 27.07 किमी/किलोग्राम तक का दावा किया गया माइलेज बताती है. यह उन खरीदारों के लिए बेहतर विकल्प हो सकती है, जो ज्यादा स्पेस और कम रनिंग कॉस्ट चाहते हैं. खरीदने से पहले किन बातों का रखें ध्यान? CNG SUV खरीदते समय केवल कीमत और माइलेज पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है. आपको अपने रोजाना के इस्तेमाल, शहर में CNG स्टेशनों की उपलब्धता, बूट स्पेस और सर्विस नेटवर्क को भी ध्यान में रखना चाहिए. अगर आपकी मासिक ड्राइविंग ज्यादा है, तो CNG मॉडल लंबे समय में ईंधन खर्च में अच्छी बचत करा सकते हैं. ये भी पढ़ें: Brezza से Magnite तक, कम बजट में मिल रही हैं दमदार टर्बो-पेट्रोल SUVs The post ₹12 लाख की रेंज में आने वाली CNG SUV: Tata Nexon से लेकर Maruti Brezza तक, कम खर्च में मिलेगा SUV का मजा appeared first on Naya Vichar.

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JPSC-JSSC पेपर लीक के विरोध में JLKM का धनबाद में धरना, रांची में छात्र आंदोलन को दिया समर्थन

Dhanbad News: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और धांधली के विरोध में रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन को अब राज्य के विभिन्न जिलों से समर्थन मिलने लगा है. इसी सिलसिले में मंगलवार को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने धनबाद के मेमको मोड़ स्थित शहीद मनींद्र नाथ मंडल की प्रतिमा के समीप एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया. धरना में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, छात्र और समर्थक शामिल हुए. कार्यक्रम में मुख्य रूप से डुमरी विधायक जयराम महतो मौजूद रहे. परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, दोषियों पर कार्रवाई की मांग धरना के दौरान प्रदर्शनकारियों ने JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि युवाओं का भविष्य भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा है, इसलिए किसी भी तरह की धांधली या पेपर लीक को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. उन्होंने मांग की कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए. रांची कूच कर सकता है JLKM धरना को संबोधित करते हुए डुमरी विधायक जयराम महतो ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य रांची में आंदोलन कर रहे छात्रों का मनोबल बढ़ाना और उनके संघर्ष को मजबूती देना है. उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और JLKM छात्रों की हर लोकतांत्रिक लड़ाई में उनके साथ खड़ा रहेगा. उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने अभ्यर्थियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया, तो पार्टी आंदोलन को और व्यापक बनाएगी. जरूरत पड़ने पर JLKM रांची कूच करेगा और विधानसभा के समक्ष भी जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा. जयराम महतो ने CID की जांच पर उठाए सवाल जयराम महतो ने राज्य प्रशासन और जांच एजेंसियों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की जांच एजेंसी CID अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है. ऐसे में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद की जांच निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए पूरे मामले को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि युवाओं का विश्वास तभी बहाल होगा, जब जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ होगी. उन्होंने राज्य प्रशासन से इस मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेने की भी मांग की. ‘युवाओं को निष्पक्ष भर्ती नहीं दे पा रही प्रशासन’ जयराम महतो ने कहा कि यदि प्रशासन युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया उपलब्ध नहीं करा पा रही है तो उसे अपनी जवाबदेही तय करनी चाहिए. उन्होंने भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा संचालन और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि लगातार सामने आ रहे विवादों ने लाखों अभ्यर्थियों का भरोसा कमजोर किया है. उन्होंने कहा कि झारखंड के युवा वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. ऐसे में यदि परीक्षा प्रणाली पर ही सवाल उठने लगें तो यह राज्य के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है. आंदोलन तेज करने की चेतावनी धरना-प्रदर्शन के दौरान JLKM कार्यकर्ताओं ने राज्य प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर परीक्षा में पारदर्शिता, दोषियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि अभ्यर्थियों की मांगों पर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को केवल धनबाद या रांची तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि पूरे झारखंड में व्यापक जन-आंदोलन चलाया जाएगा. इसे भी पढ़ें: नेमरा में छात्र आंदोलन पर बोले हेमंत सोरेन, ‘प्रशासन की आंख भी है, कान भी है’ छात्र आंदोलन को मिल रहा नेतृत्वक समर्थन रांची में जारी छात्र आंदोलन को अब विभिन्न सामाजिक संगठनों और नेतृत्वक दलों का समर्थन मिलने लगा है. ऐसे में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद अब केवल अभ्यर्थियों का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह राज्य की नेतृत्व का भी प्रमुख विषय बनता जा रहा है. आने वाले दिनों में प्रशासन, जांच एजेंसियों और आंदोलनकारी संगठनों की रणनीति पर पूरे राज्य की नजर बनी रहेगी. इसे भी पढ़ें: सीधे पाकिस्तान से जुड़े थे अरसद महफूज और शाहीन के तार, कोडरमा पुलिस ने किया खुलासा The post JPSC-JSSC पेपर लीक के विरोध में JLKM का धनबाद में धरना, रांची में छात्र आंदोलन को दिया समर्थन appeared first on Naya Vichar.

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PoK चुनाव पर भारत का प्रहार: MEA ने कहा- 90 हत्याओं के बाद चुनाव का नाटक कर रहा पाकिस्तान

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान की यह खोखली चुनावी कवायद वहां की कड़वी सच्चाई को छिपा नहीं सकती. उन्होंने बताया कि इस साल जून से जारी पाकिस्तानी कार्रवाई में अब तक कम से कम 90 आम नागरिकों की जान जा चुकी है और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं. “पाकिस्तान प्रशासन ने जनता की जायज नाराजगी का जवाब गोलियों, बिजली कटौती, डराने-धमकाने और दमन से दिया है. अब वह एक दिखावटी चुनावी प्रक्रिया के जरिए अपनी वैधता हासिल करने की नाकाम कोशिश कर रहा है.” – रणधीर जायसवाल हिंदुस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में संज्ञान लेने की अपील की हिंदुस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में संज्ञान लेने की अपील की है. विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान को इस दमन और मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, और दुनिया को मानवाधिकारों पर पाकिस्तान द्वारा दिए जाने वाले पाखंडपूर्ण उपदेशों के पीछे की असलियत को समझना चाहिए. पाकिस्तान ने गैर कानूनी तरीके से पीओके पर कब्जा कर रखा है: हिंदुस्तान हिंदुस्तान का कहना है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा केंद्र-शासित क्षेत्र उसके अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं. नयी दिल्ली का यह भी कहना है कि पाकिस्तान ने इन केंद्र-शासित क्षेत्रों के कुछ हिस्सों पर “गैर-कानूनी और जबरन कब्जा” कर रखा है. पीओके में हिंसा, धांधली के आरोपों के बीच चुनाव में शरीफ की पीएमएल-एन की बड़ी जीत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हुए चुनावों के दूसरे चरण में पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) ने जबरदस्त जीत हासिल की. ​​पार्टी ने चुनाव वाली 18 में से 14 सीटें जीतीं, जिससे उसे इस इलाके में प्रशासन बनाने का मौका मिलेगा. पीओके में जारी चुनावों का दूसरा चरण रविवार को हिंसा और धांधली के आरोपों के बीच हुआ. इस हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए. 27 जुलाई से 10 अगस्त के बीच तीन चरणों में हो रहे है चुनाव पीओके की तथाकथित विधानसभा की 45 सीटों के लिए चुनाव 27 जुलाई से 10 अगस्त के बीच तीन चरणों में हो रहे हैं. ये भी पढ़ें: हिंदुस्तान प्रशासन ने शेख हसीना के कार्यक्रम से बनाई दूरी, MEA बोला- निजी आयोजन से हमारा कोई लेना-देना नहीं The post PoK चुनाव पर हिंदुस्तान का प्रहार: MEA ने कहा- 90 हत्याओं के बाद चुनाव का नाटक कर रहा पाकिस्तान appeared first on Naya Vichar.

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सदन में हंगामा पड़ा भारी: राम मंदिर मुद्दे पर सपा विधायक सचिन यादव पूरे सत्र के लिए निष्कासित

UP News: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर मंगलवार को जबरदस्त हंगामा देखने को मिला. सपा विधायक सचिन यादव ने सदन में यह मुद्दा उठाया, जिसके बाद माहौल गर्मा गया. लगातार हंगामे और अध्यक्षीय आदेशों की अनदेखी पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कड़ा रुख अपनाते हुए सचिन यादव को पूरे मानसून सत्र के लिए सदन से निष्कासित कर दिया. राम मंदिर चढ़ावा मुद्दे पर शुरू हुआ विवाद सदन की कार्यवाही के दौरान सपा विधायक सचिन यादव ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद का मुद्दा उठाया. विपक्ष ने इस मामले में प्रशासन से जवाब और जांच की मांग की. इस दौरान विपक्षी विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हो गई. स्पीकर ने दी चेतावनी, फिर लिया बड़ा फैसला विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कई बार विपक्षी सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की. लेकिन हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने सपा विधायक सचिन यादव के आचरण पर नाराजगी जताई और उन्हें पूरे मानसून सत्र के लिए सदन से निष्कासित करने का आदेश दे दिया. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन के नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सदन में सत्ता और विपक्ष आमने-सामने स्पीकर की कार्रवाई के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. सपा ने कार्रवाई को लोकतांत्रिक आवाज दबाने का प्रयास बताया, जबकि सत्तापक्ष ने अध्यक्ष के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि सदन की मर्यादा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है. मानसून सत्र में और गरमा सकती है सियासत राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बाद विधानसभा का मानसून सत्र और अधिक नेतृत्वक रूप से गर्म होने के संकेत मिल रहे हैं. विपक्ष इस मुद्दे पर प्रशासन को घेरने की तैयारी में है, जबकि प्रशासन नियमों और सदन की कार्यवाही को प्राथमिकता देने की बात कह रही है. यह भी पढ़ें: UP में हेलीकॉप्टर से बरसेंगे फूल, शिवभक्तों के स्वागत में योगी प्रशासन की खास तैयारी The post सदन में हंगामा पड़ा भारी: राम मंदिर मुद्दे पर सपा विधायक सचिन यादव पूरे सत्र के लिए निष्कासित appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड छात्र आंदोलन के सपोर्ट में उतरी सोनाक्षी सिन्हा, बोली- यह देखना बहुत दुखद

बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा ने झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर आवाज उठा रहे छात्रों के प्रदर्शन को सपोर्ट दिया है. झारखंड के बच्चों को सोनाक्षी सिन्हा ने किया सपोर्ट सोनाक्षी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक रील शेयर की, जिसमें एक कंटेंट क्रिएटर ने झारखंड में पिछले कुछ दिनों से प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों छात्रों की परेशानियों को दिखाया था. इसके कैप्शन में एक्ट्रेस ने लिखा, “अपने देश के छात्रों को इस तरह की मुश्किलों से गुजरते देखना बहुत दुखद है… आखिर ये सब कब खत्म होगा?” सोनाक्षी सिन्हा इंस्टाग्राम स्टोरी हजारीबाग के अभ्यर्थी विनय मेहता ने पीटीआई संग बातचीत में कहा कि छात्रों का अब सीआईडी जांच पर भरोसा नहीं बचा है. उन्होंने कहा कि इससे पहले JSSC-CGL पेपर लीक मामले की जांच भी सीआईडी ने की थी, जिसमें एजेंसी ने कथित तौर पर 150 में से 135 सवालों के लीक होने और 120 सवालों के परीक्षा पेपर से मैच होने की बात सामने रखी थी. CJP फाउंडर अभिजीत दिपके ने भी छात्रों को दिया समर्थन वहीं, CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने भी झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत की और कहा कि उनका संगठन सभी छात्रों के साथ खड़ा है. उन्होंने एक्स पर लिखा, “झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बात की. CJP झारखंड के सभी छात्रों के साथ है और उनकी मांगों का समर्थन करता है.” छात्रों की क्या-क्या मांगें हैं? 19 अप्रैल को आयोजित 14वीं JPSC संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा को रद्द किया जाए. JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI और ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों से निष्पक्ष जांच कराई जाए. OMR शीट में पांचवां विकल्प “Not Attempted” भी जोड़ा जाए. छात्रों का कहना है कि दोनों आयोगों में कथित भ्रष्टाचार की वजह से हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है. उनका कहना है कि वे किसान परिवारों से आते हैं और सिर्फ मेरिट के आधार पर निष्पक्ष मौका चाहते हैं. गिरिडीह के एक अभ्यर्थी ने पीटीआई से कहा, “हजारों छात्रों का करियर प्रभावित हो रहा है. हमें सिर्फ योग्यता के आधार पर सही अवसर चाहिए.” छात्रों ने अल्बर्ट एक्का चौक तक निकाला था मार्च जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर बैठे छात्रों ने अल्बर्ट एक्का चौक तक मार्च निकाला था. वहां उन्होंने JMM गठबंधन प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और 14वीं JPSC, JSSC-CGL समेत अन्य राज्य स्तरीय भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग की. छात्रों ने कहा है कि अगर राज्य प्रशासन उनकी मांगों पर जल्द कोई कदम नहीं उठाती है, तो वे आने वाले दिनों में झारखंड विधानसभा तक मार्च निकालकर घेराव करेंगे. ये भी पढ़ें: झारखंड छात्र आंदोलन को मिला ‘अनुपमा’ फेम रुपाली गांगुली का साथ, बोलीं- बारिश में डटे छात्रों की आवाज सुने प्रशासन The post झारखंड छात्र आंदोलन के सपोर्ट में उतरी सोनाक्षी सिन्हा, बोली- यह देखना बहुत दुखद appeared first on Naya Vichar.

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डीवाई पाटिल के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक, बोले- उनका जीवन समाज सेवा को रहा समर्पित

DY Patil Death : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई अन्य केंद्रीय मंत्रियों ने डीवाई पाटिल के निधन पर शोक प्रकट किया है. डीवाई पाटिल अपने नेतृत्वक करियर के दौरान बिहार, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे थे. इसके साथ ही उन्होंने डीवाई पाटिल ग्रुप की स्थापना भी की थी. कई नेताओं ने डीवाई पाटिल के शिक्षा, हेल्थ केयर और पब्लिक सेवा को देखते हुए उनके निधन को राष्ट्र के लिए अपूर्णीय क्षति बताया. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स में पोस्ट कर डॉ. पाटिल के परोपकारी कार्यों और वंचितों के हित में किए काम को याद किया. उन्होंने लिखा कि डॉ. पाटिल परोपकार और विशेष रूप से शिक्षा के माध्यम से समाज की सेवा में हमेशा आगे रहे. उन्होंने हमेशा गरीबों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में ही काम किया. उनके निधन से व्यथित हूं. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं डॉ. पाटिल के परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी डॉ. डीवाई पाटिल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक पोस्ट में डॉ. पाटिल के शिक्षा क्षेत्र में आजीवन समर्पण और समाज सेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की. राजनाथ सिंह ने लिखा, “प्रसिद्ध शिक्षाविद और बिहार एवं पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल डॉ. डीवाई पाटिल जी के निधन से व्यथित हूं. उन्होंने अपना जीवन शिक्षा को बढ़ावा देने और अटूट प्रतिबद्धता के साथ समाज सेवा में समर्पित कर दिया. उनकी विशिष्ट सार्वजनिक सेवा और राष्ट्र निर्माण में उनके अमिट योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा. उनके परिवार, प्रियजनों और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं. शिवराज सिंह चौहान ने जताया शोक केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व राज्यपाल और डी वाई पाटिल समूह के संस्थापक डॉ. डी. वाई. पाटिल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि बिहार, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल के रूप में डॉ. पाटिल ने सार्वजनिक जीवन में लंबे समय तक उल्लेखनीय योगदान दिया. चौहान ने कहा कि शिक्षा, शासन और राष्ट्र निर्माण में उनकी सेवाएं हमेशा याद रखी जाएंगी. उन्होंने शोक संतप्त परिवार और शुभचिंतकों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की. पीयूष गोयल बोले- शिक्षा और स्वास्थ्य में योगदान हमेशा रहेगा याद केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी डॉ. डी. वाई. पाटिल के निधन पर शोक जताया. उन्होंने कहा कि एक साधारण कार्यकर्ता से लेकर विभिन्न संवैधानिक पदों तक पहुंचने का उनका सफर प्रेरणादायक रहा. गोयल ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में डॉ. पाटिल का योगदान हमेशा याद किया जाएगा. उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की. Also read : ‘किसी का सिर फटा, किसी के कंधे में आई चोट.. दो मिनट तक हवा में 360 डिग्री घूमता रहा प्लेन’, एयर इंडिया यात्री ने बताई टर्बुलेंस की कहानी The post डीवाई पाटिल के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक, बोले- उनका जीवन समाज सेवा को रहा समर्पित appeared first on Naya Vichar.

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‘मैं रिटायर नहीं होता तो मैकुलम आज भी टेस्ट कोच होते’, संन्यास के बाद छलका बेन स्टोक्स का दर्द

इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने 29 जून को इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था. संन्यास के बाद बेन स्टोक्स ने स्वीकार किया है कि उनके इस फैसले का असर सीधे ब्रेंडन मैकुलम पर पड़ा. मैकुलम को टेस्ट कोच पद छोड़ना पड़ा. स्टोक्स ने कहा कि अगर उन्होंने चार सप्ताह पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला नहीं किया होता तो मैकुलम आज भी इंग्लैंड के टेस्ट कोच होते. ‘मैकुलम आज भी टेस्ट कोच होते’ ‘फॉर द लव ऑफ क्रिकेट’ पॉडकास्ट में स्टोक्स ने कहा, “मैं भी हैरान था. अगर मैंने चार हफ्ते पहले वह फैसला नहीं लिया होता तो बाज (ब्रेंडन मैकुलम) आज भी कोच होते. इसलिए यह मेरी गलती है.” स्टोक्स ने बताया कि उन्होंने मैकुलम को अपने संन्यास की जानकारी बेहद सामान्य अंदाज में दी थी. जब मैंने मैकुलम को बताया, वह टोस्ट बना रहे थे. मैंने उनसे कहा, ‘मैं अब संन्यास ले रहा हूं.’ पहले भी इस बारे में हमारी बातचीत हुई थी, लेकिन उसी समय उन्होंने मुझे बताया कि उन्हें भी टेस्ट टीम से हटने की सूचना मिल चुकी है. हालांकि स्टोक्स ने कहा कि मैकुलम इस फैसले से निराश नहीं हैं और इंग्लैंड की व्हाइट-बॉल टीम के साथ काम जारी रखने को लेकर उत्साहित हैं. उनके मुताबिक, “वह व्हाइट-बॉल क्रिकेट में शानदार काम कर रहे हैं और आगे के लिए काफी उत्साहित हैं.” स्टीफन फ्लेमिंग बने इंग्लैंड के नए टेस्ट कोच मैकुलम के टेस्ट टीम से हटने के बाद स्टीफन फ्लेमिंग को इंग्लैंड का नया टेस्ट हेड कोच नियुक्त किया गया है. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब टीम एशेज 2027 की तैयारियों की ओर बढ़ रही है. वहीं फ्लेमिंग के साथ इंग्लैंड को नया कप्तान के रूप में जो रूट का साथ मिला है. ‘कप्तानी छोड़कर खिलाड़ी बने रहना नहीं चाहता था’ स्टोक्स ने अपने संन्यास के फैसले पर भी विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं सोचा कि कप्तानी छोड़कर सिर्फ खिलाड़ी के रूप में स्पोर्ट्सते रहेंगे. मैं 35 साल का हूं. अगर मैं कप्तान नहीं रहता तो मेरे लिए स्पोर्ट्सना मुश्किल होता. किसी और की कप्तानी में स्पोर्ट्सने की वजह से नहीं, बल्कि इसलिए कि मैंने अपने करियर का इतना बड़ा हिस्सा इस जिम्मेदारी को दिया है. अगर इंग्लैंड के लिए स्पोर्ट्सना था तो कप्तान के तौर पर ही स्पोर्ट्सना चाहता था. इसलिए संन्यास लेने का फैसला मेरे लिए पूरी तरह सहज था. Ashes में वापसी की अटकलों पर लगाया विराम हाल के दिनों में स्टोक्स की एशेज के लिए संभावित वापसी की चर्चाएं चल रही थीं, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि उनका फैसला अंतिम है. उन्होंने कहा, “मैं निश्चित रूप से रिटायर हो चुका हूं.” इसके साथ ही उन्होंने अपनी वापसी को लेकर चल रही सभी अटकलों पर विराम लगा दिया. ये भी पढ़ें: कौन हैं कन्हैया वाधवन? जिन्हें दिलीप ट्रॉफी में नॉर्थ जोन की मिली कप्तानी The post ‘मैं रिटायर नहीं होता तो मैकुलम आज भी टेस्ट कोच होते’, संन्यास के बाद छलका बेन स्टोक्स का दर्द appeared first on Naya Vichar.

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नेमरा में छात्र आंदोलन पर बोले हेमंत सोरेन, ‘सरकार की आंख भी है, कान भी है’

नेमरा से आनंद मोहन और राजलक्ष्मी की रिपोर्ट JPSC Student Protest: झारखंड की राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा संदेश दिया है. दिशोम गुरु पद्म भूषण शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर रामगढ़ जिले के नेमरा में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी प्रशासन छात्रों की हर चिंता से पूरी तरह अवगत है और इस मामले को गंभीरता से देख रही है. प्रशासन संवेदनशील है: हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, “मैंने पहले भी कहा है कि हमारी प्रशासन के पास आंख भी है, कान भी है और संवेदनशीलता भी है. हम कितनी गंभीरता के साथ चीजों को देख रहे हैं, उसे मैं सीना चीरकर नहीं दिखा सकता. लेकिन यह जरूर है कि प्रशासन हर चीज को देख और सुन रही है.” उन्होंने कहा कि प्रशासन छात्रों की भावनाओं और उनकी मांगों को नजरअंदाज नहीं कर रही है, बल्कि पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है. जांच एजेंसियां कर रही हैं लगातार काम मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे मामले में जांच दल दिन-रात काम कर रहा है. प्रशासन जांच की प्रगति पर लगातार नजर रखे हुए है और उसकी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. उन्होंने कहा कि अनुसंधान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर उचित निर्णय लिया जाएगा. प्रशासन किसी भी मामले में जल्दबाजी के बजाय कानूनी और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ना चाहती है. ‘संवैधानिक प्रक्रिया के तहत मिलेगा न्याय’ हेमंत सोरेन ने भरोसा दिलाया कि राज्य के युवाओं के हितों की रक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि नौजवानों को जो भी आवश्यकता होगी और जो भी कदम संविधान तथा कानून के दायरे में उठाए जा सकते हैं, प्रशासन उन्हें उठाएगी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि छात्रों को न्याय मिलेगा और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा. इसे भी पढ़ें: झारखंड के नेमरा में उमड़ा जनसैलाब, पहली पुण्यतिथि पर दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भावभीनी श्रद्धांजलि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी है छात्रों का आंदोलन रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं. अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं. मुख्यमंत्री के इस बयान को आंदोलनरत छात्रों के लिए महत्वपूर्ण नेतृत्वक प्रतिक्रिया माना जा रहा है. अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी हुई है. इसे भी पढ़ें: JPSC Student Protest: तेज बारिश में जेपीएससी के खिलाफ छात्रों में उबाल, रांची की सड़कों पर कर रहे प्रदर्शन The post नेमरा में छात्र आंदोलन पर बोले हेमंत सोरेन, ‘प्रशासन की आंख भी है, कान भी है’ appeared first on Naya Vichar.

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‘70-80 साल के बुजुर्गों से Gen Z को क्या मिलेगा?’ RSS प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम पर अभिजीत दीपके का तंज

RSS प्रमुख मोहन भागवत के Gen-Z और Gen Alpha के साथ बातचीत पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP प्रमुख अभिजीत दिपके ने कहा, “ये देश के वे युवा हैं जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी देर रात रील्स पोस्ट करने पर मजबूर कर दिया है. अब मोहन भागवत भी Gen-Z के साथ जुड़ना चाहते हैं.” “संवाद होना एक अच्छी बात है, लेकिन यदि इस बातचीत के लिए संगठन की ओर से भी युवा चेहरे आगे किए जाएं, तो यह और भी बेहतर होगा.” – अभिजीत दीपके अगर 70-80 साल की उम्र के लोग युवाओं से बात कर रहे हैं, तो Gen-Z को क्या फायदा होगा? अभिजीत दीपके ने कहा, “अगर 70-80 साल की उम्र के लोग युवाओं से बात कर रहे हैं, तो यह ठीक है, लेकिन इससे जेन जी को कितना फायदा होगा? जेन जी को अपने बीच के प्रतिनिधियों की जरूरत है. जब युवा ही युवाओं से संवाद करेंगे, तभी बात ज्यादा प्रभावी होगी.” The post ‘70-80 साल के बुजुर्गों से Gen Z को क्या मिलेगा?’ RSS प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम पर अभिजीत दीपके का तंज appeared first on Naya Vichar.

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अभिनेत्री तृषा पर टिप्पणी मामला: उदयनिधि स्टालिन को राहत, HC ने दिया पूछताछ के बाद रिहाई का आदेश

सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल विजय नारायण ने हाई कोर्ट को सूचित किया कि पुलिस उदयनिधि की न्यायिक हिरासत की मांग नहीं करेगी. उन्होंने स्पष्ट किया, “उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है और पूछताछ के बाद स्टेशन जमानत पर रिहा कर दिया जाएगा. हम उन्हें हिरासत में नहीं रखना चाहते.” एडवोकेट जनरल ने अदालत में यह भी कहा कि यह कार्रवाई स्त्रीओं के हित में की गई है. सुबह तंजावुर पुलिस ने आवास से लिया था हिरासत में इससे पहले मंगलवार सुबह तंजावुर (पूर्वी) पुलिस ने डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन को उनके चेन्नई स्थित नीलंकराई आवास से हिरासत में लिया और तंजावुर ले गई. यह कार्रवाई कावेरी विरोध सभा में दिए गए उनके भाषण के संबंध में दर्ज एफआईआर के सिलसिले में की गई. उदयनिधि पर हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61, 79, 192, 196, 296(बी), 351(2) और 352, तमिलनाडु स्त्री उत्पीड़न निषेध अधिनियम की धारा 4 तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 67 के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. ‘कट-कॉपी-पेस्ट कर गढ़ी गई फर्जी कहानी’: उदयनिधि स्टालिन हिरासत में लिए जाने के बाद मीडिया से बातचीत में उदयनिधि ने किसी भी प्रकार की अपमानजनक टिप्पणी से साफ इनकार किया. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाषण की एडिटेड क्लिप्स प्रसारित करके एक फर्जी कहानी गढ़ी गई है. उदयनिधि ने कहा, “कट, कॉपी, पेस्ट का इस्तेमाल कर फर्जी समाचारें फैलाई गई हैं कि मैंने ऐसा कुछ कहा जो मैंने कभी नहीं कहा. मैं इन सबसे डरने वाला नहीं हूं और इसका कानूनी तरीके से मुकाबला करूंगा. उन्होंने पुलिस कार्रवाई को हास्यास्पद करार दिया.” क्या है पूरा विवाद? विवाद की शुरुआत कावेरी प्रदर्शन के दौरान हुई एक जनसभा से हुई. जब उदयनिधि भाषण दे रहे थे, तब भीड़ के एक हिस्से ने तृषा, तृषा के नारे लगाए. इस पर उन्होंने कथित तौर पर कहा, “पानी कहीं और पहुंचे या न पहुंचे, उसे वहां पहुंचना चाहिए.” बाद में उदयनिधि ने स्पष्ट किया कि उनके कहने का तात्पर्य केवल कावेरी नदी के पानी से था. टीवीके की स्त्री शाखा ने स्टालिन पर लगाया दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी का आरोप तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) की स्त्री शाखा ने तंजावुर पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर आरोप लगाया कि डीएमके नेता ने अभिनेत्री तृषा को निशाना बनाते हुए दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी की है. दूसरी ओर, डीएमके का रुख है कि इस बयान को जानबूझकर तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है. विधानसभा सत्र से रोकने की नेतृत्वक साजिश: डीएमके मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए डीएमके के वकील और राज्यसभा सांसद एनआर इलांगो ने कहा कि यह कार्रवाई नेतृत्वक द्वेष से प्रेरित है. उन्होंने कहा, “विपक्ष के नेता उदयनिधि ने राज्य प्रशासन की निष्फलता पर सवाल उठाए थे. बुधवार से बजट सत्र शुरू हो रहा है, इसलिए प्रशासन उन्हें विधानसभा में महत्वपूर्ण सवाल उठाने से रोकना चाहती थी. इसी मंशा से सुबह उन्हें गिरफ्तार किया गया, लेकिन बाद में कानूनी स्थिति समझते हुए प्रशासन ने कोर्ट में कहा कि वे पूछताछ के बाद जमानत दे देंगे.” The post अभिनेत्री तृषा पर टिप्पणी मामला: उदयनिधि स्टालिन को राहत, HC ने दिया पूछताछ के बाद रिहाई का आदेश appeared first on Naya Vichar.

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