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Author name: Vinod Jha

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पीएम मोदी ने असम में लहराया गमछा, कहा- कांग्रेस का शहजादा हार का शतक लगाने के लिए तैयार

PM Modi Assam Rally: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा- कांग्रेस का स्व-घोषित शहजादा हार का शतक लगाने के लिए तैयार है. पीएम ने कहा- इस बार BJP-NDA प्रशासन जीत की हैट्रिक लगाने के लिए तैयार है. और कांग्रेस भी हार की हैट्रिक का सामना करने के लिए तैयार है. रैली के दौरान पीएम मोदी ने मंच से गमछा भी लहराया. बिहार चुनाव के दौरान भी पीएम मोदी ने गमछा लहराया था. जिसे काफी फेमस हुआ था. पीएम के बिहारी अंदाज को लोगों ने पसंद किया था. 2014 से पहले कांग्रेस प्रशासन ने सांप्रदायिक हिंसा कानून लाने का प्रयास किया था : पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा- असम कांग्रेस के नेता एक खतरनाक कानून बनाने की बात कर रहे हैं. आज, मैं असम की जनता के सामने कांग्रेस की एक चाल का पर्दाफाश करना चाहता हूं. 2014 के चुनावों से पहले, कांग्रेस के नेतृत्व वाली केंद्र प्रशासन ने ‘सांप्रदायिक हिंसा कानून’ (Communal Violence Law) लाने का प्रयास किया था. इसका उद्देश्य अपने तय वोट बैंक को खुश करना था. इस विधेयक में, दंगों के लिए बहुसंख्यक समुदाय को जिम्मेदार ठहराया गया था, और धार्मिक अल्पसंख्यकों को पीड़ित मान लिया गया था. यह विधेयक अपने आप में ही सांप्रदायिक था, इसलिए BJP-NDA ने इस कानून को संसद में पारित नहीं होने दिया. अब, 12 साल बाद, कांग्रेस यहां असम में भी, इसी तरह का एक कानून बनाने की घोषणा कर रही है. कांग्रेस के नेता खुद खुलेआम ये घोषणाएं कर रहे हैं. यह बिल्कुल स्पष्ट है कि सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस कुछ भी कर सकती है. #WATCH | Dhemaji, Assam: Prime Minister Narendra Modi says, “…Assam Congress leaders are talking about forming a dangerous law. Today, I want to expose one of Congress’s tricks in front of the people of Assam. Before the 2014 elections, the Congress-led central government had… pic.twitter.com/GMBAiOvSDe — ANI (@ANI) April 1, 2026 पीएम मोदी का दावा- कांग्रेस असम में विदेशियों को बसाना चाहती है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- कांग्रेस असम में विदेशियों को बसाना चाहती है और इस धरती के मूल निवासियों, बेटे-बेटियों को अल्पसंख्यक बनाना चाहती है. BJP-NDA प्रशासन हमारे किसानों, आदिवासियों की जमीन और हमारे जंगलों पर घुसपैठियों का कब्जा नहीं होने देगी. अवैध कब्जे के खिलाफ BJP-NDA प्रशासन की कार्रवाई जारी रहेगी. असम का गौरव और पहचान बनी रहेगी. यह मोदी की गारंटी है. असम ने पिछले 10 वर्षों में सेवा और सुशासन का एक नया दौर देखा : पीएम मोदी पीएम मोदी ने सर्बानंद सोनोवाल और हिमंत बिस्वा सरमा की तारिफ करते हुए कहा- पहले सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में और फिर हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में, असम ने पिछले 10 वर्षों में सेवा और सुशासन का एक नया दौर देखा है. ये असम चुनाव एक विकसित हिंदुस्तान के लिए एक विकसित असम बनाने के चुनाव हैं. पीएम मोदी ने बीजेपी घोषणा पत्र को बताया मंगल पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी के घोषणा पत्र को मंगल पत्र बताया. उन्होंने कहा- असम BJP ने कल एक शानदार घोषणापत्र जारी किया. कल मंगलवार था, और मंगलवार को जारी किया गया यह घोषणापत्र असम में और अधिक मंगल (शुभता) लाने वाला है. यह वह मंगल पत्र है जो मंगलवार को आया है. BJP जो कहती है, वह करती है : पीएम मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- बीजेपी जो कहती है, वह करती है. उन्होंने घोषणा पत्र का जिक्र करते हुए कहा- यह सुनिश्चित करने के लिए कि हमारी बेटियों के साथ कोई छल न हो, हमारी बेटियों के जीवन की गरिमा, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं. असम में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) लागू करना और हमारे आदिवासी समाज, छठी अनुसूची क्षेत्रों की परंपराओं की रक्षा करना, या असम की पहचान को बचाना बहुत बड़ी घोषणाएं हैं. BJP जो कहती है, वह करती है. असम से समाचारें केवल बम, बंदूक, दंगों और कर्फ्यू के बारे में होती थीं : पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व की कांग्रेस प्रशासन पर हमला करते हुए कहा, असम से समाचारें केवल बम, बंदूक, दंगों और कर्फ्यू के बारे में होती थीं. पिछले एक दशक में, असम ने विकास की एक लंबी यात्रा तय की है. ये 20-25 साल के युवा केवल BJP-NDA के सुशासन के ही गवाह रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस शासन का वह अंधकारमय दौर नहीं देखा है. असम के हजारों बेटों और बेटियों ने बंदूकें छोड़ नए भविष्य से जुड़ गए : पीएम मोदी प्रधाानमंत्री मोदी ने कहा- डबल-इंजन प्रशासन ने असम को स्थायी शांति का एक नया रास्ता दिखाया है. असम के हजारों बेटों और बेटियों ने, पिछले एक दशक में, बंदूकें छोड़ दी हैं और एक नए भविष्य से जुड़ गए हैं. असम को दुनिया चाय के साथ चिप के लिए भी पहचानेगी : पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा- एक समय था जब दुनिया में असम की चर्चा उसकी चाय के लिए होती थी. अब, असम को दुनिया न केवल चाय के लिए, बल्कि चिप के लिए भी पहचानेगी. वह दिन दूर नहीं जब असम के सेमीकंडक्टर प्लांट से चिप का उत्पादन शुरू हो जाएगा. इससे असम आधुनिक तकनीक के एक बड़े केंद्र (हब) के रूप में विकसित होगा. आने वाले समय में, चाहे फोन हों, कारें हों, टीवी हों या फ्रिज—ये सभी उत्पाद असम में बनी चिप्स पर चलेंगे. एक विकसित असम के लिए यही हमारा रोडमैप है. ये भी पढ़ें: चुनाव प्रचार से पहले चाय बागान पहुंचे पीएम मोदी, स्त्रीओं के साथ तोड़ीं पत्तियां; तस्वीरें वायरल The post पीएम मोदी ने असम में लहराया गमछा, कहा- कांग्रेस का शहजादा हार का शतक लगाने के लिए तैयार appeared first on Naya Vichar.

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Google लाया नया फीचर, अब बिना नया अकाउंट बनाए बदल सकेंगे पुराना Gmail यूजरनेम

अगर आपका Gmail ID पुराना, अजीब या कम प्रोफेशनल लगता है, तो अब आप आराम से उसे बदल सकते हैं. क्योंकि, Google ने ऐसा फीचर पेश किया है, जिससे आप बिना नया अकाउंट बनाए अपना प्राइमरी Gmail यूजरनेम को बदल सकते हैं. यह अपडेट उन करोड़ों यूजर्स के लिए बड़ी राहत है, जो सालों से एक ही ईमेल इस्तेमाल कर रहे थे. सबसे खास बात यह है कि यह बदलाव सिर्फ Gmail तक ही लिमिटेड नहीं है, बल्कि आपके पूरे Google Account पर लागू होगा, जिसमें Google Drive, Photos, Calendar और अन्य सर्विस शामिल हैं. फिलहाल यह फीचर अमेरिका में रोलआउट हो रहा है. हिंदुस्तान में जल्द ही इस फीचर के आने की उम्मीद है. क्या बदलेगा इस अपडेट के बाद? इस नए फीचर की मदद से यूजर्स नया @gmail.com यूजरनेम चुन सकते हैं, जबकि आपका पुराना ईमेल भी काम करता रहेगा. पुराने ईमेल पर आने वाले मेल आपको मिलते रहेंगे. पुराने एड्रेस से लॉगिन और मेल भेजना जारी रहेगा. आपका पूरा डेटा, ईमेल और हिस्ट्री सुरक्षित रहेगा. आप साल में एक बार ईमेल बदल सकते हैं. कुल मिलाकर 3 बार तक बदलाव संभव होगा. जरूरत पड़ने पर पुराने एड्रेस पर वापस भी जा सकते हैं. पुराने ईमेल का क्या होगा? जब आप नया यूजरनेम सेट करेंगे, तो आपका पुराना ईमेल Alias (अल्टरनेट एड्रेस) बन जाएगा. इसका मतलब यह है कि आपके सभी कॉन्टैक्ट्स, फाइल्स, फोटो और सब्सक्रिप्शन सुरक्षित रहेंगे. आपके Gmail, YouTube, Drive और Maps अकाउंट पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा. किन यूजर्स के लिए फायदेमंद? यह फीचर खासतौर पर उन यूजर्स के लिए काम का है, जो पुराने या कम प्रोफेशनल ईमेल यूजरनेम को बदलकर नया और बेहतर यूजरनेम रखना चाहते हैं. अब तक Gmail में सिर्फ नया अकाउंट बनाना या अलियास जोड़ना ही ऑप्शन था, लेकिन प्राइमरी ईमेल बदलने की सुविधा नहीं थी. Gmail एड्रेस कैसे बदल सकते हैं? अपने Android या iPhone में इन स्टेप्स को फॉलो करें: myaccount.google.com/google-account-email पर जाएं. अपने अकाउंट से साइन इन करें. ऊपर Personal info पर टैप करें. Email में जाकर Google Account email चुनें. Change Google Account email पर टैप करें. नया यूजरनेम डालें (जो उपलब्ध हो) Change email पर क्लिक करें और Yes चुनें. आगे दिए गए स्टेप्स को पूरा करें इसके बाद आपका नया Gmail एड्रेस प्राइमरी बन जाएगा और पुराना एड्रेस अल्टरनेट के रूप में रहेगा. ध्यान रखने वाली बातें Google ने यह भी बताया है कि नया ईमेल यूजरनेम सेट करने के बाद कुछ सर्विसेज में हल्की परेशानी आ सकती है. खासकर Chromebook, Remote Desktop और कुछ लॉगिन सर्विसेज में. ऐसे मामलों में आपको एक्स्ट्रा प्रोसेस फॉलो करने पड़ सकते हैं. यह भी पढ़ें: अब पावर वाला चश्मा भी होगा स्मार्ट, Meta ने लॉन्च किये नये Ray-Ban Optics Styles ग्लासेस The post Google लाया नया फीचर, अब बिना नया अकाउंट बनाए बदल सकेंगे पुराना Gmail यूजरनेम appeared first on Naya Vichar.

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बिहार का नंबर 1 इंजीनियरिंग कॉलेज, Google में प्लेसमेंट, जानें BTech में कैसे लें एडमिशन

Best College Admission Episode 1: बिहार में नंबर 1 इंजीनियरिंग कॉलेज की बात करें तो सबसे ऊपर नाम इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग यानी IIT पटना का आता है. NIRF Ranking 2025 में आईआईटी पटना को ऑल ओवर इंडिया में रैंक 19 प्राप्त है. ऐसे में बेस्ट कॉलेज एडमिशन (Best College Admission) सीरीज के पहले एपिसोड में हम बिहार के IIT Patna में एडमिशन प्रोसेस के बारे में जानेंगे. साथ ही यहां के प्लेसमेंट रिकॉर्ड और बीटेक कोर्स की फीस के बारे में जानेंगे. Highlights Best College Admission in Bihar: IIT पटना में कैसे लें एडमिशन? IIT Patna BTech Admission Eligibility: बीटेक के लिए जरूरी योग्यता IIT Patna BTech Seat Matrix: बीटेक में कितनी हैं सीटें? IIT Patna Fees Structure: कितनी है बीटेक की फीस? IIT Patna Placement Record: Google से मिला जॉब ऑफर Best College Admission in Bihar: IIT पटना में कैसे लें एडमिशन? आईआईटी पटना में बीटेक कॉलेज में एडमिशन JEE एग्जाम के माध्यम से होता है. सबसे पहले आपको NTA द्वारा आयोजित JEE Main परीक्षा देनी होती है. जो छात्र इसमें सीट के अनुसार, टॉप रैंक हासिल करते हैं, उन्हें JEE Advanced देने का मौका मिलता है. JEE Advanced पास करने के बाद JoSAA काउंसलिंग में भाग लेना होता है. काउंसलिंग के दौरान आपकी रैंक के आधार पर IIT और ब्रांच अलॉट की जाती है. IIT Patna BTech Admission Eligibility: बीटेक के लिए जरूरी योग्यता छात्र को 12वीं पास होना चाहिए और उसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स विषय होना जरूरी है. 12वीं में कम से कम 75 प्रतिशत अंक होने चाहिए. SC और ST कैटेगरी के छात्रों के लिए यह सीमा 65 प्रतिशत रखी गई है. JEE Advanced के नियमों के अनुसार उम्र और अटेम्प्ट की लिमिट भी लागू होती है. इसके बारे में ज्यादा जानकारी के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें. JEE Advanced 2026 Age Limit and Attempt Details IIT Patna BTech Seat Matrix: बीटेक में कितनी हैं सीटें? IIT पटना में फिलहाल 11 तरह के BTech प्रोग्राम उपलब्ध हैं. कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में सबसे ज्यादा करीब 83 सीटें हैं, जबकि मैकेनिकल इंजीनियरिंग में लगभग 82 सीटें उपलब्ध हैं. इसके अलावा सिविल इंजीनियरिंग और केमिकल इंजीनियरिंग में 65 सीटें हैं. इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और मैथेमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग जैसे कोर्स में 47 सीटें मिलती हैं. इन सभी ब्रांच में अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से सीटें तय की गई हैं. कुछ मुख्य ब्रांच के अनुसार सीटों की डिटेल्स नीचे टेबल में देख सकते हैं. ब्रांच जेंडर न्यूट्रल सीटें केवल छात्राओं के लिए सीटें कुल सीट क्षमता कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग 69 17 83 मैकेनिकल इंजीनियरिंग 69 17 82 सिविल इंजीनियरिंग 56 14 64 केमिकल इंजीनियरिंग 56 14 65 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस 40 10 46 इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) 40 10 48 इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (EEE) 40 10 48 मैथेमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग 40 10 47 सीटों की बात करें तो IIT पटना में कुल मिलाकर लगभग 600 से ज्यादा सीटें हैं. इसमें अलग-अलग कैटेगरी के लिए सीटें आरक्षित रहती हैं. साथ ही लड़कियों के लिए भी सुपरन्यूमेरेरी सीटें रखी गई हैं ताकि इंजीनियरिंग में उनकी भागीदारी बढ़ सके. IIT Patna Fees Structure: कितनी है बीटेक की फीस? साल 2023 के फीस स्ट्रक्चर के अनुसार, IIT पटना में BTech कोर्स की फीस अलग-अलग हिस्सों में ली जाती है. पहले सेमेस्टर में कुछ फीस एक बार में (One Time Payment) ली जाती है, जैसे अकादमिक फीस और हॉस्टल अकादमिक फीस, जबकि कुछ फीस मासिक आधार पर जमा करनी होती है. इनमें जिमखाना फीस, ट्रांसपोर्ट और हेल्थ इंश्योरेंस जैसी फीस शामिल हैं. हिंदुस्तानीय छात्रों के लिए पहले सेमेस्टर में कुल फीस करीब 1.64 लाख रुपये के आसपास होती है. वहीं दूसरे सेमेस्टर में एक बार वाली फीस नहीं लगती, इसलिए कुल फीस लगभग 1.25 लाख रुपये रहती है. अलग-अलग कैटेगरी के छात्रों को स्कॉलरशिप और फीस में छूट भी मिल सकती है. IIT Patna Fees Structure Check Here इन छात्रों को मिलती है छूट IIT Patna के फीस स्ट्रक्चर में कुछ छात्रों को फीस में छूट भी मिलती है. जैसे- SC, ST और PH (दिव्यांग) कैटेगरी के छात्र छात्रों को ट्यूशन फीस पूरी तरह माफ कर दी जाती है. यानी उन्हें 1 लाख रुपये वाली ट्यूशन फीस नहीं देनी पड़ती. बहुत कमजोर आर्थिक स्थिति वाले छात्र जिनके परिवार की सालाना आय 1 लाख रुपये से कम है, उनकी भी ट्यूशन फीस (1 लाख रुपये) पूरी तरह माफ कर दी जाती है. आर्थिक रूप से कमजोर छात्र (EWS) के परिवार की सालाना आय 1 लाख से 5 लाख रुपये के बीच है, उन्हें ट्यूशन फीस में दो तिहाई (लगभग 66%) की छूट मिलती है. उन्हें पूरी फीस नहीं देनी पड़ती, सिर्फ एक हिस्सा ही देना होता है. IIT Patna Placement Record: Google से मिला जॉब ऑफर IIT पटना का प्लेसमेंट रिकॉर्ड ही उसको बिहार का नंबर 1 (Best College Admission in Bihar) कॉलेज बनाता है. यहां इस बार (सेशन 2025-26 में) 19 छात्रों को दुनिया की बड़ी टेक कंपनी Google से प्री-प्लेसमेंट ऑफर (PPO) मिला है. इन छात्रों को यह जॉब ऑफर समर इंटर्नशिप के दौरान अच्छा प्रदर्शन करने पर मिला. View this post on Instagram A post shared by IIT PATNA (@iit.patna.official) कॉलेज के प्लेसमेंट रिकॉर्ड की बात करें तो यहां Google के अलावा, Amazon और Microsoft जैसी कंपनियां भी प्लेसमेंट सेशन में हिस्सा ले चुकी हैं. पिछले साल यहां हाईएस्ट प्लेसमेंट ऑफर 1.17 करोड़ रुपये का था. वहीं, 15 से ज्यादा छात्रों को 60 लाख से ज्यादा का पैकेज ऑफर हुआ. हर साल बड़ी संख्या में छात्र IIT पटना में एडमिशन (Best College Admission) के लिए अप्लाई करते हैं. आप ऑफिशियल वेबसाइट- iitp.ac.in पर कॉलेज की हर डिटेल्स चेक कर सकते हैं. इसके अलावा josaa.admissions.nic.in पर भी काउंसलिंग से जुड़ी डिटेल्स मिल जाएगी. यह भी पढ़ें: Google Microsoft में मौका, जानें IIT ISM धनबाद का एडमिशन प्रोसेस The post बिहार का नंबर 1 इंजीनियरिंग कॉलेज, Google में प्लेसमेंट, जानें BTech में कैसे लें एडमिशन appeared first on Naya Vichar.

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सुबह 6 बजे ईमेल भेजकर 30 हजार को निकाला, भारत के 12000 इंजीनियर्स बेरोजगार!

Oracle Lays Off 6 AM Email: मंगलवार, 31 मार्च 2026 की सुबह ओरेकल (Oracle) के हजारों कर्मचारियों के लिए किसी बुरे सपने की तरह रही. दुनिया की दिग्गज अमेरिकी टेक कंपनी ने एक झटके में 20 से 30 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है, जिसमें हिंदुस्तान के 12,000 सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स भी शामिल हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी छंटनी के लिए कंपनी ने कोई नोटिस या चर्चा नहीं की, बल्कि सुबह 6 बजे एक ईमेल भेजकर तत्काल प्रभाव से सेवाएं समाप्त कर दीं. सुबह 6 बजे का ईमेल और तत्काल छंटनी ओरेकल के कर्मचारियों को “Oracle Leadership” की ओर से मिले एक संक्षिप्त ईमेल में बताया गया कि उनकी पोजीशन खत्म कर दी गई है. इस डिजिटल युग की छंटनी इतनी क्रूर थी कि मेल मिलने के कुछ ही मिनटों के भीतर कर्मचारियों के लैपटॉप और सिस्टम एक्सेस ब्लॉक कर दिए गए. न कोई एचआर राउंड हुआ, न ही मैनेजरों को पहले से इसकी जानकारी थी. सोशल मीडिया पर प्रभावित कर्मचारियों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उन्हें अपनी बात रखने या सहकर्मियों को विदाई देने तक का मौका नहीं मिला. Oracle slashes 12,000 jobs in India via an email sent at 6AM. The problem in an environment of layoffs is that it has a twin impact on housing. 1) Fired employees struggle to service their payments 2) Other employees feel they may be next. So they pause on their purchase pic.twitter.com/stbxa2vDq3 — Vishal Bhargava (@VishalBhargava5) April 1, 2026 IndiaNewGen नाम के यूजर ने एक्स पर लिखा 20 में से 6 सदस्यों को नौकरी छोड़ने के लिए कहा गया है. कई टीमों में, लगभग 50% सदस्य जा चुके हैं. कुल छंटनी लगभग 20% है. अभी-अभी एक दोस्त का फोन आया, जो एक सीनियर मैनेजर है. रिकॉर्ड मुनाफे के बावजूद ‘पिंक स्लिप’ ओरेकल का यह फैसला इसलिए भी हैरान करने वाला है क्योंकि कंपनी ने पिछली तिमाही में 17.2 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले 15 वर्षों में उसका सबसे शानदार प्रदर्शन है. इसके बावजूद कंपनी ने अपने वर्कफोर्स के हर 5 में से 1 व्यक्ति को बाहर का रास्ता दिखा दिया. विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्तर की छंटनी के माध्यम से ओरेकल लगभग 8 से 10 बिलियन डॉलर (करीब 90 हजार करोड़ रुपये) का कैश फ्लो बचाना चाहती है, ताकि अपनी बैलेंस शीट को और मजबूत कर सके. हिंदुस्तान पर सबसे बड़ी मार इस ग्लोबल छंटनी का सबसे बड़ा केंद्र हिंदुस्तान बना है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, हिंदुस्तान से 12,000 लोग अपनी नौकरी गवां चुके हैं. प्रभावित होने वाले अधिकांश लोग कंपनी के ‘क्लाउड सिस्टम’ विभाग से जुड़े थे. हिंदुस्तान ओरेकल के लिए एक प्रमुख टैलेंट हब रहा है, लेकिन क्लाउड और एआई की ओर बढ़ते बदलाव के बीच कंपनी ने अपने पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मैनपावर को कम करने का फैसला किया है. अमेरिका सहित कई अन्य देशों के सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स भी इस कटौती की चपेट में आए हैं. एआई निवेश और लैरी एलिसन की संपत्ति यह छंटनी ऐसे समय में हुई है जब ओरेकल एआई (AI) और डेटा सेंटरों में भारी निवेश कर रहा है. कंपनी ने OpenAI के साथ 156 बिलियन डॉलर की एक विशाल डील की है. इसी निवेश के दम पर ओरेकल के फाउंडर लैरी एलिसन सितंबर 2025 में दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए थे और कंपनी का स्टॉक 346 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया था. हालांकि, वर्तमान में स्टॉक गिरकर 146 डॉलर पर है और लैरी की संपत्ति भी 393 बिलियन डॉलर से घटकर 192 बिलियन डॉलर रह गई है. यह विडंबना ही है कि एआई तकनीक बनाने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर ही आज उसी तकनीक की वेदी पर चढ़ाए जा रहे हैं. Also Read : सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव, आज से घट सकती है आपकी ‘इन-हैंड’ सैलरी, लेकिन बढ़ जाएगा रिटायरमेंट फंड; जानें गणित The post सुबह 6 बजे ईमेल भेजकर 30 हजार को निकाला, हिंदुस्तान के 12000 इंजीनियर्स बेरोजगार! appeared first on Naya Vichar.

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धुरंधर 2 के मुरीद हुए विक्की कौशल, रणवीर सिंह के लिए कह दी बड़ी बात

Dhurandhar 2: बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा रही फिल्म ‘धुरंधर 2’ का क्रेज सिर्फ आम दर्शकों तक सीमित नहीं है, बल्कि फिल्मी सितारे भी इसके दीवाने होते नजर आ रहे हैं. पहले शाह रूख खान और रजनीकांत ने फिल्म की तारीफ की थी, अब इस लिस्ट में विक्की कौशल का नाम भी जुड़ गया है. आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस फिल्म को लेकर विक्की कौशल ने सोशल मीडिया पर लंबा-चौड़ा पोस्ट शेयर किया है. उन्होंने फिल्म की कहानी, मेकिंग और पूरी टीम की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी लोग वाकई ‘धुरंधर’ हैं. विक्की कौशल की इंस्टा स्टोरी का स्क्रीनशॉट रणवीर का काम करता है इंस्पायर विक्की ने अपने पोस्ट में आदित्य धर की खासतौर पर सराहना करते हुए लिखा कि उन्हें उनके काम पर गर्व है. उन्होंने कहा कि फिल्म देखकर साफ पता चलता है कि डायरेक्टर ने कितनी मेहनत और लगन से इसे तैयार किया है. इसके साथ ही विक्की कौशल ने रणवीर सिंह की परफॉर्मेंस को भी शानदार बताया. उन्होंने कहा कि रणवीर का काम उन्हें इंस्पायर करता है और उन्होंने ‘हमजा’ के किरदार को बेहद गहराई से निभाया है. विक्की ने लिखा कि एक एक्टर के तौर पर रणवीर का कोई मुकाबला नहीं है. आदित्य धर के साथ कर चुके हैं काम उन्होंने फिल्म में नजर आए बाकी कलाकारों जैसे आर माधवन और राकेश बेदी की भी तारीफ की और कहा कि सभी ने अपने-अपने रोल में जान डाल दी है. इतना ही नहीं, विक्की ने टेक्निकल टीम के काम को भी सराहा और फिल्म की सफलता के लिए पूरी टीम को बधाई दी. बता दें, विक्की कौशल इससे पहले आदित्य धर के साथ फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ में काम कर चुके हैं, जो बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई थी. अब ‘धुरंधर 2’ को लेकर उनका यह रिएक्शन फैंस के बीच और भी उत्साह बढ़ा रहा है. The post धुरंधर 2 के मुरीद हुए विक्की कौशल, रणवीर सिंह के लिए कह दी बड़ी बात appeared first on Naya Vichar.

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ईरान वॉर में यूएई की एंट्री, होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए पेश किया प्लान, क्या बदलेगा इससे?

UAE to Join Iran War: मिडिल ईस्ट में 28 फरवरी से चल रहे संघर्ष में इजरायल-अमेरिका ने ईरान के हजारों ठिकानों पर हमले किए हैं. जहां इजरायल की डिफेंस फोर्स ने इन अटैक्स में ज्यादातर ईरानी लीडरशिप को निशाना बनाया है, वहीं अमेरिकी हमलों में ईरान के मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया गया.  अब अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की चर्चाएं चल रही हैं, दोनों देशों के राष्ट्रपति ने इस ओर इशारा किया है. ऐसे में लगा कि शायद यह संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है, लेकिन इसी बीच युद्ध के दौरान ईरान के हाथों सबसे ज्यादा मार खाए देश संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने इस लड़ाई में कूदने के संकेत दिए हैं. अगर ऐसा होता है, तो वह इस युद्ध में प्रत्यक्ष रूप से लड़ने वाला खाड़ी का पहला अरब देश होगा. यूएई, अमेरिका और उसके सहयोगियों की मदद से हॉर्मुज स्ट्रेट को बलपूर्वक सुरक्षित करने की तैयारी कर रहा है. द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक अरब अधिकारियों ने यह जानकारी दी. रिपोर्ट के अनुसार, यूएई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सैन्य कार्रवाई को मंजूरी दिलाने के लिए प्रस्ताव लाने की कोशिश कर रहा है. अमीराती राजनयिकों ने अमेरिका और यूरोप व एशिया की सैन्य शक्तियों से मिलकर एक गठबंधन बनाने का आग्रह किया है, ताकि बलपूर्वक होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोला जा सके. यूएई ने अपने प्रस्ताव में उसके शहरों पर किए गए हमलों की निंदा करने की भी मांग रखी है. यूएई खाड़ी के सभी मुल्कों के मुकाबले इस युद्ध में सबसे ज्यादा ईरानी हमले झेलने वाला देश है. ईरान ने यूएई के कई आइकॉनिक जगहों पर मिसाइल और ड्रोन अटैक किए, इनमें पाम जुमैरा, दुबई-अबूधाबी एयरपोर्ट और तेल के ठिकाने अहम रहे. ईरान ने यूएई के रिहायशी इलाकों पर भी हमले किए हैं. 31 मार्च 2026 तक ईरान ने यूएई के ऊपर 2,228 से अधिक हमले किए हैं, जिनमें 1,977 से अधिक ड्रोन और 433 से अधिक मिसाइलें शामिल हैं. इन मिसाइलों में 398 बैलिस्टिक और 15-19 क्रूज मिसाइलें शामिल हैं. यूएई में इन हमलों की वजह से अब तक 11 लोगों की मौतें भी हुई हैं, वहीं 178 लोग घायल हुए हैं. पहले क्या कर रहा था यूएई, अब रुख क्यों बदला? संयुक्त अरब अमीरात शुरुआत में इस पूरे संघर्ष में सीधे शामिल होने से बचता रहा और खुद को एक संतुलित मध्यस्थ के रूप में पेश करता रहा. वह ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम कराने की कोशिश कर रहा था, क्योंकि क्षेत्रीय स्थिरता उसके आर्थिक हितों के लिए बेहद जरूरी है. खासतौर पर तेल और गैस के निर्यात पर निर्भर वित्तीय स्थिति के कारण वह किसी बड़े युद्ध से बचना चाहता था. ईरान की नेशनल सिक्योरिटी के चीफ अली लारिजानी ने यूएई की यात्रा भी की थी, जिनकी पिछले महीने इजरायली हमले में बेटे के साथ मौत हो गई. लेकिन हालात तब बदल गए जब ईरान की कार्रवाई सीधे यूएई के हितों को प्रभावित करने लगी. हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से उसके व्यापार और ऊर्जा निर्यात पर असर पड़ा, वहीं यूएई में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाए जाने से सुरक्षा चिंताएं भी बढ़ीं. ऐसे में अबू धाबी को लगने लगा कि केवल कूटनीति से स्थिति नहीं संभलेगी, इसलिए उसने सख्त रुख अपनाते हुए सैन्य विकल्पों पर विचार शुरू कर दिया है और वह अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने में भी सक्रिय हो गया है. ये भी पढ़ें:- हम जंग रोकने को तैयार, लेकिन… ईरानी राष्ट्रपति ने US के सामने रखी शर्त, विदेश मंत्री बोले- ट्रंप के दोस्त से बात… क्या चाहता है यूएई? रिपोर्ट के अनुसार, यूएई के संयुक्त राष्ट्र में पेश किए गए प्रस्ताव पर रूस और चीन वीटो पावर का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसकी वजह से यह खारिज हो सकता है. लेकिन इसके बावजूद यूएई ईरान के खिलाफ सहयोगियों के साथ सैन्य कार्रवाई पर आगे बढ़ना चाहता है.  रिपोर्ट के अनुसार, यूएई ने अमेरिका को कुछ आईलैंड्स पर कब्जा करने का प्रस्ताव रखा है, इसमें अबू मूसा द्वीप भी शामिल है. यह एक विवादित आईलैंड है, जिस पर ईरान का कब्जा है, जबकि यूएई भी इस पर अपना दावा करता है. ईरान के खिलाफ युद्ध में उतरने के पीछे यूएई की ताकत यूएई के पास मजबूत सैन्य ढांचा, आधुनिक तकनीक और रणनीतिक भू-स्थिति जैसी कई अहम क्षमताएं हैं, जो उसे इस संघर्ष में प्रभावी भूमिका निभाने का भरोसा देती हैं. उसके पास अमेरिकी एफ-16 लड़ाकू विमान से लैस उन्नत वायुसेना फ्लीट है, निगरानी ड्रोन सिस्टम और पश्चिमी देशों से मिले अत्याधुनिक हथियार मौजूद हैं. इसके अलावा जेबेल अली जैसे बड़े बंदरगाह और लॉजिस्टिक नेटवर्क अमेरिकी नेतृत्व वाले किसी भी सैन्य अभियान को सपोर्ट देने में सक्षम हैं. यही नहीं, यूएई होर्मुज स्ट्रेट के एक दक्षिणी-पूर्वी मुहाने पर स्थित है. यह एक ऐसी लोकेशन है, जहां से होर्मुज की एंट्री पॉइंट है. वह खाड़ी क्षेत्र में अपनी स्थिति का फायदा उठाते हुए सप्लाई, खुफिया जानकारी और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है. यूएई होर्मुज स्ट्रेट में ईरान द्वारा बिछाई गई सी माइंस को भी हटाने में अहम योगदान दे सकता है. ये भी पढ़ें:- इराक में अवॉर्ड विनिंग अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, दिन-दहाड़े उठा ले गए किडनैपर्स युद्ध में यूएई के उतरने से क्या बदलेगा? अगर यूएई खुलकर इस युद्ध में शामिल होता है, तो यह संघर्ष एक सीमित टकराव से बढ़कर क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है. इससे सऊदी अरब जैसे अन्य खाड़ी देशों पर भी दबाव बढ़ेगा कि वे अपना पक्ष स्पष्ट करें. साथ ही, यह कदम ईरान पर सैन्य और कूटनीतिक दबाव को कई गुना बढ़ा सकता है, लेकिन इसके साथ ही क्षेत्र में अस्थिरता और तेल बाजार में उथल-पुथल भी तेज हो सकती है. यूएई की एंट्री इस जंग को लंबा और अधिक जटिल बना सकती है, जिसमें वैश्विक शक्तियों की भागीदारी और बढ़ने की आशंका है. भले ही यूएई के प्रस्ताव को यूएन में सहयोग न मिले, लेकिन उसे बहरीन का समर्थन मिलने की संभावना है. यह ईरान के दक्षिणी समुद्री सीमा के पास स्थित एक छोटा, लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश है. यहां पर अमेरिकी नौसेना का फिफ्थ फ्लीट है. बहरीन लॉजिस्टिक और सैन्य समर्थन देने में सक्रिय भूमिका निभा

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प्राइवेट स्कूलों में किताबों के नाम पर लूट, 3442 रुपये की हो जाता है एनसीईआरटी के 260 वाला बुकसेट

रांची से राजेश झा की रिपोर्ट Ranchi News: शिक्षा का उद्देश्य भले ही ज्ञान देना हो, लेकिन मौजूदा दौर में यह अभिभावकों के लिए महंगा सौदा बन गया है. स्कूलों और प्रकाशकों के बीच कथित ‘गठजोड़’ के कारण किताबों की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है. स्थिति यह है कि जहां एनसीईआरटी की कक्षा एक की किताबें मात्र 260 रुपये में उपलब्ध हैं. वहीं, डीएवी स्कूलों में यही दाम 517 रुपये तक पहुंच जाता है. प्राइवेट स्कूलों में तो किताबों का पूरा सेट 3442 रुपये तक में बेचा जा रहा है, जो आम परिवारों की जेब पर भारी पड़ रहा है. 120 करोड़ का कारोबार, 36 करोड़ कमीशन बताया जा रहा है कि इस पूरे सिस्टम में करीब 120 करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा है, जिसमें से लगभग 36 करोड़ रुपये कमीशन के रूप में जुड़े पक्षों तक पहुंचता है. इसके अलावा, हर साल किताबों की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि हो रही है. सीबीएसई और आइसीएसई स्कूलों में एनसीईआरटी किताबों के साथ निजी प्रकाशकों की रेफरेंस बुक लेना भी लगभग अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे अभिभावकों की परेशानी और बढ़ गई है. 120 करोड़ के कारोबार में 160 स्कूल शामिल रांची में स्कूली किताब-कॉपी का कारोबार इस साल करीब 120 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. इसमें सीबीएसई, आईसीएसई, के लगभग 160 स्कूल शामिल हैं, जहां औसतन 2000 छात्र पढ़ते हैं. हर छात्र पर करीब 5000 रुपये का खर्च आता है, जिससे लगभग 90 करोड़ रुपये का कारोबार होता है. इसके अलावा, 400 से अधिक गैर मान्यता प्राप्त स्कूल हैं, जहां औसतन 250 छात्र पढ़ते हैं और प्रति छात्र करीब 3000 रुपये खर्च होते हैं. इससे करीब 30 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कारोबार जुड़ता है. इस कुल कारोबार में लगभग 30 प्रतिशत यानी करीब 36 करोड़ रुपये कमीशन के रूप में स्कूलों तक पहुंचने की बात सामने आई है. हर साल बढ़ रही कीमतें, अभिभावक परेशान किताबों की कीमतों में हर साल 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि हो रही है. पिछले साल जहां कक्षा एक के लिए अभिभावकों को लगभग 3500 रुपये खर्च करने पड़ते थे, वहीं इस साल यह राशि बढ़कर 5195 रुपये हो गई है. कक्षा पांच की बात करें, तो मुख्य विषयों के अलावा 21 किताबें दी जा रही हैं, जिनकी कुल कीमत 7580 रुपये तक पहुंच गई है. नर्सरी और प्रेप कक्षाओं के लिए भी 3000 से 3500 रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है. इस बढ़ती कीमत ने मध्यम वर्गीय परिवारों की चिंता बढ़ा दी है, जिनके लिए बच्चों की पढ़ाई एक बड़ा आर्थिक बोझ बनती जा रही है. कितना खरीदने का पता बताते हैं स्कूल राजधानी रांची में अप्रैल के पहले सप्ताह से निजी स्कूलों का नया सत्र शुरू होने जा रहा है. साथ ही स्कूलों ने परीक्षाफल के साथ किताब-कॉपी की सूची भी अभिभावकों को थमा दी है. कई स्कूलों द्वारा यह भी बताया जा रहा है कि किताबें कहां से खरीदनी हैं. कहीं लिखित पर्ची के जरिये, तो कहीं मौखिक रूप से. इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि स्कूलों और प्रकाशकों के बीच गहरे संबंध हैं. हर साल की तरह इस बार भी बुक लिस्ट में बदलाव किया गया है. कंटेंट बराबर, प्रकाशक चेंज किताबों का कंटेंट लगभग वही है, लेकिन प्रकाशक का नाम बदल दिया जाता है. उदाहरण के तौर पर गणित की प्रसिद्ध किताबों के नये संस्करण केवल नये कवर के साथ पेश किये जा रहे हैं. इसके अलावा कुछ प्रकाशकों ने कुछ अध्यायों में बदलाव भी किया है, ताकि पुराने संस्करण का उपयोग न हो सके और अभिभावकों को नयी किताबें खरीदने के लिए मजबूर होना पड़े. वहीं, एनसीइआरटी की किताबें नहीं दी जा रही हैं. प्रिंट रेट पर किताबें, फिर भी महंगी क्यों? स्कूलों की ओर से अभिभावकों को किताबें प्रिंट रेट पर ही खरीदने को कहा जाता है. लेकिन सवाल यह है कि जब किताबें प्रिंट रेट पर मिल रही हैं, तो कीमत इतनी अधिक क्यों है? दरअसल, कई किताबों में पन्नों की संख्या बेहद कम होती है, फिर भी उनकी कीमत 300 से 350 रुपये तक रखी जाती है. खासकर मोरल साइंस, जनरल नॉलेज और एटलस जैसी किताबों में यह प्रवृत्ति ज्यादा देखी जा रही है. निजी प्रकाशकों की किताबों का दबदबा सीबीएसई और आइसीएसई स्कूलों में एनसीइआरटी की किताबों के साथ-साथ निजी प्रकाशकों की रेफरेंस बुक लेना लगभग अनिवार्य कर दिया गया है. ये किताबें एनसीईआरटी की तुलना में पांच से छह गुना तक महंगी होती हैं. स्कूलों द्वारा इन्हें कोर्स में शामिल करने के पीछे मोटे कमीशन का लालच बताया जा रहा है. प्रकाशक और बुक सेलर पहले से ही कमीशन तय कर लेते हैं और उसी के आधार पर किताबों को कोर्स में शामिल किया जाता है. कक्षा एक से आठ तक के पाठ्यक्रम में हिंदी, गणित, विज्ञान के अलावा जीके, मोरल साइंस, कंप्यूटर जैसी कई अतिरिक्त किताबें शामिल कर दी जाती हैं, जिससे कुल खर्च और बढ़ जाता है. इस वर्ष कोर्स में बदलाव को लेकर कक्षा 9वीं व 10वीं की एनसीइआरटी की किताब नहीं मिल रही है. दिसंबर से ही शुरू हो जाती है लूट की तैयारी नए सत्र में अभिभावकों से लूट की तैयारी दिसंबर से ही शुरू हो जाती है. निजी प्रकाशकों के डीलर स्कूलों से संपर्क कर कमीशन तय करते हैं. इसके बाद यह निर्णय लिया जाता है कि किस प्रकाशक की कौन-कौन सी किताबें कोर्स में शामिल होंगी. इस प्रक्रिया में स्कूलों को लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक कमीशन मिलता है. इसके अलावा, कई बार स्कूल प्रबंधन को अन्य लाभ जैसे विदेश यात्रा के ऑफर भी दिए जाते हैं. बुक सेलरों को भी 20 प्रतिशत तक कमीशन दिया जाता है, जबकि वे स्कूलों को 2.5 से तीन लाख रुपये तक भुगतान करते हैं, ताकि अभिभावकों को उनकी दुकानों से ही किताबें खरीदने के लिए भेजा जाये. 100 की किताब ऐसे हो जाती है 400 की एक उदाहरण से समझें तो सातवीं कक्षा की एक विज्ञान की किताब की कीमत 469 रुपये है. इसमें से 140 रुपये (30 प्रतिशत) स्कूल को और 94 रुपये (20 प्रतिशत) बुक सेलर को कमीशन के रूप में जाते हैं. इसके अलावा, 70 रुपये (15 प्रतिशत) मार्केटिंग पर खर्च होते

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साल में दो बार क्यों मनाई जाती है हनुमान जयंती? जानें मां सीता के वरदान का रहस्य

Hanuman Jayanti 2026: चैत्र पूर्णिमा की पावन तिथि आज 1 अप्रैल से शुरू हो गई है, जो 2 अप्रैल को समाप्त होगी. मान्यता है कि इस दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था. इस दिन देशभर में धूमधाम से बजरंगबली का जन्मोत्सव मनाया जाता है. भक्त इस दिन विशेष रूप से हनुमान जी को सिंदूर और लाल चोला अर्पित करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह एकमात्र तिथि नहीं है, जब बजरंगबली का जन्मोत्सव मनाया जाता है. इसके अलावा कार्तिक मास में भी यह पर्व मनाया जाता है. मान्यता है कि इसके पीछे माता सीता द्वारा पवनपुत्र हनुमान को दिया गया एक वरदान है. आइए जानते हैं कि माता जानकी ने ऐसा कौन-सा वरदान दिया था, जिसके कारण साल में दो बार हनुमान जी के जन्म की खुशियां मनाई जाती हैं. चैत्र पूर्णिमा: जब अंजनी नंदन ने लिया अवतार साल में पहली बार हनुमान जयंती चैत्र मास में मनाई जाती है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, हनुमान जी का जन्म चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हुआ था. माता अंजनी और केसरी के पुत्र के रूप में जन्मे हनुमान जी भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार माने जाते हैं. यही कारण है कि इस दिन को मुख्य ‘जन्म दिवस’ या ‘प्रकट उत्सव’ के रूप में मनाया जाता है. साल 2026 में यह तिथि 2 अप्रैल को पड़ रही है. कार्तिक चतुर्दशी: मां सीता के वरदान से मिला ‘दूसरा जन्म’ दूसरी बार हनुमान जयंती कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी (नरक चतुर्दशी या छोटी दीपावली) को मनाई जाती है. वाल्मीकि रामायण के अनुसार, जब हनुमान जी माता सीता की खोज करते हुए लंका पहुंचे और उन्हें प्रभु श्री राम की मुद्रिका (अंगूठी) सौंपी, तो माता सीता भावुक हो गईं. उन्होंने हनुमान जी की भक्ति और समर्पण से प्रसन्न होकर उन्हें ‘अष्ट सिद्धि’ और ‘नव निधि’ के साथ-साथ अजर-अमर होने का वरदान दिया. जिस दिन माता सीता ने हनुमान जी को यह आशीर्वाद दिया, वह दिन कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी था. चूंकि इसी दिन हनुमान जी को एक नया आध्यात्मिक जीवन और अमरता प्राप्त हुई, इसलिए इसे उनके ‘दूसरे जन्म’ के रूप में पूजा जाता है. कई जगहों पर इसे ‘विजय अभिनंदन महोत्सव’ भी कहा जाता है. यह भी पढ़ें: Hanuman Jayanti 2026: कल है हनुमान जयंती, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि, भोग, रंग, फूल और बजरंगबली के मंत्र The post साल में दो बार क्यों मनाई जाती है हनुमान जयंती? जानें मां सीता के वरदान का रहस्य appeared first on Naya Vichar.

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TMKOC: ‘दया बेन’ की वापसी पर बड़ा खुलासा, जेनिफर मिस्त्री ने बताया पूरा सच

TMKOC: टीवी के सबसे पॉपुलर शोज में से एक तारक मेहता का उल्टा चश्मा को लेकर फैंस के बीच हमेशा एक सवाल बना रहता है, क्या दया भाभी यानी दिशा वकानी की वापसी होगी? अब इस पर शो की पूर्व कलाकार जेनिफर मिस्त्री बंसीवाल ने बड़ा खुलासा कर दिया है. जेनिफर मिस्त्री, जिन्होंने शो में मिसेज सोढ़ी का किरदार निभाकर पहचान बनाई, अब इस शो का हिस्सा नहीं हैं. करीब 15 साल तक शो में काम करने के बाद उन्होंने 2023 में इसे अलविदा कह दिया था. शो छोड़ने के बाद से ही वह मेकर्स, खासकर असित कुमार मोदी को लेकर कई बार खुलकर अपनी बात रख चुकी हैं. दया के लिए नई लड़की का हुआ था ऑडिशन हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में जेनिफर ने साफ कहा कि दिशा वकानी अब शो में वापसी नहीं करेंगी. उन्होंने बताया कि बीच-बीच में उनकी वापसी को लेकर जो समाचारें आती हैं, वो सिर्फ दर्शकों का ध्यान बनाए रखने की रणनीति है. जेनिफर ने यह भी खुलासा किया कि जब वह शो में थीं, तब दया भाभी के रोल के लिए एक नई लड़की का ऑडिशन लिया गया था. उस लड़की को करीब दो साल तक होल्ड पर रखा गया, मॉक शूट भी हुआ, लेकिन उम्र कम होने की वजह से उसे कास्ट नहीं किया गया. दिशा के ससुराल वालों ने रखी शर्तें उन्होंने आगे बताया कि 2021 में दिशा वकानी की वापसी लगभग तय हो गई थी. वह शूट शुरू करने के लिए तैयार थीं, कॉस्ट्यूम ट्रायल भी कर चुकी थीं, लेकिन आखिरी वक्त पर मामला बिगड़ गया और उनकी वापसी नहीं हो पाई. जेनिफर के मुताबिक, दिशा के ससुराल पक्ष की कुछ शर्तें थीं, जैसे देर रात शूटिंग नहीं करना, लंबे घंटे काम नहीं करना जिन्हें मेकर्स मानने को तैयार नहीं थे. यहां तक कि जेनिफर और सोनालिका जोशी ने सुझाव दिया था कि दिशा के घर पर ही शूट किया जाए, लेकिन इस पर भी सहमति नहीं बन पाई. यह भी पढे़ं: सलमान खान की फिल्म में नयनतारा की एंट्री, 19 साल छोटी एक्ट्रेस संग करेंगे रोमांस The post TMKOC: ‘दया बेन’ की वापसी पर बड़ा खुलासा, जेनिफर मिस्त्री ने बताया पूरा सच appeared first on Naya Vichar.

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अब पावर वाला चश्मा भी होगा स्मार्ट, Meta ने लॉन्च किये नये Ray-Ban Optics Styles ग्लासेस

Meta ने अपनी AI-पावर्ड स्मार्ट ग्लासेस रेंज को आगे बढ़ाते हुए नये Ray-Ban Meta Optics Styles लॉन्च कर दिए हैं. ये खास तौर पर उन यूजर्स के लिए डिजाइन किए गए हैं, जिन्हें प्रिस्क्रिप्शन (नंबर वाले) चश्मे की जरूरत होती है. इन ग्लासेस में प्रिस्क्रिप्शन सपोर्ट के साथ-साथ Meta AI के फीचर्स जैसे हैंड्स-फ्री न्यूट्रिशन ट्रैकिंग और मैसेज समरी भी मिलते हैं, जिससे ये डेली यूज के लिए ज्यादा प्रैक्टिकल बन जाते हैं. कीमत और उपलब्धता इस नई लाइनअप में दो वेरिएंट शामिल हैं: Ray-Ban Meta Blayzer Optics (Gen 2) Ray-Ban Meta Scriber Optics (Gen 2) इनकी कीमत $499 (करीब ₹41,500) रखी गई है. फिलहाल ये स्मार्ट ग्लासेस सिर्फ अमेरिका में प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध हैं, जिन्हें Meta और Ray-Ban के ऑफिशियल चैनल्स के जरिए खरीदा जा सकता है. इनकी सेल 14 अप्रैल से शुरू होगी. Meta ने बताया है कि हिंदुस्तान समेत अन्य देशों में भी इन्हें साल के अंत तक लॉन्च किया जाएगा. डिजाइन और कस्टमाइजेशन Blayzer और Scriber फ्रेम्स को खास तौर पर प्रिस्क्रिप्शन यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है. इसमें- स्लिम फ्रेम डिजाइन इंटरचेंजेबल नोज पैड्स एडजस्टेबल टेम्पल टिप्स (चश्मे के आखिरी सिरे पर लगे प्लास्टिक, सिलिकॉन या रबर के कवर) 10-डिग्री एक्स्ट्रा रोटेशन वाले हिंज ये सभी फीचर्स लंबे समय तक आरामदायक इस्तेमाल के लिए बेहतर फिट सुनिश्चित करते हैं. दमदार फीचर्स और परफॉर्मेंस इन स्मार्ट ग्लासेस में कई एडवांस फीचर्स दिए गए हैं: 12MP कैमरा (3K वीडियो रिकॉर्डिंग) 6 माइक्रोफोन सिस्टम बेहतर कॉल और ऑडियो के लिए म्यूजिक और पॉडकास्ट सपोर्ट (Spotify, Amazon Music) कॉल, मैसेज और वॉइस कमांड सपोर्ट एक नया एक्शन बटन भी दिया गया है, जिससे आप तुरंत फोटो/वीडियो कैप्चर कर सकते हैं या Meta AI को एक्टिव कर सकते हैं. Meta AI यूजर्स के सामने दिख रही चीजों को समझकर सवालों के जवाब दे सकता है और काम में मदद कर सकता है. नए कलर ऑप्शन कंपनी ने Ray-Ban और Oakley Meta ग्लासेस के लिए नए कलर और Transitions लेंस ऑप्शन भी पेश किए हैं, जो लाइट के हिसाब से एडजस्ट होते हैं. इनमें सिंगल विजन, प्रोग्रेसिव और Transitions लेंस का सपोर्ट मिलता है, जिससे आप बिना फ्रेम बदले इनडोर-आउटडोर आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं. कलर ऑप्शन में- Shiny Transparent Grey Shiny Transparent Peach Matte Transparent Peach मिलेंगे नए AI फीचर्स Meta जल्द ही कई नए AI फीचर्स भी जोड़ने जा रहा है, जिसमें- Nutrition Tracking: यूजर्स वॉइस या फोटो के जरिए अपना खाना रिकॉर्ड कर सकेंगे और Meta AI उससे जरूरी जानकारी निकालकर समय के साथ पर्सनल हेल्थ डाइट ट्रैक कर लेगा. WhatsApp Summary: हैंड्स-फ्री WhatsApp समरी फीचर भी जल्द आ रहा है, जिसमें आप Meta AI से चैट का छोटा सार या जरूरी जानकारी पूछ सकते हैं. खास बात यह है कि डेटा एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहता है. Neural Handwriting: आने वाले फीचर्स में Neural Handwriting शामिल है, जिससे यूजर्स अपनी उंगली से सतहों पर मैसेज लिख सकते हैं और चश्मा उन्हें टेक्स्ट में बदल देगा. यह इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और आईमैसेज जैसे ऐप्स पर काम करता है. Display Recording: डिस्प्ले रिकॉर्डिंग से यूजर्स अपने सामने दिख रहे विजुअल, रियल वर्ल्ड और ऑडियो को मिलाकर वीडियो बना सकेंगे. Ecosystem Integration: Meta अपने स्मार्ट ग्लासेस में इकोसिस्टम इंटीग्रेशन भी बढ़ा रहा है, जिसमें Spotify शॉर्टकट्स और रिमाइंडर, वेदर, कैलेंडर जैसे ऑन-डिवाइस विजेट्स शामिल हैं. साथ ही, US शहरों में नेविगेशन फीचर भी रोलआउट हो रहा है, जिससे यूजर्स को सीधे आंखों के सामने टर्न-बाय-टर्न डायरेक्शन मिलेंगे. इन फीचर्स को आने वाले महीनों में अपडेट के जरिए रोलआउट किया जाएगा. यह भी पढ़ें: Vivo और Realme ही नहीं, अप्रैल में लॉन्च होंगे ये स्मार्टफोन्स भी, देखें पूरी लिस्ट यह भी पढ़ें: Meta RayBan Display ग्लासेज में क्या सच में है स्मार्टफोन की जरूरत खत्म करने का माद्दा? The post अब पावर वाला चश्मा भी होगा स्मार्ट, Meta ने लॉन्च किये नये Ray-Ban Optics Styles ग्लासेस appeared first on Naya Vichar.

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