Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ईरान वॉर में यूएई की एंट्री, होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए पेश किया प्लान, क्या बदलेगा इससे?

UAE to Join Iran War: मिडिल ईस्ट में 28 फरवरी से चल रहे संघर्ष में इजरायल-अमेरिका ने ईरान के हजारों ठिकानों पर हमले किए हैं. जहां इजरायल की डिफेंस फोर्स ने इन अटैक्स में ज्यादातर ईरानी लीडरशिप को निशाना बनाया है, वहीं अमेरिकी हमलों में ईरान के मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया गया.  अब अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की चर्चाएं चल रही हैं, दोनों देशों के राष्ट्रपति ने इस ओर इशारा किया है. ऐसे में लगा कि शायद यह संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है, लेकिन इसी बीच युद्ध के दौरान ईरान के हाथों सबसे ज्यादा मार खाए देश संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने इस लड़ाई में कूदने के संकेत दिए हैं. अगर ऐसा होता है, तो वह इस युद्ध में प्रत्यक्ष रूप से लड़ने वाला खाड़ी का पहला अरब देश होगा. यूएई, अमेरिका और उसके सहयोगियों की मदद से हॉर्मुज स्ट्रेट को बलपूर्वक सुरक्षित करने की तैयारी कर रहा है. द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक अरब अधिकारियों ने यह जानकारी दी. रिपोर्ट के अनुसार, यूएई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सैन्य कार्रवाई को मंजूरी दिलाने के लिए प्रस्ताव लाने की कोशिश कर रहा है. अमीराती राजनयिकों ने अमेरिका और यूरोप व एशिया की सैन्य शक्तियों से मिलकर एक गठबंधन बनाने का आग्रह किया है, ताकि बलपूर्वक होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोला जा सके. यूएई ने अपने प्रस्ताव में उसके शहरों पर किए गए हमलों की निंदा करने की भी मांग रखी है. यूएई खाड़ी के सभी मुल्कों के मुकाबले इस युद्ध में सबसे ज्यादा ईरानी हमले झेलने वाला देश है. ईरान ने यूएई के कई आइकॉनिक जगहों पर मिसाइल और ड्रोन अटैक किए, इनमें पाम जुमैरा, दुबई-अबूधाबी एयरपोर्ट और तेल के ठिकाने अहम रहे. ईरान ने यूएई के रिहायशी इलाकों पर भी हमले किए हैं. 31 मार्च 2026 तक ईरान ने यूएई के ऊपर 2,228 से अधिक हमले किए हैं, जिनमें 1,977 से अधिक ड्रोन और 433 से अधिक मिसाइलें शामिल हैं. इन मिसाइलों में 398 बैलिस्टिक और 15-19 क्रूज मिसाइलें शामिल हैं. यूएई में इन हमलों की वजह से अब तक 11 लोगों की मौतें भी हुई हैं, वहीं 178 लोग घायल हुए हैं. पहले क्या कर रहा था यूएई, अब रुख क्यों बदला? संयुक्त अरब अमीरात शुरुआत में इस पूरे संघर्ष में सीधे शामिल होने से बचता रहा और खुद को एक संतुलित मध्यस्थ के रूप में पेश करता रहा. वह ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम कराने की कोशिश कर रहा था, क्योंकि क्षेत्रीय स्थिरता उसके आर्थिक हितों के लिए बेहद जरूरी है. खासतौर पर तेल और गैस के निर्यात पर निर्भर वित्तीय स्थिति के कारण वह किसी बड़े युद्ध से बचना चाहता था. ईरान की नेशनल सिक्योरिटी के चीफ अली लारिजानी ने यूएई की यात्रा भी की थी, जिनकी पिछले महीने इजरायली हमले में बेटे के साथ मौत हो गई. लेकिन हालात तब बदल गए जब ईरान की कार्रवाई सीधे यूएई के हितों को प्रभावित करने लगी. हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से उसके व्यापार और ऊर्जा निर्यात पर असर पड़ा, वहीं यूएई में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाए जाने से सुरक्षा चिंताएं भी बढ़ीं. ऐसे में अबू धाबी को लगने लगा कि केवल कूटनीति से स्थिति नहीं संभलेगी, इसलिए उसने सख्त रुख अपनाते हुए सैन्य विकल्पों पर विचार शुरू कर दिया है और वह अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने में भी सक्रिय हो गया है. ये भी पढ़ें:- हम जंग रोकने को तैयार, लेकिन… ईरानी राष्ट्रपति ने US के सामने रखी शर्त, विदेश मंत्री बोले- ट्रंप के दोस्त से बात… क्या चाहता है यूएई? रिपोर्ट के अनुसार, यूएई के संयुक्त राष्ट्र में पेश किए गए प्रस्ताव पर रूस और चीन वीटो पावर का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसकी वजह से यह खारिज हो सकता है. लेकिन इसके बावजूद यूएई ईरान के खिलाफ सहयोगियों के साथ सैन्य कार्रवाई पर आगे बढ़ना चाहता है.  रिपोर्ट के अनुसार, यूएई ने अमेरिका को कुछ आईलैंड्स पर कब्जा करने का प्रस्ताव रखा है, इसमें अबू मूसा द्वीप भी शामिल है. यह एक विवादित आईलैंड है, जिस पर ईरान का कब्जा है, जबकि यूएई भी इस पर अपना दावा करता है. ईरान के खिलाफ युद्ध में उतरने के पीछे यूएई की ताकत यूएई के पास मजबूत सैन्य ढांचा, आधुनिक तकनीक और रणनीतिक भू-स्थिति जैसी कई अहम क्षमताएं हैं, जो उसे इस संघर्ष में प्रभावी भूमिका निभाने का भरोसा देती हैं. उसके पास अमेरिकी एफ-16 लड़ाकू विमान से लैस उन्नत वायुसेना फ्लीट है, निगरानी ड्रोन सिस्टम और पश्चिमी देशों से मिले अत्याधुनिक हथियार मौजूद हैं. इसके अलावा जेबेल अली जैसे बड़े बंदरगाह और लॉजिस्टिक नेटवर्क अमेरिकी नेतृत्व वाले किसी भी सैन्य अभियान को सपोर्ट देने में सक्षम हैं. यही नहीं, यूएई होर्मुज स्ट्रेट के एक दक्षिणी-पूर्वी मुहाने पर स्थित है. यह एक ऐसी लोकेशन है, जहां से होर्मुज की एंट्री पॉइंट है. वह खाड़ी क्षेत्र में अपनी स्थिति का फायदा उठाते हुए सप्लाई, खुफिया जानकारी और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है. यूएई होर्मुज स्ट्रेट में ईरान द्वारा बिछाई गई सी माइंस को भी हटाने में अहम योगदान दे सकता है. ये भी पढ़ें:- इराक में अवॉर्ड विनिंग अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, दिन-दहाड़े उठा ले गए किडनैपर्स युद्ध में यूएई के उतरने से क्या बदलेगा? अगर यूएई खुलकर इस युद्ध में शामिल होता है, तो यह संघर्ष एक सीमित टकराव से बढ़कर क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है. इससे सऊदी अरब जैसे अन्य खाड़ी देशों पर भी दबाव बढ़ेगा कि वे अपना पक्ष स्पष्ट करें. साथ ही, यह कदम ईरान पर सैन्य और कूटनीतिक दबाव को कई गुना बढ़ा सकता है, लेकिन इसके साथ ही क्षेत्र में अस्थिरता और तेल बाजार में उथल-पुथल भी तेज हो सकती है. यूएई की एंट्री इस जंग को लंबा और अधिक जटिल बना सकती है, जिसमें वैश्विक शक्तियों की भागीदारी और बढ़ने की आशंका है. भले ही यूएई के प्रस्ताव को यूएन में सहयोग न मिले, लेकिन उसे बहरीन का समर्थन मिलने की संभावना है. यह ईरान के दक्षिणी समुद्री सीमा के पास स्थित एक छोटा, लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश है. यहां पर अमेरिकी नौसेना का फिफ्थ फ्लीट है. बहरीन लॉजिस्टिक और सैन्य समर्थन देने में सक्रिय भूमिका निभा

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

प्राइवेट स्कूलों में किताबों के नाम पर लूट, 3442 रुपये की हो जाता है एनसीईआरटी के 260 वाला बुकसेट

रांची से राजेश झा की रिपोर्ट Ranchi News: शिक्षा का उद्देश्य भले ही ज्ञान देना हो, लेकिन मौजूदा दौर में यह अभिभावकों के लिए महंगा सौदा बन गया है. स्कूलों और प्रकाशकों के बीच कथित ‘गठजोड़’ के कारण किताबों की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है. स्थिति यह है कि जहां एनसीईआरटी की कक्षा एक की किताबें मात्र 260 रुपये में उपलब्ध हैं. वहीं, डीएवी स्कूलों में यही दाम 517 रुपये तक पहुंच जाता है. प्राइवेट स्कूलों में तो किताबों का पूरा सेट 3442 रुपये तक में बेचा जा रहा है, जो आम परिवारों की जेब पर भारी पड़ रहा है. 120 करोड़ का कारोबार, 36 करोड़ कमीशन बताया जा रहा है कि इस पूरे सिस्टम में करीब 120 करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा है, जिसमें से लगभग 36 करोड़ रुपये कमीशन के रूप में जुड़े पक्षों तक पहुंचता है. इसके अलावा, हर साल किताबों की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि हो रही है. सीबीएसई और आइसीएसई स्कूलों में एनसीईआरटी किताबों के साथ निजी प्रकाशकों की रेफरेंस बुक लेना भी लगभग अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे अभिभावकों की परेशानी और बढ़ गई है. 120 करोड़ के कारोबार में 160 स्कूल शामिल रांची में स्कूली किताब-कॉपी का कारोबार इस साल करीब 120 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. इसमें सीबीएसई, आईसीएसई, के लगभग 160 स्कूल शामिल हैं, जहां औसतन 2000 छात्र पढ़ते हैं. हर छात्र पर करीब 5000 रुपये का खर्च आता है, जिससे लगभग 90 करोड़ रुपये का कारोबार होता है. इसके अलावा, 400 से अधिक गैर मान्यता प्राप्त स्कूल हैं, जहां औसतन 250 छात्र पढ़ते हैं और प्रति छात्र करीब 3000 रुपये खर्च होते हैं. इससे करीब 30 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कारोबार जुड़ता है. इस कुल कारोबार में लगभग 30 प्रतिशत यानी करीब 36 करोड़ रुपये कमीशन के रूप में स्कूलों तक पहुंचने की बात सामने आई है. हर साल बढ़ रही कीमतें, अभिभावक परेशान किताबों की कीमतों में हर साल 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि हो रही है. पिछले साल जहां कक्षा एक के लिए अभिभावकों को लगभग 3500 रुपये खर्च करने पड़ते थे, वहीं इस साल यह राशि बढ़कर 5195 रुपये हो गई है. कक्षा पांच की बात करें, तो मुख्य विषयों के अलावा 21 किताबें दी जा रही हैं, जिनकी कुल कीमत 7580 रुपये तक पहुंच गई है. नर्सरी और प्रेप कक्षाओं के लिए भी 3000 से 3500 रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है. इस बढ़ती कीमत ने मध्यम वर्गीय परिवारों की चिंता बढ़ा दी है, जिनके लिए बच्चों की पढ़ाई एक बड़ा आर्थिक बोझ बनती जा रही है. कितना खरीदने का पता बताते हैं स्कूल राजधानी रांची में अप्रैल के पहले सप्ताह से निजी स्कूलों का नया सत्र शुरू होने जा रहा है. साथ ही स्कूलों ने परीक्षाफल के साथ किताब-कॉपी की सूची भी अभिभावकों को थमा दी है. कई स्कूलों द्वारा यह भी बताया जा रहा है कि किताबें कहां से खरीदनी हैं. कहीं लिखित पर्ची के जरिये, तो कहीं मौखिक रूप से. इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि स्कूलों और प्रकाशकों के बीच गहरे संबंध हैं. हर साल की तरह इस बार भी बुक लिस्ट में बदलाव किया गया है. कंटेंट बराबर, प्रकाशक चेंज किताबों का कंटेंट लगभग वही है, लेकिन प्रकाशक का नाम बदल दिया जाता है. उदाहरण के तौर पर गणित की प्रसिद्ध किताबों के नये संस्करण केवल नये कवर के साथ पेश किये जा रहे हैं. इसके अलावा कुछ प्रकाशकों ने कुछ अध्यायों में बदलाव भी किया है, ताकि पुराने संस्करण का उपयोग न हो सके और अभिभावकों को नयी किताबें खरीदने के लिए मजबूर होना पड़े. वहीं, एनसीइआरटी की किताबें नहीं दी जा रही हैं. प्रिंट रेट पर किताबें, फिर भी महंगी क्यों? स्कूलों की ओर से अभिभावकों को किताबें प्रिंट रेट पर ही खरीदने को कहा जाता है. लेकिन सवाल यह है कि जब किताबें प्रिंट रेट पर मिल रही हैं, तो कीमत इतनी अधिक क्यों है? दरअसल, कई किताबों में पन्नों की संख्या बेहद कम होती है, फिर भी उनकी कीमत 300 से 350 रुपये तक रखी जाती है. खासकर मोरल साइंस, जनरल नॉलेज और एटलस जैसी किताबों में यह प्रवृत्ति ज्यादा देखी जा रही है. निजी प्रकाशकों की किताबों का दबदबा सीबीएसई और आइसीएसई स्कूलों में एनसीइआरटी की किताबों के साथ-साथ निजी प्रकाशकों की रेफरेंस बुक लेना लगभग अनिवार्य कर दिया गया है. ये किताबें एनसीईआरटी की तुलना में पांच से छह गुना तक महंगी होती हैं. स्कूलों द्वारा इन्हें कोर्स में शामिल करने के पीछे मोटे कमीशन का लालच बताया जा रहा है. प्रकाशक और बुक सेलर पहले से ही कमीशन तय कर लेते हैं और उसी के आधार पर किताबों को कोर्स में शामिल किया जाता है. कक्षा एक से आठ तक के पाठ्यक्रम में हिंदी, गणित, विज्ञान के अलावा जीके, मोरल साइंस, कंप्यूटर जैसी कई अतिरिक्त किताबें शामिल कर दी जाती हैं, जिससे कुल खर्च और बढ़ जाता है. इस वर्ष कोर्स में बदलाव को लेकर कक्षा 9वीं व 10वीं की एनसीइआरटी की किताब नहीं मिल रही है. दिसंबर से ही शुरू हो जाती है लूट की तैयारी नए सत्र में अभिभावकों से लूट की तैयारी दिसंबर से ही शुरू हो जाती है. निजी प्रकाशकों के डीलर स्कूलों से संपर्क कर कमीशन तय करते हैं. इसके बाद यह निर्णय लिया जाता है कि किस प्रकाशक की कौन-कौन सी किताबें कोर्स में शामिल होंगी. इस प्रक्रिया में स्कूलों को लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक कमीशन मिलता है. इसके अलावा, कई बार स्कूल प्रबंधन को अन्य लाभ जैसे विदेश यात्रा के ऑफर भी दिए जाते हैं. बुक सेलरों को भी 20 प्रतिशत तक कमीशन दिया जाता है, जबकि वे स्कूलों को 2.5 से तीन लाख रुपये तक भुगतान करते हैं, ताकि अभिभावकों को उनकी दुकानों से ही किताबें खरीदने के लिए भेजा जाये. 100 की किताब ऐसे हो जाती है 400 की एक उदाहरण से समझें तो सातवीं कक्षा की एक विज्ञान की किताब की कीमत 469 रुपये है. इसमें से 140 रुपये (30 प्रतिशत) स्कूल को और 94 रुपये (20 प्रतिशत) बुक सेलर को कमीशन के रूप में जाते हैं. इसके अलावा, 70 रुपये (15 प्रतिशत) मार्केटिंग पर खर्च होते

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

साल में दो बार क्यों मनाई जाती है हनुमान जयंती? जानें मां सीता के वरदान का रहस्य

Hanuman Jayanti 2026: चैत्र पूर्णिमा की पावन तिथि आज 1 अप्रैल से शुरू हो गई है, जो 2 अप्रैल को समाप्त होगी. मान्यता है कि इस दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था. इस दिन देशभर में धूमधाम से बजरंगबली का जन्मोत्सव मनाया जाता है. भक्त इस दिन विशेष रूप से हनुमान जी को सिंदूर और लाल चोला अर्पित करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह एकमात्र तिथि नहीं है, जब बजरंगबली का जन्मोत्सव मनाया जाता है. इसके अलावा कार्तिक मास में भी यह पर्व मनाया जाता है. मान्यता है कि इसके पीछे माता सीता द्वारा पवनपुत्र हनुमान को दिया गया एक वरदान है. आइए जानते हैं कि माता जानकी ने ऐसा कौन-सा वरदान दिया था, जिसके कारण साल में दो बार हनुमान जी के जन्म की खुशियां मनाई जाती हैं. चैत्र पूर्णिमा: जब अंजनी नंदन ने लिया अवतार साल में पहली बार हनुमान जयंती चैत्र मास में मनाई जाती है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, हनुमान जी का जन्म चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हुआ था. माता अंजनी और केसरी के पुत्र के रूप में जन्मे हनुमान जी भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार माने जाते हैं. यही कारण है कि इस दिन को मुख्य ‘जन्म दिवस’ या ‘प्रकट उत्सव’ के रूप में मनाया जाता है. साल 2026 में यह तिथि 2 अप्रैल को पड़ रही है. कार्तिक चतुर्दशी: मां सीता के वरदान से मिला ‘दूसरा जन्म’ दूसरी बार हनुमान जयंती कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी (नरक चतुर्दशी या छोटी दीपावली) को मनाई जाती है. वाल्मीकि रामायण के अनुसार, जब हनुमान जी माता सीता की खोज करते हुए लंका पहुंचे और उन्हें प्रभु श्री राम की मुद्रिका (अंगूठी) सौंपी, तो माता सीता भावुक हो गईं. उन्होंने हनुमान जी की भक्ति और समर्पण से प्रसन्न होकर उन्हें ‘अष्ट सिद्धि’ और ‘नव निधि’ के साथ-साथ अजर-अमर होने का वरदान दिया. जिस दिन माता सीता ने हनुमान जी को यह आशीर्वाद दिया, वह दिन कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी था. चूंकि इसी दिन हनुमान जी को एक नया आध्यात्मिक जीवन और अमरता प्राप्त हुई, इसलिए इसे उनके ‘दूसरे जन्म’ के रूप में पूजा जाता है. कई जगहों पर इसे ‘विजय अभिनंदन महोत्सव’ भी कहा जाता है. यह भी पढ़ें: Hanuman Jayanti 2026: कल है हनुमान जयंती, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि, भोग, रंग, फूल और बजरंगबली के मंत्र The post साल में दो बार क्यों मनाई जाती है हनुमान जयंती? जानें मां सीता के वरदान का रहस्य appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

TMKOC: ‘दया बेन’ की वापसी पर बड़ा खुलासा, जेनिफर मिस्त्री ने बताया पूरा सच

TMKOC: टीवी के सबसे पॉपुलर शोज में से एक तारक मेहता का उल्टा चश्मा को लेकर फैंस के बीच हमेशा एक सवाल बना रहता है, क्या दया भाभी यानी दिशा वकानी की वापसी होगी? अब इस पर शो की पूर्व कलाकार जेनिफर मिस्त्री बंसीवाल ने बड़ा खुलासा कर दिया है. जेनिफर मिस्त्री, जिन्होंने शो में मिसेज सोढ़ी का किरदार निभाकर पहचान बनाई, अब इस शो का हिस्सा नहीं हैं. करीब 15 साल तक शो में काम करने के बाद उन्होंने 2023 में इसे अलविदा कह दिया था. शो छोड़ने के बाद से ही वह मेकर्स, खासकर असित कुमार मोदी को लेकर कई बार खुलकर अपनी बात रख चुकी हैं. दया के लिए नई लड़की का हुआ था ऑडिशन हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में जेनिफर ने साफ कहा कि दिशा वकानी अब शो में वापसी नहीं करेंगी. उन्होंने बताया कि बीच-बीच में उनकी वापसी को लेकर जो समाचारें आती हैं, वो सिर्फ दर्शकों का ध्यान बनाए रखने की रणनीति है. जेनिफर ने यह भी खुलासा किया कि जब वह शो में थीं, तब दया भाभी के रोल के लिए एक नई लड़की का ऑडिशन लिया गया था. उस लड़की को करीब दो साल तक होल्ड पर रखा गया, मॉक शूट भी हुआ, लेकिन उम्र कम होने की वजह से उसे कास्ट नहीं किया गया. दिशा के ससुराल वालों ने रखी शर्तें उन्होंने आगे बताया कि 2021 में दिशा वकानी की वापसी लगभग तय हो गई थी. वह शूट शुरू करने के लिए तैयार थीं, कॉस्ट्यूम ट्रायल भी कर चुकी थीं, लेकिन आखिरी वक्त पर मामला बिगड़ गया और उनकी वापसी नहीं हो पाई. जेनिफर के मुताबिक, दिशा के ससुराल पक्ष की कुछ शर्तें थीं, जैसे देर रात शूटिंग नहीं करना, लंबे घंटे काम नहीं करना जिन्हें मेकर्स मानने को तैयार नहीं थे. यहां तक कि जेनिफर और सोनालिका जोशी ने सुझाव दिया था कि दिशा के घर पर ही शूट किया जाए, लेकिन इस पर भी सहमति नहीं बन पाई. यह भी पढे़ं: सलमान खान की फिल्म में नयनतारा की एंट्री, 19 साल छोटी एक्ट्रेस संग करेंगे रोमांस The post TMKOC: ‘दया बेन’ की वापसी पर बड़ा खुलासा, जेनिफर मिस्त्री ने बताया पूरा सच appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अब पावर वाला चश्मा भी होगा स्मार्ट, Meta ने लॉन्च किये नये Ray-Ban Optics Styles ग्लासेस

Meta ने अपनी AI-पावर्ड स्मार्ट ग्लासेस रेंज को आगे बढ़ाते हुए नये Ray-Ban Meta Optics Styles लॉन्च कर दिए हैं. ये खास तौर पर उन यूजर्स के लिए डिजाइन किए गए हैं, जिन्हें प्रिस्क्रिप्शन (नंबर वाले) चश्मे की जरूरत होती है. इन ग्लासेस में प्रिस्क्रिप्शन सपोर्ट के साथ-साथ Meta AI के फीचर्स जैसे हैंड्स-फ्री न्यूट्रिशन ट्रैकिंग और मैसेज समरी भी मिलते हैं, जिससे ये डेली यूज के लिए ज्यादा प्रैक्टिकल बन जाते हैं. कीमत और उपलब्धता इस नई लाइनअप में दो वेरिएंट शामिल हैं: Ray-Ban Meta Blayzer Optics (Gen 2) Ray-Ban Meta Scriber Optics (Gen 2) इनकी कीमत $499 (करीब ₹41,500) रखी गई है. फिलहाल ये स्मार्ट ग्लासेस सिर्फ अमेरिका में प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध हैं, जिन्हें Meta और Ray-Ban के ऑफिशियल चैनल्स के जरिए खरीदा जा सकता है. इनकी सेल 14 अप्रैल से शुरू होगी. Meta ने बताया है कि हिंदुस्तान समेत अन्य देशों में भी इन्हें साल के अंत तक लॉन्च किया जाएगा. डिजाइन और कस्टमाइजेशन Blayzer और Scriber फ्रेम्स को खास तौर पर प्रिस्क्रिप्शन यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है. इसमें- स्लिम फ्रेम डिजाइन इंटरचेंजेबल नोज पैड्स एडजस्टेबल टेम्पल टिप्स (चश्मे के आखिरी सिरे पर लगे प्लास्टिक, सिलिकॉन या रबर के कवर) 10-डिग्री एक्स्ट्रा रोटेशन वाले हिंज ये सभी फीचर्स लंबे समय तक आरामदायक इस्तेमाल के लिए बेहतर फिट सुनिश्चित करते हैं. दमदार फीचर्स और परफॉर्मेंस इन स्मार्ट ग्लासेस में कई एडवांस फीचर्स दिए गए हैं: 12MP कैमरा (3K वीडियो रिकॉर्डिंग) 6 माइक्रोफोन सिस्टम बेहतर कॉल और ऑडियो के लिए म्यूजिक और पॉडकास्ट सपोर्ट (Spotify, Amazon Music) कॉल, मैसेज और वॉइस कमांड सपोर्ट एक नया एक्शन बटन भी दिया गया है, जिससे आप तुरंत फोटो/वीडियो कैप्चर कर सकते हैं या Meta AI को एक्टिव कर सकते हैं. Meta AI यूजर्स के सामने दिख रही चीजों को समझकर सवालों के जवाब दे सकता है और काम में मदद कर सकता है. नए कलर ऑप्शन कंपनी ने Ray-Ban और Oakley Meta ग्लासेस के लिए नए कलर और Transitions लेंस ऑप्शन भी पेश किए हैं, जो लाइट के हिसाब से एडजस्ट होते हैं. इनमें सिंगल विजन, प्रोग्रेसिव और Transitions लेंस का सपोर्ट मिलता है, जिससे आप बिना फ्रेम बदले इनडोर-आउटडोर आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं. कलर ऑप्शन में- Shiny Transparent Grey Shiny Transparent Peach Matte Transparent Peach मिलेंगे नए AI फीचर्स Meta जल्द ही कई नए AI फीचर्स भी जोड़ने जा रहा है, जिसमें- Nutrition Tracking: यूजर्स वॉइस या फोटो के जरिए अपना खाना रिकॉर्ड कर सकेंगे और Meta AI उससे जरूरी जानकारी निकालकर समय के साथ पर्सनल हेल्थ डाइट ट्रैक कर लेगा. WhatsApp Summary: हैंड्स-फ्री WhatsApp समरी फीचर भी जल्द आ रहा है, जिसमें आप Meta AI से चैट का छोटा सार या जरूरी जानकारी पूछ सकते हैं. खास बात यह है कि डेटा एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहता है. Neural Handwriting: आने वाले फीचर्स में Neural Handwriting शामिल है, जिससे यूजर्स अपनी उंगली से सतहों पर मैसेज लिख सकते हैं और चश्मा उन्हें टेक्स्ट में बदल देगा. यह इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और आईमैसेज जैसे ऐप्स पर काम करता है. Display Recording: डिस्प्ले रिकॉर्डिंग से यूजर्स अपने सामने दिख रहे विजुअल, रियल वर्ल्ड और ऑडियो को मिलाकर वीडियो बना सकेंगे. Ecosystem Integration: Meta अपने स्मार्ट ग्लासेस में इकोसिस्टम इंटीग्रेशन भी बढ़ा रहा है, जिसमें Spotify शॉर्टकट्स और रिमाइंडर, वेदर, कैलेंडर जैसे ऑन-डिवाइस विजेट्स शामिल हैं. साथ ही, US शहरों में नेविगेशन फीचर भी रोलआउट हो रहा है, जिससे यूजर्स को सीधे आंखों के सामने टर्न-बाय-टर्न डायरेक्शन मिलेंगे. इन फीचर्स को आने वाले महीनों में अपडेट के जरिए रोलआउट किया जाएगा. यह भी पढ़ें: Vivo और Realme ही नहीं, अप्रैल में लॉन्च होंगे ये स्मार्टफोन्स भी, देखें पूरी लिस्ट यह भी पढ़ें: Meta RayBan Display ग्लासेज में क्या सच में है स्मार्टफोन की जरूरत खत्म करने का माद्दा? The post अब पावर वाला चश्मा भी होगा स्मार्ट, Meta ने लॉन्च किये नये Ray-Ban Optics Styles ग्लासेस appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

चुनाव प्रचार से पहले चाय बागान पहुंचे पीएम मोदी, महिलाओं के साथ तोड़ीं पत्तियां; तस्वीरें वायरल

PM Modi visit Tea Garden: हाथों में टोकरी और चेहरे पर मुस्कान लिए पीएम मोदी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं. पीएम मोदी ने चाय बागान में काफी समय बिताया. उन्होंने घूम-घूमकर स्त्री कामगारों से बात की. प्रधानमंत्री असम विधानसभा चुनाव प्रचार के तहत आज दो जनसभाओं को संबोधित करेंगे. चाय की पत्ती तोड़ते पीएम मोदी, फोटो ani पीएम मोदी का असम में आज का कार्यक्रम पीएम मोदी पहले धेमाजी के गोगामुख में एक रैली को संबोधित करेंगे. इसके बाद उनका विश्वनाथ जिले में दोपहर एक बजे एक जनसभा को संबोधित करने का कार्यक्रम है. चाय बागान में पीएम मोदी, फोटो ani बीजेपी उम्मीदवार के लिए प्रचार करेंगे पीएम मोदी पीएम मोदी पहली रैली में धेमाजी चुनाव लड़ रहे राज्य मंत्री रानोज पेगू और धकुआखाना विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार नबा कुमार डोले के लिए प्रचार करेंगे. इसके अलावा बेहाली में दूसरी रैली में पार्टी उम्मीदवार एवं पूर्व मंत्री पल्लब लोचन दास के लिए प्रचार करेंगे. चाय पत्ती तोड़ने वाली स्त्री मजदूर के साथ पीएम मोदी, फोटो ani The post चुनाव प्रचार से पहले चाय बागान पहुंचे पीएम मोदी, स्त्रीओं के साथ तोड़ीं पत्तियां; तस्वीरें वायरल appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कौन हैं कूपर कोनोली, जिसने अकेले पंजाब को दिला दी जीत, डेब्यू मैच में बना डाला रिकॉर्ड

Cooper Connolly: कूपर कोनोली ने अपने डेब्यू आईपीएल मैच में कोनोली ने 44 गेंदों का सामना कर 72 रनों की विस्फोटक पारी स्पोर्ट्सी. जिसमें उन्होंने 5 चौके और 5 छक्के जमाए. कोनोली को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ दी मैच भी दिया गया. कौन हैं कूपर कोनोली? कूपर कोनोली ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर हैं और बैटिेंग ऑलराउंडर हैं. बाएं हाथ से बैटिंग और बाएं हाथ से ऑर्थोडॉक्स बॉल डालते हैं. 2022 में अंडर 19 ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए कप्तान कर चुके हैं. ऑस्ट्रेलिया के अब तक एक टेस्ट, 8 वनडे और 11 टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्पोर्ट्स चुके हैं. जिसमें उन्होंने टेस्ट में 4 रन, वनडे में 94 रन और 6 विकेट लिए हैं. टी20 में 28 रन और 3 विकेट ले चुके हैं. जबकि आईपीएल में अपने पहले ही मैच में तूफानी अर्धशतकीय पारी स्पोर्ट्सी. पंजाब किंग्स ने 3 करोड़ रुपये में खरीदा कूपर कोनोली को पंजाब किंग्स ने आईपीएल 2026 निलामी में 3 करोड़ रुपये में खरीदा. पंजाब के चीफ कोच रिकी पोंटिंग कूपर कोनोली को बहुत पसंद करते हैं. पोंटिंग के कहने पर ही पंजाब ने उन्हें अपनी टीम में शामिल भी किया है. आईपीएल डेब्यू में कूपर कोनोली ने बना डाला रिकॉर्ड कूपर कोनोली ने डेब्यू आईपीएल मुकाबले में गुजरात के खिलाफ 72 रन की पारी स्पोर्ट्सकर रिकॉर्ड बना डाला. डेब्यू आईपीएल मैच में सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी में कोनोली टॉप 5 में शामिल हो गए हैं. आईपीएल डेब्यू पारी में टॉप स्कोर 158* – ब्रैंडन मैकुलम (केकेआर) बनाम आरसीबी, 2008116* – माइकल हसी (सीएसके) बनाम पंजाब किंग्स, 2008;84* – शॉन मार्श (पंजाब किंग्स) बनाम डेक्कन चार्जर्स, 2008;73 – काइल मेयर्स (एलएसजी) बनाम डीसी, 2023;72* – कूपर कॉनॉली (पीबीकेएस) बनाम जीटी, 2026* पंजाब और गुजरात मैच पर एक नजर न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में पंजाब किंग्स ने टॉस जीता और बॉलिंग करने का फैसला किया. शुभमन गिल 39, जोस बटलर 38, ग्लेन फिलिप्स 25, साई सुदर्शन 13 और वाशिंगटन सुंदर की 18 रन की पारी के दम पर गुजरात ने 6 विकेट खोकर 162 रन बनाया. जवाब में पंजाब की टीम ने कोनोली के 72 रनों की पारी के दम पर 7 विकेट खोकर 19.1 ओवर में 165 रन बनाकर मैच जीत लिया. पंजाब की ओर से कोनोली के अलावा प्रभसिमरन सिंह ने 37 श्रेयस अय्यर 18 और जेवियर बार्टलेट ने 11 रन की पारी स्पोर्ट्सी. पंजाब की ओर से विजयकुमार वैशाक 3 और युजवेंद्र चहल ने दो विकेट चटकाए. जबकि गुजरात की ओर से प्रसिद्ध कृष्ण ने सबसे अधिक 3 विकेट लिए. ये भी पढ़ें: PBKS vs GT: पंजाब किंग्स ने लड़खड़ाते हुए दर्ज की जीत, कॉनोली कूपर ने स्पोर्ट्सी 72 रनों की पारी मैदान पर दर्द से तड़पे श्रेयस अय्यर, अपने ही खिलाड़ी के तेज शॉट से आई गंभीर चोट The post कौन हैं कूपर कोनोली, जिसने अकेले पंजाब को दिला दी जीत, डेब्यू मैच में बना डाला रिकॉर्ड appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

आज से महंगा हुआ छोटू गैस सिलेंडर, ₹51 की बढ़ोतरी, पटना-रांची समेत कई शहर प्रभावित

Chhotu Gas Cylinder Price Hike: आज 1 अप्रैल 2026 से कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई है. नए वित्त वर्ष की शुरुआत होते ही प्रशासनी तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर के दामों में ₹218 तक का इजाफा किया है साथ में ही 5 kg वाला गैस सिलेंडर ₹51 का इजाफा किया गया है. हालांकि, आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि घर में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. कमर्शियल सिलेंडर: कहां कितनी बढ़ी कीमत ? देश की राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में ₹195.50 की बड़ी वृद्धि हुई है, जिससे अब इसकी नई कीमत ₹2,078.50 पहुंच गई है. कोलकाता में यह मार और भी ज्यादा पड़ी है, जहां कीमतों में ₹218 का जोरदार उछाल देखा गया है. बता दें कि इससे पहले 1 मार्च को भी कमर्शियल गैस के दाम ₹114.50 बढ़ाए गए थे. गैस की कीमतों में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी से रेस्टोरेंट, ढाबों और हलवाइयों की लागत बढ़ जाएगी, जिसका सीधा असर बाहर मिलने वाले खाने की कीमतों पर पड़ सकता है. शहर 5 किलो छोटू (रिफिल) 14.2 किलो (घरेलू) 19 किलो (कमर्शियल) दिल्ली ₹549.00 ₹913.00 ₹2,078.50 मुंबई ₹530.00 ₹912.50 ₹2,031.00 कोलकाता ₹572.00 ₹939.00 ₹2,208.00 पटना ₹608.00 ₹1,002.50 ₹2,596.00 रांची ₹584.50 ₹970.50 ₹2,256.50 भोपाल ₹556.00 ₹918.50 ₹2,081.50 छोटा सिलेंडर भी हुआ महंगा (5 kg FTL Cylinder) कमर्शियल सिलेंडर के साथ-साथ छोटे और पोर्टेबल 5 किलो वाले FTL (Free Trade LPG) सिलेंडर के दाम भी आज से बढ़ा दिए गए हैं. छोटे दुकानदारों और प्रवासियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले इस सिलेंडर की कीमत में ₹51 का इजाफा किया गया है. इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 5 किलो वाला सिलेंडर अब ₹549 का मिलेगा, जो कल तक ₹498 में उपलब्ध था. अचानक हुई इस वृद्धि ने उन छोटे वेंडर्स की चिंता बढ़ा दी है जो रोजाना के काम के लिए इन छोटे सिलेंडरों पर निर्भर रहते हैं. घरेलू रसोई गैस में राहत देश के करोड़ों परिवारों के लिए आज के दिन की सबसे बड़ी और सुकून देने वाली समाचार यह है कि घरेलू रसोई गैस की कीमतों में कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है. 14.2 किलो वाला कुकिंग गैस सिलेंडर दिल्ली में अभी भी ₹913 की पुरानी कीमत पर ही मिलेगा. गौरतलब है कि घरेलू गैस की कीमतों में आखिरी बार 7 मार्च को ₹60 की बढ़ोतरी की गई थी. कमर्शियल गैस की महंगाई के बीच घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर रहने से आम आदमी की रसोई के बजट पर फिलहाल कोई अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ा है. Also Read: आज से बदल गए नियम, 1 अप्रैल 2026 से आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर, जानिए 9 बड़े बदलाव The post आज से महंगा हुआ छोटू गैस सिलेंडर, ₹51 की बढ़ोतरी, पटना-रांची समेत कई शहर प्रभावित appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

8 लाख के बजट में Automatic SUV चाहिए? देखें ये टॉप 5 ऑप्शन

Affordable Automatic SUVs: बदलती जरूरतों के साथ अब SUV सेगमेंट भी स्मार्ट हो गया है. अब कार कंपनियां किफायती सेगमेंट में भी ऑटोमैटिक गियरबॉक्स, शानदार फीचर्स और बढ़िया स्पेस के साथ SUVs लॉन्च कर रही हैं. ऐसे में अगर आप 8 लाख के बजट में बढ़िया फीचर्स और स्मूद ड्राइविंग का मजा लेना चाहते हैं, तो यहां बताई गई सस्ती ऑटोमैटिक SUVs आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकती हैं. Nissan Magnite AMT Nissan Magnite AMT की शुरुआती कीमत ₹6.2 लाख (एक्स-शोरूम) है. इसमें 1.0-लीटर पेट्रोल इंजन (72hp, 96Nm) मिलता है, जबकि टर्बो वर्जन में 100hp और 160Nm का पावर मिलता है. फीचर्स कि बात करें, तो इसमें LED हेडलाइट्स, 8-इंच टचस्क्रीन, वायरलेस Apple CarPlay/Android Auto, 360-डिग्री कैमरा, वायरलेस चार्जर और डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर जैसे फीचर्स मिलते हैं. सेफ्टी के लिए इसमें 6 एयरबैग्स और ESC जैसे फीचर्स स्टैंडर्ड हैं. Hyundai Exter Facelift Hyundai Exter फेसलिफ्ट की कीमत ₹6.9 लाख (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है. इसमें 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन (83hp, 114Nm) मिलता है. CNG वेरिएंट भी उपलब्ध है. इसमें नया डिजाइन, 15-इंच अलॉय व्हील्स, ड्यूल-टोन इंटीरियर, D-कट स्टीयरिंग और अपडेटेड डैशबोर्ड मिलता है. साथ ही 391 लीटर बूट स्पेस भी मिलता है. Renault Kiger AMT Renault Kiger AMT की शुरुआती कीमत ₹6.95 लाख है. इसमें 1.0-लीटर पेट्रोल इंजन (72hp) और टर्बो वर्जन (100hp) मिलता है. फीचर्स में 8-इंच टचस्क्रीन, वेंटिलेटेड सीट्स, क्रूज़ कंट्रोल, डिजिटल क्लस्टर, मल्टी-व्यू कैमरा और वायरलेस चार्जिंग शामिल हैं. सेफ्टी के लिए 6 एयरबैग्स, ESP और TPMS जैसे फीचर्स मिलते हैं. Tata Punch Facelift Tata Punch फेसलिफ्ट की कीमत ₹7.55 लाख (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है. इसमें 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन (88PS, 115Nm) मिलता है. फीचर्स में 10.25-इंच टचस्क्रीन, सनरूफ, क्रूज़ कंट्रोल, डिजिटल क्लस्टर और प्रीमियम साउंड सिस्टम शामिल हैं. सेफ्टी के लिए 6 एयरबैग्स, 360-डिग्री कैमरा और ESC मिलता है. Maruti Suzuki Fronx AMT Maruti Suzuki Fronx AMT की कीमत ₹8.2 लाख (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है. इसमें 1.2-लीटर पेट्रोल (89bhp) और 1.0-लीटर टर्बो इंजन (100bhp) ऑप्शन मिलता है. फीचर्स में 9-इंच टचस्क्रीन, HUD, 360-डिग्री कैमरा, वायरलेस चार्जिंग, कनेक्टेड कार टेक और क्रूज़ कंट्रोल शामिल हैं. सेफ्टी के लिए 6 एयरबैग्स, ABS और ESP दिए गए हैं. यह भी पढ़ें: 5.65 लाख रुपये में 7-सीटर कार, Nissan की इस गाड़ी के बारे में जानिए सब कुछ The post 8 लाख के बजट में Automatic SUV चाहिए? देखें ये टॉप 5 ऑप्शन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

आज इन राज्यों में आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना, देखें अगले 5 दिन का मौसम

Aaj Ka Mausam: आईएमडी के अनुसार 1 अप्रैल को पूर्वी राजस्थान में बारिश के साथ गरज, बजली और तेज हवाएं (30-50 किलोमीटर प्रति घंटा तक) चलने की संभावना है. 3 और 4 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार 3 और 4 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में बारिश/बर्फबारी के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा, 60 किमी प्रति घंटा तक) चलने की संभावना है. जम्मू-कश्मीर में 3 अप्रैल को और हिमाचल प्रदेश में 3 और 4 अप्रैल को छिटपुट ओलावृष्टि की भी संभावना है. उत्तराखंड में 3 से 6 अप्रैल के दौरान बारिश की संभावना उत्तराखंड में 3 से 6 अप्रैल के दौरान बारिश, गरज, बिजली और तेज हवाएं (30-50 किमी प्रति घंटा से लेकर 60 किमी प्रति घंटा तक) चलने की संभावना है. 3 और 4 अप्रैल को दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में बारिश की संभावना पंजाब, हरियाणा, चंडिगढ़ और दिल्ली , पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 और 4 अप्रैल को, पश्चिमी राजस्थान में 2 से 4 अप्रैल और 6 अप्रैल को, पूर्वी राजस्थान में 3, 4 और 6 अप्रैल को बारिश की संभावना है. अरुणाचल प्रदेश , असम और मेघालय में भी बारिश की संभावना असम और मेघालय में 1 अप्रैल को, अरुणाचल प्रदेश में 1, 2, 5 और 6 अप्रैल को बारिश होने की संभावना है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 1 अप्रैल को गरज, बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है. 1 और 4 अप्रैल को झारखंड में बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार 2 अप्रैल के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में, 6 अप्रैल को बिहार में, 1 और 4 अप्रैल को झारखंड में, 1 अप्रैल से 4 अप्रैल के दौरान ओडिशा में, गरज, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 60 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है. छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से 2 अप्रैल तक ओलावृष्टि और आंधी-तूफान की संभावना छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से 2 अप्रैल तक और विदर्भ में 1 और 2 अप्रैल को ओलावृष्टि के साथ (50-60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं और 70 किमी प्रति घंटा तक के झोंके ) चलने की संभावना है. 2 और 3 अप्रैल को गुजरात में बारिश की संभावना 2 और 3 अप्रैल को गुजरात में बारिश, गरज, बिजली और तेज हवाओं (30-50 किमी प्रति घंटा, 60 किमी प्रति घंटा तक के झोंके ) की संभावना है; साथ ही 1 अप्रैल से 3 अप्रैल के दौरान तटीय महाराष्ट्र में बिजली गिरने की संभावना है. 1 अप्रैल से 4 अप्रैल के दौरान महाराष्ट्र में आंधी-तूफान की संभावना 1 अप्रैल से 4 अप्रैल के दौरान मध्य महाराष्ट्र और मराठवाडा में गरज के साथ (50-60 किमी प्रति घंटा, 70 किमी प्रति घंटा तक के झोंके ) की संभावना है. 1 और 2 अप्रैल के दौरान मध्य महाराष्ट्र और मराठवाडा में ओलावृष्टि की संभावना है. The post आज इन राज्यों में आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना, देखें अगले 5 दिन का मौसम appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top