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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

समस्तीपुर

ईवीएम-वीवीपैट गोदाम का डीएम-एसपी ने किया मासिक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर | जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा एवं पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने गुरुवार को ईवीएम एवं वीवीपैट गोदाम का निर्धारित मासिक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने गोदाम की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, अग्नि सुरक्षा, साफ-सफाई तथा प्रवेश और निकास व्यवस्था का जायजा लिया। डीएम ने गोदाम में रखी ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा और सुरक्षित रख-रखाव से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने उप निर्वाचन पदाधिकारी विनोद कुमार को निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही सुरक्षा मानकों एवं निर्धारित प्रोटोकॉल का अक्षरश: पालन करने को कहा। एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने भी गोदाम की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा में तैनात कर्मियों को पूरी सतर्कता के साथ निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की भी जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने अग्निशमन पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए निर्वाचन सामग्री की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने संबंधित सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से पालन करने का निर्देश दिया। मौके पर उप निर्वाचन पदाधिकारी विनोद कुमार, वरीय कोषागार पदाधिकारी रमेश कुमार वर्णवाल, अग्निशमन पदाधिकारी, विभिन्न नेतृत्वक दलों के प्रतिनिधि एवं गोदाम की सुरक्षा में तैनात कर्मी मौजूद थे। डीएम ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ईवीएम एवं वीवीपैट का सुरक्षित भंडारण और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप व्यवस्थाएं हमेशा दुरुस्त रखने को कहा।

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पंजाब CM भगवंत मान पर BJP का गंभीर आरोप, ‘पत्नी संग मिलकर 5 करोड़ में किया रेप केस सेटल’

बीजेपी का दावा है कि बिचौलियों के जरिए दुष्कर्म के मामलों को 5 करोड़ रुपये लेकर ‘सेटल’ किया जा रहा था. ये आरोप इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर गुरविंदर सिंह चहल से जुड़े मामले को लेकर लगाए गए हैं. चहल को एक स्त्री के अपहरण और कथित दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के करीब दो महीने बाद इसी सप्ताह उन्हें रिहा कर दिया गया. बीजेपी ने इसी मामले को आधार बनाकर पंजाब प्रशासन पर सवाल उठाए हैं. प्रदीप भंडारी ने कहा, “भगवंत मान और उनकी पत्नी लूट और भ्रष्टाचार का रैकेट चला रहे हैं. इसके तहत बिचौलियों के जरिए 5 करोड़ रुपये लेकर दुष्कर्म के मामलों को निपटाया जा रहा है.” प्रदीप भंडारी (Photo: X) ऑडियो क्लिप प्रदीप भंडारी ने जारी किया बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ ऑडियो क्लिप भी जारी कीं. पार्टी का दावा है कि इनमें एक कथित बिचौलिया नेतृत्वक पहुंच का हवाला देकर दुष्कर्म और दूसरे आपराधिक मामलों को निपटाने की बात कर रहा है. हालांकि, इन ऑडियो क्लिप में कहीं भी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान या उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर का नाम नहीं लिया गया है. ऐसे में ऑडियो में किए गए दावों और भाजपा के आरोपों के बीच सीधे तौर पर नाम का उल्लेख नहीं है. प्रदीप भंडारी ने आगे कहा, “इन ऑडियो क्लिप से पहली नजर में गंभीर सवाल उठते हैं कि क्या मुख्यमंत्री खुद किसी मामले को खत्म कराने के लिए हस्तक्षेप कर रहे हैं? क्या मुख्यमंत्री का आवास अब ऐसे सौदे तय करने की जगह बन गया है, जहां से कमीशन का पैसा पंजाब के ‘सुपर सीएम’ अरविंद केजरीवाल तक पहुंच रहा है?” आम आदमी पार्टी की ओर से मामले पर नहीं आया है रिएक्शन इन गंभीर आरोपों पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी की ओर से अभी तक कोई रिएक्शन नहीं आया है. अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यह मामला बड़ा नेतृत्वक मुद्दा बनता नजर आ रहा है और इसे लेकर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है. The post पंजाब CM भगवंत मान पर BJP का गंभीर आरोप, ‘पत्नी संग मिलकर 5 करोड़ में किया रेप केस सेटल’ appeared first on Naya Vichar.

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NALSAR विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने कहा – BCI को लॉ स्टूडेंट्स पर एक्शन का अधिकार नहीं, जानें क्यों शुरू हुआ था विवाद

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने कहा कि जब तक कोई लॉ स्टूडेंट एडवोकेट के रूप में रजिस्टर्ड नहीं हो जाता, तब तक उसके आचरण पर डिसिप्लिनरी एक्शन लेने का अधिकार संबंधित विश्वविद्यालय या शिक्षण संस्थान का है. कोर्ट ने NALSAR के 2026 बैच के छात्रों को लेकर BCI की ओर से 13 अगस्त को जारी किए गए कम्युनिकेशन यानी आधिकारिक पत्र या आदेश और उसके बाद जारी संशोधित कम्युनिकेशन को रद्द कर दिया. हालांकि इन आदेश को BCI पहले ही वापस ले चुका था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मामले में यह महत्वपूर्ण कानूनी सवाल साफ कर दिया कि भविष्य में BCI छात्रों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई नहीं कर सकता है. BCI ने छात्रों के खिलाफ क्या की थी कार्रवाई ? विवाद की शुरुआत NALSAR के कुछ छात्रों के उस विरोध से हुई थी, जिसमें उन्होंने विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में चीफ गेस्ट के तौर पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत की मौजूदगी पर आपत्ति जताई थी. इसके बाद BCI के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा की ओर से 13 अगस्त को ऐसा निर्देश जारी किया गया था, जिसमें स्टेट बार काउंसिलों से NALSAR के 2026 बैच के ग्रेजुएट्स का अगले आदेश तक एनरोलमेंट नहीं करने को कहा गया था. साथ ही उन छात्रों की पहचान करने वाली रिपोर्ट भी मांगी गई थी, जिन्होंने चीफ जस्टिस के खिलाफ अभियान शुरू किया था. हालांकि विवाद बढ़ने के बाद BCI ने अपने निर्देश वापस ले लिए थे. स्टूडेंट्‌स और वकीलों के बीच अंतर को कोर्ट ने किया स्पष्ट NALSAR के कुछ छात्रों द्वारा सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस सवाल का स्पष्ट जवाब दिया.कोर्ट ने कहा कि Advocates Act, 1961, जिसके तहत BCI का गठन हुआ है, उसमें ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है जो BCI या स्टेट बार काउंसिल को लॉ स्टूडेंट्स के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की शक्ति देता हो. कोर्ट के मुताबिक, छात्रों के मामले में अनुशासनात्मक अधिकार उस यूनिवर्सिटी या शैक्षणिक संस्थान के पास है जहां वे पढ़ रहे हैं. कोर्ट ने यह भी कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि BCI का लॉ एजुकेशन से कोई संबंध नहीं है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि BCI कानून के तहत कानूनी शिक्षा के मानक निर्धारित और लागू कर सकता है, लेकिन इसके आधार पर वह किसी छात्र के खिलाफ व्यक्तिगत अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं कर सकता. ये भी पढ़ें :PM मोदी की डिग्री पर अभिजीत दीपके ने फिर उठाए सवाल, कहा-दोनों डिग्री दिखाते हैं; खत्म हो जाएगा विवाद The post NALSAR विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने कहा – BCI को लॉ स्टूडेंट्स पर एक्शन का अधिकार नहीं, जानें क्यों शुरू हुआ था विवाद appeared first on Naya Vichar.

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MS Dhoni IPL 2027: इम्पैक्ट प्लेयर नहीं बनेंगे एम एस धोनी, बद्रीनाथ ने बताया, क्या है माही की पसंद

Badrinath On MS Dhoni : एमएस धोनी के IPL भविष्य को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. धोनी ने अभी तक IPL 2027 में स्पोर्ट्सने या संन्यास लेने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है. इसी बीच चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व बल्लेबाज सुब्रमण्यम बद्रीनाथ ने धोनी की भूमिका को लेकर बड़ा दावा किया है. बद्रीनाथ के मुताबिक, अगर धोनी IPL में स्पोर्ट्सना जारी रखते हैं तो वह इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर मैदान पर उतरने के इच्छुक नहीं हैं. धोनी की पसंद अब भी फुल-टाइम विकेटकीपर के रूप में स्पोर्ट्सने की है. इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर क्यों नहीं स्पोर्ट्सना चाहते धोनी? IPL में इम्पैक्ट प्लेयर नियम टीमों को मैच के दौरान एक खिलाड़ी को दूसरे खिलाड़ी से बदलने की अनुमति देता है. ऐसे में उम्र और फिटनेस को देखते हुए धोनी के लिए सिर्फ बल्लेबाजी करने वाले इम्पैक्ट प्लेयर की भूमिका एक विकल्प हो सकती है. इस भूमिका में उन्हें पूरे मैच के दौरान विकेटकीपिंग करने की जरूरत नहीं होगी. इससे मैदान पर बिताया जाने वाला समय और शारीरिक दबाव कम हो सकता है. हालांकि, बद्रीनाथ के मुताबिक धोनी इस विकल्प के पक्ष में नहीं हैं. उन्होंने अपने YouTube चैनल पर बताया कि धोनी ने उनसे व्यक्तिगत तौर पर कहा है कि वह इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में नहीं स्पोर्ट्सना चाहते. धोनी अगर IPL में वापसी करते हैं तो खुद को सिर्फ बल्लेबाज के तौर पर सीमित करने के बजाय फुल-टाइम विकेटकीपर की भूमिका निभाना पसंद करेंगे. ये भी पढ़ें: Asian Games 2026: लिटन दास को मिली बांग्लादेश की कमान, नाहिद राणा-तस्किन अहमद चोट के कारण बाहर बद्रीनाथ बोले- धोनी के लिए इम्पैक्ट प्लेयर रोल फायदेमंद होता दिलचस्प बात यह है कि बद्रीनाथ खुद मानते हैं कि इम्पैक्ट प्लेयर की भूमिका धोनी और CSK दोनों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है. धोनी आमतौर पर पारी के आखिरी हिस्से में बल्लेबाजी के लिए आते हैं और उनकी सबसे अहम भूमिका विकेट के पीछे रहती है. ऐसे में इम्पैक्ट प्लेयर नियम के जरिए उनके मैदान पर रहने का समय सीमित किया जा सकता है. बद्रीनाथ का मानना है कि इससे धोनी पर शारीरिक दबाव कम हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि CSK के पूर्व कोच स्टीफन फ्लेमिंग धोनी की शारीरिक स्थिति और मैदान पर उनकी भूमिका को लेकर पहले बात कर चुके हैं. धोनी का IPL रिकॉर्ड अब भी शानदार धोनी का IPL करियर बेहद शानदार रहा है. उन्होंने 278 IPL मैचों में 5,439 रन बनाए हैं और उनके नाम 24 अर्धशतक दर्ज हैं. उनका IPL स्ट्राइक रेट 137.45 रहा है. बतौर कप्तान भी धोनी का रिकॉर्ड शानदार रहा है. उनकी कप्तानी में CSK ने पांच IPL खिताब जीते हैं. यही वजह है कि टीम में उनकी अहमियत सिर्फ बल्लेबाजी या विकेटकीपिंग तक सीमित नहीं रही है. मुश्किल परिस्थितियों में उनका अनुभव और फैसले लेने की क्षमता भी CSK के लिए काफी महत्वपूर्ण रही है. ये भी पढ़ें: 100 KM दौड़कर डाली क्रिकेट मैच की पहली गेंद, Guinness World Record के लिए ठोका दावा The post MS Dhoni IPL 2027: इम्पैक्ट प्लेयर नहीं बनेंगे एम एस धोनी, बद्रीनाथ ने बताया, क्या है माही की पसंद appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में 9 सितंबर तक आफत की बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया वर्षा-वज्रपात का येलो अलर्ट, जानें अपने जिले का हाल

West Bengal Weather Forecast: उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश पर बने वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया (Well Marked Low Pressure Area) और दक्षिण-पश्चिम बांग्लादेश के ऊपर सक्रिय अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन (Upper Air Cyclonic Circulation) के कारण पश्चिम बंगाल में मानसून फिर अत्यंत उग्र रूप धारण कर चुका है. हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम केंद्र अलीपुर (कोलकाता) ने 3 सितंबर को यह जानकारी दी. वर्षा-वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट मौसम विभाग ने एक स्पेशल बुलेटिन जारी कर कहा है कि राज्य के कई जिलों में 9 सितंबर तक लगातार भारी बारिश (07-11 सेमी) होगी. इस दौरान तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) चलने और भारी वज्रपात (Thunderstorm & Lightning) का भी अलर्ट जारी किया गया है. दीघा से बंगाल की खाड़ी तक फैला मानसून ट्रफ मौसम कार्यालय के अनुसार, मानसून ट्रफ (Monsoon Trough) वर्तमान में दीघा और पूर्व-दक्षिण-पूर्व दिशा में बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है. इसके प्रभाव से दक्षिण बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में भारी बारिश की आशंका जतायी गयी है. ये भी पढ़ें: मध्यप्रदेश की ओर बढ़ रहा लो प्रेशर एरिया, बंगाल में 2 दिन तक होती रहेगी बारिश 24 घंटे में दक्षिण बंगाल में कहां, कितनी बारिश हुई? मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे से दौरान दक्षिण बंगाल में कई जगहों पर मूसलाधार बारिश हुई. जगह का नाम जिले का नाम वर्षापात मंगलकोट पूर्व बर्धमान 80 मिमी अलीपुर कोलकाता 70 मिमी नलहाटी बीरभूम 70 मिमी कांडी मुर्शिदाबाद 60 मिमी दमदम उत्तर 24 परगना 60 मिमी सॉल्ट लेक उत्तर 24 परगना 50 सेमी तिलपाड़ा बराज बीरभूम 40 मिमी आमतला मुर्शिदाबाद 40 मिमी सुरी बीरभूम 40 मिमी घेरोपाड़ा बीरभूम 30 मिमी हेतमपुर बीरभूम 30 मिमी श्री निकेतन बीरभूम 30 मिमी बशीरहाट उत्तर 24 परगना 30 मिमी मानकर पूर्व बर्धमान 30 मिमी बैरकपुर उत्तर 24 परगना 30 मिमी कल्याणी नदिया 30 मिमी ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, जानें कल कैसा रहेगा मौसम उत्तर बंगाल में कहां, कितनी हुई वर्षा? जगह का नाम जिले का नाम वर्षापात सिंगीमारी कूचबिहार 40 मिमी रायगंज उत्तर दिनाजपुर 20 मिमी लावा कलिम्पोंग 10 मिमी मालदा मालदा 10 मिमी दक्षिण बंगाल के लिए 7 दिनों का मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी | Weather Warning 4-5 सितंबर : पूर्व बर्धमान, बीरभूम, मुर्शिदाबाद, नदिया, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना जिलों में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश (7-11 सेमी) और 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की संभावना है. 5-6 सितंबर : पश्चिम बर्धमान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों में भारी बारिश का अलर्ट. 8-10 सितंबर : बीरभूम, मुर्शिदाबाद, पुरुलिया, दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुड़ा और पश्चिम बर्धमान में फिर से शुरू होगा भारी बारिश का दौर. ये भी पढ़ें: PHOTOS: उत्तर बंगाल में मूसलाधार बारिश, दार्जिलिंग में इंजन पर गिरा लोको शेड, 8 घायल कर्मचारियों ने दिखाया साहस उत्तर बंगाल के लिए 7 दिनों का मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी | Weather Warning 4-6 सितंबर : कूचबिहार, मालदा, अलीपुरदुआर, जलपाईगुड़ी और दक्षिण दिनाजपुर जिलों में गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ भारी बारिश (7-11 सेमी) की चेतावनी. 6-8 सितंबर : दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर और कूचबिहार जिलों में भारी बारिश होने की संभावना. ये भी पढ़ें: आसनसोल में 115 मिमी बारिश, दामोदर की सहायक गरुई नदी का जलस्तर बढ़ा, कई पुलों व मार्गों पर यातायात बंद संभावित प्रभाव और मौसम विभाग की सलाह भारी बारिश के दौरान निचले शहरी इलाकों और अंडरपास में जलजमाव हो सकता है. खड़ी फसलों व बागवानी को नुकसान हो सकता है. आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है. तेज हवाओं के साथ वर्षा की वजह से कच्चे मकानों या दीवारों को क्षति पहुंच सकती है. आंधी-तूफान और वज्रपात के समय क्या करें? मौसम विभाग ने कहा है कि आंधी-तूफान और वज्रपात के समय पक्की छत के नीचे शरण लें. पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों. जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाये रखें. यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करें. मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनी और सलाह को गंभीरता से लें. उसकी कतई अनदेखी न करें. ये भी पढ़ें: लगातार बारिश से बोलपुर शहर की सड़कें जलमग्न, उदयनपल्ली समेत कई वार्डों में बाढ़ जैसे हालात The post बंगाल में 9 सितंबर तक आफत की बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया वर्षा-वज्रपात का येलो अलर्ट, जानें अपने जिले का हाल appeared first on Naya Vichar.

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बस सर्विस से शुरू हुई कहानी, मद्रास की TVS कैसे बनी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी?

एक जमाना था जब तमिलनाडु के मदुरै और तिरुनेलवेली की सड़कों पर धूल उड़ाती एक बस गुजरती थी, तो बुजुर्ग अपनी जेब से घड़ी निकालकर समय मिलाते थे. लोगों का कहना था- “सूरज भले ही उगने में 2 मिनट की देरी कर दे, लेकिन टी.वी. सुंदरम की बस कभी लेट नहीं हो सकती.” समय की इसी पाबंदी और भरोसे की नींव पर खड़ा हुआ हिंदुस्तान का एक ऐसा ऑटोमोबाइल घराना, जिसे आज पूरी दुनिया TVS Motor Company के नाम से जानती है. TVS- यह नाम कंपनी के फाउंडर टीवी सुंदरम अयंगर (TV Sundram Iyengar) के पूरे नाम के शुरुआती अक्षरों से लिया गया है. आज TVS दुनिया के 80 से ज्यादा देशों में गाड़ियां बेचती है. होसुर के इसके कारखानों में दुनिया की सबसे प्रीमियम मोटरसाइकिल कंपनी BMW की बाइक्स तैयार होती हैं. आज के नया विचार एक्सप्लेनर में तसल्ली से समझेंगे कि कैसे एक बस चलाने वाली कंपनी ने हिंदुस्तान की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर अपना परचम लहराया. टीवीएस के फाउंडर बस चलाने वाली कंपनी दोपहिया गाड़ियों में कैसे आई? आजादी के बाद कंपनी ने ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स और ब्रेक सिस्टम्स बनाने में महारत हासिल की. लेकिन 1970 के दशक के आखिर में कंपनी ने महसूस किया कि हिंदुस्तान के आम आदमी, छोटे दुकानदार और किसान को एक ऐसे साधन की जरूरत है जो साइकिल से तेज हो, लेकिन कार या बड़ी बुलेट जितना महंगा न हो. यहीं से जन्म हुआ TVS 50 का. 1980 में हिंदुस्तान का पहला 2-सीटर मोपेड: तमिलनाडु के होसुर में 1980 में जब 50cc का TVS 50 लॉन्च हुआ, तो यह देश का पहला 2-सीटर मोपेड था. दूधवाले से लेकर सब्जी व्यापारी तक की लाइफलाइन: TVS 50 इतना मजबूत और सस्ता था कि इस पर पीछे दो-तीन दूध की टंकियां लादें या बोरियां, यह हर उबड़-खाबड़ रास्ते पर निकल जाता था. आज का XL 100: यही TVS 50 आज मॉडर्न अवतार में ‘TVS XL 100’ बनकर देश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में बिकता है और कंपनी के सबसे बड़े वॉल्यूम ड्राइवर्स में से एक है. टीवीएस मोटर कंपनी TVS के वो 5 गेमचेंजर प्रोडक्ट्स कौन-से हैं, जिन्होंने कंपनी की तकदीर बदली? प्रोडक्ट लॉन्च वर्ष क्या था खास? TVS 50 1980 देश का पहला टू-सीटर मोपेड, जिसने हिंदुस्तानीय मिडिल क्लास को पहिए दिए. Scooty 1994 स्त्रीओं की मोबिलिटी को आजादी दी, हिंदुस्तान में ‘स्कूटी’ शब्द ही एक पूरी कैटेगरी का पर्याय बन गया. Apache सीरीज 2005 सुजुकी से अलग होने के बाद TVS को ‘स्पोर्ट्स बाइक किंग’ बनाया. Jupiter 2013 “ज्यादा का फायदा” टैगलाइन के साथ होंडा एक्टिवा के एकाधिकार को खुली टक्कर दी. iQube 2020 फैमिली-ओरिएंटेड इलेक्ट्रिक स्कूटर, जिसने स्टार्टअप्स की आंधी में भी 10 लाख ग्राहक जोड़े. टीवीएस मोटर कंपनी 122 साल पुरानी ब्रिटिश कंपनी ‘Norton’ को खरीदना (2020) अप्रैल 2020 में, जब पूरी दुनिया कोरोना से जूझ रही थी, TVS ने ब्रिटेन की दिवालिया हो चुकी ऐतिहासिक सुपरबाइक कंपनी Norton Motorcycles को करीब 153 करोड़ रुपये खरीद लिया. इस कदम से TVS के पास 650cc से लेकर 1200cc तक की पैरेलेल-ट्विन और V4 सुपरबाइक्स बनाने की लीगेसी और पेटेंट्स आ गए. TVS अब नॉर्टन को ब्रिटेन के सोलिहुल में एक हाई-टेक फैक्ट्री के जरिए दोबारा खड़ा कर रही है, ताकि ट्रायम्फ और रॉयल एनफील्ड जैसी कंपनियों को ग्लोबल लेवल पर चुनौती दी जा सके. टीवीएस मोटर कंपनी टाइमलाइन: 1911 से 2026 तक TVS का सफर 1911: टी.वी. सुंदरम अयंगर ने मदुरै में बस सेवा कंपनी की स्थापना की. 1962: ब्रिटेन के लुकास के साथ मिलकर ऑटो पार्ट्स (Lucas-TVS) बनाना शुरू किया. 1980: हिंदुस्तान का पहला 2-सीटर मोपेड ‘TVS 50’ लॉन्च हुआ. 1982: TVS Racing की स्थापना और सुजुकी के साथ ऐतिहासिक करार. 1994: स्त्रीओं के लिए हिंदुस्तान का आइकॉनिक स्कूटर ‘TVS Scooty’ लॉन्च. 2001: सुजुकी से अलग होकर स्वतंत्र ‘TVS Motor Company’ बनी. 2006: परफॉरमेंस सेगमेंट में तहलका मचाने वाली ‘TVS Apache’ आई. 2013: जर्मन दिग्गज BMW Motorrad के साथ ग्लोबल पार्टनरशिप. 2020: ब्रिटिश सुपरबाइक ब्रांड ‘Norton Motorcycles’ का अधिग्रहण और इलेक्ट्रिक स्कूटर ‘iQube’ की लॉन्चिंग. 2026: iQube के 10 लाख ग्राहक पूरे, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में 137% की सालाना ग्रोथ. टीवीएस मोटर कंपनी कहां हैं TVS के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट? आज कंपनी के पास कुल 4 अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स हैं: • हिंदुस्तान में तीन: होसुर (तमिलनाडु), मैसूर (कर्नाटक), और नालागढ़ (हिमाचल प्रदेश). • विदेश में एक: करावांग (इंडोनेशिया). इंडोनेशिया ऑपरेशंस ने तो हाल ही में वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 10 लाख यूनिट्स के प्रोडक्शन का बड़ा माइलस्टोन पार किया है. टीवीएस मोटर कंपनी 115 साल का सफर तो हो गया… अब अगला पड़ाव क्या है? अब TVS की कहानी सिर्फ “हिंदुस्तान में ज्यादा बाइक बेचने” तक सीमित नहीं है. कंपनी की अगली रणनीति 5 मजबूत पिलर्स पर खड़ी है: प्रीमियम मोटरसाइकिल्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कमर्शियल थ्री-व्हीलर्स ग्लोबल एक्सपेंशन टेक्नोलॉजी भविष्य की बड़ी तैयारियां: नॉर्टन पर बड़ा दांव: ब्रिटिश ब्रांड ‘Norton’ को वापस दुनिया का सिरमौर बनाने के लिए TVS कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है. कंपनी इस पर अब तक 200 मिलियन पाउंड से ज्यादा का भारी-भरकम निवेश कर चुकी है. ·BMW के साथ फोकस: BMW Motorrad के साथ मिलकर 500cc से कम इंजन (Sub-500cc) वाली और भी प्रीमियम बाइक्स विकसित की जा रही हैं. ·R&D और AI: TVS अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल प्रोडक्ट डेवलपमेंट, सप्लाई चेन और कस्टमर एक्सपीरियंस सुधारने में कर रही है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही कंपनी ने रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) पर सालाना ₹1,254 करोड़ खर्च किए हैं, जिसके पीछे 2,000 से ज्यादा इंजीनियर्स की फौज दिन-रात काम कर रही है. The post बस सर्विस से शुरू हुई कहानी, मद्रास की TVS कैसे बनी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी? appeared first on Naya Vichar.

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Tata Steel Bonus: कर्मचारियों के बोनस का ऐलान, अधिकतम 4.52 लाख रुपये का होगा भुगतान

जमशेदपुर: टाटा स्टील के कर्मचारियों के बोनस को लेकर गुरुवार को समझौता हो गया. टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक सह सीइओ टीवी नरेंद्रन और टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु समेत अन्य पदाधिकारियों के बीच हुई वार्ता के बाद 315 करोड़ रुपये बोनस देने पर सहमति बनी. समझौते पर प्रबंधन और यूनियन के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किये. पिछले साल से 11.88 करोड़ रुपये अधिक इस साल कर्मचारियों को बोनस मद में कुल 315 करोड़ रुपये मिलेंगे. पिछले वर्ष 303.12 करोड़ रुपये बोनस के रूप में दिये गये थे. एमडी टीवी नरेंद्रन के साथ हुई वार्ता के बाद बोनस की राशि में बढ़ोतरी की गयी और अंततः 315 करोड़ रुपये पर समझौता हुआ. इससे कर्मचारियों में उत्साह है. Also read: Tata Steel: कई वरिष्ठ अधिकारियों का प्रमोशन और तबादला, आज से लागू होंगे बदलाव ओल्ड सीरीज में अधिकतम 4.52 लाख रुपये समझौते के तहत ओल्ड सीरीज के कर्मचारियों को अधिकतम 4,52,512 रुपये तक बोनस मिलेगा. वहीं एनएस ग्रेड के कर्मचारियों के लिए अधिकतम बोनस 1,28,448 रुपये निर्धारित किया गया है. एनएस ग्रेड में न्यूनतम बोनस 39,016 रुपये मिलेगा. बोनस की राशि कर्मचारियों के ग्रेड और निर्धारित मानकों के आधार पर तय होगी. जमशेदपुर के 11,021 समेत 25,603 कर्मियों को लाभ बोनस समझौते का लाभ टाटा स्टील से जुड़ी विभिन्न कंपनियों और इकाइयों के कर्मचारियों को मिलेगा. कुल 25,603 कर्मचारी बोनस के हकदार होंगे. इनमें जमशेदपुर प्लांट के 11,021 कर्मचारी शामिल हैं. इसके अलावा टिनप्लेट, तार कंपनी, टाटा स्टील कलिंगानगर, टिस्को ग्रोथ शॉप, माइंस और कोलियरी समेत टाटा स्टील से जुड़ी अन्य इकाइयों के कर्मचारियों को भी बोनस राशि मिलेगी. Also read: जमशेदपुर में बोनस को लेकर बढ़ी हलचल, टाटा मोटर्स समेत इन कंपनियों पर टिकी नजर यह भी देखे : दुर्गापूजा से पहले टाटा स्टील कर्मचारियों के बोनस का ऐलान The post Tata Steel Bonus: कर्मचारियों के बोनस का ऐलान, अधिकतम 4.52 लाख रुपये का होगा भुगतान appeared first on Naya Vichar.

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Palwal Road Accident: खुशी मातम में बदली ; खाटू श्याम दर्शन से लौटते वक्त पलवल में हादसा, 6 की मौत

Palwal Road Accident: हरियाणा के पलवल में एक भीषण सड़क हादसा हुआ. इस हादसे में मैनपुरी जिले के किशनी क्षेत्र के छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई. सभी श्रद्धालु खाटू श्याम के दर्शन कर अपने घर लौट रहे थे. हादसे की समाचार जैसे ही किशनी क्षेत्र में पहुंची, परिवारों में कोहराम मच गया. जब उन्हें समाचार मिली, तो एक मां का रो-रोकर बुरा हाल था, वो बार-बार बेहोश हो रही थी. गांव और आसपास के इलाके में शोक का माहौल है. पलवल में हुआ दर्दनाक हादसा पुलिस के मुताबिक, श्रद्धालु खाटू श्याम के दर्शन के लिए गए थे. दर्शन करने के बाद सभी घर लौट रहे थे. इसी दौरान पलवल में उनका वाहन भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गया. हादसा इतना भीषण और भयानक था कि छह लोगों की जान चली गई. घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. परिवार की खुशियां मातम में बदलीं हादसे में किशनी क्षेत्र के छह श्रद्धालुओं की मौत की समाचार से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. जिन घरों में कुछ समय पहले तक यात्रा से लौटने की खुशी थी, वहां अब उदासी पसरी है. परिजन अपनों के सकुशल लौटने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन हादसे की समाचार ने परिवारों को गहरा सदमा दिया.इस दुखद घटना में कई लोगों की जान गई, जिनमें एक पुलिस अधिकारी के भाई भी शामिल थे. मृतकों में दारोगा देवराज यादव के भाई विजय यादव भी हादसे में जान गंवाने वालों में झांसी में तैनात दरोगा देवराज यादव के भाई विजय यादव भी शामिल हैं. भाई की मौत की समाचार सुनकर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. विजय यादव के निधन की जानकारी के बाद परिजनों और परिचितों में शोक की लहर है. घटना से जुड़े अन्य मृतकों के परिवारों में भी चीख-पुकार मची हुई है. हादसे की समाचार सुनकर नम हुईं आंखें पलवल की इस दर्दनाक घटना ने मैनपुरी के किशनी क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है. एक साथ छह लोगों की मौत की समाचार से हर कोई स्तब्ध है. हादसे की जानकारी लेने और पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने के लिए लोग उनके घर पहुंच रहे हैं. पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है. ये भी पढ़ें: खड़गपुर के पास हावड़ा-पुणे दुरंतो की कपलिंग टूटी, दो हिस्सों में बंटी ट्रेन; टाटानगर पहुंचने में हुई 2 घंटे की देरी The post Palwal Road Accident: खुशी मातम में बदली ; खाटू श्याम दर्शन से लौटते वक्त पलवल में हादसा, 6 की मौत appeared first on Naya Vichar.

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आकाश आनंद को मायावती ने बताया अपरिपक्व, बोलीं- अभी बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं

UP Politics: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने लखनऊ में पार्टी की ऑल इंडिया बैठक को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने बीएसपी के संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी के त्याग और सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि बहुजन समाज का हित और शोषित वर्ग को शासक वर्ग बनाना ही उनका मुख्य ध्येय है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए वे अपने निजी रिश्तों या किसी अन्य दबाव को आड़े नहीं आने देंगी. The post आकाश आनंद को मायावती ने बताया अपरिपक्व, बोलीं- अभी बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं appeared first on Naya Vichar.

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PM मोदी की डिग्री पर अभिजीत दीपके ने फिर उठाए सवाल, कहा-दोनों डिग्री दिखाते हैं; खत्म हो जाएगा विवाद

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखे एक पोस्ट में पीएम मोदी को न्यौता दिया है कि वे दोनों अपनी-अपनी डिग्री दिखाएं. दीपके ने कहा कि डिग्री विवाद को खत्म करने का यही तरीका है . दीपके ने यह पलटवार तक किया है जब उनकी बोस्टन यूनिवर्सिटी में की गई पढ़ाई-लिखाई पर विवाद शुरू हुआ है. दीपके ने लिखा कि जो लोग मेरी डिग्री देखने का इंतजार करते-करते सच में सब्र खो रहे हैं. मुझे हैरानी होती है कि उन्होंने 12 साल तक प्रधानमंत्री की डिग्री देखे बिना कैसे मैनेज किया. अभिजीत दीपके ने पीएम मोदी को दी चुनौती अभिजीत दीपके का डिग्री विवाद हाल में तब चर्चा में आया जब एक पॉडकास्ट जिसमें एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक मौजूद थे और अभिजीत दीपके की डिग्री पर सवाल उठाया गया था. उसके बाद दीपके ने अपनी डिग्री के मुद्दे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिग्री से जोड़कर उन्हें चुनौती दे डाली है. दीपके ने पीएम मोदी को यह चुनौती दूसरी बार दी है. इससे पहले भी जब अभिजीत दीपके के डिग्री पर सवाल उठाया गया तो उन्होंने पीएम मोदी को चुनौती दी थी. अभिजीत दीपके की डिग्री से जुड़ा विवाद क्या है? अभिजीत दीपके की शैक्षणिक योग्यता को लेकर विवाद उस समय ज्यादा चर्चा में आया जब एक पॉडकास्ट का वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. इस क्लिप में उनके बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने के दावे पर सवाल उठाए गए. क्लिप में दावा किया गया कि जांच के दौरान बोस्टन यूनिवर्सिटी से दीपके के ग्रेजुएट होने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला. हालांकि, यह दावा महज आरोप है और इससे दीपके की डिग्री झूठी नहीं साबित हो जाती है. दीपके की अमेरिका में पढ़ाई को लेकर इससे पहले भी सवाल उठ चुके हैं. महाराष्ट्र के एक RTI एक्टिविस्ट अमित तिवारी ने उनके पिता भगवानराव दीपके की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए सवाल किया था कि अमेरिका में पढ़ाई का खर्च कैसे उठाया गया. उस वक्त दीपके ने यह कहा था कि बोस्टन यूनिवर्सिटी में उनकी पढ़ाई स्कॉलरशिप के जरिए हुई थी. पीएम मोदी की शैक्षणिक योग्यता पर कई बार उठ चुके हैं सवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर विवाद कोई नया नहीं है. विपक्षी नेता अलग-अलग मौकों पर उनकी डिग्री को लेकर सवाल उठाते रहे हैं. बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री की डिग्रियां सार्वजनिक रूप से दिखाए जाने की बात भी कही गई है और पार्टी का रुख रहा है कि इस मुद्दे पर पहले ही स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है.वहीं RTI के जरिए प्रधानमंत्री की डिग्री का रिकॉर्ड सार्वजनिक कराने को लेकर कानूनी लड़ाई अलग मुद्दा है. दिल्ली हाई कोर्ट की एकल पीठ ने 2025 में केंद्रीय सूचना आयोग के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के 1978 के रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था. इस फैसले के खिलाफ अपीलें अब भी कोर्ट में लंबित है., ये भी पढ़ें : Nepal Flood : नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने कहा-अबतक 1114 लाशें हुईं बरामद, सिर्फ 95 ही परिवार वालों को सौंपी गई The post PM मोदी की डिग्री पर अभिजीत दीपके ने फिर उठाए सवाल, कहा-दोनों डिग्री दिखाते हैं; खत्म हो जाएगा विवाद appeared first on Naya Vichar.

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