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Author name: Vinod Jha

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चलते टेस्ट मैच के दौरान बदल जाएगा बॉल का रंग, ICC ने दी मंजूरी; कई नियमों में भी हुआ बदलाव

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने टेस्ट क्रिकेट को लेकर कुछ अहम फैसले लिए हैं. अब खराब रोशनी की वजह से स्पोर्ट्स रुकने की समस्या को कम करने के लिए सभी टेस्ट मैचों में गुलाबी गेंद के इस्तेमाल का किया जाएगा. हालांकि इसके लिए दोनों टीमों की कप्तानों की सहमति जरूरी होगी. खराब रोशनी में बेहतर दिखाई देती है गुलाबी गेंद ICC का मानना है कि गुलाबी गेंद कम रोशनी में बेहतर दिखाई देती है. जिससे मौसम खराब होने या रोशनी कम होने की स्थिति में भी मैच को ज्यादा देर तक जारी रखा जा सकेगा. इसके साथ ही ICC और मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) मिलकर स्टेडियम की लाइटिंग और नई तकनीकों पर भी काम करेंगे, ताकि भविष्य में खराब रोशनी के कारण स्पोर्ट्स कम से कम प्रभावित हो. ICC ने हॉक आई डेटा उपयोग करने की मंजूरी दी ICC बोर्ड की बैठक में मैच अधिकारियों को अवैध गेंदबाजी एक्शन (Illegal Bowling Action) की जांच के दौरान हॉक-आई डेटा का उपयोग करने की मंजूरी भी दी गई है. इससे फैसलों में और अधिक सटीकता आने की उम्मीद है. इसके अलावा अब टीमों के हेड कोच या उनके द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि को निर्धारित ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान खिलाड़ियों से बातचीत करने की अनुमति होगी. वहीं, टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 15 मिनट का इनिंग ब्रेक अनिवार्य कर दिया गया है और बल्लेबाजों को स्पोर्ट्स दोबारा शुरू होते ही तैयार रहना होगा. 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे सभी नियम ICC ने लेग साइड वाइड के ट्रायल नियम को स्थायी रूप से लागू करने की भी मंजूरी दे दी है. साथ ही MCC द्वारा क्रिकेट के नियमों में किए गए बाकी बदलाव 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होंगे. बोर्ड ने आधिकारिक क्रिकेट के वर्गीकरण से जुड़े कुछ बदलावों को भी मंजूरी दी है. इसके तहत CWC चैलेंज लीग में हिस्सा लेने वाली टीमें अपने टूर्नामेंट चक्र के दौरान अन्य लिस्ट-ए मैच भी स्पोर्ट्स सकेंगी. यह भी पढ़ें: श्रीलंका के खिलाफ वेस्टइंडीज की वनडे टीम का ऐलान, इन खिलाड़ियों की हुई वापसी The post चलते टेस्ट मैच के दौरान बदल जाएगा बॉल का रंग, ICC ने दी मंजूरी; कई नियमों में भी हुआ बदलाव appeared first on Naya Vichar.

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कर्नाटक: शिवकुमार और सिद्धारमैया दिल्ली में, मंत्रिमंडल गठन पर कांग्रेस आलाकमान से करेंगे चर्चा

Karnataka New Cabinet: सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार मंगलवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर सकते हैं. कांग्रेस नेतृत्व के कहने पर सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, उसके बाद शिवकुमार को शनिवार 30 मई को औपचारिक रूप से कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया था. उन्होंने राज्यपाल से मिलकर प्रशासन बनाने का दावा पेश किया. शिवकुमार 3 जून को लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ शिवकुमार बुधवार 3 जून को शाम चार बजकर पांच मिनट पर लोक भवन परिसर में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. इस दौरान कुछ विधायक भी मंत्री पद की शपथ लेंगे. कर्नाटक प्रशासन में अधिकतम 34 मंत्री हो सकते हैं शामिल कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद में अधिकतम 34 मंत्रियों को शामिल किए जाने का प्रावधान है. मंत्री पद के दावेदारों की लंबी कतार और उपलब्ध पदों की सीमित संख्या के बीच शिवकुमार के सामने संतुलन साधने की बड़ी चुनौती है. उन्हें हर कदम बेहद सावधानी से उठाना होगा, क्योंकि मंत्रिमंडल में जगह नहीं पाने वाले नेताओं की नाराजगी बड़े स्तर पर असंतोष का रूप ले सकती है. मंत्रियों की संख्या को लेकर जब शिवकुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा- मुझे जानकारी नहीं है. पार्टी आलाकमान जो तय करेगा, वही होगा. मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता. सिद्धारमैया कैबिनेट के कुछ मंत्र दिख सकते हैं शिवकुमार कैबिनेट में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था कि नए मंत्रिमंडल के गठन को लेकर अभी तक कोई प्रस्ताव उनके पास नहीं आया है. इस बीच, मंत्री पद के इच्छुक कई उम्मीदवार आलाकमान के समक्ष अपनी पैरवी करने के लिए नयी दिल्ली गए हैं. कई पूर्व मंत्री और विधायक शिवकुमार एवं सिद्धारमैया से मुलाकात कर चुके हैं. जहां सिद्धारमैया की भंग हो चुकी मंत्रिपरिषद के कुछ मंत्री नए मंत्रिमंडल में अपनी जगह बरकरार रखने की कोशिश में जुटे हैं, वहीं इस बार मंत्री बनने की उम्मीद लगाए कई विधायक भी अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी पहुंच चुके हैं. नए मंत्रिमंडल में पुराने और नए चेहरों का मिश्रण नए मंत्रिमंडल में पुराने और नए चेहरों का मिश्रण देखने को मिल सकता है. जातीय समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सिद्धारमैया समर्थक नेताओं को ध्यान में रखते हुए संतुलन बनाने की कोशिश की जाएगी. यह भी चर्चा है कि कई उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं और सिद्धारमैया मंत्रिमंडल के कुछ सदस्यों को नए मंत्रिमंडल से बाहर किया जा सकता है. हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल गठन को लेकर विचार-विमर्श अभी जारी है. सिद्धारमैया के बेटे को उम्मीद, शिवकुमार कैबिनेट में मिलेगी जगह रविवार को शिवकुमार से मुलाकात के बाद सिद्धारमैया के पुत्र और कांग्रेस विधान परिषद (एमएलसी) सदस्य यतींद्र सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें अगले मंत्रिमंडल में जगह मिलने की पूरी उम्मीद है. उन्होंने दावा किया कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें मंत्री पद देने का आश्वासन भी दिया है. कांग्रेस की प्रदेश इकाई के नए अध्यक्ष को लेकर भी चर्चा जारी है. यह पद फिलहाल शिवकुमार के पास है. वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री सतीश जारकीहोली इस दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे हैं. वे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद के साथ-साथ मंत्री पद भी चाहते हैं. ये भी पढ़ें: तमिलनाडु: क्या नई पार्टी बनाने जा रहे बीजेपी नेता अन्नामलाई? दो दिन बाद करेंगे बड़ा खुलासा The post कर्नाटक: शिवकुमार और सिद्धारमैया दिल्ली में, मंत्रिमंडल गठन पर कांग्रेस आलाकमान से करेंगे चर्चा appeared first on Naya Vichar.

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Chatra News: उधार का पोषाहार खा रहे चतरा के 219 आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चे, नौ महीने से नहीं मिला है पैसा

चतरा से दीनबंधू और धर्मेंद्र कुमार की रिपोर्ट Chatra News: झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया और लावालौंग प्रखंड में करीब 219 आंगनबाड़ी केंद्र के शिशु उधार का पोषाहार खा रहे हैं. इसका कारण यह है कि इन दोनों प्रखंडों के इन आंगबाड़ी केंद्रों की सेविकाओं को पिछले नौ महीने यानी सितंबर 2025 से पोषाहार का पैसा नहीं मिला है. आलम यह है कि पैसों के अभाव में इन केंद्रों की सेविकाओं को कर्ज लेकर बच्चों को पोषाहार खिलाना पड़ रहा है. दुख की बात तो यह है कि केंद्र चलाने के लिए लोग कर्ज देने के नाम पर भी कतराने लगे हैं, जिससे सेविकाओं को केंद्र का संचालन करने में परेशानी हो रही है. कर्ज लेकर बच्चों को खिलाया जा रहा पोषाहार आंगनबाड़ी सेविकाओं का कहना है कि बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को देखते हुए उन्होंने किसी तरह केंद्रों में पोषाहार वितरण बंद नहीं होने दिया. इसके लिए कई सेविकाओं ने निजी स्तर पर कर्ज लिया, जबकि कई ने स्थानीय दुकानदारों से उधार में खाद्य सामग्री खरीदकर बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया. हालांकि अब स्थिति पहले से अधिक गंभीर हो गई है. लगातार बकाया बढ़ने के कारण दुकानदार भी उधारी देने से इनकार करने लगे हैं. ऐसे में सेविकाओं के लिए केंद्रों का संचालन करना और बच्चों को नियमित पोषाहार उपलब्ध कराना बेहद मुश्किल हो गया है. चावल, दाल, सूजी और अंडे की खरीदारी पर संकट आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार चावल, दाल, सूजी, चीनी और अंडा दिया जाता है. इन सामग्रियों की खरीदारी के लिए विभाग की ओर से हर महीने लगभग ढाई हजार से तीन हजार रुपये तक की राशि भेजी जाती थी. इसी राशि के आधार पर सेविकाएं पोषाहार सामग्री खरीदकर बच्चों को उपलब्ध कराती थीं. लेकिन सितंबर 2025 से मई 2026 तक पोषाहार मद की राशि जारी नहीं होने से पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई है. कई केंद्रों में खाद्य सामग्री की उपलब्धता भी प्रभावित होने लगी है. कई बार की मांग के बावजूद नहीं हुआ भुगतान आंगनबाड़ी सेविकाओं का आरोप है कि उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों के समक्ष भुगतान की मांग उठाई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. लगातार मांग और पत्राचार के बावजूद राशि जारी नहीं होने से सेविकाओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है. सेविकाओं का कहना है कि प्रशासन बच्चों के पोषण और कुपोषण दूर करने की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम करने वाली सेविकाओं की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है. इससे बच्चों की पोषण योजनाओं पर भी असर पड़ रहा है. सेविका संघ ने जताई नाराजगी आंगनबाड़ी सेविका संघ की जिला अध्यक्ष प्रतिमा देवी ने कहा कि पिछले नौ महीनों से लगातार विभाग से पोषाहार राशि के भुगतान की मांग की जा रही है. इसके बावजूद अब तक कोई भुगतान नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि सेविकाएं आर्थिक संकट के बावजूद बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखकर केंद्र चला रही थीं, लेकिन अब यह संभव नहीं रह गया है. दुकानदारों ने उधारी देना बंद कर दिया है और सेविकाओं पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है. 5 जून से पोषाहार वितरण बंद करने की चेतावनी सेविका संघ ने विभाग को चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो पोषाहार वितरण पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा. प्रतिमा देवी ने बताया कि चतरा, टंडवा और इटखोरी प्रखंड के कई आंगनबाड़ी केंद्रों में पहले ही पोषाहार वितरण प्रभावित हो चुका है. उन्होंने घोषणा की कि 5 जून से सिमरिया और लावालौंग प्रखंड के सभी 219 आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार वितरण पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा. यह निर्णय तब तक लागू रहेगा, जब तक विभाग बकाया राशि का भुगतान नहीं कर देता. इसे भी पढ़ें: प्रोजेक्ट मिलाप के तहत सरायकेला पुलिस को मिली सफलता, गुमशुदा स्त्री सकुशल बरामद बच्चों के पोषण पर पड़ सकता है असर विशेषज्ञों का मानना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार वितरण बंद होने का सबसे अधिक असर छोटे बच्चों, गर्भवती स्त्रीओं और धात्री माताओं पर पड़ेगा. ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में परिवार अपने बच्चों के पोषण के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर निर्भर रहते हैं. ऐसे में यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो बच्चों के पोषण कार्यक्रम पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. अब सभी की निगाहें विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर लंबित राशि का भुगतान कब तक किया जाता है और आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार व्यवस्था कब तक सामान्य हो पाती है. इसे भी पढ़ें: Palamu News: रामपुर विवाद पर बोले भाजपा नेता ज्योतिरीश्वर सिंह, चेहरा देखकर नहीं, सच्चाई पर होना चाहिए न्याय The post Chatra News: उधार का पोषाहार खा रहे चतरा के 219 आंगनबाड़ी केंद्र के शिशु, नौ महीने से नहीं मिला है पैसा appeared first on Naya Vichar.

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U-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत का जलवा, 19 मेडल जीतने पर PM मोदी ने दी बधाई

U20 Athletics Championships: 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हिंदुस्तानीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल 19 मेडल अपने नाम किए. हिंदुस्तानीय टीम की शानदार प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवा एथलीटों को बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए बधाई दी. प्रधानमंत्री ने इस सफलता को युवा एथलीटों के पक्के इरादे और बेहतरीन प्रदर्शन की झलक बताया. प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा, “22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 10 गोल्ड समेत 19 मेडल जीतने के लिए हिंदुस्तानीय टीम को बधाई. यह शानदार प्रदर्शन हिंदुस्तान के युवा एथलीटों के पक्के इरादे और बेहतरीन काम को दिखाता है. उम्मीद है कि ये कामयाबियां आने वाले वर्षों में और भी युवा हिंदुस्तानीयों को स्पोर्ट्स में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी.” Congratulations to the Indian contingent at the 22nd Asian U20 Athletics Championships for winning 19 medals, including 10 Golds. This outstanding performance reflects the determination and excellence of India’s young athletes. May these achievements inspire many more young… — Narendra Modi (@narendramodi) June 1, 2026 हिंदुस्तानीय टीम ने आखिरी दिन अपनी गिनती में तीन गोल्ड मेडल जोड़कर अपने अभियान का शानदार अंत किया और कुल मिलाकर 19 मेडल जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया. 10 गोल्ड मेडल के अलावा, हिंदुस्तानीय टीम ने पांच सिल्वर और चार ब्रॉन्ज मेडल भी जीते. हालांकि, मेडल की संख्या के हिसाब से यह हिंदुस्तान का टूर्नामेंट में अब तक का बेस्ट प्रदर्शन नहीं है. हिंदुस्तान ने साल 2024 में दुबई में आयोजित हुए संस्करण में 7 गोल्ड, 11 सिल्वर और 11 ब्रॉन्ज के साथ कुल 29 मेडल अपने नाम किए थे. आखिरी दिन इन खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन प्रतियोगिता के आखिरी दिन हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया. मुस्कान ने स्त्रीओं की 5,000 मीटर दौड़ 16 मिनट 53.08 सेकंड में पूरी की. वहीं, निश्चय ने पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में 60.10 मीटर का थ्रो करके सिल्वर मेडल जीता. इस दौरान उन्होंने नया नेशनल अंडर-20 रिकॉर्ड भी बनाया. पुरुषों की 800 मीटर दौड़ में मोगली वेंकटराम रेड्डी ने 1 मिनट 48.27 सेकंड का समय निकालते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया. इसके अलावा, नीरू पाठक ने हिंदुस्तानीय स्त्री 4×400 मीटर रिले टीम का हिस्सा रहते हुए टीम को गोल्ड मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई. यह भी पढ़ें: U-18 एशिया कप में हिंदुस्तान का दमदार प्रदर्शन, कोरिया को 4-1 से रौंदा The post U-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हिंदुस्तान का जलवा, 19 मेडल जीतने पर PM मोदी ने दी बधाई appeared first on Naya Vichar.

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Monsoon: अगले 48 से 72 घंटे में मानसून दे सकता है दस्तक, IMD का आया नया अपडेट

Monsoon: हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अनुमान जाहिर किया है कि अगले 48 से 72 घंटे के अंदर देश में मानसून की दस्तक हो सकती है. मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून के अगले दो से तीन दिनों में केरल पहुंचने की संभावना है. आमतौर पर देश में मानसून का आगमन एक जून के आसपास माना जाता है. आईएमडी के अनुसार- अगले कुछ दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ और हिस्सों, लक्षद्वीप, केरल तथा तमिलनाडु के कुछ क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं. बंगाल की खाड़ी के क्षेत्रों में भी बढ़ेगा प्रभाव मौसम विभाग ने बताया कि इसी अवधि के दौरान मानसून दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों के साथ-साथ दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के बचे हुए क्षेत्रों में भी आगे बढ़ सकता है. पहले अनुमान से पहुंचने में हुई देरी आईएमडी ने पहले केरल में मानसून के आगमन की संभावित तारीख 26 मई बताई थी. हालांकि, मानसून की प्रगति में अनुमान के मुताबिक गति नहीं रहने के कारण इसके आगमन में देरी हुई. विभाग ने 29 मई को अपने लेटेस्ट अपडेट में कहा था कि मानसून अगले सप्ताह केरल पहुंच सकता है. इस साल सामान्य से कम बारिश का अनुमान पिछले सप्ताह जारी पूर्वानुमान में आईएमडी ने कहा कि साल 2026 के मानसून सीजन में देश भर में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है. विभाग के अनुसार, इस साल देश में दीर्घकालिक औसत (LPA) का लगभग 90 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान है. क्या है दीर्घकालिक औसत एलपीए? एलपीए किसी क्षेत्र में एक निश्चित अवधि, जैसे एक महीने या पूरे मानसून मौसम के दौरान हुई औसत बारिश को दर्शाता है. इसकी गणना आमतौर पर 30 से 50 सालों के वर्षा आंकड़ों के आधार पर की जाती है. साल 1971 से 2020 के आंकड़ों के अनुसार पूरे हिंदुस्तान के लिए मौसमी बारिश का एलपीए 87 सेंटीमीटर निर्धारित किया गया है. आईएमडी के मानकों के अनुसार, यदि किसी साल मानसून के दौरान होने वाली बारिश एलपीए के 90 प्रतिशत से कम रहती है, तो उसे कम वर्षा वाला मानसून माना जाता है. अल नीनो बन सकता है प्रमुख कारण मौसम विभाग ने बताया कि इस साल सामान्य से कम बारिश की आशंका के पीछे अल नीनो बड़ा कारण है. अल नीनो का प्रभाव आमतौर पर हिंदुस्तान के दक्षिण-पश्चिम मानसून पर पड़ता है, जिससे बारिश में कमी आने की संभावना बढ़ जाती है. Also Read: Heavy Rain Alert: 1,2,3,4,5 और 6 मई तक भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना, IMD का अलर्ट The post Monsoon: अगले 48 से 72 घंटे में मानसून दे सकता है दस्तक, IMD का आया नया अपडेट appeared first on Naya Vichar.

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पुराने गानों के रीमेक से परेशान हुए संजय गुप्ता, बोले- 2046 में किस गाने का रीमिक्स बनाएंगे?

Sanjay Gupta On Bollywood Remake Songs: बॉलीवुड में इन दिनों पुराने सुपरहिट गानों को नए अंदाज रीमेक में पेश करने का एक नया ट्रेंड चल रहा है. हाल ही में आई कुछ बड़ी फिल्मों में 20 साल पुराने गानों को दोबारा नए वर्जन में रिलीज किया गया है. अब इस बात को लेकर मशहूर फिल्म डायरेक्टर संजय गुप्ता ने फिल्म इंडस्ट्री पर अपनी चिंता जताई है. उन्होंने एक के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट शेयर करके बॉलीवुड की इस सोच पर सवाल उठाए हैं. संजय गुप्ता ने बॉलीवुड की रीमेक गानें पर उठाए सवाल संजय गुप्ता ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि “20 साल पहले के हर सुपरहिट गाने को रीमिक्स करके रिलीज किया जा चुका है. मेरी असली चिंता यह है कि 2046 में वे लोग किस गाने का रीमिक्स बनाएंगे? क्या रीमिक्स गानों का ही दोबारा रीमिक्स बनाएंगे?” दूसरे पोस्ट में डायरेक्टर ने दो ऑप्शन देते हुए लिखा कि “बॉलीवुड में फिल्मों के प्रीक्वल, सीक्वल, रीमेक और पुराने गानों के रीमिक्स बनाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाए. सिर्फ नए और ओरिजिनल आइडियाज को ही मंजूरी मिलनी चाहिए. तो क्या होगा? पहला, हिंदुस्तानीय सिनेमा का सबसे बेहतरीन दौर शुरू हो जाएगा. दूसरा, फिल्म इंडस्ट्री सिर्फ 6 महीने में ही पूरी तरह से बंद हो जाएगी”. यहां पोस्ट देखें Film music in 2026: every super-hit from 20 years ago has been remixed and released. My genuine concern: what will they remix in 2046? The remixes? — Sanjay Gupta (@_SanjayGupta) June 1, 2026 Hypothetical but important: Bollywood is banned from prequels, sequels, remakes and remixes. Original ideas only. What happens?A) Best era of Indian cinema begins.B) Industry collapses in 6 months. — Sanjay Gupta (@_SanjayGupta) June 1, 2026 इन गानों का हाल ही में बना है नया वर्जन आपको बता दें कि हाल ही में 1999 की मशहूर फिल्म ‘बीवी नंबर 1’ के सुपरहिट गाने ‘चुनरी चुनरी’ का नया वर्जन रिलीज किया गया है, जिसे वरुण धवन की नई फिल्म है जवानी तो इश्क होना है शामिल किया गया है. इसी तरह, साल 2007 में आई फिल्म ‘वेलकम’ के सुपरहिट गाने ‘एक ऊंचा लंबा कद’ का भी नया रीमेक वर्जन हाल ही में फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ के लिए रिलीज किया गया है. जावेद अख्तर भी पहले जता चुके हैं अपनी नाराजगी बॉलीवुड में लगातार पुरानी चीजों को कॉपी करने पर सिर्फ संजय गुप्ता ही नहीं, बल्कि देश के दिग्गज गीतकार जावेद अख्तर भी अपनी नाराजगी जता चुके हैं. हाल ही में एक फिल्म के गाने लिखने के दौरान उन्होंने कहा था कि आज की फिल्म इंडस्ट्री के पास नए विचारों की भारी कमी हो गई है. अब संजय गुप्ता के इस बयान ने बॉलीवुड के इस नए ट्रेंड पर एक बार फिर बड़ी बहस छेड़ दी है. यह भी पढ़ें: विराट की जीत पर अनुष्का शर्मा ने शेयर की रोमांटिक फोटो, ट्रॉफी संग दिखा कपल का क्यूट अंदाज The post पुराने गानों के रीमेक से परेशान हुए संजय गुप्ता, बोले- 2046 में किस गाने का रीमिक्स बनाएंगे? appeared first on Naya Vichar.

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अभिषेक-कल्याण पर हमले और ‘बुलडोजर राज’ के खिलाफ 2 जून को कोलकाता की सड़कों पर ममता बनर्जी

खास बातें रानी रासमणि रोड पर ममता बनर्जी का महा-धरना सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता, वार्ड और ब्लॉकों में रैलियां सिर्फ सांसदों पर हमला नहीं, बुलडोजर अभियान भी बना मुद्दा हॉकर्स के आंसू बनेंगे हथियार वोट बैंक बचाने की कवायद 60 विधायकों की गुमशुदगी और गिरफ्तारियों के बीच अटेंडेंस टेस्ट अंदरूनी ताकत का आकलन यह जनता का स्वतःस्फूर्त गुस्सा : भाजपा TMC Statewide Agitation West Bengal: पश्चिम बंगाल की नेतृत्व में जारी भीषण उठापटक के बीच अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने रक्षात्मक रवैया छोड़कर सीधे सड़क पर उतरने का मन बना लिया है. शनिवार को सोनारपुर में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और हुगली में सांसद कल्याण बनर्जी पर हुए कथित हमलों के विरोध में टीएमसी ने पूरे राज्य में चौतरफा आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. रानी रासमणि रोड पर ममता बनर्जी का महा-धरना इस सियासी संग्राम को धार देने के लिए खुद पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी मंगलवार यानी 2 जून को कोलकाता के एस्प्लेनेड स्थित रानी रासमणि रोड पर एक दिवसीय महा-धरने (Sit-in Protest) पर बैठेंगी. सत्ता परिवर्तन के बाद इसे ममता बनर्जी का पहला सबसे बड़ा जमीनी शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है. सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता, वार्ड और ब्लॉकों में रैलियां पार्टी के शीर्ष सांसदों पर हुए हमले के बाद तृणमूल कांग्रेस का कैडर पूरी तरह आक्रोशित है. इसके लिए बाकायदा एक विस्तृत विरोध खाका तैयार किया गया है. सोमवार सुबह से राज्य के सभी नगर पालिका वार्डों और ग्रामीण ब्लॉकों में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने काले झंडे लेकर विरोध मार्च निकाला. रैलियों में नयी भाजपा प्रशासन और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई. टीएमसी का आरोप है कि राज्य में विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए राज्य प्रायोजित आतंक फैलाया जा रहा है. इसे भी पढ़ें : शुभेंदु अधिकारी के खुलासे से मची खलबली, ममता बनर्जी ने 2 TMC विधायक को पार्टी से निकाला सिर्फ सांसदों पर हमला नहीं, बुलडोजर अभियान भी बना मुद्दा आमतौर पर माना जा रहा था कि टीएमसी का यह गुस्सा केवल अभिषेक बनर्जी पर हुए पथराव को लेकर है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी ने इस धरने के जरिये जनता से जुड़े एक और संवेदनशील मुद्दे को शामिल कर मास्टरस्ट्रोक स्पोर्ट्सा है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें हॉकर्स के आंसू बनेंगे हथियार हाल ही में दमदम स्टेशन और कोलकाता के अन्य हिस्सों में बिना किसी पुनर्वास के आधी रात को चलाये गये ‘बुलडोजर अभियान’ को टीएमसी ने बड़ा मुद्दा बनाया है. ममता बनर्जी इस धरना के जरिये नयी प्रशासन को ‘गरीब विरोधी’ और ‘बुलडोजर प्रेमी’ साबित करने की कोशिश करेंगी. टीएमसी का कहना है कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हजारों छोटे दुकानदारों की आजीविका को इस तरह बेरहमी से कुचलना पूरी तरह अमानवीय है. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी ने बुलायी थी बैठक, 80 में सिर्फ 20 विधायक पहुंचे, कुणाल घोष ने दी सफाई TMC Statewide Agitation West Bengal: वोट बैंक बचाने की कवायद शहरी क्षेत्रों में हॉकर्स और फुटपाथ दुकानदार टीएमसी का बड़ा कोर वोट बैंक रहे हैं. इस मुद्दे को उठाकर ममता बनर्जी अपने बिखरते हुए वोट बैंक को दोबारा एकजुट करने की कोशिश में हैं. 60 विधायकों की गुमशुदगी और गिरफ्तारियों के बीच अटेंडेंस टेस्ट महा-धरना ऐसे समय पर हो रहा है, जब रविवार को कालीघाट में ममता की बैठक में 80 में से सिर्फ 20 विधायक ही पहुंचे थे. इसके साथ ही तपन चट्टोपाध्याय और खोकन दास जैसे पूर्व विधायकों और म्युनिसिपल चेयरमैनों की गिरफ्तारियों से पार्टी बैकफुट पर है. टीएमसी ने राज्य के सभी मौजूदा विधायकों, सांसदों और जिला अध्यक्षों को 2 जून को रानी रासमणि रोड पहुंचने का सख्त निर्देश दिया है. इसे भी पढ़ें : सोनारपुर हमला अभिषेक बनर्जी की अग्नि परीक्षा, जन-आक्रोश को ममता की तरह सहानुभूति में बदल पायेंगे ‘भाईपो’? अंदरूनी ताकत का आकलन नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि मंगलवार का यह धरना केवल भाजपा के खिलाफ नहीं, बल्कि टीएमसी के लिए एक अटेंडेंस टेस्ट भी है. इससे यह साफ हो जायेगा कि केंद्रीय एजेंसियों के खौफ और राज्यव्यापी धर-पकड़ के बीच कितने नेता अब भी मजबूती से ममता बनर्जी के पीछे खड़े हैं. यह जनता का स्वतःस्फूर्त गुस्सा : भाजपा हिंदुस्तानीय जनता पार्टी ने टीएमसी के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. भाजपा का कहना है कि अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर कोई सुनियोजित हमला नहीं हुआ था, बल्कि यह स्थानीय जनता का स्वतःस्फूर्त गुस्सा था, जो टीएमसी के सालों के सिंडिकेट राज और भ्रष्टाचार से त्रस्त हो चुकी है. इसे भी पढ़ें कोलकाता से दमदम तक बुलडोजर एक्शन, आधी रात को उजड़े हॉकर्स के आशियाने, 3,000 अवैध इमारतों पर मंडराया खतरा नेतृत्वक आतंक का शिकार हुआ हूं, लेकिन झुकूंगा नहीं, अभिषेक बनर्जी ने राहुल गांधी को कहा धन्यवाद टीएमसी में बगावत, लेकिन ममता बनर्जी नो इंट्रोस्पेक्शन मोड में, आखिर क्यों आत्ममंथन के बजाय कड़े तेवर दिखा रहा नेतृत्व? टीएमसी की उल्टी गिनती शुरू! राज्यसभा सांसद ने अपनी ही पार्टी के टॉप लीडर्स को सुनायी खरी-खरी The post अभिषेक-कल्याण पर हमले और ‘बुलडोजर राज’ के खिलाफ 2 जून को कोलकाता की सड़कों पर ममता बनर्जी appeared first on Naya Vichar.

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कौन बनेगा बीजेपी का एमएलसी उम्मीदवार, अंतिम दौर में पहुंची चयन प्रक्रिया, रेस में ये नाम आगे

Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए बीजेपी के भीतर कई नेताओं के बीच एमएलसी बनने की होड़ थी, लेकिन अब तस्वीर धीरे-धीरे साफ होती नजर आ रही है. पार्टी नेतृत्व ने कई दावेदारों को प्रदेश संगठन में जिम्मेदारी देकर उम्मीदवारों की संख्या सीमित करने की कोशिश की है. बीजेपी इस बार सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए एक सवर्ण, एक पिछड़ा और एक अतिपिछड़ा वर्ग से उम्मीदवार उतारने की रणनीति पर काम कर रही है. प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी की नई टीम बनने के बाद कई दावेदारों की दावेदारी खुद कमजोर हो गई है. सवर्ण वर्ग में सबसे ज्यादा मुकाबला एमएलसी की दौड़ में सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धा सवर्ण नेताओं के बीच देखी जा रही है. खास तौर पर राजपूत, ब्राह्मण और कायस्थ समाज से जुड़े नेताओं के नाम चर्चा में हैं. राजपूत वर्ग से राजेंद्र सिंह और लाजवंती झा के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं. वहीं ब्रजेश रमन, अमृता भूषण और धीरेन्द्र सिंह भी अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हुए हैं. कायस्थ समाज से संजय मयूख का नाम सबसे आगे माना जा रहा है. हालांकि पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि उन्हें भविष्य में बांकीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाया जा सकता है. ऐसे में एमएलसी की सूची से उनका नाम बाहर भी रह सकता है. राजेश वर्मा को संगठन में अहम जिम्मेदारी मिलने के बाद उनकी दावेदारी भी कमजोर मानी जा रही है. ब्राह्मण समाज से लाजवंती झा का नाम चर्चा में ब्राह्मण समाज से लाजवंती झा को मजबूत दावेदार माना जा रहा है. हालांकि पार्टी द्वारा संतोष पाठक और राजेश झा को प्रदेश महामंत्री तथा सीमा झा और प्रभाकर मिश्र को प्रदेश मंत्री बनाए जाने के बाद ब्राह्मण वर्ग की दावेदारी कुछ कमजोर होती दिखाई दे रही है. पिछड़ा वर्ग से पूर्व विधायक प्रेम रंजन पटेल का नाम तेजी से उभरकर सामने आया है. लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहने और पार्टी के प्रति समर्पण के कारण उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है. सरोज रंजन पटेल को प्रदेश महासचिव बनाए जाने के बाद प्रेम रंजन पटेल की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं. वहीं ललन मंडल को संगठन में जगह मिलने के बाद उनकी एमएलसी की दावेदारी लगभग खत्म मानी जा रही है. इसके अलावा बलराम मंडल और शीला कुशवाहा को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद उनके नाम भी एमएलसी की संभावित सूची से बाहर माने जा रहे हैं. यादव समाज से प्रवीण यादव को संगठन में जिम्मेदारी मिलने के बाद इस वर्ग की दावेदारी भी कमजोर पड़ गई है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें अतिपिछड़ा वर्ग से सकलदेव बिंद का नाम सबसे आगे अतिपिछड़ा वर्ग में सकलदेव बिंद का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है. पार्टी के भीतर उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है. सकलदेव बिंद वही नेता हैं जिन्होंने तारापुर विधानसभा चुनाव के दौरान अपना नामांकन वापस लेकर वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के लिए नेतृत्वक राह आसान की थी. पार्टी में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें एमएलसी उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है. अब सभी की नजर बीजेपी नेतृत्व के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है. आने वाले दिनों में पार्टी अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है, जिसके बाद विधान परिषद चुनाव की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी. इसे भी पढ़ें: बिहार विधान परिषद चुनाव में किसका पलड़ा भारी, जानिए सीटों का पूरा गणित 21 जून को पटना में जेडीयू की बड़ी बैठक, नीतीश के नेतृत्व पर लगेगी मुहर, देखिए पूरा शेड्यूल The post कौन बनेगा बीजेपी का एमएलसी उम्मीदवार, अंतिम दौर में पहुंची चयन प्रक्रिया, रेस में ये नाम आगे appeared first on Naya Vichar.

बिहार

दरभंगा-समस्तीपुर-बरौनी-झाझा-धनबाद-रांची-राउरकेला- रायपुर-सिकंदराबाद के रास्ते रक्सौल और तिरुपति के मध्य एक नई एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन प्रारंभ

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर:  यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर रक्सौल और तिरूपति के मध्य दिनांक 01.06.2026 से एक नई साप्ताहिक ट्रेन 17434/17433 रक्सौल-तिरुपति-रक्सौल एक्सप्रेस का परिचालन प्रारंभ किया जा रहा है । यह नई ट्रेन रक्सौल से प्रत्येक गुरूवार को तथा तिरूपति से प्रत्येक सोमवार को परिचालित की जाएगी । इस नई ट्रेन का परिचालन दरभंगा-समस्तीपुर-बरौनी- झाझा-धनबाद-रांची- राउरकेला-बिलासपुर-रायपुर- गोंदिया-सिकंदराबाद के रास्ते किया जाएगा । इस नई ट्रेन में द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी के 03, तृतीय वातानुकूलित श्रेणी को 05, शयनयान श्रेणी के 10, सामान्य श्रेणी के 04 कोच एवं एसएलआरडी के 02 कोच सहित कुल 24 कोच होंगे । गाड़ी सं. 17433 तिरूपति- रक्सौल एक्सप्रेस दिनांक 01.06.2026 से प्रत्येक सोमवार को तिरूपति से 08.15 बजे खुलकर विभिन्न स्टेशनों पर रुकते हुए बुधवार को 03.45 बजे धनबाद, 08.00 बजे झाझा, 08.51 बजे किउल, 10.40 बजे बरौनी, 12.15 बजे समस्तीपुर, 13.28 बजे दरभंगा एवं 14.55 बजे सीतामढ़ी रुकते हुए 17.00 बजे रक्सौल पहुंचेगी । इसी तरह गाड़ी सं. 17434 रक्सौल-तिरूपति एक्सप्रेस दिनांक 04.06.2026 से प्रत्येक गुरूवार को रक्सौल से 03.15 बजे खुलकर 04.42 बजे सीतामढ़ी, 07.00 बजे दरभंगा, 08.13 बजे समस्तीपुर, 09.20 बजे बरौनी, 10.38 बजे किउल, 12.20 बजे झाझा एवं 16.15 बजे धनबाद सहित विभिन्न स्टेशनों पर रुकते हुए शनिवार को 09.30 बजे तिरूपति पहुंचेगी ।

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तमिलनाडु: क्या नई पार्टी बनाने जा रहे बीजेपी नेता अन्नामलाई? दो दिन बाद करेंगे बड़ा खुलासा

Tamil Nadu: अन्नामलाई ने दिल्ली रवाना होने से पहले चेन्नई हवाई अड्डे पर मीडिया से बातचीत में नयी नेतृत्वक पार्टी बनाने की अटकलों के बारे में कहा- वह दो दिनों में जवाब देंगे और अपना रुख स्पष्ट करेंगे. अन्नामलाई के जन्मदिन से पहले लगाए गए पोस्टर 4 जून को अन्नामलाई के जन्मदिन से पहले शहर की प्रमुख सड़कों और गलियों में हमारे नेता, आओ और हमारा नेतृत्व करो जैसे नारों वाले पोस्टर लगाए गए हैं. #WATCH | Tamil Nadu | BJP leader K. Annamalai leaves for Delhi from Chennai. When asked on speculations about him expected to launch a new party, he says, “Please wait. We will sit down and talk in two days” pic.twitter.com/5qOZfp7OHD — ANI (@ANI) June 1, 2026 मुझे नहीं लगता कि अन्नामलाई बीजेपी छोड़ेंगे : DMK नेता BJP नेता अन्नामलाई के बारे में DMK नेता TKS एलंगोवन ने कहा, यह एक मजेदार बात है कि वह एक नई पार्टी बनाने के लिए BJP से इजाजत मांग रहे हैं, जबकि वह पहले से ही BJP के कार्यकर्ता हैं. मैं कह सकता हूं कि BJP में कुछ भी हो सकता है. मुझे नहीं लगता कि अन्नामलाई पार्टी छोड़ेंगे, क्योंकि पार्टी चलाना आसान काम नहीं है. वह विजय की तरह कोई अभिनेता नहीं हैं. चलिए, इंतजार करते हैं और देखते हैं कि आगे क्या होता है. विधानसभा चुनाव के बाद तमिलनाडु की नेतृत्व में भूचाल तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी टीवीके ने धमाकेदार जीत दर्ज और राज्य में नई प्रशासन बनाई. टीवीके ने अपने पहले ही चुनाव में 108 सीटें जीतकर डीएमके और एआईएडीएमके के दशकों पुराने वर्चस्व को समाप्त कर दिया. विधानसभा में विश्वास मत के दौरान विजय की पार्टी को दूसरी पार्टियों के विधायकों ने भी समर्थन दिया. जिसके बाद उनके पास 120 विधायकों को समर्थन हो गया. ये भी पढ़ें: शुभेंदु अधिकारी के खुलासे से मची खलबली, ममता बनर्जी ने 2 TMC विधायक को पार्टी से निकाला The post तमिलनाडु: क्या नई पार्टी बनाने जा रहे बीजेपी नेता अन्नामलाई? दो दिन बाद करेंगे बड़ा खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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