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Author name: Vinod Jha

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जनवरी से 7वीं बार बढ़े रेट , गैस सिलेंडर ने बिगाड़ा किचन का बजट

Commercial LPG Cylinder Price Hike : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के चलते वैश्विक स्तर पर गहराए तेल-गैस संकट का सीधा असर अब हिंदुस्तानीय बाजारों पर दिखने लगा है.ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने आज 1 जून, 2026 को जून महीने की पहली तारीख को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर भारी बढ़ोतरी कर दी है. ताजा रेट के अनुसार 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में देश के अलग-अलग शहरों में ₹42 से लेकर ₹53.50 प्रति सिलेंडर तक का इजाफा किया गया है.इस बढ़ोतरी ने पहले ही गैस की किल्लत और मंदी से जूझ रहे होटल, रेस्तरां, ढाबा और अन्य छोटे-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ा दिया है. राहत की बात बस इतनी है कि तेल कंपनियों ने घरों की रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है और इसके दाम यथावत (स्थिर) बने हुए हैं. मेट्रो शहरों में अब क्या हैं कमर्शियल सिलेंडर के नए दाम? आज सुबह से लागू हुई नई दरों के बाद देश के प्रमुख महानगरों में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत इस प्रकार पहुंच गई है. यहां सिलेंडर के दाम में ₹42 की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद अब इसकी कीमत ₹3,113.50 हो गई है.सबसे तगड़ा झटका लगा है.प्रति सिलेंडर ₹53.50 की बढ़ोतरी के बाद अब नया दाम ₹3,255.50 पर पहुंच गया है. लगातार 7वीं बार बढ़ीं कीमतें कमर्शियल गैस सिलेंडर के उपभोक्ताओं के लिए साल 2026 बेहद भारी साबित हो रहा है.इस साल की शुरुआत से अब तक लगातार सातवीं बार कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं.अगर पिछले साल के आखिरी महीने (दिसंबर 2025) से तुलना करें, तो महज 6 महीनों के भीतर कमर्शियल सिलेंडर का भाव करीब दोगुना हो चुका है.दिसंबर 2025 में दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत महज ₹1,580.50 थी, जो आज 1 जून को ₹3,113.50 के रिकॉर्ड स्तर पर आ चुकी है. महीना-दर-महीने कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों का सफर साल 2026 में कब-कब और कितनी बढ़ीं कीमतें, इसे आप नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझ सकते हैं. महीना (साल 2026) कमर्शियल सिलेंडर का दाम (19 Kg) प्रति सिलेंडर हुई बढ़ोतरी दिसंबर 2025 (बेस प्राइस) ₹1,580.50 – जनवरी 2026 ₹1,691.50 ₹111 फरवरी 2026 ₹1,740.50 ₹49 मार्च 2026 (शुरुआत) ₹1,768.50 ₹28 7 मार्च 2026 ₹1,883.00 ₹114.50 अप्रैल 2026 ₹2,078.50 ₹195.50 मई 2026 ₹3,071.50 ₹993 1 जून 2026 (आज से) ₹3,113.50 ₹ 42 नहीं बढ़े 14 किलो वाले सिलेंडर के दाम आम परिवारों के घरेलू बजट को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन के निर्देशों पर तेल कंपनियों ने 14 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों को स्थिर रखा है. घरेलू सिलेंडर की कीमतों में आखिरी बार 7 मार्च को बदलाव किया गया था, जिसके बाद से देश के प्रमुख शहरों में आज भी पुराने दाम ही लागू हैं: दिल्ली: ₹913 प्रति सिलेंडर मुंबई: ₹912.50 प्रति सिलेंडर चेन्नई: ₹928.50 प्रति सिलेंडर कोलकाता: ₹939 प्रति सिलेंडर क्यों आ रही है कमर्शियल गैस में इतनी तेजी? बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध और कूटनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस (Natural Gas) की वैश्विक सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है. हालांकि प्रशासन घरेलू उपभोक्ताओं को महंगाई से बचाने के लिए घरेलू एलपीजी के दामों पर सब्सिडी और प्रोडक्शन बढ़ाकर नियंत्रण रख रही है, लेकिन कमर्शियल सेक्टर को अंतरराष्ट्रीय बाजार की ओपन-प्राइसिंग नीतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे इसकी लागत आसमान छू रही है. Also Read : बढ़ गए दाम! 11 रुपये महंगा हुआ 5 किलो वाला गैस सिलेंडर, देखें नए दाम  The post जनवरी से 7वीं बार बढ़े रेट , गैस सिलेंडर ने बिगाड़ा किचन का बजट appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में तेज विकास चाहती है भाजपा, विशेष आर्थिक पैकेज देने से फिलहाल बच रहा केंद्र

मुख्य बातें बकाया राशि मिलने की उम्मीद आर्थिक मदद के बिना विकास मुश्किल फिलहाल विशेष आर्थिक पैकेज नहीं जमीन पर विकास दिखाना चाहती है भाजपा Bengal News: कोलकाता . केंद्र और बंगाल प्रशासन के बीच लंबे समय से चले आ रहे नेतृत्वक टकराव और प्रशासनिक जटिलताओं के बाद अब डबल इंजन डबल स्पीड से बंगाल का विकास करने को आतुर है. नयी प्रशासन की नई रणनीति के तहत केंद्र प्रशासन से अधिक से अधिक आर्थिक मदद लेकर राज्य के विकास को तेज कर ना है. भाजपा ने बंगाल के विकास को लेकर जो तस्वीर तैयार की है उसे जल्द से जल्द जमीन पर उतारना चाहती है. केंद्र फिलहाल विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा से बच रहा है, लेकिन बंगाल का केंद्र पर जो बकाया बनता है उसे देने के लिए प्रधानमंत्री स्तर पर सभी मंत्रालयों को निर्देश जारी कर दिया गया है. बकाया राशि मिलने की उम्मीद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यालय से विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि धन के अभाव में बंगाल की कोई भी विकास परियोजना प्रभावित नहीं होनी चाहिए. इसके बाद से ही केंद्र के विभिन्न मंत्रालयों में सक्रियता बढ़ गई है. केंद्रीय सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्रालय और संबंधित मंत्रालय यह समीक्षा कर रहे हैं कि मौजूदा केंद्रीय योजनाओं के तहत बंगाल को किस प्रकार अधिक आर्थिक सहायता दी जा सकती है. साथ ही आपदा प्रबंधन, आधारभूत ढांचा, आवास, ग्रामीण सड़क, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में राज्य की लंबित राशि जल्द जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. आर्थिक मदद के बिना विकास मुश्किल प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव के दौरान नरेन्द्र मोदी ने बंगाल के विकास को लेकर जो वादे किए थे, उनके क्रियान्वयन पर वह खुद नजर रख रहे हैं. वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी लगातार स्थिति की जानकारी ले रहे हैं. नौकरशाही भी इस बात को स्वीकार कर रही है कि बंगाल जैसे बड़े राज्य में नेतृत्वक परिवर्तन के बाद लोगों की अपेक्षाएं काफी बढ़ गई हैं. ऐसे में केंद्र की आर्थिक मदद के बिना विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाना मुश्किल होगा. फिलहाल विशेष आर्थिक पैकेज नहीं सूत्रों के मुताबिक, ग्रामीण विकास, सड़क परिवहन, आवास योजना और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में जल्द अतिरिक्त फंड मिलने की संभावना है. हालांकि केंद्र फिलहाल बंगाल के लिए किसी विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा करने से बच रहा है. माना जा रहा है कि ऐसा करने पर भाजपा शासित अन्य राज्य भी समान मांग उठा सकते हैं. इसी कारण केंद्र मौजूदा योजनाओं और विशेष आवंटन की व्यवस्था के भीतर रहकर ही बंगाल को अतिरिक्त लाभ पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रहा है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें जमीन पर विकास दिखाना चाहती है भाजपा भाजपा बंगाल में तेजी से विकास कार्यों की रफ्तार दिखाना चाहती है और इसके लिए पर्याप्त आर्थिक संसाधन जरूरी हैं. जून में पेश होने वाले राज्य के पहले पूर्ण बजट से पहले केंद्र की यह सक्रियता काफी अहम मानी जा रही है. नेतृत्वक हलकों में चर्चा है कि लंबे समय बाद बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने और विकास की गति को तेज रखना है. इसी कारण केंद्र प्रशासन मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर आगे बढ़ना चाहती है. Also Read: पश्चिम बंगाल में शुभेंदु कैबिनेट का विस्तार सोमवार को, इन विधायकों के मंत्री बनने की चर्चा The post बंगाल में तेज विकास चाहती है भाजपा, विशेष आर्थिक पैकेज देने से फिलहाल बच रहा केंद्र appeared first on Naya Vichar.

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‘नेपाल ने भारत की जमीन कब्जाई है’, बयान देकर घर में फंसे PM बालेन शाह; विदेश मंत्रालय ने दी सफाई

Balen Shah Nepal India Border: हिंदुस्तान और नेपाल के बीच वर्षों से चले आ रहे सीमा विवाद पर नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की एक टिप्पणी ने नया नेतृत्वक विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने कहा कि केवल हिंदुस्तान ने ही नहीं, बल्कि नेपाल ने भी भाारत की जमीन पर कब्जा किया है. संसद में दिए गए उनके बयान के बाद विपक्ष ने सवाल उठाए. इस पर नेपाल के विदेश मंत्रालय को आधिकारिक सफाई जारी करनी पड़ी. संसद में पहली बार बोले प्रधानमंत्री; दिया चौंकाने वाला बयान इस वर्ष नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने बालेन शाह पहली बार अपने देश की संसद को संबोधित कर रहे थे. अपने भाषण के दौरान उन्होंने हिंदुस्तान और नेपाल के बीच कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को लेकर जारी सीमा विवाद का जिक्र किया. हालांकि, उन्होंने विवाद के समाधान के लिए दोनों देशों को मित्रतापूर्ण बातचीत की सलाह दी, लेकिन इसी दौरान दिया गया उनका एक बयान चर्चा का विषय बन गया. 35 वर्षीय प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्हें एक ऐसी जानकारी मिली जिसने उन्हें भी हैरान कर दिया. उनके अनुसार, केवल हिंदुस्तान ने ही नेपाली क्षेत्र में अतिक्रमण नहीं किया है, बल्कि नेपाल ने भी कई स्थानों पर हिंदुस्तानीय भूमि पर कब्जा किया है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों को इतिहासकारों, सर्वेक्षकों और विशेषज्ञों की मदद से तथ्यों का अध्ययन करना चाहिए और फिर मित्र देशों की तरह बैठकर इस मुद्दे का समाधान निकालना चाहिए.  बालेन शाह ने संसद को बताया कि नेपाल ने सीमा विवाद से जुड़े मुद्दों को चीन और ब्रिटेन के समक्ष भी उठाया है. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन को इस पर रुचि लेनी चाहिए, क्योंकि यह मुद्दा उसी समय का है, जब उन्होंने देश छोड़ा था. ब्रिटेन का उल्लेख उन्होंने क्षेत्र में उसके औपनिवेशिक इतिहास के संदर्भ में किया. विपक्ष ने मांगा सबूत; बयान हटाने की उठी मांग प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर नेपाल की नेतृत्व में तुरंत प्रतिक्रिया देखने को मिली. नेपाली कांग्रेस की बसना थापा और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के रमेश मल्ला समेत कई विपक्षी सांसदों ने बयान पर आपत्ति जताई. उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री या तो अपने दावे के समर्थन में प्रमाण पेश करें या फिर बयान वापस लें. पूर्व विदेश मंत्री प्रदीप ज्ञवाली ने भी कथित तौर पर प्रधानमंत्री से माफी मांगने की मांग की. सीमा विशेषज्ञों ने भी जताई असहमति नेपाल-हिंदुस्तान सीमा मामलों के विशेषज्ञ और भूगोलवेत्ता बुद्धि नारायण श्रेष्ठ ने प्रधानमंत्री के दावे को खारिज किया. उन्होंने कहा कि नेपाल द्वारा हिंदुस्तानीय क्षेत्र पर अतिक्रमण किए जाने का कोई उदाहरण नहीं है. हालांकि, उन्होंने माना कि कुछ सीमावर्ती इलाकों में सीमा स्तंभों के गायब होने और लोगों के आवागमन के कारण दोनों देशों के किसानों ने एक-दूसरे की जमीन का उपयोग किया है, लेकिन इसे प्रशासनी स्तर पर अतिक्रमण नहीं कहा जा सकता. पूर्व राजदूत ने भी उठाए सवाल इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, हिंदुस्तान में नेपाल के पूर्व राजदूत नीलाम्बर आचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री के पास नेपाल द्वारा हिंदुस्तानीय भूमि पर अतिक्रमण किए जाने संबंधी कोई ठोस जानकारी नहीं है. उन्होंने बताया कि हिंदुस्तान और नेपाल के बीच लगभग 97 प्रतिशत सीमा विवाद पहले ही सुलझाए जा चुके हैं. कुछ इलाकों में सीमा स्तंभों के अभाव के कारण भूमि उपयोग में ओवरलैप हो सकता है, लेकिन नेपाल द्वारा हिंदुस्तानीय क्षेत्र पर कब्जे का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है. विदेश मंत्रालय ने बाद में दी सफाई प्रधानमंत्री के बयान के कुछ घंटों बाद नेपाल के विदेश मंत्रालय ने स्पष्टीकरण जारी किया. मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री का आशय यह नहीं था कि नेपाल ने आधिकारिक तौर पर हिंदुस्तानीय भूमि पर कब्जा कर लिया है. मंत्रालय के अनुसार, उन्होंने सीमा क्षेत्र में मौजूद ‘नो मैन्स लैंड’ और दोनों देशों के लोगों द्वारा एक-दूसरे की जमीन के उपयोग से जुड़ी परिस्थितियों का उल्लेख किया था. सफाई में कहा गया कि कुछ ऐसे क्षेत्र हो सकते हैं जहां हिंदुस्तानीय नागरिकों द्वारा उपयोग की जा रही भूमि नेपाल की सीमा में आती हो और इसी तरह कुछ नेपाली नागरिक हिंदुस्तानीय क्षेत्र में स्थित भूमि का उपयोग कर रहे हों. मंत्रालय ने इसे ‘सीमा पार भूमि उपयोग’ और ‘क्रॉस-बॉर्डर ऑक्युपेशन’ से जुड़ा मामला बताया. विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि दोनों देशों की तकनीकी टीमें और सीमा संबंधी तंत्र सीमा स्तंभों की मरम्मत, निर्माण और दशगजा क्षेत्रों से जुड़े आंकड़े एकत्र करने का काम लगातार कर रहे हैं. ये भी पढ़ें:- फिर एक्टिव हुए ईरान के अंडरग्राउंड मिसाइल अड्डे! रिपोर्ट का दावा- 69 में से 50 सुरंगें खुलीं, जारी कीं सैटेलाइट तस्वीरें ये भी पढ़ें:- ब्लॉगर ने खोली चीन के टॉप वैज्ञानिकों की पोल, रिसर्च पेपर्स में की थी गड़बड़ी; छीने गए अहम पद कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर भी बढ़ा था विवाद प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ सप्ताह पहले ही नेपाल ने लिपुलेख मार्ग से होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई थी. नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि 1816 की सुगौली संधि के अनुसार लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी नेपाल के अभिन्न हिस्से हैं. वहीं, हिंदुस्तान का कहना है कि ये इलाके उत्तराखंड का हिस्सा हैं. दोनों देश इन क्षेत्रों पर अपना दावा करते हैं. हिंदुस्तान, चीन और नेपाल के त्रि-जंक्शन के निकट स्थित ये क्षेत्र कई वर्षों से विवाद का केंद्र रहे हैं. जून 2021 में तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली प्रशासन ने नया नेतृत्वक नक्शा जारी कर कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को नेपाल का हिस्सा दिखाया था. हिंदुस्तान ने नेपाल के इस दावे को खारिज करते हुए इसे एकतरफा और कृत्रिम रूप से सीमा विस्तार का प्रयास बताया था. हिंदुस्तान का कहना है कि इन क्षेत्रों का समाधान द्विपक्षीय वार्ता के जरिए होना चाहिए. 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सुप्रीम कोर्ट को मिले पांच नए जज; कॉलेजियम की सिफारिशों पर राष्ट्रपति की मुहर, शीर्ष अदालत में अब 37 न्यायाधीश 

Supreme Court Five New Judges: सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. केंद्र प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से भेजे गए पांच नामों को मंजूरी दे दी है. इन नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट अपनी नई स्वीकृत न्यायिक क्षमता के लगभग पूर्ण स्तर पर पहुंच जाएगा. हाल ही में केंद्र प्रशासन ने अध्यादेश के जरिए सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या में भी बढ़ोतरी की थी.  राष्ट्रपति ने नियुक्तियों को दी मंजूरी केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 124(2) के तहत पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. इनमें चार उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश और एक वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हैं. In exercise of the power conferred by clause (2) of Article 124 of the Constitution of India, the President of India, after consultation with Chief Justice of India, is pleased to appoint the following as Judges of the Supreme Court of India. I convey my best wishes to them:- pic.twitter.com/WxHaRYWF6p — Arjun Ram Meghwal (@arjunrammeghwal) June 1, 2026 कौन-कौन बने सुप्रीम कोर्ट के नए जज? जिन नामों को मंजूरी मिली है, उनमें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू, बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण पल्ली शामिल हैं. इसके अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकिता सुब्रमणि मोहन को भी सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है. इन नियुक्तियों को केवल रिक्त पद भरने की प्रक्रिया के रूप में नहीं देखा जा रहा है. न्यायिक नियुक्तियों में वरिष्ठता, योग्यता, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और विविधता जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखा गया है. पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट की संस्थागत क्षमता को मजबूत करने और न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. कॉलेजियम ने पहले की थी सिफारिश इन नियुक्तियों की प्रक्रिया कुछ दिन पहले शुरू हुई थी, जब 27 मई को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इन पांच नामों को शीर्ष अदालत में पदोन्नत करने की सिफारिश की थी. यह सिफारिश मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के नेतृत्व वाले कॉलेजियम की पहली बड़ी नियुक्ति सूची मानी जा रही है. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने नवंबर 2025 में देश के प्रधान न्यायाधीश का पद संभाला था. ये भी पढ़ें:- सोनारपुर हमला अभिषेक बनर्जी की अग्नि परीक्षा, जन-आक्रोश को ममता की तरह सहानुभूति में बदल पायेंगे ‘भाईपो’? ये भी पढ़ें:- न्यायपालिका की गरिमा धूमिल करने की साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा : चीफ जस्टिस सुप्रीम कोर्ट की संख्या 37 तक पहुंचेगी इन नियुक्तियों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि हाल ही में केंद्र प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या बढ़ाने का फैसला किया था. सुप्रीम कोर्ट (नंबर ऑफ जजेज) संशोधन अध्यादेश, 2026 के जरिए शीर्ष अदालत में जजों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी गई थी. अब पांच नए न्यायाधीशों के शामिल होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में कुल न्यायाधीशों की संख्या 37 हो जाएगी. इसका मतलब है कि स्वीकृत 38 पदों में से केवल एक पद ही रिक्त रहेगा. कुल न्यायाधीशों की संख्या में मुख्य न्यायाधीश को नहीं जोड़ा जाता, इसलिए अध्यादेश में ‘सुप्रीम कोर्ट में अब कुल जजों की संख्या 33 से बढ़कर 37’ किया गया.  लंबित मामलों के बोझ को कम करने की कोशिश न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के बढ़ते बोझ को कम करना है. इसके साथ ही अधिक नियमित संविधान पीठों के गठन में भी सुविधा होगी, जिससे महत्वपूर्ण संवैधानिक मामलों की सुनवाई तेज हो सकेगी. कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि नई नियुक्तियों से शीर्ष अदालत की कार्यक्षमता बढ़ेगी और मामलों के निपटारे की गति में सुधार आएगा. The post सुप्रीम कोर्ट को मिले पांच नए जज; कॉलेजियम की सिफारिशों पर राष्ट्रपति की मुहर, शीर्ष अदालत में अब 37 न्यायाधीश  appeared first on Naya Vichar.

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Alpha की शूटिंग के दौरान आलिया से बहस? बॉबी देओल ने कहा- इंस्टाग्राम की 90% कहानियां सच नहीं होतीं

Alpha: बॉबी देओल ने अपनी आगामी फिल्म ‘अल्फा’ की शूटिंग के दौरान आलिया भट्ट के साथ कथित विवाद की समाचारों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ऐसी चर्चाएं चल रही थीं कि फिल्म के सेट पर दोनों कलाकारों के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई थी. अब खुद बॉबी देओल ने सामने आकर इन समाचारों को बेबुनियाद बताया है. अफवाह सुनकर खुद हैरान रह गए बॉबी देओल इंडिया टीवी से एक इंटरव्यू के दौरान बॉबी देओल ने बताया कि उन्हें भी इस अफवाह के बारे में तब पता चला, जब उनके एक दोस्त ने उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही समाचार का स्क्रीनशॉट भेजा. इस पर रिएक्ट करते हुए एक्टर ने कहा, “मुझे भी एक दोस्त ने उस अफवाह का स्क्रीनशॉट भेजा था. मैं खुद हैरान रह गया. लोग इतने फ्री हैं कि कुछ भी लिखकर कहानियां बना देते हैं.” आलिया भट्ट की जमकर की तारीफ बॉबी देओल ने आलिया भट्ट की प्रोफेशनलिज्म और मेहनत की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि आलिया अपने काम को लेकर बेहद गंभीर हैं. बॉबी ने कहा, “आलिया बहुत अच्छी एक्ट्रेस हैं और बेहद प्रोफेशनल भी हैं. वह अपने काम के लिए काफी मेहनत करती हैं. फिल्म में जो फाइट सीक्वेंस उन्हें करने थे, उनकी भी उन्होंने पूरी तैयारी की थी. मुझे समझ नहीं आता कि किसने और क्या सोचकर ये अफवाहें फैलाईं. मैं हर किसी को जाकर सफाई नहीं दे सकता. इसलिए साफ कहता हूं कि ये समाचारें पूरी तरह गलत हैं. लोग सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम से बहुत प्रभावित हो जाते हैं, लेकिन वहां दिखाई जाने वाली 90 प्रतिशत कहानियां सच नहीं होतीं.” ‘अल्फा’ कब होगी रिलीज? यशराज फिल्म्स स्पाई यूनिवर्स की फिल्म ‘अल्फा’ में आलिया भट्ट और शरवरी लीड रोल में दिखाई देंगी. वहीं बॉबी देओल और अनिल कपूर भी अहम किरदार निभाते नजर आएंगे. पहले इसे जुलाई 2026 में रिलीज करने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब समाचारें हैं कि फिल्म तय तारीख से एक सप्ताह पहले सिनेमाघरों में दस्तक दे सकती है. हालांकि मेकर्स की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. यह भी पढ़ें- Karuppu Collection: ‘करुप्पु’ का बॉक्स ऑफिस पर दबदबा कायम, 17वें दिन कितना रहा कलेक्शन? The post Alpha की शूटिंग के दौरान आलिया से बहस? बॉबी देओल ने कहा- इंस्टाग्राम की 90% कहानियां सच नहीं होतीं appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल जीत के बाद झारग्राम पहुंचे चंपाई सोरेन, आदिवासी समाज ने किया भव्य स्वागत 

प्रताप मिश्रा की रिपोर्ट  Champai Soren: पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद आज बिनपुर (झारग्राम) पहुंचे झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के स्वागत में आदिवासी समाज के हजारों लोग जुटे. पूर्व सीएम यहां हिंदुस्तान जकात मांझी परगना महाल द्वारा आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेने आए थे. यहां पहुंचने पर चंपाई सोरेन का स्वागत बिनपुर के नवनिवार्चित भाजपा विधायक डॉ. प्रणत टुडू और मांझी परगना महाल के सदस्यों ने किया.अपने संबोधन में चंपाई सोरेन ने आदिवासियों को एकजुट होकर समाज और संस्कृति की रक्षा के लिए जुट जाने का आह्वान किया. भाजपा को बड़ी जीत दिलाने पर जनता का आभार उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने कई दशकों के उत्पीड़न को दरकिनार करते हुए अपने समाज और परंपराओं को बचाने की राह चुनी. उन्होंने जंगलमहल की 40 में से 38 सीटें और बंगाल की एसटी आरक्षित सभी 16 सीटें भाजपा की झोली में डालने के लिए जनता को धन्यवाद दिया.  आदिवासी परंपराओं और महापुरुषों की विरासत बचाने पर जोर उपस्थित जनसमूह को आश्वस्त करते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि जंगलमहल क्षेत्र के सभी भाजपा विधायक जनता की सेवा में सदैव तत्पर रहेंगे. उन्होंने आदिवासी समाज की रूढ़िजन्य परंपराओं को बचाने और अपने गौरवशाली इतिहास और महापुरुषों (वीर सिदो-कान्हू, बाबा तिलका मांझी, वीरांगना फूलो-झानो आदि) के बारे में अगली पीढ़ी को बताने की आवश्यकता पर जोर दिया. बंगाल के विकास और सीमा सुरक्षा पर जोर  चंपाई सोरेन ने कहा कि बंगाल की जनता ने इन चुनावों में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व को चुन कर नया इतिहास रच दिया है. अब बंगाल विकास के पथ पर सरपट दौड़ेगा. बांग्लादेशी घुसपैठियों के भागने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में चल रही भाजपा प्रशासन ने सेना को सीमावर्ती इलाकों की जमीनें उपलब्ध करवा दी हैं, जिन पर बाड़ लगने के बाद घुसपैठ बहुत मुश्किल हो जाएगी. स्वागत में जुटे लोग बिनपुर के विधायक डॉ. प्रणत टुडू ने कहा मौके पर बिनपुर के विधायक डॉ. प्रणत टुडू ने कहा – “झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और हम सभी के अभिभावक चंपाई सोरेन जी का बंगाल चुनावों में महत्वपूर्ण योगदान रहा है.उनका मार्गदर्शन समाज के लिए काफी महत्वपूर्ण है, और  हम सबको उनके दिखाए राह पर चल कर आदिवासी संस्कृति के संवर्धन में लग जाना चाहिए.” ज्ञात हो कि हाल में ही संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान पूर्व सीएम चंपाई सोरेन को आदिवासी बहुल जंगलमहल क्षेत्र का जिम्मा मिला था. यहां की 95% सीटों के साथ भाजपा ने कुल 207 सीटें जीत कर पहली बार राज्य में अपनी प्रशासन बनाई है. यह भी पढ़ें: गोड्डा : विश्वासखानी में शुद्ध पेयजल प्लांट की सौगात, ग्रामीणों में खुशी की लहर यह भी पढ़ें: HDFC और SBI कार्ड ब्लॉक होने का झांसा देकर उड़ाते थे पैसे, जामताड़ा से 3 साइबर अपराधी गिरफ्तारी The post बंगाल जीत के बाद झारग्राम पहुंचे चंपाई सोरेन, आदिवासी समाज ने किया भव्य स्वागत  appeared first on Naya Vichar.

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Suman Kalyanpur Family Tree: बेटी लाइमलाइट से दूर, पोती बढ़ा रही विरासत, ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’ की सिंगर के परिवार में कौन-कौन है?

Suman Kalyanpur Family Tree: ‘ना ना करते प्यार’ और ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’ जैसे सदाबहार और सुपरहिट गानों को अपनी जादुई आवाज देने वाली हिंदुस्तान की मशहूर प्लेबैक सिंगर सुमन कल्याणपुर अब हमारे बीच नहीं रहीं. 31 मई 2026 को 89 साल की उम्र में उनका निधन हो गया. उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन की समाचार से फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों को बड़ा झटका लगा है. सुमन कल्याणपुर ने हिंदी, मराठी और कई अन्य भाषाओं में हजारों गाने गाकर लोगों के दिलों में खास जगह बनाई थी. इस बीच आइए जानते हैं उनके परिवार के बारे में सबकुछ. सुमन कल्याणपुर का शुरुआती जीवन सुमन कल्याणपुर का असली नाम सुमन हेम्माडी था. उनका जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ था जहां शिक्षा और कला को बहुत महत्व दिया जाता था. उनके पिता शंकर राव हेम्माडी सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में अधिकारी थे, जबकि उनकी मां का नाम सीता हेम्माडी था. सुमन अपने परिवार में सबसे बड़ी थीं. उनके चार छोटी बहनें और एक भाई था. यानी कुल मिलाकर परिवार में छह भाई-बहन थे. बहन और पति ने दिया था पूरा साथ सुमन कल्याणपुर की बहन श्यामा हेम्माडी को भी म्यूजिक में काफी इंटरेस्ट थी. कहा जाता है कि परिवार और बहन के सपोर्ट ने सुमन को संगीत की दुनिया में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. अपनी मेहनत, लगन और बेहतरीन आवाज के दम पर उन्होंने सफलता हासिल की और आगे चलकर देश की सबसे लोकप्रिय पार्श्व गायिकाओं में अपनी खास पहचान बनाई. इसी दौरान उनकी पर्सनल लाइफ में भी एक अहम मोड़ आया. साल 1958 में सुमन हेम्माडी ने मुंबई के व्यवसायी रमानंद कल्याणपुर से शादी की. शादी के बाद उन्होंने अपना नाम सुमन कल्याणपुर रख लिया और इसी नाम से पूरे देश में पहचान बनाई. बताया जाता है कि रमानंद कल्याणपुर हमेशा उनकी गायकी के सफर में उनके साथ खड़े रहे. वह अक्सर रिकॉर्डिंग के दौरान भी उनका हौसला बढ़ाते थे. दोनों का साथ कई दशकों तक रहा. फिर साल 2008 में रमानंद कल्याणपुर का निधन हो गया था. बेटी चारुल अग्नी ने चुनी अलग राह सुमन कल्याणपुर और रमानंद कल्याणपुर की एक बेटी हैं, जिनका नाम चारुल अग्नी है. चारुल ने अपनी मां की तरह फिल्मों और संगीत की दुनिया में काम नहीं किया. उन्होंने हमेशा सादा और निजी जीवन जीना पसंद किया और लाइमलाइट से दूर रहीं. इसलिए उनके बारे में सार्वजनिक तौर पर बहुत कम जानकारी सामने आई है. शादी के बाद चारुल अमेरिका में जाकर बस गईं, जहां वह अपने परिवार के साथ रहती हैं. नाती-पोतों तक पहुंची विरासत सुमन कल्याणपुर अपने परिवार से बहुत जुड़ी हुई थीं और दादी बनने के बाद उन्हें अपने नाती-पोतों पर भी काफी गर्व था. उनके परिवार में पोती आइशानी अग्नी और पोते आव्नीश अग्नी शामिल हैं. इंडिया टीवी न्यूज की रिपोर्ट्स के मुताबिक, आइशानी अग्नी ने अपनी दादी के सम्मान में मुंबई में उनके नाम पर एक एनजीओ की स्थापना की है. यह दिखाता है कि आज भी परिवार सुमन कल्याणपुर की यादों और उनके अच्छे कामों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. सुमन कल्याणपुर का परिवार पिता: शंकर राव हेम्माडी माता: सीता हेम्माडी बहन: श्यामा हेम्माडी समेत चार बहनें भाई: एक भाई पति: रमानंद कल्याणपुर बेटी: चारुल अग्नी पोती: आइशानी अग्नी पोता: आव्नीश अग्नी यह भी पढ़ें: Peddi के किरदार ने राम चरण को पूरी तरह बदल दिया, बोले- यह मेरे करियर का सबसे मुश्किल रोल है The post Suman Kalyanpur Family Tree: बेटी लाइमलाइट से दूर, पोती बढ़ा रही विरासत, ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’ की सिंगर के परिवार में कौन-कौन है? appeared first on Naya Vichar.

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बाल-बाल बचे गुजरात के खिलाड़ी, होटल लौटते समय टीम बस में हुआ शॉर्ट सर्किट 

Fire catch in GT Bus: गुजरात की टीम के लिए एक के बाद एक दो बुरी समाचारें आईं. फाइनल मैच में शिकस्त झेलने के बाद जब खिलाड़ी निराश होकर टीम बस से होटल लौट रहे थे, तभी बस में शॉर्ट सर्किट हो गया. हालांकि, मुस्तैदी दिखाते हुए सभी खिलाड़ियों को वक्त रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. GT की टीम बस में शॉर्ट सर्किट गुजरात टाइटंस के लिए वह रात दोगुनी मायूसी लेकर आई. एक तरफ फाइनल में मिली हार का गम था, तो दूसरी तरफ स्टेडियम से होटल लौटते वक्त टीम की बस शॉर्ट सर्किट का शिकार हो गई. बीच रास्ते में हुए इस ब्रेकडाउन से कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया. लेकिन गनीमत रही कि कोई अनहोनी नहीं हुई. समय रहते सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को सुरक्षित बचा लिया गया. अहमदाबाद में टूटा गुजरात का सपना अपने ही घर (नरेंद्र मोदी स्टेडियम) में गुजरात टाइटंस का दूसरी बार चैंपियन बनने का सपना चकनाचूर हो गया. 31 मई को स्पोर्ट्से गए महामुकाबले में आरसीबी ने गुजरात को 5 विकेट से मात दी. इस बड़े मैच में गुजरात टाइटंस के बल्लेबाजों ने निराश किया. वॉशिंगटन सुंदर की जुझारू पारी को छोड़ दिया जाए, तो पूरी बल्लेबाजी लाइन-अप सिर्फ 155 रनों पर सिमट गई. आरसीबी के गेंदबाजों के आगे गुजरात का कोई भी ज्यादा देर तक टिक नहीं सका, जिसका खामियाजा टीम को ट्रॉफी गंवाकर भुगतना पड़ा. किंग कोहली की ‘विराट’ पारी 156 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की शुरुआत भी बेहद खराब रही थी. लेकिन इसके बाद विराट कोहली ने क्रीज पर खूंटा गाड़ दिया और टीम की लड़खड़ाती पारी को संभाल लिया. कोहली अंत तक नाबाद रहे और टीम को चैंपियन बनाकर ही दम लिया. उन्होंने महज 42 गेंदों पर 178.57 के स्ट्राइक रेट से नाबाद 75 रनों की मैच जिताऊ पारी स्पोर्ट्सी, जिसमें 9 चौके और 3 गगनचुंबी छक्के शामिल थे. दूसरी ओर, गुजरात टाइटंस के लिए यह हार किसी गहरे जख्म जैसी है. हार का गम इसलिए भी दोगुना हो गया है क्योंकि यह शिकस्त उन्हें अपने ही होम ग्राउंड में झेलनी पड़ी है. यह भी पढ़े- सिर पर IPL ट्रॉफी रखकर नाचे क्रुणाल पंड्या, कोहली ने भी मिलाए कदम, वीडियो वायरल The post बाल-बाल बचे गुजरात के खिलाड़ी, होटल लौटते समय टीम बस में हुआ शॉर्ट सर्किट  appeared first on Naya Vichar.

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लॉन्च से पहले सामने आए Motorola Edge 70 Pro+ के फीचर्स, मिलेगा 50MP ट्रिपल कैमरा और बड़ी बैटरी

चाइनीज टेक कंपनी Motorola अपनी Edge 70 सीरीज में एक नया मॉडल Motorola Edge 70 Pro+ हिंदुस्तान में 4 जून को लॉन्च करने वाली है. यह फोन Edge 70 लाइनअप का सबसे प्रीमियम मॉडल माना जा रहा है और इसमें कई ऐसे फीचर्स दिए जा सकते हैं, जो इसे मिड-प्रीमियम सेगमेंट में अलग पहचान दिला सकते हैं. मोटोरोला ने ऑफिशियल टीजर के जरिए फोन के कई फीचर्स रिवील कर दिए हैं. इस बार Motorola का सबसे बड़ा फोकस कैमरा क्वालिटी और प्रीमियम यूजर एक्सपीरियंस पर रहेगा. प्रीमियम डिजाइन के साथ मिलेगा अलग लुक Motorola Edge 70 Pro+ को कंपनी अलग-अलग टेक्सचर फिनिश के साथ पेश करने वाली है. फ्लिपकार्ट पर लाइव माइक्रोसाइट पेज के अनुसार, फोन Pantone Chicory Coffee, Pantone Stormy Sea और Pantone Zinfandel कलर ऑप्शन में आएगा. इनमें Chicory Coffee वेरिएंट में वुडन स्टाइल बैक डिजाइन मिलने वाला है, जबकि बाकी मॉडल्स में फैब्रिक और सैटीन जैसी फिनिश मिलने वाली है. आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन एक जैसे ग्लास डिजाइन में आते हैं, ऐसे में Motorola का यह एक्सपेरिमेंट यूजर्स को अलग एक्सपीरियंस दे सकता है. फोन के साइड फ्रेम पर एक एक्स्ट्रा बटन भी देखने को मिला है. माना जा रहा है कि इसे AI फीचर्स, कैमरा कंट्रोल या कस्टम शॉर्टकट के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा डिवाइस IP68 और IP69 रेटिंग से लैस है, जिससे यह पानी और धूल से बेहतर सुरक्षा देगा. साथ ही इसमें MIL-STD-810H मिलिट्री ग्रेड ड्यूरेबिलिटी सपोर्ट भी दिया गया है, जिससे गिरने पर फोन को ज्यादा नुकसान नहीं होगा. डिस्प्ले Gorilla Glass 7i से प्रोटेक्टेड रहेगा. कैमरा होगा सबसे बड़ा हाईलाइट Motorola Edge 70 Pro+ का सबसे खास फीचर इसका कैमरा सेटअप होगा. फोन में OIS यानी ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन सपोर्ट के साथ 50MP Sony LYT-710 प्राइमरी कैमरा दिया गया है. यह कैमरा 3.5x ऑप्टिकल जूम सपोर्ट करेगा. इसके अलावा फोन में 50MP अल्ट्रावाइड कैमरा और 50MP पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा मिलेगा. कंपनी AI बेस्ड 50x सुपर जूम फीचर भी देने वाली है, जिससे दूर की तस्वीरें ज्यादा क्लियर क्लिक की जा सकेंगी. वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए भी फोन में 50MP ऑटोफोकस फ्रंट कैमरा मिलेगा. वीडियो रिकॉर्डिंग 4K HDR10+ 60fps तक सपोर्ट करेगी. साथ ही लो-लाइट फोटोग्राफी और वीडियो स्टेबिलाइजेशन को बेहतर बनाने के लिए भी कई नए फीचर्स मिल सकते हैं. डिस्प्ले और परफॉर्मेंस भी होंगे दमदार फोन में 144Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ 6.8 इंच का बड़ा AMOLED डिस्प्ले मिलने वाला है. साथ ही डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 5200 निट्स तक होगी, जिससे तेज धूप में भी स्क्रीन आसानी से दिखाई देगी. परफॉर्मेंस के लिए Motorola Edge 70 Pro+ में MediaTek Dimensity 8500 Extreme प्रोसेसर दिया जाएगा. साथ ही फोन को ओवरहीटिंग से बचाने के लिए वेपर कूलिंग चेंबर भी जाएगा. फोन में 12GB RAM और 256GB स्टोरेज सपोर्ट मिल सकता है. पावर बैकअप के लिए इसमें 6500mAh की बड़ी सिलिकॉन-कार्बन बैटरी मिलेगी. यह 90W फास्ट चार्जिंग, 15W वायरलेस चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग को सपोर्ट करेगा. कितनी हो सकती है कीमत? कंपनी ने अभी तक फोन की आधिकारिक कीमत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि Motorola Edge 70 Pro+ की कीमत 50 हजार रुपये से कम रखी जा सकती है. इस प्राइस रेंज में इसका मुकाबला OnePlus OnePlus 15R, Realme Realme 16 Pro+ और iQOO iQOO 15R जैसे स्मार्टफोन्स से हो सकता है. यह भी पढ़ें: खरीदना है नया स्मार्टफोन? जून में आ रहे हैं Xiaomi, Motorola और Redmi के तगड़े मॉडल The post लॉन्च से पहले सामने आए Motorola Edge 70 Pro+ के फीचर्स, मिलेगा 50MP ट्रिपल कैमरा और बड़ी बैटरी appeared first on Naya Vichar.

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इस दिन है विभुवन संकष्टी, पूजा से पहले नोट कर लें जरूरी सामग्री

Vibhuvana Sankashti Chaturthi: विभुवन संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है. यह पर्व वर्ष भर में आने वाली 12 संकष्टी चतुर्थियों में सबसे विशेष और दुर्लभ माना जाता है, क्योंकि यह केवल तीन वर्ष में एक बार आता है. वैदिक पंचांग के अनुसार, यह ज्येष्ठ अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के कृष्ण पक्ष में पड़ता है, जो प्रत्येक तीन वर्ष बाद आता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना और व्रत करने से जीवन के कष्ट एवं संकट दूर होते हैं तथा सुख-शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है. पूजा सामग्री भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र पीला या लाल कपड़ा दूर्वा घास लाल फूल अक्षत (चावल) रोली कुमकुम पीला चंदन धूप अगरबत्ती दीपक कपूर घी कलश गंगाजल पान के पत्ते सुपारी लौंग और इलायची कलावा फल मिठाइयां लोटा (तांबे, पीतल या चांदी का) पूजा की विधि पूजा के दिन प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें. एक चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. गणेश जी को रोली और चंदन का तिलक लगाएं तथा 21 दूर्वा और लाल फूल अर्पित करें. इसके बाद धूप, अगरबत्ती और दीपक प्रज्ज्वलित करें. भगवान गणेश को अक्षत, फूल, फल, मिठाई, लौंग-इलायची एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें. फिर गणेश मंत्रों का कम से कम 108 बार जाप करें. पूजा के दौरान विभुवन संकष्टी व्रत कथा का पाठ या श्रवण अवश्य करें. अंत में कपूर या दीपक से भगवान गणेश की आरती करें. रात्रि में चंद्रदेव के दर्शन होने पर लोटे में जल, दूध और चंदन मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें. इसके बाद भगवान गणेश का प्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण करें. यह भी पढ़ें: Religion News in Hindi – Spiritual News, Hindi Religion News, Today Panchang, Astrology at Naya Vichar The post इस दिन है विभुवन संकष्टी, पूजा से पहले नोट कर लें जरूरी सामग्री appeared first on Naya Vichar.

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