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Author name: Vinod Jha

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INDO-NEPAL Border : बॉर्डर पर सख्ती! दोनों देशों ने मिलकर बनाया प्‍लान, जानिए नई सरकार बनने से पहले क्‍या होने वाला है खास

India Nepal border security : बिहार में नई प्रशासन बनने से पहले हिंदुस्तान-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक्‍शन शुरू होता नजर आ रहा है. मोतिहारी में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा सर्वेक्षण और सीमा स्तंभों के रखरखाव को लेकर संयुक्त रणनीति तैयार की गई है. मोतिहारी में आयोजित पहली फील्ड सर्वे टीम की बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने भाग लिया. सीमा से जुड़े विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की. यह बैठक सर्वे ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित था. India Nepal joint प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया. सात सीमावर्ती जिलों पर विशेष फोकस बैठक में बिहार के सात सीमावर्ती जिले किशनगंज, अररिया, सुपौल, मधुबनी, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण से जुड़ी नीतिगत समस्‍याओं और मुद्दों पर बातचीत की. इन जिलों में सीमा स्तंभों की स्थिति, उनकी पहचान और रखरखाव से जुड़े मुद्दे लंबे समय से प्राथमिकता में रहे हैं, लेकिन इन पर ठीक तरीके से काम नहीं हो पा रहा था. अब इन्‍हें तेजी से सुलझाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है. सीमा स्तंभों के रखरखाव और दोबारा बनाने पर सहमति बैठक में मौजूद अधिकारियों ने boundary pillars, रखरखाव, क्षतिग्रस्त या लापता स्तंभों को दोबारा लगाने और उनकी नियमित निगरानी को लेकर द्वीपक्षीय योजना तैयार की है. INDO-NEPAL Border पर कुल 5,312 सीमा स्तंभ लगे हैं. इनकी देखरेख और पुनर्निर्माण के लिए दोनों देशों के बीच समन्वित प्रयासों को तेज करने पर सहमति बन गई है. दोनों देशों के अधिकारियों की मौजूदगी ने बढ़ाया महत्व इस महत्वपूर्ण बैठक में पूर्वी चंपारण के डीएम सौरभ जोरवाल, सशस्त्र सीमा बल (SSB), सर्वे ऑफ इंडिया, वन विभाग के अधिकारी सहित नेपाल के सीमावर्ती जिलों के डीएम और सर्वे अधिकारी भी शामिल हुए. दोनों देशों के अधिकारियों की संयुक्त भागीदारी ने इस पहल को और अधिक प्रभावी और परिणाममुखी बनाने की दिशा में सकारात्मक संकेत दिए हैं. समन्वय मजबूत होने से सीमा प्रबंधन होगा बेहतर उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री Vijay Kumar Sinha ने कहा कि हिंदुस्तान-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े सर्वेक्षण और सीमा स्तंभों के रखरखाव को लेकर यह पहली बैठक है. उन्होंने भरोसा दिखाया कि इस पहल से हिंदुस्तान और नेपाल के बीच आपसी समन्वय और अधिक मजबूत होंगे, जिससे सीमा प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था में सुधार होगा. Also Read : बिहार में इन 4 शहरों में नए एयरपोर्ट को मिली मंजूरी, बदल जाएगी प्रदेश की तस्वीर The post INDO-NEPAL Border : बॉर्डर पर सख्ती! दोनों देशों ने मिलकर बनाया प्‍लान, जानिए नई प्रशासन बनने से पहले क्‍या होने वाला है खास appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल चुनाव 2026: TMC विधायक स्वर्णकमल साहा की BJP नेता प्रियंका टिबरेवाल पर ‘अश्लील’ टिप्पणी से बवाल

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रण में जुबानी जंग का स्तर बहुत गिर गया है. कोलकाता के एंटाली विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक और प्रत्याशी स्वर्णकमल साहा विवादित बयान देकर चौतरफा घिर गये हैं. उन्होंने भाजपा की स्त्री उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल के खिलाफ कथित तौर पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की है. इस घटना के बाद भाजपा ने टीएमसी पर ‘स्त्री विरोधी’ होने का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है. नाम का बनाया मजाक, मर्यादा भूली टीएमसी – भाजपा का आरोप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों और भाजपा के आरोपों के अनुसार, स्वर्णकमल साहा ने प्रियंका टिबरेवाल के उपनाम (Surname) का मजाक उड़ाते हुए उनकी तुलना ‘ट्यूबवेल’ से कर दी. उन्होंने कथित तौर पर कहा कि पहले यह पानी देता था, लेकिन अब यह सूख गया है और इसे दबाने (Pressing) से भी कुछ नहीं निकलता. भाजपा ने इस बयान को ‘सेक्सिस्ट’ और ‘भद्दा’ करार दिया है. पार्टी का कहना है कि एक स्त्री उम्मीदवार के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल टीएमसी की मानसिकता को दर्शाता है. BanchteChaiBJPTai: सोशल मीडिया पर फूटा स्त्रीओं का गुस्सा इस विवादित टिप्पणी के बाद भाजपा ने टीएमसी को मिजोजिनिस्ट (स्त्री द्वेषी) बताते हुए घेरा है. भाजपा का दावा है कि बंगाल की स्त्रीएं भाजपा के समर्थन में एकजुट हो रही हैं, जिससे टीएमसी नेता बौखला गये हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें ममता बनर्जी पर भी भाजपा ने साधा निशाना भाजपा ने इस बयान के बाद बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा. कहा कि खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर दुष्कर्म जैसी घटनाओं के लिए स्त्रीओं को ही जिम्मेदार ठहराने के आरोप लग चुके हैं. रिपोर्ट लिखे जाने तक टीएमसी या स्वर्णकमल साहा की ओर से इस बयान पर कोई माफी या स्पष्टीकरण नहीं आया है. Chief Minister Mamata Banerjee has repeatedly blamed women for rapes. Now her loyal party member and incumbent MLA Swarnakamal Saha has made a sexist and sexually loaded remark against BJP candidate from Entally, Priyanka Tibrewal❗️ In a shocking remark, he compared her to a… pic.twitter.com/Ku4s1jfRfI — BJP West Bengal (@BJP4Bengal) March 26, 2026 Bengal Election 2026: चुनाव आयोग तक पहुंच सकता है मामला एंटाली में हुई इस घटना ने स्त्री सुरक्षा और सम्मान को चुनाव का मुख्य मुद्दा बना दिया है. भाजपा इस ‘अश्लील’ टिप्पणी के मामले में निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज करा सकती है. पार्टी का कहना है कि सत्तारूढ़ दल टीएमसी ने चुनाव प्रचार के दौरान शालीनता की सभी सीमाएं लांघ दी. इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी ने किया धर्मयुद्ध का शंखनाद, ‍BJP को कहा ‘कौरव’, TMC को ‘पांडव’ ममता बनर्जी का विवादित बयान- पीएम मोदी को कहा सबसे बड़ा घुसपैठिया, शुभेंदु ने किया पलटवार The post बंगाल चुनाव 2026: TMC विधायक स्वर्णकमल साहा की BJP नेता प्रियंका टिबरेवाल पर ‘अश्लील’ टिप्पणी से बवाल appeared first on Naya Vichar.

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आटा गूंधते समय घी या तेल कब डालें? शेफ रणवीर बरार ने बताया सही तरीका

When to Add Ghee or Oil in the Dough: आटा गूंधते समय घी या तेल कब डालना चाहिए, यह सवाल अक्सर किचन में काम करने वालों के मन में आता है. शेफ रणवीर बरार के अनुसार, घी या तेल डालने का सही समय आटे की टेक्सचर और फाइनल डिश के स्वाद पर बहुत असर डालता है. अगर आप रोटी पराठे और पुरी में सॉफ्ट, स्मूद और मखमली टेक्सचर चाहते हैं, तो इस छोटे से किचन साइंस को समझना बहुत जरूरी है. आटा गूंधते समय घी या तेल क्यों डाला जाता है? (Why to add ghee/oil in the Dough) जब हम आटा, मैदा या बेसन में पानी मिलाते हैं, तो उसमें ग्लूटेन बनना शुरू होता है. यही ग्लूटेन आटे को स्ट्रेच और सॉफ्ट बनाता है. लेकिन अगर आप शुरुआत में ही घी या तेल डाल देते हैं, तो यह ग्लूटेन बनने की प्रक्रिया को रोक देता है और ग्लूटेन स्ट्रैंड छोटे रह जाते हैं. इससे आटा ज्यादा क्रिस्प या भुरभुरा बनता है. वहीं अगर आप पहले आटा गूंध लें और बाद में घी या तेल डालें, तो ग्लूटेन नेटवर्क पहले बन जाता है और बाद में फैट उसे सॉफ्ट और लचीला बना देता है. इससे आटा ज्यादा मुलायम और स्मूद बनता है. आटा गूंधने के जरूरी टिप्स (When to Add Ghee or Oil in the Dough) आटा गूंधने के टिप्स अगर आपको कुरकुरी या शॉर्ट टेक्सचर चाहिए (जैसे मठरी, नमकीन), तो घी/तेल पहले डालें. अगर आपको सॉफ्ट रोटी, पराठा या ब्रेड चाहिए, तो घी/तेल बाद में डालें. आटा गूंधने के बाद कम से कम 10 मिनट ढककर जरूर रखें. इससे स्टार्च सेट होता है और आटा ज्यादा स्मूद बनता है. रेस्ट किया हुआ आटा हमेशा ज्यादा सॉफ्ट रोटी देता है आटे में तेल मिलाने से क्या होता है? आटे में थोड़ा सा तेल मिलाने से आटा नरम और मुलायम बनता है. इससे रोटी या पराठा ज्यादा सॉफ्ट बनते हैं और जल्दी सूखते नहीं. तेल मिलाने से आटा चिपकता भी कम है. आटे में नमक क्यों डालते हैं? आटे में नमक डालने से रोटी का स्वाद बेहतर होता है. नमक ग्लूटेन को थोड़ा मजबूत करता है जिससे रोटी की टेक्सचर अच्छी बनती है और रोटी फीकी नहीं लगती. आटा गूंथने का सही तरीका क्या है? आटा गूंथने का सही तरीका यह है कि पानी थोड़ा-थोड़ा डालते हुए आटा गूंथे, एकदम से पानी न डालें. आटे को दबाते और मोड़ते हुए 5-7 मिनट तक गूंथे. आटा न ज्यादा सख्त होना चाहिए और न ज्यादा ढीला – मीडियम सॉफ्ट आटा सबसे अच्छा होता है. आटा गूंथने के बाद क्या करना चाहिए? आटा गूंथने के बाद उसे 10-15 मिनट ढककर जरूर रखना चाहिए. इससे आटा सेट हो जाता है, ग्लूटेन रिलैक्स होता है और रोटी ज्यादा मुलायम बनती है. यह भी पढ़ें: ओरेगैनो सीजनिंग को लंबे समय तक फ्रेश रखने के आसान टिप्स The post आटा गूंधते समय घी या तेल कब डालें? शेफ रणवीर बरार ने बताया सही तरीका appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का दावा-डील के लिए गिड़गिड़ा रहा है ईरान, जल्दी ही संभल जाएं वरना…

Donald Trump : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट लिखा है जिसने खाड़ी क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है. ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट लिखा है कि ईरानी वार्ताकार डील के लिए भीख मांग रहे हैं, हालांकि सार्वजनिक तौर पर वे इस बात से इनकार कर रहे हैं. ट्रंप ने सोशल मीडिया में लिखा है कि ईरानी प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए जल्दी ही गंभीर होना होगा, अन्यथा बहुत देर हो जाएगी.   तबाह हो चुका है ईरान, वापसी का कोई मौका नहीं JesseCohenInv: 🚨President Trump just posted this on Truth Social: “They better get serious soon, before it’s too late, because once that happens, there is no turning back.” Clock is ticking. pic.twitter.com/pvVBywVsyY — Doc Holliday 🇩🇪 (@trndtrader) March 26, 2026 डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा है कि ईरान की सेना को पूरी तरह तबाह किया जा चुका है. उसकी सेना की ताकत पूरी तरह खत्म हो चुकी है, इसलिए युद्ध में उनकी वापसी संभव नहीं है.डोनाल्ड ट्रंप का यह सोशल मीडिया पोस्ट तब सामने आया है, जब ट्रंप की 15 सूत्री शांति योजना को ईरान ने अस्वीकार कर दिया और यह कहा कि युद्ध जारी रहेगा.   ईरान ने वार्ता के लिए रखी है 5 शर्तें अमेरिका और ट्रंप की बयानबाजी को अगर अलग रखें, तो पाएंगे कि ईरान ने अमेरिकी दावों को खारिज कर दिया है और कहा है कि वह हितों से समझौता नहीं करेगा. अमेरिका अगर यह चाहता है कि यह युद्ध रूके तो उसे ईरान की पांच शर्तें माननी होगी. इन शर्तों के अनुसार उनके अधिकारियों को निशाना बनाए जाने पर रोक, भविष्य में हमला न करने की गारंटी, युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई और होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी संप्रभुता की मान्यता शामिल है. मिडिल ईस्ट में तनावपूर्ण है स्थिति युद्ध के 27वें दिन अमेरिकी राष्ट्रपति भले ही यह दावा कर रहे हैं कि ईरान गिड़गिड़ा रहा है, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि ईरान ने शांतिवार्ता को ठुकराने के बाद घायल शेर की तरह हमला शुरू किया है. उसने अमेरिकी एयरबेस अब्राहम लिंकन पर मिसाइलें दागी. लाल सागर के समुद्री मार्ग को बंद करने का दावा किया और इजरायल द्वारा IRGC के नेवी कमांडर अलीरेजा तांगसिरी की हत्या के दावों के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है. ये भी पढ़ें : क्या पीएनजी है तेल संकट का समाधान, जानिए क्यों प्रशासन इसे कर रही है प्रमोट? क्या IRGC के नेवी कमांडर अलीरेजा तांगसिरी को इजरायल ने मार गिराया है?  ईरान ने दी धमकी, हमले जारी रहें तो बाब अल मंदेब स्ट्रेट भी होगा बंद, गहराएगा तेल संकट The post अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का दावा-डील के लिए गिड़गिड़ा रहा है ईरान, जल्दी ही संभल जाएं वरना… appeared first on Naya Vichar.

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नालंदा में CM के काफिले के सामने दौड़ी बच्ची, देवदूत बनी महिला कांस्टेबल ने खींचकर बचाई जान, देखें वीडियो

Nitish Kumar: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. सीएम का काफिला जैसे ही बिहारशरीफ में कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ रहा था, अचानक एक मासूम बच्ची दौड़ते हुए गाड़ियों की तरफ पहुंच गई. मौके पर मौजूद स्त्री पुलिसकर्मी की सतर्कता से स्थिति संभल गई और संभावित दुर्घटना टल गई. कारकेड के सामने दौड़ी बच्ची, मची अफरा-तफरी घटना उस वक्त हुई जब मुख्यमंत्री का काफिला भैंसासुर मंदिर इलाके से गुजर रहा था. अचानक एक बच्ची सड़क की ओर भागती हुई कारकेड के करीब पहुंच गई. कुछ पल के लिए वहां अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, क्योंकि काफिले की गाड़ियां लगातार आगे बढ़ रही थीं. इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात एक स्त्री कॉन्स्टेबल ने तेजी दिखाते हुए बच्ची को पकड़कर पीछे खींच लिया. इसके बाद काफिले की गाड़ियां सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ गईं. नालंदा: समृद्धि यात्रा के दौरान टला बड़ा हादसा. अचानक एक बच्चा CM नीतीश कुमार के काफिले की ओर दौड़ा. हालांकि मौके पर मौजूद स्त्री सिपाही ने शिशु को तुरंत रोक लिया. स्त्री सिपाही सूझबूझ से बाल-बाल बच गई शिशु की जान. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल.#Nalanda #NitishKumar #Bihar… pic.twitter.com/V2K9PBzfRi — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 26, 2026 चश्मदीदों ने बताया पूरा घटनाक्रम मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, सुबह करीब साढ़े 10 बजे मुख्यमंत्री की ‘समृद्धि यात्रा’ नालंदा पहुंची थी. सीएम का काफिला फ्लाईओवर उद्घाटन के लिए बिहारशरीफ से गुजर रहा था. उसी दौरान एक युवक अपनी बच्ची के साथ बाइक से वहां पहुंचा. पुलिस ने उसे रोक दिया, जिसके बाद उसने गाड़ी साइड में लगाकर बच्ची को नीचे उतारा. लेकिन अचानक बच्ची सड़क की ओर दौड़ पड़ी और सीधे सीएम के काफिले की तरफ बढ़ने लगी. स्त्री कॉन्स्टेबल की सतर्कता से टला हादसा बच्ची के दौड़ते ही वहां मौजूद स्त्री पुलिसकर्मी ने बिना समय गंवाए उसे पकड़ लिया. अगर एक सेकंड की भी देरी होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था. पुलिस की इस तत्परता से एक गंभीर दुर्घटना टल गई. 810 करोड़ की योजनाओं का किया लोकार्पण इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का हेलीकॉप्टर नालंदा कॉलेज परिसर में उतरा. यहां से उन्होंने जिले को करीब 810 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं की सौगात दी. हेलीपैड से निकलकर सीएम कार से अपने अगले कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए. Also Read: नालंदा में उठी निशांत कुमार को CM बनाने की मांग, नीतीश से जनता ने की दिल्ली न जाने की अपील The post नालंदा में CM के काफिले के सामने दौड़ी बच्ची, देवदूत बनी स्त्री कांस्टेबल ने खींचकर बचाई जान, देखें वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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UP Police सब इंस्पेक्टर का फाइनल रिजल्ट जारी, यहां डायरेक्ट करें चेक

UP Police SI Final Result 2026: यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर (गोपनीय) के 268 पद, एएसआई क्लर्क के 449 पद और एएसआई अकाउंट के 204 पद शामिल हैं. इन पदों के लिए पहले लिखित परीक्षा, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, टाइपिंग टेस्ट और स्टेनो टेस्ट आयोजित किया गया था. इन सभी चरणों में सफल होने वाले उम्मीदवारों का अब फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया गया है. UP Police सब इंस्पेक्टर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 7 जनवरी 2024 से शुरू हुई थी. आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2024 तय की गई थी. उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क जमा करने के लिए भी इसी तारीख तक समय दिया गया था. आवेदन में सुधार करने के लिए 1 और 2 फरवरी 2024 तक मौका दिया गया था. UP Police SI Final Result 2026: ऐसे करें चेक सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाएं. वेबसाइट के होमपेज पर UP Police SI / ASI Final Result 2026 के लिंक पर क्लिक करें. अब आपके सामने रिजल्ट का पीडीएफ या लॉगिन पेज खुल जाएगा. अगर लॉगिन मांगा जाए तो अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें. सबमिट करते ही आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा. रिजल्ट में अपना नाम या रोल नंबर चेक करें. भविष्य के लिए रिजल्ट का प्रिंट आउट या पीडीएफ डाउनलोड करके जरूर रख लें. UP Police SI Final Result 2026 Check Here फाइनल मेरिट लिस्ट जारी UPPRPB के अनुसार इन पदों के लिए पहले 28 दिसंबर 2023 को परिणाम जारी किया गया था. इसमें कुल 921 पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन किया गया था. इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों से डॉक्यूमेंट्स लिए गए. डॉक्यूमेंट्स की जांच के दौरान कई उम्मीदवारों की जानकारी में गड़बड़ी पाई गई. इसी वजह से 242 अभ्यर्थियों को अयोग्य घोषित कर दिया गया. इनमें अनारक्षित, अन्य पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति के उम्मीदवार शामिल हैं. इसके बाद जो उम्मीदवार लिखित परीक्षा, अभिलेखों की जांच, शारीरिक मानक परीक्षण और कंप्यूटर टाइपिंग टेस्ट में सफल हुए थे, उनके अंकों के आधार पर नई मेरिट लिस्ट तैयार की गई है. यह भी पढ़ें: UP TET 2026 का सिलेबस जारी, देखें सब्जेक्ट वाइज टॉपिक The post UP Police सब इंस्पेक्टर का फाइनल रिजल्ट जारी, यहां डायरेक्ट करें चेक appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

इन्द्रवारा में बाबा केवल व बाबा अमरसिंह राजकीय मेले का भव्य उद्घाटन

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर – समस्तीपुर जिले के मोरवा प्रखंड के इन्द्रवारा गांव स्थित बाबा केवल स्थान एवं बाबा अमरसिंह स्थान राजकीय मेले का भव्य उद्घाटन केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन के साथ ही पूरा परिसर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के माहौल से गूंज उठा। बाबा केवल एवं बाबा अमरसिंह निषाद समाज के पूजनीय लोक देवता माने जाते हैं। दोनों महापुरुषों ने अपने जीवनकाल में समाज कल्याण, निषाद समाज के उत्थान तथा सामाजिक समरसता के लिए निरंतर संघर्ष किया और लोकहित में अपना जीवन समर्पित कर दिया। यही कारण है कि इन्द्रवारा स्थित यह स्थल आज निषाद समाज के लिए राष्ट्रीय तीर्थ के रूप में विख्यात है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने मेले की महत्ता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर पूर्व मंत्री हरि सहनी, रामाश्रय सहनी, मोरवा विधायक रणविजय साहू, विधान पार्षद डॉ. तरुण कुमार, भीष्म सहनी, जिला परिषद अध्यक्ष खुशबू कुमारी, भाजपा जिलाध्यक्ष शशिधर झा एवं नीलम सहनी सहित अन्य गणमान्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों की भी महत्वपूर्ण उपस्थिति रही। इस दौरान जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा, पुलिस अधीक्षक अरविन्द प्रताप सिंह, उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, अपर समाहर्ता ब्रजेश कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी दिलीप कुमार, नजारत उप समाहर्ता रजनीश कुमार राय एवं भूमि सुधार उप समाहर्ता ऋषभ राज सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाध्यापक एवं जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनंत कुमार राय ने किया। मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा का भी प्रतीक बनकर उभरा।

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मिडिल ईस्ट संकटः पीएम मोदी कल करेंगे मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक, इन राज्यों के सीएम नहीं होंगे शामिल

Middle East Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे. पीएम मोदी सभी सीएम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत करेंगे. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मौजूदा हालात को देखते हुए राज्यों की तैयारियों, योजनाओं और केंद्र-राज्य तालमेल की समीक्षा करना है. केंद्र प्रशासन संकट की घड़ी में राज्य प्रशासन के साथ टीम इंडिया की भावना के साथ काम करने की कोशिश कर रही है. इससे पहले केंद्र प्रशासन मिडिल ईस्ट क्राइसिस पर सर्वदलीय बैठक भी कर चुकी है. ईंधन सुरक्षा पर हो सकती है चर्चा मिडिल ईस्ट में जंग के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ा है. ऐसे में केंद्र प्रशासन राज्यों के साथ ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा कर सकती है. पीएम मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ देश में ईंधन की उपलब्धता, आपूर्ति व्यवस्था और संभावित संकट से निपटने की तैयारियों पर बातचीत कर सकते हैं. बैठक में यह भी चर्चा हो सकती है कि जरूरी वस्तुओं की सप्लाई चेन को कैसे सुचारु रखा जाए. वहीं इस बैठक में चुनावी राज्य शामिल नहीं हो रहे हैं. आचार संहिता लागू होने के कारण वो इस बैठक का हिस्सा नहीं होंगे. चुनाव वाले राज्यों के मुख्य सचिवों के लिए कैबिनेट सचिवालय की ओर से एक अलग बैठक आयोजित की जाएगी. Election-going states are not part of this meeting due to the model code of conduct. There will be a separate meeting for Chief Secretaries of the election-going states, which will be held through the Cabinet Secretariat. https://t.co/tskprjzZhk — ANI (@ANI) March 26, 2026 बुधवार को हुई थी सर्वदलीय बैठक इससे पहले केंद्र प्रशासन ने बुधवार (26 मार्च) को विपक्षी दलों के साथ सर्वदलीय बैठक की थी. बैठक में पश्चिम एशिया के हालात और उसके हिंदुस्तान पर प्रभाव को लेकर चर्चा की गई. प्रशासन ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, कच्चे तेल और गैस का पर्याप्त भंडार होने के साथ-साथ और शिप होर्मुज से आ रहीं हैं. प्रशासन की प्राथमिकता प्रवासी हिंदुस्तानीयों की सुरक्षा और घरेलू ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करना है. राज्यसभा में पीएम मोदी ने दिया था यह बयान इससे पहले मंगलवार को पीएम मोदी भी राज्यसभा में बता चुके हैं कि मिडिल ईस्ट में जारी लड़ाई के चलते जो स्थिति बनी है, उससे निपटने के लिए सात नये अधिकार संपन्न समूहों का गठन किया गया है. ये समूह एलपीजी, जरूरी सेवाओं और वस्तुओं की आपूर्ति सहित अन्य मामलों को देखेंगे और सुझाव देंगे. उन्होंने यह भी कहा था कि मिडिल ईस्ट की जारी जंग ने वैश्विक स्तर पर गंभीर ऊर्जा संकट पैदा किया है. सोमवार को उन्होंने लोकसभा में कहा था कि संघर्ष से उत्पन्न संकट का प्रभाव लंबी अवधि तक रह सकता है. लेकिन, प्रशासन इस स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. गैस और फ्यूल लदे जहाज पहुंच रहे हैं हिंदुस्तान मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच हिंदुस्तानीय जहाज होर्मुज से हिंदुस्तान आ रहे हैं. दो एलपीजी टैंकर, पाइन गैस और जग वसंत, सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर हिंदुस्तान अब पहुंचने वाले हैं. पाइन गैस में 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी लदा है, वहीं, जग वसंत करीब 47,600 मीट्रिक टन एलपीजी है. इससे पहले एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी भी एलपीजी लेकर सुरक्षित रूप से हिंदुस्तानीय तट पर पहुंच चुका है. हिंदुस्तानीय तेल टैंकर जग लाडकी और जग प्रकाश ने भी सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर लिया था. ईरान ने दी है हिंदुस्तानीय जहाजों को हार्मुज पार करने की इजाजत मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने हिंदुस्तानीय वाणिज्यिक जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने की अनुमति दी है. इसकी जानकारी ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने दी. ईरानी प्रशासनी टेलीविजन के मुताबिक अराघची ने कहा कि ईरान ने कुछ ऐसे देशों को इस अहम समुद्री मार्ग से आवागमन की इजाजत दी है, जिन्हें वह अपना मित्र मानता है. उन्होंने बताया कि हिंदुस्तान के अलावा चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान को भी होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी गई है. Also Read: देश में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, प्रशासन ने कहा- दुष्प्रचार से बचें, घबराएं नहीं The post मिडिल ईस्ट संकटः पीएम मोदी कल करेंगे मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक, इन राज्यों के सीएम नहीं होंगे शामिल appeared first on Naya Vichar.

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देश में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, सरकार ने कहा- दुष्प्रचार से बचें, घबराएं नहीं

LPG Crisis: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा- हिंदुस्तान में पेट्रोलियम और LPG की आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह से सुरक्षित और नियंत्रण में है. सभी खुदरा ईंधन आउटलेट्स पर पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध हैं. देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है. #WATCH | Odisha: People rush to fuel stations in Bhubaneswar to refuel their vehicles. Ministry of Petroleum and Natural Gas categorically states that India’s petroleum and LPG supply situation is fully secure and under control. All retail fuel outlets have enough supplies.… pic.twitter.com/soFICRKwK8 — ANI (@ANI) March 26, 2026 दुष्प्रचार से बचें और घबराएं नहीं : प्रशासन पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा- आम लोगों से अपील है कि वे जान-बूझकर चलाए जा रहे एक शरारतपूर्ण और सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान से गुमराह न हों. बेवजह घबराएं नहीं. देश भर में एलपीजी को लेकर अफरा-तफरी ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच जारी जंग के कारण पूरी दुनिया में ईंधन संकट गहराता जा रहा है. हिंदुस्तान में एलपीजी की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है. हालांकि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अब तक कोई असर नहीं पड़ा है. इधर देश के लगभग सभी राज्यों से एलपीजी की किल्लत को लेकर समाचार सामने आ रही है. आम लोगों को दिन-रात सिलेंडर के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है. हालांकि कुछ जगहों पर हालात सामान्य हो गए हैं. 28 फरवरी से जारी है ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच जंग दुनिया भर में ईंधन संकट उत्पन्न होने की वजह ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच जारी जंग है. 28 फरवरी से जारी जंग समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है. होर्मुज स्ट्रेट जहां से दुनिया की ईंधन जरूरतों का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा सप्लाई होता है, उसे ईरान ने बंद कर दिया है. वहां से गुजरने वाले जहाजों पर हमले हो रहे हैं. हालांकि हिंदुस्तान के लिए अच्छी समाचार है कि हिंदुस्तानीय ध्वज वाले जहाजों को होर्मुज से गुजरने दिया जा रहा है. ईंधन संकट के बीच अब तक 6 जहाज सुरक्षित हिंदुस्तान आ चुके हैं. ये भी पढ़ें: क्या पीएनजी है तेल संकट का समाधान, जानिए क्यों प्रशासन इसे कर रही है प्रमोट? The post देश में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, प्रशासन ने कहा- दुष्प्रचार से बचें, घबराएं नहीं appeared first on Naya Vichar.

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राम नवमी पर ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर में शुभेंदु अधिकारी की हुंकार, बंगाल में 3000 जवान तैनात, हावड़ा-हुगली में ड्रोन

Ram Navami West Bengal 2026: पश्चिम बंगाल में राम नवमी के पावन अवसर पर भक्ति और नेतृत्व का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है. एक तरफ राज्य प्रशासन ने सुरक्षा के लिए 3,000 पुलिसकर्मियों की फौज उतार दी है, तो दूसरी तरफ विधानसभा चुनाव के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर में राम नवमी शोभायात्रा में शामिल होकर सियासी हलचल तेज कर दी है. हावड़ा और हुगली जैसे संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है, ताकि शांति भंग न हो. दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में राम नवमी जुलूस में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी. भवानीपुर में शुभेंदु अधिकारी का शक्ति प्रदर्शन बृहस्पतिवार को बंगाल के लीडर ऑफ ऑपोजीशन शुभेंदु अधिकारी दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर में राम नवमी के जुलूस में शामिल हुए. यह वही सीट है, जहां से आगामी विधानसभा चुनाव में वे ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी सीधी चुनौती देने वाले हैं. यह शोभायात्रा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास से महज एक किलोमीटर दूर हाजरा क्रॉसिंग पर समाप्त हुई. नंदीग्राम की ऐतिहासिक जीत के बाद, भवानीपुर में शुभेंदु की मौजूदगी को भाजपा के आक्रामक चुनाव प्रचार के रूप में देखा जा रहा है. बंगाल में जगह-जगह सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है. हावड़ा और हुगली में सुरक्षा का घेरा, CRPF हाई अलर्ट पर पिछले वर्षों के कड़वे अनुभवों को देखते हुए प्रशासन ने हावड़ा और हुगली जिलों को अति-संवेदनशील श्रेणी में रखा है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने अंजनी पुत्र सेना और वीएचपी (VHP) की शोभायात्राओं को कड़ी शर्तों के साथ अनुमति दी है. हथियार ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध है और एक यात्रा में 500 से अधिक लोगों के शामिल होने पर रोक है. सीआरपीएफ (CRPF) सहित केंद्रीय बलों को स्टैंडबाय पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मोर्चा संभाला जा सके. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Ram Navami West Bengal 2026: नबान्न से जिलों तक जीरो टॉलरेंस का निर्देश सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सचिवालय नबान्न में मुख्य सचिव और डीजीपी (DGP) की मौजूदगी में हाई-लेवल मीटिंग हुई. इसमें कहा गया कि यदि कोई शोभायात्रा तय रूट या नियमों का उल्लंघन करती है, तो उसे मौके पर ही रोक दिया जाये. उत्तर दिनाजपुर के इस्लामपुर और बीरभूम के सिउड़ी जैसे इलाकों में भी पुलिस की गश्त बढ़ा दी गयी है. कहा गया है कि बंगाल में 26 से 29 मार्च के बीच शोभायात्राएं निकाली जायेंगी. प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. हमने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये हैं. हर शोभायात्रा को अदालत के दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है. शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जायेगी. वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, नबान्न (पश्चिम बंगाल सचिवालय) इसे भी पढ़ें बंगाल में नमाज की आजादी, पूजा के लिए कोर्ट के चक्कर, दक्षिणेश्वर से नितिन नबीन का ममता बनर्जी प्रशासन पर वार हावड़ा में रामनवमी 2026 शोभायात्रा को कलकत्ता हाईकोर्ट की हरी झंडी, हथियार ले जाने पर रोक The post राम नवमी पर ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर में शुभेंदु अधिकारी की हुंकार, बंगाल में 3000 जवान तैनात, हावड़ा-हुगली में ड्रोन appeared first on Naya Vichar.

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