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Author name: Vinod Jha

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तिब्बत में मंडरा रहा तबाही का खतरा, ग्लेशियर को लेकर चीन ने चेताया

Nepal Flood : सीनियर क्लाइमेट ऑफिसर ने कहा कि तिब्बती पठार पर मौजूद हिमनद और अस्थिर हो सकता है. इससे तिब्बत-नेपाल सीमा पर हाल में आई अचानक बाढ़ जैसी घटनाएं फिर सामने आ सकती हैं. नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को चट्टानों के खिसकने या हिमस्खलन होने के कारण आई अचानक बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई, जिससे सैकड़ों लोगों की मौत हो गई. चीन प्रशासन की आधिकारिक संस्था, ‘राष्ट्रीय जलवायु केंद्र’ के डिप्टी डायरेक्टर गाओ रोंग ने कहा, ‘‘पिछले 60 साल में तिब्बती पठार पर हिमनद क्षेत्र लगभग 24 प्रतिशत सिकुड़ गया है और करीब 7,000 छोटे हिमनद पूरी तरह खत्म हो गए हैं.’’ हांगकांग के ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ के अनुसार, गाओ रोंग ने कहा कि आने वाले समय में तिब्बती पठार के हिमनद और कमजोर हो सकते हैं. इससे अचानक बाढ़ और हिमनद से जुड़ी दूसरी आपदाओं का खतरा बढ़ेगा. इन आपदाओं का असर एक साथ कई इलाकों में पड़ सकता है. इससे तबाही का दायरा भी पहले के मुकाबले बढ़ने की आशंका है. ये भी पढ़ें: Nepal Flood Alert: त्रिशूली-भोटेकोसी में फिर बढ़ सकता है बाढ़ का खतरा, 48 जिलों में नदियों का बहाव बढ़ने का अलर्ट नेपाल में मृतकों की संख्या बढ़कर 1,252 हो गई बुधवार (2 सितंबर) को चीनी अधिकारियों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, नेपाल सीमा से सटे तिब्बत के ग्यारोंग पोर्ट पर पिछले हफ्ते आई अचानक बाढ़ में 21 लोगों की मौत हो गई और 541 लोग लापता हो गए. प्रशासनी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ ने तिब्बत के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि 30 अगस्त को जारी आंकड़ों के अनुसार, लापता लोगों में 261 विदेशी शामिल हैं, जिनमें हिंदुस्तान और 22 अन्य देशों के 49 लोग भी हैं. नेपाल में, प्रभावित इलाकों से और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या गुरुवार (3 अगस्त) को बढ़कर 1,252 हो गई. ये भी पढ़ें: नेपाल बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1252 हुई, 4216 लोग लापता हिमनद के टूटने से बने मलबे का बहाव घाटी में 22 किलोमीटर तक गया एक और प्रशासनी संस्था, ‘चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज’ के ‘इंस्टिट्यूट ऑफ तिब्बतन प्लेटू रिसर्च’ ने हालिया आपदा पर अपनी रिपोर्ट में कहा है कि हिमनद के टूटने से बने मलबे का बहाव घाटी में 22 किलोमीटर तक गया और सिर्फ सात मिनट में तिब्बत सीमा पर स्थित ‘ग्यिरोंग पोर्ट’ तक पहुंच गया. बुधवार (2 सितंबर) को ‘नेचर’ पत्रिका में छपे एक लेख में निगरानी और पूर्वानुमान सिस्टम को अपडेट करने की अर्जेंट रिक्वायरमेंट पर जोर दिया गया. The post तिब्बत में मंडरा रहा तबाही का खतरा, ग्लेशियर को लेकर चीन ने चेताया appeared first on Naya Vichar.

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बलिया की रागिनी को ट्राईसाइकिल मिली, घर तक सड़क और आवास का भरोसा भी, लेकिन मां अब भी 4 लाख की कर्जदार

Ragini Viral Video: बलिया की रागिनी अब पहले की तरह सड़क पर गिरते-पड़ते स्कूल नहीं जाएगी. उसे ट्राईसाइकिल मिल गई है, घर तक सड़क बनाने का भरोसा मिला है और पीएम आवास भी मिलेगा. लेकिन इन खुशियों के बीच उसकी मां की आंखों में एक ऐसा दर्द है, जिसे कोई प्रशासनी मदद अभी मिटा नहीं पाई है. बेटी को अपने पैरों पर खड़ा करने की कोशिश में मां ने अपने गहने बेच दिए, एक लाख रुपये स्वयं सहायता समूह से कर्ज लिया और गांव के लोगों से भी उधार लिया. आज भी करीब चार लाख रुपये का कर्ज उसके सिर पर है. हादसे ने छीन लिया पैर, लेकिन पढ़ने का हौसला नहीं रागिनी बलिया की रहने वाली मासूम बच्ची है. करीब छह साल पहले स्कूल जाते समय हादसे में उसका बायां पैर बुरी तरह प्रभावित हो गया. वह बाइक की चपेट में आ गई थी. इसके बाद उसकी जिंदगी बदल गई. चलना-फिरना मुश्किल हो गया, लेकिन पढ़ने की चाहत नहीं छूटी. वह स्कूल जाती रही. रास्ते में कई बार गिरती थी, फिर उठती थी और किसी तरह आगे बढ़ती थी. रोज का सफर उसके लिए किसी परीक्षा से कम नहीं था. परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि उसके लिए बेहतर इलाज और सुविधाओं का इंतजाम किया जा सके. इलाज के लिए मां ने बेच दिए गहने रागिनी की मां ने बेटी को ठीक कराने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी. कभी बनारस तो कभी मऊ के अस्पतालों और सेंटरों के चक्कर लगाए. मऊ में डॉक्टर अरुण गुप्ता से भी इलाज कराया गया. डॉक्टरों ने ठीक होने की उम्मीद जताई, लेकिन इलाज के बावजूद रागिनी पूरी तरह ठीक नहीं हो सकी. इलाज का खर्च बढ़ता गया और मां की मजबूरी भी. बेटी के इलाज के लिए उसने अपने गहने बेच दिए. स्वयं सहायता समूह से एक लाख रुपये का कर्ज लिया. इसके अलावा गांव के लोगों से भी उधार लिया. अब करीब चार लाख रुपये अभी भी चुकाना बाकी हैं. रागिनी को सहारा मिला, लेकिन मां का कर्ज बाकी रागिनी की कहानी सामने आने के बाद बलिया के DM मंगला प्रसाद सिंह तक उसकी आवाज पहुंची. अब उसकी मुश्किलें कुछ कम हुई हैं. उसे ट्राईसाइकिल मिली है, जिससे उसके लिए स्कूल और बाहर आना-जाना आसान होगा. घर तक सड़क बनवाने की बात कही गई है. परिवार को पीएम आवास देने का भी भरोसा मिला है. सिकंदरपुर से संजय सिंह रागिनी के लिए ट्राईसाइकिल लेकर पहुंचे. जिस बच्ची ने वर्षों तक दूसरों के सहारे रास्ता तय किया, उसके लिए यह ट्राईसाइकिल सिर्फ एक साधन नहीं, बल्कि अपने पैरों पर आगे बढ़ने की नई उम्मीद है. बेटी के लिए कर्ज में डूब गई मां रागिनी के परिवार में वह इकलौती बच्ची है. पिता रोजी-रोटी के लिए परदेश में रहते हैं. बेटी की जरूरतों और इलाज के खर्च ने परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ा दिया है. रागिनी को स्कूल पहुंचाने में कभी बाबा तो कभी परिवार के दूसरे लोग मदद करते हैं. रागिनी अब ट्राईसाइकिल के सहारे आगे बढ़ेगी. उसे सड़क और घर मिलने की उम्मीद भी है. मगर उसकी मां के लिए एक और लंबी लड़ाई बाकी है. चार लाख रुपये का वह कर्ज, जो उसने बेटी के इलाज के लिए लिया था. रागिनी के चेहरे पर शायद अब मुस्कान लौट रही है, लेकिन मां के माथे की चिंता की लकीरें अभी बाकी हैं. बेटी को चलने का सहारा मिल गया, मगर उसे बचाने के लिए मां ने जिस कर्ज का बोझ उठाया है, उससे निकलने का रास्ता अभी तलाशना बाकी है. यह भी पढ़ें: UP Weather Tonight: आज रात फिर बरसेंगे बदरा! यूपी के इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, आंधी-बिजली भी बढ़ाएगी मुसीबत The post बलिया की रागिनी को ट्राईसाइकिल मिली, घर तक सड़क और आवास का भरोसा भी, लेकिन मां अब भी 4 लाख की कर्जदार appeared first on Naya Vichar.

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तेलंगाना : कोंडा सुरेखा ने 28 अगस्त को सीएम रेवंत रेड्डी को बांधी राखी, 3 सितंबर को हो गई कैबिनेट से छुट्टी

तेलंगाना की वन एवं बंदोबस्ती मंत्री कोंडा सुरेखा की बेटी की मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और कांग्रेस के कुछ नेताओं पर की गई कथित टिप्पणियों के बाद विवाद बढ़ गया था. उनके बयान पर सत्तारूढ़ कांग्रेस के कई विधायकों और नेताओं ने नाराजगी जताई थी. मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने पार्टी नेतृत्व से सुरेखा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की. इसके बाद मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सुरेखा को मंत्रिपरिषद से हटाने का फैसला किया. इस फैसले के साथ ही तेलंगाना कांग्रेस में अंदरूनी विवाद और तेज हो गया है. कुछ दिन पहले (28 अगस्त) रक्षाबंधन का त्योहार था. इस  दिन कोंडा सुरेखा ने एक वीडियो और कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की थी. वीडियो शेयर करते हुए सुरेखा ने लिखा- राखी पूर्णिमा के मौके पर मंत्री सीताक्का के साथ मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से मिलने उनके आवास पहुंचीं. मुख्यमंत्री को राखी बांधी और उन्हें शुभकामनाएं दीं. ये भी पढ़ें: तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी के खिलाफ कोंडा सुरेखा की बेटी ने दिया बयान, कैबिनेट से होगी छुट्टी उन्होंने कहा कि तेलंगाना की प्रशासन स्त्रीओं के कल्याण और उन्हें मजबूत बनाने को प्राथमिकता दे रही है. मंत्री ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का आभार जताते हुए कहा कि वह राज्य की हर बेटी के लिए बड़े भाई की तरह हैं. उन्होंने कामना की कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में तेलंगाना विकास के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ता रहे. इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री के स्वस्थ और सफल कार्यकाल की भी शुभकामनाएं दीं. कोंडा सुरेखा की बेटी सुष्मिता से शुरू हुआ विवाद परकल में एक जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने लोगों से मौजूदा विधायक रेवुरी प्रकाश रेड्डी को पिछली बार से ज्यादा वोटों से जिताने की अपील की थी. इसके बाद कोंडा सुरेखा की बेटी सुष्मिता ने मुख्यमंत्री के इस समर्थन पर सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री परकल में विधायक के समर्थन में क्यों खड़े हो रहे हैं. सुष्मिता खुद भी अगले विधानसभा चुनाव में परकल सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुकी हैं. The post तेलंगाना : कोंडा सुरेखा ने 28 अगस्त को सीएम रेवंत रेड्डी को बांधी राखी, 3 सितंबर को हो गई कैबिनेट से छुट्टी appeared first on Naya Vichar.

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Mirzapur The Movie First Review: सीजन 2 और 3 से कहीं बेहतर… टिकट बुक करने से पहले पढ़ें ‘मिर्जापुर द मूवी’ का फर्स्ट रिव्यू

Mirzapur The Movie First Review: ‘मिर्जापुर द मूवी’ की रिलीज में अब बस कुछ घंटे बाकी हैं. गुड्डू पंडित, कालीन भैया और मुन्ना भैया का भौकाल अब पहली बार बड़े पर्दे पर देखने को मिलेगा. फिल्म 4 सितंबर को जन्माष्टमी के मौके पर रिलीज हो रही है और फैंस का एक्साइटमेंट पहले ही पीक पर है. इसी बीच सोशल मीडिया पर फिल्म का फर्स्ट रिव्यू सामने आ गया है, जिसने रिलीज से पहले ही माहौल गर्म कर दिया है. अब अगर आप भी कल थिएटर में जाकर मिर्जापुर का भौकाल देखने वाले हैं, लेकिन टिकट बुक करने से पहले थोड़ा कन्फ्यूज हैं कि फिल्म पैसा वसूल होगी या नहीं, तो जरा इस वायरल रिव्यू पर नजर डाल लीजिए. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है फिल्म का फर्स्ट रिव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पोस्ट में ‘मिर्जापुर द मूवी’ को लेकर काफी पॉजिटिव दावा किया गया है. पोस्ट के मुताबिक, फिल्म को सीरीज के पहले सीजन के लेवल से कंपेयर नहीं करना चाहिए, लेकिन यह सीजन 2 और 3 से कहीं बेहतर है. इतना ही नहीं, इसमें ‘मिर्जापुर’ के फैंस को बिना ज्यादा सोचे फिल्म की टिकट बुक करने की सलाह दी गई है. यानी इस शुरुआती रिएक्शन की मानें तो फिल्म में वह गैंगस्टर ड्रामा और एक्शन का मसाला है, जिसकी फैंस को उम्मीद है. हालांकि, एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि यह सोशल मीडिया पर सामने आया अनऑफिशियल रिव्यू है. इसलिए इसे फिल्म का फाइनल फैसला नहीं माना जा सकता. यह भी पढ़ें: ‘मिर्जापुर द मूवी’ के प्रमोशन के लिए बिहार आ रहे हैं कालीन भैया, इन दिन दिखेगा पटना में भौकाल जो सीरीज नहीं देखते, उनके लिए भी फिल्म में है दम? वायरल रिव्यू में उन लोगों के लिए भी अच्छी समाचार है, जिन्होंने अभी तक ‘मिर्जापुर’ की सीरीज नहीं देखी है. पोस्ट के मुताबिक, फिल्म देखने के लिए पुरानी सीरीज का पूरा होमवर्क करना जरूरी नहीं है. यानी अगर आप पहली बार ‘मिर्जापुर’ की दुनिया में एंट्री ले रहे हैं, तो भी फिल्म आपको आसानी से कनेक्ट कर सकती है. हालांकि, सीरीज के पुराने फैंस के लिए मजा थोड़ा ज्यादा होने वाला है, क्योंकि वे किरदारों की पुरानी दुश्मनी, रिश्तों और पूरे भौकाल से पहले से वाकिफ हैं. अब वायरल रिव्यू का ये दावा कितना सही बैठता है, इसका असली पता तो कल थिएटर में दर्शकों के रिएक्शन के बाद ही चलेगा. यह भी पढ़ें: गुड्डू भैया ने बताया क्यों खास होगी ‘मिर्जापुर: द मूवी’, नए ट्विस्ट और अलग फ्लेवर देखेंगे ‘मिर्जापुर द मूवी’ में कौन-कौन आएगा नजर? ‘मिर्जापुर द मूवी’ में फ्रेंचाइजी के कई पुराने कलाकार अपने चर्चित किरदारों के साथ लौट रहे हैं. फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु, रसिका दुग्गल, श्वेता त्रिपाठी शर्मा, श्रिया पिलगांवकर, शीबा चड्ढा, हर्षिता गौर, अभिषेक बनर्जी और अनंग्शा बिस्वास नजर आएंगे. वहीं जितेंद्र कुमार, रवि किशन और सोनल चौहान की फिल्म में नई एंट्री हुई है. यानी पुराने चेहरों के साथ नए किरदारों का तड़का भी देखने को मिलेगा. The post Mirzapur The Movie First Review: सीजन 2 और 3 से कहीं बेहतर… टिकट बुक करने से पहले पढ़ें ‘मिर्जापुर द मूवी’ का फर्स्ट रिव्यू appeared first on Naya Vichar.

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तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी के खिलाफ कोंडा सुरेखा की बेटी ने दिया बयान, कैबिनेट से छुट्टी

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने राज्य की मंत्री कोंडा सुरेखा को तत्काल प्रभाव से मंत्रिमंडल से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह कदम उनकी बेटी कोंडा सुष्मिता पटेल के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कुछ अन्य नेताओं पर की गई तीखी टिप्पणियों के बाद उठाया गया है. इस विवाद के चलते कांग्रेस के अंदर खींचतान बढ़ गई है. गुरुवार (3 सितंबर) को जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, कोंडा सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाने की सिफारिश तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को भेज दी गई है. अब राज्यपाल की मंजूरी के बाद उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की प्रक्रिया पूरी होगी. ये भी पढ़ें: VIDEO: पीएम मोदी ने रेवंत रेड्डी को खुले मंच से दिया साथ आने का न्योता, अपनी हंसी नहीं रोक पाए सीएम कोंडा सुरेखा की बेटी सुष्मिता ने क्या कहा था? यह विवाद तब शुरू हुआ, जब कोंडा सुरेखा की बेटी सुष्मिता ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर सार्वजनिक रूप से निशाना साधा. उन्होंने पार्टी विधायक रेवुरी प्रकाश रेड्डी का समर्थन करने और उन्हें परकल सीट से दोबारा चुनाव लड़ाने के मुख्यमंत्री के फैसले पर सवाल उठाए. सुष्मिता ने परकल को ‘कोंडा का इलाका’ बताते हुए रेवंत रेड्डी के फैसले पर आपत्ति जताई. सुष्मिता ने कहा, “आप मेरे इलाके में, कोंडा के इलाके में आकर लोगों से प्रकाश रेड्डी को दोबारा जिताने की अपील क्यों कर रहे हैं?” ये भी पढ़ें: परिसीमन पर साउथ में बढ़ा विवाद, सीएम रेवंत रेड्डी ने भेदभाव का लगाया आरोप परकल में एक जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने लोगों से मौजूदा विधायक रेवुरी प्रकाश रेड्डी को पिछली बार से भी ज्यादा वोटों के अंतर से जिताने की अपील की थी. इसके कुछ दिन बाद सुष्मिता ने मुख्यमंत्री के इस समर्थन पर सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री इस विधानसभा क्षेत्र में विधायक के समर्थन में क्यों खड़े हैं. परकल सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुकी हैं सुष्मिता सुष्मिता के बयान को नेतृत्वक तौर पर इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि वह खुद अगले विधानसभा चुनाव में परकल सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुकी हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर सीधे निशाना साधते हुए कई गंभीर आरोप लगाए. सुष्मिता का दावा है कि मुख्यमंत्री और उनके भाइयों ने राज्य के हितों की अनदेखी कर फायदा उठाया. उन्होंने करीब 200 करोड़ रुपये की प्रशासनी जमीन से जुड़े मामले का भी जिक्र किया. इसके अलावा एक शेल कंपनी को लेकर भी सवाल उठाए. हालांकि, मुख्यमंत्री और उनके भाइयों पर लगाए गए ये आरोप फिलहाल सुष्मिता के दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. The post तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी के खिलाफ कोंडा सुरेखा की बेटी ने दिया बयान, कैबिनेट से छुट्टी appeared first on Naya Vichar.

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नाक में सिंदूर, हाथों में कांच की चूड़ियां…Tamannaah Bhatia के इस लुक में दिखा बिहारी रंग, जानें क्या है इस परंपरा का राज

फिल्म के ट्रेलर में एक चेहरा नजर आता है और नजर ठहर जाती है. वजह सिर्फ Tamannaah Bhatia नहीं, बल्कि उनके चेहरे पर नजर आ रहा वह सिंदूर है, जो मांग से होते हुए नाक तक पहुंचा है. Sidharth Malhotra के साथ The Vvaan: Force of the Forestमें Tamannaah एक बिल्कुल अलग अंदाज में दिखाई दे रही हैं. ट्रेलर सामने आने के बाद उनके इस लुक को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. आखिर नाक तक सिंदूर लगाने की वजह क्या है और इसका बिहार से क्या कनेक्शन है? दरअसल, Tamannaah के इस लुक में बिहार की एक खास परंपरा की झलक दिखाई देती है. बिहार में विवाहित स्त्रीओं के लिए सिंदूर महज श्रृंगार नहीं है. शादी और कई शुभ अवसरों पर स्त्रीएं मांग से लेकर नाक तक लंबा सिंदूर लगाती हैं. खासकर छठ जैसे पर्व पर भी इस तरह सिंदूर लगाने की परंपरा कई इलाकों में देखने को मिलती है. इसे सुहाग और परिवार की सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. नाक तक सिंदूर लगाने का क्या मतलब है? बिहार में सिंदूर लगाने का यह अंदाज बाकी जगहों से थोड़ा अलग नजर आता है. शादी के वक्त दुल्हन की मांग में सिंदूर भरने की रस्म तो पूरे देश में होती है, लेकिन बिहार और झारखंड के कई हिस्सों में सिंदूर को नाक के सिरे से लेकर मांग तक लगाने की परंपरा भी है. लोकमान्यताओं में इसे पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन की खुशहाली से जोड़ा जाता है. खास मौकों पर सिंदूर की यह लंबी रेखा स्त्री के सुहाग और उसके वैवाहिक जीवन के प्रति शुभकामना का प्रतीक मानी जाती है. यही वह छोटी-सी सांस्कृतिक बारीकी है, जो Tamannaah के लुक को खास बना देती है. उनके चेहरे पर दिखाई दे रहा सिंदूर किसी सामान्य बॉलीवुड दुल्हन वाले look जैसा नहीं है. यह एक खास क्षेत्रीय पहचान को सामने लाता है. फिल्म की कहानी भी बिहार से जुड़ी है अब यहां The Vvaan की कहानी इस लुक को और दिलचस्प बना देती है. फिल्म की कहानी बिहार के पटना के पास स्थित वन देवी मंदिर से जुड़ी स्थानीय लोककथा से प्रेरित है. मेकर्स के मुताबिक लेखक Arunabh Kumar ने मंदिर और उससे जुड़ी लोककथा के बारे में स्थानीय लोगों और पुजारियों से बातचीत के बाद इस कहानी पर काम किया. फिल्म folklore, spirituality, mystery और supernatural elements को एक साथ लेकर चलती है. वन देवी मंदिर को लेकर स्थानीय मान्यताएं भी काफी रहस्यमयी हैं. मंदिर को सदियों पुराना बताया जाता है और यहां देवी की पूजा पारंपरिक मूर्ति की जगह पिंड के रूप में किए जाने की बात सामने आई है. इस जगह से जुड़ी सबसे दिलचस्प मान्यता यह है कि सूर्यास्त के बाद जंगल में जाने से लोगों को मना किया जाता रहा है. ऐसे में Tamannaah का किरदार जिस रूप में ट्रेलर में दिखाई देता है, उसे सिर्फ एक traditional look कहकर छोड़ देना शायद पूरी तस्वीर नहीं होगी. साड़ी, सिंदूर और देसी अंदाज उस लोकविश्वास वाली दुनिया का हिस्सा नजर आते हैं, जिसमें फिल्म की कहानी बुनी गई है. Tamannaah के सिंदूर ने क्यों खींचा ध्यान? Tamannaah को इससे पहले दर्शकों ने कई तरह के ग्लैमरस और मॉडर्न किरदारों में देखा है. लेकिन The Vvaan में उनका लुक उनकी पिछली स्क्रीन इमेज से काफी अलग दिखाई देता है. नाक तक गया सिंदूर उनके किरदार को तुरंत एक क्षेत्रीय पहचान देता है. और शायद यही इस look की सबसे खास बात है. मेकर्स ने बिहार की कहानी को सिर्फ लोकेशन या भाषा के जरिए दिखाने के बजाय किरदार के पहनावे और श्रृंगार में भी उतारने की कोशिश की है. हालांकि फिल्म में Tamannaah के किरदार की पूरी कहानी अभी सामने नहीं आई है. इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि नाक तक लगा सिंदूर कहानी में कोई रहस्य या खास संकेत रखता है. लेकिन इतना जरूर है कि ट्रेलर में दिखा यह छोटा-सा detail फिल्म की बिहार वाली जड़ों को और मजबूत करता है. एक तरफ Sidharth Malhotra का किरदार जंगल और रहस्यमयी दुनिया में कदम रखता है. दूसरी तरफ Tamannaah पारंपरिक बिहारी अंदाज में दिखाई देती हैं. ऐसे में दर्शकों की दिलचस्पी सिर्फ इस बात में नहीं है कि फिल्म में आगे क्या होगा, बल्कि यह जानने में भी है कि Tamannaah का किरदार इस पूरी कहानी में आखिर कौन है. फिलहाल नाक तक लगा सिंदूर उनके लुक की सबसे अलग पहचान बन गया है. और इसकी वजह सिर्फ खूबसूरती नहीं, बल्कि इसके पीछे छिपा वह बिहारी touch है, जिसे The Vvaan पर्दे पर कहानी का हिस्सा बनाकर पेश करने वाली है. ये भी पढ़ें- Exclusive: ‘फिल्म नहीं चलेगी’ से 1500 स्क्रीन तक, ‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर ने बताया कैसे हुआ ये ‘चमत्कार’ The post नाक में सिंदूर, हाथों में कांच की चूड़ियां…Tamannaah Bhatia के इस लुक में दिखा बिहारी रंग, जानें क्या है इस परंपरा का राज appeared first on Naya Vichar.

आस्था, समस्तीपुर

1100 कुंवारी कन्याओं ने निकाली भव्य कलश यात्रा, जयकारों से गूंजा लगूनिया डीह, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजन उत्सव व श्रीराम कथा को लेकर 10 दिवसीय मेले का आयोजन

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन – मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के लगूनिया डीह टोल में श्रीश्री 108 श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजन उत्सव एवं श्रीराम कथा के आयोजन को लेकर गुरुवार को आदर्श युवा संघ के नेतृत्व में भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में 1100 कुंवारी कन्याओं ने सिर पर कलश धारण कर श्रद्धा और उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कलश यात्रा में गांव की स्त्रीओं, बुजुर्गों, युवाओं समेत हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान राधे-कृष्ण के जयकारों से पूरा गांव भक्तिमय हो उठा। कलश शोभायात्रा की शुरुआत यज्ञ स्थल से हुई। 1100 कुंवारी कन्याएं सिर पर कलश लेकर गांव की परिक्रमा करते हुए तालाब परिसर पहुंचीं। यहां पंडितों द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई गई। इसके बाद कलश में पवित्र जल भरा गया। जल भरने के बाद सभी कन्याएं पुनः गांव की परिक्रमा करते हुए यज्ञ स्थल पहुंचीं। पूरे रास्ते श्रद्धालु राधे-कृष्ण के जयकारे लगाते रहे। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने से पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। आयोजन समिति के अनुसार, आदर्श युवा संघ लगूनिया डीह के तत्वावधान में 10 दिवसीय श्रीश्री 108 श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजन उत्सव एवं श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। श्रीराम कथा का संगीतमय वाचन श्रीश्री 1008 स्वामी प्रणव पुरी जी महाराज एवं श्रीश्री 1008 कृष्ण बिहारी दास जी महाराज के मुखारविंद से किया जाएगा। कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। मेले में दिखेगी वृंदावन के प्रेम मंदिर की झलक आयोजकों ने बताया कि 10 दिनों तक चलने वाले मेले में श्रद्धालुओं के लिए कई आकर्षण होंगे। मेले में विभिन्न प्रकार की यांत्रिक झांकियों के साथ श्रीकृष्ण जन्मलीला की विशेष झांकी प्रस्तुत की जाएगी। इसके माध्यम से श्रद्धालुओं को वृंदावन के प्रेम मंदिर जैसा भव्य और धार्मिक वातावरण देखने को मिलेगा। श्रीराम कथा, कृष्ण जन्मलीला की झांकी और अन्य आकर्षणों के कारण मेले में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन को सफल बनाने में मेला मालिक मुरलीधर पाठक, शिवनाथ चौधरी, हरिशंकर पोद्दार, नागराज झा, प्रिंस कुमार झा, रामकुमार राय, देवेंद्र पोद्दार, हरिशंकर भगत समेत गांव के सैकड़ों लोग सक्रिय रूप से जुटे हैं। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि दस दिनों तक चलने वाले धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं।

आस्था, समस्तीपुर

राधे-श्याम मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर निकली भव्य कलश शोभायात्रा, 151 कुंवारी कन्याओं ने लिया हिस्सा, वैदिक मंत्रोच्चारण से भक्तिमय हुआ माहौल

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन – सरायरंजन प्रखंड की जितवारपुर कुम्हिरा पंचायत स्थित कृष्ण चौक पर राधे-श्याम मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा एवं अष्टयाम को लेकर गुरुवार को भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में 151 कुंवारी कन्याओं ने श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लिया। कलश यात्रा के दौरान कृष्ण चौक समेत आसपास का पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर रहा। श्रद्धालुओं द्वारा लगाए जा रहे राधे-राधे के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। कलश शोभायात्रा की शुरुआत मंदिर परिसर से वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद हुई। इसके बाद 151 कुंवारी कन्याओं ने सिर पर कलश धारण कर यात्रा शुरू की। उनके साथ बड़ी संख्या में स्त्री-पुरुष श्रद्धालु भी शामिल हुए। श्रद्धालु भक्ति गीत गाते और राधे-श्याम के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। शोभायात्रा कृष्ण चौक से निकलकर रामपुर कुम्हिरा होते हुए ब्रह्मस्थान परिसर पहुंची। रास्ते में जगह-जगह स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। ब्रह्मस्थान परिसर पहुंचने के बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया गया। इसके बाद कलशों में पवित्र जल भरा गया। जल भरने के बाद कुंवारी कन्याएं और अन्य श्रद्धालु कलश लेकर पुनः मंदिर परिसर के लिए रवाना हुए। मंदिर परिसर पहुंचने के बाद कलशों को विधि-विधान के साथ निर्धारित स्थान पर स्थापित किया गया। इस दौरान पंडित अमित कुमार झा ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण कराया। श्रद्धालुओं ने भगवान राधे-श्याम की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। आयोजकों ने बताया कि राधे-श्याम मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कलश शोभायात्रा इसी धार्मिक अनुष्ठान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आयोजन में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। स्त्रीओं और युवाओं की भी सक्रिय भागीदारी रही। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं व्यवस्था को लेकर आयोजन समिति और स्थानीय लोगों ने विशेष तैयारी की थी। मौके पर यजमान रामनारायण राय, जिला परिषद सदस्य अशोक कुमार अंजना, मुखिया नवीन कुमार सिंह, सरपंच धनेश्वर राय, संजय राय, मोहन राय, सोहन रजक, राजू रजक, मनोरंजन साह, अनिल राय, राजकुमार साह, विकास कुमार राय, उपेंद्र राय, कमलेश राय, पप्पू राय, आनंदी राय, शंभु कुमार राय, कुणाल कुमार राय, कुणाल महतो, अवधेश कुमार राय, विश्वजीत कुमार राय, रवि कुमार साह, लालो राय, रवि चौधरी, सुधीर कुमार राय, ललन कुमार साह, निरंजन कुमार चौधरी, रूपेश शर्मा, रमन चौधरी, विवेक साह, सुरेश साह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु एवं आयोजन समिति के सदस्य मौजूद रहे।

समस्तीपुर

प्रसिद्ध तबला वादक पं. किशन महाराज की जयंती मनी

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय गंगापुर में गुरुवार को देश के प्रसिद्ध तबला वादक पं. किशन महाराज की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक अखिलेश ठाकुर ने कहा कि पं. किशन महाराज हिंदुस्तानीय शास्त्रीय संगीत के महान साधक थे। उन्होंने अपने अद्भुत तबला वादन से देश-विदेश में हिंदुस्तानीय संगीत की विशिष्ट पहचान स्थापित की। उनका जीवन कला, साधना और समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को महान कलाकारों के जीवन और योगदान से प्रेरणा लेकर अपनी प्रतिभा को निखारना चाहिए।इस अवसर पर शिक्षकों ने पं. किशन महाराज के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए हिंदुस्तानीय संगीत और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। छात्र-छात्राओं ने भी उनके जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें जानीं और उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया। मौके पर वरीय शिक्षक त्रिभुवन शर्मा, राज कुमार, ज्योति कुमारी, रुबी कुमारी, अंबिका कुमारी, आरती कुमारी, रिंकू कुमारी, शुभम कुमारी, सृष्टि सिंह सहित सभी छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

समस्तीपुर

50 एमबीबीएस सीटों के साथ श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज को मिली मंजूरी, स्थानीय लोगों में खुशी 

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन। प्रखंड क्षेत्र के नरघोघी गांव स्थित श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के लिए बड़ी समाचार सामने आई है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की प्रक्रिया और केंद्र प्रशासन के स्तर पर विचार के बाद शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेज में 50 एमबीबीएस सीटों पर वार्षिक नामांकन की मंजूरी दी गई है। इससे मेडिकल कॉलेज के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। पहले कॉलेज को 100 एमबीबीएस सीटों के लिए प्रस्तावित किया गया था, लेकिन दूसरी अपील पर विचार करते हुए 50 सीटों की वार्षिक प्रवेश क्षमता के साथ मंजूरी दी गई है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा कॉलेज की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों, स्पष्टीकरण और कमियों के अनुपालन की स्थिति की सावधानीपूर्वक समीक्षा की गई। कॉलेज प्रबंधन की ओर से आवश्यक दस्तावेज और सहायक साक्ष्य सक्षम पदाधिकारी के विचारार्थ अपील के साथ प्रस्तुत किए गए थे। इसके बाद 19 अगस्त 2026 को टीईजी और सीओओ की संयुक्त बैठक में प्रस्तुत दस्तावेजों और कॉलेज की ओर से दी गई जानकारी पर विस्तार से विचार किया गया। समिति ने कॉलेज में पूर्व में बताई गई कमियों को दूर करने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान पाया गया कि बिहार प्रशासन ने कॉलेज में रिक्त संकाय पदों को जल्द से जल्द भरने का आश्वासन दिया है। राज्य प्रशासन की ओर से प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, सीनियर रेजिडेंट सहित अन्य आवश्यक चिकित्सकीय एवं शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति के लिए कार्रवाई की जा रही है। निरीक्षण के दौरान कॉलेज में संकाय सदस्यों की उपलब्धता में सुधार भी पाया गया। बुनियादी ढांचे में भी हुआ सुधार समिति ने कॉलेज के बुनियादी ढांचे की स्थिति का भी जायजा लिया। कॉलेज प्रबंधन की ओर से बताया गया कि प्रमुख आधारभूत संरचना से संबंधित निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। संस्थागत उद्देश्यों के लिए आवश्यक कुछ अंतिम कार्य तथा आंतरिक संशोधन का काम अभी प्रगति पर है। समिति ने आधारभूत संरचना के क्षेत्र में हुई प्रगति को संतोषजनक माना। कॉलेज की चिकित्सा सेवाओं में भी विस्तार हुआ है। समिति के निरीक्षण में पाया गया कि ओपीडी में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर करीब 600 हो गई है। मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ अस्पताल में बेड की उपलब्धता और उपयोग की स्थिति में भी सुधार हुआ है। वहीं, कॉलेज अस्पताल में बड़ी सर्जरी की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है। निरीक्षण के दौरान संकाय सदस्यों द्वारा प्रतिदिन करीब 10 बड़ी सर्जरी किए जाने की जानकारी सामने आई। समिति ने संकाय की उपलब्धता, आधारभूत संरचना और नैदानिक सेवाओं में हुई प्रगति के साथ बिहार प्रशासन की ओर से शेष आवश्यकताओं को शीघ्र पूरा करने के आश्वासन को भी ध्यान में रखा। इन सभी बिंदुओं पर विचार करने के बाद कॉलेज के पक्ष में निर्णय लिया गया। 100 की जगह 50 सीटों पर मिली मंजूरी केंद्र प्रशासन द्वारा विधिवत विचार और जांच के बाद बिहार के समस्तीपुर जिले में स्थित श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की दूसरी अपील को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्वीकार कर लिया गया। हालांकि, कॉलेज को प्रस्तावित 100 एमबीबीएस सीटों के बजाय फिलहाल 50 एमबीबीएस सीटों की वार्षिक प्रवेश क्षमता के साथ मंजूरी मिली है। इसके बाद राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के चिकित्सा मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड ने 50 एमबीबीएस सीटों की क्षमता वाले नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए संतुष्टि जताई है। मंजूरी की जानकारी मिलने के बाद सरायरंजन क्षेत्र के लोगों में खुशी है। स्थानीय लोगों ने इसके लिए स्थानीय विधायक सह बिहार प्रशासन के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया। लोगों का कहना है कि श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को सरायरंजन में स्थापित कराने और इसके विकास में उपमुख्यमंत्री का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. सुधीर कुमार कर्ण ने इसकी जानकारी दी।

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