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Author name: Vinod Jha

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ICC Rankings: टी20 रैंकिंग में इंडिया का राज, अभिषेक पहले तो ईशान दूसरे नंबर पर

Highlights रन बनाने वालो में टीम इंडिया का दबदबा विदेशी खिलाड़ियों की मौजूदा स्थिति गेंद फेंकने वालो में राशिद खान सबसे आगे सिकंदर रजा बने नंबर एक ऑलराउंडर ICC Rankings: आईसीसी ने बुधवार को टी20 क्रिकेट स्पोर्ट्सने वाले खिलाड़ियों की नई रैंकिंग जारी कर दी है. इस ताजा रैंकिंग लिस्ट में टीम इंडिया का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है. हिंदुस्तानीय ओपनर अभिषेक शर्मा 875 अंको के साथ पहले नंबर पर पहुंच गए हैं. वहीं ईशान किशन 871 पॉइंट हासिल करके दूसरे पायदान पर अपनी जगह पक्की कर चुके हैं.  रन बनाने वालो में टीम इंडिया का दबदबा आईसीसी के ताजा डाटा के अनुसार टीम इंडिया के दोनों खिलाड़ी दुनिया के बाकी सभी खिलाड़ियों से आगे निकल चुके हैं. शुरुआती दस लोगो में दो अन्य हिंदुस्तानीय चेहरो का नाम भी शामिल है. युवा खिलाड़ी तिलक वर्मा छठी रैंक पर आ गए हैं. वही कप्तान सूर्यकुमार यादव सातवें स्थान पर बने हुए हैं. टॉप 10 के अंदर चार इंडियन प्लेयर्स का आना यह साफ दिखाता है कि टीम इंडिया की बैटिंग कितनी मजबूत चल रही है. विदेशी खिलाड़ियों की मौजूदा स्थिति बाहरी देशों के लोगों की बात करें तो इंग्लैंड के विकेटकीपर जोस बटलर आठवें पायदान पर खुद को बचाने में सफल रहे. न्यूजीलैंड के टिम सीफर्ट इस लिस्ट में नौवें स्थान पर हैं. सबसे अधिक हैरानी दक्षिण अफ्रीका के कोनोर एस्टरहुइजेन ने पैदा की है. वह कुछ समय पूर्व तक शुरुआती 100 की गिनती से बाहर चल रहे थे. अब उन्होंने लंबी छलांग लगाकर सीधे 39वां मुकाम हासिल कर लिया है. गेंद फेंकने वालो में राशिद खान सबसे आगे बल्लेबाजी के बाद अब बॉलिंग विभाग को देखते हैं. अफगानिस्तान के स्पिनर राशिद खान इस फॉर्मेट में टॉप स्थान पर मौजूद हैं. हिंदुस्तानीय मिस्ट्री बॉलर वरुण चक्रवर्ती ने बेहतरीन काम किया है और वह दूसरे पायदान पर कब्जा जमा चुके हैं. वहीं जसप्रीत बुमराह पांचवें नंबर पर हैं. हिंदुस्तान के दो गेंदबाजो का टॉप पांच में आना अच्छी समाचार है. सिकंदर रजा बने नंबर एक ऑलराउंडर जो लोग दोनों काम अच्छे से करते हैं उन्हें ऑलराउंडर माना जाता है. नए अपडेट के अंदर जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा विश्व के बेस्ट ऑलराउंडर खिलाड़ी बन गए हैं. हिंदुस्तान के हार्दिक पंड्या ने अपनी पुरानी ताकत बरकरार रखी है. वह इस लिस्ट में दूसरी रैंक पर सुरक्षित हैं. ये भी पढ़ें- अमेलिया केर का तूफान, स्त्री वनडे में न्यूजीलैंड ने रचा इतिहास, चेज किया सबसे बड़ा लक्ष्य जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज स्पोर्ट्सेगी टीम इंडिया, BCCI ने जारी किया शेड्यूल कौन हैं वो लड़कियां जिनके साथ जुड़ा वॉशिंगटन सुंदर का नाम? The post ICC Rankings: टी20 रैंकिंग में इंडिया का राज, अभिषेक पहले तो ईशान दूसरे नंबर पर appeared first on Naya Vichar.

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ईरान की धमकी के बीच क्या बंद हो जाएगा ‘आंसुओं का द्वार’? होर्मुज के बाद ‘गेट ऑफ टियर्स’ पर संकट

Bab el-Mandeb Strait: इस समुद्री रास्ते को इसके खतरनाक सफर की वजह से ‘गेट ऑफ टियर्स’ यानी ‘आंसुओं का द्वार’ भी कहा जाता है. दुनिया के कुल व्यापार का 12% हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है. होर्मुज के एक तरफ ईरान है और दूसरी तरफ ओमान, यूएई, कतर और बहरीन जैसे देश हैं. ईरान के पास 21 मील चौड़े इस रास्ते की पूरी उत्तरी तटरेखा है, जिससे उसे यहां से गुजरने वाले जहाजों पर नजर रखने और ड्रोन-मिसाइल से हमला करने की ताकत मिलती है.  अब हुती विद्रोहियों ने भी इस जंग में शामिल होकर इजरायल पर मिसाइलें दागी हैं. हुती उस ‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ का हिस्सा हैं जिसमें हिजबुल्लाह, हमास और इराक के लड़ाके शामिल हैं. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने हुती लड़ाकों को समुद्री रास्तों पर हमले तेज करने के लिए कहा है. क्यों खास है ‘आंसुओं का द्वार’ कहा जाने वाला यह रास्ता? बाब-अल-मंदेब का रास्ता लाल सागर का हिस्सा है. यह यमन और अफ्रीकी देशों (इरिट्रिया और जिबूती) के बीच सिर्फ 30 किलोमीटर चौड़ी एक पट्टी है. यह रास्ता इसलिए जरूरी है क्योंकि यह स्वेज नहर के जरिए भूमध्य सागर और हिंद महासागर को सीधे जोड़ता है. मिसाल के तौर पर, सऊदी अरब से नीदरलैंड जाने वाले तेल टैंकर को इस रास्ते से सिर्फ 12,000 किलोमीटर चलना पड़ता है. अगर यह रास्ता बंद हो जाए, तो जहाजों को अफ्रीका के नीचे से घूमकर 20,000 किलोमीटर का सफर तय करना होगा. यूएस एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (EIA) का कहना है कि इससे 19 दिन का सफर बढ़कर 34 दिन का हो जाएगा. बाब अल-मंडेब की तस्वीर. इमेज सोर्स क्रेडिट सोर्स- स्क्रीनशॉट एक्स/@Microinteracti1 विश्व की इकोनॉमी पर क्या असर पड़ेगा? इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, इस रास्ते से रोजाना लगभग 42 लाख बैरल कच्चा तेल और पेट्रोलियम लिक्विड गुजरता है. यह पूरी दुनिया के उत्पादन का 5% है. स्वेज नहर अथॉरिटी के डेटा बताते हैं कि 2025 की आखिरी तिमाही में यहां से निकले 3,426 जहाजों में से 40% जीवाश्म ईंधन (तेल और गैस) लेकर जा रहे थे. इसके अलावा अनाज, कोयला और लोहे जैसे सामान भी यहीं से गुजरते हैं. अगर हुती यहां हमले तेज करते हैं, तो ग्लोबल सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो सकती है. ये भी पढ़ें: क्या अब खत्म हो जाएगा नाटो? ईरान जंग के बीच भड़के डोनाल्ड ट्रंप, ब्रिटेन को कहा- ‘बिना नेवी वाला देश’ क्या इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह बंद किया जा सकता है? एक्सपर्ट्स का मानना है कि होर्मुज की तरह बाब-अल-मंदेब को पूरी तरह बंद करना मुमकिन नहीं है, क्योंकि इसके दूसरे छोर से जहाज स्वेज नहर की तरफ निकल सकते हैं. हालांकि, एशिया जाने वाले जहाजों के लिए यह बहुत महंगा पड़ेगा. सऊदी अरब ने होर्मुज से बचने के लिए ‘ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन’ जैसा विकल्प तैयार किया है, लेकिन वहां से निकलने वाला तेल भी आखिर में बाब अल-मंडेब के पास ही पहुंचता है. शिपिंग एनालिस्ट क्रिस वेस्टन के मुताबिक, हुती की हमले की क्षमता ही सबसे बड़ा रिस्क है. As the U.S. moves further up the escalation ladder, Yemen may retaliate by attempting to shut down access to the Red Sea through the Strait of Bab al-Mandab. pic.twitter.com/ypooMlceO4 — Glenn Diesen (@Glenn_Diesen) March 15, 2026 बढ़ता इनश्योरेंस खर्च और जहाजों का बदलता रास्ता इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) के मुताबिक, नवंबर 2023 से सितंबर 2024 के बीच यहां 67 हमले हुए थे. भले ही हुती इस रास्ते को पूरी तरह ब्लॉक न करें, लेकिन हमलों के डर से कंपनियां यहां से जहाज भेजने से कतरा रही हैं. सबसे बड़ी समस्या इंश्योरेंस की है. रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में जहाजों के सामान की वैल्यू पर बीमा खर्च 0.6% था, जो रेड सी संकट के बाद बढ़कर 2% तक पहुंच गया है. अगर होर्मुज और बाब अल-मंडेब दोनों रास्ते एक साथ प्रभावित होते हैं, तो दुनिया भर में चीजों की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं. ये भी पढ़ें: ईरान से जंग के बीच ‘ग्रेटर इजरायल’ की तैयारी? लेबनान के बाद सऊदी अरब का नंबर! The post ईरान की धमकी के बीच क्या बंद हो जाएगा ‘आंसुओं का द्वार’? होर्मुज के बाद ‘गेट ऑफ टियर्स’ पर संकट appeared first on Naya Vichar.

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आज से बदला डिजिटल पेमेंट सिस्टम, सिर्फ OTP से नहीं होगा काम

Rules Change: आज यानी 1 अप्रैल 2026 से आपके डिजिटल लेनदेन का तरीका पूरी तरह बदल गया है. हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए निर्देश लागू होने के बाद अब ऑनलाइन पेमेंट पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा सुरक्षित होंगे. अब केवल एसएमएस (SMS) पर आने वाली ओटीपी (OTP) के भरोसे पेमेंट नहीं होगा, बल्कि सुरक्षा की एक और दीवार पार करनी होगी. टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य अब से हर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) अनिवार्य कर दिया गया है. इसका मतलब है कि पेमेंट पूरा करने के लिए आपको दो अलग-अलग चरणों में अपनी पहचान साबित करनी होगी. अभी तक हम सिर्फ ओटीपी डालकर पेमेंट कर देते थे, लेकिन अब से इसके साथ एक और ‘फैक्टर’ जोड़ना होगा. यह सुरक्षा लेयर मोबाइल चोरी होने या ‘सिम स्वैप’ (SIM Swap) के जरिए होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए लगाई गई है. ओटीपी के साथ पासवर्ड या बायोमेट्रिक जरूरी अब केवल ओटीपी से काम नहीं चलेगा. पेमेंट को वेरीफाई करने के लिए आपको इनमें से किसी एक का इस्तेमाल करना होगा. पासवर्ड या पिन: लेनदेन के समय आपको अपना गुप्त पासवर्ड या पिन डालना पड़ सकता है. बायोमेट्रिक: फिंगरप्रिंट (Fingerprint) या फेशियल रिकग्निशन (Face ID) के जरिए वेरिफिकेशन. हार्डवेयर/सॉफ्टवेयर टोकन: सुरक्षा के लिए जारी किए गए विशेष कोड या डिजिटल टोकन. आसान भाषा में समझें तो एसएमएस वाले ओटीपी के साथ अब आपको अपने मोबाइल के लॉक या ऐप के पासवर्ड से भी ट्रांजैक्शन को कन्फर्म करना होगा. बड़े अमाउंट के लिए एक्स्ट्रा सेफ्टी अगर आप बड़ा अमाउंट ट्रांसफर कर रहे हैं, तो बैंक अतिरिक्त सावधानी बरतेगा. RBI ने बैंकों को ‘रिस्क मैनेजमेंट’ के तहत लेनदेन के व्यवहार की पहचान करने को कहा है. व्यवहार आधारित जांच: सिस्टम आपकी लोकेशन, डिवाइस की डिटेल और पुराने ट्रांजैक्शन हिस्ट्री के आधार पर सुरक्षा तय करेगा. कन्फर्मेशन कॉल: हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन होने पर बैंक आपको कॉल करके पूछ सकता है कि यह पेमेंट आप ही कर रहे हैं या नहीं. बैंक को देना होगा पूरा मुआवजा नए नियमों की सबसे बड़ी और अच्छी बात यह है कि अब जिम्मेदारी बैंकों की तय की गई है. रिजर्व बैंक ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि बैंक या वित्तीय संस्थान इन नए सुरक्षा निर्देशों का पालन करने में विफल रहते हैं और उस वजह से ग्राहक को कोई आर्थिक नुकसान होता है, तो उसका पूरा मुआवजा (Full Compensation) बैंक को ही देना होगा. इससे ग्राहकों को फ्रॉड के मामलों में बड़ी राहत मिलेगी. क्षेत्र मुख्य समाचार बैंकिंग OTP के साथ बायोमेट्रिक अनिवार्य; फ्रॉड पर बैंक देगा मुआवजा। टैक्स नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू; HRA और भत्तों में बड़ी राहत। रोजगार ओरेकल ने हिंदुस्तान में 12,000 सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स को निकाला। LPG कमर्शियल सिलेंडर ₹195 महंगा; घरेलू गैस के दाम स्थिर। मार्केट सेंसेक्स 1100+ अंक उछला; सोना 1.50 लाख के पार। Also Read: Gold-Silver Price: ईरान जंग के बाद गिरने लगा था सोना, आज फिर लौटी चमक; ₹2.39 लाख हुई एक किलो चांदी The post आज से बदला डिजिटल पेमेंट सिस्टम, सिर्फ OTP से नहीं होगा काम appeared first on Naya Vichar.

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आसनसोल दक्षिण में कोयला और पहचान की जंग, अग्निमित्रा पॉल बचा पाएंगी अपना किला?

Asansol Dakshin Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रण में आसनसोल दक्षिण सीट पर इस बार दिलचस्प और कांटे की टक्कर होने वाली है. रानीगंज की कोयला पट्टी का यह शहरी-औद्योगिक क्षेत्र इस समय बदलाव के मुहाने पर खड़ा है. यहां का चुनावी मुकाबला केवल विकास के दावों तक सीमित नहीं है. ‘कोयला वित्तीय स्थिति’, ‘अवैध खनन’ और ‘पहचान की नेतृत्व’ (Identity Politics) के इर्द-गिर्द सिमट गया है. अग्निमित्रा पॉल और तापस बनर्जी की साख दांव पर हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी मौजूदा विधायक अग्निमित्रा पॉल पर दोबारा भरोसा जताया है. अग्निमित्रा ने वर्ष 2021 में इस सीट पर ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सायोनी घोष को हराकर भाजपा का झंडा बुलंद किया था. तृणमूल कांग्रेस ने अपने पुराने सिपहसालार और पूर्व विधायक तापस बनर्जी को इस बार यहां से मैदान में उतारा है. तापस वर्ष 2011 और वर्ष 2016 में यहां से चुनाव जीते थे. इसलिए यह लड़ाई ‘अनुभव’ बनाम ‘आक्रामकता’ की हो गयी है. माकपा की शिल्पी चक्रवर्ती और कांग्रेस के सौभिक मुखर्जी की मौजूदगी ने मुकाबले को चतुष्कोणीय बना सकता है. कोयला पट्टी का दर्द- घटती नौकरियां और अवैध खनन रानीगंज कोयला क्षेत्र कभी हजारों परिवारों की आजीविका का आधार था. मशीनीकरण और ऑटोमेशन के कारण अब नौकरियों में भारी गिरावट आयी है. रोजगार के अवसर कम होने से युवा पलायन को मजबूर हैं. नौकरी नहीं मिल रही, तो अवैध कोयला नेटवर्क तैयार हो गया है. इतना ही नहीं, दशकों से हो रहे खनन के कारण कई इलाकों में जमीन धंसने की समस्या गंभीर मुद्दा है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Asansol Dakshin Election 2026: हिंदीभाषी वोटर के पास जीत की असली चाबी आसनसोल दक्षिण की डेमोग्राफी बिल्कुल अलग है. यहां बिहार और झारखंड से आये हिंदीभाषी मतदाता लगभग 35-40 प्रतिशत हैं. वर्ष 2021 में भाजपा को मिली जीत में इन मतदाताओं की बड़ी भूमिका थी. हालांकि, 2022 के लोकसभा उपचुनाव में शत्रुघ्न सिन्हा की बंपर जीत ने टीएमसी को इस वोट बैंक में सेंध लगाने की उम्मीद दी है. टीएमसी अपनी सामाजिक कल्याण योजनाओं के दम पर वापसी की कोशिश में है, जबकि भाजपा हिंदुत्व और सुशासन के मुद्दे पर फिर से किला फतह करने की उम्मीद में है. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026: 63 लाख वोटर गायब और ‘अस्मिता’ की जंग, ममता बनर्जी बचा पायेंगी अपना किला? आसनसोल दक्षिण में 23 अप्रैल को होगी वोटिंग आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट पर पहले चरण में 23 अप्रैल को मतदान होगा. 4 मई को जब नतीजे आयेंगे, तब यह साफ होगा कि कोयला पट्टी की जनता ने ‘कमल’ को बरकरार रखा या फिर ‘जोड़ा-फूल’ की वापसी हुई. इसे भी पढ़ें ममता बनर्जी ने TMC उम्मीदवारों को किया अलर्ट, कहा- नामांकन रद्द करने की रची जा रही साजिश इलेक्शन ड्यूटी पर बीमार पड़े, तो प्राइवेट हॉस्पिटल में करा सकेंगे कैशलेस ट्रीटमेंट भवानीपुर का महासंग्राम : आज आयेंगे अमित शाह, कल शुभेंदु भरेंगे हुंकार, 8 अप्रैल को ममता बनर्जी का शक्ति प्रदर्शन आसनसोल दक्षिण में चढ़ा चुनावी पारा, अग्निमित्रा व तृणमूल नेता सिदान में तीखी नोक-झोंक The post आसनसोल दक्षिण में कोयला और पहचान की जंग, अग्निमित्रा पॉल बचा पाएंगी अपना किला? appeared first on Naya Vichar.

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बिहार बोर्ड 10वीं में कंपार्टमेंट के लिए आवेदन शुरू, यहां डायरेक्ट करें अप्लाई

Bihar Board 10th Compartment Exam 2026: बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा में किसी एक या दो विषय में फेल होने वाले छात्रों के लिए अच्छी समाचार है. Bihar School Examination Board (BSEB) ने मैट्रिक कंपार्टमेंट परीक्षा 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. जो छात्र मुख्य परीक्षा में पास नहीं हो पाए हैं, वे अब कंपार्टमेंट परीक्षा के जरिए अपने परिणाम को सुधार सकते हैं. कौन कर सकता है आवेदन? मैट्रिक कंपार्टमेंट परीक्षा में वही छात्र आवेदन कर सकते हैं जो मुख्य परीक्षा में एक या दो विषयों में फेल हुए हैं. ऐसे छात्रों को दोबारा मौका देने के लिए बोर्ड हर साल कंपार्टमेंट परीक्षा आयोजित करता है. इस परीक्षा को पास करने के बाद छात्रों को उसी साल मैट्रिक पास माना जाएगा. इससे छात्रों का एक साल भी बर्बाद नहीं होता और वे आगे की पढ़ाई जारी रख सकते हैं. Bihar Board 10th Compartment के लिए नोटिस जारी विस्तृत जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें-https://t.co/V21URqd23T#Bihar #BSEB #BiharBoard pic.twitter.com/FUpifq2Ryx — Bihar School Examination Board (@officialbseb) April 1, 2026 ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है. छात्र अपने स्कूल के माध्यम से या बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट exam.biharboardonline.org पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. Bihar Board 10th Compartment Exam 2026 Application Form- Click Here सबसे पहले संबंधित पोर्टल पर जाकर लॉगिन करना होगा. इसके बाद आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरनी होगी. सभी जानकारी सही तरीके से भरने के बाद आवेदन शुल्क जमा करना होगा. आवेदन शुल्क जमा होने के बाद फॉर्म सफलतापूर्वक सबमिट हो जाएगा. कब होगी कंपार्टमेंट परीक्षा? बिहार बोर्ड की ओर से कंपार्टमेंट परीक्षा का आयोजन मुख्य रिजल्ट जारी होने के कुछ समय बाद किया जाता है. परीक्षा की संभावित तिथि और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी. एप्लीकेशन फीस बिहार बोर्ड कंपार्टमेंटल एग्जाम के लिए अतिरिक्त 200 रुपये एप्लीकेशन फीस अलग से देना होगा, जो परीक्षा फीस के साथ जमा करना अनिवार्य है. माध्यमिक परीक्षा में सम्मिलित एवं फेल परीक्षार्थियों को आवेदन के साथ 110 रुपये देय होंगे, जिसमें आवेदन फीस 55 रुपये तथा व्यावहारिक परीक्षा फीस 30 रुपये देय नहीं है. यह भी पढ़ें: एक क्लिक में पाएं राजस्थान बोर्ड 12वीं की मार्कशीट, यहां तुरंत करें रजिस्ट्रेशन The post बिहार बोर्ड 10वीं में कंपार्टमेंट के लिए आवेदन शुरू, यहां डायरेक्ट करें अप्लाई appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के इंजीनियर का शव 20 दिन बाद पहुंचा पटना, समुद्री जहाज पर हुए मिसाइल हमले में गई थी जान

Iran-Israel War: मिडिल ईस्ट युद्ध में हुए हमले में जान गंवाने वाले भागलपुर जिले के चीफ इंजीनियर देवनंदन प्रसाद सिंह का पार्थिव शरीर 20 दिनों बाद पटना पहुंच गया है. परिजन पटना से एंबुलेंस के माध्यम से इंजीनियर का शव जिले के सन्हौला प्रखंड के रानी बमिया गांव ले जा रहे हैं. लंबे इंतजार के बाद अब उनके अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है. ड्रोन हमले में हुई थी मौत जानकारी के अनुसार, 11 मार्च 2026 को इजरायल-ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के दौरान एक समुद्री जहाज पर हमला हुआ था. यह जहाज थाईलैंड से हिंदुस्तान की ओर आ रहा था. इसी दौरान ड्रोन हमले में देवनंदन प्रसाद सिंह की मौत हो गई थी. वे उस जहाज पर चीफ इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे. BREAKINGईरान-इजराइल जंग में मारे गए भागलपुर के इंजीनियर देवनंदन प्रसाद सिंह का पार्थिव शरीर 20 दिन बाद पटना पहुंचा. एंबुलेंस से भागलपुर ले जाया जा रहा है. सन्हौला प्रखंड के रानी बमिया गांव के निवासी थे देवनंदन प्रसाद सिंह. ड्रोन हमले में जहाज पर हुई थी मौत. परिजनों का आरोप-… pic.twitter.com/UTQus5rlLy — Naya Vichar (@prabhatkhabar) April 1, 2026 तेल टैंकर पर हुआ था हमला मिली जानकारी के अनुसार, ईराक के समुद्री क्षेत्र में अमेरिकी तेल टैंकर ‘सेफसी विष्णु’ को निशाना बनाया गया था. इसी हमले में देवनंदन प्रसाद सिंह गंभीर रूप से घायल हुए और उनकी मौत हो गई. इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया. 2019 में मुंबई में बस गए थे देवनंदन देवनंदन प्रसाद सिंह वर्ष 2019 में अपने परिवार के साथ बिहार से मुंबई जाकर बस गए थे. वे लंबे समय से समुद्री जहाजों पर इंजीनियर के रूप में काम कर रहे थे और अपने परिवार का सहारा थे. गांव को था अपने इंजीनियर पर गर्व देवनंदन को गांव के लोग एक मेहनती, ईमानदार और समर्पित इंजीनियर के रूप में जानते थे. समुद्र में काम करते हुए वे देश का नाम रोशन कर रहे थे. गांव के लोगों को उन पर गर्व था. पार्थिव शरीर का था बेसब्री से इंतजार पिछले 20 दिनों से परिवार और गांव के लोग उनके पार्थिव शरीर के आने का इंतजार कर रहे थे. परिजन दिल्ली जाकर प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे थे. अब जब उनका शव घर पहुंच रहा है, तो माहौल गमगीन हो गया है. Also Read: मिसाइल हमले में बिहार के मरीन इंजीनियर की इराक में मौत, अंतिम दर्शन के लिए तरस रहा परिवार Also Read: पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ अध्यक्ष समेत 6 पर FIR, CM के कार्यक्रम में हंगामे मामले में कुलपति पर भी उठे सवाल The post बिहार के इंजीनियर का शव 20 दिन बाद पहुंचा पटना, समुद्री जहाज पर हुए मिसाइल हमले में गई थी जान appeared first on Naya Vichar.

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वैक्सिंग के दर्द को कहें हमेशा के लिए गुडबाय! इन 4 नुस्खों से मिनटों में हटाएं अनचाहे बाल

Hair Removal Tips: हर लड़की की चाहत होती है कि उसकी स्किन हमेशा स्मूद और क्लीन रहे, लेकिन वैक्सिंग के पीछे छिपा दर्द कई लोगों के लिए एक बड़ी परेशानी बन जाता है. खासकर जब आपकी स्किन सेंसिटिव हो, तब यह समस्या और भी बढ़ जाती है. आज का यह आर्टिकल उन लड़कियों के लिए है, जिन्हें क्लीन और स्मूद स्किन तो चाहिए, लेकिन वैक्सिंग के दर्द से बचना भी है. इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपके घर पर ही मौजूद हैं और जिनके इस्तेमाल से आप आसानी से शरीर के अनचाहे बालों से छुटकारा पा सकती हैं. ये पूरी तरह से नेचुरल उपाय हैं और इनके रेगुलर इस्तेमाल से आपको अच्छे रिजल्ट्स मिल सकते हैं. बेसन और हल्दी का पेस्ट बेसन और हल्दी का कॉम्बिनेशन पुराने समय से ही स्किनकेयर रूटीन में इस्तेमाल किया जाता रहा है. इसका इस्तेमाल करना काफी ज्यादा आसान है. इसके लिए आपको 2 चम्मच बेसन में 1 चुटकी हल्दी और थोड़ा सा दूध मिला लेना है. अब इस पेस्ट को उन जगहों पर लगाएं जहां से आपको बालों को हटाना है. जब यह अच्छी तरह से सूख जाए तो बालों को हल्के हाथों से रगड़कर हटाना शुरू कर दें. एक बार में भले ही बाल न हटें लेकिन कुछ ही दिन इसके इस्तेमाल से बाल काफी हद तक कम हो जाते हैं. यह भी पढ़ें: धूप में बिताते हैं पूरा दिन? ये आसान रुटीन आपके चेहरे को रखेगा फ्रेश और हाइड्रेटेड चीनी और नींबू का स्क्रब चीनी और नींबू का इस्तेमाल भी आप एक नेचुरल स्क्रब की तरह कर सकते हैं. इसके लिए आपको 1 चम्मच चीनी में कुछ नींबू की बूंदें मिक्स करनी है और इसे अपनी स्किन पर लगाकर हल्के हाथों से रगड़ना है. यह स्किन में मौजदू डेड सेल्स को हटाने के साथ-साथ बालों को भी कमजोर करता है और उन्हें बढ़ने से भी रोकता है. पपीता और हल्दी का कॉम्बिनेशन कच्चे पपीते का इस्तेमाल बालों की जड़ों को कमजोर करने के लिए किया जा सकता है. इसके लिए आपको पपीते को अच्छे से मैश कर लेना है और फिर उसमें चुटकीभर हल्दी मिलाकर इसे अपनी स्किन पर मसाज करना है. हफ्ते में जब आप इसका इस्तेमाल 2 से 3 बार कर लेते हैं, तो आपके शरीर से अनचाहे बाल देखते ही देखते कम होने लग जाते हैं. अंडा और कॉर्नफ्लोर का पैक शरीर के अनचाहे बालों को हटाने के लिए आप अंडे और कॉर्नफ्लोर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए आपको अंडे के सफेद वाले हिस्से को कॉर्नफ्लोर के साथ मिक्स करके एक पेस्ट तैयार करना है. अब इस पेस्ट को अपनी स्किन पर लगाकर सूखने के लिए छोड़ दें. जब यह अच्छी तरह से सूख जाए तो अच्छी तरह से इसे खींचकर निकाल लें. यह एक नेचुरल पील-ऑफ मास्क हैं जिसका इस्तेमाल बालों को जड़ों से हटाने के लिए किया जा सकता है. यह भी पढ़ें: महंगे प्रोडक्ट्स भी फेल हैं इन घरेलू नुस्खों के आगे! हफ्ते में बस एक बार आजमाएं और देखें चेहरे पर जादुई निखार The post वैक्सिंग के दर्द को कहें हमेशा के लिए गुडबाय! इन 4 नुस्खों से मिनटों में हटाएं अनचाहे बाल appeared first on Naya Vichar.

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Gold-Silver Price: ईरान जंग के बाद गिरने लगा था सोना, आज फिर लौटी चमक; ₹2.39 लाख हुई एक किलो चांदी

Gold-Silver Price: नए वित्त वर्ष के पहले दिन यानी 1 अप्रैल 2026 को सर्राफा बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली है. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, सोने और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ा उछाल आया है. मिडिल ईस्ट में तनाव और वैश्विक आर्थिक संकेतों के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर कीमती धातुओं का रुख किया है. सोने-चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल आज सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की चमक और बढ़ गई है. सोना (Gold): 24 कैरेट सोने की कीमत 2,836 रुपये बढ़कर 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गई है. इससे पहले यह 1.47 लाख रुपये के स्तर पर था. चांदी (Silver): चांदी की कीमतों में भी भारी तेजी रही. एक किलो चांदी 9,348 रुपये महंगी होकर 2.39 लाख रुपये पर पहुंच गई है. कल तक इसकी कीमत 2.30 लाख रुपये प्रति किलो थी. साल 2026 का उतार-चढ़ाव साल 2026 की शुरुआत से ही सोने-चांदी की कीमतों में अभूतपूर्व हलचल देखी गई है: सालाना बढ़त: इस साल अब तक सोना 16,374 रुपये और चांदी 9,063 रुपये महंगी हुई है.ऑलटाइम हाई: 29 जनवरी 2026 को सोने ने 1.76 लाख रुपये और चांदी ने 3.86 लाख रुपये का अपना अब तक का सबसे उच्चतम स्तर (All-time High) छुआ था.जंग का असर: 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग शुरू होने के बाद कीमतों में गिरावट का दौर भी आया. तब से अब तक सोना 9,528 रुपये और चांदी 27,217 रुपये नीचे गिर चुकी है. कीमतों में अंतर के कारण अक्सर अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होते हैं. ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक शहर से दूसरे शहर सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा का खर्च जुड़ता है, जिससे दूरी बढ़ने पर दाम बढ़ जाते हैं. लोकल मांग और सप्लाई: राज्य और शहर के ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग के आधार पर रेट तय करते हैं. दक्षिण हिंदुस्तान में देश की 40% खपत होने के कारण वहां के रेट्स का प्रभाव अलग होता है. पुराना स्टॉक: ज्वेलर्स का अपना खरीदी रेट और पुराना स्टॉक भी तय करता है कि वे ग्राहकों को किस कीमत पर सोना बेचेंगे. सोना खरीदते समय इन दो बातों का विशेष ध्यान रखें BIS हॉलमार्क: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें. हॉलमार्किंग (जैसे- AZ4524) से सोने की शुद्धता (कैरेट) का पता चलता है. कीमत क्रॉस चेक: खरीदारी के दिन सोने का सही वजन और उसकी ताजा कीमत IBJA जैसी वेबसाइटों से जरूर मिला लें. याद रखें कि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के भाव अलग-अलग होते हैं. Also Read: Stock Market: नए वित्त वर्ष के पहले दिन सेंसेक्स 1187 अंक उछला, निफ्टी 22,600 के पार! The post Gold-Silver Price: ईरान जंग के बाद गिरने लगा था सोना, आज फिर लौटी चमक; ₹2.39 लाख हुई एक किलो चांदी appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी ने TMC उम्मीदवारों को किया अलर्ट, कहा- नामांकन रद्द करने की रची जा रही साजिश

Mamata Banerjee Birbhum Rally: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का प्रचार अभियान तेज हो गया है. आरोप-प्रत्यारोप के मामले भी बढ़ गये हैं. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस इस बार अपने विरोधी दलों से ज्यादा चुनाव आयोग पर हमला बोल रही है. बीरभूम जिले के नानूर में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को अपनी पार्टी के उम्मीदवारों को अलर्ट किया है. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग के अधिकारियों को ‘विशेष मिशन’ पर भेजा गया है. इसका उद्देश्य तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवारों का नामांकन रद्द करना हो सकता है. पूरी सावधानी से भरें पर्चा, चूक की गुंजाइश नहीं : ममता बनर्जी बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी ने पार्टी के प्रत्याशियों को आगाह किया है कि सब कुछ बदल दिया गया है. बंगाल में अब एक नयी व्यवस्था है. निर्वाचन आयोग ने जिन नये अधिकारियों की नियुक्ति की है, उन्हें कथित तौर पर आपके नामांकन पत्र खारिज करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. इसलिए, नामांकन दाखिल करते समय हर एक बारीकी का ध्यान रखें और पूरी सावधानी बरतें. भाजपा पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप ममता बनर्जी ने हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमला तेज करते हुए कहा कि भाजपा नेतृत्वक लाभ के लिए केंद्रीय एजेंसियों का खुलेआम दुरुपयोग कर रही है. उन्होंने बीरभूम की धरती से केंद्र प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा कि एजेंसियां चुनाव नहीं जीत सकतीं, जीत जनता के आशीर्वाद से ही मिलती है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Mamata Banerjee Birbhum Rally: भाजपा को बताया स्त्री विरोधी मुख्यमंत्री ने रैली में मौजूद स्त्रीओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा का असली चेहरा स्त्री विरोधी है. उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की आड़ में तार्किक विसंगतियों का बहाना बनाकर बड़ी संख्या में स्त्रीओं के नाम मतदाता सूची से हटाये जा रहे हैं. उन्होंने स्त्रीओं से अपील की कि वे अपने मताधिकार की शक्ति से भाजपा को करारा जवाब दें. इसे भी पढ़ें भवानीपुर का महासंग्राम : आज आयेंगे अमित शाह, कल शुभेंदु भरेंगे हुंकार, 8 अप्रैल को ममता बनर्जी का शक्ति प्रदर्शन शुभेंदु अधिकारी बोले- ममता बनर्जी कानून से ऊपर नहीं, चुनाव आयोग को सौंपे ‘भड़काऊ’ Video के सबूत यूपी-बिहार के वोटर से चुनाव जीतना चाहती है BJP, ममता बनर्जी का आरोप, मांसाहार पर बैन की जतायी आशंका बंगाल चुनाव 2026 से पहले ममता बनर्जी की आयोग को चेतावनी, CEC से पूछा- ये कैसा लोकतंत्र? The post ममता बनर्जी ने TMC उम्मीदवारों को किया अलर्ट, कहा- नामांकन रद्द करने की रची जा रही साजिश appeared first on Naya Vichar.

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विवादों में घिरी रितेश देशमुख की ‘राजा शिवाजी’, टीजर रिलीज के साथ बढ़ा मामला

Raja Shivaji: हिंदुस्तान के महान योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज की कहानी पर कई फिल्में और सीरियल्स बन चुके हैं, लेकिन अब इस विरासत को बड़े पर्दे पर नए अंदाज में दिखाने की कोशिश कर रहे हैं रितेश देशमुख. उनकी फिल्म राजा शिवाजी का टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर चर्चा के साथ-साथ विवाद भी शुरू हो गया है. 31 मार्च 2026 को रिलीज हुए इस टीजर से लोगों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन सामने आते ही फैंस का मिला-जुला रिएक्शन देखने को मिला. कुछ लोग फिल्म के विजुअल्स और स्केल की तारीफ कर रहे हैं, तो वहीं बड़ी संख्या में यूजर्स निराश भी नजर आए. फिल्म की कास्टिंग पर लोगों ने उठाए सवाल टीजर करीब ढाई मिनट का है, जिसमें कई बड़े सितारों की झलक देखने को मिलती है. अभिषेक बच्चन, संजय दत्त, विद्या बालन जैसे कलाकार दमदार अंदाज में दिखते हैं. वहीं, टीजर के दूसरे हिस्से में खुद रितेश देशमुख शिवाजी महाराज के रोल में नजर आते हैं, जहां वो युद्ध के मैदान में स्वराज की बात करते दिखाई देते हैं. हालांकि, यहीं से विवाद भी शुरू हो गया. कई दर्शकों को लगा कि इतने बड़े और ‘लार्जर दैन लाइफ’ किरदार में रितेश देशमुख उतने प्रभावशाली नहीं लग रहे. कुछ यूजर्स ने उनकी कास्टिंग पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस रोल के लिए कोई और अभिनेता बेहतर होता. एक्स पर राजा शिवाजी फिल्म को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया फिल्म का टाइटल बदलने की मांग  सबसे ज्यादा चर्चा फिल्म के टाइटल को लेकर हो रही है. सोशल मीडिया पर लोग मांग कर रहे हैं कि फिल्म का नाम सिर्फ राजा शिवाजी नहीं, बल्कि छत्रपति शिवाजी महाराज होना चाहिए. यूजर्स का कहना है कि ‘छत्रपति’ शब्द केवल एक उपाधि नहीं, बल्कि गौरव और पहचान का प्रतीक है. फिल्म में जिनेलिया डी सुजा भी नजर आएंगी और खास बात ये है कि रितेश देशमुख ने इस फिल्म में एक्टिंग के साथ-साथ डायरेक्शन भी संभाला है. यह फिल्म स्वराज की स्थापना और शिवाजी महाराज के संघर्ष की कहानी दिखाएगी. यह फिल्म 1 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. यह भी पढ़ें: बेकाबू भीड़ ने सलमान खान को घेरा, Y+ सिक्योरिटी के बावजूद बने ऐसे हालात The post विवादों में घिरी रितेश देशमुख की ‘राजा शिवाजी’, टीजर रिलीज के साथ बढ़ा मामला appeared first on Naya Vichar.

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