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Author name: Vinod Jha

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जंतर-मंतर पहुंचे केजरीवाल: धर्मेंद्र प्रधान का मांगा इस्तीफा, वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाने की वकालत की

Arvind Kejriwal Met Sonam Wangchuk: प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने केंद्र प्रशासन पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. सोनम वांगचुक को बनाया जाए शिक्षा मंत्री : केजरीवाल सोनम वांगचुक की तारीफ करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वह अपने लिए नहीं, बल्कि देश के करोड़ों बच्चों और युवाओं के भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं. केजरीवाल ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री और देश के 140 करोड़ नागरिकों से अपील करता हूं कि सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिए.” उन्होंने चुटकी लेते हुए आगे कहा, “मुझे पता है कि प्रधानमंत्री ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि उन्हें डर होगा कि वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी कदम उठा सकते हैं. लेकिन मैं प्रशासन से अपील करता हूं कि वह अपना अड़ियल रवैया छोड़े और युवाओं व वांगचुक की चिंताओं को दूर करे.” अहंकार में डूबी है प्रशासन : केजरीवाल केजरीवाल ने परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, “देश में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं. परीक्षाओं में गड़बड़ियां और मूल्यांकन प्रक्रिया में भारी कमियां हैं. जब NEET का पेपर लीक हुआ, तो निराशा में आकर 20 छात्रों ने आत्महत्या कर ली. इसके बावजूद प्रशासन ने युवाओं को भरोसा दिलाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया. NEET के बाद भी कई पेपर लीक हुए और CBSE की मूल्यांकन प्रणाली में भी गड़बड़ियां सामने आईं, लेकिन जिम्मेदार कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. ऐसा लगता है कि प्रशासन पूरी तरह अहंकार में डूबी हुई है.” 2011 के आंदोलन की दिलाई याद अपने पुराने दिनों को याद करते हुए केजरीवाल ने कहा, “आज जंतर-मंतर आकर मुझे 4 अप्रैल 2011 का वह दिन याद आ गया, जब भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान मैं अन्ना हजारे के साथ इसी जगह बैठा था. उस समय की प्रशासन ने भी जनता की आवाज को अनसुना कर दिया था और जवाबदेही पर अहंकार को हावी होने दिया था. नतीजा यह हुआ कि तीन साल बाद वह प्रशासन सत्ता से बाहर हो गई.” उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इतिहास खुद को दोहराता है. अगर मौजूदा प्रशासन ने युवाओं और छात्रों की आवाज नहीं सुनी, तो आज से ठीक तीन साल बाद यानी 2029 में देश के युवा इस प्रशासन को भी सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा देंगे. ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 19वां दिन: 9 KG गिरा वजन, बोले- “अभी दो-चार दिन में नहीं मरने वाला” The post जंतर-मंतर पहुंचे केजरीवाल: धर्मेंद्र प्रधान का मांगा इस्तीफा, वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाने की वकालत की appeared first on Naya Vichar.

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सचिन-गांगुली के क्लब में शामिल हुए रोहित शर्मा, ODI में विदेशी सरजमीं पर ऐसा करने वाले तीसरे भारतीय बने

हिंदुस्तानीय टीम के दिग्गज खिलाड़ी रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ कार्डिफ में स्पोर्ट्से जा रहे दूसरे वनडे में एक उपलब्धि अपने नाम कर ली. रोहित विदेशी सरजमीं पर वनडे क्रिकेट में ओपनर के तौर पर 5000 रन पूरे करने वाले हिंदुस्तान के सिर्फ तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं. उनसे पहले यह कारनामा केवल सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली ने किया था. मैच से पहले रोहित को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए 12 रन की जरूरत थी. उन्होंने आदिल रशीद के ओवर में यह उपलब्धि हासिल की. कार्डिफ में स्पोर्ट्सा जा रहा यह मुकाबला विदेशी सरजमीं पर ओपनर के रूप में रोहित का 112वां वनडे मैच है. विदेशी सरजमीं पर वनडे में ओपनर के तौर पर सबसे ज्यादा रन खिलाड़ी देश मैच पारी रन सर्वश्रेष्ठ स्कोर औसत स्ट्राइक रेट शतक अर्धशतक सचिन तेंदुलकर हिंदुस्तान 220 216 9243 163* 45.98 87.50 26 45 सनथ जयसूर्या श्रीलंका 274 271 9045 189 34.52 93.93 21 42 सईद अनवर पाकिस्तान 182 182 6608 194 38.64 79.70 17 29 सौरव गांगुली हिंदुस्तान 178 174 6400 183 39.26 72.03 15 36 क्रिस गेल वेस्टइंडीज 170 166 6173 215 40.61 88.80 18 29 डेसमंड हेन्स वेस्टइंडीज 189 188 6075 138* 35.52 58.36 7 45 एडम गिलक्रिस्ट ऑस्ट्रेलिया 156 156 5368 149 35.78 95.92 7 34 रोहित शर्मा हिंदुस्तान 112* 110* 5000* 171* 52.05 88.27 17 28 वीरेंद्र सहवाग हिंदुस्तान 142 141 4943 175 36.34 103.36 9 24 शिखर धवन हिंदुस्तान 118 116 4903 137 45.39 90.46 12 27 सचिन तेंदुलकर के नाम बतौर ओपनर सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड विदेशी सरजमीं पर वनडे में ओपनर के तौर पर सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है. उन्होंने 220 मैचों में 9243 रन बनाए थे. इस सूची में सौरव गांगुली 6400 रन के साथ चौथे स्थान पर हैं, जबकि रोहित शर्मा अब 5000 रन के आंकड़े को पार करने वाले बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं. 26 रन बनाकर आउट हुए रोहित शर्मा हालांकि इस उपलब्धि के बाद रोहित अपनी पारी को बड़ी पारी में नहीं बदल सके. शर्मा ने 47 गेंदों में 26 रन बनाकर आउट हो गए. उन्होंने अपनी पारी में एक चौका और एक छक्का लगाया. रोहित अच्छी लय में दिख रहे थे, लेकिन विल जैक्स की गेंद पर स्वीप स्पोर्ट्सने के प्रयास में अपना विकेट गंवा बैठे. इसके बावजूद रोहित के नाम एक और रिकॉर्ड दर्ज हो गया. वह पहले से ही इंग्लैंड में वनडे क्रिकेट में किसी विदेशी बल्लेबाज द्वारा सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं. इंग्लैंड में उनके नाम अब 28 वनडे मैचों में 1451 से अधिक रन दर्ज हैं. ये भी पढ़ें: इंग्लैंड में कोहली का विराट रिकॉर्ड, राहुल द्रविड़ को पछाड़कर बने नंबर-1 हिंदुस्तानीय The post सचिन-गांगुली के क्लब में शामिल हुए रोहित शर्मा, ODI में विदेशी सरजमीं पर ऐसा करने वाले तीसरे हिंदुस्तानीय बने appeared first on Naya Vichar.

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कोल इंडिया कर्मचारी की मौत के 3 महीने के भीतर परिजनों को देनी होगी सूचना, 3 साल के भीतर आवेदन जरूरी

Coal India: कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और उसकी अनुषंगी कंपनियों में कार्यरत लाखों कर्मचारियों के लिए राहत भरी समाचार है. जेबीसीसीआई-11 (ज्वाइंट बाइपारटाइट कमेटी फॉर कोल इंडस्ट्री) की मानकीकरण समिति की सातवीं बैठक के मिनट्स जारी कर दिए गए हैं. बैठक में कर्मचारियों के हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर सहमति बनी, जबकि लंबित मांगों पर समयबद्ध निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया. तकनीकी प्रमाणपत्र हासिल करने पर मिलेगा एक लाख बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय तकनीकी दक्षता बढ़ाने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन देने से जुड़ा रहा. तय किया गया कि सेवा के दौरान इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजर, माइनिंग सरदार अथवा सर्वेयर का वैधानिक प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को एकमुश्त एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. इसके अलावा जिन कर्मचारियों के पास पहले से ऐसे प्रमाणपत्र मौजूद हैं, लेकिन उन्होंने अब तक कंपनी में जमा नहीं किए हैं, उन्हें भी निर्धारित अवधि के भीतर प्रमाणपत्र जमा करने पर इस योजना का लाभ मिलेगा. अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया होगी अधिक सरल बैठक में अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित नियमों को भी स्पष्ट किया गया. नए प्रावधान के अनुसार, किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को तीन माह के भीतर कंपनी को इसकी सूचना देनी होगी. इसके साथ ही अनुकंपा नियोजन और अन्य लाभों के लिए आवेदन तीन वर्ष के भीतर करना अनिवार्य होगा. आवेदन की जांच के दौरान यदि कोई कमी पाई जाती है, तो उसकी पूरी जानकारी एक साथ आवेदक को उपलब्ध कराई जाएगी. इससे आश्रितों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी. सुरक्षा कर्मियों की भर्ती के लिए नए मानक मंजूर बैठक में सुरक्षा कर्मियों की भर्ती को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. पुरुष एवं स्त्री अभ्यर्थियों के लिए नए शारीरिक मानकों को मंजूरी दे दी गई है. इससे भर्ती प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी. कई अन्य मुद्दों पर चर्चा जारी रखने का फैसला मानकीकरण समिति की बैठक में पदोन्नति नीति, क्लर्क संवर्ग की पात्रता अवधि, नई श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन, ठेका श्रमिकों को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने, सीएमपीएफ कवरेज के विस्तार तथा जेबीसीसीआई-12 के गठन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई. हालांकि इन मुद्दों पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका, लेकिन संबंधित मामलों पर आगे भी चर्चा जारी रखने और जल्द समाधान निकालने पर सहमति बनी. कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ जेबीसीसीआई-11 की बैठक में लिए गए निर्णयों को कोयला उद्योग के कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. विशेष रूप से तकनीकी योग्यता प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को आर्थिक प्रोत्साहन, अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और चिकित्सा एवं सेवा संबंधी सुविधाओं के विस्तार से लाखों कर्मियों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है. क्या है खास बैठक में वेतन समझौते से अधिक कर्मचारियों के सेवा नियम, चिकित्सा सुविधा, सामाजिक सुरक्षा और कैडर सुधार से जुड़े विषयों पर फोकस रहा. कई पुराने विवादित मामलों को तय समय सीमा के भीतर निपटाने का फैसला लिया गया. ऐसे में आने वाले समय में कोल इंडिया के कर्मचारियों के लिए कई नयी व्यवस्थाएं लागू हो सकती हैं. 20 हजार तक बढ़ाया गया सेवानिवृत्ति भत्ता: बैठक में बताया गया कि गैर-कार्यपालक कर्मचारियों के लिए सेटलिंग-इन भत्ता पहले ही 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये किया जा चुका है. वहीं टाटा मेमोरियल अस्पताल, मुंबई में कैंसर के इलाज का पूरा खर्च प्रतिपूर्ति करने की व्यवस्था लागू की गयी है. मेडिकल अटेंडेंस नियमों में अन्य संशोधनों पर भी जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया. 501 आरओ और 329 बायो टॉयलेट लगाये: स्त्री कर्मचारियों के लिए अलग शौचालय, सभी खदानों में आरओ प्लांट और बायो टॉयलेट की व्यवस्था की समीक्षा भी बैठक में हुई. प्रबंधन ने बताया कि कोल इंडिया की विभिन्न कंपनियों में 501 आरओ प्लांट और 329 बायो टॉयलेट लगाये जा चुके हैं. इनके नियमित रखरखाव पर भी जोर दिया गया. इसे भी पढ़ें: झारखंड में चिकित्सा व्यवस्था की एक और भयावह तस्वीर, एंबुलेंस नहीं मिली तो टोटो से पहुंची गर्भवती की मौत बैठक के पांच बड़े फैसले तकनीकी वैधानिक प्रमाणपत्र लेने वाले कर्मचारियों को एक लाख रुपये मिलेगी प्रोत्साहन राशि अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन की अधिकतम समय सीमा तीन वर्ष. टाटा मेमोरियल अस्पताल में कैंसर के इलाज का पूरा खर्च मिलेगा. सेटलिंग-इन भत्ता 20 हजार रुपये लागू. आरओ प्लांट, बायो टॉयलेट और स्त्री सुविधाओं के विस्तार पर जोर. इसे भी पढ़ें: हजारीबाग में गांव-गांव तक संगठन मजबूत करेगा ऑल इंडिया मोमिन कॉन्फ्रेंस, मेधावी विद्यार्थियों और समाजसेवियों का होगा सम्मान The post कोल इंडिया कर्मचारी की मौत के 3 महीने के भीतर परिजनों को देनी होगी सूचना, 3 साल के भीतर आवेदन जरूरी appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में कई IAS अधिकारियों के विभाग बदले, धर्मेंद्र कुमार-दिवेश सेहरा को मिली बड़ी जिम्मेदारी, यहां देखें किसे क्या मिला

Bihar IAS Transfer: बिहार प्रशासन ने गुरुवार को बड़े स्तर पर वरिष्ठ IAS अधिकारियों का तबादला किया है. सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक कई अहम विभागों के सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं. इस फेरबदल में ग्रामीण कार्य, सूचना प्रौद्योगिकी (IT), खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, स्पोर्ट्स, उच्च शिक्षा और कृषि विभाग शामिल हैं. अभय कुमार सिंह को मिली ग्रामीण कार्य विभाग की जिम्मेदारी 2004 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी अभय कुमार सिंह को सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग के सचिव पद से हटाकर ग्रामीण कार्य विभाग का नया सचिव बनाया गया है. अगले आदेश तक वे सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी संभालते रहेंगे. देवेश सेहरा बने खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव 2005 बैच के IAS अधिकारी देवेश सेहरा का भी विभाग बदल दिया गया है. वे पहले ग्रामीण कार्य विभाग में कार्यरत थे. अब उन्हें खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का सचिव बनाया गया है. इसके साथ ही अगले आदेश तक वे सामान्य प्रशासन विभाग में जांच आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी संभालते रहेंगे. दीपक आनंद को सौंपी गई स्पोर्ट्स विभाग की कमान 2007 बैच के IAS अधिकारी दीपक आनंद को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव पद से हटाकर स्पोर्ट्स विभाग का नया सचिव बनाया गया है. अब वे राज्य के स्पोर्ट्स विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे. राजीव रौशन को शिक्षा और स्पोर्ट्स विभाग का अतिरिक्त प्रभार 2010 बैच के IAS अधिकारी राजीव रौशन फिलहाल उच्च शिक्षा विभाग के सचिव हैं. उन्हें बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की प्रक्रिया पूरी होने तक शिक्षा विभाग और स्पोर्ट्स विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है. इसके अलावा वे वित्त विभाग में सचिव (संसाधन) की जिम्मेदारी भी निभाते रहेंगे. रचना पाटिल को कृषि विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी 2010 बैच की IAS अधिकारी रचना पाटिल, जो अभी वित्त विभाग में सचिव (व्यय) के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें अगले आदेश तक कृषि विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है. धर्मेंद्र कुमार को भी मिली नई जिम्मेदारी प्रशासन ने धर्मेंद्र कुमार को शिक्षा विभाग के विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी दिया है. इस फैसले के साथ शिक्षा विभाग में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का नया बंटवारा किया गया है. The post बिहार में कई IAS अधिकारियों के विभाग बदले, धर्मेंद्र कुमार-दिवेश सेहरा को मिली बड़ी जिम्मेदारी, यहां देखें किसे क्या मिला appeared first on Naya Vichar.

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हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती पर रोक, अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारत का फैसला

Strait of Hormuz: जहाजरानी नियामक (DGMA) ने अपने आधिकारिक नोटिस में कहा है, “फारस की खाड़ी और हॉर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में सुरक्षा के बिगड़ते हालात को देखते हुए हिंदुस्तानीय नाविकों के हितों और जानमाल की सुरक्षा के लिए यह एहतियाती कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया है. सभी कंपनियां तत्काल प्रभाव से हिंदुस्तानीय नाविकों को इस रूट पर भेजने से बचें.” इसके साथ ही, नियामक ने वर्तमान में क्षेत्र में मौजूद जहाजों के कप्तानों (Masters) को बेहद सतर्क रहने, सुरक्षा स्थिति पर पैनी नजर रखने और लगातार नेविगेशनल चेतावनियों को मॉनिटर करने की सलाह दी है. हिंदुस्तानीय नाविकों की मौत के बाद प्रशासन ने उठाया कदम प्रशासन ने यह कदम पिछले तीन दिनों के भीतर अलग-अलग हमलों में हिंदुस्तानीय नाविकों की मौत होने के बाद उठाया है. मंगलवार को हॉर्मुज जलडमरूमध्य में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो तेल टैंकरों (एमटी मोम्बासा और एमटी अल बहिया) पर हुए मिसाइल हमले में गोपालगंज के रहने वाले रोहन कुमार की मौत हो गई. ईरानी राजनयिक को हिंदुस्तान ने किया था तलब हिंदुस्तानीय नविकों की मौत पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए हिंदुस्तान के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को ईरानी उप-मिशन प्रमुख मोहम्मद जवाद हुसैनी को तलब किया था. पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान प्रभाग के संयुक्त सचिव आनंद प्रकाश ने हिंदुस्तान की ओर से इस हमले को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया था. ये भी पढ़ें: दूसरी बार अमेरिका का ईरान पर हमला : होर्मुज से जुड़े सैन्य ठिकानों को बनाया टारगेट ये भी पढ़ें: ईरान का अमेरिका से बदला: सैन्य ठिकानों पर बरसाईं मिसाइलें और ड्रोन, तबाही का वीडियो किया जारी The post हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर हिंदुस्तानीय नाविकों की तैनाती पर रोक, अमेरिका-ईरान तनाव के बीच हिंदुस्तान का फैसला appeared first on Naya Vichar.

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इंग्लैंड में कोहली का विराट रिकॉर्ड, राहुल द्रविड़ को पछाड़कर बने नंबर-1 भारतीय

हिंदुस्तानीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में स्पोर्ट्से जा रहे मुकाबले में कोहली ने जोफ्रा आर्चर की गेंद पर चौका लगाते ही राहुल द्रविड़ का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया. कोहली ने इंग्लैंड की पारी के दौरान 9वें ओवर की चौथी गेंद पर शानदार ऑन-ड्राइव लगाकर चौका जड़ा. इसी के साथ वह इंग्लैंड की सरजमीं पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले हिंदुस्तानीय बल्लेबाज बन गए. कोहली ने राहुल द्रविड को पीछे छोड़ा मैच से पहले कोहली के नाम इंग्लैंड में 2642 रन दर्ज थे, जबकि राहुल द्रविड़ ने 1996 से 2011 के बीच 46 अंतरराष्ट्रीय मैचों की 56 पारियों में 2645 रन बनाए थे. कोहली को यह रिकॉर्ड तोड़ने के लिए सिर्फ चार रन की जरूरत थी और उन्होंने यह उपलब्धि आसानी से हासिल कर ली. इंग्लैंड में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों की सूची में अब कोहली शीर्ष पर पहुंच गए हैं. इस सूची में राहुल द्रविड़ दूसरे, सचिन तेंदुलकर तीसरे और रोहित शर्मा चौथे स्थान पर हैं. इंग्लैंड में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले हिंदुस्तानीय बल्लेबाज (सभी फॉर्मेट) खिलाड़ी अवधि मैच पारी रन सर्वश्रेष्ठ स्कोर औसत शतक अर्धशतक विराट कोहली 2011-2026 58 74 2646+ 149 40.03 3 18 राहुल द्रविड़ 1996-2011 46 56 2645 217 55.10 8 15 सचिन तेंदुलकर 1990-2011 43 56 2626 193 49.54 7 12 रोहित शर्मा 2009-2026 47 54 2298 140 49.95 9 10 सौरव गांगुली 1996-2007 36 42 1949 183 47.53 4 12 महेंद्र सिंह धोनी 2007-2019 60 59 1869 92 37.38 0 16 रविंद्र जडेजा 2009-2025 44 51 1644 107* 44.43 2 11 केएल राहुल 2018-2026 29 43 1643 149 41.07 6 5 सुनील गावस्कर 1971-1986 34 46 1583 221 36.81 2 11 शिखर धवन 2013-2022 33 40 1478 125 39.94 4 4 विराट कोहली कई और रिकॉर्ड कर सकते हैं अपने नाम विराट कोहली के पास इस मैच में कई अन्य बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने का भी मौका है. वह इंग्लैंड में वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले हिंदुस्तानीय बल्लेबाज बनने के करीब हैं. इसके अलावा उन्हें वनडे में विदेशी सरजमीं पर 8000 रन पूरे करने के लिए भी ज्यादा दूर नहीं जाना है. विराट कोहली का इंग्लैंड में रिकॉर्ड फॉर्मेट मैच पारी रन सर्वश्रेष्ठ स्कोर औसत शतक/अर्धशतक टेस्ट 17 33 1096 149 33.21 2/5 वनडे 34 34 1354+ 107 50.14 1/12 टी20I 7 7 192 66 32.00 0/1 कुल 58 74 2646+ 149 40.03 3/18 ये भी पढ़ें: राजस्थान रॉयल्स छोड़कर CSK में क्यों गए संजू सैमसन? पहली बार खुद किया खुलासा The post इंग्लैंड में कोहली का विराट रिकॉर्ड, राहुल द्रविड़ को पछाड़कर बने नंबर-1 हिंदुस्तानीय appeared first on Naya Vichar.

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रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठ मामले में ED का एक्शन, बंगाल समेत 4 राज्यों में छापेमारी, फंडिंग नेटवर्क का पर्दाफाश

Bengal ED Raids News Today: बांग्लादेशियों और रोहिंग्या की हिंदुस्तान में अवैध घुसपैठ और मनी लाउंडरिंग (धनशोधन) मामले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों समेत 4 राज्यों में कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. विदेशी फंडिंग वाले गिरोह का नेटवर्क खंगाल रहा ईडी ईडी से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी विशेष रूप से एक ऐसे गिरोह के वित्तीय नेटवर्क को खंगाल रही है, जो विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) के तहत पंजीकृत एक चैरिटेबल ट्रस्ट के जरिये संचालित हो रहा था. इस ट्रस्ट को ब्रिटेन (UK) की कुछ संस्थाओं से मोटी फंडिंग की जा रही है. बंगाल के 3 जिलों समेत 13 ठिकानों पर रेड ईडी के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत शुरू की गयी इस कार्रवाई में पश्चिम बंगाल के 3 सीमावर्ती जिले उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और मुर्शिदाबाद प्रमुख केंद्र रहे. बंगाल के इन तीन जिलों के अलावा दिल्ली के जामिया नगर, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर (देवबंद) और हरियाणा के बल्लभगढ़ (फरीदाबाद) में कुल 13 से अधिक ठिकानों पर एक साथ रेड मारी गयी. ये भी पढ़ें: मंगलुरु में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को काम दिलाने वाले रैकेट का पर्दाफाश, बंगाल के 3 आरोपी गिरफ्तार कैसे काम करता था घुसपैठ और बसाने का सिंडिकेट? ईडी द्वारा वर्ष 2024 में दर्ज किया गया यह मामला मूल रूप से उत्तर प्रदेश एटीएस (UP-ATS) की उस एफआईआर पर आधारित है, जिसमें एक संगठित आपराधिक सिंडिकेट का खुलासा हुआ था. जांच में बंगाल से जुड़े इस नेक्सस के 2 प्रमुख मॉड्यूल सामने आये हैं. सीमा पार से घुसपैठ का पहला चरण : पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों में सक्रिय एक समूह रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को अवैध तरीके से हिंदुस्तानीय सीमा में दाखिल कराता था. फर्जी दस्तावेज और पहचान : दूसरा समूह इन घुसपैठियों के लिए जाली पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड और हिंदुस्तानीय पासपोर्ट) तैयार करवाता था. दस्तावेज बनने के बाद इन्हें रोजी-रोटी और रोजगार के बहाने देश के अलग-अलग राज्यों में भेज दिया जाता था. ये भी पढ़ें: हिंदुस्तान-बांग्लादेश सीमा पर रेड फ्लैग लहराया, घुसपैठ को लेकर मालदा बॉर्डर पर हाई अलर्ट 6 से 10 हजार की किस्तों में फंडिंग, ई-रिक्शा देकर स्थायी पुनर्वास एटीएस और ईडी की जांच में सामने आया कि घुसपैठियों को स्थायी रूप से बसाने के लिए एक जटिल वित्तीय ढांचा (Financial Network) तैयार किया गया था. संदिग्धों के खातों, बिचौलियों और फर्जी बैंक अकाउंट्स के माध्यम से 6,000 रुपए, 8,000 रुपए और 10,000 रुपए की छोटी-छोटी किस्तों में पैसे भेजे जाते थे. आर्थिक पुनर्वास की भी की जाती है व्यवस्था मनी लाउंडरिंग के जरिये जुटाये गये इस धन का मुख्य उद्देश्य घुसपैठियों को आर्थिक रूप से मजबूत करना था. ट्रस्ट द्वारा उन्हें नियमित आय सुनिश्चित करने के लिए ई-रिक्शा, नकदी या नौकरियां उपलब्ध करायी जाती थीं. फिलहाल केंद्रीय एजेंसी बंगाल में नेटवर्क से जुड़े स्थानीय बिचौलियों और ट्रस्ट के बैंक खातों के दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रही है. The post रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठ मामले में ED का एक्शन, बंगाल समेत 4 राज्यों में छापेमारी, फंडिंग नेटवर्क का पर्दाफाश appeared first on Naya Vichar.

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17 महीने पुरानी कार नई बताकर बेची: डॉक्टर की शिकायत पर कंज्यूमर आयोग सख्त, नई E20 कार और एक लाख मुआवजे का आदेश

Raipur District Consumer Disputes Redressal Commission : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक कार डीलर और निर्माता कंपनी के खिलाफ सख्त फैसला सुनाया है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, आयोग ने आदेश दिया कि शिकायतकर्ता डॉ प्रेमराज देबता को उसी मॉडल की नई E20 पेट्रोल समर्थित कार 45 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाए. ऐसा नहीं होने पर कार की पूरी कीमत लौटानी होगी. साथ ही मानसिक उत्पीड़न के लिए 1 लाख रुपये का मुआवजा भी देने का निर्देश दिया गया है. खरीद के कुछ महीनों बाद शुरू हुई परेशानी शिकायतकर्ता डॉ प्रेमराज देबता ने जून 2024 में करीब 18.29 लाख रुपये में मारुति ग्रैंड विटारा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड जेटा प्लस खरीदी थी. इसके अलावा उन्होंने बीमा और आरटीओ शुल्क के रूप में लगभग 1.86 लाख रुपये भी चुकाए. करीब पांच महीने में कार 21,913 किलोमीटर चली, लेकिन नवंबर 2024 में अचानक डैशबोर्ड पर इंजन की खराबी का संकेत आया और वाहन बीच रास्ते में बंद हो गया. डीलर ने खराब पेट्रोल को बताया जिम्मेदार डॉ देबता कार को तुरंत शोरूम ले गए, जहां जांच के बाद डीलर ने दावा किया कि मिलावटी या खराब गुणवत्ता वाले पेट्रोल की वजह से इंजन खराब हुआ है. इसके बाद भी कई बार कार की मरम्मत की गई, लेकिन समस्या खत्म नहीं हुई. बाद में डॉक्टर को बताया गया कि उन्हें पुराना मॉडल बेचा गया था और इसके लिए सेल्स मैनेजर से संपर्क करने को कहा गया. बदलने से इनकार, उल्टा रखी शर्तें जब डॉ प्रेमराज देबता ने कंपनी के जनरल मैनेजर से संपर्क किया तो उन्हें साफ कह दिया गया कि न तो कार बदली जाएगी और न ही पैसे लौटाए जाएंगे. उन्हें कंपनी की ओर से कहा गया कि कार 12 लाख रुपये में बेच दें या फिर 5.30 लाख रुपये खर्च कर इंजन और अन्य हिस्से बदलवाएं. इस बीच कार डीलर के पास प्रतिदिन 200 रुपये के शुल्क पर खड़ी रही, जिसके बाद डॉ देबता ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया. आयोग ने माना डीलर की सेवा में कमी इस मामले की सुनवाई के दौरान उपभोक्ता आयोग ने पाया कि कार का निर्माण जनवरी 2023 में हुआ था, जबकि उसे जून 2024 में नई कार बताकर बेचा गया, यानी करीब 17 महीने पुरानी कार को नया बताकर ग्राहक को सौंपा गया. आयोग ने यह भी माना कि वाहन E20 पेट्रोल के अनुरूप नहीं था, जबकि देश में E20 ईंधन का उपयोग बढ़ाया जा रहा है. ऐसे में इंजन संबंधी समस्या के लिए ग्राहक को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. 45 दिन में नई कार या पूरी रकम लौटाने का आदेश उपभोक्ता आयोग ने अपने फैसले में कहा कि डीलर और कंपनी ने सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार किया है. इसलिए 45 दिनों के भीतर शिकायतकर्ता को उसी मॉडल की नई E20-अनुकूल कार दी जाए. यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो ग्राहक द्वारा चुकाई गई पूरी राशि वापस करनी होगी. इसके अलावा मानसिक पीड़ा के लिए 1 लाख रुपये का मुआवजा भी देना होगा. तय समय में भुगतान न करने पर इस राशि पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना पड़ेगा. यह भी पढ़ें- तमिलनाडु में नवोदय विद्यालय खोलने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, वकील ने कहा- बच्चों की मुफ्त शिक्षा पर नेतृत्व नहीं The post 17 महीने पुरानी कार नई बताकर बेची: डॉक्टर की शिकायत पर कंज्यूमर आयोग सख्त, नई E20 कार और एक लाख मुआवजे का आदेश appeared first on Naya Vichar.

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पुरी रथ यात्रा में उमड़ा जनसैलाब: दम घुटने और उमस से कई श्रद्धालु बेहोश, स्ट्रेचर पर ले जाती दिखी टीम

Puri Jagannath Rath Yatra 2026: समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इस दौरान उमड़ी भीड़ में कई श्रद्धालु बेहोश हो गए, जिन्हें मौके पर ही तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई. बेहोश होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अभी नहीं दी गई है. पीटीआई द्वारा ‘एक्स’ पर साझा किए गए एक वीडियो में प्रशासन के कर्मचारी बेहोश श्रद्धालुओं को स्ट्रेचर पर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं. एक श्रद्धालु की मौत की समाचार इंडियन एक्सप्रेस की समाचार के अनुसार रथ यात्रा के दौरान भीड़ में दबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. जबकि 30 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुरी में भारी बारिश पुरी में हो रही भारी बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई. हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, पुरी में पिछले 48 घंटों में 233 मिमी बारिश हुई है. पुरी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई बी खुरानिया ने बताया कि पुरी में कई स्तरों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं और इस उत्सव के लिए हिंदुस्तानीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 19 अधिकारियों और लगभग 13,000 अन्य पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. इसके अलावा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएस), त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) सहित केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 15 कंपनियों को रणनीतिक जगहों पर तैनात किया गया है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मदद के लिए हिंदुस्तानीय नौसेना, हिंदुस्तानीय तटरक्षक बल और ओडिशा पुलिस समुद्री पुलिस थाना द्वारा संयुक्त गश्त की जा रही है और त्वरित प्रतिक्रिया टीम (क्यूआरटी) तैनात की गई हैं. The post पुरी रथ यात्रा में उमड़ा जनसैलाब: दम घुटने और उमस से कई श्रद्धालु बेहोश, स्ट्रेचर पर ले जाती दिखी टीम appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में चिकित्सा व्यवस्था की एक और भयावह तस्वीर, एंबुलेंस नहीं मिली तो टोटो से पहुंची गर्भवती की मौत

Jharkhand Health System: झारखंड के जामताड़ा से गुरुवार को चिकित्सा व्यवस्था की एक और भयावह तस्वीर सामने आई है. एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण प्रसव पीड़ा से जूझ रही गर्भवती स्त्री को टोटो से सदर अस्पताल लाया गया, जहां इलाज में कथित देरी की वजह से उसकी मौत हो गई. घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने सदर अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ नाराजगी जताई. एंबुलेंस नहीं मिली तो टोटो से पहुंची गर्भवती स्त्री जानकारी के अनुसार, जामताड़ा शहर के प्रशासन बांध निवासी कन्हैया रवानी की पत्नी रीना देवी (22) को गुरुवार को प्रसव पीड़ा शुरू हुई. परिजनों ने स्त्री को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस की मांग की, लेकिन समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी. मजबूरी में परिजन गर्भवती स्त्री को टोटो से सदर अस्पताल लेकर पहुंचे. परिजनों का कहना है कि अगर समय पर एंबुलेंस मिल जाती और इलाज शुरू हो जाता तो स्त्री की जान बच सकती थी. इलाज में देरी का लगाया आरोप परिजनों ने सदर अस्पताल पहुंचने के बाद इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि टोटो से अस्पताल पहुंचने के बाद भी स्त्री को समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिली. बाद में जांच के बाद चिकित्सकों ने स्त्री के शरीर में खून की कमी बताते हुए उसे धनबाद स्थित एसएनएमएमसीएच रेफर कर दिया. परिजनों के अनुसार, रेफर किए जाने के बाद जब स्त्री को अस्पताल से बाहर ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई. इसके बाद परिजन शव लेकर दोबारा सदर अस्पताल पहुंचे और स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे. मौत के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा गर्भवती स्त्री की मौत की समाचार फैलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. आक्रोशित लोगों ने सदर अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया. लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और मुख्य गेट को जाम कर दिया. हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया. पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया और मामले की जांच का आश्वासन दिया. एंबुलेंस के अभाव में गुमला में 14 वर्षीय बच्ची की मौत पिछले कुछ दिनों में राज्य में एंबुलेंस सुविधा को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं. इससे पहले बुधवार को गुमला जिले के चैनपुर में भी एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण एक 14 वर्षीय बच्ची की मौत का मामला सामने आया था. वहां स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस मौजूद होने के बावजूद वह समय पर चालू नहीं हो सकी थी. इसके बाद बच्ची को पिकअप वाहन से अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई. जामताड़ा की घटना के बाद एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति कितनी मजबूत है. इसे भी पढ़ें: गुमला: धक्का मारने पर भी नहीं चली एम्बुलेंस, अस्पताल पहुंचने से पहले ही मां की गोद में बेटी ने तोड़ा दम दोषी स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई की मांग रीना देवी के परिजनों ने पूरे मामले की जांच कर दोषी स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उनका आरोप है कि समय पर इलाज और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने से स्त्री की जान बचाई जा सकती थी. फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले की जांच की जा रही है. घटना के बाद लोगों में नाराजगी है और वे जिले में एंबुलेंस व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की मांग कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें: झारखंड की सड़कों पर दौड़ रहे जर्जर एंबुलेंस, सांसत में मरीजों की जान The post झारखंड में चिकित्सा व्यवस्था की एक और भयावह तस्वीर, एंबुलेंस नहीं मिली तो टोटो से पहुंची गर्भवती की मौत appeared first on Naya Vichar.

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