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Author name: Vinod Jha

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भाजपा ने बदली चुनावी स्ट्रैटजी, बंगाल में अब सिर्फ अपनों पर भरोसा

मुख्य बातें बाहरी नहीं अपनों पर भरोसा पार्टी से खत्म होगी गुटबाजी एंटी-इनकंबेंसी पर आयेगी धार Bengal Election : कोलकाता/नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा अपनी पुरानी गलतियों को नहीं दोहरायेगी. बंगाल जीतने के लिए भाजपा ने इस बार अपनी पूरी स्ट्रैटजी बदल ली है. पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बाहरी को काफी महत्व दे दिया था. लेकिन इस बार पिछली बार के नतीजों से सबक लेते हुए पार्टी अपनों पर भरोसा जता रही है. बाहरी को कोई तवज्जों नहीं दी जा रही है. पार्टी को उम्मीद है कि इसका असर दिखेगा. बाहरी नहीं अपनों पर भरोसा भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष की माने तो पार्टी अब किसी बाहरी को तवज्जो देने नहीं जा रही है. यह पूछने पर कि इस बार सबसे बड़ा रणनीति बदलाव क्या है, उन्होंने कहा कि इस बार किराए के लोगों पर भरोसा नहीं. पिछले विधानसभा चुनाव में बाहरियों पर ज्यादा भरोसा किया गया था. तब चुनाव से ठीक पहले और चुनाव के दौरान बहुत सारे लोगों को टीएमसी से लिया गया था और बीजेपी जॉइन करने के साथ ही उन्हें उम्मीदवार भी बना दिया था. इससे पार्टी के कार्यकर्ता नाराज भी थे और निराश भी. पार्टी से खत्म होगी गुटबाजी भाजपा के एक पुराने नेता ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि पिछली बार लंबे वक्त से पार्टी के साथ खड़े कार्यकर्ताओं को लगा था कि उनकी मेहनत की अनदेखी की गई है. इस बार पार्टी ने अपनों को ही टिकट दे रही है. अब तक जितने भी उम्मीदवारों का एलान किया गया है, उसमें से एक भी ऐसा नहीं है जो हाल में ही पार्टी में आया हो, इस बार कार्यकर्ताओं को ही टिकट दिया गया है. बीजेपी नेता ने कहा कि ये चुनाव बीजेपी पूरी एकजुटता से लड़ रही है. पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी में अलग अलग नेताओं के अलग अलग सुर थे, जिसका पार्टी को खामियाजा भुगतना पड़ा था. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें एंटी-इनकंबेंसी पर आयेगी धार उन्होंने कहा कि इस बार सभी इस मामले में एकदम क्लियर हैं कि सबको मिलकर चुनाव लड़ना है. पहले जिन खेमों का जिक्र होता था वे खेमे अब एक हैं, सब मिलकर काम कर रहे हैं. इसका लाभ पार्टी को मिलेगा. बीजेपी को टीएमसी के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी पर भी भरोसा है. बीजेपी के एक नेता ने बताया कि हम लोकल मुद्दों पर चुनाव लड़ रहे हैं. हम अलग अलग विधानसभा में टीएमसी प्रशासन और वहां के टीएमसी विधायक और टीएमसी नेताओं के खिलाफ चार्जशीट लेकर आएंगे. इसमें बताएंगे कि किस विधानसभा में क्या दिक्कत है और इसके जिम्मेदार किस तरह टीएमसी के लोग हैं. Also Read: बंगाल चुनाव: उम्मीदवार सामने आते ही भड़के कार्यकर्ता, भाजपा और सीपीएम के दफ्तार में तोड़फोड़ The post भाजपा ने बदली चुनावी स्ट्रैटजी, बंगाल में अब सिर्फ अपनों पर भरोसा appeared first on Naya Vichar.

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स्मृति मंधाना को धोखा? पलाश मुच्छल पर उठे सवाल, डेजी शाह ने तोड़ी चुप्पी

Daisy Shah Statement On Palash Mucchal Controversy: बॉलीवुड एक्ट्रेस डेजी शाह इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म को लेकर चर्चा में हैं. वह लगातार इंटरव्यू में अपने नए प्रोजेक्ट्स पर बात कर रही हैं. इसी बीच उन्होंने म्यूजिक डायरेक्टर और फिल्ममेकर पलाश मुच्छल से जुड़े विवाद और क्रिकेटर स्मृति मंधाना के साथ उनके रिश्ते पर भी प्रतिक्रिया दी है. फिल्म को लेकर कैसे हुआ अप्रोच? मिस मालिनी को दिए एक इंटरव्यू के दौरान डेजी शाह ने बताया कि उन्हें पलाश मुच्छल की फिल्म के लिए शुरुआत में कुछ अनजान लोगों के जरिए संपर्क किया गया था. यह तरीका उन्हें थोड़ा अजीब लगा, क्योंकि वह पलाश की बहन पलक मुच्छल की अच्छी दोस्त हैं. डेजी का कहना है कि अगर पलाश सच में उन्हें कास्ट करना चाहते, तो सीधे संपर्क कर सकते थे. उन्होंने आगे बताया कि जब उन्होंने खुद पलाश को मैसेज कर इस बारे में पूछा, तो उन्होंने स्वीकार किया कि वह फिल्म बना रहे हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों के कारण किसी से सीधे बात करने में हिचकिचा रहे थे. विवाद पर क्या बोलीं डेजी शाह? पिछले कुछ समय से पलाश मुच्छल और स्मृति मंधाना के रिश्ते को लेकर कई तरह की समाचारें सामने आई हैं. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए डेजी शाह ने साफ कहा कि वह किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी सच्चाई जानना जरूरी मानती हैं. डेजी ने कहा, “हर सिक्के के दो पहलू होते हैं. यह मामला कुछ लोगों के बीच का निजी विषय है, जिसमें बाहर के लोग सिर्फ सोशल मीडिया के आधार पर राय बना लेते हैं. हमें बिना पूरी सच्चाई जाने किसी को जज नहीं करना चाहिए.” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी का पक्ष नहीं ले रही हैं और पर्सनल व प्रोफेशनल लाइफ को अलग रखना जरूरी समझती हैं. रिश्ते को लेकर जताई उम्मीद डेजी शाह ने दोनों के रिश्ते को लेकर सकारात्मक उम्मीद भी जताई. उन्होंने कहा कि पलाश और स्मृति एक अच्छे कपल थे और वह चाहती हैं कि अगर संभव हो तो दोनों के बीच सब कुछ ठीक हो जाए. यह भी पढ़ें: ‘धुरंधर 2’ का क्लाईमैक्स देख फैंस कंफ्यूज, क्या आने वाला है पार्ट 3? The post स्मृति मंधाना को धोखा? पलाश मुच्छल पर उठे सवाल, डेजी शाह ने तोड़ी चुप्पी appeared first on Naya Vichar.

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क्या आपका स्मार्टफोन हो रहा है ट्रैक? दिखें ये संकेत तो हो जाएं अलर्ट

आज स्मार्टफोन सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि हमारी पूरी जिंदगी का डिजिटल हिस्सा बन चुका है. सिर्फ फोटो-वीडियो और कॉन्टैक्ट्स ही नहीं, बल्कि जरूरी डॉक्यूमेंट्स, बैंक डिटेल्स और बहुत भी कई जरूरी फाइल्स इसमें सेव रहते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी यह प्राइवेट दुनिया सुरक्षित भी है या नहीं? आज के समय में डेटा चोरी, फोन टैपिंग और ट्रैकिंग जैसे खतरे भी बढ़ रहे हैं. अक्सर ये खतरे तुरंत नजर नहीं आते, लेकिन कुछ संकेत ऐसे होते हैं जो आपको अलर्ट कर सकते हैं. सही समय पर इन संकेतों को पहचानना और छोटे-छोटे कदम उठाना आपकी प्राइवेसी को सुरक्षित रख सकता है. फोन टैप या ट्रैक होने के सामान्य संकेत क्या हैं? अगर आपके फोन में अचानक कुछ दिक्कत आने लगे, तो इसे हल्के में न लें. यह किसी संभावित खतरे का संकेत हो सकता है. ऐसे में कुछ छोटे-छोटे बदलाव भी आपके लिए बड़ी चेतावनी बन सकते हैं, जैसे: बिना ज्यादा इस्तेमाल के भी फोन का गर्म होना. बैटरी का तेजी से खत्म होना. कॉल के दौरान अजीब आवाजें या डिले. अपने आप ऐप्स का खुलना या बंद होना. अनजान मैसेज या संदिग्ध (Suspicious) नोटिफिकेशन आना. डेटा का अचानक ज्यादा खर्च होना. इसके अलावा, अगर आपके कॉन्टैक्ट्स बताते हैं कि उन्हें आपके नंबर से अजीब कॉल या मैसेज मिल रहे हैं, तो यह भी संकेत हो सकता है. हालांकि ये सभी बातें हमेशा टैपिंग से महि जुड़ी होती, लेकिन इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. फोन को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें? अगर आपको अपने फोन में कुछ गड़बड़ी लगती है, तो ये आसान कदम अपनाएं: फोन में इंस्टॉल सभी ऐप्स चेक करें और अनजान ऐप्स हटा दें. ऐप्स की परमिशन (Permissions) की जांच करें और जो जरूरी नहीं है, उसके एक्सेस को बंद कर दें. फोन को हमेशा लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट के साथ रखें. बैटरी और डेटा इस्तेमाल पर नजर रखें. फोन के सिक्योरिटी फीचर्स से स्कैन करें. पब्लिक Wi-Fi का इस्तेमाल करते समय सावधान रहें. मजबूत पासवर्ड या बायोमेट्रिक लॉक सेट करें. जब जरूरत न हो, तो Bluetooth और Location बंद रखें. जरूरी डेटा का नियमित बैकअप लें. समस्या बनी रहे तो फोन को फैक्ट्री रीसेट करें. जरूरत पड़ने पर सर्विस प्रोवाइडर या एक्सपर्ट से संपर्क करें. यह भी पढ़ें: फोन चोरी हो गया और UPI ऐप्स चालू थे? तुरंत ऐसे कर सकते हैं अपना बैंक अकाउंट सेफ The post क्या आपका स्मार्टफोन हो रहा है ट्रैक? दिखें ये संकेत तो हो जाएं अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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पूजा की आसान रेसिपी से घर पर बनाएं टेस्टी होममेड जैम

Mix Fruit Jam: सुबह के नाश्ते में अगर जल्दी बनने वाली रेसिपी की बात की जाए तो ब्रेड जैम एक अच्छा ऑप्शन होता है. ऐसे में जैम बच्चों से लेकर बड़े भी चाव से खाते हैं. बाजार में कई तरह के जैम आसानी से मिल जाते हैं जो स्वादिष्ट तो होते हैं, लेकिन इनमें ज्यादा चीनी, प्रिजर्वेटिव्स और आर्टिफिशियल कलर मिलाए जाते हैं, जो सेहत के लिए अच्छे नहीं होते हैं. ऐसे में आप घर पर आसानी से जैम तैयार कर सकते हैं. घर पर बनाए गए जैम में किसी भी तरह के कलर और मिलावट नहीं होते हैं, साथ ही आप अपनी पसंद के अनुसार इसमें चीनी की मात्रा कम या ज्यादा कर सकते हैं. आइए जानते हैं इस आर्टिकल के जरिए घर पर ही कुछ स्टेप्स को फॉलो करके मिक्स फ्रूट जैम बनाने का तरीका.  मिक्स फ्रूट जैम बनाने के लिए क्या सामग्री चाहिए? अंगूर – 1 कप सेब (कटे हुए) – 1 कप फ्रेश संतरे का रस – 1 कप अनार के दाने – 1 कप चुकंदर (कटा हुआ) – ½ कप चीनी – ½ कप मिक्स फ्रूट जैम बनाने का तरीका क्या है? सबसे पहले आप एक पैन में अंगूर, सेब, अनार, चुकंदर और फ्रेश संतरे का रस डालकर मध्यम आंच पर पकाएं. इसमें चीनी डालें और तब तक पकाएं जब तक चीनी पूरी तरह घुल न जाए और फल नरम न हो जाएं.  अब आप इस मिश्रण को मिक्सर जार में डालकर अच्छी तरह ब्लेंड करें. अब मिश्रण को छन्नी से छान लें जिससे इसका टेक्सचर स्मूद हो जाए.  अब छाने हुए मिश्रण को फिर से धीमी आंच पर पकाएं जब तक यह गाढ़ा न हो जाए. इसे पूरी तरह ठंडा होने दें, फिर एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें. इस स्वादिष्ट मिक्स फ्रूट जैम को ब्रेड, टोस्ट या पैनकेक पर लगाकर खाएं.  इस तरह आप घर पर ही होममेड फ्रूट जैम तैयार कर सकते हैं.  View this post on Instagram A post shared by Pooja Munjani (@foodiefemmepooja) यह भी पढ़ें: Suji Dumplings Recipe: बच्चों के लिए हेल्दी इवनिंग स्नैक की है तलाश? ट्राई करें ये लो कैलोरी डम्पलिंग्स रेसिपी यह भी पढ़ें: बचपन की यादें करें ताजा, हेल्दी ट्विस्ट के साथ घर पर बनाएं कटोरी चाट  The post पूजा की आसान रेसिपी से घर पर बनाएं टेस्टी होममेड जैम appeared first on Naya Vichar.

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चैत्री नवरात में अब रेल यात्रा के दौरान मिलेगा व्रत थाली, जानिए कैसे करें ऑर्डर

Indian Railway: चैती नवरात्र के साथ ही रेलवे ने यात्रियों के लिए एक बड़ी सुविधा शुरू कर दी है. 19 से 27 मार्च तक चलने वाले नवरात्र के दौरान पटना जंक्शन समेत विभिन्न ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को अब बिना लहसुन-प्याज का शुद्ध सात्विक भोजन मिलेगा. खासकर व्रत रखने वाले यात्रियों के लिए यह पहल राहत भरी है, जहां यात्रा के बीच भी वे अपने धार्मिक नियमों का पालन आसानी से कर सकेंगे. फलाहार से लेकर व्रत थाली तक पहली थाली उन लोगों के लिए है जो केवल हल्का फलाहार करना चाहते हैं, जिसमें ताजे फल, कुट्टू के आटे की पकौड़ी और ताज़ा दही शामिल है. वहीं, जो यात्री पूर्ण भोजन करना चाहते हैं, उनके लिए साबूदाना खिचड़ी, कुट्टू के पराठे और आलू-पनीर की रसेदार सब्जी का विकल्प मौजूद है. मीठे के शौकीनों के लिए साबूदाने की मलाईदार खीर और सिंघाड़े के आटे से बने व्यंजन भी मेनू का हिस्सा बनाए गए हैं. यह व्यवस्था न सिर्फ स्वाद का ध्यान रखती है, बल्कि धार्मिक आस्था और स्वास्थ्य दोनों को संतुलित करती है. स्टेशन से ट्रेन तक- हर जगह सात्विक मेनू रेलवे प्रशासन ने न केवल चलती ट्रेनों में, बल्कि स्टेशनों पर स्थित ‘जनाहार’ केंद्रों और फूड स्टालों के लिए भी गाइडलाइन जारी की है. पटना जंक्शन के चप्पे-चप्पे पर सूचना पट्टिकाएं लगाई गई हैं ताकि यात्रियों को सात्विक भोजन की उपलब्धता के बारे में जानकारी मिल सके. कैटरिंग स्टाफ को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है कि वे स्वच्छता का उच्चतम मानक बनाए रखें और व्रत का भोजन तैयार करते समय बर्तनों की शुद्धता का पूरा ख्याल रखें. कैसे करें ऑर्डर और क्या है इसकी सुविधा? यात्री अपनी यात्रा के दौरान ‘ई-कैटरिंग’ ऐप के माध्यम से या सीधे पेंट्रीकार स्टाफ से संपर्क कर अपनी पसंदीदा व्रत थाली बुक कर सकते हैं. रेलवे की इस पहल से उन बुजुर्गों और स्त्रीओं को सबसे ज्यादा राहत मिली है, जो नवरात्र के नौ दिनों का कठिन उपवास रखते हैं. अब आप बिना किसी संकोच के अपनी धार्मिक मर्यादाओं का पालन करते हुए अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं. Also Read: बिहार : सम्राट चौधरी CM की रेस में सबसे आगे क्यों? लेकिन एक सबसे बड़ा रोड़ा अब भी रास्ते में The post चैत्री नवरात में अब रेल यात्रा के दौरान मिलेगा व्रत थाली, जानिए कैसे करें ऑर्डर appeared first on Naya Vichar.

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Jharkhand Weather Alert: झारखंड में आज कहर बरपाएगा मौसम! आंधी-पानी के साथ वज्रपात, ऑरेंज अलर्ट जारी

Jharkhand Weather Alert: झारखंड में शुक्रवार का दिन मौसम के लिहाज से बेहद भारी रहने वाला है. मौसम विज्ञान केंद्र ने पूरे राज्य में खराब मौसम की आशंका जताते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है. राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की चेतावनी दी गई है. मौसम विभाग के अनुसार यह स्थिति आम जनजीवन को प्रभावित कर सकती है, इसलिए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. इन जिलों में सबसे ज्यादा असर राजधानी रांची समेत चतरा, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जिलों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है. इन इलाकों में मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है. वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है. मौसम विभाग की चेतावनी और अपील मौसम विभाग ने लोगों से खास सावधानी बरतने की अपील की है. विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि आंधी और मेघ गर्जन के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों या खुले मैदानों में खड़े रहना खतरनाक हो सकता है. लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर ही रहें और अनावश्यक बाहर निकलने से बचें. किसानों को भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है, क्योंकि ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो सकता है. 21 मार्च को भी जारी रहेगा असर मौसम का यह मिजाज केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार 21 मार्च को भी राज्य के कई हिस्सों में तेज हवा और मेघ गर्जन की संभावना बनी रहेगी. हालांकि उस दिन के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है, जो अपेक्षाकृत कम खतरे का संकेत देता है, लेकिन सतर्कता जरूरी रहेगी. पिछले 24 घंटे का मौसम हाल गुरुवार को भी झारखंड के कई जिलों में मौसम ने करवट ली. कई जगहों पर मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ बारिश दर्ज की गई. पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक 43 मिमी बारिश बोकारो में हुई. वहीं तापमान की बात करें तो मेदिनीनगर राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. दूसरी ओर लातेहार में न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस रहा. तापमान में उतार-चढ़ाव की संभावना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा. अगले तीन दिनों के दौरान तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है. इसके बाद फिर से तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है. इसे भी पढ़ें: सड़क किनारे पेशाब करना पड़ा भारी, ससुराल आए युवक को बाइक ने मारी टक्कर, हो गई मौत 22 मार्च के बाद मौसम होगा साफ राहत की बात यह है कि 22 मार्च से मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा. आसमान साफ रहेगा और मौसम शुष्क हो जाएगा. इसके साथ ही तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. ऐसे में फिलहाल लोगों को सतर्क रहकर इस खराब मौसम का सामना करना होगा. इसे भी पढ़ें: झारखंड के कई जिलों में 19 से 21 मार्च तक आंधी के साथ बारिश, येलो अलर्ट जारी The post Jharkhand Weather Alert: झारखंड में आज कहर बरपाएगा मौसम! आंधी-पानी के साथ वज्रपात, ऑरेंज अलर्ट जारी appeared first on Naya Vichar.

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Dhurandhar 2 Collection: ओपनिंग डे पर ही सुपरहिट बनी ‘धुरंधर 2’, जवान- सलार और KGF चैप्टर 2 के तोड़े रिकॉर्ड

Dhurandhar 2 Box Office Day 1: आदित्य धर के निर्देशन में बनी धुरंधर: द रिवेंज ने दुनिया भर में रिलीज होते ही तहलका मचा दिया है. 18 मार्च को प्रीव्यू शो के बाद 19 मार्च को फिल्म देश सहित दुनियाभर में रिलीज की गई. ओपनिंग डे पर फिल्म ने हिंदी सिनेमा में कमाई के मामले में पुष्पा 2 का रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया इतिहास रचा है. ट्रेड ट्रैकर सैकिनल्क के मुताबिक रणवीर सिंह की फिल्म ने ओपनिंग डे पर 102.55 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया. जानें धुरंधर: द रिवेंज की टोटल कमाई सैकिनल्क के अनुसार, धुरंधर: द रिवेंज ने पेड प्रिव्यूज से टोटल 43 करोड़ रुपये की कमाई की. पहले दिन फिल्म ने 102.55 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया. इसके साथ ही फिल्म की टोटल कमाई 143.23 करोड़ रुपये हो गई है. सबसे ज्यादा कमाई फिल्म ने हिंदी भाषा (96.78) में किया, कन्नड़ भाषा (8 लाख रुपये) किया. इसके साथ ही मलयालम भाषा में 9 लाख, तमिल में 1.16 करोड़ और तेलुगु भाषा में 2.12 करोड़ रुपये का बिजनेस मूवी ने किया. पुष्पा 2 का रिकॉर्ड नहीं टूटा, लेकिन हिंदी में धुरंधर 2 रही आगे पुष्पा: द रूल ने अपने रिलीज के पहले दिन हिंदुस्तान में कुल 164.25 करोड़ रुपये की शानदार कमाई की थी, जो अब तक का बड़ा रिकॉर्ड माना जाता है. रणवीर सिंह की धुरंधर 2 इस आंकड़े को पार नहीं कर सकी, लेकिन हिंदी भाषा के कलेक्शन में इसने बाजी मार ली है. जहां पुष्पा 2 ने पहले दिन हिंदी में 70.30 करोड़ रुपये कमाए थे, वहीं धुरंधर 2 ने इस आंकड़े को पीछे छोड़ते हुए बेहतर प्रदर्शन किया है. घरेलू बॉक्स ऑफिस पर सबसे बड़ी ओपनिंग करने वाली टॉप 10 हिंदुस्तानीय फिल्में (सैकिनल्क के अनुसार) पुष्पा: द रूल: ₹164 करोड़ RRR: ₹133 करोड़ KGF चैप्टर 2: ₹116 करोड़ धुरंधर: द रिवेंज: ₹100 करोड़ कल्कि 2898 AD: ₹95 करोड़ सालार: ₹91 करोड़ आदिपुरुष: ₹87 करोड़ देवरा: ₹83 करोड़ जवान: ₹75 करोड़ कुली: ₹65 करोड़ भले ही मूवी पुष्पा 2 का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाई, लेकिन इसने जवान, कुली, सालार, केजीएफ 2 के रिकॉर्ड को तोड़ दिया. यह भी पढ़ें- Dhurandhar 2: रणवीर सिंह की परफॉर्मेंस ने मधुर भंडारकर को किया फैन, बोले- राष्ट्रीय पुरस्कार के हकदार The post Dhurandhar 2 Collection: ओपनिंग डे पर ही सुपरहिट बनी ‘धुरंधर 2’, जवान- सलार और KGF चैप्टर 2 के तोड़े रिकॉर्ड appeared first on Naya Vichar.

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ईरान में 19 साल के पहलवान के साथ तीन को फांसी, आरोप- ‘मोहारेबेह’ यानी ‘ईश्वर के खिलाफ दुश्मनी’

Iran Hangs Wrestler: ईरान में प्रशासनी मीडिया और मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट के अनुसार, 19 वर्षीय उभरते पहलवान सालेह मोहम्मदी को दो अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ गुरुवार को कोम शहर में सार्वजनिक रूप से फांसी दे दी गई. तीनों को जनवरी 2026 में हुए प्रशासन-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान दो पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोप में दोषी ठहराया गया था. तीनों की गिरफ्तारी के बाद उन पर ‘मोहारेबेह’ यानी ‘ईश्वर के खिलाफ दुश्मनी’ का आरोप लगाया गया. यह ईरानी कानून के तहत बेहद गंभीर अपराध माना जाता है. इसकी सजा मौत तक हो सकती है ईरानी अधिकारियों का कहना है कि फांसी से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं. उनके मुताबिक, आरोपियों को बचाव पक्ष के वकीलों की सुविधा दी गई और मामले को ईरान का सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी भी मिली. फांसी ‘लोगों की मौजूदगी’ में दी गई, जिसे प्रशासन न्यायिक पारदर्शिता के तौर पर पेश कर रही है. उनका दावा है कि आरोपियों से जबरन कबूलनामे करवाए गए और ‘मोहारेबेह’ (ईश्वर के खिलाफ युद्ध) जैसे गंभीर आरोपों को स्वीकार कराने के लिए यातना का सहारा लिया गया. मोहम्मदी एक युवा फ्रीस्टाइल रेसलर थे. उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी थी. वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना रहे थे. लेकिन जनवरी 2026 में कोम शहर में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान उनकी गिरफ्तारी ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी.  ईरानी प्रशासनी मीडिया के अनुसार, मोहम्मदी पर उनके साथी प्रदर्शनकारियों मेहदी गासेमी और सईद दावोदी के साथ जनवरी, 2026 के प्रदर्शनों के दौरान ‘चाकू और तलवार से’ दो पुलिसकर्मियों की हत्या करने का आरोप था. इन आरोपों में दोषी ठहराए जाने के बाद, अमेरिका ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया दी थी. डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने पहले ही तेहरान से अपील की थी कि वह फांसी की सजा पर रोक लगाए और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों का सम्मान करे. इसके बावजूद ईरान ने सजा को लागू किया.  अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि मोहम्मदी और उनके साथियों ने प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाबलों के सदस्यों की हत्या की. इसे ईरान की प्रशासन ने हिंसक विद्रोह करार दिया. इस आधार पर अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया और सुप्रीम कोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा. 🇮🇷 Iran publicly hanged 19-year-old champion wrestler Saleh Mohammadi after torturing him into a confession. His crime: protesting. Athletes represent everything a society should aspire to. Executing them is the regime sending a bleak message.pic.twitter.com/JvFNDdkbAn https://t.co/qFoGiauRYl — Mario Nawfal (@MarioNawfal) March 20, 2026 तीनों पर आरोप: ‘ईश्वर के खिलाफ दुश्मनी’ ईरानी कानून के तहत ‘मोहारेबेह’ सबसे गंभीर आरोपों में से एक है. ऐतिहासिक रूप से इसका इस्तेमाल सशस्त्र विद्रोह के मामलों में किया जाता रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में इसे विरोध-प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में भी लागू किया जा रहा है. यह आरोप अधिकारियों को असहमति को सिर्फ नेतृत्वक नहीं, बल्कि धार्मिक और राज्य के अस्तित्व के लिए खतरे के रूप में पेश करने की अनुमति देता है. तीनों के खिलाफ अभियोजकों ने कोम में झड़पों के दौरान सुरक्षाबलों के सदस्यों की हत्या का आरोप लगाया. अधिकारियों ने इसे विरोध नहीं, बल्कि हिंसक विद्रोह का मामला बताया और कहा कि यह राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने जैसा है. ‘मोहारेबेह’ की व्यापक व्याख्या अधिकारियों को नेतृत्वक रूप से संवेदनशील मामलों में मौत की सजा देने की खुली छूट देती है. प्रशासनी मीडिया ने इन फांसियों को मारे गए अधिकारियों के लिए न्याय और राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ खतरों के लिए जरूरी कदम बताया. न्यायपालिका ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सजा को बरकरार रखा, और पूरी प्रक्रिया को कानूनी व प्रक्रियागत रूप से सही बताया. फांसी की हुई तीखी आलोचना इस कार्रवाई की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी आलोचना हुई है. एमनेस्टी इंटरनेशनल और ईरान ह्यूमन राइट्स (IHRNGO) जैसे संगठनों ने आरोप लगाया है कि इन तीनों को निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिली. ईरानी कॉम्बैट एथलीट और मानवाधिकार कार्यकर्ता नीमा फार ने इस फांसी को ‘स्पष्ट नेतृत्वक हत्या’ बताया.  उनके अनुसार, यह ईरानी शासन के उस पैटर्न का हिस्सा है, जिसमें असहमति को दबाने और समाज में डर का माहौल बनाने के लिए प्रदर्शनकारियों और खिलाड़ियों को निशाना बनाया जाता है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स संस्थाओं, विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति और यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग से हस्तक्षेप की अपील की है. State media reported the executions of protesters Saleh Mohammadi, Saeed Davodi and Mehdi Ghasemi who were accused of participating in the murders of two policemen during protests in Qom on 8 January 2026. The executions were carried out “in the presence of a group of people in… pic.twitter.com/nL9LmLaclp — Iran Human Rights (IHRNGO) (@IHRights) March 19, 2026 पहले भी दी गई थी ऐसी ही फांसी यह मामला 2020 में ईरानी पहलवान नाविद अफकारी को दी गई फांसी की याद भी दिलाता है. उस समय उनकी मौत पर वैश्विक स्तर पर आक्रोश हुआ था. डाना व्हाइट व डोनाल्ड ट्रंप जैसी हस्तियों ने भी अपील की थी, लेकिन फांसी नहीं रुक सकी. ईरान में विरोध प्रदर्शन बड़ी चुनौती वहीं इन तीन फांसियों की पृष्ठभूमि जनवरी 2026 में भड़के व्यापक विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी है. ये प्रदर्शन देश में गहराते आर्थिक संकट, गिरती मुद्रा और धार्मिक शासन के खिलाफ बढ़ते असंतोष के कारण शुरू हुए थे. ये विरोध अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाले शासन के लिए बड़ी चुनौती माने जा रहे थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन प्रदर्शनों के दौरान हजारों लोगों की मौत और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुईं. ये भी पढ़ें:- ईरान का नया दांव, होर्मुज पार करने वाले जहाजों पर टैक्स लगाने की तैयारी ये भी पढ़ें:- ईरान पर आज सबसे बड़ा हमला करेगा अमेरिका, US रक्षा सचिव बोले- अब तक 7000 से ज्यादा ठिकाने तबाह मानवाधिकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि यह केवल शुरुआत हो सकती है और आने वाले समय में और प्रदर्शनकारियों को मौत की सजा दी जा सकती है. IHRNGO के निदेशक महमूद अमीरी-मोगद्दम ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि स्थिति ‘बेहद गंभीर’ है और बड़े पैमाने पर फांसियों का खतरा बना हुआ है. The post ईरान में 19 साल के पहलवान के साथ तीन को फांसी, आरोप- ‘मोहारेबेह’ यानी ‘ईश्वर के खिलाफ दुश्मनी’ appeared first on Naya Vichar.

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अभी तक नहीं आया टैक्स रिफंड? जानें क्या है देरी की वजह और विभाग की डेडलाइन

Income Tax Refund: देशभर के लाखों टैक्सपेयर्स इस वक्त अपने इनकम टैक्स रिफंड का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. अगर आप भी उनमें से एक हैं जिनका रिफंड अभी तक बैंक खाते में क्रेडिट नहीं हुआ है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. इनकम टैक्स विभाग के पास रिफंड जारी करने के लिए अभी काफी समय है. आइए समझते हैं कि आखिर इस देरी के पीछे के तकनीकी और कानूनी कारण क्या हैं. कब तक आएगा आपका पैसा? जानें अंतिम तारीख नियमों के मुताबिक, इनकम टैक्स विभाग (CPC) के पास वित्त वर्ष 2024-25 के रिटर्न प्रोसेस करने और रिफंड भेजने के लिए 31 दिसंबर 2026 तक का कानूनी समय है. इसका मतलब यह है कि भले ही आपने अपना ITR समय पर भरा हो या देरी से (बिलेटेड रिटर्न), विभाग के पास इसे प्रोसेस करने के लिए इस साल के अंत तक का मौका है. 31 दिसंबर 2026 के बाद विभाग के पास धारा 143(1) के तहत सूचना जारी करने का कानूनी अधिकार नहीं रहेगा. ITR फाइलिंग के ताजा आंकड़े क्या कहते हैं? 19 जनवरी 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति काफी स्पष्ट हो जाती है: कुल रजिस्टर्ड यूजर्स 13.67 करोड़. फाइल किए गए ITR 8.82 करोड़. वेरिफाई हुए रिटर्न 8.69 करोड़. प्रोसेस किए गए रिटर्न: 8.17 करोड़. इन आंकड़ों से साफ है कि एक बड़ी संख्या में रिटर्न प्रोसेस हो चुके हैं, लेकिन अभी भी लाखों टैक्सपेयर्स लाइन में हैं जिनका काम होना बाकी है. रिफंड रुकने की 3 मुख्य वजहें अगर आपका रिफंड अटक गया है, तो इसके पीछे ये बड़े कारण हो सकते हैं: अगर आपने बहुत बड़े अमाउंट का रिफंड क्लेम किया है, तो विभाग उसकी बारीकी से जांच करता है, जिसमें वक्त लगता है. यदि पिछले किसी साल का टैक्स आप पर बकाया है, तो विभाग आपके मौजूदा रिफंड को उस बकाये के साथ एडजस्ट (Set-off) कर सकता है. कई बार टैक्सपेयर की तरफ से दी गई बैंक डिटेल्स गलत होती हैं या बैंक खाता Pre-validate नहीं होता, जिससे पैसा फेल हो जाता है. अब आपको क्या करना चाहिए? घबराने के बजाय सबसे पहले इनकम टैक्स पोर्टल पर जाकर अपना ITR Status चेक करें. यह सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता ई-फाइलिंग पोर्टल पर सही ढंग से जुड़ा है और वैलिडेटेड है. अगर विभाग की ओर से कोई नोटिस या स्पष्टीकरण मांगा गया है, तो उसका तुरंत जवाब दें. Also Read: रिटायरमेंट के बाद भी होगी प्रशासनी नौकरी जैसी कमाई, इन स्कीमों में निवेश कर पाएं बंपर रिटर्न The post अभी तक नहीं आया टैक्स रिफंड? जानें क्या है देरी की वजह और विभाग की डेडलाइन appeared first on Naya Vichar.

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रियल एस्टेट, होटल नहीं इन भारतीय क्रिकेटर्स ने हेल्थ सेक्टर में लगाया पैसा

Table of Contents युवराज सिंह ने कैंसर रोगियो के इलाज के लिए अस्पतालों में 1000 से ज्यादा बेड लगवाए. कपिल देव ने लोगो को बेहतर मेडिकल सुविधा देने के लिए ग्रेटर नोएडा में 300 बेड का अस्पताल खोला. सचिन तेंदुलकर गरीब बच्चो के ऑपरेशन का खर्च उठाते है और अस्पतालों को महंगी मशीने दान करते है. सुनील गावस्कर बीमार बच्चो की हार्ट सर्जरी के लिए पैसा देते है और कैंसर अस्पताल के काम में भी अपना सहयोग देते है. Indian Cricketers in Health Sector: क्रिकेटर्स अक्सर अपने पैसे को प्रॉपर्टी, होटल, रेस्टोरेंट या रियल एस्टेट में लगाते हैं. लेकिन हिंदुस्तान में कुछ ऐसे दिग्गज क्रिकेटर्स भी हैं जिन्होंने एक अलग राह बनाई है. इन खिलाड़ियों ने अपना पैसा जमीन खरीदने या बिजनेस के बजाय लोगों की जान बचाने वाले हेल्थ सेक्टर और अस्पतालों में लगाया है. आज हम आपको ऐसे 4 दिग्गज हिंदुस्तानीय क्रिकेटर्स के बारे में बता रहे हैं जो कैंसर केयर से लेकर बच्चों के इलाज तक के लिए अस्पताल बनवा रहे हैं या उन्हें फंड कर रहे हैं. युवराज सिंह: कैंसर मरीजों के लिए बनाए 1000 से ज्यादा बेड युवराज सिंह ने खुद कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का सामना किया था और इससे लड़कर जीतकर आए. इसके बाद उन्होंने यूवीकैन (YouWeCan) फाउंडेशन की शुरुआत की. कोविड महामारी के समय जब अस्पतालों में जगह नहीं थी, तब युवराज के फाउंडेशन ने मिशन 1000 बेड शुरू किया. इसके तहत 11 राज्यों के 14 प्रशासनी और चैरिटेबल अस्पतालों में 1020 से ज्यादा क्रिटिकल केयर यूनिट बेड लगाए गए. इसके साथ ही वेंटिलेटर और अन्य जरूरी मशीनें भी दी गईं. अब उनका फाउंडेशन इन जगहों को खास कैंसर वार्ड में बदल रहा है ताकि मरीजों का लंबा और सही इलाज हो सके. कपिल देव: ग्रेटर नोएडा में खोला सुपर स्पेशलिटी अस्पताल हिंदुस्तान को पहला वर्ल्ड कप (1983 विश्वकप) जिताने वाले कप्तान कपिल देव ने हाल ही में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में बहुत बड़ा कदम उठाया है. कपिल देव ने ग्रेटर नोएडा में 300 बेड का एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल खोला है. इसका उद्घाटन मार्च 2026 में हुआ है. यह एक बहुत बड़ा अस्पताल है जो लोगों को हार्ट और कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज की सुविधा दे रहा है. इस अस्पताल के जरिए आसपास के इलाके के लोगों को बेहतर मेडिकल सुविधा और इमरजेंसी सर्विस मिलने लगी है. सचिन तेंदुलकर: गरीब बच्चों के इलाज का उठा रहे खर्च सचिन तेंदुलकर ने भले ही कोई पूरा अस्पताल नहीं बनाया है लेकिन वह कई चैरिटेबल अस्पतालों के सबसे बड़े मददगार हैं. सचिन अपने फाउंडेशन के जरिए असम के मकुंदा क्रिश्चियन अस्पताल जैसे ग्रामीण इलाकों में महंगी मेडिकल मशीनें दान करते हैं. इनमें रेटिना कैमरे और आईसीयू की मशीनें शामिल हैं. इससे वहां समय से पहले पैदा होने वाले बच्चों की जान बचाई जाती है. इसके अलावा वह मुंबई के एसआरसीसी चिल्ड्रंस अस्पताल के साथ मिलकर उन बच्चों के ऑपरेशन का पूरा खर्च उठाते हैं जिनके माता पिता इलाज के पैसे नहीं दे सकते. सुनील गावस्कर: मुफ्त हार्ट सर्जरी और कैंसर केयर में दे रहे साथ पूर्व हिंदुस्तानीय ओपनर सुनील गावस्कर हेल्थ सेक्टर में बहुत सक्रिय हैं. वह श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल से जुड़े हैं जहां वह गरीब बच्चों की फ्री हार्ट सर्जरी का पूरा खर्च उठाते हैं. गावस्कर ने अब तक कई सौ बच्चों की जान बचाने में मदद की है. इसके साथ ही वह हैदराबाद के स्पर्श होस्पिस अस्पताल का भी बड़ा सपोर्ट करते हैं. यह 82 बेड का अस्पताल उन कैंसर मरीजों का बिल्कुल मुफ्त इलाज और देखभाल करता है जो अपनी बीमारी के एकदम आखिरी स्टेज में हैं. समाज के लिए असली हीरो साबित हो रहे ये खिलाड़ी स्पोर्ट्स के मैदान पर अपने बल्ले से करोड़ों लोगों का दिल जीतने वाले ये सभी क्रिकेटर्स अब असल जिंदगी में भी हीरो बन गए हैं. पैसा कमाने के बाद उसे केवल अपने शौक में लगाने के बजाय इन्होंने समाज की भलाई को चुना है. इनके बनाए अस्पताल और फंड से हर दिन कई लोगों को नया जीवन मिल रहा है. रियल एस्टेट में पैसे लगाकर मुनाफा कमाना आसान है, लेकिन हेल्थ सेक्टर में इन खिलाड़ियों का निवेश यह बताता है कि इनकी असली कमाई लोगों की दुआएं हैं. ये भी पढ़ें- आईपीएल 2026 में बनेगा नया रिकाॅर्ड, 10 हिंदुस्तानीय कप्तानों के साथ होगा लीग का आगाज IPL नाम के इस्तेमाल के खिलाफ दायर याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा- दलील में कोई दम नहीं The post रियल एस्टेट, होटल नहीं इन हिंदुस्तानीय क्रिकेटर्स ने हेल्थ सेक्टर में लगाया पैसा appeared first on Naya Vichar.

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