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Author name: Vinod Jha

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अगर खाना स्वादिष्ट बनाना है तो शेफ संजीव कपूर की ये चटनियां जरूर सीखें

Top 5 Different Types of Chutney: इंडियन फूड मेनू में चटनी एक ऐसी डिश होती है जो आपके पूरे खाने को कम्प्लीट कर देती है. एक नॉर्मल सा खाना भी चटनी के साथ बेहद स्वादिष्ट लगने लगता है. मशहूर शेफ संजीव कपूर ने अपने यूट्यूब चैनल पर पांच ऐसी जरूरी चटनियों के बारे में बताया है जिन्हें हर घर में बनाना आना चाहिए. ये चटनियां अलग-अलग स्वाद की हैं – कोई तीखी, कोई मीठी, कोई खट्टी और कोई स्मोकी फ्लेवर वाली. इन चटनियों की खास बात यह है कि ये रोज के खाने को भी स्पेशल बना देती हैं. साधारण खाने को शानदार बना देंगी शेफ संजीव कपूर की 5 स्पेशल चटनियां (Top 5 Different Types of Chutney) संजीव कपूर की 5 स्पेशल चटनियां 1. स्मोकी और चटपटी फ्लेवर वाली – बिहारी टमाटर चटनी यह चटनी बिहार में बहुत लोकप्रिय है और इसका स्वाद थोड़ा स्मोकी होता है.इसे बनाने के लिए सबसे पहले टमाटर को सीधे गैस की आंच पर भून लें जब तक छिलका काला न हो जाए. फिर छिलका हटाकर टमाटर, लहसुन, हरी मिर्च, नमक और थोड़ा सरसों का तेल डालकर दरदरा पीस लें. यह चटनी दाल-चावल और रोटी के साथ बहुत अच्छी लगती है. 2. तीखी और फ्लेवरफुल मोमो चटनी मोमो के साथ मिलने वाली लाल चटनी बहुत स्वादिष्ट और तीखी होती है. इसे बनाने के लिए सूखी लाल मिर्च को गरम पानी में भिगो दें. टमाटर उबाल लें. फिर मिर्च, टमाटर, लहसुन, नमक और थोड़ा सिरका डालकर कम पानी में पीस लें. गाढ़ी चटनी तैयार. 3. मीठा और खट्टा स्वाद के लिए ट्राइ करें – खजूर-इमली चटनी यह चटनी चाट, समोसा, पकोड़े और दही भल्ले के साथ खाई जाती है. इसे बनाने के लिए खजूर और इमली को पानी में उबालकर नरम कर लें. फिर इसे पीसकर छान लें और इसमें भुना जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर थोड़ा गाढ़ा होने तक पकाएँ. 4. साउथ इंडियन स्वाद चाहिए तो बनाएं – नारियल चटनी यह चटनी इडली, डोसा और वडा के साथ खाई जाती है. इसे ताजा नारियल, हरी मिर्च, भुना चना दाल, नमक और थोड़ा पानी डालकर पीस लें. फिर राई, करी पत्ता और सूखी लाल मिर्च का तड़का लगाएं. 5. तीखा और मसालेदार महाराष्ट्रीयन स्वाद के लिए बनाएं – कोल्हापुरी ठेचा यह महाराष्ट्र की बहुत प्रसिद्ध तीखी चटनी है. इसे बनाने के लिए हरी मिर्च, लहसुन और नमक को सिलबट्टे या मिक्सर में दरदरा पीस लें. फिर इसमें थोड़ा गरम तेल डालकर मिला दें. ठेचा तैयार. यह भी पढ़ें: सिंपल सामग्री से बनाएं रॉयल स्वाद वाला काजू मोती पुलाव, जानें शेफ संजीव कपूर की खास रेसिपी The post अगर खाना स्वादिष्ट बनाना है तो शेफ संजीव कपूर की ये चटनियां जरूर सीखें appeared first on Naya Vichar.

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कल जहानाबाद को सीएम नीतीश देंगे 252 करोड़ की 161 योजनाओं की सौगात, तैयारी पूरी

Nitish Kumar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा अब जहानाबाद पहुंचने वाली है. 23 मार्च को होने वाले इस दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है. इस दौरान मुख्यमंत्री जिले को करीब 252 करोड़ रुपये की 161 योजनाओं की सौगात देंगे. एक साथ कई योजनाएं शुरू होंगी इस कार्यक्रम में सबसे खास बात यह है कि 73 नई योजनाओं की शुरुआत की जाएगी. इसकी लागत लगभग 150 करोड़ रुपये बताई जा रही है. करीब 100 करोड़ रुपये से तैयार 88 योजनाओं का उद्घाटन भी किया जाएगा. यानी एक साथ नई योजनाएं भी शुरू होंगी और पुरानी पूरी योजनाओं को जनता को सौंपा जाएगा. कार्यक्रम के बारे में जानिए सीएम नीतीश का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है. वे हेलीकॉप्टर से पुलिस लाइन पहुंचेंगे और वहां से सीधे सदर प्रखंड के पुराने कार्यालय परिसर में चल रहे जीविका दीदी के वस्त्र उत्पादन केंद्र का उद्घाटन करेंगे. इसके बाद वे गांधी मैदान जाएंगे, जहां अलग-अलग विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं. यहां वे योजनाओं की समीक्षा करेंगे और अधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई गांधी मैदान में एक बड़ी जनसभा का भी आयोजन किया गया है, जहां मुख्यमंत्री लोगों को संबोधित करेंगे. इसको लेकर वहां भव्य पंडाल बनाया गया है और पूरे मैदान को सजाया गया है. सुरक्षा के लिहाज से भी खास इंतजाम किए गए हैं. सीएम सिक्योरिटी की टीम ने सभी जगहों का निरीक्षण कर लिया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार कार्यक्रम स्थल का दौरा कर रहे हैं. डीएम अलंकृता पांडे ने भी खुद मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए. लोकल लोगों में इस दौरे को लेकर काफी उत्साह है. इस यात्रा से जिले के विकास को नई रफ्तार मिलेगी. इसे भी पढ़ें: नीतीश कुमार के करीबी रहे केसी त्यागी रालोद में शामिल हुए, निभाएंगे नई भूमिका 29 मार्च तक बिहार में आंधी-तूफान का साया, मौसम विभाग का अलर्ट, जानें अपने जिले का हाल पटना के बाद अब गया की बारी, फल्गु नदी के किनारे बनेगा 16 किमी लंबा मरीन ड्राइव, मंत्री ने किया ऐलान The post कल जहानाबाद को सीएम नीतीश देंगे 252 करोड़ की 161 योजनाओं की सौगात, तैयारी पूरी appeared first on Naya Vichar.

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एक्शन मोड में चुनाव आयोग, थानों में बड़े अफसर, वोटिंग से पहले ‘खौफ का खेल’ खत्म!

West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की घोषणा के बाद से ही निर्वाचन आयोग (ECI) ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था अपने हाथों में ले ली है. बंगाल के रक्तरंजित चुनावी इतिहास को देखते हुए इस बार आयोग कोई जोखिम उठाने के मूड में नहीं है. रविवार से राज्य के पुलिस आयुक्तों और जिला पुलिस अधीक्षकों (SP) ने अचानक थानों का दौरा करना शुरू कर दिया है. चुनाव आयोग ने दिया है सीधा संदेश आयोग का सीधा संदेश है – मैदान में उतरें, जमीनी हकीकत परखें और मतदाताओं के मन से डर निकालें. 23 और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले पुलिस की यह ‘स्पेशल ड्रिल’ बंगाल की सियासत में चर्चा का विषय बनी हुई है. इसे वोटिंग से पहले ‘खौफ का स्पोर्ट्स’ खत्म करने की तैयारी माना जा रहा है. थानों में क्लास, दागी इलाकों पर खास नजर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी थाना प्रभारियों (OC) के साथ लंबी बैठकें कर रहे हैं. इन दौरों का मुख्य उद्देश्य संवेदनशील इलाकों (Vulnerable Areas) की पहचान करना और उन ‘असामाजिक तत्वों’ को चिह्नित करना है, जो वोटिंग के दिन गड़बड़ी फैला सकते हैं. पुलिस अधिकारियों को साफ निर्देश दिये गये हैं कि वे भयमुक्त वातावरण बनाने के लिए कड़ा संदेश दें. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान ही एकमात्र लक्ष्य चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षकों को जमीनी स्तर पर जाकर स्थानीय इकाइयों का मार्गदर्शन करने को कहा गया है. आयोग का ध्यान विशेष रूप से उन इलाकों पर है, जहां पिछले चुनावों में हिंसा की समाचारें आयीं थीं. मतदाताओं में विश्वास जगाने के लिए ‘रूट मार्च’ और ‘एरिया डॉमिनेशन’ की रणनीति पर भी चर्चा की गयी है. हमारा लक्ष्य किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि को रोकना और मतदाताओं को यह भरोसा दिलाना है कि वे बिना किसी डर के बूथ तक आ सकते हैं. CEO कार्यालय, पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग ने तैयार किया सुरक्षा का खाका चुनाव आयोग (ECI) ने बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सुरक्षा खाका तैयार कर लिया है. राज्य के पिछले चुनावी इतिहास और मौजूदा कानून-व्यवस्था की समीक्षा के बाद 55 विधानसभा क्षेत्रों को विशेष रूप से संवेदनशील (Vulnerable) श्रेणी में रखा गया है. अति-संवेदनशील जिलों और क्षेत्रों की सूची सीमावर्ती संवेदनशील जिले (Border Identity Zone): ये जिले घुसपैठ, तस्करी और हालिया मतदाता सूची (SIR) विवाद के कारण टॉप प्रायोरिटी पर हैं. जंगलमहल बेल्ट (The Saffron Launchpad): यहां जनजातीय नेतृत्व और ध्रुवीकरण के कारण कड़ी निगरानी है. सुरक्षा के लिए चुनाव आयोग के 5 बड़े कदम 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग : सभी संवेदनशील बूथों की लाइव मॉनिटरिंग सीधे दिल्ली और कोलकाता कंट्रोल रूम से होगी. ड्रोन सर्विलांस : संवेदनशील इलाकों में भीड़ और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल होगा. केंद्रीय बल (CAPF): मतदान के दौरान राज्य में केंद्रीय सुरक्षा बलों की करीब 2500 कंपनियां तैनात रहेंगी. ऑब्जर्वर सेल : पश्चिम बंगाल के लिए सबसे ज्यादा 85 पुलिस ऑब्जर्वर नियुक्त किये गये हैं. ये लोग सीधे चुनाव आयोग को रिपोर्ट करेंगे. SIR मॉनिटरिंग : मतदाता सूची से जिन क्षेत्रों में अधिक संख्या में नाम हटाये गये हैं, उन क्षेत्रों में विशेष सतर्कता के निर्देश, ताकि वोटिंग के दिन बवाल न हो. 23 अप्रैल को पहली परीक्षा, 4 मई को फैसला पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है. मतगणना 4 मई को होगी. चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. थानों का यह औचक निरीक्षण चुनाव संपन्न होने तक जारी रहेगा. इसे भी पढ़ें रामनवमी से पहले मूर्ति तोड़े जाने पर बंगाल चुनाव 2026 से पहले बवाल, शुभेंदु अधिकारी का नंदीग्राम में प्रदर्शन 17 अप्रैल तक बंगाल पहुंच जायेंगी सीएपीएफ की 1920 कंपनियां, 23 मार्च को जारी होगी सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट बंगाल चुनाव: केंद्रीय पर्यवेक्षकों के कामकाज की होगी निगरानी, विशेष टीम गठित विस चुनाव की ड्यूटी में तैनात केंद्रीय बल के जवानों पर लगा होगा जीपीएस The post एक्शन मोड में चुनाव आयोग, थानों में बड़े अफसर, वोटिंग से पहले ‘खौफ का स्पोर्ट्स’ खत्म! appeared first on Naya Vichar.

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तेल-गैस संकट के बीच PM मोदी की हाई लेवल मीटिंग, मिडिल ईस्ट जंग ने बढ़ाई चिंता

PM Modi High Level Meeting: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हाई लेवल मीटिंग की. प्रधानमंत्री ने पेट्रोलियम, कच्चे तेल, गैस, बिजली और उर्वरक की स्थिति की समीक्षा की. मिडिल ईस्ट जंग के कारण यूरिया उत्पादन पर संकट मिडिल ईस्ट संकट का असर देश के यूरिया प्लांट पर पड़ने लगा है. LNG आपूर्ति बाधित होने की वजह से प्लांट अपनी आधी क्षमता के साथ चल रहे हैं. #WATCH | Delhi | PM Narendra Modi chairs a high-level meeting to review the situation related to petroleum, crude, gas, power and fertiliser sectors in view of the evolving West Asia situation. pic.twitter.com/SOP5TDzWmc — ANI (@ANI) March 22, 2026 हिंदुस्तान के पास कुल 61.14 लाख टन यूरिया का भंडार गैस आपूर्ति सामान्य स्तर से घटाकर 60-65 प्रतिशत तक कर कर दी गई है. कुछ इकाइयों के लिए आपूर्ति 50 प्रतिशत से नीचे आ गई है. इस वजह से यूरिया का उत्पादन लगभग 50 प्रतिशत कम हो गया है. 19 मार्च तक हिंदुस्तान के पास कुल 61.14 लाख टन यूरिया का भंडार था, जो एक साल पहले इसी अवधि के 55.22 लाख टन से ज्यादा है. गैस की किल्लत से आम जनता प्रभावित ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच जारी जंग की वजह से देश में गैस की किल्लत हो गई है. आम लोग एलपीजी सिलेंडर के साथ सड़कों पर घूमते नजर आ रहे हैं. एजेंसियों और गैस गोदाम के बाहर लोगों की भीड़ लगी है. हालांकि प्रशासन का साफ कहना है कि देश में गैस की कोई किल्लत नहीं है. प्रशासन ने शहरों में गैस बुकिंग की अवधि को बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है. जबकि गांव में 45 दिन है. The post तेल-गैस संकट के बीच PM मोदी की हाई लेवल मीटिंग, मिडिल ईस्ट जंग ने बढ़ाई चिंता appeared first on Naya Vichar.

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EV को लंबे समय तक चलाना है? ये स्मार्ट टिप्स आएंगे काम

इलेक्ट्रिक कार (EV) रखना आज के समय में काफी आसान हो गया है और इसकी मेंटेनेंस पेट्रोल-डीजल कारों के मुकाबले और भी आसान है. इसमें इंजन ऑयल, क्लच या गियरबॉक्स जैसी झंझट नहीं होती, लेकिन फिर भी गाड़ी की लंबी लाइफ के लिए इसकी सही देखभाल जरूरी है, खासकर बैटरी और रोजमर्रा के इस्तेमाल को लेकर. अगर आपके पास भी ईवी है, तो फिर इन जरूरी टिप्स को ध्यान में रखकर आप भी अपनी गाड़ी को मेंटेन रख सकते हैं. बैटरी का रखें खास ध्यान EV की बैटरी उसका सबसे जरूरी हिस्सा होती है. रोजाना इस्तेमाल के लिए बैटरी को हमेशा 20% से 80% के बीच रखने की कोशिश करें. बार-बार 100% तक चार्ज करना या पूरी तरह 0% तक खाली करना बैटरी की उम्र पर असर डाल सकता है. फास्ट चार्जिंग का लिमिटेड इस्तेमाल फास्ट चार्जिंग सुविधाजनक जरूर है, लेकिन इसे रोजाना इस्तेमाल करना सही नहीं है. इससे ज्यादा हीट जेनरेट होती है, जो बैटरी की हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकती है. लंबी यात्रा या जल्दी चार्ज की जरूरत हो तभी इसका उपयोग करें. टेंपरेचर का रखें ध्यान गर्मी और ठंड दोनों का असर EV पर पड़ता है. कोशिश करें कि कार को छांव या कवर वाली जगह पर पार्क करें. तेज धूप में लंबे समय तक खड़ी रखने से बैटरी की कैपेसिटी कम हो सकती है. ठंडे इलाकों में प्लग-इन रहते हुए कार को प्री-कंडीशन करना बेहतर रहता है. ड्राइविंग स्टाइल भी है जरूरी EV में तुरंत पावर मिलती है, लेकिन फास्ट और एग्रेसिव ड्राइविंग बैटरी पर ज्यादा दबाव डालती है. ऐसे में स्मूद एक्सीलरेशन और ब्रेकिंग अपनाएं. रीजेनरेटिव ब्रेकिंग का सही इस्तेमाल करें, इससे बैटरी चार्ज भी होती है और ब्रेक्स का घिसाव भी कम होता है. टायर का रखें ध्यान इलेक्ट्रिक कारें भारी होती हैं, इसलिए टायर जल्दी घिसते हैं. समय-समय पर टायर प्रेशर चेक करें और सही लेवल पर रखें. टायर रोटेशन भी करवाते रहें, ताकि घिसाव बराबर हो और सेफ्टी बनी रहे. सॉफ्टवेयर अपडेट्स जरूरी ज्यादातर EVs में सॉफ्टवेयर अपडेट्स मिलते हैं, जो परफॉर्मेंस और रेंज को बेहतर बनाते हैं. अगर आपकी कार में OTA (Over-the-Air) अपडेट का सपोर्ट है, तो उन्हें समय पर इंस्टॉल करें. सही ड्राइविंग मोड चुनें रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए Eco और Normal मोड सबसे बेहतर होते हैं, क्योंकि ये बैटरी की खपत को कम रखते हैं. Sport मोड ज्यादा पावर देता है, लेकिन बैटरी जल्दी खत्म करता है. इसे जरूरत पड़ने पर ही इस्तेमाल करें. सर्विस को नजरअंदाज न करें हालांकि EV में मेंटेनेंस कम होता है, लेकिन ब्रेक, सस्पेंशन और केबिन फिल्टर जैसी चीजों को रेगुलर चेक करना जरूरी है. समय पर सर्विस कराने से कार लंबे समय तक अच्छी स्थिति में रहती है. यह भी पढ़ें: नयी EV खरीदने से पहले जान लें ये 5 जरूरी बातें, वरना पड़ सकता है पछताना The post EV को लंबे समय तक चलाना है? ये स्मार्ट टिप्स आएंगे काम appeared first on Naya Vichar.

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माही की एक झलक पाने को पागल हुए फैंस, चेन्नई में बस धोनी-धोनी की गूंज

Highlights धोनी को सामने देख रोने लगी स्त्री फैन  संजू सैमसन का भी हुआ जोरदार स्वागत  रोर 2026 इवेंट में पुराने खिलाड़ियों का जमावड़ा IPL के सबसे सफल कप्तानों में शामिल धोनी 28 मार्च से शुरू होगा आईपीएल का नया सीजन MS Dhoni at Roar 2026 Event: महेंद्र सिंह धोनी और चेन्नई सुपर किंग्स का एक बहुत गहरा रिश्ता है. धोनी को उनके फैन्स बहुत प्यार करते हैं और उन्हें ‘थाला’ कहकर बुलाते हैं. धोनी जहां भी जाते हैं, उनके चाहने वाले उनके पीछे पहुंच जाते हैं. संडे को चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में एक कार्यक्रम हुआ. इस कार्यक्रम का नाम ‘रोर 2026’ रखा गया था. इसमें धोनी ने जैसे ही मैदान पर कदम रखा, पूरा स्टेडियम खुशी से झूम उठा. धोनी को सामने देख रोने लगी स्त्री फैन  संडे को हुए रोर इवेंट में फैन्स को चेपॉक स्टेडियम के अंदर जाने का मौका दिया गया. धोनी के मैदान में आते ही उनका बहुत शानदार स्वागत हुआ. अपने पसंदीदा खिलाड़ी को सामने देखकर एक स्त्री फैन अपने आंसू नहीं रोक पाई. वह खुशी से रोने लगी. लेकिन 2011 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान धोनी हमेशा की तरह एकदम शांत रहे. वह बिना कोई भाव दिखाए सीधे अपनी जगह पर चले गए. View this post on Instagram A post shared by Chennai Super Kings (@chennaiipl) संजू सैमसन का भी हुआ जोरदार स्वागत  संजू सैमसन को पिछले सीजन में राजस्थान रॉयल्स ने ट्रेड किया था. टी20 वर्ल्ड कप में सैमसन प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे. जब वह ट्रेनिंग के लिए मैदान पर आए, तो दर्शकों ने उनका भी बहुत जोरदार स्वागत किया. लोगों ने सैमसन को लेकर भी अपना पूरा उत्साह और प्यार दिखाया. View this post on Instagram A post shared by Chennai Super Kings (@chennaiipl) रोर 2026 इवेंट में पुराने खिलाड़ियों का जमावड़ा सीएसके पहली बार रोर 2026 फैन इवेंट कर रही है. इसमें पूरी नई टीम को दर्शकों के सामने लाया जाएगा. इस खास मौके पर टीम के कई पुराने दिग्गज खिलाड़ी भी मौजूद रहे. इनमें हरभजन सिंह, सुरेश रैना, मैथ्यू हेडन, मुरली विजय, अंबाती रायडू, सुब्रमण्यम बद्रीनाथ और ड्वेन ब्रावो का नाम शामिल है. शाम के समय जाने माने संगीतकार एआर रहमान और एक्टर शिवकार्तिकेयन अपने गानों से लोगों का मनोरंजन करेंगे. View this post on Instagram A post shared by Chennai Super Kings (@chennaiipl) IPL के सबसे सफल कप्तानों में शामिल धोनी धोनी ने अब तक सीएसके के लिए 278 मैच स्पोर्ट्से हैं. इन मैचों में उन्होंने 5000 से ज्यादा रन बनाए हैं. वह रोहित शर्मा के साथ आईपीएल के सबसे सफल कप्तान हैं. दोनों ने अपनी टीमों को पांच-पांच बार चैंपियन बनाया है. धोनी अब 44 साल के हो चुके हैं. वह दो सीजन को छोड़कर हमेशा से चेन्नई की टीम का हिस्सा रहे हैं और हिंदुस्तान के सबसे चहेते क्रिकेटर हैं. 28 मार्च से शुरू होगा आईपीएल का नया सीजन आईपीएल 2026 की शुरुआत शनिवार 28 मार्च से होने जा रही है. पहला मुकाबला डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच होगा. यह मैच बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा. दूसरी तरफ रितुराज गायकवाड़ की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स 30 मार्च को अपना पहला मैच स्पोर्ट्सेगी. सीएसके का यह मैच गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स से होगा. ये भी पढ़ें- IPL 2026 के बीच लंदन जाने की मांग पर विराट कोहली ने खुद बताई सच्चाई PSL को लगा झटका, श्रीलंका के इस खिलाड़ी ने IPL 2026 में की धांसू एंट्री इस बार नंबर 6, IPL 2026 से पहले रोहित शर्मा की हुंकार, हार्दिक के सामने किया ऐलान The post माही की एक झलक पाने को पागल हुए फैंस, चेन्नई में बस धोनी-धोनी की गूंज appeared first on Naya Vichar.

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IGNOU में जून सेशन के लिए आवेदन शुरू, यहां करें अप्लाई

IGNOU June 2026: इग्नू की ओर से जारी सूचना के अनुसार जून 2026 टर्म एंड एग्जाम 1 जून 2026 से शुरू होंगे. परीक्षा पेन एंड पेपर और कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) दोनों मोड में आयोजित की जाएगी. छात्र अपने एग्जाम फॉर्म Samarth पोर्टल ignou.samarth.edu.in के जरिए ऑनलाइन भर सकते हैं. बिना लेट फीस के आवेदन 10 मार्च से 10 अप्रैल तक किया जा सकता है. वहीं 11 अप्रैल से 24 अप्रैल तक 1100 रुपये की लेट फीस के साथ फॉर्म जमा करने का मौका मिलेगा. यूनिवर्सिटी ने साफ कहा है कि इन तारीखों के बाद आवेदन की तारीख आगे नहीं बढ़ाई जाएगी. IGNOU June 2026: जून सेशन एग्जाम के लिए एप्लीकेशन यूनिवर्सिटी की ओर से बताया गया है कि परीक्षा के दौरान अगर किसी छात्र के बैकलॉग या एक ही ग्रुप के कोर्स की डेट टकराती है तो इसे मान्य नहीं माना जाएगा. इसके अलावा किसी स्पेशल कारण में यूनिवर्सिटी को परीक्षा को रीशेड्यूल या कैंसिल करने का अधिकार भी होगा. IGNOU June 2026 के लिए ऐसे करें रजिस्ट्रेशन सबसे पहले IGNOU के आधिकारिक स्टूडेंट पोर्टल ignou.samarth.edu.in पर जाएं. Samarth पोर्टल पर लॉगिन करें या नया अकाउंट बनाएं. इसके बाद Examination Form के ऑप्शन पर क्लिक करें. अपना प्रोग्राम, कोर्स और परीक्षा मोड चुनें. एग्जाम सेंटर की जानकारी भरें और सभी डिटेल्स चेक करें. अंत में परीक्षा फीस ऑनलाइन जमा करें और फॉर्म सबमिट कर दें. IGNOU June 2026 Admission Application जो छात्र प्रैक्टिकल या लैब से जुड़े कोर्स कर रहे हैं जैसे BLIS, उन्हें परीक्षा की जगह और शेड्यूल की जानकारी के लिए अपने रीजनल सेंटर से संपर्क करना होगा. अगर किसी छात्र को फॉर्म भरने में दिक्कत आती है तो वह अपने रीजनल सेंटर से मदद ले सकता है या यूनिवर्सिटी के ऑफिशियल सपोर्ट चैनल से संपर्क कर सकता है. इन बातों का रखें ध्यान एग्जाम फॉर्म भरते समय छात्रों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा. फॉर्म में परीक्षा का मोड यानी पेन एंड पेपर या CBT सावधानी से चुनना होगा. साथ ही अपने कोर्स और एग्जाम सेंटर भी सही तरीके से चुनना जरूरी है. IGNOU में एडमिशन के लिए फॉर्म सबमिट करने के बाद एग्जाम सेंटर या कोर्स में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकेगा. इसलिए सभी जानकारी ध्यान से भरें. फीस जमा होने के बाद उसे वापस भी नहीं किया जाएगा. यह भी पढ़ें: देश का नंबर 1 इंजीनियरिंग कॉलेज, जानें एडमिशन से लेकर प्लेसमेंट तक पूरी डिटेल The post IGNOU में जून सेशन के लिए आवेदन शुरू, यहां करें अप्लाई appeared first on Naya Vichar.

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टीएमसी सांसद सागरिका घोष का दावा- SIR ने पश्चिम बंगाल में स्थानीय स्तर पर सत्ता विरोधी लहर को खत्म कर दिया

Table of Contents बंगाल चुनाव के लिए तृणमूल की स्टार प्रचारक हैं सागरिका घोष टीएमसी ने 74 विधायकों के टिकट काटे SIR West Bengal: कहां हैं घुसपैठिये, जिनकी बात बार-बार बीजेपी करती थी – सागरिका घोष ममता बनर्जी के काम को मीडिया में नहीं मिली पर्याप्त जगह – सागरिका ममता को बताया दक्षिण एशिया में अद्वितीय नेतृत्वक व्यक्तित्व SIR West Bengal: तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में स्थानीय स्तर पर जो सत्ता-विरोधी लहर थी, वह एसआईआर प्रक्रिया के प्रभाव से काफी हद तक दब गयी है. इससे आगामी विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट रूप से भाजपा से बेहतर है. बंगाल चुनाव के लिए तृणमूल की स्टार प्रचारक हैं सागरिका घोष पत्रकार से नेता बनी सागरिका घोष को चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस का स्टार प्रचारक बनाया गया है. उन्होंने कहा कि नेता के रूप में ममता बनर्जी के खिलाफ उनके समर्थकों में कोई असंतोष नहीं है. असंतोष कुछ स्थानीय नेताओं के खिलाफ हो सकता है, जिन्हें इस बार टिकट नहीं दिया गया. टीएमसी ने 74 विधायकों के टिकट काटे ममता बनर्जी ने 17 मार्च को जारी 291 उम्मीदवारों की सूची में 74 मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिये हैं, जो सत्ता विरोधी लहर को खत्म करने के लिए पार्टी की एक सोची-समझी रणनीति का संकेत है. भाजपा का एजेंडा एसआईआर प्रक्रिया का इस्तेमाल कर ममता बनर्जी को हराने और किसी भी तरह पश्चिम बंगाल पर कब्जा करने का था, क्योंकि वह पिछले 15 वर्षों से लगातार भाजपा को हराती रही हैं. लेकिन यह कदम उल्टा पड़ गया और तृणमूल को फायदा मिला. अगर कहीं स्थानीय स्तर पर सत्ता-विरोधी लहर थी भी, तो वह एसआईआर के कारण पूरी तरह दब गयी. यह भाजपा की बड़ी गलती थी. वे जितने नाम हटाना चाहें, हटा लें, हम फिर भी जीतेंगे. सागरिका घोष, राज्यसभा सांसद, तृणमूल कांग्रेस बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें SIR West Bengal: कहां हैं घुसपैठिये, जिनकी बात बार-बार बीजेपी करती थी – सागरिका घोष तृणमूल सांसद ने कहा कि ‘जल्दबाजी में लागू’ SIR ने राज्य में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ माहौल बना दिया है. एसआईआर में आम लोगों के साथ ही नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन, पूर्व मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, मंत्री शशि पांजा और क्रिकेटर ऋचा घोष जैसे लोगों की नागरिकता पर भी सवाल खड़े किये. उन्होंने कहा, ‘वे घुसपैठिए कहां हैं, जिनकी बात भाजपा बार-बार करती थी?’ ममता बनर्जी के काम को मीडिया में नहीं मिली पर्याप्त जगह – सागरिका सागरिका घोष ने कहा कि तृणमूल प्रमुख के जमीनी जुड़ाव और उनके शासन रिकॉर्ड पर लोगों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलेगा, जिसे मीडिया में पर्याप्त महत्व नहीं मिला. उन्होंने कहा- ममता बनर्जी 24 घंटे जनता से जुड़ी रहने वाली नेता हैं. 3 कार्यकाल के बाद स्थानीय स्तर पर कुछ सत्ता विरोधी लहर होना स्वाभाविक है, लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में उनके खिलाफ ऐसा कोई भाव नहीं है. राज्य में वह ही अंतिम सहारा हैं. लोग जानते हैं कि मुश्किल में वे उनके पास जा सकते हैं. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026: कल्याणकारी योजनाएं बनाम सत्ता-विरोधी लहर, ममता बनर्जी के 15 साल के शासन की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा ममता को बताया दक्षिण एशिया में अद्वितीय नेतृत्वक व्यक्तित्व सागरिका ने ममता बनर्जी को ‘दक्षिण एशिया में अद्वितीय नेतृत्वक व्यक्तित्व’ बताते हुए कहा कि उन्होंने बिना किसी नेतृत्वक विरासत या मार्गदर्शक के पुरुष प्रधान नेतृत्व में एक मजबूत पार्टी खड़ी की है. उन्होंने तृणमूल में स्त्री नेताओं को जितना स्थान दिया है, उतना किसी अन्य पार्टी ने नहीं दिया. हम स्त्री-प्रथम पार्टी हैं और स्त्रीओं के खिलाफ अपराध बर्दाश्त नहीं करेंगे. चुनाव में चुनौतियों पर सागरिका घोष ने कहा कि झूठे प्रचार, अफवाहों और दुष्प्रचार से निपटना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती है. इसे भी पढ़ें ममता की 300 रुपए वाली प्रतिज्ञा से उद्योग जगत चिंतित, क्या चुनावी वादे से बंद हो जायेंगे दार्जिलिंग के चाय बागान? भवानीपुर चुनाव 2026: ममता बनर्जी vs शुभेंदु अधिकारी, क्या बचेगा दीदी का सबसे मजबूत किला? ममता बनर्जी की 10 ‘महा-प्रतिज्ञाएं’: लक्ष्मी भंडार की राशि बढ़ी, बेरोजगारों को भत्ता, जानें दीदी के पिटारे से और क्या निकला बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी की स्त्री ब्रिगेड में टोटो चालक की पत्नी से राष्ट्रपति से सम्मानित किसान तक The post टीएमसी सांसद सागरिका घोष का दावा- SIR ने पश्चिम बंगाल में स्थानीय स्तर पर सत्ता विरोधी लहर को खत्म कर दिया appeared first on Naya Vichar.

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वास्तु एक्सपर्ट के अनुसार साधारण सा दिखने वाला यह पौधा घर में लाता है बरकत

Pomegranate Tree Vastu Tips for Money and Prosperity: क्या कोई पेड़ आपकी समृद्धि और तरक्की का प्रतीक बन सकता है? हां, वैसे तो घर में वास्तु लाभ के लिए मनी प्लांट जेड प्लांट लकी बम्बू जैसे पौधे लगाएं जाते है लेकिन एक और पेड़ ऐसा है जिसे घर में लगाने से मां लक्ष्मी की कृपा दृष्टि बनी रहती है. वास्तु और ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ. जय मदान के अनुसार अनार का पेड़ सिर्फ एक साधारण पौधा नहीं, बल्कि प्रकृति का मल्टीप्लिकेशन सिस्टम माना जाता है, जो वृद्धि, प्रगति और समृद्धि का प्रतीक है. अनार के एक फल में बहुत सारे बीज होते हैं और हर बीज से नया पेड़ उग सकता है, इसलिए इसे ग्रोथ और प्रॉस्पेरिटी का प्रतीक माना जाता है. घर में अनार के पेड़ की फोटो क्यों लगानी चाहिए? घर में अनार के पौधे की फोटो लगाना भी माना जाता है शुभ डॉ. जय मदान के अनुसार अगर घर में जगह नहीं है या आप फ्लैट में रहते हैं, तो अनार के पेड़ की फोटो भी घर में लगा सकते हैं. इसके साथ मां लक्ष्मी की तस्वीर लगाना भी शुभ माना जाता है. इन तस्वीरों को लिविंग रूम या पूजा स्थान के पास लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. वास्तु के अनुसार अनार का पेड़ लगाने के फायदे (Pomegranate Tree Vastu Tips for Money and Prosperity) अनार के पत्ते तोड़ लें. उन्हें सुखा लें. फिर साफ ठंडे पानी में डाल दें. इस पानी से अपनी इच्छाएं या सकारात्मक संदेश लिखें. इसे साप्ताहिक या मासिक रूप से करें. यह भी पढ़ें: मुख्य द्वार पर स्वस्तिक का चिन्ह क्यों जरूरी है? जानें वास्तु एक्सपर्ट की राय यह भी पढ़ें: Vastu Benefits of Hanging Ganesha Bells at Home: घर में गणेश घंटी लगाई तो खुल सकते हैं भाग्य के द्वार – वास्तु के ये नियम जरूर जानें The post वास्तु एक्सपर्ट के अनुसार साधारण सा दिखने वाला यह पौधा घर में लाता है बरकत appeared first on Naya Vichar.

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IDBI बैंक में बढ़ेगी पब्लिक की हिस्सेदारी, सरकार लाने वाली है OFS, जानें पूरी डिटेल

Idli Bank: IDBI बैंक के निजीकरण की कोशिशों के बीच एक बड़ा अपडेट सामने आया है. प्रशासन अब बैंक में अपनी हिस्सेदारी कम करने के लिए ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) का रास्ता अपना सकती है. दरअसल, बैंक को सीधे बेचने की पिछली कोशिशें उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं रहीं, जिसके बाद अब रणनीति में बदलाव की तैयारी है. क्या होता है OFS ? सरल भाषा में समझें तो OFS (Offer for Sale) एक ऐसा तरीका है जिसमें प्रमोटर (प्रशासन या LIC) शेयर बाजार के जरिए अपनी हिस्सेदारी सीधे निवेशकों को बेचते हैं. इससे बाजार में शेयरों की संख्या बढ़ती है और बैंक की वास्तविक वैल्यू का पता चलता है. क्यों बदला जा रहा है प्लान? प्रशासन और LIC मिलकर बैंक की करीब 60.72% हिस्सेदारी बेचना चाहते थे. हाल ही में इस बिक्री प्रक्रिया को इसलिए रोकना पड़ा क्योंकि संभावित खरीदारों की बोलियां प्रशासन द्वारा तय की गई न्यूनतम कीमत से कम थीं. इसके अलावा, बैंक में आम जनता (Public) की हिस्सेदारी बहुत कम होना भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है. पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़ाने पर जोर वर्तमान में IDBI बैंक में आम लोगों की हिस्सेदारी (Public Shareholding) केवल 5.29% है. मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इतनी कम हिस्सेदारी की वजह से बैंक की सही बाजार कीमत (Market Valuation) तय करना मुश्किल होता है. सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन चाहती है कि पब्लिक शेयरहोल्डिंग को बढ़ाकर 10% से 15% किया जाए. इससे शेयर की कीमत ज्यादा पारदर्शी होगी और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा. एक या दो बार OFS लाने के बाद बैंक की रणनीतिक बिक्री (Strategic Sale) करना आसान हो जाएगा. IDBI बैंक में किसकी कितनी हिस्सेदारी? फिलहाल इस बैंक के मालिकाना हक का ढांचा कुछ इस प्रकार है: LIC 49.24% हिस्सेदारी के साथ मैनेजमेंट कंट्रोल संभाल रही है. हिंदुस्तान प्रशासन 45.48% हिस्सेदारी प्रशासन के पास है. आम जनता केवल 5.29% हिस्सेदारी पब्लिक के पास है. 2016 से अटका है निजीकरण का मामला IDBI बैंक को प्राइवेट करने की घोषणा सबसे पहले साल 2016 के बजट में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने की थी. इसके बाद 2019 में LIC ने बैंक को डूबने से बचाने के लिए 51% हिस्सेदारी खरीदी थी. हालांकि, 2021 में मोदी प्रशासन ने फिर से इसे पूरी तरह प्राइवेट करने की मंजूरी दी. फरवरी 2026 में एमिरेट्स NBD और फेयरफैक्स इंडिया जैसे बड़े ग्रुप्स ने इसमें दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन बात कीमत पर आकर अटक गई. Also Read: 1 अप्रैल से बदल जाएगा पैन कार्ड बनवाने का तरीका, अब सिर्फ आधार कार्ड से नहीं बनेगा काम The post IDBI बैंक में बढ़ेगी पब्लिक की हिस्सेदारी, प्रशासन लाने वाली है OFS, जानें पूरी डिटेल appeared first on Naya Vichar.

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