Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

यूपी पंचायत चुनाव में क्यों हो रही देरी? पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने किया खुलासा

UP Panchayat Election 2026: यूपी में ग्राम पंचायत चुनाव में देरी क्यों हो रही है, इसकी वजह पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मीडिया के सामने आकर बताई है. उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन पंचायत चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार थी और चुनाव संबंधी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं लगभग पूरी कर ली गई थीं. हालांकि, मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हुई और निर्धारित समय पर चुनाव नहीं कराए जा सके. राजभर के अनुसार, अदालत में दायर याचिकाओं, ओबीसी आरक्षण से जुड़े मुद्दों और ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने संबंधी विवाद के कारण चुनाव कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ पाया. उन्होंने कहा कि अब प्रशासन और राज्य निर्वाचन आयोग हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही आगे की कार्रवाई करेंगे. कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद बदली स्थिति ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि पंचायत चुनाव की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं, इसी दौरान समाजवादी पार्टी से जुड़े एक कानूनी सलाहकार की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई. इसके बाद हाईकोर्ट ने राज्य प्रशासन और राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा. प्रशासन और आयोग ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा. सुनवाई के दौरान अदालत ने पिछड़ा वर्ग आयोग (ओबीसी आयोग) के गठन का निर्देश दिया, जिसके बाद प्रशासन ने आयोग का गठन भी कर दिया. प्रशासक नियुक्ति पर हाईकोर्ट की नजर राजभर ने कहा कि अब ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने का मामला भी अदालत के सामने है. हाईकोर्ट ने इस पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से पूछा है कि ग्राम प्रधानों को प्रशासक क्यों नियुक्त किया गया. इस संबंध में प्रशासन अदालत के समक्ष अपना जवाब प्रस्तुत करेगी. वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट की एकल पीठ ने हाल ही में इस मुद्दे पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा है कि समान मामला पहले से लखनऊ खंडपीठ में विचाराधीन है, जहां बलिया और सहारनपुर से दायर याचिकाओं को एक साथ जोड़कर सुनवाई की जा रही है. कोर्ट के फैसले पर टिकी चुनाव की राह पंचायत चुनाव की संभावित तारीख को लेकर पूछे गए सवाल पर राजभर ने कहा कि अब मामला न्यायालय में है और आगे की प्रक्रिया अदालत के निर्देशों के अनुसार ही चलेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य प्रशासन और राज्य निर्वाचन आयोग हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करेंगे. ऐसे में पंचायत चुनाव कब होंगे, इसका फैसला काफी हद तक अदालत में चल रही सुनवाई और उससे निकलने वाले निर्देशों पर निर्भर करेगा. चायत चुनाव से जुड़े मामले की सुनवाई टली उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की एकल पीठ ने सुनवाई से इनकार कर दिया है. न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की पीठ ने कहा कि यह मामला पहले से ही हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में लंबित है, जहां दो न्यायाधीशों की पीठ इसकी सुनवाई कर रही है. अदालत ने बताया कि बलिया और सहारनपुर से दायर याचिकाओं को एक साथ जोड़कर सुना जा रहा है. इससे पहले हाईकोर्ट ग्राम प्रधानों को कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी प्रशासक बनाए रखने पर आपत्ति जता चुका है. अब मामले की सुनवाई लखनऊ खंडपीठ में ही आगे बढ़ेगी. यह भी पढ़ें: यूपी ग्राम पंचायत चुनाव के मामले में सुनवाई टली, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बताया कारण The post यूपी पंचायत चुनाव में क्यों हो रही देरी? पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने किया खुलासा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अंधेरे में डूबी झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था! लोहरदगा में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ इलाज, शो-पीस बना जनरेटर

कुड़ू से अमित कुमार राज की रिपोर्ट Jharkhand Health System, लोहरदगा: लोहरदगा जिले के कुड़ू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में रविवार देर शाम स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है. नेशनल हाईवे 39 (कुड़ू – रांची मुख्य पथ) पर हेंजला के समीप एक अज्ञात वाहन के धक्के से चिताकोनी गांव निवासी शिवकुमार महली गंभीर रूप से घायल हो गए थे. जब ग्रामीण उन्हें इलाज के लिए कुड़ू सीएचसी लेकर पहुंचे, तो पूरा अस्पताल अंधेरे में डूबा हुआ था. स्थिति इतनी बदतर थी कि डॉक्टरों को मोबाइल की टॉर्च जलाकर घायल मरीज का इलाज शुरू करना पड़ा. जनरेटर-इन्वर्टर सब फेल अस्पताल में आए दिन होने वाली इस तरह की लापरवाही से नाराज ग्रामीणों ने इसकी सूचना भाजपा युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रखंड अध्यक्ष सरजु कुमार साहू को दी. मौके पर पहुंचे भाजयुमो अध्यक्ष अस्पताल के अंधेरे को देखकर भड़क गए और उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी प्रभारी बीडीओ सह सीओ संतोष उरांव, सिविल सर्जन और उपायुक्त (DC) को दी. भाजयुमो अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कुड़ू सीएचसी में लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है. अस्पताल में जनरेटर से लेकर इन्वर्टर तक की लाखों की सुविधाएं बहाल हैं, लेकिन इसके बावजूद हल्की सी बिजली कटने पर अस्पताल को अंधेरे के भरोसे छोड़ दिया जाता है, जो मरीजों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है. ये भी पढ़ें: ढाई दशक से प्रतिनियुक्ति पर कर रहे थे काम, अब हाईकोर्ट के आदेश से होंगे रेग्युलर सूचना मिलते ही पहुंचे सीओ मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी बीडीओ सह सीओ संतोष उरांव तुरंत कुड़ू सीएचसी पहुंचे और वहां मौजूद डॉक्टरों से पूरी जानकारी ली. सीओ ने मौके से ही एसडीओ (SDO) और विद्युत विभाग के अधिकारियों से बात की, जिसके महज 10 मिनट के भीतर अस्पताल की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई. सीओ संतोष उरांव ने भी पुष्टि की कि जब वे अस्पताल पहुंचे तो वहां पूरी तरह बिजली गुल थी. उन्होंने कहा कि इस पूरी बदइंतजामी से उपायुक्त को अवगत कराया जाएगा. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की दलील इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए कुड़ू सीएचसी की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुलामी होरो ने बताया कि क्षेत्र में दिनभर बिजली आपूर्ति ठप्प रहने के कारण अस्पताल का इन्वर्टर डाउन हो गया था. इसके बाद जनरेटर चलाया जा रहा था, लेकिन ठीक उसी वक्त जनरेटर चलते-चलते अचानक बंद हो गया जब ग्रामीण मरीज को लेकर पहुंचे थे. उन्होंने बताया कि तुरंत मिस्त्री को बुलाकर करीब 20 मिनट के भीतर जनरेटर को ठीक कराकर बिजली चालू कर दी गई थी. ये भी पढ़ें: हाथ में आरती की थाली और थम गईं सांसें… रांची में पुजारी का दिल का दौरा पड़ने से निधन, देखें वीडियो The post अंधेरे में डूबी झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था! लोहरदगा में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ इलाज, शो-पीस बना जनरेटर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

लातेहार से 20 लाख का इनामी नक्सली रविंद्र गंझू गिरफ्तार, पलामू और रांची प्रमंडल में खत्म हुआ नक्सली नेटवर्क

रांची से प्रणव की रिपोर्ट Naxalite Arrest: झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने राज्य के कुख्यात माओवादी रविंद्र गंझू उर्फ सुरेंद्र गंझू को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है. सोमवार को लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड अंतर्गत लाधुप पंचायत के बांडीटोला से हुई इस गिरफ्तारी को पलामू और रांची प्रमंडल में सक्रिय माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. रविंद्र गंझू प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन का रीजनल कमांडर था. झारखंड प्रशासन ने उस पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था, जबकि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भी उस पर 5 लाख रुपये का इनाम रखा था. अमित शाह की सभा वाले दिन हुआ था बड़ा हमला रविंद्र गंझू का नाम 22 नवंबर 2019 को लातेहार के चंदवा थाना क्षेत्र के लुकुइया मोड़ के पास पुलिस दल पर हुए नक्सली हमले में सामने आया था. उसी दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की चंदवा में जनसभा आयोजित थी. सुरक्षा व्यवस्था के तहत तैनात पुलिसकर्मियों पर माओवादियों ने घात लगाकर हमला कर दिया था. इस हमले में चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे. जांच में रविंद्र गंझू को इस हमले का मुख्य आरोपी बनाया गया था. हमले की साजिश में निभाई थी अहम भूमिका पुलिस जांच के अनुसार, इस वारदात में रविंद्र गंझू के साथ सुनील गंझू, फगुना गंझू और बैजनाथ गंझू समेत कई अन्य माओवादी भी शामिल थे. फगुना गंझू झाड़ियों में छिपकर पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख रहा था, जबकि सुनील गंझू बाइक से हमलावर दस्ते के दो शूटरों को बीरजांगा जंगल से घटनास्थल तक लेकर आया था. सफल हमले और पुलिस के हथियार लूटने के बाद रविंद्र गंझू ने अपने सहयोगियों को बोदा तालाब के पास पांच-पांच हजार रुपये का इनाम भी बांटा था. 55 से अधिक मामलों में दर्ज है नाम रविंद्र गंझू लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र स्थित हेसला मौजा के बांडीटोला का निवासी है. उसके खिलाफ लातेहार, लोहरदगा, गुमला और आसपास के जिलों में हत्या, नक्सली हिंसा, हथियार लूट, रंगदारी और विस्फोट जैसे 55 से अधिक मामले दर्ज हैं. लंबे समय से वह सुरक्षा एजेंसियों की वांछित सूची में शामिल था और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा था. पूछताछ में मिल सकते हैं कई अहम सुराग गिरफ्तारी के बाद लातेहार पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां रविंद्र गंझू से गहन पूछताछ कर रही हैं. अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान संगठन के सक्रिय नेटवर्क, हथियारों के ठिकानों और विस्फोटकों के भंडारण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है. पुलिस इन सूचनाओं के आधार पर कई स्थानों पर छापेमारी की तैयारी कर रही है. दो और संदिग्ध हिरासत में पुलिस सूत्रों के अनुसार, रविंद्र गंझू के अलावा दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है. उनसे माओवादी संगठन से संभावित संबंधों को लेकर पूछताछ की जा रही है. जांच के बाद उनकी भूमिका स्पष्ट होने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसे भी पढ़ें: Jamshedpur News : मुठभेड़ में मारे गये 17 नक्सली मामले की जांच सीआईडी के हवाले माओवादी नेतृत्व को बड़ा झटका सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि रविंद्र गंझू की गिरफ्तारी से पलामू और रांची प्रमंडल में सक्रिय माओवादी संगठन की नेतृत्व क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है. पिछले कुछ वर्षों में लगातार चलाए जा रहे अभियान के कारण संगठन पहले ही कमजोर पड़ा है. ऐसे में एक रीजनल कमांडर की गिरफ्तारी को नक्सल विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि झारखंड में नक्सल गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा. इसे भी पढ़ें: तीन महीने में 1272 करोड़ की शराब गटक गए झारखंड के लोग, टारगेट से 103 करोड़ की अधिक कमाई The post लातेहार से 20 लाख का इनामी नक्सली रविंद्र गंझू गिरफ्तार, पलामू और रांची प्रमंडल में खत्म हुआ नक्सली नेटवर्क appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

फडणवीस ने 2,430 दिनों तक सीएम पद पर रहने का बनाया रिकॉर्ड, शरद पवार को छोड़ा पीछे

Maharashtra CM Devendra Fadnavis : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य की नेतृत्व में एक नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, 12 जुलाई 2026 तक वह कुल 2,430 दिनों तक मुख्यमंत्री पद पर रह चुके हैं. इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है. एनसीपी नेता शरद पवार ने चार अलग-अलग कार्यकाल में कुल 2,412 दिनों तक मुख्यमंत्री पद संभाला था. तीसरे सबसे लंबे समय तक CM अब महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वालों की सूची में देवेंद्र फडणवीस तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं. इस सूची में पहले स्थान पर वसंतराव नाईक हैं, जिन्होंने 4,096 दिनों तक मुख्यमंत्री पद संभाला था. दूसरे स्थान पर विलासराव देशमुख हैं, जिनका कार्यकाल 2,686 दिनों का रहा. सीएम फडणवीस का मौजूदा कार्यकाल अभी जारी है, इसलिए उनका रिकॉर्ड आगे भी बढ़ेगा. तीन बार मुख्यमंत्री बनने का सफर बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने अब तक तीन बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. उनका पहला कार्यकाल 2014 से 2019 तक पूरा पांच साल चला. 2019 में नेतृत्वक घटनाक्रम के दौरान उनका दूसरा कार्यकाल केवल छह दिन का रहा. इसके बाद 2024 विधानसभा चुनाव में महायुति की बड़ी जीत के बाद उन्होंने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद संभाला, जो अभी भी जारी है. नागपुर से मुख्यमंत्री तक का सफर देवेंद्र फडणवीस का जन्म 22 जुलाई 1970 को नागपुर में हुआ था. उन्होंने अपने नेतृत्वक करियर की शुरुआत 1992 में नगरसेवक के रूप में की थी. इसके बाद वह लगातार पांच बार विधायक चुने गए. सीएम रहते हुए उन्होंने गृह, शहरी विकास, कानून, आईटी और सामान्य प्रशासन जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी संभाली. बड़े प्रोजेक्ट और नेतृत्वक मजबूती सीएम देवेंद्र फडणवीस के कार्यकाल में समृद्धि एक्सप्रेसवे, मुंबई नेक्स्ट, पुलिस डिजिटलीकरण और छत्रपति शिवाजी महाराज कृषि सम्मान योजना जैसी कई प्रमुख परियोजनाएं शुरू हुईं. विधानसभा चुनाव 2024 में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने 235 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की, जबकि भाजपा 132 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. इस जीत ने फडणवीस की नेतृत्वक स्थिति को और मजबूत किया तथा अब वह महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं. यह भी पढ़ें- उद्धव ने राहुल गांधी से की अपील, कहा- CJP प्रदर्शन में हों शामिल The post फडणवीस ने 2,430 दिनों तक सीएम पद पर रहने का बनाया रिकॉर्ड, शरद पवार को छोड़ा पीछे appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रीतब्रत बनर्जी को और समय न दें, तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी

WB Politics News: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में वर्चस्व और संगठन पर अधिकार हासिल करने को लेकर शुरू हुआ विवाद नये मोड़ पर है. पार्टी की संस्थापक ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग (ECI) को पत्र लिखकर मांग की है कि बागी गुट के नेता रीतब्रत बनर्जी को संगठनात्मक दावों पर जवाब दाखिल करने के लिए और समय न दिया जाये. 2 जुलाई को आयोग पहुंचा था रीतब्रत बनर्जी गुट रीतब्रत बनर्जी की अगुवाई में बागी गुट ने 2 जुलाई को खुद को ‘असली’ अखिल हिंदुस्तानीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) बताते हुए निर्वाचन आयोग का रुख किया था. बागी गुट ने दावा किया था कि 22 जून के विशेष अधिवेशन के बाद उन्होंने पार्टी संगठन में बदलाव किये हैं. पार्टी ने आयोग से अपील की थी कि उन्हें आधिकारिक रूप से मान्यता प्रदान की जाये. ममता का आरोप- आयोग का झुकाव बागी गुट की तरफ निर्वाचन आयोग ने इस विवाद पर ममता बनर्जी और रीतब्रत बनर्जी दोनों पक्षों से जवाब मांगा था. ममता बनर्जी गुट ने निर्धारित समय के भीतर 6 जुलाई को ही अपना विस्तृत जवाब सौंप दिया. रीतब्रत गुट को 10 जुलाई शाम 5:30 बजे तक का अतिरिक्त समय मिला था. ये भी पढ़ें: तृणमूल कांग्रेस का विवाद और गहराया, ममता बनर्जी गुट की डोला सेन ने बागियों के खिलाफ पुलिस में की शिकायत ममता बनर्जी ने आयोग को लिखा पत्र ममता बनर्जी ने 12 जुलाई को इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को एक पत्र लिखा. इसमें कहा कि 10 जुलाई की तय समयसीमा बीत जाने के 48 घंटे बाद भी रीतब्रत बनर्जी की तरफ से कोई जवाब साझा नहीं किया गया है. जब हमें जवाब देने के लिए केवल ढाई दिन मिले थे, तो समयसीमा खत्म होने के बाद भी रीतब्रत बनर्जी की ओर से जवाब नहीं मिलने पर आयोग चुप क्यों है. यह दिखाता है कि आयोग का झुकाव रीतब्रत के दुर्भावनापूर्ण इरादों की तरफ है. उन्होंने आयोग से आग्रह किया कि उनके जवाब पर तुरंत विचार किया जाये और बागी गुट को अब किसी भी परिस्थिति में रियायत या अधिक समय न दिया जाये. ये भी पढ़ें: विद्रोह के बीच तृणमूल की सर्जरी, अभिषेक के अधिकार घटे, सुखेंदु-सौगत और महुआ को ममता ने दी बड़ी जिम्मेदारी 2027 तक वैध हैं पार्टी की वर्तमान समितियां : ममता इससे पहले निर्वाचन आयोग को सौंपे गये अपने आधिकारिक पत्र में ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस ने बागी गुट के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया था. पार्टी ने कहा था कि तृणमूल के संविधान के अनुसार, अंतिम संगठनात्मक चुनाव वर्ष 2022 में हुए थे. इसके तहत पार्टी की सभी मौजूदा समितियां और पदाधिकारी वर्ष 2027 तक पूरी तरह वैध हैं. ममता गुट ने कहा कि प्रतिद्वंद्वी गुट का यह तर्क तथ्यात्मक और कानूनी दोनों रूप से बेबुनियाद है कि समितियों का कार्यकाल वर्ष 2025 में समाप्त हो चुका है. ये भी पढ़ें: ममता बनर्जी ने दिखाये आक्रामक तेवर, कहा- मुझे रोकना है तो मार डालो, गद्दारों के आगे नहीं झुकूंगी The post रीतब्रत बनर्जी को और समय न दें, तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

VIDEO : पिता-पुत्र की हत्या कर पिस्टल लहरा रहा था जगदीश राय, पुलिस ने घुटनों में मारी गोली

Vaishali Double Murder Video : वैशाली के बिदुपुर में रविवार की सुबह पिता-पुत्र की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना का वीडियो अब सामने आया है. वीडियो में हत्याकांड को अंजाम देनेवाला जगदीश राय भी स्पष्ट तौर पर हाथ में पिस्टल लिए दिख रहा है. जगदीश राय को आज सोमवार को पुलिस मुठभेड़ में गोली लगी है. उसे इलाज के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वीडियो में क्या दिख रहा है? घटना को लेकर सामने आए 2 मिनट 21 सेकेंड के पुश्तैनी जमीन विवाद में कर दी हत्या रजासन गांव के लोगों से मिली जानकारी के अनुसार जगदीश राय और मृतक का परिवार आपस में रिश्तेदार है. इनके बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. रविवार की सुबह मुनरिक राय अपने घर पर मौजूद थे. इसी दौरान आरोपी वहां पहुंचा और उन पर फायरिंग कर दी. गोली लगने और काफी मात्रा में खून निकलने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई. इस दौरान गोलीबारी में उन्हें बचाने आए 35 वर्षीय पुत्र सेना के जवान जितेंद्र राय गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें बाइक से अस्पताल ले जाया गया लेकिन बचाया नहीं जा सका. मुनरिक राय पिछले पंचायत चुनाव में मुखिया पद के प्रत्याशी रह चुके थे. वहीं जितेंद्र कुमार हिंदुस्तानीय सेना में जवान थे और छुट्टी पर अपने घर आए हुए थे. वो अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं. घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है. यह भी पढ़ें : भतीजे ने घर में घुसकर चाचा और भाई की गोली मारकर की हत्या The post VIDEO : पिता-पुत्र की हत्या कर पिस्टल लहरा रहा था जगदीश राय, पुलिस ने घुटनों में मारी गोली appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ईरान पर बरसेंगी 1000 मिसाइलें? ट्रंप ने अपनी हत्या की स्थिति में तेहरान को ‘नक्शे से मिटाने’ का दिया आदेश

Donald Trump Threat Iran: ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता के निधन के बाद पहले संबोधन में कहा- उनका देश पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला जरूर लेगा. ईरान में हो रहे शोक कार्यक्रमों में भी ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को जान से मारने वाले पोस्टर लहराए गए. ईरानी समाचार पेपर हमशहरी ने भी एक रिपोर्ट छापी है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इतालवी पीएम जियोर्जिया मेलोनी सहित दुनिया के 13 प्रमुख नेताओं को जान से मारने की धमकी दी गई है. क्या राष्ट्रपति की मौत के बाद हमला अपने आप हो जाएगा? ट्रंप ने भले ही पहले से आदेश देने की बात कही हो, लेकिन अमेरिकी कानून के अनुसार कोई ऐसा ‘डेड मैन्स स्विच’ (यानी कोई ऐसा ऑटोमैटिक सिस्टम) नहीं है, जो राष्ट्रपति की मौत होते ही अपने आप ईरान पर मिसाइलें दाग दे. ‘रेवेन रॉक: द स्टोरी ऑफ द यूएस गवर्नमेंट्स सीक्रेट प्लान टू सेव इटसेल्फ- व्हाइल द रेस्ट ऑफ अस डाई’ के लेखक गैरेट एम ग्राफ ने कहा, “अमेरिका ने कई अलग-अलग कारणों से कभी भी तकनीकी ‘डेड मैन्स स्विच’ का उपयोग नहीं किया है.’’ अमेरिका के पास परमाणु हमले या किसी ऐसी बड़ी आपदा (जिससे वाशिंगटन का अधिकांश या पूरा हिस्सा नष्ट हो सकता है) की स्थिति में प्रशासन का कामकाज जारी रखने के लिए व्यापक आकस्मिक योजनाएं हैं. अगर ट्रंप को कुछ हुआ, तो आगे क्या होगा? अमेरिकी कानून के मुताबिक, अगर राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या हो जाती है, तो सत्ता संभालने का एक तय नियम है. जेडी वेंस बनेंगे नए कमांडर: अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन के तहत, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस तुरंत नए राष्ट्रपति और सेना के सर्वोच्च कमांडर बन जाएंगे. अंतिम फैसला वेंस का होगा: ट्रंप के पुराने आदेश को मानना या न मानना पूरी तरह जेडी वेंस के हाथ में होगा। वह चाहें तो ट्रंप की बात मानकर ईरान पर तुरंत बड़ा हमला कर सकते हैं, या फिर कोई दूसरा रास्ता चुन सकते हैं. ये भी पढ़ें: ईरान की नई ‘हिट लिस्ट’: ट्रंप, नेतन्याहू और मेलोनी समेत 13 विश्व नेताओं को दी जान से मारने की धमकी ये भी पढ़ें: ट्रंप के करीबी नेता की मौत के बाद ईरानी मीडिया की धमकी, कहा- ‘अचानक मौत के लिए तैयार रहो’ ये भी पढ़ें: ईरान ने मार गिराया अमेरिकी ड्रोन, बंदर अब्बास शहर के ऊपर देखे जाने का दावा The post ईरान पर बरसेंगी 1000 मिसाइलें? ट्रंप ने अपनी हत्या की स्थिति में तेहरान को ‘नक्शे से मिटाने’ का दिया आदेश appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

भारत में ब्लॉकबस्टर, जापान में फ्लॉप, रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ पहले दिन नहीं जुटा पाई 900 दर्शक

Dhurandhar Japan Box Office Collection: रणवीर सिंह स्टारर ‘धुरंधर’ हिंदुस्तानीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक है. इसने बॉक्स ऑफिस पर 1,813 करोड़ की कमाई की थी. हालांकि एक्शन ड्रामा का क्रेज जापान की जनता में नहीं दिखा. 10 जुलाई को रिलीज हुई यह मूवी फुस्स हो गई. Dhurandhar Japan Box Office: जापान ने धुरंधर का हुआ बुरा हाल, इतनी रही दर्शकों की संख्या मिमोरिन के डेटा के अनुसार 13 जुलाई दोपहर 2 बजे तक 57 लोकेशन्स पर फिल्म को सिर्फ 449 दर्शक मिले. बाद में स्क्रीन की संख्या बढ़ाकर 80 कर दी गई, लेकिन इसके बावजूद शाम तक थिएटरों में भीड़ नहीं बढ़ी. दिन खत्म होने तक फिल्म के कुल दर्शकों की संख्या 900 से भी कम रही, जिसके चलते यह जापान की टॉप 25 फिल्मों की लिस्ट में भी जगह नहीं बना सकी. इन फिल्मों ने की थी जापान में अच्छी शुरुआत जापान में एसएस राजामौली की ‘आरआरआर’ काफी सफल रही थी. प्रभास की ‘साहो’ ने भी अच्छा कलेक्शन किया था. हालांकि ‘पुष्पा 2’ की शुरुआत ‘धुरंधर’ जैसी ही रही थी. Dhurandhar Box office collection: धुरंधर का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन हिंदुस्तान में दिसंबर 2025 में रिलीज हुई ‘धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस पर बंपर कमाई की थी. इसने वर्ल्डवाइड 1,307 करोड़ और हिंदुस्तान में 840 करोड़ का कलेक्शन किया. फिर मार्च 2026 में धुरंधर द रिवेंच आई और इसने वर्ल्डवाइड 1,813 करोड़ और हिंदुस्तान में 1,375 करोड़ कमाए. यही वजह थी कि जापान रिलीज को लेकर भी काफी उम्मीदें थीं. हालांकि पहले दिन के आंकड़े देखकर साफ है कि फिल्म को वहां के दर्शकों से जुड़ने के लिए अभी लंबा सफर तय करना होगा. आदित्य धर की ओर से निर्देशित ‘धुरंधर’ एक जासूसी थ्रिलर है, जिसे नेटफ्लिक्स पर देखा जा सकता है. मूवी में रणवीर सिंह, संजय दत्त, अक्षय खन्ना, आर. माधवन और अर्जुन रामपाल जैसे स्टार्स की टोली है. ये भी पढ़ें: क्या ‘ Dhurandhar 3’ आने वाली है? Dhurandhar 2 के क्लाइमैक्स का पूरा सच ये भी पढ़ें: Dhurandhar 3 पर फुल स्टॉप? राकेश बेदी ने तोड़ी चुप्पी The post हिंदुस्तान में ब्लॉकबस्टर, जापान में फ्लॉप, रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ पहले दिन नहीं जुटा पाई 900 दर्शक appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

‘सर… आप हमारी जगह आकर रहिए’, पलामू के बच्चों की डीसी से भावुक अपील, छलका 25 साल का दर्द

पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट Palamu News: पलामू प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर से पांच किलोमीटर व चैनपुर प्रखंड मुख्यालय से महज दो किलोमीटर दूर स्थित रांकी और हमीनपुर गांव के बच्चों का आंखों से दर्द अब आक्रोश बन गया है. जिला मुख्यालय के नाक के नीचे बसे इन गांवों में विकास की किरण आज तक नहीं पहुंच सकी है. यह समस्या सिर्फ शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां के निवासियों के जीवन पर भी भारी पड़ रहा है. सड़क की जर्जर स्थिति के कारण गांव में कोई भी वाहन आने को तैयार नहीं होता है. बीमारी या किसी आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाना एक बड़ी चुनौती है. कई बार सही समय पर वाहन न मिलने और अस्पताल पहुंचने में देरी के कारण गंभीर मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं. इस बदहाली को लेकर विशेषकर ग्रामीण स्त्रीओं में विधायक व मुखिया के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है. गांव के बच्चों का आखरी उम्मीद पलामू डीसी से है. उनका कहना है कि डीसी सर, सड़क बना दीजिए, हम लोग विकास कर जायेंगे, आप पावर में हैं. अगर आप भी मेरी पीड़ा नहीं सुनेंगे, तो भला कौन सुनेगा? अगर आपको हमारा दर्द समझना है, तो एक दिन हमारी जगह आकर रहिये. बरसात में चुनौतियों से जूझते हैं लोग रांकी और हमीनपुर गांव के बच्चों को बरसात के दिनों में कई चुनौतियों से जुझना पड़ता है. कच्ची व जर्जर सड़क के कारण कीचड़ भरा होता है. वही रानीताल डैम से निकला गया कैनाल से पानी बहता रहता है. बारिश के दिनों में काफी पानी आने के बाद पार करना मुश्किल हो जाता है. जिस जगह से लोग पार करते हैं छलका बना दिया गया है. बारिश के दिनों में लगातार पानी का बहाव होने से काई बैठ जाता है. जिसके कारण पैदल भी पार करना खतरे से खाली नहीं होता. कई लोग पिछलकर गिर जाते हैं. ग्रामीणों की माने तो नप्रतिनिधि का आश्वासन कोरा साबित हुआ है. सपनों पर भारी गड्ढे ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 25 वर्षों से इस सड़क का निर्माण नहीं हुआ है. वर्तमान में सड़क पर सिर्फ बड़े गड्ढे और कीचड़ का नजर आता है. इस जर्जर रास्ते के बीच से नदी और नाले गुजरते हैं. पुलिया नहीं होने के कारण बरसात के चार माह इन गांवों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय जाना मुश्किल हो जाता है. छात्र-छात्राओं का कहना है कि उनके सपने बहुत ऊंचे हैं, वे पढ़-लिखकर देश और समाज के लिए बहुत कुछ करना चाहते हैं. लेकिन बुनियादी सवाल यह है कि जब सड़क ही नहीं होगी, तो वे स्कूल कैसे पहुंचेंगे? और जब स्कूल ही नहीं जाएंगे, तो उनका विकास कैसे होगा. सपनों के आड़े आ रहा है सिस्टम का गड्ढा गांव के विद्यार्थियों का कहना है कि वे पढ़-लिखकर देश और समाज का नाम रोशन करना चाहते हैं. लेकिन जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा उनके सपनों को तोड़ रही है. बच्चों का कहना है कि पिछले ढाई दशकों से इस सड़क की सुध न लेना प्रशासनिक संवेदनशीलता भी सवाल खड़ा करता है. टापू बन जाता है इलाका, एंबुलेंस तक नहीं आती इस सड़क के बीच से छोटी नदी और नाले गुजरते हैं, जिन पर पुलिया न होने से बारिश के दिनों में यह पूरा इलाका मुख्य मार्ग से पूरी तरह कट जाता है. सबसे भयावह स्थिति तब होती है जब कोई ग्रामीण गंभीर रूप से बीमार पड़ता है. सड़क पर सिर्फ गड्ढे और कीचड़ होने के कारण कोई भी एंबुलेंस या वाहन गांव के भीतर आने को तैयार नहीं होता. ग्रामीणों का आरोप है कि समय पर अस्पताल न पहुंच पाने के कारण अब तक कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. हाथ में जूते लेकर स्कूल जाते हैं शिशु दोनों गांव के बच्चों को स्कूल जाने के समय सड़क में कीचड़ होने के कारण नंगे पैर जाना पड़ता है. हाथ में शूज लेकर चलते हैं. प्रत्येक दिन स्कूल का ड्रेस गंदा हो जाता है. जिसके कारण स्त्रीएं बच्चों की गुस्से में पिटाई भी कर देती है. केंद्रीय विद्यालय में अध्यनरत ड्यूटी रानी का कहना है कि संभल के जाने के बाद भी स्कूल का ड्रेस पर कीचड़ पड़ जाता है. इसमें बच्चों की गलती क्या है. इसे भी पढ़ें: फुलवार चौक से नरकटिया मार्ग बना तालाब, आधा दर्जन गांवों की आबादी का चलना हुआ दूभर अब बर्दाश्त नहीं होगी अनदेखी: ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग को लेकर स्त्रीओं और युवाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है. रोटरी स्कूल की छात्रा नंदनी कुमारी और गांव की स्त्री कंचन देवी सहित स्थानीय लोगों का कहना है कि वे सालों से सिर्फ खोखले आश्वासन सुन रहे हैं. अगर प्रशासन ने जल्द ही सड़क और पुल निर्माण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे चक्का जाम और उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे. इसे भी पढ़ें: तीन महीने में 1272 करोड़ की शराब गटक गए झारखंड के लोग, टारगेट से 103 करोड़ की अधिक कमाई The post ‘सर… आप हमारी जगह आकर रहिए’, पलामू के बच्चों की डीसी से भावुक अपील, छलका 25 साल का दर्द appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

E20 हो या E85, ये 4 मोटरसाइकिलें हर तरह के एथेनॉल ब्लेंड फ्यूल पर दौड़ने के लिए हैं तैयार

हिंदुस्तान में लगातार बढ़ रही एथेनॉल ब्लेंडिंग को देखते हुए अब टू-व्हीलर कंपनियां भी E85 फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिलें लॉन्च कर रही हैं. इन बाइक्स की सबसे खास बात यह है कि ये E20 से लेकर E85 (20% से 85% एथेनॉल मिक्सचर) फ्यूल पर आसानी से चल सकती हैं. इसके लिए इनमें खास फ्यूल सिस्टम, इंजन के कुछ अपडेटेड पार्ट्स और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक ट्यूनिंग दी गई है. अगर आप ऐसी बाइक खरीदने का सोच रहे हैं, तो बता दें कि जुलाई 2026 तक हिंदुस्तान में कुल चार E85-कंपैटिबल मोटरसाइकिलें बिक्री के लिए उपलब्ध हैं. इनमें बजट कम्यूटर मॉडल से लेकर प्रीमियम सेगमेंट की बाइक्स तक शामिल हैं. आइए देखते हैं इन्हें. Hero Splendor+ Flex Fuel Hero MotoCorp ने देश की पहली किफायती E85 Flex Fuel बाइक्स में से एक Splendor+ Flex Fuel को लॉन्च कर दिया है. दिखने में यह काफी हद तक रेगुलर Splendor+ जैसी ही है, लेकिन इसे खास तौर पर E20 से लेकर E85 तक के एथेनॉल ब्लेंड फ्यूल पर चलने के लिए तैयार किया गया है. इसके लिए कंपनी ने बाइक के फ्यूल सिस्टम, इंजन मैनेजमेंट और कुछ पार्ट्स में जरूरी बदलाव किए हैं. इसमें 97.2cc का सिंगल-सिलेंडर इंजन मिलता है. इसकी एक्स-शोरूम कीमत 82,710 रुपये रखी गई है. Hero HF Deluxe Flex Fuel Hero HF Deluxe Flex Fuel में वही इंजन दिया गया है जो Splendor+ Flex Fuel में मिलता है. इसमें 97.2cc का सिंगल-सिलेंडर इंजन है, जो E20 से लेकर E85 तक के एथेनॉल फ्यूल पर आसानी से चल सकता है. खास बात यह है कि कंपनी ने इसे Splendor+ Flex Fuel से नीचे पोजिशन किया है. इसकी एक्स-शोरूम कीमत 72,792 रुपये है. ये भी पढ़ें: E20 पेट्रोल को लेकर Mahindra ने दूर किया कन्फ्यूजन, पुरानी और नई गाड़ियों पर कही ये बात Suzuki Gixxer SF 250 Flex Fuel लुक और फीचर्स के मामले में यह बाइक बिल्कुल सामान्य Gixxer SF 250 जैसी ही दिखती है. फर्क सिर्फ इतना है कि कंपनी ने इसके इंजन और फ्यूल सिस्टम में कुछ बदलाव किए हैं, ताकि यह E85 फ्यूल (85% एथेनॉल और 15% पेट्रोल) से भी चल सके. इसमें 249cc का सिंगल-सिलेंडर, ऑयल-कूल्ड इंजन दिया गया है. अभी के समय में यह हिंदुस्तान की सबसे बड़ी इंजन वाली बाइक है, जो E85 फ्यूल पर चल सकती है. इसकी एक्स-शोरूम कीमत 2,00,896 रुपये है. Yamaha FZ Blue Flex यामाहा ने भी हिंदुस्तान के फ्लेक्स-फ्यूल बाइक सेगमेंट में एंट्री कर ली है. कंपनी ने जुलाई 2026 में नई FZ Blue Flex लॉन्च की है. यह बाइक कंपनी के पॉपुलर FZ प्लेटफॉर्म पर बेस्ड है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह E20 से लेकर E85 तक के एथेनॉल ब्लेंड फ्यूल पर चल सकती है. इसमें 149cc का सिंगल-सिलेंडर Blue Core इंजन दिया गया है. कीमत की बात करें तो कंपनी ने इसे 1.24 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर बाजार में उतारा है. ये भी पढ़ें: 10 साल पुरानी Bajaj बाइक में भी भरवा सकते हैं E20 पेट्रोल? कंपनी ने दिया सीधा जवाब The post E20 हो या E85, ये 4 मोटरसाइकिलें हर तरह के एथेनॉल ब्लेंड फ्यूल पर दौड़ने के लिए हैं तैयार appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top