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Author name: Vinod Jha

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Solar Lunar Eclipse Mythological Story: राहु-केतु की कहानी, ग्रहण के पीछे की पौराणिक सच्चाई

Solar Lunar Eclipse Mythological Story: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को लगेगा. यह ग्रहण शाम 5:31 बजे शुरू होकर 7:57 बजे तक रहेगा. यह सूर्य ग्रहण हिंदुस्तान में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा. सूर्य ग्रहण केवल एक खगोलीय घटना नहीं है, बल्कि इसका गहरा संबंध ज्योतिष और पौराणिक कथाओं से भी माना जाता है. ग्रहण और राहु-केतु का संबंध हिंदू मान्यताओं के अनुसार, सूर्य और चंद्र ग्रहण का कारण राहु और केतु को माना जाता है. कहा जाता है कि राहु और केतु सूर्य और चंद्रमा से बदला लेने के लिए समय-समय पर उन्हें ग्रस लेते हैं, जिससे ग्रहण की स्थिति बनती है. इसके पीछे एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा है. समुद्र मंथन की पौराणिक कथा प्राचीन समय में जब दैत्यों ने तीनों लोकों पर अधिकार कर लिया, तब देवताओं ने भगवान विष्णु से सहायता मांगी. भगवान विष्णु ने देवताओं को क्षीर सागर का मंथन करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि मंथन से निकलने वाला अमृत देवता पिएं, लेकिन असुरों को यह अमृत नहीं मिलना चाहिए, क्योंकि अमृत पीने से वे अमर हो जाते. देवताओं और असुरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया. मंथन के बाद अमृत निकला, जिसे लेकर देवताओं और असुरों में विवाद होने लगा. मोहिनी रूप और राहु का छल तब भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया और अमृत बांटने की जिम्मेदारी ली. उन्होंने देवताओं और असुरों को अलग-अलग पंक्तियों में बैठाया. इसी दौरान एक असुर देवता का वेश बनाकर देवताओं की पंक्ति में बैठ गया. सूर्य-चंद्र ने खोली पोल सूर्य और चंद्रमा ने उस असुर को पहचान लिया और तुरंत भगवान विष्णु को इसकी जानकारी दी. लेकिन तब तक असुर अमृत पी चुका था. भगवान विष्णु ने तुरंत अपने सुदर्शन चक्र से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया. अमृत गले से नीचे नहीं उतरा था, इसलिए उसका सिर अमर हो गया. राहु और केतु का जन्म असुर का सिर राहु और धड़ केतु कहलाया. सूर्य और चंद्र द्वारा भेद खोलने के कारण राहु और केतु उनसे शत्रुता रखने लगे. यही कारण माना जाता है कि राहु और केतु समय-समय पर सूर्य और चंद्रमा को ग्रस लेते हैं, जिससे सूर्य और चंद्र ग्रहण होता है. The post Solar Lunar Eclipse Mythological Story: राहु-केतु की कहानी, ग्रहण के पीछे की पौराणिक सच्चाई appeared first on Naya Vichar.

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Land Survey: हजारीबाग में 100 से साल से अधर में लटका है भूमि सर्वेक्षण का काम, डीसी को सौंपा गया ज्ञापन

हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट Land Survey: झारखंड के उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के मुख्यालय हजारीबाग में भूमि सर्वेक्षण कार्य पिछले 100 वर्षों से अधिक समय से लंबित है. इस गंभीर मुद्दे को लेकर इचाक प्रखंड के दरिया गांव निवासी किशोर कुमार मेहता ने उपायुक्त सह प्रभारी बंदोबस्त पदाधिकारी शशि प्रकाश सिंह को ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में बंदोबस्त कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए नियम संगत और पारदर्शी तरीके से सर्वे कार्य कराने की मांग की गई है. आयुक्त और विभागीय सचिव को भी भेजी गई कॉपी किशोर कुमार मेहता ने उपायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन की प्रतिलिपि आयुक्त, उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के साथ-साथ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निदेशक और सचिव को भी भेजी है. ज्ञापन में कहा गया है कि इतने लंबे समय से भूमि सर्वे लंबित रहने के कारण आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जमीन से जुड़े विवाद लगातार बढ़ रहे हैं और किसानों व रैयतों को कानूनी दिक्कतों से गुजरना पड़ रहा है. बंदोबस्त कार्यालय की खामियों की ओर इशारा ज्ञापन के माध्यम से हजारीबाग बंदोबस्त कार्यालय में व्याप्त विभिन्न अनियमितताओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया गया है. बताया गया है कि वर्तमान समय में कार्यालय में लगभग 60 कर्मी कार्यरत हैं. इनमें तीन कानूनगो, 15 परिमाप निरीक्षक, छह सर्वेयर, छह मुंसरिम, तीन मोहर्रिर, नौ निम्नवर्गीय लिपिक, तीन प्रतिलिपिक और कई दैनिक कर्मी शामिल हैं. इसके बावजूद भूमि सर्वे का काम प्रभावी ढंग से आगे नहीं बढ़ पा रहा है. एक कर्मी को कई जगहों पर पोस्टिंग का आरोप ज्ञापन में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि नियमों के विरुद्ध एक ही कर्मी को कई जगहों पर तैनात किया गया है. बरही और पदमा प्रखंड में तस्दीक शिविर के साथ-साथ धारा 89 का कार्य भी चल रहा है. आरोप है कि तस्दीक शिविर में प्रतिनियुक्त कर्मियों को गलत तरीके से धारा 89 के कार्यों में भी लगाया गया है. इससे न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. पांच जगहों पर एक साथ काम कर रहा कर्मी ज्ञापन में बंदोबस्त मुख्यालय में प्रधान पेशकार के पद पर कार्यरत निम्नवर्गीय लिपिक राजेश कुमार का विशेष रूप से जिक्र किया गया है. आरोप है कि राजेश कुमार मुख्यालय में रहते हुए बरही और पदमा दोनों प्रखंडों में तस्दीक शिविर, धारा 83 और धारा 89 के कार्यों में प्रधान पेशकार बनाए गए हैं. इस तरह वे एक साथ पांच जगहों पर कार्य कर रहे हैं. यह विभागीय नियमावली के पूरी तरह खिलाफ बताया गया है. रामगढ़ जिले में भी नियमों की अनदेखी ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड में तस्दीक शिविर और आपत्ति शिविर (धारा 83) में निम्नवर्गीय लिपिक दीपू कुमार को पेशकार बनाया गया है. इसे विभागीय पत्र संख्या 09 सर्वे 2010 के आदेश का उल्लंघन बताया गया है. इससे यह संकेत मिलता है कि केवल हजारीबाग ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों में भी नियमों की अनदेखी हो रही है. इसे भी पढ़ें: Palamu News: पैसों के लालच में मां ने नाबालिग को बुजुर्ग से कराई शादी, पिता ने बचाई लाज जांच के बाद हटेंगे गलत पदस्थापित कर्मी हजारीबाग के सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी विजय महतो ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है. उन्होंने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है. जांच पूरी होने के बाद जो भी कर्मी गलत तरीके से पदस्थापित पाए जाएंगे, उन्हें हटाया जाएगा. प्रशासन का दावा है कि भूमि सर्वे कार्य को पारदर्शी और नियम संगत तरीके से पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. इसे भी पढ़ें: बेटे और पति की राह देखते-देखते मर गई स्त्री, 1997 में रिनपास में भर्ती कराने के बाद नहीं ली सुध The post Land Survey: हजारीबाग में 100 से साल से अधर में लटका है भूमि सर्वेक्षण का काम, डीसी को सौंपा गया ज्ञापन appeared first on Naya Vichar.

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Shab e Barat 2026: आज है शब ए बारात, जानें क्यों जागते हैं लोग पूरी रात

Shab e Barat 2026: आज शब-ए-बारात है और इस रात कब्रिस्तानों में जाकर पूर्वजों की मगफिरत के लिए दुआ करना एक आम परंपरा है. शब-ए-बारात केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्ममंथन और सुधार का संदेश भी देती है. यह रात इंसान को अपने गुनाहों को स्वीकार कर उनसे तौबा करने, दूसरों को माफ करने और दिल से नफरत निकालने की सीख देती है. आइए जानते हैं शब-ए-बारात के बारे में खास बातें… Shab-e-Barat 2026 कब है शब-ए-बारात 2026 इस्लामी कैलेंडर के शाबान महीने की 15वीं (15 Shaban 1447 AH) रात को मनाई जाती है. हिंदुस्तान में शब-ए-बारात 2026 की तिथि 3 फरवरी 2026 (शाम से) से 4 फरवरी 2026 तक होने की संभावना है, लेकिन सटीक तारीख चांद नजर आने के बाद तय होती है. यह 15 शाबान 1447 हिजरी को मेल खाती है. क्यों है ये ‘माफी की रात’? भाई, शब-ए-बारात को ‘लैलतुल बरात’ भी बोलते हैं, मतलब बरी होने की रात. इस्लामी मान्यता है कि अल्लाह इस रात कयामत तक के तमाम बंदों के अमल देखता है. जो लोग जागते हैं, नमाज पढ़ते हैं, कुरान की तिलावत करते हैं, उनकी तौबा कुबूल हो जाती है. रिवाज देखो तो लोग रात भर इबादत में लगे रहते हैं. घरों में हलवा-खीर बनती है, मस्जिदों में महफिलें सजती हैं. कब्रिस्तान जाकर मरहूम रिश्तेदारों के लिए फातिहा पढ़ना भी आम है. कुछ लोग नफिल रोजा भी रखते हैं. ये सब अल्लाह की रहमत पाने के लिए. मैंने खुद देखा है, गलियों में लाइटें जलती हैं, माहौल भक्ति से भर जाता है. अगर आप भी प्लान कर रहे हो, तो पहले से कुरान की कोई सूरह याद कर लो! शब-ए-बारात में क्यों जागते हैं लोग शब-ए-बारात की रात को लोग पूरी रात जागकर इबादत और दुआ करते हैं. माना जाता है कि इस रात अल्लाह अपनी रहमत और माफी बरसाते हैं. लोग गुनाहों की माफी मांगते हैं, नेक कामों की योजना बनाते हैं और अपने भविष्य के लिए दुआ करते हैं. यह रात आत्म-चिंतन और आध्यात्मिक शुद्धि का समय होती है. रमजान 2026 कब से शुरू होगा? शब-ए-बारात के ठीक 15 दिन बाद आता है रमजान का पाक महीना. 2026 में अगर चांद 18 फरवरी को दिखा, तो 19 फरवरी से रोजे शुरू हो जाएंगे. ये तारीख भी चांद पर डिपेंड करती है, UAE या सऊदी अरब के ऐलान से मैच हो सकती है. रमजान में मुसलमान भाई सुबह सूर्योदय से शाम सूर्यास्त तक खाना-पानी छोड़कर अल्लाह की इबादत करते हैं. ये नेकी का महीना है – कुरान पढ़ना, जकात देना, गरीबों की मदद. हिंदुस्तान में देहरादून, लखनऊ जैसे शहरों में इफ्तार पार्टियां धूम मचाती हैं. रोजे रखने से जज्बा मजबूत होता है, दिल पाक होता है. The post Shab e Barat 2026: आज है शब ए बारात, जानें क्यों जागते हैं लोग पूरी रात appeared first on Naya Vichar.

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Patna News: पटना में जाम से मिलेगी मुक्ति, ट्रैफिक पुलिस का नया मास्टरप्लान, बंद होंगे अनावश्यक यू-टर्न और कट

Patna News: पटना में लगातार बढ़ते जाम और वाहनों के दबाव को देखते हुए यातायात पुलिस ने शहर की सड़कों का नए सिरे से सर्वे कराने का फैसला किया है. इस सर्वे का मकसद उन सड़कों और इलाकों की पहचान करना है, जहां ट्रैफिक का दबाव सबसे ज्यादा रहता है. बीते एक-दो वर्षों में निजी वाहनों, ऑटो और ई-रिक्शा की संख्या तेजी से बढ़ी है, जबकि सड़कों की चौड़ाई लगभग जस की तस बनी हुई है. ऐसे में ट्रैफिक प्रबंधन के लिए पुराने इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं. किन सड़कों पर ज्यादा दबाव, बनेगी अलग सूची यातायात पुलिस उन सड़कों की अलग-अलग सूची तैयार कर रही है, जहां वाहनों का दबाव सबसे ज्यादा रहता है. खास तौर पर मुख्य सड़कों पर दिन के छह घंटे ऐसे होते हैं, जब जाम की स्थिति सबसे गंभीर होती है. इसमें सुबह 9:30 बजे से 12:30 बजे तक और शाम 4 बजे से 7 बजे तक का समय शामिल है. इस दौरान दफ्तर जाने और लौटने वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा होती है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा जाती है. सर्वे के आधार पर कई सड़कों पर बने अनावश्यक कट बंद करने की योजना है. खासकर व्यस्त समय में कई जगहों पर कट को अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा, ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारु हो सके. इसके साथ ही शहर के कई चौक-चौराहों पर नई रेड लाइट लगाने की तैयारी भी चल रही है, जिससे ट्रैफिक को सिग्नल सिस्टम के जरिए नियंत्रित किया जा सके. पार्किंग और ई-रिक्शा बने बड़ी चुनौती यातायात पुलिस के मुताबिक, सड़कों के किनारे बेतरतीब पार्किंग भी जाम की बड़ी वजह बन रही है. कई इलाकों में ऑटो और ई-रिक्शा का सड़क पर खड़ा होना ट्रैफिक को और धीमा कर देता है. हाल ही में चौक-चौराहों पर ऑटो और ई-रिक्शा खड़े करने पर रोक के बाद अब इन जगहों की निगरानी और सख्त करने की तैयारी है. कई विभाग मिलकर करेंगे सर्वे इस सर्वे में यातायात पुलिस के साथ जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारी भी शामिल रहेंगे. ट्रैफिक एसपी के अनुसार, सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद उसी के आधार पर ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि आम लोगों को रोजाना जाम से राहत मिल सके. कई जगहों पर रेड लाइन और यूटर्न की उपयोगिता की भी दोबारा समीक्षा की जाएगी. Also Read: Anant Singh: बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने ली शपथ, सीएम नीतीश कुमार के छुए पैर The post Patna News: पटना में जाम से मिलेगी मुक्ति, ट्रैफिक पुलिस का नया मास्टरप्लान, बंद होंगे अनावश्यक यू-टर्न और कट appeared first on Naya Vichar.

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बेटे और पति की राह देखते-देखते मर गई महिला, 1997 में रिनपास में भर्ती कराने के बाद नहीं ली सुध

रांची से अजय दयाल की रिपोर्ट Ranchi News: मां ने बेटे के उस वादे को सच मान लिया था, जो कभी सच था ही नहीं. उसने अपना सामान समेटा, कपड़े ठीक किए और आंखें दरवाजे पर टिकाए बैठी रही. दिन ढल गया, फिर रात हो गई, लेकिन बेटा नहीं आया. उसी इंतजार ने एक मां के भीतर ऐसा खालीपन भर दिया, जिससे वह कभी उबर नहीं सकी. करीब 28 वर्षों तक बेटे और पति की राह देखते-देखते आखिरकार रांची के रिनपास में उसकी जिंदगी थम गई. 1997 में रिनपास में भर्ती कराने के बाद नहीं आया पति यह कहानी केवल मानसिक बीमारी से ग्रस्त उस स्त्री की नहीं है, बल्कि टूटे भरोसे और रिश्तों की भी है. वर्ष 1997 में झारखंड के हजारीबाग की रहने वाली स्त्री के पति ने उसे मानसिक रोगी बताकर रांची के रिनपास में भर्ती कराया था. उस समय पति ने इलाज का भरोसा दिलाया था, लेकिन भर्ती कराने के बाद वह कभी लौटकर नहीं आया. धीरे-धीरे समय बीतता गया, रिश्ते पीछे छूटते चले गए और स्त्री अस्पताल की चारदीवारी के भीतर ही जीवन काटती रही. वर्षों बाद बेटे से मुलाकात के बाद जगी थी उम्मीद कई सालों बाद स्त्री का बेटा अपनी पत्नी के साथ रिनपास पहुंचा. बेटे को देखकर मां बेहद खुश हुई. बातचीत के दौरान स्त्री पूरी तरह सामान्य दिख रही थी. मां-बेटे के बीच घंटों बातचीत हुई. बेटे ने कुछ जरूरी कागजात पर मां से हस्ताक्षर कराए और रिनपास प्रशासन से कहा कि वह अगले दिन आकर मां को अपने साथ घर ले जाएगा. बेटे का वादा बना जिंदगी की सबसे बड़ी उम्मीद बेटे का यह वादा मां के लिए नई जिंदगी की तरह था. उसने खुद को आजाद महसूस किया. अगले दिन जाने की खुशी में उसने अपना सारा सामान बांध लिया. सुबह से शाम तक वह बेटे की राह देखती रही. हर आहट पर उसकी नजर दरवाजे की ओर उठ जाती थी. उसे भरोसा था कि बेटा जरूर आएगा. लेकिन वह दिन ढल गया और बेटा नहीं आया. इंतजार ने तोड़ दी मानसिक स्थिति जिस दिन बेटा नहीं आया, उसी दिन से स्त्री सदमे में चली गई. बेटे के वादे के टूटने ने उसकी मानसिक स्थिति को पूरी तरह झकझोर दिया. इसके बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी. वह फिर से गहरे अवसाद में चली गई. अस्पताल के कर्मचारियों के अनुसार, उस दिन के बाद स्त्री अक्सर दरवाजे की ओर देखती रहती थी, मानो अब भी किसी का इंतजार कर रही हो. रिनपास में ही थम गई जिंदगी लंबे समय तक इलाज के बावजूद स्त्री की हालत में सुधार नहीं हो सका. आखिरकार रिनपास में ही उसकी मौत हो गई. स्त्री की मौत के बाद जब रिनपास प्रशासन ने परिजनों को सूचना दी, तो उन्होंने शव लेने से साफ इनकार कर दिया. परिजनों का कहना था कि उनका स्त्री से अब कोई संबंध नहीं है. डालसा ने दिखाई मानवीय संवेदना परिजनों द्वारा शव लेने से इनकार किए जाने के बाद मामले की जानकारी झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण यानी डालसा को दी गई. न्यायालय के निर्देश पर डालसा सचिव राकेश रोशन और पीएलवी हिंदुस्तानी शाहदेव ने मामले में हस्तक्षेप किया. दोनों ने लगातार दो दिनों तक परिजनों की काउंसलिंग की. काउंसलिंग के बाद पहुंचे रिश्तेदार डालसा की लगातार कोशिशों के बाद मृतका के चचेरे भाई काउंसलिंग के लिए तैयार हुए और रांची पहुंचे. उन्होंने शव को रिसीव किया. इसके बाद हरमू मुक्तिधाम में स्त्री का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ कराया गया. अंतिम संस्कार के दौरान डालसा की टीम और रिनपास प्रशासन भी मौजूद रहा. इसे भी पढ़ें: Palamu News: पैसों के लालच में मां ने नाबालिग को बुजुर्ग से कराई शादी, पिता ने बचाई लाज एक मां, एक पत्नी और टूटे रिश्तों की कहानी यह घटना केवल एक मानसिक रोगी स्त्री की मौत की कहानी नहीं है. यह उस मां और पत्नी की कहानी है, जिसे अपनों ने समय रहते संभाला नहीं. 28 साल तक रिनपास की चारदीवारी में बंद जिंदगी, बेटे और पति की राह देखते हुए खत्म हो गई. यह कहानी समाज के लिए एक सवाल छोड़ जाती है कि इलाज के साथ-साथ रिश्तों की जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है. इसे भी पढ़ें: Kanya Vivah Yojana: बेटियों की शादी में लाखों का दान, अभिनंदन ट्रस्ट ने उठाया बीड़ा The post बेटे और पति की राह देखते-देखते मर गई स्त्री, 1997 में रिनपास में भर्ती कराने के बाद नहीं ली सुध appeared first on Naya Vichar.

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Anant Singh: बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने ली शपथ, सीएम नीतीश कुमार के छुए पैर

Anant Singh: मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने मंगलवार को सदन में शपथ ग्रहण किया. उन्होंने बिना पढ़े ही शपथ ली. साथ ही अनंत सिंह ने सीएम नीतीश कुमार के पांव भी छुए. बताया जा रहा है कि अनंत सिंह की तबीयत ठीक नहीं होने की वजह से उन्हें शपथ लेने में देरी हुई. आज भी बेऊर जेल से अनंत सिंह एंबुलेंस में ही विधानसभा पहुंचे. जेल से बाहर आने पर क्या बोले? अनंत सिंह के लंबे समय के बाद विधानसभा पहुंचते ही मीडियाकर्मियों ने उन्हें घेर लिया. मीडिया ने उनसे पूछा कि वे जनता के बीच आखिर कब तक आयेंगे. इस पर अनंत सिंह ने जवाब दिया कि जब जज चाहेंगे तभी बाहर आ पायेंगे. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बेल के लिए अप्लाई कर दिया गया है. आज अनंत सिंह सिर्फ शपथ ग्रहण के लिए जेल से बाहर आए थे. पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैर छुए, फिर ली शपथ… मोकामा से JDU विधायक अनंत सिंह ने विधानसभा में शपथ ग्रहण किया. पटना सिविल कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद जेल से सीधे विधानसभा पहुंचे ‘छोटे प्रशासन’. शपथ ग्रहण का पूरा वीडियो देखिए…#AnantSingh #NitishKumar #Mokama… pic.twitter.com/L6KEIKTYKc — Naya Vichar (@prabhatkhabar) February 3, 2026 तेजस्वी से जुड़े सवाल पर क्या बोले अनंत सिंह? मीडिया से बात करते हुए अनंत सिंह ने दुलारचंद हत्याकांड में न्याय मिलने की बात कही. उन्होंने कहा, जांच चल रही है. हम निर्दोष हैं. तेजस्वी यादव से जुड़े सवाल पर अनंत सिंह ने कहा कि अगली बार उन्हें दूसरी पार्टी से टिकट लेकर चुनाव लड़ना पड़ेगा. बाहुबली नेता अनंत सिंह दुलारचंद हत्याकांड के मामले में जेल में बंद हैं. सिविल कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अनंत सिंह ने 24 दिसंबर को हाईकोर्ट का रुख किया था. इस मामले में जल्द सुनवाई हो सकती है. 28,206 वोटों के अंतर से अनंत सिंह ने जीता था चुनाव बिहार विधानसभा में अब तक 242 विधायक शपथ ले चुके हैं. अनंत सिंह उन गिने-चुने विधायकों में थे, जिन्होंने शपथ नहीं ली थी. जेल में रहने के कारण वे सदन की किसी भी प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए. अनंत सिंह ने मोकामा विधानसभा सीट से बड़ी जीत दर्ज की थी. उन्होंने 28,206 वोटों के अंतर से चुनाव जीता. उन्हें कुल 91,416 वोट मिले. दूसरे नंबर पर राजद की प्रत्याशी वीणा देवी रहीं, जिन्हें 63,210 वोट मिले. जीत के बाद अनंत सिंह के पुराने बंगले में भव्य भोज का आयोजन हुआ था. बताया जाता है कि करीब 50 हजार लोगों के खाने की व्यवस्था की गई थी. यह आयोजन भी खूब चर्चा में रहा था. Also Read: Bihar Economic Survey: बिहार की इंडस्ट्रियल इकोनॉमी हुई मजबूत, जानिए क्या बताते हैं आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़े The post Anant Singh: बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने ली शपथ, सीएम नीतीश कुमार के छुए पैर appeared first on Naya Vichar.

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आज 2 बजे आएगा बिहार का नया बजट, देखिये पिछले बजट का पूरा लेखा-जोखा

Bihar Budget 2026: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद 3 फरवरी को वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव बजट पेश करेंगे. इस बजट पर सबकी निगाहें टिकी हुई है. चुनाव से पहले कई बड़े वादे किये गए थे, उसमें से कितने वादों को लेकर एलान होता है, ये देखना अहम होगा. बिजेंद्र यादव 2 बजे विधानसभा में बजट पेश करेंगे. इसमें रोजगार, स्वरोजगार, स्त्री सहायता और किसानों की आमदनी बढ़ाने पर विशेष फोकस रह सकता है. सूत्रों के मुताबिक नीतीश प्रशासन बजट में स्त्रीओं को 2-2 लाख रुपए की सहायता, किसानों की आमदनी बढ़ाने और नौकरी-रोजगार को लेकर बड़ा ऐलान कर सकती है. इसके अलावा उद्योगों को बढ़ावा देने, सड़क और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की घोषनाओं पर विशेष फोकस रह सकता है. 2025-26 बजट का लेखा-जोखा बिहार प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए ऐसा बजट पेश किया था, जिसमें विकास के साथ-साथ सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई थी. बजट में कुल राजस्व व्यय 2.52 लाख करोड़ रुपये रखा गया था, जो पूरे बजट का करीब 79.52 प्रतिशत था. उस बजट में प्रशासन का फोकस रोजमर्रा की सेवाओं, बुनियादी सुविधाओं और आम लोगों से जुड़े क्षेत्रों पर है. बजट में सबसे बड़ा हिस्सा शिक्षा विभाग को मिला. शिक्षा के लिए 60964 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया. इससे स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, शिक्षकों की नियुक्ति, छात्रवृत्ति और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की योजनाओं को मजबूती मिली. स्वास्थ्य विभाग के लिए 20000 करोड़ रुपये तय किए गए. इससे प्रशासनी अस्पतालों की स्थिति सुधारने, नए मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य केंद्रों के विस्तार और मुफ्त इलाज जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिली. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें विकास के काम पर रहा था फोकस सड़क और परिवहन के क्षेत्र में 17000 करोड़ रुपये खर्च किए गए. इससे ग्रामीण और शहरी इलाकों में सड़कों की हालत सुधरी. गृह विभाग को 17831 करोड़ रुपये मिले, इससे पुलिस व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े ढांचे को मजबूत किया गया. ग्रामीण विकास विभाग के लिए 16043 करोड़ रुपये का बजट रखा गया. इससे गांवों में सड़क, आवास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ. ऊर्जा विभाग को 13,484 करोड़ रुपये दिए गए. इससे बिजली आपूर्ति, नए पावर प्रोजेक्ट और गांव-शहरों में निर्बाध बिजली सुनिश्चित की गई. इसके अलावा समाज कल्याण विभाग (एससी-एसटी, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग) के लिए 13000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया. इससे सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को बढ़ावा मिला. इसे भी पढ़ें: वाराणसी-सिलीगुड़ी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर से जगी उम्मीद, 320 KMPH की रफ्तार से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन The post आज 2 बजे आएगा बिहार का नया बजट, देखिये पिछले बजट का पूरा लेखा-जोखा appeared first on Naya Vichar.

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Budget 2026 : मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करनेवाला बजट है

Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को लगातार नौवां बजट पेश किया. इसमें कोई संशय नहीं है कि वैश्विक मुश्किलों और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ के कारण अनिश्चित वैश्विक बाजार एवं टैरिफ तथा बड़ी आर्थिक ताकतों द्वारा जरूरी मिनरल, सेमीकंडक्टर और कई दूसरी चीजों की सप्लाई सहित ग्लोबल वैल्यू चेन के हथियारीकरण की कोशिश तथा भुगतान प्रणाली के दुरुपयोग के बावजूद हिंदुस्तानीय वित्तीय स्थिति लगातार चौथे वर्ष दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी वित्तीय स्थिति बन अच्छी स्थिति में है. हालांकि, रुपये का गिरता मूल्य, लगातार व्यापार और भुगतान घाटा तथा बढ़ते सार्वजनिक निवेश के साथ निजी निवेश बढ़ने की अनिश्चितता के कारण वित्त मंत्री के सामने बहुत सारी चिंताएं भी हैं. आर्थिक सर्वेक्षण ने वित्तीय स्थिति की सही तस्वीर पेश की, जिसमें चिंताओं को उठाया गया, विशेषकर रुपये की गिरती कीमत और एफडीआइ में लगातार आती कमी. सर्वेक्षण ने न केवल समाज के लिए, बल्कि युवाओं की डिजिटल लत से वित्तीय स्थिति को होने वाले खतरों और कई दूसरे मुद्दे भी उठाये. जाहिर है, बजट में उन सभी पर बात नहीं हो सकी, पर बजट में नीति की दिशा एकदम साफ है और नीति यह है कि हिंदुस्तान न केवल वैश्विक उथल-पुथल से स्वयं को बचाने की कोशिश करेगा, बल्कि वित्तीय स्थिति को आगे भी ले जायेगा. न सिर्फ वित्तीय स्थिति को मजबूत बनायेगा, बल्कि वैश्विक वित्तीय स्थिति में एक अहम खिलाड़ी भी बनेगा. बजट में सात रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने का प्रस्ताव है. लंबे समय से हिंदुस्तान सेमीकंडक्टर, रेयर अर्थ मटीरियल, इलेक्ट्रॉनिक्स, केमिकल और कैपिटल गुड्स की सप्लाई के लिए विदेशों, खासकर चीन पर निर्भर रहा है. इन सभी को बजट में जगह दी गयी है और इन क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने के लिए रणनीति भी बनायी गयी है. इससे न केवल चीन पर हमारी निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी, ग्लोबल वैल्यू चेन के हथियार बनने से भी वित्तीय स्थिति को बचाया जा सकेगा. ऐसा नहीं है कि हिंदुस्तान के पास रेयर अर्थ मटीरियल नहीं है, पर इस क्षेत्र में माइनिंग, प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग में हम काफी पीछे हैं. ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों को डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाने, माइनिंग, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए बजट में मदद दी गयी है. बजट में पेश की गयी कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर इक्विपमेंट को बढ़ाने की योजना, हाइ वैल्यू टेक्नोलॉजिकली एडवांस्ड सीआइइ की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करेगी. कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाने की घोषणा के साथ कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए 7,10,000 करोड़ का बजटीय आवंटन अहम कदम है. बायो फार्मा मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की बात भी बजट में है. बायो फार्मा, जिसमें बायो सिमिलर्स भी शामिल हैं, कई नॉन-कम्युनिकेबल बीमारियों के इलाज में क्रांति ला सकते हैं. टेक्सटाइल सेक्टर के लिए एक व्यापक प्लान, बजट में उठाया गया बड़ा कदम है. ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज’ पहल से खादी और हैंडलूम को मजबूती मिलेगी. मध्यम, लघु एवं कुटीर उद्योगों को समर्थन देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन महत्वपूर्ण कदम है. बजट में पूंजीगत निवेश को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है, और प्रभावी पूंजीगत निवेश जीडीपी का 4.4 प्रतिशत है, जो न सिर्फ अब तक का सबसे अधिक है, बल्कि यह राजकोषीय घाटे से भी ज्यादा है. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ. नये डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और 20 नये राष्ट्रीय जलमार्ग हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दे सकते हैं. प्रस्तावों का एक और अहम हिस्सा विकसित हिंदुस्तान के लिए प्रोफेशनल्स का सृजन है. स्वास्थ्य क्षेत्र में अगले पांच वर्षों में 1,00,000 एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स, 1.5 लाख केयर गिवर्स और 20,000 वेटरनरी प्रोफेशनल्स को प्रशिक्षित किया जायेगा. किसानों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से बजट में मत्स्य क्षेत्र की वृद्धि के लिए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास, तटीय इलाकों में फिशरीज वैल्यू चेन को मजबूत करना, फिश फार्मर्स प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन के साथ स्टार्टअप्स और स्त्री समूहों को जोड़ना, क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी प्रोग्राम लागू करना तथा लाइवस्टॉक फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन जैसे उद्यमिता विकास कार्यक्रमों के माध्यम से पशुपालन क्षेत्र को समर्थन की बात भी महत्वपूर्ण है. तटीय क्षेत्रों में नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी फसलों के साथ उच्च मूल्य कृषि को बढ़ावा दिया जायेगा. पहाड़ी क्षेत्रों में बादाम, अखरोट और पाइन नट्स भी ग्रामीण आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. हम देखते हैं कि 7.4 प्रतिशत की विकास दर, दो प्रतिशत से कम महंगाई और लगातार घटता राजकोषीय घाटा संकेत देते हैं कि वित्तीय स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में है. बजट में राजकोषीय घाटे को घटाकर 4.3 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया है. कुल मिलाकर, बजट मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार वृद्धि को प्रोत्साहित करता दिखाई देता है. साथ ही, यह गांवों और किसानों को सशक्त बनाते हुए महंगाई को नियंत्रित रखने का प्रयास करता है. (ये लेखक के निजी विचार हैं.) The post Budget 2026 : मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करनेवाला बजट है appeared first on Naya Vichar.

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ED Raid in Bengal : पश्चिम बंगाल में ईडी की छापेमारी, इन लोगों के ठिकानों पर पहुंची टीम

ED Raid in Bengal : जांच एजेंसी ईडी ने पश्चिम बंगाल में कोयले के ‘अवैध’ खनन और परिवहन (ट्रांसपोर्टेशन केस) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी की. जानकारी के अनुसार, मंगलवार को दुर्गापुर जिला के विभिन्न शहरों में ईडी की ओर से सर्च अभियान शुरू होने से खलबली मच गई. ईडी अधिकारियों की टीम सुबह दुर्गापुर के सेपको टाउनशिप निवासी कारोबारी प्रबीर दत्ता, अंबुजा निवासी पुलिस अधिकारी मनोरंजन मंडल, पाण्डेश्वर निवासी शेख मयजुल, कॉकसा के हसन शेख के अलावा कई इलाको में सर्च ऑपरेशन चला रही है. ख़बर लिखे जाने तक कई और इलाको में अभियान चलने की समाचार आई है. STORY | ED raids in West Bengal linked to coal mining, transportation case The Enforcement Directorate on Tuesday conducted searches at multiple locations in West Bengal as part of a money laundering investigation into a case of alleged illegal mining and transportation of coal,… pic.twitter.com/ZF8w8pfjWL — Press Trust of India (@PTI_News) February 3, 2026 सूत्रों की माने तो  ईडी अधिकारी संबंधित घर में घुसकर अलग-अलग डॉक्यूमेंट्स की जांच कर रहे हैं. सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घर के बाहर सेंट्रल फोर्स तैनात की गई है. The post ED Raid in Bengal : पश्चिम बंगाल में ईडी की छापेमारी, इन लोगों के ठिकानों पर पहुंची टीम appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में 72वीं कंबाइंड परीक्षा जुलाई में, TRE 4 पर सस्पेंस बरकरार, देखें नया कैलेंडर

BPSC Calendar 2026: बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) की तरफ से नया कैलेंडर ऑफिशियल वेबसाइट- bpsc.bihar.gov.in पर जारी किया गया है. इस कैलेंडर (BPSC Calendar 2026) में कई बड़ी परीक्षाओं की तारीख घोषित की गई है. इसमें BPSC 70वीं, 71वीं और 72वीं तीनों परीक्षाओं की तारीख दी गई है. कई भर्तियों के लिए पोस्ट की डिटेल्स नहीं बताई गई है. BPSC Calendar 2026 में बड़ी परीक्षा की डिटेल्स BPSC Integrated CCE 70th परीक्षा के तहत कुल 2035 पदों पर भर्ती की जा रही है, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा 13 दिसंबर 2024 और 4 जनवरी 2025 को हुई थी, जबकि मेंस परीक्षा 25 से 30 अप्रैल 2025 के बीच आयोजित की गई और फाइनल रिजल्ट अप्रैल या मई 2026 में आने की संभावना है. BPSC Integrated CCE 71st परीक्षा में कुल 1298 पद शामिल हैं, जिसकी प्रारंभिक परीक्षा 13 सितंबर 2025 को होगी और मेंस परीक्षा अप्रैल 2026 में संभावित है, जबकि इंटरव्यू की तारीख अभी तय नहीं की गई है. वहीं, 33rd Judicial Services परीक्षा के लिए प्रारंभिक परीक्षा 30 मई 2026 को प्रस्तावित है, जिसमें कुल 173 पदों पर नियुक्ति की जाएगी. BPSC Calendar 2026 यहां चेक करें BPSC (Bihar Public Service Commission) Exam Calendar #BPSC #BPSCExamCalendar #BPSCExam #ExamCalendar pic.twitter.com/Ml4FQrhjJy — Bihar Public Service Commission (@BPSCOffice) February 2, 2026 BPSC 72nd Exam: कब होगी 72वीं कंबाइंड परीक्षा? बीपीएससी की तरफ से जारी कैलेंडर के अनुसार, बिहार में 72वीं कंबाइंड प्रीलिम्स परीक्षा का आयोजन 26 जुलाई 2026 को होगा. हालांकि, इसके लिए नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख नहीं बताई गई है. साथ ही इसमें कितने पोस्ट होंगे इसकी भी कोई डिटेल्स नहीं है. BPSC TRE 4 पर सस्पेंस बिहार में शिक्षक भर्ती का इंतजार बेसब्री से हो रहा है. नए कैलेंडर में शिक्षक भर्ती सेशन 4 (BPSC TRE 4) को लेकर कोई डिटेल्स नहीं दी गई है. हालांकि, असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर जैसे पदों पर भर्ती परीक्षा की डिटेल्स दी गई है. साथ ही Simultala Residential School, Jamui में Secondary और Higher Secondary Teacher भर्ती के लिए मेंस परीक्षा 17 और 18 जून 2026 को हो सकती है. यह भी पढ़ें: बिहार पुलिस में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर की वैकेंसी, जानें कहां और कैसे करें अप्लाई The post बिहार में 72वीं कंबाइंड परीक्षा जुलाई में, TRE 4 पर सस्पेंस बरकरार, देखें नया कैलेंडर appeared first on Naya Vichar.

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