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Author name: Vinod Jha

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राम मंदिर चढ़ावा गबन केस में कोर्ट का एक्शन, 8 आरोपियों को झटका, कोर्ट से नहीं मिली राहत

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में फैजाबाद की विशेष भ्रष्टाचार निवारण अदालत ने सोमवार को आठों आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ाकर 27 जुलाई तक कर दी. आरोपियों की पिछली न्यायिक हिरासत सोमवार को समाप्त हो रही थी. अभियोजन के अनुसार, सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपर जिला न्यायाधीश प्रतिभा नारायण की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें फिर से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. दो आरोपियों की पुलिस रिमांड पर आज आएगा फैसला अभियोजन पक्ष ने शुक्रवार को दो आरोपियों रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव की पुलिस हिरासत की मांग की थी. अदालत इस मांग पर 14 जुलाई को फैसला सुनाएगी. अभियोजन का कहना है कि जांच के दौरान दोनों के बयानों से नई जानकारियां सामने आई हैं. इन तथ्यों की पुष्टि करने और मंदिर के चढ़ावे के कथित गबन से जुड़े सबूत जुटाने के लिए पुलिस हिरासत जरूरी है. जांच में क्या सामने आया? जांच एजेंसियों के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के पूर्व चालक टिन्नू यादव के पास दान पेटियों की चाबियां थीं, जबकि बैंक के पूर्व कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया की निगरानी में शामिल थे. पुलिस पहले ही चार आरोपी अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय से अलग-अलग पुलिस रिमांड में पूछताछ कर चुकी है. पुलिस का दावा है कि इस दौरान मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं. आठ आरोपी गिरफ्तार, प्रशासन ने उपलब्ध कराया वकील एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर गिरफ्तार आठ आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं. विशेष लोक अभियोजक उमेश दुबे ने बताया कि सभी आरोपियों को 29 जून को अदालत में पेश किया गया था, जहां पुलिस ने रिमांड नहीं मांगी थी और अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. बार एसोसिएशन ने मुकदमा लड़ने से किया इनकार फैजाबाद बार एसोसिएशन ने राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले के आरोपियों की पैरवी नहीं करने का फैसला लिया है. एसोसिएशन ने यह भी कहा है कि यदि कोई सदस्य आरोपियों की ओर से मुकदमा लड़ता है तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और उसकी सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी. इसके बाद राज्य प्रशासन ने आरोपियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराते हुए अभियोजन विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक कुलशेखर सिंह को बचाव पक्ष का अधिवक्ता नियुक्त किया है. कुलशेखर सिंह ने कहा कि वह फैजाबाद बार एसोसिएशन के सदस्य नहीं हैं, इसलिए वह आरोपियों की ओर से मुकदमा लड़ सकते हैं. इनपुट- भाषा Must Read– UP विजिलेंस का एक्शन: पूर्व ARTO ललित कुमार आय से अधिक… The post राम मंदिर चढ़ावा गबन केस में कोर्ट का एक्शन, 8 आरोपियों को झटका, कोर्ट से नहीं मिली राहत appeared first on Naya Vichar.

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ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी कब्जे का दावा ठोका: ईरान पर लगाया बैन; बाकी दुनिया के लिए एंट्री पर 20% टैक्स

Strait of Hormuz: राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस फैसले की जानकारी देते हुए लिखा: “अमेरिका, होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के खिलाफ फिर से नाकेबंदी लागू कर रहा है. होर्मुज जलडमरूमध्य खुला है और यह ईरान के साथ या उसके बिना भी हमेशा खुला ही रहेगा.” सिर्फ ईरान और उसके सहयोगियों पर रहेगा प्रतिबंध अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक, इस नाकेबंदी का सामान्य वैश्विक व्यापार पर कोई असर नहीं पड़ेगा. यह पाबंदी केवल ईरान के जहाजों और उसके साथ व्यापार करने वाले साझेदार देशों पर ही लागू होगी. अमेरिका ने दुनिया के बाकी सभी देशों को भरोसा दिलाया है कि उनके लिए यह समुद्री मार्ग पहले की तरह ही पूरी तरह से निष्पक्ष, सुरक्षित और खुला रहेगा. डोनाल्ड ट्रंप का सोशल ट्रूथ पर होर्मुज को लेकर किया गया पोस्ट, फोटो सोशल ट्रूथ सुरक्षा के बदले देना होगा 20% ‘सुरक्षा शुल्क’ डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा- होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने में अमेरिका को भारी-भरकम खर्च उठाना पड़ता है. इसी खर्च की भरपाई करने के लिए अब इस जलमार्ग से गुजरने वाले सभी कार्गो (व्यापारिक जहाजों) पर 20% की दर से सुरक्षा शुल्क (Security Fee) वसूला जाएगा. ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी सेंट्रल मिलिट्री कमांड ने डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा- ईरान कभी भी अमेरिका को होर्मुज में दखल नहीं देने देगा. उन्होंने कहा- असुरक्षा और युद्ध के विस्तार की जिम्मेदारी अमेरिका और उसका साथ देने वाले देशों की है. ये भी पढ़ें: ईरान पर बरसेंगी 1000 मिसाइलें? ट्रंप ने अपनी हत्या की स्थिति में तेहरान को ‘नक्शे से मिटाने’ का दिया आदेश The post ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी कब्जे का दावा ठोका: ईरान पर लगाया बैन; बाकी दुनिया के लिए एंट्री पर 20% टैक्स appeared first on Naya Vichar.

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राज्यसभा से इस्तीफा देने वाले 3 टीएमसी सांसद अब भाजपा के टिकट पर जायेंगे उच्च सदन, भरा नामांकन

Rajya Sabha By-Polls West Bengal: पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की 3 रिक्त सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए नेतृत्वक हलचल तेज हो गयी है. हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशियों सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाईक ने सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किये. तीनों सीटों के लिए 24 जुलाई को मतदान होगा. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ बैठक के बाद सौंपा पर्चा नामांकन दाखिल करने से पहले तीनों उम्मीदवारों ने विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य के साथ बैठक की. इसके बाद मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में तीनों नेताओं ने आधिकारिक तौर पर अपना पर्चा दाखिल किया. 9 जुलाई को भाजपा में शामिल हुए थे सुखेंदु, सुष्मता और बड़ाईक तीनों राज्यसभा सीटें सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाईक के इस्तीफे की वजह से खाली हुई थी. इन तीनों सांसदों ने पिछले दिनों तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शुरू हुए अंदरूनी कलह के बाद पार्टी छोड़ दी थी. ये लोग 9 जुलाई को भाजपा में शामिल हो गये. ये भी पढ़ें: बंगाल की 3 राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत तय, संसद में और कमजोर होगी तृणमूल कांग्रेस विधानसभा में भाजपा का बहुमत, जीत तय निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के मुताबिक, तीनों रिक्त सीटों पर अलग-अलग (इंडिपेंडेंट) चुनाव प्रक्रिया अपनायी जायेगी. पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास 207 विधायक हैं. संख्या बल के लिहाज से भाजपा तीनों सीटों पर बिना किसी अड़चन के अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने की स्थिति में है. भाजपा में मिला परिवार जैसा अपनापन : सुष्मिता देव नामांकन पत्र जमा करने के बाद सुष्मिता देव ने भाजपा शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया. उन्होंने कहा- भाजपा में उन्हें किसी नये व्यक्ति की तरह नहीं, बल्कि परिवार जैसा अपनापन मिला है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हमें राज्यसभा में राज्य के मुद्दों पर प्रखरता से बहस करने और विधायकों के साथ समन्वय बनाकर काम करने की सलाह दी है. सुष्मिता ने कहा कि उनका जन्म असम के सिलचर में हुआ, लेकिन वह संसद में पश्चिम बंगाल के हक और हितों की रक्षा के लिए आवाज उठाती रहेंगी. ये भी पढ़ें: असली तृणमूल और सिंबल विवाद पर चुनाव आयोग को जल्द लेना होगा फैसला, 24 को है राज्यसभा चुनाव भाजपा के ‘तृणमूलीकरण’ के आरोपों पर सफाई तृणमूल से आये नेताओं को तुरंत राज्यसभा का टिकट दिये जाने पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा- यह आरोप बेबुनियाद है कि पार्टी का ‘तृणमूलीकरण’ हो रहा है. व्यक्ति से बड़ी पार्टी होती है और पार्टी से बड़ा देश. राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर ही अनुभवी नेताओं को शामिल करने और उम्मीदवार बनाने का फैसला लिया गया है. दिलीप घोष बोले- शुभेंदु अधिकारी भी टीएमसी से आये थे राज्य के मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता दिलीप घोष ने फैसले का समर्थन करते हुए कहा- संविधान या पार्टी नियम में कहीं नहीं लिखा है कि भाजपा अन्य दलों की प्रतिभाओं को स्वीकार नहीं कर सकती. खुद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ स्तंभ पहले तृणमूल कांग्रेस से ही भाजपा में शामिल हुए थे. ये भी पढ़ें: तृणमूल कांग्रेस के ‘जोड़ा फूल’ मामले में ममता बनाम रीतब्रत बनर्जी की जंग निर्णायक मोड़ पर The post राज्यसभा से इस्तीफा देने वाले 3 टीएमसी सांसद अब भाजपा के टिकट पर जायेंगे उच्च सदन, भरा नामांकन appeared first on Naya Vichar.

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IB अधिकारी अंकित शर्मा मर्डर केस: पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित 5 दोषी करार, कोर्ट ने 6 को किया बरी

IB Official Ankit Sharma Murder Case: कोर्ट ने ताहिर हुसैन को वैमनस्य फैलाने, दंगा करने, मारपीट, आपराधिक बल प्रयोग और हत्या के आरोपों में दोषी पाया. जबकि उन पर आपराधिक साजिश (क्रिमिनल कॉन्स्पिरेसी) का आरोप हटा दिया. कोर्ट ने इन आरोपियों को ठहराया दोषी अंकित शर्मा मर्डर केस में कोर्ट ने नाजिम, काशिम, अनस, जावेद और ताहिर हुसैन को हत्या, अपहरण, दुश्मनी को बढ़ावा देने और दंगा करने का दोषी ठहराया है. आरोपियों पर हिंदुस्तानीय दंड संहिता की उन धाराओं के तहत आरोप लगाए गए जो दंगा करने, घातक हथियारों के साथ दंगा करने, समूहों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देने, हत्या और आपराधिक साजिश से संबंधित हैं. पिता रवींद्र कुमार की शिकायत पर कोर्ट ने सुनाया फैसला यह मामला अंकित कुमार के पिता रवींद्र कुमार की शिकायत पर दयालपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है. अपनी शिकायत में रवींद्र कुमार ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या तत्कालीन आप पार्षद ताहिर हुसैन और अन्य लोगों ने की थी. शिकायत में कहा गया है कि ये लोग कथित तौर पर हुसैन के दफ्तर में जमा हुए थे और हत्या के बाद अंकित के शव को ठिकाने लगा दिया था. ताहिर हुसैन को आम आदमी पार्टी ने कर दिया था निलंबित हत्या मामले में नाम सामने आने के बाद ताहिर हुसैन को आम आदमी पार्टी ने निलंबित कर दिया था. दिल्ली की एक अदालत ने 24 मार्च 2023 को ताहिर हुसैन और 10 अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय किए. 2020 दंगों के दौरान हुई थी अंकित शर्मा की हत्या फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के सुरक्षा सहायक अंकित शर्मा की बेहद बर्बरता से हत्या कर दी गई थी. अंकित शर्मा 25 फरवरी, 2020 को कार्यालय से घर लौटे थे और उसके बाद बाहर निकले थे. जब अंकित काफी देर तक वापस नहीं लौटे, तब परिवार वालों ने उन्हें खोजना शुरू किया. तभी स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया कि उनके बेटे की हत्या कर दी गई है और उसका शव चांद बाग पुलिया इलाके में एक मस्जिद के पास खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया है. बाद में अंकित शर्मा का शव नाले से बरामद किया गया. यह घटना फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के समय हुई थी. दंगे में 53 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे. The post IB अधिकारी अंकित शर्मा मर्डर केस: पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित 5 दोषी करार, कोर्ट ने 6 को किया बरी appeared first on Naya Vichar.

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बिहार पुलिस हवलदार इंस्ट्रक्टर में रिजेक्टेड उम्मीदवारों की लिस्ट जारी, एडमिट कार्ड कल होगा जारी

Bihar Police Havildar Instructor Rejection List: बिहार पुलिस हवलदार इंस्ट्रक्टर भर्ती का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है. बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने हवलदार इंस्ट्रक्टर भर्ती के लिए रिजेक्ट किए गए आवेदन फॉर्म की सूची जारी कर दी है. इसके साथ ही आयोग ने साफ कर दिया है कि इस भर्ती परीक्षा का एडमिट कार्ड 14 जुलाई 2026 को जारी किया जाएगा. ऐसे में जिन उम्मीदवारों का आवेदन स्वीकार हो चुका है, वे कल से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे. 50 उम्मीदवारों का फॉर्म रिजेक्ट BPSSC की ओर से जारी रिजेक्शन समरी के अनुसार कुल 50 आवेदन अलग-अलग कारणों से रद्द किए गए हैं. इनमें सबसे ज्यादा 26 उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्होंने रजिस्ट्रेशन तो कर लिया, लेकिन आवेदन फॉर्म अंतिम रूप से सबमिट नहीं किया. वहीं 22 उम्मीदवारों ने खुद अपना आवेदन रद्द कर दिया. इसके अलावा 2 उम्मीदवारों के आवेदन एक से अधिक फॉर्म भरने की वजह से अमान्य घोषित किए गए हैं. आयोग ने सभी रिजेक्ट उम्मीदवारों की जानकारी सार्वजनिक कर दी है. Bihar Police Havildar Instructor Rejected Candidates List Check Here PDF 14 जुलाई को जारी होगा एडमिट कार्ड आयोग के शेड्यूल के मुताबिक हवलदार इंस्ट्रक्टर भर्ती परीक्षा का एडमिट कार्ड 14 जुलाई 2026 को जारी किया जाएगा. जिन उम्मीदवारों का आवेदन स्वीकार किया गया है, वे BPSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे. बिना एडमिट कार्ड के किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा. इसलिए उम्मीदवार समय रहते अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर लें और उसमें दी गई सभी जानकारियों की जांच जरूर करें. एडमिट कार्ड ऐसे करें डाउनलोड सबसे पहले BPSSC की आधिकारिक वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in पर जाएं. होमपेज पर Havildar Instructor Admit Card 2026 लिंक पर क्लिक करें. अब अपना Registration Number या मांगी गई अन्य जानकारी दर्ज करें. लॉगिन करते ही स्क्रीन पर एडमिट कार्ड दिखाई देगा. एडमिट कार्ड में दर्ज सभी जानकारी ध्यान से जांच लें. इसे डाउनलोड करें और परीक्षा के लिए प्रिंटआउट निकालकर सुरक्षित रख लें. ये भी पढ़ें: अग्निवीर वायु भर्ती Intake 2027 के लिए आवेदन शुरू, 550 रुपये फीस, जानें कैसे करें अप्लाई The post बिहार पुलिस हवलदार इंस्ट्रक्टर में रिजेक्टेड उम्मीदवारों की लिस्ट जारी, एडमिट कार्ड कल होगा जारी appeared first on Naya Vichar.

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शुभेंदु अधिकारी सरकार ने लागू किया गुंडा ऐक्ट, अपराधियों और उपद्रवियों की अब खैर नहीं, जानें क्या-क्या हैं कानून में प्रावधान

West Bengal Gunda Act: पश्चिम बंगाल में संगठित अपराध, नेतृत्वक हिंसा और उग्र विरोध-प्रदर्शनों पर नकेल कसने के लिए राज्य प्रशासन ने सोमवार को 2 बहुचर्चित और कड़े कानूनों को प्रभावी रूप से लागू कर दिया है. इन कानूनों के तहत पुलिस प्रशासन को संदिग्ध असामाजिक तत्वों को बिना मुकदमे के 12 महीने तक एहतियातन हिरासत (Preventive Detention) में रखने और दंगों के दौरान संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की संपत्तियां कुर्क कर नीलाम करने का सीधा अधिकार मिल गया है. 29 जून को विधानसभा में पास हुआ था कानून 29 जून को राज्य विधानसभा से पारित हुए ‘पश्चिम बंगाल जन सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण अधिनियम, 2026’ (गुंडा रोधी कानून) और ‘पश्चिम बंगाल लोक व्यवस्था अनुरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2026’ सोमवार (13 जुलाई 2026) से पूरे राज्य में लागू हो गये हैं. ये भी पढ़ें: ट्रेनों में सब्जियों की तरह बर्थ बेचते हैं टीटीई, कलकत्ता हाईकोर्ट ने सभी रेलवे महाप्रबंधकों को दिये कार्रवाई के निर्देश क्या हैं ‘गुंडा रोधी कानून 2026’ के मुख्य प्रावधान? 12 महीने की एहतियाती हिरासत : जिलाधिकारियों और पुलिस कमिश्नरों को अधिकार दिया गया है कि यदि आशंका हो कि कोई व्यक्ति समाज में दहशत या हिंसा फैला सकता है, तो उसे अधिकतम एक वर्ष तक हिरासत में रखा जा सकता है. इस आदेश को 15 दिनों में राज्य प्रशासन की मंजूरी और 3 हफ्तों में हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता वाले सलाहकार बोर्ड से समीक्षा करानी होगी. ‘गुंडा’ और ‘असामाजिक गतिविधियों’ का दायरा : अब सिर्फ आदतन अपराधी ही नहीं, बल्कि संगठित गिरोहों के मददगार, अवैध खनन, अवैध रेत खनन, वन/वन्यजीव अपराध, एनडीपीएस (NDPS), हथियार और विस्फोटक अधिनियम के तहत बार-बार अपराध करने वाले भी इस कानून के दायरे में आयेंगे. तड़ीपार (Externment) का अधिकार : पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी किसी भी संदिग्ध अपराधी को एक वर्ष तक के लिए किसी विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र से बेदखल (तड़ीपार) कर सकेंगे. गैर-जमानती अपराध : इस अधिनियम के तहत सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती (Cognizable & Non-Bailable) होंगे, जिससे पुलिस को बिना वारंट तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी के व्यापक अधिकार मिलेंगे. ये भी पढ़ें: कोलकाता एयरपोर्ट मस्जिद में प्रवेश पर रोक का शुभेंदु अधिकारी ने किया समर्थन, बोले- राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि दंगाइयों की संपत्ति होगी कुर्क और नीलाम पश्चिम बंगाल लोक व्यवस्था अनुरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत हिंसक प्रदर्शनों या दंगों के दौरान सार्वजनिक व निजी संपत्ति को पहुंचाये गये नुकसान की पाई-पाई भरपाई आरोपियों से की जायेगी. इसके लिए पुलिस-प्रशासन को आरोपियों की संपत्तियों को तुरंत कुर्क करने और उनकी नीलामी करने का वैधानिक अधिकार दिया गया है. नेतृत्वक घमासान : सत्ता पक्ष बनाम विपक्ष मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इन कानूनों का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य में नेतृत्वक हिंसा, रंगदारी और संगठित तोड़फोड़ को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त कानूनी प्रावधानों की सख्त जरूरत थी. उन्होंने कहा कि पुराने कानून अपराधियों के मन में डर पैदा करने के लिए पर्याप्त नहीं थे. ये भी पढ़ें: बंगाल के पूर्व विधायक निर्मल घोष का बेटा तीर्थंकर घोष गिरफ्तार, रंगदारी समेत लगे हैं कई गंभीर आरोप विपक्षी दलों ने बताया दमनकारी कानून तृणमूल कांग्रेस (TMC) सहित विपक्षी दलों ने इन दोनों कानूनों को ‘दमनकारी’ करार दिया है. विपक्ष का आरोप है कि प्रशासन इन असीमित अधिकारों वाले कानूनों का इस्तेमाल नेतृत्वक विरोधियों, असहमति की आवाजों और लोकतांत्रिक आंदोलनों को दबाने के लिए करेगी. The post शुभेंदु अधिकारी प्रशासन ने लागू किया गुंडा ऐक्ट, अपराधियों और उपद्रवियों की अब खैर नहीं, जानें क्या-क्या हैं कानून में प्रावधान appeared first on Naya Vichar.

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आप ही से प्यार हुआ था… पवन सिंह से इश्क का कबूलनामा, फिर आम्रपाली पर लगे आरोप, ‘भोजपुरी बवाल’ का पहला प्रोमो आउट

Bhojpuri Bawaal Show: भोजपुरी इंडस्ट्री के सुपरस्टार पवन सिंह, दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, आम्रपाली दुबे और काजल राघवानी पहली बार एक ही रियलिटी शो में साथ नजर आने वाले हैं. खास बात यह है कि बिहार के नेता तेज प्रताप यादव भी इस शो का हिस्सा हैं. मेकर्स ने ‘भोजपुरी बवाल’ का पहला प्रोमो रिलीज कर दिया है. प्रोमो में हंसी-मजाक से शुरू हुई बातचीत कुछ ही देर में तीखी बहस और आरोपों तक पहुंच जाती है. इसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि शो में दर्शकों को भरपूर ड्रामा, मस्ती और अनफिल्टर्ड बातचीत देखने को मिलेगी. यहां देखें शो का प्रोमो- View on Instagram Bhojpuri Bawaal Show Promo: प्रोमो में ऐसा क्या दिखा कि मच गया बवाल? जो वीडियो सामने आया है, उसमें ये सभी सितारे एक साथ एक डिनर टेबल पर बैठकर खाना खाने और बातचीत करने के लिए इकट्ठा होते हैं. शुरुआत में सब हंसते-मजाक करते हैं. पवन सिंह पूछते हैं कि “आपको जीवन में प्यार कब हुआ था?” इस पर काजल राघवानी सीधे पवन सिंह की तरफ देखकर कहती हैं, “आप ही से हुआ था.” यह सुनकर सब हंसने लगते हैं. लेकिन थोड़ी ही देर में हंसी-मजाक बंद हो जाता है और पुरानी दुश्मनी और अफवाहों पर बहस शुरू हो जाती है. सितारों के बीच जमकर हुई तू-तू मैं-मैं बातचीत के दौरान काजल राघवानी, आम्रपाली दुबे से सीधा सवाल पूछ लेती हैं कि “क्या आपकी वजह से निरहुआ जी मेरे साथ फिल्मों में काम नहीं करते?” यह सुनकर निरहुआ भड़क जाते हैं और कहते हैं कि आप सीधे-सीधे आरोप लगा रही हैं. वहीं पवन सिंह भी किसी बात पर गुस्सा होकर सीट से उठकर खड़े हो जाते हैं. बहस इतनी बढ़ जाती है कि आम्रपाली दुबे इसे ‘गंदगी’ कहकर वहां से उठ जाती हैं और पवन सिंह के साथ तेज प्रताप यादव भी गुस्से में अपनी सीट छोड़ देते हैं. यह शो बाकी शो से अलग कैसे है? यह कोई आम शो नहीं है जहां कोई टास्क या गेम स्पोर्ट्सा जाएगा या किसी को बाहर किया जाएगा. इस शो में इन सुपरस्टार्स की असली जिंदगी, उनके आपसी रिश्ते, उनकी दोस्ती, दुश्मनी और उनके विवादों को बिना किसी स्क्रिप्ट के, यानी बिल्कुल सच-सच दिखाया जाएगा. प्रोमो के आखिर में निरहुआ एक बहुत बड़ी बात कहते हैं कि “यह भोजपुरी बवाल… बिग बॉस से भी आगे जाएगा. “ Bhojpuri Bawaal Show Release Date: कब और कहां देख सकते हैं यह शो? अगर आप भी भोजपुरी के इन दिग्गज सितारों का यह हंगामा देखना चाहते हैं, तो आपको ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. यह धमाकेदार रियलिटी शो 2 अगस्त से जियो हॉटस्टार और कलर्स चैनल पर स्ट्रीम होगा. यह भी पढ़ें- क्या मोनालिसा कर रहीं दूसरी शादी? लाल दुल्हन अवतार ने बढ़ाई हलचल, जानें पूरा सच The post आप ही से प्यार हुआ था… पवन सिंह से इश्क का कबूलनामा, फिर आम्रपाली पर लगे आरोप, ‘भोजपुरी बवाल’ का पहला प्रोमो आउट appeared first on Naya Vichar.

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13 से 19 जुलाई के बीच कब-कब बंद रहेंगे बैंक? घर से निकलने से पहले जरूर देखें छुट्टियों की लिस्ट

अगर आप इस सप्ताह बैंक जाकर कैश जमा करने, चेक क्लियर कराने, KYC अपडेट कराने, डिमांड ड्राफ्ट बनवाने या किसी अन्य बैंकिंग काम की योजना बना रहे हैं, तो पहले बैंक हॉलिडे लिस्ट जरूर देख लें. हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (RBI) के बैंक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, 13 से 19 जुलाई 2026 के बीच अलग-अलग राज्यों में कुल 4 दिन बैंक बंद रहेंगे. हालांकि, सभी राज्यों में एक जैसी छुट्टियां नहीं होतीं. कई छुट्टियां केवल स्थानीय त्योहारों या क्षेत्रीय आयोजनों के कारण होती हैं. ऐसे में बैंक जाने से पहले अपने शहर की छुट्टी जरूर जांच लें. 13 से 19 जुलाई 2026 के बीच बैंक कब-कब बंद रहेंगे? तारीख दिन कारण प्रभावित राज्य 16 जुलाई गुरुवार हरेला पर्व उत्तराखंड 16 जुलाई गुरुवार रथ यात्रा ओडिशा 16 जुलाई गुरुवार स्थानीय अवकाश मणिपुर 17 जुलाई शुक्रवार यू तिरोत सिंह पुण्यतिथि मेघालय 18 जुलाई शनिवार ड्रुकपा त्शे-जी सिक्किम 19 जुलाई रविवार साप्ताहिक अवकाश पूरे हिंदुस्तान में ध्यान दें. 16 जुलाई की छुट्टी सभी राज्यों में नहीं है. यह केवल संबंधित राज्यों की बैंक शाखाओं पर लागू होगी. सप्ताह की शुरुआत में बैंक खुले रहेंगे अगर आपका कोई जरूरी बैंकिंग काम है, तो उसे सप्ताह की शुरुआत में पूरा करना बेहतर रहेगा. इन दिनों देश के अधिकांश राज्यों में बैंक सामान्य रूप से खुले रहेंगे. 13 जुलाई. सोमवार 14 जुलाई. मंगलवार 15 जुलाई. बुधवार इन दिनों आप. कैश जमा या निकासी. चेक जमा. KYC अपडेट. डिमांड ड्राफ्ट. पासबुक अपडेट. लॉकर से जुड़े काम. आसानी से करा सकते हैं. जुलाई 2026 में कुल कितने दिन बंद रहेंगे बैंक? RBI बैंक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, जुलाई 2026 में राष्ट्रीय, क्षेत्रीय, धार्मिक और साप्ताहिक अवकाश मिलाकर कुल 12 दिन बैंक बंद रहेंगे. इनमें शामिल हैं. 5 जुलाई. रविवार 11 जुलाई. दूसरा शनिवार 12 जुलाई. रविवार 19 जुलाई. रविवार 25 जुलाई. चौथा शनिवार 26 जुलाई. रविवार इसके अलावा अलग-अलग राज्यों में स्थानीय त्योहारों के अनुसार भी बैंक बंद रहेंगे. क्या ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं चालू रहेंगी? हां. बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद अधिकांश डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी. आप इन सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं. UPI IMPS NEFT RTGS (निर्धारित समय के अनुसार) इंटरनेट बैंकिंग मोबाइल बैंकिंग ATM से कैश निकासी बैलेंस चेक फंड ट्रांसफर हालांकि, चेक क्लियरेंस, डिमांड ड्राफ्ट, KYC, नकद जमा और शाखा से जुड़े अन्य कार्य छुट्टी वाले दिन नहीं होंगे. बैंक जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान अपने राज्य की बैंक हॉलिडे लिस्ट जरूर देखें. यदि संभव हो तो जरूरी काम 13, 14 या 15 जुलाई को ही निपटा लें. डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करें. बड़े लेनदेन या शाखा आधारित सेवाओं के लिए छुट्टी से पहले योजना बनाएं. किसे सबसे ज्यादा असर पड़ेगा? इस सप्ताह बैंक छुट्टियों का सबसे अधिक असर. व्यापारियों. नकद लेनदेन करने वाले ग्राहकों. चेक जमा कराने वालों. KYC अपडेट कराने वाले ग्राहकों. डिमांड ड्राफ्ट या बैंक सर्टिफिकेट बनवाने वालों. पर पड़ सकता है. ये भी पढ़ें: 8th Pay Commission : जुलाई में DA बढ़ेगा या नहीं? केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अपडेट The post 13 से 19 जुलाई के बीच कब-कब बंद रहेंगे बैंक? घर से निकलने से पहले जरूर देखें छुट्टियों की लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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पढ़ाई या नौकरी के लिए घर से दूर जा रहे हैं बच्चे? माता-पिता ऐसे दूर करें अपना अकेलापन

Parents Loneliness: बच्चों का बड़ा होना और पढ़ाई या नौकरी के लिए घर से बाहर जाना हर परिवार के जीवन का एक बड़ा बदलाव होता है. एक तरफ शिशु अपने सपनों की ओर बढ़ते हैं, तो दूसरी तरफ माता-पिता के लिए घर पहले जैसा नहीं रहता. उनकी दिनचर्या बदल जाती है और कई बार अकेलापन भी महसूस होने लगता है. ऐसे समय में जरूरी है कि इस बदलाव को सकारात्मक तरीके से स्वीकार किया जाए. क्यों महसूस होता है अकेलापन? जब शिशु घर पर होते हैं तो पूरा दिन उनकी पढ़ाई, खाने-पीने और छोटी-बड़ी जरूरतों में बीत जाता है. लेकिन उनके बाहर जाने के बाद अचानक घर शांत हो जाता है. खासकर मां को यह बदलाव ज्यादा महसूस होता है. कई माता-पिता हर समय बच्चों की चिंता करते रहते हैं और उन्हें लगता है कि अब उनकी दिनचर्या अधूरी हो गई है. क्या है एम्प्टी नेस्ट सिंड्रोम? मनोवैज्ञानिक सलाहकार संजना श्रॉफ बताती हैं कि बच्चों के घर से दूर जाने के बाद माता-पिता जिस खालीपन और उदासी का अनुभव करते हैं, उसे एम्प्टी नेस्ट सिंड्रोम कहा जाता है. यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि जीवन का एक सामान्य भावनात्मक बदलाव है. अगर इस दौरान खुद को व्यस्त रखा जाए और सकारात्मक सोच अपनाई जाए, तो इस दौर से आसानी से बाहर निकला जा सकता है. अपने लिए भी समय निकालें बच्चों की परवरिश में कई साल बीत जाते हैं और इस दौरान माता-पिता अक्सर अपने शौक भूल जाते हैं. अब समय है कि पुराने शौक फिर से शुरू किए जाएं. किताबें पढ़ना, योग करना, बागवानी, सिलाई-कढ़ाई, संगीत सुनना या नई चीजें सीखना मन को खुश रख सकता है. बच्चों से जुड़े रहें, लेकिन जरूरत से ज्यादा चिंता न करें आज मोबाइल और वीडियो कॉल की मदद से बच्चों से रोज बात करना आसान है. उनसे नियमित संपर्क रखें, लेकिन हर समय उनकी चिंता करने या बार-बार फोन करने से बचें. बच्चों को भी अपने नए माहौल में ढलने के लिए समय और भरोसे की जरूरत होती है. पति-पत्नी के लिए भी है नया मौका बच्चों के बड़े होने के बाद पति-पत्नी के पास एक-दूसरे के साथ समय बिताने का अच्छा अवसर होता है. साथ में घूमना, सुबह की सैर करना, नई जगहों की यात्रा करना या किसी नई हॉबी को अपनाना रिश्ते को और मजबूत बना सकता है. सामाजिक गतिविधियों से बढ़ेगी खुशी अगर खालीपन ज्यादा महसूस हो रहा है तो दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलें. किसी सामाजिक संस्था, क्लब या धार्मिक गतिविधि से जुड़ें. इससे नए लोगों से मिलने का मौका मिलेगा और मन भी खुश रहेगा. बदलाव को खुशी से अपनाएं हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके शिशु जीवन में आगे बढ़ें. ऐसे में उनका घर से दूर जाना भी उसी सफर का हिस्सा है. बच्चों की सफलता पर गर्व करें और अपने जीवन को भी नई दिशा दें. जब माता-पिता खुद खुश और आत्मनिर्भर रहते हैं, तो बच्चों को भी सुकून मिलता है कि उनके अपने सुरक्षित और खुश हैं. यह भी पढ़ें: पैरेंटिंग टिप्स: हर माता-पिता को अपनानी चाहिए ये 5 आदतें, बच्चों में अपने आप आएंगे अच्छे संस्कार The post पढ़ाई या नौकरी के लिए घर से दूर जा रहे हैं शिशु? माता-पिता ऐसे दूर करें अपना अकेलापन appeared first on Naya Vichar.

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यूपी पंचायत चुनाव में क्यों हो रही देरी? पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने किया खुलासा

UP Panchayat Election 2026: यूपी में ग्राम पंचायत चुनाव में देरी क्यों हो रही है, इसकी वजह पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मीडिया के सामने आकर बताई है. उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन पंचायत चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार थी और चुनाव संबंधी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं लगभग पूरी कर ली गई थीं. हालांकि, मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हुई और निर्धारित समय पर चुनाव नहीं कराए जा सके. राजभर के अनुसार, अदालत में दायर याचिकाओं, ओबीसी आरक्षण से जुड़े मुद्दों और ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने संबंधी विवाद के कारण चुनाव कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ पाया. उन्होंने कहा कि अब प्रशासन और राज्य निर्वाचन आयोग हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही आगे की कार्रवाई करेंगे. कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद बदली स्थिति ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि पंचायत चुनाव की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं, इसी दौरान समाजवादी पार्टी से जुड़े एक कानूनी सलाहकार की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई. इसके बाद हाईकोर्ट ने राज्य प्रशासन और राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा. प्रशासन और आयोग ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा. सुनवाई के दौरान अदालत ने पिछड़ा वर्ग आयोग (ओबीसी आयोग) के गठन का निर्देश दिया, जिसके बाद प्रशासन ने आयोग का गठन भी कर दिया. प्रशासक नियुक्ति पर हाईकोर्ट की नजर राजभर ने कहा कि अब ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने का मामला भी अदालत के सामने है. हाईकोर्ट ने इस पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से पूछा है कि ग्राम प्रधानों को प्रशासक क्यों नियुक्त किया गया. इस संबंध में प्रशासन अदालत के समक्ष अपना जवाब प्रस्तुत करेगी. वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट की एकल पीठ ने हाल ही में इस मुद्दे पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा है कि समान मामला पहले से लखनऊ खंडपीठ में विचाराधीन है, जहां बलिया और सहारनपुर से दायर याचिकाओं को एक साथ जोड़कर सुनवाई की जा रही है. कोर्ट के फैसले पर टिकी चुनाव की राह पंचायत चुनाव की संभावित तारीख को लेकर पूछे गए सवाल पर राजभर ने कहा कि अब मामला न्यायालय में है और आगे की प्रक्रिया अदालत के निर्देशों के अनुसार ही चलेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य प्रशासन और राज्य निर्वाचन आयोग हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करेंगे. ऐसे में पंचायत चुनाव कब होंगे, इसका फैसला काफी हद तक अदालत में चल रही सुनवाई और उससे निकलने वाले निर्देशों पर निर्भर करेगा. चायत चुनाव से जुड़े मामले की सुनवाई टली उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की एकल पीठ ने सुनवाई से इनकार कर दिया है. न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की पीठ ने कहा कि यह मामला पहले से ही हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में लंबित है, जहां दो न्यायाधीशों की पीठ इसकी सुनवाई कर रही है. अदालत ने बताया कि बलिया और सहारनपुर से दायर याचिकाओं को एक साथ जोड़कर सुना जा रहा है. इससे पहले हाईकोर्ट ग्राम प्रधानों को कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी प्रशासक बनाए रखने पर आपत्ति जता चुका है. अब मामले की सुनवाई लखनऊ खंडपीठ में ही आगे बढ़ेगी. यह भी पढ़ें: यूपी ग्राम पंचायत चुनाव के मामले में सुनवाई टली, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बताया कारण The post यूपी पंचायत चुनाव में क्यों हो रही देरी? पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने किया खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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